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CBSE Class 10th: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने टॉप किया, अभय सिंह बने टॉपर

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 के नतीजों में अपनी सफलता का परचम लहराया है. इस साल सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, जिसने शहर के शिक्षा मॉडल की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है।  आंकड़ों में बड़ी छलांग इस साल चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत बढ़कर 88.25% पहुंच गया है, जो पिछले साल (81.18%) के मुकाबले 7.07% ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या (9,356) पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम थी, लेकिन पास होने वाले छात्रों की संख्या (8,257) बढ़ गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पढ़ाई की गुणवत्ता पर दिया गया जोर रंग ला रहा है।  होनहारों ने गाड़े झंडे इस बार न केवल पास होने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि 'हाई स्कोरर्स' की लिस्ट भी लंबी हुई है. 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल 11 थी, जो इस बार लगभग दोगुनी होकर 21 हो गई है. वहीं, 120 से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं।  शहर के चमकते सितारे: अभय सिंह (GMSSS सेक्टर 33-D): 98.8% सान्वी बिंजोला (GGMSSS सेक्टर 20-B): 98.4% विष्णु देव (GMSSS सेक्टर 35-D): 98.2% इसके अलावा अनुज शर्मा (97.4%), रिधिमा (96.8%) और जयकृत सिंह (96.8%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।  17 स्कूलों का 'परफेक्ट' स्कोर स्कूल स्तर पर भी नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं. शहर के 17 सरकारी स्कूलों ने 100% पास प्रतिशत हासिल किया है. वहीं, 23 स्कूल ऐसे रहे जहाँ 95% से ज्यादा छात्र सफल हुए. 10 अन्य स्कूलों ने भी 90 से 95 फीसदी के बीच शानदार प्रदर्शन किया है।  शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सफलता के पीछे साल भर चली कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति है. कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज, स्ट्रक्चर्ड रिवीजन प्लान और मेंटरिंग प्रोग्राम जैसे कदमों ने नतीजों को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।  शिक्षा निदेशक, चंडीगढ़ ने इस उपलब्धि पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अब 'मिशन 100%' को पूरी तरह हासिल करना है ताकि आने वाले समय में शहर का हर सरकारी स्कूल शत-प्रतिशत रिजल्ट दे सके। 

स्वरोजगार योजनाओं से सशक्त बन रहा अनुसूचित जाति वर्ग: मंत्री चौहान

भोपाल. अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न स्वरोजगार एवं वित्तीय सहायता योजनाओं से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित योजनाओं का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना एवं उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। संत रविदास स्वरोजगार योजना योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 45 वर्ष आयु के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण एवं ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उद्योग स्थापना के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपये और सेवा एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपये तक का बैंक ऋण प्रदान किया जाता है। योजना में 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक दिया जाता है। पात्रता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं कक्षा उत्तीर्ण निर्धारित है।आवेदक की वार्षिक आय सीमा 12 लाख तक निर्धारित है। डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए लघु स्तर पर बैंक ऋण और ब्याज अनुदान उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना में 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए 10 हजार से 1 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।योजना में शैक्षणिक योग्यता का कोई बंधन नहीं है। आयकर दाता नहीं होने वाले आवेदक योजना के पात्र हैं।लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्षों तक प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना योजना के माध्यम से बड़े स्तर की परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को 2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित होकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करती है। सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना यह विशेष केंद्रीय सहायता योजना, अनुसूचित जाति वर्ग की बी.पी.एल. श्रेणी की 18 से 55 वर्ष आयु की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना संचालित है, जिसमें 5 से 10 महिलाओं के स्व-सहायता समूह बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाता है। समूहों को विभिन्न उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता दी जाती है। योजना में प्रत्येक हितग्राही को 2 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराने और प्रति समूह 10 हजार रुपये अनुदान देने का प्रावधान है। मंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।  

