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LG का नया OLED TV, मोबाइल जितनी पतली थिकनेस और शानदार फीचर्स, CES 2026 में हुआ लॉन्च

 नई दिल्ली  LG ने एक कमाल का OLED TV लॉन्च कर दिया है, जिसको लेकर कंपनी ने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे स्लिम OLED टीवी है. इसको कंपनी ने कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक शो (CES) 2026 के लिए लॉन्च किया है.  LG के इस मॉडल का नाम LG OLED evo W6 है, इसके लिए कंपनी ने LG के वॉलपेपर डिजाइन का यूज किया है, जिसको सबसे पहले साल 2017 में इंट्रोड्यूस्ड किया था. अब इस टेक्नोलॉजी को ट्रू वायरलेस कनेक्टिविटी के साथ मिलाकर बनाया गया है.  9mm थिकनेस के साथ आता है LG का यह लेटेस्ट टीवी 9mm थिकनेस के साथ आता है, जबकि सैमसंग गैलेक्सी एस 24 एफई की थिकनेस 8mm की है. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस टीवी की थिकनेस करीब एक स्मार्टफोन के बराबर है.  पोर्ट्स के लिए अलग से जीरो कनेक्ट बॉक्स मिलेगा LG ने इस टीवी को लेकर एक अन्य दावा यह भी किया है कि यह कंपनी का सबसे एडवांस्ड पिक्चर इनोवेशन है. कंपनी ने इसको वायरलेस बनाने के लिए सभी पोर्ट्स को Zero Connect Box में शिफ्ट कर दिया है, जिसको टीवी से 10 मीटर तक रखा जा सकता है, जिसकी वजह से यह टीवी सभी वायर से दूर रहता है. न्यू डिस्प्ले सिस्टम का यूज किया गया है  LG के इस न्यू टीवी में न्यू डिस्प्ले सिस्टम का यूज किया गया है, जिसको रेडियंट कलर टेक्नोलॉजी का नाम दिया है. यह टेक्नोलॉजी ब्राइटनेस और कलर को बेहतर करती है, जिसकी वजह से रिफ्लेक्शन डाउन होता है.  पुराने OLED मॉडल की तुलना में कई गुना ज्यादा ब्राइट LG ने इसको लेकर एक अन्य दावा किया है कि पुराने OLED मॉडल की तुलना में 3.9 गुना ज्यादा ब्राइट हैं. इसके लिए कंपनी ने Brightness Booster Ultra फीचर का यूज किया है. LG टीवी के स्पेसिफिकेशन्स  LG के इस टीवी में 4K रेजोल्युशन और 165Hz रिफ्रेश रेट्स का सपोर्ट मिलेगा. इसमें 0.1ms पिक्सल रिस्पोंस टाइम मिलता है. इसमें एनवीडिया G-SYNC कंपेटेबिलिटी, AMD FreeSync प्रीमियम और ऑटो लो लेटेंसी का सपोर्ट मिलता है.  LG TV में यूज होने वाला प्रोसेसर  LG के इस लेटेस्ट टीवी में Alpha 11 AI Processor Gen3 प्रोसेसर का यूज किया गया है, जिसके साथ Neural Processing Unit (NPU) दिया है. यह पुराने वर्जन की तुलना में 5.6 गुना ज्यादा पावरफुल वर्जन है. यह टीवी webOS पर काम करता है. हालाकि कीमत को लेकर कोई जानकारी नहीं है.   

बैकफुट पर एलन मस्‍क! भारत सरकार की सख्‍ती के बाद Grok AI के दुरुपयोग पर सख्‍त संदेश

