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बोरिंग आउटफिट को दें फैशन ट्विस्ट, स्कार्फ पहनने के ये 7 तरीके आएंगे खूब काम

  सर्दियों में स्कार्फ हर किसी का, खासकर महिलाओं का पसंदीदा एक्सेसरी बन जाता है। यह न सिर्फ आपको ठंड से बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि एकदम सिंपल-सोबर कपड़ों को भी स्टाइलिश बनाने का काम करता है। सबसे अच्छी बात यह है कि स्कार्फ को स्टाइल करने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती। आप बस इसे गले में लपेटकर बाहर निकल सकते हैं, लेकिन अगर आप अपने विंटर लुक में थोड़ा 'फ्लेयर' और कॉन्फिडेंस जोड़ना चाहते हैं, तो इसे वियर करने के कई आसान और फैशनेबल तरीके मौजूद हैं। इस सीजन में अपने वॉर्डरोब को नया रूप देने के लिए, आप स्कार्फ पहनने के लिए यहां बताए 7 ट्रेंडी तरीके आजमाकर देख सकते हैं। द क्लासिक ड्रेप यह सबसे आसान और सदाबहार तरीका है। बस स्कार्फ को अपनी गर्दन के चारों ओर रखें और दोनों सिरों को सामने की ओर खुला लटकने दें। यह स्टाइल वूलन कोट्स और ब्लेजर्स के साथ बहुत अच्छा लगता है। यह आपको एक ही समय में आरामदायक और 'सोफिस्टिकेटेड' लुक देता है, साथ ही आपको गर्म भी रखता है। द स्नग रैप स्कार्फ को एक बार अपनी गर्दन के चारों ओर लपेटें और सिरों को अपनी जैकेट के अंदर टक कर लें। यह स्टाइल आपको बहुत गर्म रखता है और देखने में बहुत साफ-सुथरा लगता है। यह उन दिनों के लिए बेहतरीन है जब आप ऑफिस जा रहे हों या लंबी सर्दियों की यात्रा कर रहे हों। द पेरिसियन लूप अगर आप अपने लुक में थोड़ा यूरोपियन टच देना चाहते हैं, तो यह स्टाइल आपके लिए है। स्कार्फ को बीच से मोड़कर आधा कर लें, इसे अपनी गर्दन के चारों ओर घुमाएं और खुले सिरों को बने हुए लूप के बीच से निकालें। यह स्टाइल बहुत एलिगेंट लगता है और फॉर्मल विंटर वियर या स्ट्रक्चर्ड कोट्स के साथ खूब जंचता है। द रैप-अराउंड यह तरीका बड़े और मुलायम स्कार्फ के लिए आदर्श है। स्कार्फ को अपनी गर्दन के चारों ओर दो या तीन बार ढीला लपेटें ताकि यह एक 'कोकून' जैसा प्रभाव दे। यह वीकेंड्स, कैजुअल आउटिंग या छुट्टियों में घूमने के लिए एकदम सही है, खासकर जब आपने ओवरसाइज्ड कोट या मोटे स्वेटर पहने हों। द बेल्टेड ड्रेप एक स्टाइलिश और 'स्ट्रीट-स्टाइल' लुक के लिए, स्कार्फ को सामने की ओर सीधा गिरने दें और कमर पर एक बेल्ट लगाकर इसे सुरक्षित करें। यह एक बहुत ही अनोखा लेयर्ड इफेक्ट देता है। यह स्टाइल लंबे कोट्स और एक ही रंग के कपड़ों के साथ सबसे अच्छा लगता है। लूज थ्रो-ऑन एक आरामदायक और रिलैक्स्ड लुक के लिए, स्कार्फ को शॉल की तरह अपने कंधों पर डाल लें। यह कैफे डेट्स, ऑफिस के हल्के दिनों या घर से काम करते समय पहनने के लिए बेहतरीन है। यह स्टाइल स्कार्फ के टेक्सचर और सर्दियों के गहरे रंगों को भी अच्छे से उभारता है। टक्ड-इन लुक स्कार्फ को एक बार गर्दन के चारों ओर लपेटें और सिरों को अपने कोट या जम्पर के नीचे सफाई से टक कर लें। यह आपको एक स्लीक और पॉलिश्ड लुक देता है जो पूरे दिन अपनी जगह पर बना रहता है। यह सर्दियों के लिए एक बिना झंझट वाला बेहतरीन ऑप्शन है। सर्दियों में गर्म रहने के साथ-साथ अगर आप अपने वॉर्डरोब में चार चांद लगाना चाहते हैं, तो ये सात तरीके आपके लुक को तुरंत बदल देंगे। ये स्टाइल्स न केवल गर्मी और आराम देते हैं, बल्कि फैशन का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।  

