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सुबह की ये 5 गलत आदतें चुपचाप कमजोर कर रही हैं आपका दिल

आज की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में अगर हम किसी चीज़ को सबसे ज़्यादा नजरअंदाज कर रहे हैं, तो वह है हमारी सेहत. खासकर जब बात हार्ट हेल्थ का ख्याल रखने की आती है, तो हम सबसे ज़्यादा इसे ही अनदेखा करने लगे हैं. आज का यह आर्टिकल उन सभी लोगों के लिए है, जो अपनी हार्ट हेल्थ का बेहतर तरीके से ख्याल रखना चाहते हैं. आज हम आपको सुबह की कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप समय रहते सुधार नहीं लेते हैं, तो इसका आपकी हार्ट हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. तो चलिए जानते हैं सुबह की ऐसी 5 गलत आदतों के बारे में, जो धीरे-धीरे आपके दिल को कमजोर करने का काम कर रही हैं और आपको इस बात का अंदाजा भी नहीं लग रहा है. सोकर उठते ही अचानक से बिस्तर से उठ जाना सुबह जैसे ही हमारी आंख खुलती है, हमारा शरीर एकदम रेस्ट मोड से जागने की स्थिति में आ रहा होता है. ऐसे में कई लोग क्या करते हैं कि अलार्म बजते ही झटके से बिस्तर से उठकर खड़े हो जाते हैं. सच मानिए, यह आदत आपके दिल के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. अचानक ऐसे उठने से ब्लड प्रेशर एकदम से बढ़ जाता है, जिससे दिल पर अचानक बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है. सबसे सही तरीका यह है कि जब भी सुबह आपकी आंख खुले, तो तुरंत हड़बड़ाकर न उठें. कम से कम दो मिनट आराम से बिस्तर पर ही बैठे रहें, शरीर को थोड़ा स्ट्रेच करें और उसके बाद धीरे से उठें. इससे आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन एकदम नॉर्मल रहता है और दिल पर कोई फालतू का लोड नहीं पड़ता. खाली पेट चाय या कॉफी पीना भारत में ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत बेड-टी यानी बिस्तर पर चाय या कॉफी पीने से होती है. लेकिन खाली पेट कैफीन का सेवन करना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. खाली पेट चाय या कॉफी पीने से शरीर में एसिडिटी बढ़ती है और हार्ट रेट तेज हो सकती है. इसके अलावा, आपकी यह आदत आपके ब्लड प्रेशर को भी अचानक से बढ़ा सकता है. सुबह उठकर सबसे पहले एक या दो ग्लास गुनगुना पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेट हो सके, उसके बाद ही कुछ खाना या पीना चाहिए. हैवी और अनहेल्दी ब्रेकफास्ट करना या उसे स्किप कर देना ब्रेकफास्ट हमारे पूरे दिन का सबसे जरूरी डाइट होता है. कुछ लोग समय की कमी के कारण ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं, तो कुछ लोग सुबह-सुबह ही बहुत ज्यादा तला-भुना, कचौड़ी, समोसा या पैक्ड चीजें खा लेते हैं. ये दोनों ही आदतें आपकी हार्ट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं. ब्रेकफास्ट स्किप करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होता है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है. इसकी वजह से दिल की बीमारी का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं, दूसरी ओर, सुबह-सुबह ज्यादा तेल और फैट वाली चीजें खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे दिल की नसें ब्लॉक हो सकती हैं. हद से ज्यादा स्ट्रेस लेना या गुस्सा करना सुबह उठते ही ऑफिस की टेंशन, काम का प्रेशर या किसी बात पर गुस्सा करना आपकी हार्ट हेल्थ को बुरी तरह से बिगाड़ सकता है. जब आप सुबह-सुबह स्ट्रेस लेते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं. ये हॉर्मोन्स दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते हैं. अगर यह रोज की आदत बन जाए, तो समय के साथ आपका दिल कमजोर होने लगता है. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो, तो सुबह के समय खुद को शांत रखने की कोशिश करें. इसके लिए आप थोड़ी देर मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं. फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल भी न करना आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन, रात भर सोने के बाद सुबह हमारे शरीर की नसें और मसल्स थोड़ी टाइट हो जाती हैं. अगर आप सुबह उठकर सीधे कुर्सी या सोफे पर बैठ जाते हैं और कोई फिजिकल मूवमेंट नहीं करते, तो यह आपके दिल के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है. सुबह के समय कम से कम 20 से 30 मिनट की लाइट वॉकिंग, योगा या स्ट्रेचिंग करना बहुत जरूरी है. फिजिकल एक्टिविटी न करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाता है, जिसकी वजह से दिल को काम करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.