पेयजल और सीवरेज लाइन निर्माण की कठिनाईयां समन्वय से करें दूर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में रीवा नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर का तेजी से विकास हो रहा है। लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, पानी, नाली और पेयजल व्यवस्थाओं में तेजी से विस्तार किया जा रहा है। शहर में निर्माण कार्य समन्वय से करें। पेयजल की पाइपलाइन और सीवरेज लाइन निर्माण की कठिनाईयों को समन्वय से दूर करें। हर घर को पर्याप्त और साफ पानी देना आवश्यक है। निर्माण कार्यों के कारण यदि पेयजल की पाइपललाइन क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित पर भारी जुर्माना लगाएं। शहर में निर्माण कार्य करने वाले विभिन्न विभाग और निर्माण एजेंसियाँ, नगर निगम तथा अन्य एजेंसियों से समन्वय बनाकर निर्माण कार्य करें जिससे पूर्व से निर्मित संरचनाओं को किसी तरह का नुकसान न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अमृत-2 योजना से निर्माणाधीन टंकियों और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शीघ्र लोकार्पण कराएं। इनसे शहर के कई मोहल्लों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो सकेगी। सीवरेज लाइन के शेष बचे लगभग सौ किलोमीटर निर्माण कार्य को तय समय से पूरा कराएं। नगर निगम के अधिकारी इसकी सतत् निगरानी करें। जयंती कुंज सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से 13,900 घरों के सीवरेज का ट्रीटमेंट होगा। इसके सुधार का कार्य शीघ्र शुरू कराएं। जयंती कुंज सहित बाबा घाट, बिछिया और विवेकानंद वार्ड में निर्मित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का शीघ्र लोकार्पण कराएं। शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण की समुचित सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है। सीवरेज लाइन के निर्माण के लिए खुदाई का कार्य जहाँ तक संभव हो मैन्युअल कराने का प्रयास करें। मशीनों से खुदाई करने पर ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएनजी गैस के प्रतिनिधि प्रत्येक मोहल्ले में शिविर लगाकर लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन दें। इससे परिवारों को सिलेण्डर से मुक्ति मिलेगी। शासन द्वारा निर्धारित 2800 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य दो माह में पूरा करें। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि रीवा में 363 किलोमीटर सीवर लाइन का निर्माण किया जाना है। इनमें से 252 किलोमीटर लाइन का निर्माण पूरा हो गया है। ढेकहा, रतहरा रोड, पीटीएस और बाजार में निर्माण कार्य शेष है। इस साल के अंत तक शेष कार्य पूरा हो जाएगा। शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा हो गया है। शेष तीन का कार्य दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नगर के निर्माण कार्यो तथा पेयजल व्यवस्था की हर सप्ताह टीएल बैठक में समीक्षा की जाएगी। किसी भी तरह की कठिनाई होने पर संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी तत्काल वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, प्रभारी आयुक्त नगर निगम मेहताब सिंह गुर्जर, शैलेन्द्र शुक्ला, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक (बैंड) के 679 पदों पर भर्ती हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई

भोपाल.  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। इच्छुक एवं पात्र पुरूषअभ्यर्थी अब दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन की वेबसाईट https://iforms.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। 