नई दिल्ली एलन मस्‍क के ग्राेक एआई की मदद से लोगों की आपत्त‍िजनक तस्‍वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार के सख्‍त रवैये के बाद मस्‍क भी ऐसे मामलों पर बैकफुट पर द‍िखाई दे रहे हैं। शुरुआत में ऐसी तस्‍वीरों पर मजाक‍िया प्रतिक्र‍िया देने वाले मस्‍क अब कानून की दुहाई दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा है कि Grok AI का इस्तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाने वालों को वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने वालों को मिलती है। याद रहे कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म X से 72 घंटों के अंदर पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। क्‍या है पूरा मामला एलन मस्‍क के सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स (X) पर बीते कई दिनों से महिलाओं की अश्‍लील तस्‍वीरें बनाई जा रही थीं। हद तो तब हो गई जब एक यूजर ने एआई की मदद से मस्‍क की बिकनी पहने हुए तस्‍वीर बनाई और उसे पोस्‍ट किया। इस पोस्‍ट पर गंभीरता बरतने के बजाए मस्‍क मजे लेते हुए नजर आए, जिसने कई लोगों को गुस्‍से से भर दिया। पूरे मामले पर राज्‍यसभा सदस्‍य प्रि‍यंका चतुर्वेदी ने भी केंद्रीय मंत्री अश्चिनी वैष्‍णव को चिट्ठी लिखकर एक्‍शन लेने की मांग की थी, जिसके बाद सरकार की तरफ से एक्‍स को नोटिस भेजकर 72 घंटों में जवाब देने काे कहा गया कि कंपनी ने इस मामले में क्‍या कार्रवाई की है। कानूनी कार्रवाई का डर सरकार ने एक्‍स से कहा था कि वह अपने प्‍लेटफॉर्म से सभी आपत्‍त‍िजनक कंटेंट को हटाए। ऐसा नहीं किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक्‍स को कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा था। X पर पोस्‍ट हो रहे ऐसे कंटेंट पर एलन मस्‍क ने प्रतिक्र‍िया देते हुए लिखा (ref.) कि जो भी ग्रोक का इस्‍तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाता है उसे वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने पर मिलती है। यह भी कहा गया था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक गलत तस्‍वीरें बना रहा है। यह ऐसा है कि किसी मामले में कुछ बुरा लिखने के लिए पेन को दोषी ठहराया जाए। पेन खुद यह तय नहीं करता कि क्‍या लिखा जाए। ग्रोक भी यही करता है। जो उससे कहा जाता है, वही वो करता है। पहले भी विवादों में रहा है ग्रोक एआई चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी एआई के मुकाबले ग्रोक एआई अपने जवाबों से विवादों में रहा है। प‍िछले साल उसने तमाम नेताओं और मंत्र‍ियों को कोसा था। यहां तक कि उनके लिए गाली और अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल किया था। तब भी ग्रोक एआई को लेकर विवाद हुआ था। अपने विवादित बयानों में Grok, इस्राइल और अमेरिका पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगा चुका है। Grok ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत और एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स का हवाला दिया। इसके अलावा Grok ने ट्रंप को इशारों ही इशारों में पीडोफाइल तो नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल बता दिया था।

BlackBerry की तरह डिजाइन और iPhone के फीचर्स, लॉन्च हुआ नया स्मार्टफोन

 नई दिल्ली एक वक्त था जब मार्केट में BlackBerry के स्मार्टफोन्स को बिजनेस क्लास का फोन माना जाता था. कंपनी के एक के बाद एक मॉडल्स हिट हो रहे थे. लोगों की चाहत हुआ करती थी कि एक दिन वे ब्लैकबेरी खरीदेंगे. हालांकि, कंपनी एंड्रॉयड और iPhone के एंट्री के बाद मार्केट से गायब हो गई है.  एक बार फिर BlackBerry जैसा ही एक स्मार्टफोन मार्केट में लॉन्च हुआ है. हम बात कर रहे हैं Clicks Communicator की. Clicks स्मार्टफोन्स के लिए कीबोर्ड केस बनाती है. खासकर ऐपल और फ्लिप फोन्स के लिए कंपनी ने केस बनाया है, जो कीबोर्ड्स के साथ आते हैं. कितनी है कीमत? अब ब्रांड ने अपना पहला स्मार्टफोन लॉन्च किया है, जिसका नाम Communicator है. ये एक कीबोर्ड वाला फोन है, जो किसी समय में काफी पॉपुलर हुआ करते थे. इस फोन को अनवील करते हुए कंपनी एक बार फिर Blackberry वाला दौर वापस लाना चाहती है, लेकिन ये सब एक मॉर्डन ट्विस्ट के साथ आएगा. हालांकि, कंपनी इस फोन को सिर्फ रेगुलर स्मार्टफोन के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं लाना चाहती है. बल्कि कंपनी का फोकस एक कंपैनियन फोन देना है, जो जरूरी फीचर्स पर फोकस करे. इसमें BlackBerry जैसा डिजाइन और iPhone के एक्शन बटन जैसा फीचर मिलता है. Clicks Communicator को 499 डॉलर (लगभग 45 हजार रुपये) की कीमत पर लॉन्च किया गया है. इस फोन को 199 डॉलर में रिजर्व किया जा सकता है. फोन का अर्ली बर्ड प्राइस 399 डॉलर (लगभग 36 हजार रुपये) है. इस पर उन लोगों को फोन मिलेगा, जिन्हें इसे रिजर्व किया होगा.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Clicks Communicator में बैकलिट, टच सेंसिटिव QWERTY कीबोर्ड मिलता है, जो स्क्रॉलिंग भी सपोर्ट करता है. फोन में USB-C, 3.5mm हेडफोन जैक, MicroSD कार्ड स्लॉट मिलते हैं. इसमें Airplane Mode के लिए एक स्पेशल बटन दी गई है. साथ ही एक प्रोग्रामेबल साइड बटन मिलती है (ये फीचर iPhone के एक्शन बटन जैसा है).  फोन में डुअल सिम सपोर्ट (फिजिकल और eSIM) मिलता है. इसमें 4.03-inch का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. डिवाइस को पावर देने के लिए 4000mAh की बैटरी दी गई है. इसमें 50MP का रियर और 24MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. MediaTek 5G प्रोसेसर के साथ आता है. फोन Android 16 पर काम करता है. इसके कवर को आप बदल सकते हैं.  