बिना वजह बढ़ रहा वजन और एनर्जी हो रही लो? थायराइड के 7 संकेत न करें नजरअंदाज

आजकल थायराइड बहुत कॉमन समस्या होती जा रही है, लेकिन यह कोई आम बीमारी नहीं, बल्कि एक साइलेंट डिसऑर्डर है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है। यह समस्या अब सिर्फ महिलाओं तक ही नहीं सीमित है, बल्कि पुरुषों में भी तेजी से बढ़ रही है। अक्सर लोग थायराइड के लक्षणों को थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी अनदेखियां आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती हैं। अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं, तो इलाज आसान हो जाता है। आइए जानते हैं थायराइड के मुख्य लक्षणों के बारे में। अचानक वजन का बढ़ना या घटना अगर आप अचानक से मोटे या ज्यादा पतले होने लगे हैं, तो यह थायराइड का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते इसका इलाज कराना जरूरी है। थकान और कमजोरी थायराइड के मुख्य लक्षणों में से एक थकान और कमजोरी भी है। अगर नींद पूरी होने के बावजूद शरीर में एनर्जी नहीं रहती और हर समय सुस्ती बनी रहती है, तो यह थायराइड हार्मोन के असंतुलन की ओर इशारा करता है। दिल की धड़कन का तेज या धीमा होना अगर बिना किसी वजह के दिल तेजी से धड़कने लगे या असामान्य रूप से धीमी धड़कन महसूस हो, तो यह थायराइड की गंभीर संकेत हो सकती है। मूड स्विंग्स और डिप्रेशन थायराइड की समस्या बढ़ने पर बार-बार चिड़चिड़ापन, घबराहट, एंग्जायटी या डिप्रेशन महसूस होने लगता है। कई बार लोग इसे सिर्फ मानसिक तनाव समझ लेते हैं। बालों का झड़ना और स्किन ड्राई थायराइड से पीड़ित लोगों के बाल अचानक से झड़ने लगते हैं और भौंहों के बाल भी पतले हो जाते हैं। वहीं, स्किन रूखी और बेजान दिखने लगती है। अगर ये लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं। ठंड या गर्मी को सहन न कर पाना थायराइड के सबसे आम लक्षणों में से एक शरीर का तापमान बढ़ना या घटना भी है। इसमें आपको बहुत ज्यादा ठंड या हल्की गर्मी में पसीने भी आने लगते हैं। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर का संकेत है। पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं थायराइड में महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, ज्यादा या कम ब्लीडिंग और फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, पुरुषों में भी हार्मोनल असंतुलन देखने को मिलता है।