ब्रिटेन में 16 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का ऐलान

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है, उन्होंने बताया है कि वह अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने जा रहे हैं. ब्रिटेन अपने इस फैसले की मदद से बच्चों पर सोशल मीडिया की वजह से पड़ने वाले नकारात्मक असर को खत्म करना चाहता है. बीते साल ऑस्ट्रेलिया ने टीनएजर्स और बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बैन किया था. फिर उसके बाद यूरोप समेत कई देशों ने इस फैसले की तारीफ की थी. हाल ही में कनाडा ने भी ऐलान किया था कि वह सोशल मीडिया के लिए नियम बदलने जा रहा है और बच्चों के इस्तेमाल करने को लेकर नियम बदलेगा. ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने कहा- आसान नहीं था फैसला कीर स्टारमर ने आगे बताया है कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं है. कई बड़ी कंपनियां सरकार को अपना फैसला वापस लेने के लिए दबाव डाल रही हैं, लेकिन ये फैसला होकर रहेगा. ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके इस फैसले के बारे में जानकारी दी है और बताया है कि अधिकतर माता-पिता ने उनको बताया है कि उनके बच्चे स्मार्टफोन चलाने का आदि हो चुके हैं. ब्रिटेन प्रधानमंत्री का पोस्ट ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि हम 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को बैन करने जा रहे हैं. आज के दौर में बच्चों को ऐसी दुनिया में खुद को ढालना पड़ रहा है, जहां तकनीक उनकी जिंदगी के हर पहलू में दखल दे रही है. मैं अब इसे और जारी नहीं रहने दे सकता. इसलिए हम बच्चों को उनका बचपन वापस देने जा रहे हैं. टेक कंपनियों को कई नियम लागू करने को कहा ब्रिटेन ने हाल ही के दिनों में टेक कंपनियों के ऊपर दबाव बनाया है. सरकार ने इन कंपनियों से उम्र सत्यापन लागू करने और अपने एल्गोरिद्म में बदलाव करने के लिए के लिए कहा है. साथ ही बच्चों को अश्लील तस्वीर आदि से दूर रखने के लिए नए कदम उठाने को कहा है. ब्रिटेन की सरकार चाहती है की ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर होने वाले लाइव स्ट्रीमिंग को भी बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया जाए.

अंडे की एक्सपायरी डेट जानना जरूरी: खराब अंडा खाने से हो सकता है फूड पॉइजनिंग का खतरा