iPhone Fold: Apple का पहला फोल्डेबल फोन इस साल लॉन्च, जानें क्या होंगे इसके नए फीचर्स

मुंबई  ऐपल के फोल्डेबल iPhone का इंतजार ऐपल फैंस को काफी समय से है. हालांकि सैमसंग इस स्पेस में नंबर-1 है, लेकिन इस साल इक्वेशन बदल सकता है. वजह ये है कि इसी साल Apple iPhone Fold ला सकता है. कंपनी ने हालांकि फोल्ड को लेकर कोई हिंट नहीं दिया है, लेकिन टिप्सटर और एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस साल कंपनी अपना पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन लेकर आएगी. 2026 ऐपल की हिस्ट्री का एक बड़ा साल हो सकता है. क्योंकि इस साल ना सिर्फ फोल्डेबल बल्कि कंपनी AI ग्लासेसज भी लॉन्च कर सकती है. Apple के AI ग्लासेज के प्रोटोटाइप पहले भी देखे गए हैं और कुछ लीक्स भी सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक iPhone Fold में 5.25 इंच की कवर स्क्रीन दी जाएगी, जबकि इंटर्नल डिस्प्ले 7.6 इंच की होगी. दोनों ही AMOLED पैनल होंगे. हालांकि ये भी बताया जा रहा है कि फोल्डेबल आईफोन में Face ID नहीं होगा. वजह ये है कि कंपनी इसे पतला बनाना चाहेगी. गौरतलब है कि सैमसंग ने अब तक सबसे पतला फोल्डेबल स्मार्टफोन Galaxy Fold 7 के रूप में लॉन्च किया है. ये फोन अनफोल्ड करने के बाद Apple के सबसे पतले iPhone Air से भी थिन है. इसलिए ऐपल पर एक दबाव ये भी है कि कंपनी पतला फोल्डेबल फोन लेकर आए. इसलिए कंपनी फोल्डेबल फोन को पतला करने के लिए Face ID हटा सकती है. ऑथेन्टिकेशन के लिए इस फोन में टच आईडी देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल अपने फोल्ड के लिए टाइटैनियम और स्टेनलेस स्टील का मिक्स यूज कर सकता है. इस फोन में क्वॉड कैमरा सेटअप देखने को मिल सकता है. प्राइमरी लेंस 48 मेगापिक्सल का हो सकता है और प्राइमरी डिस्प्ले पर अंडर डिस्प्ले कैमरा दिया जाएगा.   

ठंड के मौसम में दिल की सेहत पर मंडराता खतरा, हार्ट अटैक से बचाएंगे ये 5 योगासन

सर्दियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। सर्दियों में जुकाम, खांसी, बुखार और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं होना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते यहीं कि सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। जी हां, कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि सर्दी का मौसम दिल की सेहत के लिए काफी कठिन होता है। दरअसल, सर्दियों में तापमान में गिरावट, सर्द हवाएं, नमी और एयर प्रेशर में बदलाव के कारण दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती हैं, जिससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है हार्ट को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसे में, बेहद जरूरी है कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए सही कदम उठाएं जाएं। हार्ट अटैक से बचाव के लिए आपको अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा, कुछ योगासन भी हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिल को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं। ताड़ासन इस योगासन को करने के लिए जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं। इस दौरान अपनी कमर को सीधा रखें और आपके पैर आपस में जुड़े होने चाहिए। अब हाथ जोड़ने की मुद्रा में खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपने हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। अब अपनी एड़ियों पर उठने की कोशिश करें और शरीर का भार अपने निचले हिस्से पर डालें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं। भुजंगासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें। अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं। उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें। अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं। इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं। वीरभद्रासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अब अपने दोनों पैरों 2-3 फीट की दूरी पर रखें। फिर अपने सीधे पैर को आगे लेकर आए और उल्टे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। इस दौरान हाथों को 180 डिग्री पर फैला कर रखें। इस अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें। फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं। अर्ध मत्स्येन्द्रासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें। दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें। बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें। अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें। धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं। इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं। धनुरासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को सीधा रखें। अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें। अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं। अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें। अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।