डायबिटीज बिना लक्षण देती है दस्तक, बचाव के लिए ये तीन जरूरी टेस्ट जरूर कराएं

नई दिल्ली डायबिटीज यानी ब्लड शुगर बढ़े रहने की समस्या सभी उम्र के लोगों में आम होती जा रही है। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली ये समस्या अब 20 से कम आयु वालों को भी अपना शिकार बनाती जा रही है। जिन लोगों के परिवार में जैसे माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों में किसी को हाई शुगर की समस्या रही हो ऐसे लोगों को अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह ही जाती है। डायबिटीज को लेकर चिंता की बात यह है कि शुरुआती स्थिति में इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं, कि लोग समय पर बीमारी की पहचान नहीं कर पाते। अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक सामान्य से अधिक बना रहता है तो इसके कारण धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते शुगर को नियंत्रित करने के उपाय कर लिए जाएं, तो यह कई गंभीर जटिलताओं से बचाव हो सकता है। पर इसके लिए जरूरी है कि आपको अपनी बीमारी के बारे में पता हो। डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते कुछ जांच करा लिए जाएं तो इससे बहुत आसानी से स्पष्ट हो सकता है कि आपको डायबिटीज है या नहीं? या फिर इसका खतरा तो नहीं है? क्या कहते हैं विशेषज्ञ? अमर उजाला से बातचीत में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ वसीम गौहरी कहते हैं, समय पर डायबिटीज की पहचान मौजूदा समय में बहुत जरूरी है क्योंकि ये बीमारी भारतीय आबादी में तेज रफ्तार से बढ़ती जा रही है। डायबिटीज का समय पर इलाज शुरू करने के लिए कुछ जरूरी टेस्ट सभी लोगों को करा लेने चाहिए। अगर आपको डायबिटीज का शक है या परिवार में पहले से किसी को डायबिटीज की दिक्कत रही है तो समय रहते अपनी जांच जरूर कराएं। कुछ जरूरी जांचों से शुगर की समस्या को समय रहते पकड़ा जा सकता है। फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट, पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर टेस्ट और HbA1c टेस्ट से शरीर में शुगर की स्थिति का सही आकलन होता है। फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट शरीर में खाली पेट शुगर के स्तर को मापने में मदद करती है। इस जांच के लिए कम से कम 8 से 10 घंटे तक कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। सामान्य ब्लड टेस्ट से यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर बिना भोजन के शुगर को कितनी अच्छी तरह नियंत्रित कर पा रहा है। पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर टेस्ट पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर टेस्ट भोजन करने के लगभग 2 घंटे बाद किया जाता है। इस टेस्ट से पता चलता है कि खाना खाने के बाद शरीर शुगर को कैसे मैनेज कर रहा है। सामान्य स्थिति में पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर 140 mg/dL से कम होना चाहिए। 180 या उससे अधिक की रीडिंग होने पर डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। HbA1c टेस्ट HbA1c टेस्ट पिछले 2 से 3 महीनों की औसत ब्लड शुगर की जानकारी देता है। डायबिटीज के मरीजों को हर 3 महीने के अंतराल पर ये टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। इस टेस्ट का सामान्य स्तर 5.7 प्रतिशत से कम होना चाहिए। 6.5 प्रतिशत या उससे अधिक होने पर डायबिटीज की पुष्टि होती है। ग्लूकोमीटर और शुगर के अन्य जांच की तुलना में इस टेस्ट को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। इसके लिए फास्टिंग की जरूरत भी नहीं होती और यह रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता। यह टेस्ट डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं के जोखिम को समझने में बेहद उपयोगी साबित होता है।