मंगल पांडेय की खाली सीट पर फिर होगा MLC उपचुनाव

 पटना बिहार विधान परिषद की एक और सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गई है। विधानसभा कोटे की एक सीट के लिए 12 मई को मतदान होगा। यह सीट पूर्व मंत्री मंगल पांडेय के विधायक निर्वाचित होने के कारण खाली हुई थी। यह सीट 16 नवंबर 2025 से खाली है। मंगल पांडेय का कार्यकाल 6 मई 2030 तक था। अब इस पर उपचुनाव कराया जाएगा। उपचुनाव में जो जीतकर इस सीट से जो एमएलसी बनेंगे, वह 4 साल तक इस पद पर रहेंगे भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। आयोग के अनुसार विधान परिषद की इस सीट पर उपचुनाव के लिए 23 अप्रैल को अधिसूचना जारी की जाएगी। उसी दिन नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल है। इसके बाद 2 अप्रैल को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। 4 मई तक नामांकन वापसी हो सकेगी। इसके बाद 12 मई को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना की जाएगी और रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। नडीए के खाते में जाएगी यह सीट? इस उपचुनाव में सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है। बिहार विधानसभा में एनडीए का संख्याबल भारी है। विधानसभा कोटे की एक ही सीट पर मतदान होने इसका फायदा सत्ताधारी गठबंधन को मिलेगा। यह सीट पहले भाजपा के पास थी, तो माना जा रहा है कि इस बार भी इसी पार्टी से किसी को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि, भाजपा अपने सहयोगी दलों में से भी किसी को प्रत्याशी बनवा सकती है। नामांकन के दौरान उम्मीदवारी पर स्थिति साफ हो जाएगी। इस उपचुनाव में विपक्ष की ओर से प्रत्याशी उतारा जाता है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर भी 12 मई को ही वोटिंग बिहार विधान परिषद में स्थानीय निकाय कोटे की भोजपुर-बक्सर सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान भी 12 मई को ही होने वाला है। इस उपचुनाव की घोषमा चुनाव आयोग के द्वारा पिछले दिनों की गई थी। जदयू के एमएलसी रहे राधाचरण साह के विधायक निर्वाचित होने के बाद यह सीट खाली हुई थी। उपचुनाव में एनडीए की ओर से राधाचरण के बेटे कन्हैया प्रसाद को प्रत्याशी बनाया गया है। वह जदयू के सिंबल पर ही चुनाव लड़ेंगे। वहीं, महागठबंधन से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोनू राय को टिकट दिया है, जो पूर्व एमएलसी लालदास राय के बेटे हैं।

छत्तीसगढ़ में बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत: सीएम साय ने खोला SBI का नया भवन

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक रमेश सिन्हा, प्रबंधक अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।

समर कैंप आरोह-2026 नए स्वरूप में होंगे : मंत्री सारंग

भोपाल.  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नई पहल शुरू करते हुए समर कैंप 'आरोह-2026' को नए स्वरूप में करवाने का निर्णय लिया है। इस बार व्यक्तित्व विकास एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी समर कैंप में शामिल किया जा रहा है। इस संबंध में गुरूवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम में आयोजित प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री सारंग ने समर कैंप में नई गतिविधियों के बारे में बताया। एक मई से शुरू होगा समर कैंप मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल सहित सभी जगह 1 मई से समर कैंप शुरू होगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड को स्केन करके इसमें 18 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। उन्होंने सभी खेल अधिकारियों से कहा कि इसमें युवा समन्वयकों से जुड़ कर इसका आयोजन/गतिविधियां ब्लॉक एवं ग्रामीण स्तर तक की जाए। समर कैंप से सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण हो मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक खेल विभाग के इस समर कैंप 'आरोह-26' की जानकारी हो और लोग इसमें शामिल हो। यह समर कैंप एक मूवमेंट के रूप में जाना जाए, जैसे फिट इंडिया मूवमेंट, स्वच्छता अभियान आदि। इसी प्रकार यह समर कैंप केवल गतिविधि केन्द्रित नहीं होकर बच्चों और परिवार सहित समाज को जोड़ने का एक सकारात्मक संदेश दें। हमारा उद्देश्य केवल प्रतिभा का विकास ही नहीं बल्कि एक ऐसे सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण भी है जो परिवार का गौरव एवं राष्ट्र और समाज का आधार बने। मंत्री सारंग ने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास, प्रतिभाओं को निखारें वाले कोच और प्रतिभाएं तलाशना हमारा मुख्य उद्देश्य है। साथ ही खिलाड़ी को उत्तम खिलाड़ी बनाना और युवाओं को खिलाड़ी बनाने में कोचेस की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं का शारीरिक और मानसिक समग्र विकास खेल के जरिये ही हो सकता है। विभाग का मुख्य काम भी युवाओं को खेल से जोड़ना और युवाओं का कल्याण करना है, जो मानसिक एवं बौद्धिक विकास के जरिये किया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता एवं काउंसिंग जैसे कार्यक्रम को भी शामिल किया जा सकता है। बैठक में खेल संचालक अंशुमान यादव एवं संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित प्रदेश के खेल अधिकारी मौजूद थे।  

Punjab Women Police: महिला पुलिसकर्मी पंजाब में बड़े अभियानों का नेतृत्व कर रही हैं, ऑपरेशन प्रहार से गैंगस्टर तक

