samacharsecretary.com

नई व्यवस्था से बदलेंगे गाड़ी नंबर के नियम, ‘लकी नंबर’ पर नहीं होगा कोई असर

इंदौर   अब गाड़ी बदलने पर अपना पसंदीदा या लकी नंबर खोने की चिंता खत्म होने वाली है। परिवहन विभाग ऐसी नई व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नई गाड़ी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा नियमों में तो है, लेकिन जटिल प्रक्रिया और कागजी झंझट के कारण कम ही लोग इसका फायदा उठा पाते हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब तय शुल्क देकर वाहन मालिक अपने नंबर को सुरक्षित रख सकेंगे और बाद में नई गाड़ी पर उसी नंबर को फिर से हासिल कर पाएंगे। विभाग ने यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। अभी नई गाड़ी, नया नंबर अभी की स्थिति में यदि कोई व्यक्ति अपना पुराना नंबर नई गाड़ी पर लेना चाहता है, तो उसे पहले पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराना होता है और फिर लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि अधिकांश लोग नया नंबर ही स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन प्रस्तावित सिस्टम में वाहन बेचने या स्क्रैप कराने के बाद आरटीओ में आवेदन देकर नंबर सुरक्षित रखा जा सकेगा। नई गाड़ी खरीदने के बाद यदि वही नंबर फिर से लेना है तो निर्धारित शुल्क चुकाकर इसे अलॉट कराया जा सकेगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति उस नंबर को स्थायी रूप से अपने नाम रखना चाहता है, तो इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वीआइपी नंबर वालों को फायदा इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो वीआइपी, फैंसी या लकी नंबर के शौकीन हैं। कई लोग अपने वाहन नंबर को स्टेटस सिंबल की तरह देखते हैं, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए खास साबित होगी। इसके लिए वह नीलामी में हजारों रुपए खर्च भी कर देते हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। अंतिम नियम और शर्तें नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी, लेकिन इतना तय है कि लागू होने के बाद वाहन मालिकों के लिए नंबर ट्रांसफर की राह काफी आसान हो जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस के फिजिकल कार्ड बनना बंद ! ग्वालियर में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। वर्ष 2024 में स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका समाप्त होने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन (आरसी) के फिजिकल कार्ड बनना बंद हो गए हैं। इसके बावजूद विभाग आवेदकों से कार्ड के नाम पर शुल्क वसूल रहा है और डिजिटल कार्ड बनाकर दे रहा है। जानकारी के अनुसार, ठेका समाप्त होने के बाद अब तक नई कंपनी के साथ अनुबंध नहीं हो सका है। ऐसे में परिवहन विभाग डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी कर रहा है, जिन्हें मोबाइल एप या प्रिंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल पर दी कु. प्रतिभा सिंह को बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा सिहं को वीडियो कॉल पर दी बधाई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा प्रदेश में हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में प्रथम पन्ना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा सिंह को वीडियो कॉल के माध्यम से बधाई और शाबासी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा के परिजन से भी बातचीत की। पन्ना जिले में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ कु. प्रतिभा के पिता श्री भारतेंदु सिंह सोलंकी को भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बधाई दी। कु. प्रतिभा की माता शिक्षिका हैं। प्रतिभा ने यह उपलब्धि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बातचीत में कु. प्रतिभा ने बताया कि वो प्रतिदिन सात आठ घटे अध्ययन किया करती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कु. प्रतिभा ने यह भी बताया कि उसकी इच्छा प्रशासनिक सेवाओं में जाने की है। वो अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा को स्कूली और उच्च शिक्षा स्तर पर निरंतर सफलताएं प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं।  

पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार

भोपाल  थाना अयोध्या नगर,जोन-02 पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 02 युवती सहित  03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार – आरोपियों से 6.285 किलों गांजा और मोटर सायकिल सहित कुल 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त जप्त । – उडिसा से लाकर भोपाल में खपाते थे गांजा ।   – रीवा एवं रायसेन निवासी आरोपीगण, भोपाल में किराये से रहकर कर रहे थे गांजा तस्करी । – स्कूल कॉलेज के युवाओं और स्लम एरिया के छोटे मजदूरों को करते थे टारगेट । – पुलिस उपायुक्त जोन 2 विवेक सिंह के निर्देशन में गांजा तस्करो पर सख्त कार्यवाही।                गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुरुप पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों पर सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त संजय कुमार (भापुसे) एवं अति. पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देशित किया जा रहा है ।                 उक्त दिशा निर्देशों के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह (भापुसे) के सतत निर्देशन में, अति.पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे थाना अयोध्यानगर पुलिस द्वारा गांजा तस्करों को चिह्नित कर सतत नजर बनाए रखते हुए गांजा बेचने की फिराक में 02 युवती और  01 युवक सहित 03 गांजा तस्कर आरोपियों को 6.285 किलो गांजा व 1 मो.सा. सहित गिरफ्तार कर लगभग 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त करने में सफलता प्राप्त की । घटना का विवरणः- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा मामूर मुखबिरो से सूचना पर अरेड़ी रोड पर निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास आम रोड से 2 युवती और 1 युवक सहित 3 गांजा तस्करो को पकडा जिनके कब्जे से एक  जिक्सर मोटर सायकिल तथा 6.285 किलोग्राम गांजा कीमती करीबन 02.70 लाख रुपये जप्त किया गया। आरोपियों ने पुछताछ में नाम पता- 1. नाम विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल, 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल तथा 3. आरोही सिंह उर्फ सरीता चौहान पिता केशव सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हाल पता नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल बताया। – आरोपियों से आगे की ट्रेल के बारे में जानकारी ली गई पुछताछ में आरोपीगणों ने बताया कि उडीसा से गांजा खरीद लाकर भोपाल एवं रायसेन में बेचते थे । विशेष तौर पर ओडिशा से गांजा युवतियां लेकर आती थी और अपने साथी मित्र आरोपी विनय के साथ भोपाल में कालेज के छात्र छात्राओं तथा स्लम एरिया के मजदूर वर्गों टारगेट करते हुए कुछ पैडलर्स को सप्लाई करते थे, जिसके बारे में जानकारी लेकर पुलिस विवेचना कर रही है। –  आरोपीगण किराये के मकान में अपने परिवार से अलग रहते हैं। स्वयं के बड़े खर्चे, लग्जरी लाईफ स्टाईल और जल्दी ज्यादा पैसा कमाने हेतु गांजा तस्करी का काम शुरू करना बताया ।  जप्तमाल–  गांजा 6.285 किलोग्राम, 01 मोटर सायकिल. जिक्सर क्र एम.पी.04 जेड.जी.0687, कुल कीमत लगभग 270000/-रूपये ) । आरोपीः– 1. विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन  हालपता –  अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा- स्नातक व्यवसाय-  प्राँपर्टी का काम करता था  । पहले पेटीएम में काम कर चुका है। 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन। हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा-  10वीं व्यवसाय- दुकान पर काम करती हैं  । 3. आरोही सिंह चौहान पिता कौशल सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हालपता – नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल । शिक्षा- एम. काँम  व्यवसाय- काँल सेन्टर में काम करती हैं  । सराहनीय भूमिका –         थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि. विजय सिह कर्चुली, सउनि मनोज कछवाहा, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिह जादौन , प्रआर 2307 दिनेश मिश्रा, प्रआर 3330 अतुल सिह, आर 3514 राजेश अन्नोठिया, जितेन्द्र जाट, आर पुष्पेन्द्र, आर अम्बरीश तिवारी, म.आर.3871 मोनिका जयसवाल, म.आर.3489 पूजा राठौड, म.आर.502 अपर्णा कटारे, आर भूपेन्द्र सिंह (टेकनिकल सेल) सराहनीय भूमिका रही ।

रीवा एयरपोर्ट के पास जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक, क्या शहर में बड़ा परिवर्तन होने वाला है?