जिद्दी दाग-धब्बों से छुटकारा पाने का आसान तरीका: चावल का घरेलू नुस्खा

चेहरे के दाग-धब्बे, मुंहासों के निशान या पिगमेंटेशन आजकल एक आम समस्या बन गई है। प्रदूषण, गलत खान-पान और तनाव के कारण त्वचा की चमक फीकी पड़ने लगती है। ऐसे में कई लोग महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्राकृतिक उपाय अक्सर ज्यादा असरदार और सुरक्षित साबित हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है चावल से बनाया गया फेस पैक। सदियों से एशियाई संस्कृतियों में चावल के पानी और आटे का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। आइए जानें कैसे बनाएं चावल का फेस पैक और यह आपकी स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है। चावल फेस पैक बनाने की विधि सामग्री-     1/2 कप चावल (अच्छे से धुले हुए)     2 बड़े चम्मच दही     1 चम्मच शहद     आधा नींबू का रस  बनाने की विधि-     चावल को 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।     इसके बाद चावल को पीसकर महीन पेस्ट बना लें।     इसमें दही, शहद और नींबू का रस मिलाएं।     अच्छी तरह मिलाकर चिकना पेस्ट तैयार कर लें। लगाने का तरीका- चेहरे को अच्छी तरह साफ करके इस पैक को लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें। हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करते हुए धो लें। सप्ताह में 2 बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल फेस पैक के फायदे     दाग-धब्बों को कम करना- चावल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन-बी त्वचा के काले धब्बों, हाइपरपिगमेंटेशन और मुंहासों के निशान को हल्का करने में मदद करते हैं। नींबू का रस विटामिन-सी से भरपूर होता है जो त्वचा को ब्राइटनिंग इफेक्ट देता है।     त्वचा की रंगत में निखार- चावल के पानी में फेरुलिक एसिड और एलेन्टोइन पाया जाता है जो त्वचा को पोषण देकर उसकी रंगत में सुधार लाता है। यह प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम करता है।     त्वचा को कोमल और मुलायम बनाना- चावल में मौजूद स्टार्च त्वचा को मुलायम बनाता है, जबकि शहद प्राकृतिक मॉइश्चराइजर का काम करता है। दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा को एक्सफोलिएट करता है।     ऑयल कंट्रोल- चावल का पैक ऑयली स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को सोख लेता है और पोर्स को साफ रखता है।     एंटी-एजिंग इफेक्ट- चावल में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा पर उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।     त्वचा में कसाव- चावल का पेस्ट त्वचा को टाइट करने में मदद करता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक और ताजगी आती है। इन बातों का रखें ध्यान     अगर स्किन सेंसिटिव है तो नींबू का रस न मिलाएं।     पहली बार इस्तेमाल से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।     पैक लगाने के बाद त्वचा पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।  

सेहत का खजाना है यह आम-सा मसाला, इसके पानी से शरीर को मिलती है जबरदस्त ताकत

 नई दिल्ली हम सुबह उठकर सबसे पहले क्या खाते-पीते हैं, इसका सीधा असर सेहत पर नजर आता है। अजवाइन एक ऐसा भारतीय मसाला है, जो औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। अजवाइन सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। खासकर जब इसे पानी में भिगोकर या उबालकर पिया जाए, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। आप इसे हर मौसम में अपनी डाइट में शामिल करके सेहत में कई बदलाव देख सकते हैं। पाचन तंत्र को रखें दुरुस्त पेट की समस्याओं के लिए अजवाइन का पानी बेहतरीन उपाय है। यह पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। अगर आपको कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, तो सुबह खाली पेट अजवाइन पानी पीना पेट को साफ और हल्का बनाता है। वजन कम करने के लिए अच्छा अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो अजवाइन का पानी बेहतरीन ऑप्शन है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे कैलोरी जल्दी बर्न होती है और शरीर हल्का महसूस होता है। शरीर से निकलते हैं टॉक्सिन्स अजवाइन पानी एक तरह का नेचुरल डिटॉक्सिफायर है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। हार्मोन और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद ब्लड शुगर और हार्मोन बैलेंस को कंट्रोल करने के लिए अजवाइन पानी पिएं। यह डायबिटीज और हार्मोनल इंबैलेंस से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। सूजन की परेशानी में राहत अजवाइन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका पानी पीने से हाथ या पैरों के सूजन से राहत पा सकते हैं। साथ ही, यह बैक्टीरिया और वायरस को रोकने की क्षमता रखता है। त्वचा और बालों के लिए अच्छा अजवाइन का पानी शरीर को अंदर से साफ करता है, जिससे त्वचा की डेड स्किन हटती है और नेचुरल ग्लो आता है। बालों के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। यह ड्राईनेस कम करता और नए बालों को मजबूत बनाता है। अजवाइन पानी कैसे बनाएं?     1-2 चम्मच अजवाइन लें।     रातभर पानी में भिगो दें या हल्का उबालें।     सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं।     स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू या शहद मिला सकते हैं।  