चंडीगढ़   गैंगस्टर-विरोधी महत्वपूर्ण मुहिमों की निगरानी से लेकर समुदाय-केंद्रित पहलों का नेतृत्व करने तक, पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं बल्कि पुलिस के भीतर नेतृत्व की नयी परिभाषा गढ़ रही हैं। नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील कानून प्रवर्तन एजेंसियों में से एक बना दिया है। अधिकारियों ने बताया कि महिला अधिकारी वर्तमान में 'गैंगस्ट्रां ते वार' और 'ऑपरेशन प्रहार' जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से बचा रही हैं बल्कि युवा महिलाओं की एक नई पीढ़ी को कानून प्रवर्तन में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। वर्तमान में पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजीपी) से लेकर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) तक विभिन्न पदों पर 79 महिला अधिकारी तैनात हैं। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पंजाब पुलिस में चार एसडीजीपी, एक अपर डीजीपी (पुलिस महानिदेशक), दो पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), दो उप आईजी, 18 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/सहायक आईजी, 23 पुलिस अधीक्षक (एसपी), एक सहायक एसपी तथा 28 उप एसपी शामिल हैं। इन 79 अधिकारियों में से पांच अधिकारी फील्ड ड्यूटी पर तैनात हैं, जिसके तहत उन्हें 'गैंगस्ट्रां ते वार' सहित विभिन्न अभियानों की निगरानी और उनमें भागीदारी करनी होती है। बयान में कहा गया है कि ये अधिकारी अपराध से निपटने के लिए लगन से काम करते हैं, वहीं उनके परिवार और टीम के सदस्य उनके योगदान पर गर्व करते हैं। मजबूत शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यताओं के साथ पुलिस में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों ने परिचालन और प्रशासनिक भूमिकाओं में सक्षम नेताओं के रूप में खुद को जल्दी ही स्थापित कर लिया है। फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक पुलिसिंग की पहचान योग्यता और समन्वय से होती है, न कि लैंगिक पहचान से। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिला अधिकारी हर स्तर पर अपना योगदान दे रही हैं। फरीदकोट रेंज की पुलिस महानिरीक्षक, नीलम्बरी जगदाले ने इस बात पर जोर दिया कि 'गैंगस्ट्रां ते वार' अभियान आपराधिक तंत्र को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के दृढ़ संकल्प के साथ पुलिस की टीम राज्य भर में माफियाओं, उनके सहयोगियों, उनके रिश्तेदारों, असामाजिक तत्वों, मादक पदार्थों के तस्करों और संगठित आपराधिक समूहों के खिलाफ लगातार लक्षित और कड़ी कार्रवाई कर रही हैं।

सीएम युवा योजना को गति देने के लिए क्रेडिट काउंसलर्स की ट्रेनिंग शुरू, जिलों में तैनात होंगे 90 सर्टिफाइड काउंसलर

