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सम्राट चौधरी सरकार में शराबबंदी नीति पर सवाल, राजस्व नुकसान का मुद्दा उठा

 पटना बिहार में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बन गई है जिसके मुखिया सम्राट चौधरी बनाए गए हैं। इसी के साथ नीतीश कुमार की शराबबंदी कानून बहस तेज हो गई है। एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा(आरएलएम)के विधायक माधव आनंद ने इस कानून को राज्य के लिए नुकसानदायक बताते हुए समीक्षा करके समाप्त करने की मांग की है। गुरुवार को सीएम सम्राट चौधरी से मिलकर लौटे माधव आनंद मीडिया कर्मियों से बात की और कहा कि उनसे बिहार की जनता को काफी उम्मीदे हैं। वे बिहार नाम वैश्विक स्तर पर ले जाएंगे। बिहार में बीस साल पुराने नीतीश युग का अंत हो गया। इसके साथ ही उनके फैसलों पर चर्चा शुरू हो गई। पूर्ण शराबबंदी नीतीश कुमार का बहुत बड़ा क्रांतिकारी और कदम है। नीतीश कुमार सीएम पद से हटते ही शराबबंदी पर सत्ता पक्ष की ओर से ही सवाल उठने लगे हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के मधुबनी विधायक सीएम से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। बाहर निकले तो काफी प्रसन्न मुद्रा में दिखे। उन्होंने कहा कि सीएम शपथ लेने के साथ ही ऐक्टिव हैं। लोगों से मिल रहे हैं। शराबबंदी के सवाल पर माधव आनंद ने क्रांतिकारी बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। इससे राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि सदन में ही नीतीश कुमार के सामने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की थी। अर्थशास्त्री होने के नाते आज फिर से कह रहा हूं कि बिहार में शराबबंदी की कोई जरूरत नहीं है बल्कि, जागरुकता पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शरबबंदी कोई समाधान नहीं हो सकता। बिहार को राजस्व का बहुत नुकसान हो रहा है। बिहार को विकसित बनाने के लिए फंड की आवश्यकता है जिसकी कमी महसूस की जाती है। हमारे राज्य का राजस्व दूसरे राज्यों और देशों में जा रहा है। शराबबंदी नीतीश कुमार की ऐतिहासिक पहल थी। इसके दस साल हो गए। अब इसकी समीक्षा होनी चाहिए। इसकी बिहार जैसे राज्य में कोई जरूरत नहीं है जहां राजस्व की बहुत अधिक जरूरत है। माधव आनंद ने कहा कि जागरुकता और जानकारी बढ़ेगी तो लोग खुद नशे से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बिहार के विकास के लिए तेजी से काम करेगी और प्रदेश काफी तरक्की करेगा। नीतीश कुमार ने जो खाका खींचा उसे वर्तमान सरकार आगे बढ़ाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस की नीति जारी रहेगी। बिहार अब इतिहास रचेगा। विकसित भारत और विकसित बिहार की परिकल्पना जरूर साकार होगी। हालांकि, सम्राट चौधरी पहले ही शराबंदी कानून को लागू रखने की बात कह चुके हैं। बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इस दौरान करोड़ों लीटर शराब जब्त किए गए और लाखों लोगों को जेल भेजा गया। लेकिन, जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोग मारे गए और राज्य में अपराध का एक नया नेटवर्क शराब के अवैध कारोबार की वजह से तैयार हो गया।