सोने से पहले कब करें डिनर? आयुर्वेद ने बताया आदर्श समय

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में देर रात खाना खाना और उसके तुरंत बाद सो जाना आम आदत बन गई है। कभी काम की व्यस्तता तो कभी मोबाइल और टीवी की वजह से लोगों को समय का ध्यान ही नहीं रहता। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रात के खाने का समय आपकी नींद, पाचन और कुल सेहत पर सीधा असर डालता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा, दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि खाने और सोने के बीच पर्याप्त अंतर होना जरूरी है। सोने से कितनी देर पहले खाना चाहिए? आयुर्वेद के अनुसार, बेहतर पाचन और अच्छी नींद के लिए रात का खाना सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए। इससे भोजन को पचने का पूरा समय मिलता है और गैस, एसिडिटी व सीने में जलन जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या GERD की शिकायत रहती है, उनके लिए यह अंतर 3 घंटे या उससे ज्यादा रखना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप रात 10 बजे सोते हैं तो 7–8 बजे तक खाना खा लेना बेहतर है। खाने और सोने के बीच अंतर क्यों जरूरी है? खाना खाने के बाद शरीर पाचन प्रक्रिया में लगा रहता है और उसे समय चाहिए। तुरंत लेटने से पाचन प्रभावित होता है और पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकार की समस्या हो सकती है। पेट हल्का रहने पर नींद गहरी आती है, शरीर को सही तरीके से आराम मिलता है और वजन बढ़ने का खतरा भी कम रहता है। रात में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? रात के समय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए, जैसे उबली या हल्की पकी सब्जियां, दाल, खिचड़ी, थोड़ी मात्रा में रोटी या चावल, हल्का गर्म दूध और सीमित मात्रा में सूखे मेवे। वहीं तला-भुना, ज्यादा मसालेदार खाना, मिठाइयां, कैफीन वाली चीजें और भारी फल खाने से बचना चाहिए। सही समय और सही भोजन अपनाकर नींद और सेहत दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।