 रीवा  रीवा के उमरी और चोरहटा में अचानक जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी गई है… आखिर ऐसा क्या होने वाला है कि 800 किसानों की 140 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है? मामला एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ा है, जो इलाके की तस्वीर बदल सकता है। रीवा में एयरपोर्ट विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। उमरी और चोरहटा गांव की जमीनों की प्रशासन ने खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब इन इलाकों में जमीन ना बेची जा सकेगी, ना खरीदी जा सकेगी, और ना ही नामांतरण या डायवर्जन किया जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट विस्तार के लिए इन दोनों गांवों की करीब 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इस जमीन के अधिग्रहण से लगभग 800 किसान प्रभावित होंगे। इनमें चोरहटा के करीब 500 और उमरी के लगभग 300 किसान शामिल हैं।   SDM ने लगाया प्रतिबन्ध  जैसे ही जमीन अधिग्रहण की खबर फैली, कई किसानों ने जल्दी-जल्दी अपनी जमीन बेचनी शुरू कर दी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह रोक लगा दी, ताकि मुआवजे में किसी तरह की गड़बड़ी या अतिरिक्त खर्च न हो। इस बारे में SDM हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि ये फैसला सरकारी खर्च को नियंत्रित रखने के लिए लिया गया है। बताया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण के लिए राजस्व विभाग का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है।  446 एकड़ रकबे का होगा रीवा एयरपोर्ट  वर्तमान में रीवा एयरपोर्ट करीब 306 एकड़ में बना हुआ है। अब 140 एकड़ जमीन जुड़ने के बाद इसका कुल रकबा बढ़कर 446 एकड़ हो जाएगा। अभी रीवा से दिल्ली, इंदौर, भोपाल और रायपुर के लिए फ्लाइट सेवाएं चल रही हैं। आने वाले समय में कोलकाता के लिए भी उड़ान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नेशनल लेवल पर होगा डेवलपमेंट  एयरपोर्ट के रनवे को भी बढ़ाने की योजना है। अभी रनवे की लंबाई करीब 1800 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 2300 मीटर किया जाएगा। इससे बड़े विमान, जैसे एयरबस A320, यहां आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे।  प्रशासन का कहना है कि रीवा एयरपोर्ट को अब राष्ट्रीय स्तर के अनुसार विकसित करने की योजना है। इसके लिए 140 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई है और इस संबंध में प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। यह पूरी प्रक्रिया 17 मई 2023 को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और मध्यप्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के बाद शुरू हुई थी। प्रशासन ने ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।  

सुकमा की बेटी लावण्या को मिली नई मुस्कान, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद

रायपुर.  कहते हैं कि सही समय पर मिला इलाज किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है। सुकमा जिले की 13 वर्षीय बालिका टुंकी लावण्या की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है, जिसने कठिन परिस्थितियों और वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार एक नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास पाया है। लावण्या, जो कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) की निवासी है, जन्म से ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसके बचपन पर सामाजिक झिझक और आत्मविश्वास की कमी का भी गहरा असर डाल रही थी। परिवार में जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर भय के कारण लंबे समय तक उसका उपचार नहीं हो पाया। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली जब लावण्या मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर में पहुंची। शिविर में कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण से मिली। उन्होंने लावण्या को स्वास्थ्य शिविर में जांच कराके बेहतर इलाज का प्रबंध किया।  स्वास्थ्य शिविर बना जीवन बदलने का मोड़ शिविर में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ लावण्या की जांच की, बल्कि उसके परिवार को समझाकर इलाज के लिए तैयार किया। इसी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाया गया। जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लावण्या को कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजा गया। इस दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। 10 अप्रैल 2026: जब दर्द की जगह उम्मीद ने ले ली सभी प्रक्रियाओं और समन्वय के बाद आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को लावण्या का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके जीवन के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी थी। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों का दर्द और ताने जैसे उसी दिन समाप्त हो गए। मुख्यमंत्री ने की मुलाकात, दिया आशीर्वाद इस कहानी का सबसे भावुक पल तब आया जब 13 अप्रैल 2026 को सुकमा दौरे के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लावण्या से मुलाकात की। उन्होंने लावण्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उसे फल भेंट किए और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। सरकारी योजनाओं की सफलता की मिसाल बनी लावण्या आज लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग का समर्पण और समय पर उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चमत्कार कर सकते हैं। लावण्या अब न सिर्फ स्वस्थ है, बल्कि उसके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी लौट आया है। उसकी मुस्कान आज पूरे सुकमा के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

MP का नमकीन हुआ महंगा, 20-40 रुपए किलो बढ़े दाम, युद्ध और सप्लाई ठप होने से 80 देशों पर पड़ा असर