FMG इंटर्न को मिलेगा ₹17,500 स्टाइपेंड, राज्य सरकार का बड़ा फैसला

रांची झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को राज्य के चार जिलों धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह और खूंटी के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में उन्नयन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विदेशों से मेडिकल ग्रेजुएट की पढ़ाई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट) करने वाले छात्रों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के दौरान स्टाईपंड की भी मंजूरी दी गयी। अब एफएमजी इंटर्न को 17500 रुपए स्टाईपंड मिलेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की कमी के कारण हमारे राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी रही है। मैं स्वयं इसका उदाहरण हूं, मुझे अपनी मेडिकल शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ा। बाहर के डॉक्टर राज्य में आने से कतराते हैं, ऐसे में स्थानीय स्तर पर डॉक्टर तैयार करना ही स्थायी समाधान है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलेगा। डॉक्टरों की कमी दूर होगी तो उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा जिले में ही उपलब्ध होगी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही स्थानीय रोजगार के नए मौके सृजित होंगे। क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी। केंद्र और राज्य के सहयोग से होगा विकास चार जिलों में मेडिकल कॉलेज का राज्य सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर बीते अक्तूबर में केंद्र सरकार ने सहमति दी थी। चारों जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पीपीपी (सार्वजनिक निजी सहभागिता) मोड में की जाएगी। यह स्वीकृति भारत सरकार की ‘पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज स्थापना योजना’ के तहत दी गई है। चारों जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना केंद्र-राज्य की मदद से होगा। परियोजना का संचालन वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के डिपार्टमेंट ऑफ ईकोनॉमिक अफेयर द्वारा संचालित व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, यानी वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) की उप योजना 1 एवं 2 के अंतर्गत कार्यान्वित की जाएगी। इन योजनाओं के तहत कार्यान्वित होंगे कॉलेज मेडिकल कॉलेज धनबाद परियोजना वीजीएफ उपयोजना-1 के तहत, खूंटी, जामताड़ा व गिरिडीह मेडिकल कॉलेज परियोजना वीजीएफ उपयोजना-2 के तहत कार्यान्वित होंगे। इस उप योजना-2 के तहत भारत सरकार 40% पूंजीगत व्यय सहायता तथा 25% परिचालन व्यय सहायता प्रदान करेगी। जबकि, झारखंड सरकार 25% से 40% तक पूंजीगत व्यय तथा 15% से 25% तक परिचालन व्यय सहायता के रूप में योगदान देगी। उपयोजना-1 के तहत पूंजीगत सहायता के रूप में भारत सरकार से 30 प्रतिशत तथा राज्य सरकार से 30 प्रतिशत के अनुपात में प्रदान की जाएगी। जिलों में खुलेंगे नए कॉलेज खूंटी 50 एमबीबीएस सीटें जामताड़ा 100 एमबीबीएस सीटें धनबाद 100 एमबीबीएस सीटें गिरिडीह 100 एमबीबीएस सीटें

परीक्षाओं में नकल पर सख्ती: चयन आयोग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, AI कैमरों से होगी लाइव निगरानी

प्रयागराज/लखनऊ. प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलविहीन बनाए रखने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी तरह लागू किया जाएगा, जिससे शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।  उन्होंने बताया कि इसके लिए आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की जाएगी। इस कंट्रोल रूम में दो दर्जन से अधिक हाई-क्वालिटी स्क्रीन और एआई कैमरों की व्यवस्था की गई है, जिससे परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी। यह व्यवस्था परीक्षा प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं नकलविहीन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग द्वारा परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आधुनिक निगरानी तंत्र को अपनाया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के प्रयोग पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा को पूर्ण ईमानदारी एवं नियमों के अनुरूप दें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। आयोग द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित की जा रही हैं।

पंजाब में कल किसानों का रेल रोको आंदोलन, गेहूं खरीद में देरी के खिलाफ तीन घंटे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी

चंडीगढ़  केंद्र की एजेंसियों द्वारा पंजाब में गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (एकेएम ) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।  मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल मोगा, सतनाम सिंह हरिके, जसबीर सिंह आहलूवालिया, परमजीत सिंह जब्बोवाल और नछत्तर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़ी विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से रेल यातायात रोककर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। सुख गिल मोगा ने कहा कि गेहूं की खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों को मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के चलते अनाज मंडियों में पड़ा है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल को खराब होने से बचाया जा सके और सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें बीकेयू, पंजाब किसान यूनियन, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन समेत कई जत्थेबंदियों के नेता शामिल थे।

भाजपा सरकार आएगी तो बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाएंगे गुंडे, माफिया व मौलानाः योगी आदित्यनाथ