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश सरकार ने सीएम युवा योजना में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इस वर्ष 1.5 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया में सक्षम बनाने के उद्देश्य से गोमतीनगर में सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर्स (सीसीसी) की विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई। पहले बैच में 50 जिलों और दूसरे बैच में 25 जिलों को शामिल किया गया है। यूपीकॉन के सभी कर्मचारियों को इस प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे जमीनी स्तर पर युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद कुल 90 सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे। ये काउंसलर सीएम युवा योजना के तहत ऋण लेने वाले लाभार्थियों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, दस्तावेजीकरण और प्रोजेक्ट तैयार करने में मदद करेंगे, जिससे युवाओं को आसानी से ऋण प्राप्त हो सके। काउंसलर्स निभाएंगे सेतु की भूमिका यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह ने बताया कि सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर एमएसएमई उद्यमियों और बैंकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। वे न केवल उद्यमियों को उपयुक्त ऋण योजनाओं की जानकारी देंगे, बल्कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वित्तीय विवरण और आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने में भी सहयोग करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में क्रेडिट रेटिंग, सिबिल स्कोर और ग्रीन एवं नए प्रोजेक्ट्स के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय योजना और बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल के माध्यम से युवा उद्यमी न केवल आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने व्यवसाय को भी सफल बना सकते हैं। रोजगार और वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि अनुभवी पेशेवरों विशेषकर सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों को भी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने का अवसर प्रदान करती है। प्रदेश सरकार की यह पहल वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करते हुए एमएसएमई सेक्टर को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगी। आने वाले समय में यह मॉडल प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनेगा। एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा मजबूती का आधार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह सीसीसी कोर्स रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  द्वारा अनुमोदित है, जिसे प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर योजना आरबीआई की वित्तीय समावेशन समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना और उन्हें ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। इस ढांचे के अंतर्गत सिड्बी को एक्रीडिटिंग एजेंसी और इंप्लीमेंटिंग एंड रजिस्टरिंग अथॉरिटी की भूमिका दी गई है, जबकि आईआईबीएफ  द्वारा इस कोर्स को विकसित किया गया है। यह सर्टिफिकेशन प्राप्त करना सीसीसी बनने के लिए अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक महाकुंभ एकात्म पर्व का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, ज्ञान की पुण्यभूमि ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक महाकुंभ एकात्म पर्व का शुक्रवार को करेंगे शुभारंभ दार्शनिक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का पाँच दिवसीय आयोजन देश-विदेश के शीर्ष संत, मनीषी और विद्वान देंगे एकात्मता का वैश्विक संदेश ओंकारेश्वर भारतीय संस्कृति के पुनरुद्धारक और अद्वैत वेदांत के प्रखर प्रणेता आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल, 17 अप्रैल शुक्रवार से पाँच दिवसीय 'एकात्म पर्व' का मंगलमय शुभारंभ करेंगे। मांधाता पर्वत की कंदराओं में रचे-बसे 'एकात्म धाम' में आयोजित यह महोत्सव दार्शनिक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम होगा। वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस अनुष्ठान में देश-विदेश के शीर्ष संत, मनीषी और विद्वान सम्मिलित होकर एकात्मता के वैश्विक संदेश को रेखांकित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण करेंगे साथ ही वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के पावन सान्निध्य तथा विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मनिवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। एकात्म पर्व के महत्वपूर्ण वैचारिक सत्र 'अद्वैतामृतम् – विमर्श सभा' के अंतर्गत अद्वैत दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर गहन संवाद होगा। विशेष रूप से प्रथम दिन 'अद्वैत एवं Gen-Z' जैसे आधुनिक विषय पर युवा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाएगा। आगामी दिनों में अद्वैत दर्शन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक शांति और सिख संप्रदाय के 'एक ओंकार' के साथ अंतर्संबंधों पर विद्वतापूर्ण चर्चा होगी। यह बौद्धिक मंथन आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत की शाश्वत अवधारणा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। सांस्कृतिक संध्या 'रसो वै सः' के अंतर्गत प्रतिदिन देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। महोत्सव के प्रथम दिवस जयतीर्थ मेवुंडी का शास्त्रीय गायन और शुभदा वराडकर की ओड़िसी प्रस्तुति 'एकम्' आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसी क्रम में आगामी दिनों में भरतनाट्यम, कर्नाटक संगीत और निर्गुण वाणी के माध्यम से अद्वैत के भावों को अभिव्यक्त किया जाएगा। महोत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष 21 अप्रैल को आयोजित होने वाला दीक्षा समारोह है, जिसमें देश-विदेश के 700 से अधिक युवा 'शंकरदूत' के रूप में संकल्प लेंगे। मध्य प्रदेश शासन 'ओंकारेश्वर' में 'एकात्म धाम'के माध्यम से आचार्य शंकर के दर्शन को वैश्विक फलक पर स्थापित कर रहा है। यहाँ स्थापित 108 फीट ऊँची 'एकात्मता की मूर्ति' (Statue of Oneness) और निर्माणाधीन 'अद्वैत लोक' संग्रहालय न केवल पर्यटन बल्कि आध्यात्मिक जिज्ञासा के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। कल से प्रारंभ हो रहा यह पर्व समस्त राष्ट्र को सांस्कृतिक और वैचारिक सूत्र में पिरोने की दिशा में एक महती कदम सिद्ध होगा।