अंडा प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स का काफी अच्छा सोर्स है. इस कारण फिट रहने वाले लोग, हैवी वर्कआउट वाले लोग और हेल्दी ब्रेकफास्ट करने वाले लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते ही हैं. 1 अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन मिलता है जो रोजाना के प्रोटीन इंटेक को बढ़ाने के लिए काफी होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंडों की भी एक एक्सपायरी डेट होती है? अक्सर लोग मार्केट से अंडे खरीदकर लाते हैं और कई दिनों तक फ्रिज में रखकर खाते रहते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप एक्सपायर्ड या खराब हो चुके अंडे खाते हैं तो यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. तो आइए जानते हैं यदि आपने गलती से एक्सपायरी डेट निकल जाने के बाद खराब अंडा खा लिया तो सेहत को क्या नुकसान हो सकता है. क्या होती है अंडों की एक्सपायरी डेट? यदि आप किसी कंपनी के अंडे खरीदते हैं तो उनकी पैकिंग पर आमतौर पर एक बेस्ट बिफोर या पैक डेट लिखी होती है. हेल्थलाइन का कहना है, रेफ्रिजरेटर में सही तरीके से स्टोर किए गए अंडे पैक होने की तारीख से लगभग 3 से 5 हफ्तों तक बिल्कुल फ्रेश और खाने लायक रहते हैं. इस टाइम पीरियड के बाद भी अंडे खराब नहीं होते, बस उन्हें सही तापमान पर रखा गया हो. हालांकि, कोई भी अंडा हो समय बीतने के साथ अंडों की क्वालिटी, स्वाद और टेक्सचर में बदलाव आने लगता है.   खराब अंडा खाने से सेहत को क्या है खतरा? यदि आपने अनजाने में खराब या एक्सपायर्ड अंडा खा लिया है तो आप फूड पॉइजनिंग का शिकार हो सकते हैं. यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के अनुसार, खराब अंडों में साल्मोनेला बैक्टीरिया पनपने का सबसे ज्यादा चांस होता है. इसे खाने के 12 से 72 घंटों के भीतर शरीर में लक्षण दिखने लगते हैं. प्रभावित व्यक्ति को तेज बुखार, पेट में मरोड़, दस्त (डायरिया) और उल्टी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों और बच्चों में यह इन्फेक्शन ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है.   खराब अंडों को कैसे पहचानें? मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक, अंडा सही है या खराब, इसे चेक करने का सबसे पॉपुलर तरीका फ्लोट टेस्ट है. इसके लिए एक कटोरे में ठंडा पानी भरें और उसमें अंडा डालें. अगर अंडा तली में बैठ जाता है तो वह फ्रेश है. अगर अंडा पानी के ऊपर तैरने लगे तो समझ जाएं कि वह पुराना हो चुका है. इसके अलावा अंडा क्रैक करने पर अगर उसमें से अजीब या गंदी बदबू आ रही है तो उसे तुरंत डस्टबिन में फेंक दें.   स्टोरेज की इन गलतियों से बचें सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की गाइडलाइन के अनुसार, अंडों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही स्टोरेज बहुत जरूरी है. अंडों को कभी भी फ्रिज के दरवाजे में नहीं रखना चाहिए क्योंकि दरवाजा बार-बार खुलने से वहां तापमान बदलता रहता है. अंडों को हमेशा उनके ओरिजिनल कार्टन में रखकर फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से यानी अंदर की शेल्फ पर स्टोर करें जिससे बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोका जा सके.

WhatsApp Web पर ग्रुप वॉयस और वीडियो कॉलिंग फीचर शुरू, 32 लोगों तक का सपोर्ट

WhatsApp ने अपने वेब वर्जन के लिए ग्रुप वॉयस और वीडियो कॉलिंग फीचर पेश कर दिया है. अभी बीटा वर्जन में इसकी टेस्टिंग जारी है, जिसके तहत बिना वॉट्सऐप डेस्कटॉप ऐप और फोन के भी ग्रुप वीडियो कॉलिंग और ग्रुप वॉयस कॉलिंग का सपोर्ट मिलेगा. इसकी जानकारी वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर और अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने शेयर की है. वॉट्सऐप पहले ही वेब वर्जन के लिए पर्सनल चैट पर वॉयस और वीडियो कॉलिंग का सपोर्ट दे चुका है. अभी तक ग्रुप कॉलिंग का फीचर शामिल नहीं किया था. रिपोर्टस के मुताबिक, वॉट्सऐप अपने वेब ग्रुप कॉलिंग सर्विस को एक्सपेंड करने जा रहा है. WhatsApp Web पर 32 लोगों तक का सपोर्ट नया अपडेट मिलने के बाद यूजर्स को लैपटॉप या कंप्यूटर में ब्राउजर की मदद से वॉट्सऐप को ओपन करना होगा. एक बार कॉल बटन दबाने के बाद दो ऑप्शन दिखेंगे, जिसमें वॉयस कॉल और वीडियो कॉल होंगे. यूजर्स अपनी जरूरत के मुताबिक, किसी एक ऑप्शन को चुन सकेंगे. वॉट्सऐप वेब के जरिए वीडियो या वॉयस कॉल में मैक्सिमम 32 लोगों को शामिल किया जा सकेगा. इसकी मदद से ऑफिस मीटिंग आदि भी कर सकते हैं. बार-बार जूम मीटिंग तैयार करने की जरूरत नहीं होगी. सिक्योरिटी का फुल वादा वॉट्सऐप के एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा वेब ग्रुप कॉलिंग पर भी मिलेगी, जिसको लेकर कंपनी पहले ही दावा कर चुकी है कि यह उसका पावरफुल सिक्योरिटी फीचर है. इसकी मदद से यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहता है. आने वाले दिनों में शामिल होंगे ये फीचर्स आने वाले दिनों में वॉट्सऐप की मदद से वेब वर्जन के तहत कॉल लिंक और स्क्रीन शेयरिंग फीचर मिलेगा. इसकी मदद से यूजर्स वेब ग्रुप कॉलिंग के दौरान कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर मौजूद कंटेंट को आसानी से शेयर कर सकेंगे. यूजर्स कॉल के दौरान प्रेजेंटेशन, दस्तावेज़ या अन्य कंटेंट दिखा सकेंगे.