आसनसोल. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने के साथ भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया। जनसभा स्थल, वाहनों व घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़े लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने को बेताब दिखे। बंगाल की धरा पर तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए सीएम योगी ने मतदाताओं से कहा कि टीएमसी के गुंडे, माफिया क्या कह रहे हैं या कोई मौलाना क्या बक रहा है, आप किसी से भयभीत न होइए। डबल इंजन की भाजपा सरकार आने दीजिए, ये सभी आपकी चाटुकारिता करते और बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते दिखाई देंगे।  आप लोग अरिजीत को जिताइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ करेंगे  मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से कहा कि जब यहां मेरा कार्यक्रम लगा तो तृणमूल के गुंडे लोगों को परेशान करने लग गए। सभा न होने पाए, इसके लिए भाजपा का झंडा उखाड़ने का भी प्रयास किया। अरिजीत का मतलब जो शत्रु को जीत सके, आप लोग उन्हें जिताइए और डबल इंजन सरकार लाइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल स्पीड से सारी समस्याओं का समाधान होगा। भाजपा ही सुरक्षा-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।  टीएमसी के कारण पैदा हुए सैंड-कोल-लैंड माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने 15 वर्षों से बंगाल को संकट में ला दिया और इसे टेरर, माफियाराज, कटमनी व करप्शन का अड्डा बना दिया, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए। इन लोगों ने आमजन, नौजवानों, बेटी-बहनों के सामने भय का माहौल पैदा किया है। टीएमसी के कारण सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया पैदा हुए। केंद्र से जो पैसा आता है, उसे टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। सीएम ने स्थानीय नागरिकों को विश्वास दिलाया कि बंगाल में दंगों, भय, अराजकता, माफियाराज को भाजपा समाप्त करेगी।  कांग्रेस, सपा व टीएमसी नहीं रोक पाईं, अयोध्या में बन गया राम मंदिर सीएम ने कहा कि 9 साल पहले इससे भी बुरी स्थिति उत्तर प्रदेश की थी। वहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। व्यापारी, बहन-बेटी असुरक्षित थी। गुंडागर्दी-अपराध चरम पर था, माफिया हावी थे। जनता के विकास के लिए आने वाले पैसे में डकैती पड़ती थी, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने इसका उपचार कर दिया। यूपी में बहुत परिवर्तन हो गया, वहां कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता। यूपी में पर्व-त्योहार शांति से मनाए जाते हैं। वहां अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है, लेकिन बंगाल में गोतस्करी, गोहत्या, त्योहारों के पहले उपद्रव होते हैं। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अब माफिया की हड्डी-पसली ठीक करता है। माफिया की संपत्ति लेकर गरीबों के आवास बनते हैं। यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, वहां सब चंगा है। रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन करना पड़ा। टीएमसी की पार्टनर समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाईं। जैसे ममता दीदी को राम नाम, दुर्गा पूजा से चिढ़ है, यूपी में भी ऐसे ही चिढ़ होती थी। यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर बन गया, इसे कांग्रेस, सपा व टीएमसी रोक नहीं पाईं, क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।  गारंटी देती है भाजपा- गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे  सीएम योगी ने कहा कि भाजपा गारंटी देती है कि बंगाल में दंगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा। गोमाता को कटने नहीं देंगे और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथियों और 15 वर्ष से टीएमसी ने यहां पहचान का संकट खड़ा किया है। बंगाल कभी कल्चरल कैपिटल के रूप में देश को दिशा देता था, लेकिन इसे क्राइम कैपिटल बनाकर पहचान का संकट खड़ा किया गया। आजादी के बाद बंगाल विकास के पथ पर आगे चल रहा था। देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था। इकॉनमिक लीडर के रूप में बंगाल की तूती बोलती थी। किसान प्रसन्न, नौजवान को नौकरी-रोजगार, मछली-चावल उत्पादन बढ़ रहा था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने राज्य को भ्रष्टाचार, भय व अराजकता का केंद्र बना दिया। मछली उत्पादन कम हुआ और चावल उत्पादन घटा। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी है, नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार गायब है। किसानों को उपज का दाम नहीं मिल पाता। यूपी में आलू का दाम 15-16 रुपये किलो और बंगाल में मात्र एक-डेढ़ रुपये मिल रहा है।  प्रेरणा भूमि रही है बंगाल  सीएम योगी ने कहा कि बंगाल सदैव प्रेरणा भूमि रही है। इसने भारत को राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत दिया। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बंगाल की धरती टीएमसी की अराजकता से मुक्त होने का आह्वान कर रही है। इस धरा ने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, अरविंद घोष, जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रवादी चिंतक दिए। कश्मीर को पृथक मान्यता देने के लिए कांग्रेस की चाल के कारण आतंकी भारत की एकता को चुनौती दे रहे थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया और धारा 370 समाप्त कर दी। कश्मीर में भी भारत का कानून वैसे ही लागू हुआ, जैसे बंगाल, बिहार और यूपी में है।

समय पर पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग व सुविधाओं से बना सुरक्षा का बेहतर माहौल: सीएम योगी