iPhone लेने का सुनहरा मौका! ‘Apple Days Sale’ शुरू, iPhone 17 Pro हुआ सस्ता

नई दिल्ली  अगर आप लंबे समय से Apple के सबसे प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 Pro को अपना बनाने का सपना देख रहे हैं, तो अब अपनी जेब ढीली करने का सही समय आ गया है। मशहूर रिटेलर विजय सेल्स ने आज से अपनी बहुप्रतीक्षित ‘Apple Days Sale’ की शुरुआत कर दी है। इस सेल की सबसे हॉट डील iPhone 17 Pro पर मिल रही है, जहाँ फ्लैट डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स को मिलाकर आप भारी बचत कर सकते हैं। ₹1.35 लाख वाला फोन अब ₹1.25 लाख के करीब Apple ने जब अपनी फ्लैगशिप iPhone 17 सीरीज लॉन्च की थी, तब इसके प्रो मॉडल (बेस वेरिएंट) की शुरुआती कीमत ₹1,34,900 रखी गई थी। लेकिन विजय सेल्स की इस स्पेशल सेल में बिना किसी तामझाम के, आपको सीधे ₹9,410 का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है। इसके बाद फोन की प्रभावी कीमत गिरकर ₹1,25,490 रह जाती है। बैंक ऑफर्स का तड़का: ₹5000 की अतिरिक्त बचत फ्लैट डिस्काउंट के ऊपर विजय सेल्स ने कई बैंकों के साथ हाथ मिलाया है, जिससे आपकी बचत और बढ़ जाती है:     ICICI बैंक: क्रेडिट और डेबिट कार्ड EMI ट्रांजेक्शन पर ₹5,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट।     HDFC बैंक: क्रेडिट कार्ड EMI पर ₹4,500 तक की छूट।     SBI और IDFC First बैंक: इन कार्ड्स पर भी ₹4,000 तक का डिस्काउंट और No-Cost EMI की सुविधा उपलब्ध है।     कुल मिलाकर: अगर आप सभी ऑफर्स का सही इस्तेमाल करते हैं, तो आप इस लेटेस्ट आईफोन पर ₹14,000 से ज्यादा की कुल बचत कर सकते हैं। क्यों खास है iPhone 17 Pro? महज डिस्काउंट ही नहीं, यह फोन अपनी परफॉर्मेंस के दम पर भी मार्केट में छाया हुआ है। इसके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं:     A19 Pro चिपसेट: यह Apple का अब तक का सबसे एडवांस और पावरफुल प्रोसेसर है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग को मक्खन जैसा स्मूथ बनाता है।     एडवांस AI फीचर्स: इसमें नए 'Apple Intelligence' का सपोर्ट मिलता है जो आपके डेली टास्क को आसान बनाता है।     प्रो-डिस्प्ले: इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट वाली सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दी गई है।     प्रो-कैमरा: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें 48MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जो सिनेमैटिक लेवल की वीडियो और फोटो कैप्चर करता है। देर न करें, स्टॉक सीमित है! विजय सेल्स की यह सेल साल के अंत तक या स्टॉक रहने तक चलेगी। ऐसे में अगर आप नए साल की शुरुआत एक नए आईफोन के साथ करना चाहते हैं, तो यह मौका हाथ से न जाने दें। आईफोन के अलावा ऐपल वॉच, आईपैड और मैकबुक पर भी शानदार ऑफर्स उपलब्ध हैं।

जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने बदला खेल: AI के 4 ऐतिहासिक बदलाव

नई दिल्ली 2025 का साल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया। साल की शुरुआत में AI को लोग एक स्मार्ट टूल की तरह देखते थे। लेकिन दिसंबर आते-आते यह एक बड़ी ताकत बन गया, जो इंटरनेट के ट्रैफिक, जॉब मार्केट, नियम-कानून और देशों की ताकत को प्रभावित करने लगा। अब दुनियाभर में इस पर चर्चा हो रही है कि AI को कैसे कंट्रोल किया जाए, ताकि यह तबाही न मचा सके। साथ ही इस पर बहस हो रही है कि गलती होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। बहरहाल, इस साल ऐ बदलावों ने एआई को घर-घर में पहुंचा दिया। चलिए, जान लेते हैं कि इस साल AI की दुनिया में कौनसे बड़े बदलाव आए जिन्होंने चौंकाया। ताकतवर AI मॉडल लॉन्च हुए इसी साल OpenAI ने अगस्त में GPT-5 लॉन्च किया, जो सबसे ताकतवर मॉडल था। इसमें 'बिल्ट-इन थिंकिंग' फीचर था। इसके अलावा, एंथ्रोपिक ने मई में Claude 4 जारी किया, जिसमें बेहतर सोचने, कोडिंग करने और निर्देशों को फॉलो करने की क्षमता है। अब AI सिर्फ जवाब देने वाला नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर में असिस्टेंट की तरह काम करने लगा। AI इमेज-वीडियो ट्रेंड आए इस साल गूगल का नैनो बनाना टूल भी आया। इसमें प्रॉम्प्ट डालकर लोगों ने मन मुताबिक तस्वीरें बनाईं। विशेषकर, साड़ी वाला ट्रेंड खूब पॉपुलर हुआ। इसका इस्तेमाल कर लोगों ने विंटेज लुक अपनाया। इसी तरह से गिबली ट्रेंड भी लोगों ने इस्तेमाल किया। ताजा ट्रेंड सेलिब्रिटीज के साथ सेल्फी वीडियो बनाने का है। ये ट्रेंड लोगों में खूब मशहूर हुए। AI रोबोट बनाने लगी दुनिया इस साल एआई रोबोट्स सबसे ज्यादा चलन में देखने को मिले। जो कार कंपनियां गाड़ी बनाती थीं, वे अब एआई रोबोट भी बनाने लगी है। इसके अलावा, एलन मस्क की कंपनी भी ऑप्टिमस रोबोट बना रही है, इन्हें दुनिया के सामने रखा भी। इसी तरह चीन में भी UBTECH और Unitree जैसी दिग्गज कंपनियां एआई रोबोट बना रही हैं। चीन ने वियतनाम बॉर्डर पर एआई रोबोट तैनात करने का फैसला भी किया है। CES 2026 में दुनिया भर के ताकतवर एआई रोबोट्स की नुमाइश भी होने वाली है। मल्टीमॉडल और जेनरेटिव एआई की प्रगति एआई मॉडल्स अब टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और ऑडियो को एक साथ हैंडल कर रहे हैं, जिससे नेचुरल इंटरैक्शन और कंटेंट क्रिएशन आसान हुआ। जेनरेटिव एआई क्रिएटिव कामों, बिजनेस ऑटोमेशन और एज एआई में प्रमुख ट्रेंड रहा।