OnePlus N6 लॉन्च: 30 जून को भारत में आएगा नया बजट स्मार्टफोन

OnePlus भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्टफोन OnePlus N6 को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने ऑफिशियली मॉडल की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. यह अपकमिंग मॉडल कंपनी की N-सीरीज का पहला मॉडल होगा. कंपनी का कहना है कि यह सीरीज उन ग्राहकों के लिए लाई जा रही है जो कम कीमत में OnePlus का एक्सपीरियंस चाहते हैं. 30 जून को होगा लॉन्च OnePlus ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि OnePlus N6 को 30 जून को दोपहर 12 बजे भारत में लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन की भी झलक दिखाई है. कैसा होगा डिजाइन? टीजर इमेज के अनुसार, OnePlus N6 में फ्लैट रियर पैनल और फ्लैट फ्रेम दिया जाएगा. फोन के बैक पैनल पर ऊपर राइट साइड स्क्वायर शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा, जिसमें दो कैमरा सेंसर और LED फ्लैश मौजूद होंगे. वहीं, बीच में OnePlus की ब्रांडिंग दी गई है. फोन के राइट साइड पावर बटन और वॉल्यूम कंट्रोल दिए जाएंगे, जबकि बाईं तरफ कोई बटन नहीं होगा. नीचे की तरफ USB Type-C पोर्ट, स्पीकर ग्रिल और सिम ट्रे दी जाएगी. इसके अलावा ऊपर सेकेंडरी माइक्रोफोन भी मिलेगा. डिस्प्ले और कलर ऑप्शन OnePlus N6 में फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा, जिसमें सेंटर पंच-होल कटआउट दिया जाएगा. इसी कटआउट में सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट कैमरा मौजूद होगा. कंपनी इस स्मार्टफोन को ब्लैक और ग्रीन कलर ऑप्शन में लॉन्च करेगी. कीमत कितनी होगी? OnePlus ने रिवील किया है कि नई N-सीरीज के स्मार्टफोन्स की कीमत भारत में 18,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच होगी. यानी यह स्मार्टफोन कंपनी की Nord सीरीज के मुकाबले अधिक किफायती होगा. रिपोर्ट्स की मानें तो N-सीरीज के कुछ मॉडल्स की कीमत 20,000 रुपये से भी कम हो सकती है. ऐसे में यह OnePlus की नई एंट्री-लेवल स्मार्टफोन सीरीज बन सकती है. Amazon पर होगी बिक्री OnePlus N6 की बिक्री भारत में Amazon के जरिए की जाएगी. कंपनी ने इसके लिए माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी है और लॉन्च से पहले लगातार फोन को टीज किया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक स्मार्टफोन के प्रोसेसर, कैमरा स्पेसिफिकेशन, बैटरी और चार्जिंग से जुड़ी जानकारी शेयर नहीं की है. लॉन्च के दौरान फोन की सभी खासियतों और कीमत का खुलासा किया जाएगा.

पुराने स्मार्टफोन बनेंगे मिनी डेटा सेंटर: गूगल का नया कम कार्बन कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट