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, समय पर ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों के कार्य की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना और सुशासन का बेहतरीन मॉडल खड़ा हुआ। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक व  पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशाप बनाई गई है। इसके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा भवनों में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया।  इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। पर, हम उसका एक ही पक्ष देख पाते थे। पुलिस का सामान्य सिपाही हो या सब इंस्पेक्टर व डिप्टी एसपी, यदि उसकी ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक कॉमन मैन (सामान्य व्यक्ति) ही होगा। पहले की सरकारों में भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम यह होता था कि बहुत से नौजवान पुलिस भर्ती में नहीं आना चाहते थे।  9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 9 साल पहले जब उनकी सरकार आई तो उस समय पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। बीते 9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय में 3 हजार से अधिक नहीं थी, जबकि वर्तमान में अवस्थापना सुविधाओं के विकास का परिणाम है कि अब एक समय में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग करवाई जाती है। समय पर लिए गए निर्णय, और समय पर दिए गए संसाधनों के परिणामस्वरूप पुलिस को 200 गुना अधिक सुविधाओं से सम्पन्न किया गया है। पहले नहीं थी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा सीएम योगी ने कहा कि पहले थाना हो, चौकी हो, पुलिस लाइन हो या पीएसी वाहिनी, कहीं भी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा और अच्छे बैरक नहीं थे। पुलिसकर्मी किराए पर रहकर जैसे-तैसे जीवन व्यतीत करता था। कई बार शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया है। वह कब्जा नहीं करता था। होता यह था कि उसके बच्चे की परीक्षा है और उसी समय मकान मालिक घर खाली करने को कह देता। इस पर वह झल्ला कर कहता, घर नहीं खाली करेंगे। आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं, क्योंकि सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधा दी है, बैरक बनवाए गए हैं। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले का काम तमाम कर देंगे मुस्तैद पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिस थाने का भवन बनता था, लेकिन उसमें बैरक नहीं बनते थे। अन्य सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हो पाती थीं। बहुत बार पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी तो उसे रखने की व्यवस्था नहीं होती थी। ऐसे मौकों पर पुलिस असहाय दिखती थी। कई बार अपराधी भाग भी जाता था। लेकिन, पुलिस को अब असहाय बनने की आवश्यकता नहीं है। अब अपराधी भाग नहीं सकता, क्योंकि उसे थाने में ही रोककर रखने की सुविधाएं दी गई हैं। अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता, क्योंकि थाने में पुलिस कार्मिकों के लिए अलग से बेहतरीन सुविधाओं से युक्त बैरक बनाए गए हैं। हर समय, हर थाने में पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध होंगे। जो थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करेगा, उसका काम तमाम करने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता दिखाई देगा। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

घबराइए मत, बच्चे के इलाज में नहीं आने देंगे कोई बाधा: मुख्यमंत्री

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान श्रावस्ती से आई एक महिला ने गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज में मदद का अनुरोध किया। साथ में आए बच्चे को देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। जब महिला ने बताया कि उसका कार्ड नहीं बना है, मुख्यमंत्री ने कहा- घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई भी बाधा नहीं आने देंगे। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से भी बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। महिला का प्रार्थना पत्र लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों को इस निर्देश के साथ हस्तगत किया कि इसे श्रावस्ती के जिलाधिकारी को भेजकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। साथ ही डीएम के जरिये इलाज का इस्टीमेट भी शासन को उपलब्ध कराया जाए।  गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। इत्मीनान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए। पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। उन्होंने उनसे मिलने आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, घबराइए मत। सरकार हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी। अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को ब्रिटिश पार्लियामेंट में अंतरराष्ट्रीय सम्मान, ऑक्सफोर्ड में स्किन डिजीज पर दिया व्याख्यान

लंदन. World Homeopathy Summit 4 के अवसर पर ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित भव्य समारोह में रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में रायपुर, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न स्थानों के 100 होम्योपैथी चिकित्सकों एवं विदेशों से आए 25 चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रिटिश संसद के सदस्य लॉर्ड रावल एवं शिवानी राजा उपस्थित रहे। साथ ही इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक, इयोन मॉर्गन, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोनाथन ट्रॉट एवं डेविड ग्रोवर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया। इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने ऑक्सफोर्ड में स्किन डिजीज (त्वचा रोग) विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान भी दिया, जिसमें उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से त्वचा रोगों के प्रभावी उपचार और उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके इस व्याख्यान को उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया। डॉ. त्रिवेदी को यह सम्मान होम्योपैथी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य, मरीजों के प्रति समर्पण एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर रायपुर, छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करने के लिए प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने इसे अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन एवं मरीजों के विश्वास का परिणाम बताते हुए इस उपलब्धि को अपने शहर रायपुर और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को समर्पित किया। यह उपलब्धि न केवल डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, बल्कि रायपुर, छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय है।

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव  डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

स्पाइसजेट और आकासा एयर के विमान भिड़े, दोनों को नुकसान

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को दो विमान की आपस में टक्कर हो गई। इस घटना में एक विमान के दाहिने विंगलेट तो दूसरे विमान के बाएं हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर को नुकसान पहुंचा है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता के अनुसार, विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा ‘16 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट का एक विमान (Boeing 737-700) दूसरे विमान से टकरा गया। इस हादसे में स्पाइसजेट के विमान के दाहिने विंगलेट (पंख) और दूसरी एयरलाइन के विमान के पिछले हिस्से (हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर) को नुकसान पहुंचा है। उस विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है।’ वहीं आकासा एयर के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें विमान से उतार लिया गया। आकासा की फ्लाइट (QP 1406) दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी मगर टक्कर के बाद उसे वापस पार्किंग में खड़ा करना पड़ा। बहरहाल फिलहाल इस पूरे की मामले की जांच की जा रही है। आकासा एयर के प्रवक्ता ने बताया कि 'उनकी फ्लाइट (QP 1406), जो दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी, उसे वापस पार्किंग एरिया में वापस लाना पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतार लिया गया और हमारी ग्राउंड टीमें यात्रियों को जल्द से जल्द हैदराबाद पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है।'