Google का बड़ा अपडेट: Gmail ID बदलने का मिलेगा ऑप्शन, खत्म होगी पुरानी परेशानी

 नई दिल्ली अगर आपने कभी सोचा है कि काश अपनी Gmail ID बदल पाते, तो आप अकेले नहीं हैं. करोड़ों लोग सालों से इसी परेशानी में फंसे हुए थे. स्कूल या कॉलेज के ज़माने में बनाई गई अजीब-सी ID, गलत स्पेलिंग वाला नाम, या ऐसा ईमेल जो आज के प्रोफेशनल लाइफ में अटपटा लगता है, लेकिन बदल नहीं सकते थे. वजह साफ थी, Gmail ने कभी यूज़रनेम बदलने का ऑप्शन दिया ही नहीं. अब यही कहानी बदलने वाली है. गूगल ऐसे फीचर पर काम कर कर रहा है, जिससे यूज़र अपने @gmail.com वाले ईमेल एड्रेस को बदल पाएंगे, वो भी बिना नया अकाउंट बनाए और बिना पुराना डेटा खोए. यानी आपकी सारी मेल, फोटोज़, ड्राइव फाइल्स, यूट्यूब अकाउंट, सब कुछ वहीं रहेगा. बस आपका ईमेल नाम अपडेट हो जाएगा. यह बदलाव छोटा नहीं है. असल में यह Gmail के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे लंबे समय से मांगा जा रहा फीचर माना जा रहा है. अब तक दिक्कत ये थी कि अगर किसी को अपनी Gmail ID बदलनी होती थी, तो उसे पूरा नया अकाउंट बनाना पड़ता था. फिर शुरू होता था सिरदर्द. बैंक, UPI, सोशल मीडिया, ऑफिस टूल्स, सरकारी वेबसाइट, सब जगह नया ईमेल अपडेट करना. कई लोग इसी झंझट की वजह से सालों तक अपनी बचपन वाली ID ढोते रहते थे. अब Google इसी परेशानी को खत्म करने की तैयारी में है. चुन सकेंगे नया यूजरनेम नए सिस्टम के तहत यूज़र अपने मौजूदा Google अकाउंट के अंदर ही नया Gmail एड्रेस चुन पाएंगे. खास बात यह है कि पुराना ईमेल पूरी तरह बंद नहीं होगा. वह एक तरह से बैकअप या एलियस की तरह काम करता रहेगा. यानी अगर कोई आपके पुराने पते पर मेल भेजेगा, तो वह भी उसी इनबॉक्स में पहुंच जाएगा. मतलब पहचान बदलेगी, लेकिन कनेक्शन नहीं टूटेगा. हालांकि Google इस फीचर को पूरी तरह खुला नहीं छोड़ रहा. गलत इस्तेमाल और फर्जी पहचान से बचने के लिए कुछ सीमाएं भी रखी जा रही हैं. जैसे एक बार ईमेल बदलने के बाद तुरंत दोबारा बदलाव की परमिशन नहीं होगी. तय समय का गैप होगा. इसके अलावा एक अकाउंट में सीमित बार ही ईमेल बदला जा सकेगा. यानी यह सुविधा बार-बार नाम बदलने के लिए नहीं बल्कि सही वजह के लिए दी जा रही है. नाम बदल सकते थे, यूजरनेम नहीं एक और बात जो साफ की जा रही है, वो यह कि Gmail का डिस्प्ले नेम बदलना और असली ईमेल एड्रेस बदलना, दोनों अलग चीज़ें हैं. डिस्प्ले नेम तो पहले से बदला जा सकता था, लेकिन असली @gmail.com वाला पता अब तक फिक्स रहता था. नया फीचर इसी असली पते को बदलने की सुविधा देगा. इस बदलाव का असर सिर्फ पर्सनल यूज़र्स तक सीमित नहीं रहेगा. प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर, कंटेंट क्रिएटर्स और वो लोग जिन्होंने सालों पहले बिना सोचे-समझे कोई अजीब ID बना ली थी, उनके लिए यह एक तरह से डिजिटल रीब्रांडिंग जैसा मौका होगा. हालांकि ये ऑफिशिल नहीं है, लेकिन Google के सपोर्ट सेक्शन में इससे जुड़े साइन्स दिखने लगे. कई लीक्स में भी स्क्रीनशॉट्स शेयर किए जाने लगे हैं. यानी कुछ लोगों को ये ऑप्शन दिख रहा है. माना जा रहा है कि कंपनी इसे धीरे-धीरे अलग-अलग देशों में रोलआउट करेगी, ताकि सिक्योरिटी और मिसयूज पर कंट्रोल रखा जा सके. अभी तक Google ने आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है,लेकिन इतना साफ है कि यह फीचर अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय की तैयारी के बाद आ रहा है.