पुराने स्मार्टफोन को कबाड़ समझने की भूल ना करें, अब ये अहम कंप्यूटिंग सिस्टम बन सकते हैं. दरअसल,  गूगल पुराने स्मार्टफोन को कम कार्बन कंप्यूटिंग क्लस्टर में बदलने की योजना बना रहा है, जिसका खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, कंपनी पुराने स्मार्टफोन के कंप्यूटिंग हार्डवेयर को निकालकर क्लाउड एप्लीकेशन और रिसर्च वर्कलोड के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है. आसान शब्दों में समझें तो कंपनी पुराने स्मार्टफोन के चिप, मेमोरी और स्टोरेज को निकालकर कई हजारों डिवाइस को आपस में जोड़ना चाहती है. ऐसा करके एक छोटे डेटा सेंटर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम से हाथ मिलाया गूगल ने इसके लिए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम से हाथ मिलाया है और उसको तैयार किया है. दोनों मिलकर ये रिसर्च कर रहे हैं कि कैसे हजारों रिटायर्ड स्मार्टफोन्स को नए प्रकार के कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में तब्दील किया जा सकता है. सब कुछ अगर ठीक रहता है तो इस प्रोजेक्ट के तहत आने वाले समय में लगभग 2 हजार पुराने Pixel स्मार्टफोन्स से तैयार किया गया एक डेटा सेंटर के रूप में काम कर सकता है. b गूगल के इस अपकमिंग प्रोजेक्ट को फोन क्लस्टर कंप्यूटिंग का नाम दिया है. ऑफिशियल ब्लॉग में गूगल ने बताया है कि रिसर्चर स्मार्टफोन से डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और बाहरी बॉडी जैसी कैटेगरी में कन्वर्ट कर देगा. फिर मदरबोर्ड बचेगा, जिसमें प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज मौजूद होते हैं. कई स्मार्टफोन के मदरबोर्ड को आपस में कनेक्ट करके उनको Linux ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा. एक बार सभी डिवाइस कनेक्ट होने के बाद इनको क्लस्टर के रूप में लगाया जा सकेगा. सभी डिवाइस को Kubernetes प्लेटफॉर्म के जरिए मैनेज किया जा सकेगा, जो एडवांस्ड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. लगभग 25 से 50 स्मार्टफोन्स का एक क्लस्टर होगा, जो कुछ स्पेशल टास्क के लिए एक मॉडर्न सर्वर के बराबर कंप्यूटिंग पावर जनरेट करने की काबिलियत रख सकता है. रिसर्चर सैकड़ों या हजारों डिवाइसों को आपस में कनेक्ट करके ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहते हैं, जो क्लाउड बेस्ट सर्विस दे सकते हैं. गूगल का क्या है मकसद? गूगल का मानना है कि कंप्यूटिंग का कार्बन फुटप्रिंट मुख्य रूप से दो सोर्स से आते हैं. पहला सिस्टम चलाने के दौरान खर्च होने वाली बिजली और दूसरा नए हार्डवेयर के निर्माण के दौरान. ऐसे में कंपनी पुराने हैंडसेट का इस्तेमाल करके कार्बन को कम करना चाहती है. रिसर्च टीम 2,000 स्मार्टफोन्स का एक कंप्यूटिंग क्लस्टर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसका इस्तेमाल सिस्टम प्रोग्रामिंग और कंप्यूटिंग में किया जाएगा.

अमेरिका का बड़ा फैसला: एडवांस्ड AI मॉडल्स पर विदेशी यूजर्स के एक्सेस पर लगा बैन

अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है और गैर अमेरिकियों के लिए पावरफुल AI मॉडल के एक्सेस को बैन कर दिया है. यह नियम एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 पर लागू होगा. अमेरिका ने एंथ्रोपिक के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल के निर्देश दिए हैं, जो इन मॉडल्स पर लागू होंगे. दरअसल, अमेरिकी सरकार के एक विभाग ने पावरफुल एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 के ग्लोबल एक्सेस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है, जिसकी जानकारी शनिवार को मिली. यह बैन अमेरिका के बाहर के सभी यूजर्स, जिसमें एंथ्रोपिक के विदेशी कर्मचारी भी शामिल हैं. अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, इन मॉडल्स में कुछ ऐसी खामियां हैं, जिनका इस्तेमाल करके हैकर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों का पता लगा सकते हैं और बड़े साइबर हमलों से बच सकते हैं. हैकर्स के हाथ में यह तकनीक पहुंचती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है. भारत और दुनिया के लिए नुकसान एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स पर बैन लगाने के बाद दुनिया के कई देशों को कुछ नुकसान और कई फायदे भी होंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. एडवांस्ड AI टूल का एक्सेस नहीं एंथ्रोपिक का Claude Fable 5 एक पावरफुल AI मॉडल है. इसका इस्तेमाल कोडिंग, ऑटोनॉमस रिसर्च और कई बड़े-बड़े लॉजिकल टास्क को कंप्लीट किया जाता है. बैन होने की वजह से बहुत सी कंपनियों और स्टार्टअप आदि को नुकसान होगा. अमेरिकी कंपनियों को एकतरफा फायदा एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स का एक्सेस अमेरिकी नागरिकों और वहां की कंपनियों को मिलेगा,जिससे उन कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर एक तरफा फायदा देखने को मिलेगा. इनोवेशन से लेकर प्रोडक्टिविटी के मामले में अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा. अमेरिका की बड़ी स्ट्रैटजी का हिस्सा अमेरिका का यह कदम बताता है कि वह अब एडवांस्ड एआई मॉडल्स को सिर्फ एक कमर्शियल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप मानने लगा है. इसकी वजह से विकसित देशों और ग्लोबल साउथ के बीच तकनीकी खाई और गहरी हो सकती है. लोकल टेक इकोसिस्टम में बढ़ेगी इनवेस्टमेंट AI मॉडल पर बैन होने के बाद दुनिया के कई देशों में एक मजबूत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेज होगी. भारत इस दिशा में लंबे समय से काम कर रहा है और अन्य देशों को भी इस दिशा में काम करना शुरू करना पड़ेगा. साइबर सुरक्षा से होगा बचाव अमेरिका खुद एंथ्रोपिक के इन दोनों मॉडल्स को साइबर हमलों के लिए खतरा मानता है क्योंकि ये जरूरी सॉफ्टवेयर की खामियों का पता लगाते हैं. यूं तो कंपनी का दावा है कि इससे खामियां दूर होंगी, लेकिन साइबर स्कैमर्स इन खामियों की मदद से बड़े साइबर अटैक को अंजाम दे सकते हैं.