इंदौर  देश की नमकीन राजधानी माने जाने वाले इंदौर का नमकीन उद्योग इस समय दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर उत्पादन लागत में तेज़ बढ़ोतरी के कारण नमकीन के दाम 20 से 40 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर दिख रहा।  इंदौर से रोजाना करीब 100 टन नमकीन देश-विदेश में भेजा जाता है। यह सप्लाई भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 80 से अधिक देशों तक पहुंचती है। हालांकि मौजूदा हालात में घरेलू बिक्री (डोमेस्टिक सेल) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) कारोबार भी प्रभावित हुआ है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा के मुताबिक, लागत बढ़ने के कारण नमकीन की कीमतों में औसतन 20 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकी पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पीएनजी गैस की सीमित उपलब्धता (करीब 60%) और मूंगफली तेल के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके अलावा पैकिंग मटेरियल के दाम में भी बड़ा उछाल आया है- जो पहले 190–195 रुपए प्रति किलो मिलता था, वह अब करीब 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। नमकीन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली हींग की कीमतों में भी 5% से 15% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लागत और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में इंदौर के नमकीन उद्योग को और बड़े आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। दाम आगे भी बढ़ने के संकेत इंदौर के नमकीन बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा ने बताया कि अभी जो दाम बढ़ाए गए हैं, वे सालभर स्थिर रहेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अगले 10 दिनों में क्या स्थिति होगी, इसका भी अनुमान लगाना मुश्किल है। 40 रुपए किलो तक की बढ़ोतरी नमकीन व्यापारी हीतेश जैन के मुताबिक, सामान्य नमकीन जो पहले 260 से 280 रुपए प्रति किलो मिलता था, अब 280 से 300 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं प्रीमियम नमकीन 280–300 रुपए से बढ़कर 300 से 340 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक्स्ट्रा प्रीमियम नमकीन, जिसमें ड्रायफ्रूट्स का उपयोग होता है, उसमें करीब 40 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मूंगफली तेल, मिर्च-मसाले और पैकिंग सामग्री महंगी होने के कारण लगभग 20 रुपए प्रति किलो तक कीमत बढ़ानी पड़ी है। विदेश पहुंचने का समय दोगुना हुआ इंदौर में सेंव की खपत भी काफी अधिक है। शहर में रोजाना करीब 45 टन सेंव की खपत होती है। संगठित क्षेत्र के कारखानों में प्रतिदिन 30 टन सेंव तैयार होती है, जिसमें से 15 टन शहर में खपती है, जबकि असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारी करीब 30 टन सेंव का उत्पादन कर स्थानीय मांग पूरी करते हैं। वैश्विक हालात का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले इंदौर से दुबई या ओमान तक नमकीन पहुंचने में करीब 30 दिन लगते थे, लेकिन अब सुरक्षित मार्गों से भेजने पर 60 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे लॉजिस्टिक लागत दोगुनी हो गई है। इसी तरह यूएसए और कनाडा में पहले 40–45 दिन में पहुंचने वाला माल अब 90 दिन तक ले रहा है। खाड़ी देशों के लिए सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से प्रभावित है। निर्यातकों के अनुसार 40 से 50 कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई समय 25–30 दिन से बढ़कर 50–60 दिन हो गया है और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।

भोरमदेव अभयारण्य में बाघों के संरक्षण के लिए गांवों को खाली किया जाएगा, प्राकृतिक धरोहर को बचाने की योजना

रायपुर  छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में एक बड़ा और दूरगामी फैसला आकार ले रहा है। भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस योजना का सबसे अहम हिस्सा है-अभयारण्य के भीतर बसे गांवों का पुनर्वास। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। वन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत भोरमदेव अभ्यारण्य में लगभग 34 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकेंगे। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। सकरी नदी मार्ग बनेगा विशेष आकर्षण इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी मार्ग है। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह अनोखा सफर रोमांच और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास आकर्षण साबित होगा। इस परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोहरा आकर्षण जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब ऐतिहासिक मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवन का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। इससे भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग के अनुसार सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सफारी को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।  रिजर्व फाॅरेस्ट न बनने से अभयारण्य क्षेत्र की 15 हजार से अधिक आबादी को फायदा कुल क्षेत्र में 160 किमी का घना जंगल एनटीसीए के कहने पर काम हुआ था शुरू भोरमदेव अभयारण्य 351.24 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसमें 160 किमी कोर एरिया यानि घने जंगल हैं। 152 वर्ग किमी बफर एरिया है। कुल 35 वन परिक्षेत्र में से भाेरमदेव और चिल्फी परिक्षेत्र मिलाकर अभयारण्य बनाते हैं। एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी) के कहने पर ही वन विभाग ने रेंगाखार, चिल्फी और कवर्धा को बांटकर बाघ के संरक्षण, संवर्धन का काम बढ़ाया था। इसलिए कान्हा किसली के बाघ आ रहे हैं यहां, पर्यटक भी बढ़े कान्हा किसली के जंगलों में बाघों की संख्या ज्यादा हो गई है। इस बीच पर्यटक बढ़े हैं। वन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार बाघों को वहां से ज्यादा बेहतर और सुरक्षित वातावरण यहां भोरमदेव में मिल रहा है। यहां हिरण और चीतल जैसे जानवर बड़ी संख्या में है। इसी वजह से यहां बाघ आ रहे हैं। थंवरझोल के 37 परिवारों को शिफ्ट करने की बन चुकी थी योजना टाइगर रिजर्व के लिए कवर्धा परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चौरा के आश्रित गांव थवरझोल में 37 परिवारों को उनकी अचल संपत्ति की कीमत देकर विस्थापन करने की योजना बन चुकी थी। वन विभाग ने गांव का सर्वे करा लिया था। इनके विस्थापन के आदेश भी जारी हो चुके थे। इन परिवारों को 3.70 करोड़ रुपए में जंगल से बाहर शिफ्ट किया जाता। भू- अर्जन के बदले में उन्हें 10-10 लाख रुपए दिए जाते। ताकि उनके जाने पर गांव में बाघों के रहवास के लिए सुविधाएं डेवलप कर सकें।  