डायबिटीज मरीज हो जाएं अलर्ट! एक्सपर्ट ने बताया हार्ट अटैक का बड़ा रिस्क

देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह केवल ब्लड शुगर की समस्या तक सीमित नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज धीरे-धीरे शरीर के कई अहम अंगों को प्रभावित करती है, खासकर हार्ट को। World Heart Federation की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक और अन्य हार्ट संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर शुरुआती संकेतों को मरीज समझ नहीं पाते, जिससे समस्या गंभीर हो सकती है। आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, लंबे समय तक उच्च ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचाता है। इससे हार्ट तक खून पहुंचाने वाली नसें कमजोर और संकरी हो सकती हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी आमतौर पर डायबिटीज मरीजों में जुड़ी रहती हैं, जो जोखिम और बढ़ा देती हैं। डॉ. गिरि बताते हैं कि डायबिटीज के कारण शरीर में सूजन और फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप नसें सख्त हो सकती हैं। इसके अलावा, कई बार हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण डायबिटीज मरीजों में साफ नजर नहीं आते, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता। लक्षणों में अक्सर सीने में तेज दर्द की जगह हल्का दबाव, जलन या असहजता महसूस होना, सांस फूलना, अचानक थकान, चक्कर आना या पसीना आना शामिल हैं। कुछ मरीजों को जबड़े, गर्दन, कंधे या बाएं हाथ में दर्द भी महसूस हो सकता है। डायबिटीज के कारण नसों की संवेदनशीलता कम हो जाने से ये संकेत अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज मरीजों को हार्ट अटैक से बचाव के लिए अपनी लाइफस्टाइल पर खास ध्यान देना जरूरी है। ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल स्तर पर नजर रखना, तनाव कम करना और पर्याप्त नींद लेना इसके लिए अहम कदम हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी असामान्य लक्षण या बदलाव को अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि समय पर इलाज ही डायबिटीज मरीजों के लिए हार्ट अटैक के खतरे को कम करने का सबसे कारगर तरीका है।