मूंग दाल इडली रेसिपी: हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर साउथ इंडियन ट्विस्ट

साउथ इंडियन फूड की बात हो और इडली का नाम न आए. ऐसा भला कैसे हो सकता है. इसे समूचे भारत के लोग खूब पसंद करते हैं. लेकिन आमतौर पर घरों में चावल, सूजी या उड़द की दाल का इस्तेमाल करके इडली बनाई जाती है. लेकिन अगर आप इस पारंपरिक स्वाद में एक हेल्दी और न्यूट्रिशियस ट्विस्ट देना चाहते हैं तो जाने-माने सेलिब्रिटी सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर की बताई यह रेसिपी आपके बड़े काम आएगी. कुणाल कपूर ने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब चैनल पर मूंग दाल की इडली बनाने का एक बेहद अनोखा और आसान तरीका शेयर किया था. अगर आप भी घर पर मूंग दाल की इडली बनाते हैं तो यह ना केवल आपको नया स्वाद देगी बल्कि यह प्रोटीन से भी भरपूर होगी जो आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. सामग्री (Ingredients) धुली मूंग दाल: 1 कप (3 घंटे भीगी हुई) दही: 1/2 कप सूजी (रवा): 1/4 कप (बाइंडिंग के लिए) हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट: 1 चम्मच गाजर: 1/4 कप (बारीक कद्दूकस की हुई) हरा धनिया: 2 चम्मच (बारीक कटा हुआ) इनो (फ्रूट साल्ट): 1 छोटी चम्मच नमक: स्वादानुसार तड़के के लिए: 1 चम्मच तेल, 1 चम्मच राई, 1 चम्मच उड़द दाल, 7-8 कढ़ी पत्ता, एक चुटकी हींग. बनाने का तरीका इसके लिए बिना छिलके वाली मूंग दाल को रात भर के लिए भिगो दें. अब इसे धोने के बाद ग्राइंड करना है जिसके लिए पहले इसमें जरा सी दही डालें जो फर्मेंट के काम आती है. इसके बाद इसमें अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ता और नमक डालकर बिना पानी के इसे ग्राइंड करके फाइन पेस्ट बना लें. अब इसमें पानी डालें थोड़ा और फिर ग्राइंड करें. इडली का बेटर तैयार हो गया है.   अब इस इंस्टैंट इडली के लिए सिंपल सा तड़का लगाना है. इसके लिए गर्म तेल में हींग, राई डालें और फिर हल्की सी हल्दी भी डालें. इस तड़के को इडली के बेटर में डाल दें. मूंग दाल की इस इडली में आपको गाजर और हरा धनिया भी डालना है. आप चाहें तो स्किप कर सकते हैं. आखिर में इडली के बेटर में हल्का सा बेकिंग सोडा या इनो मिलाएं. ये दही के साथ मिलकर फर्मेंट करता है और इडली फूली-फूली बनती हैं. अब इडली के मोल्ड को तेल से ग्रीस कर लें. अगर आपके पास ये नहीं हैं तो स्टील की कटोरी में भी इडली बना सकते हैं. इनमें बैटर को डालें और 12 से 15 मिनट तक पकाएं.