MP में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 19 जिलों के SP होंगे बदले, IPS ट्रांसफर लिस्ट लगभग तैयार

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स और विभागीय हलचलों के अनुसार राज्य में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादलों की व्यापक सूची लगभग तैयार हो चुकी है, जिसके तहत करीब 25 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर होने की संभावना जताई जा रही है। इनमें लगभग 19 से 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) में बदलाव प्रस्तावित बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों के कार्य प्रदर्शन को लेकर वरिष्ठ स्तर पर असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। वहीं कुछ अधिकारियों के खिलाफ संगठन स्तर पर लगातार शिकायतें भी प्राप्त हो रही थीं। इसके अलावा कुछ जिलों में तैनात पुलिस अधीक्षकों के प्रमोशन के चलते भी पद रिक्त होने की स्थिति बन रही है, जिसके कारण यह व्यापक फेरबदल आवश्यक माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शाजापुर, शिवपुरी, डिंडौरी, मंडला, छतरपुर, बुरहानपुर, निवाड़ी और नीमच जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षकों के बदलाव लगभग तय माने जा रहे हैं। इसके साथ ही दमोह, सिवनी, आगर मालवा, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी बदलाव की चर्चा तेज है, हालांकि यहां नए नामों पर अंतिम निर्णय अभी लंबित बताया जा रहा है। इसके अलावा खंडवा के एसपी मनोज राय, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढ़ा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, भिंड के एसपी असित यादव, धार के एसपी मयंक अवस्थी, रीवा के एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, डीसीपी इंदौर कुमार प्रतीक तथा झाबुआ के एसपी डॉ. शिवदयाल के प्रमोशन के बाद इन पदों पर भी नए अधिकारियों की तैनाती तय मानी जा रही है। प्रशासनिक हलकों में इस संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि नई सूची जारी होने के बाद कई जिलों में पुलिस नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसका सीधा असर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार या पुलिस मुख्यालय की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही हैं।

एमपी में 345 विधायक और 45 सांसद, 33% महिला आरक्षण लागू होने से सत्ता के समीकरण में होगा बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश के चुनावी परिदृश्य में एक ऐसा बड़ा बदलाव आने वाला है, जो अगले कई दशकों की राजनीति को नई दिशा देगा। 16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण और परिसीमन बिल (131वां संविधान संशोधन) पेश होने जा रहा है। इस मास्टर प्लान के लागू होने से मध्य प्रदेश में न केवल महिला प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि विधानसभा और लोकसभा सीटों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी होगी। विधानसभा में होंगी 114 महिलाएं प्रस्तावित बदलावों के तहत, मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 230 से बढ़ाकर 345 किए जाने की योजना है। इस विस्तारित सदन में महिलाओं के लिए 114 सीटें आरक्षित होंगी, जो वर्तमान में मात्र 27 महिला विधायकों की तुलना में एक बड़ी छलांग है।सीटों की संख्या बढ़ने के साथ ही सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े में भी बदलाव आएगा। अब राज्य में बहुमत साबित करने के लिए 116 के बजाय 174 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। यह बदलाव न केवल छोटे दलों की भूमिका को प्रभावित करेगा, बल्कि बड़े दलों को भी अपनी चुनावी रणनीति नए सिरे से तैयार करने पर मजबूर करेगा। कैबिनेट का भी होगा विस्तार परिसीमन का असर सिर्फ सदन की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों के मुताबिक, विधानसभा की कुल संख्या का 15% हिस्सा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों की अधिकतम संख्या 35 से बढ़कर 52 हो जाएगी। यानी आने वाले समय में मध्य प्रदेश में मंत्रियों की एक बड़ी फौज नजर आएगी। लोकसभा के मोर्चे पर भी एमपी की ताकत बढ़ेगी। राज्य से लोकसभा सांसदों की संख्या 29 से बढ़कर 43 करने का प्रस्ताव है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर 14 होने की उम्मीद है। यह पूरा ढांचा 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है। विधानसभा सीटें 230 345 +115 बहुमत का आंकड़ा 116 174 +58 महिला विधायक (आरक्षित) 27 (अनुमानित) 114 ऐतिहासिक वृद्धि लोकसभा सीटें 29 43 +14 मंत्री परिषद की क्षमता 35 52 तक +17

नारी वंदन को मिशन-2029 में सोशल क्रांति बनाने की रणनीति, MP भाजपा का बड़ा कदम

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक  में जिसमें संगठनात्मक मजबूती, आगामी कार्यक्रमों और खास तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चर्चा हुई। भारतीय जनता पार्टी इस कानून को वर्ष 2029 के चुनावों में बड़ा “गेम चेंजर” बनाने की दिशा में काम कर रही है। पहली बैठक को औपचारिक माना गया, लेकिन इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और अब जिला व प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तार दिया जाएगा। ताकि संगठन को और मजबूत किया जा सके।  बैठक में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। नेताओं का मानना है कि सरकार की योजनाओं और पार्टी के कार्यक्रमों के बीच तालमेल मजबूत होगा, तो उसका सीधा लाभ जनता तक पहुंचेगा। इस दौरान यह रणनीति भी बनी कि विधायक और सांसद नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण के बड़े कदम के रूप में जनता के बीच प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करेंगे। पार्टी इसे केवल एक कानून के रूप में नहीं, बल्कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में मजबूत करने वाले ऐतिहासिक फैसले के रूप में प्रचारित करने की तैयारी में है। ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी को उसका लाभ मिले।   भाजपा का मानना है कि महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान गेम-चेंजर साबित होगा। इसे केवल एक कानूनी उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति के रूप में जनता के बीच ले जाया जाएगा। सरकार अपनी योजनाओं के जरिए और संगठन अपने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के जरिए हर घर तक यह संदेश पहुंचाएगा कि भाजपा ही महिलाओं की सच्ची हितैषी है। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता के जरिए भेदभाव दूर करने का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा। कोर ग्रुप की यह पहली बैठक थी। इससे पहले आठ सदस्यीय छोटी टोली संगठन ने सत्ता-संगठन में समन्वय के लिए बनाई गई थी। इसके बाद 20 सदस्यों का कोर ग्रुप बनाया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, प्रदेश प्रभारी डा महेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल एवं अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व लोकसभा सदस्य विष्णुदत्त शर्मा, मंत्री संपतिया उइके, लता वानखेड़े, डा नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया और फग्गन सिंह कुलस्ते उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिहार में भाजपा विधायक दल की बैठक के चलते इसमें शामिल नहीं हो सके। साझा अभियान के प्रमुख कार्यक्रम     जन-जागरण पखवाड़ा: मध्य प्रदेश में 25 अप्रैल 2026 तक एक विशेष पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसमें महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकारों जैसे 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।     नारी शक्ति पदयात्रा: आगामी 15 और 16 अप्रैल को प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' निकाली जाएगी। इसके साथ ही महिला कार्यकर्ताओं द्वारा बाइक रैलियों का आयोजन भी किया जाएगा।     सम्मेलन और टाउन हाल: प्रदेश भर में टाउन हॉल कार्यक्रम और सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं (जैसे लाड़ली बहना योजना) और आरक्षण कानून के लाभ बताए जाएंगे। संगठनात्मक तालमेल: सभी मंत्री और पार्टी पदाधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर महिलाओं से सीधा संवाद करेंगे। मिस्ड काल अभियान: अभियान के समर्थन में जनमत जुटाने के लिए एक मिस्ड काल नंबर भी जारी किया गया है, जिसके जरिए लोग इस कानून के प्रति अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं। प्रशिक्षण महा अभियान की भी समीक्षा की कोर ग्रुप की बैठक में भाजपा द्वारा चलाए गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान की भी समीक्षा की गई। मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग संपन्न हो चुके हैं, अब जिले और प्रदेश स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। कहां कितना काम हुआ इसकी रिपोर्ट कोर ग्रुप की बैठक में रखी गई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल व क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।