आलू के छिलके हैं कमाल: त्वचा, बाल और सेहत के लिए चौंकाने वाले फायदे

आलू एक ऐसी सब्जी है जो हर घर की रसोई में आमतौर पर रोज ही बनती है लेकिन अक्सर हम इसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो रुक जाइए. आलू के ये छिलके असल में आपकी त्वचा और सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, पोटैशियम, आयरन और प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट पाए जाते हैं. आलू के छिलकों के इस्तेमाल से आपकी स्किन को कई फायदे हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि आलू के छिलकों का इस्तेमाल कैसे करना है. 1. चेहरे के दाग-धब्बे और झाइयां होंगी दूर आलू के छिलकों में प्राकृतिक रूप से ब्लीच करने के गुण होते हैं. अगर आपके चेहरे पर धूप के कारण कालापन (टैनिंग), पिंपल्स के दाग या झाइयां हैं, तो आलू के छिलकों को साफ करके सीधे अपने चेहरे पर हल्के हाथों से रगड़ें. इसके बाद छिलकों को चेहरे पर ही 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें. नियमित इस्तेमाल से त्वचा बेदाग और चमकदार हो जाती है. 2. डार्क सर्कल्स में मिलेगी मदद देर रात तक जागने या थकान की वजह से आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों और सूजन को कम करने के लिए आलू के छिलके अचूक दवा हैं. आलू के ताजे छिलकों को थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें ताकि वे ठंडे हो जाएं. इसके बाद इन ठंडे छिलकों को अपनी आंखों पर रखकर 15 मिनट के लिए लेट जाएं. यह आंखों के आसपास के हिस्से को ठंडक देकर काले घेरे पूरी तरह साफ कर देता है. 3. घर पर बनाएं खाद अगर आप चेहरे या बालों पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो इसे फेंकने के बजाय अपने घर के पेड़-पौधों के गमलों में डाल दें. आलू के छिलकों में पोटैशियम, नाइट्रोजन, फास्फोरस और आयरन बहुत ज्यादा मात्रा में होता है. इन छिलकों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उस पानी को पौधों में डाल दें, या फिर छिलकों को सुखाकर मिट्टी में मिला दें. इससे पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. 4. ऑयल कंट्रोल करने में असरदार जिन लोगों की त्वचा तैलीय (ऑयली) होती है, उनके चेहरे पर धूल-मिट्टी जल्दी जमती है और मुंहासे होने लगते हैं. आलू के छिलकों में भरपूर मात्रा में स्टार्च पाया जाता है. इन छिलकों को पीसकर इनका रस निकाल लें और उसमें दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं. यह त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोख लेता है और रोमछिद्रों को गहराई से साफ करता है. 5. बालों को बना सकता है आलू के छिलके सिर्फ त्वचा ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं. एक बर्तन में दो कप पानी लें और उसमें एक कप आलू के छिलके डालकर 10 से 15 मिनट तक अच्छे से उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर ठंडा कर लें. बाल धोने (शैम्पू करने) के बाद इस पानी को अपने बालों और जड़ों में लगाएं. यह सफेद होते बालों को प्राकृतिक रूप से धीरे-धीरे काला करने का एक बेहतरीन घरेलू तरीका है.

कोरियन स्किनकेयर ट्रेंड: कोलेजन बढ़ाने के 5 घरेलू नुस्खे जो स्किन को बनाते हैं ग्लोइंग

 आजकल कोरियन वेब सीरीज और फिल्मों का ही नहीं, बल्कि कोरियन स्किनकेयर का ट्रेंड भी पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है. हर कोई कोरिया के लोगों की साफ, चमकदार और ग्लोइंग स्किन से इंप्रेस होकर अपनी स्किन को वैसा ही बनाना चाहता है. बड़ी उम्र की कोरियन महिलाओं और पुरुषों की स्किन भी ऐसे दमकती रहती है, जैसे वो 25-30 साल के हों. उनकी स्किन पर ना तो झुर्रियां दिखती है और ना ही उनकी स्किन ढीली पड़ती है. इसका सीक्रेट उनके ब्यूटी रूटीन में है. दरअसल, कोरियंस अपने रूटीन में कोलेजन को खास महत्व देते हैं, क्योंकि ये स्किन को टाइट, मुलायम और जवान बनाए रखने में मदद करता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन लेवल कम होने लगता है, जिससे झुर्रियां, ढीलापन और रूखापन नजर आने लगता है. ऐसे में अगर आप भी झर्रियों, झांइयों और स्किन के ढीले पड़ने से छुटकारा पाना चाहते हैं और 60 की उम्र में भी 30 वाला ग्लो चाहते हैं तो आपको अपने ब्यूटी रूटीन में कोलेजन शामिल करना होगा. इसके लिए आपको बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से घर पर ही कोलेजन बढ़ा सकते हैं. 1. बोन ब्रॉथ: कोरियन ब्यूटी का पुराना सीक्रेट कोरिया में बोन ब्रॉथ को अंदर से सुंदरता बढ़ाने वाली ड्रिंक माना जाता है. ये कोलेजन से भरपूर होता है और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद भी साबित होता है. इसे बनाने के लिए आपको चिकन की हड्डियों को एक बड़े बर्तन में डालें. इसमें 2 बड़े चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं. इसके बाद आप इसमें स्वाद और पोषण बढ़ाने के लिए अदरक, लहसुन और प्याज डाल सकते हैं. इसे धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाना होता है, जिससे इसका स्वाद बढ़ता है. जब ये तैयार हो जाए तो आप इसे एक कप रोजाना पिएं. कहा जाता है कि बोन ब्रोथ को रोजाना पीने से स्किन की नमी और इलास्टिसिटी बेहतर हो सकती है. 2. सीवीड और एलोवेरा से बनाएं कोलेजन जेल मास्क आप सीवीड और एलोवेरा को मिलाकर कोलेजन जेल मास्क बना सकते हैं. सीवीड में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में मदद करते हैं. ये कोलेजन जेल मास्क बनाने के लिए आपको सूखे सीवीड को गुनगुने पानी में 10 मिनट के लिए भिगोना होगा. इसके बाद इसे पीसकर पेस्ट बना लें. इसमें 2 चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं. अगर आप चाहते हैं तो इसमें 3-4 बूंद रोजहिप ऑयल भी मिला सकते हैं. अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो इसे चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर रखें और फिर धो लें. इस मास्क का इस्तेमाल हफ्ते में 2 बार किया जा सकता है. 3. राइस वॉटर टोनर इस लिस्ट में अगला नाम राइस वॉटर टोनर का है. ये कोरियन महिलाओं का सबसे पसंदीदा नुस्खा रहा है. चावल का पानी लंबे समय से कोरियन ब्यूटी रूटीन का हिस्सा रहा है. इसमें अमीनो एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है, जो स्किन को ताजगी देने में मदद करते हैं. राइस वॉटर टोनर बनाने के लिए आपको 1 कप चावलों को अच्छी तरह धोना होगा. चावलों को अच्छे से धोने के बाद 2 कप पानी में 30 मिनट तक भिगोकर रखें. पानी को छानकर बोतल में भर लें. इसे फ्रिज में रखें और 3-4 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. चेहरा साफ करने के बाद इसे टोनर की तरह लगाया जा सकता है. 4. कोलेजन स्मूदी स्किन को देगी अंदरूनी पोषण अगर आप सोचते हैं कि बाहरी चीजें लगाकर आपकी स्किन पर ग्लो आ जाएगा, तो आप गलत है. केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी स्किन के लिए बहुत जरूरी है. कोरियंस अपनी स्किन को हेल्दी और जवान बनाए रखने के लिए डाइट में कोलेजन बढ़ाने के लिए स्मूदी शामिल करते हैं. इसे बनाने के लिए आपको 1 कप अनार का जूस, आधा एवोकाडो, 1 बड़ा चम्मच अलसी या चिया सीड्स, थोड़ी सी ब्लूबेरी की जरूरत पड़ेगी. आप इसका स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा शहद डाल सकते हैं. सभी चीजों को ब्लेंड करके सुबह के नाश्ते या स्नैक के रूप में लिया जा सकता है. 5. नाइट कोलेजन पैक रात के समय स्किन खुद को रिपेयर करती है, इसलिए कोरियन स्किनकेयर में नाइट पैक को बेहद खास माना जाता है. नाइट कोलेजन पैक बनाने के लिए आपको 1 अंडे का सफेद हिस्सा चाहिए होगा. अंडे के सफेद हिस्से में आधा चम्मच स्नेल म्यूसिन (ऑप्शनल) मिलाएं. 1 चम्मच शहद डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इसे रातभर लगा छोड़ दें और सुबह गुनगुने पानी से धो लें.