जायफल से ब्यूटी के कमाल: चेहरे से बालों तक दिखेगा असर

बढ़ती उम्र में भी स्किन को यूथफुल बनाने के लिए जायफल का इस्तेमाल दही व शहद के साथ करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए जायफल के पाउडर में दही व शहद मिलाकर एक फाइन पेस्ट बनाएं। जायफल की खुशबू किसी भी व्यजंन को पूरी तरह बदलने का माद्दा रखती है। यूं तो लोग केवल सलेक्टेड डिशेज में ही जायफल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर इसका इस्तेमाल स्किन केयर में किया जाए तो इससे बहुत से पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलते हैं। इतना ही नहीं, इसकी मदद से कई तरह की स्किन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में…   स्किन को करें एक्सफोलिएट स्किन में नेचुरली ग्लो लाने के लिए सबसे पहले डेड स्किन सेल्स को बाहर निकाल कर उसे एक्सफोलिएट करना जरूरी होता है। इसमें जायफल आपकी मदद कर सकता है। जायफल की मदद से एक्सफोलिएटिंग फेस पैक बनाने के लिए सबसे पहले बेकिंग सोडा लेकर उसमें शहद व लौंग का तेल लेकर उसका पेस्ट बनाएं। अब इसमें जायफल व नींबू का रस मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर दो मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें और फिर हल्के गुनगुने पानी से चेहरे को साफ करें।   रोके बढ़ती उम्र के निशान बढ़ती उम्र में भी स्किन को यूथफुल बनाने के लिए जायफल का इस्तेमाल दही व शहद के साथ करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए जायफल के पाउडर में दही व शहद मिलाकर एक फाइन पेस्ट बनाएं। अब इसे चेहरे पर लगाकर पांच से दस मिनट के लिए छोड़ दें। अंत में साफ पानी की मदद से चेहरा साफ करें।   निखारे रंगत अगर आप अपनी स्किन को लाइट करके रंगत में निखार लाना चाहते हैं तो इसमें जायफल आपकी मदद करेगा। स्किन लाइटिंग फेशियल मास्क बनाने के लिए एक चौथाई चम्मच जायफल पाउडर लेकर उसमें एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच दही डालकर उसे अच्छे से मिक्स करें। अब पहले अपनी स्किन को साफ करें और फिर इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर करीबन पांच मिनट बाद ठंडे पानी से वॉश करें। अंत में स्किन की नमी को रिस्टोर करने के लिए मॉइश्चराइजर अप्लाई करें।   बनेगा क्लींजर जायफल सिर्फ डल स्किन में नई जान ही नहीं फूंकता, बल्कि स्किन को भीतर से क्लीन करने का काम भी बेहतरीन तरीके से करता है। जायफल को क्लींजर की तरह इस्तेमाल करने के लिए नारियल के दूध या सामान्य दूध को जायफल के पाउडर के साथ मिक्स करें और इसे चेहरे पर लगाएं। इससे आपको अपने चेहरे में एक बदलाव महसूस होगा।   इसका रखें ध्यान अगर आप जायफल का इस्तेमाल कर रही हैं तो एक बात का विशेष ध्यान रखें कि इसे सीधे अप्लाई करने के स्थान पर पहले एक पैच टेस्ट अवश्य करें। जायफल भी लौंग व दालचीनी की तरह ही एक गर्म स्पाइस है, इसलिए इसका प्रयोग बहुत अधिक न करें। इसके इस्तेमाल से आपको हल्की जलन का आभास हो सकता है लेकिन अगर जलन का अहसास बहुत अधिक हो तो बेहतर होगा कि इसके प्रयोग से परहेज करें।  

सर्दियों में ड्राई स्किन का इलाज: सिर्फ 4 होममेड स्क्रब से पाएं सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन

सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा रूखी, बेजान और खिंची-खिंची सी महसूस होने लगती है। ठंडी हवा और नमी की कमी के कारण स्किन पर डेड सेल्स जमा हो जाते हैं, जिससे त्वचा अपनी नेचुरल चमक खो देती है। ऐसे में बॉडी एक्सफोलिएशन बेहद जरूरी हो जाता है। यह न सिर्फ डेड स्किन हटाता है बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं, बल्कि आप घर पर ही नेचुरल बॉडी स्क्रब बना सकती हैं। आइए जानते हैं सर्दियों में इस्तेमाल किए जाने वाले 4 आसान और असरदार नेचुरल बॉडी स्क्रब के बारे में। चीनी और नारियल तेल का स्क्रब चीनी एक बेहतरीन नेचुरल एक्सफोलिएटर है, जो त्वचा से डेड सेल्स हटाने में मदद करती है। वहीं नारियल तेल स्किन को गहराई से मॉइश्चराइज करता है। इस स्क्रब को बनाने के लिए 2 चम्मच चीनी में एक चम्मच नारियल तेल मिलाएं। नहाने से पहले इसे हल्के हाथों से बॉडी पर मसाज करें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह स्क्रब सर्दियों में ड्राई स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। कॉफी और ऑलिव ऑयल स्क्रब कॉफी न सिर्फ थकान दूर करने में मदद करती है, बल्कि त्वचा को स्मूद और टाइट भी बनाती है। ऑलिव ऑयल स्किन को पोषण देता है और रूखेपन से बचाता है। 2 चम्मच कॉफी पाउडर में एक चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इसे खासतौर पर कोहनी, घुटनों और एड़ियों पर इस्तेमाल करें। नियमित इस्तेमाल से त्वचा मुलायम और चमकदार बनती है। ओट्स और शहद का स्क्रब ओट्स सेंसिटिव और ड्राई स्किन के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो खुजली और जलन को कम करते हैं। 2 चम्मच पिसे हुए ओट्स में 1 चम्मच शहद मिलाएं और जरूरत हो तो थोड़ा दूध डालें। इस स्क्रब को बॉडी पर सर्कुलर मोशन में लगाएं। यह स्क्रब स्किन को सॉफ्ट बनाने के साथ-साथ नेचुरल ग्लो भी देता है। बेसन और दही का स्क्रब बेसन भारतीय घरों में सदियों से स्किन केयर के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है। यह त्वचा को साफ करने और टैन हटाने में मदद करता है। 2 चम्मच बेसन में एक चम्मच दही और चुटकी भर हल्दी मिलाएं। इस पेस्ट को बॉडी पर लगाकर हल्के हाथों से रगड़ें और सूखने से पहले धो लें। यह स्क्रब सर्दियों में स्किन को फ्रेश और हेल्दी बनाए रखता है। एक्सफोलिएशन के लिए जरूरी टिप्स सर्दियों में हफ्ते में 1-2 बार ही बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल करें। ज्यादा रगड़ने से त्वचा को नुकसान हो सकता है। स्क्रब के बाद हमेशा मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें, ताकि त्वचा लंबे समय तक सॉफ्ट और हाइड्रेटेड रहे।  

कम प्रोडक्ट्स, ज्यादा निखार: क्यों ट्रेंड में है ‘स्किनिमलिज्म’ स्किनकेयर

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर '10-स्टेप कोरियन स्किनकेयर' जैसे भारी-भरकम रूटीन काफी ट्रेंड में थे। हर कोई बेहतर स्किन के लिए तमाम तरह के प्रोडक्ट्स स्किन केयर में शामिल कर रहे थे। लेकिन वहीं अब एक नया और असरदार बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसे स्किनिमलिज्म कहते हैं। यह शब्द 'Skin' और 'Minimalism' से मिलकर बना है। इसका सीधा सा मतलब है, अपनी स्किन की जरूरतों के मुताबिक कम प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके स्किन की देखभाल करना। आइए जानते हैं कि यह ट्रेंड क्या है और आप इसे अपने जीवन में कैसे शामिल कर सकते हैं। स्किनिमलिज्म क्या है? स्किनिमलिज्म का मकसद ‘Less is More’ के प्रिंसपल पर चलना है। यह आपकी त्वचा पर लेयर-दर-लेयर प्रोडक्ट्स थोपने के बजाय, केवल उन्हीं चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर देता है जिनकी आपकी त्वचा को वास्तव में जरूरत है। इसका मकसद त्वचा के नेचुरल बैरियर को सुरक्षित रखना और उसे सांस लेने का मौका देना है। इसे अपने रूटीन में कैसे शामिल करें? अपने स्किनकेयर को 'मिनिमल' बनाने के लिए आपको बस इन बुनियादी स्टेप्स पर ध्यान देना होगा- अपनी जरूरतों को पहचानें सबसे पहले यह समझें कि आपकी स्किन टाइप क्या है (ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन)। बाजार में दिखने वाले हर नए सीरम या मास्क को खरीदने की जरूरत नहीं है। अपनी त्वचा की मुख्य समस्याओं, जैसे- मुंहासे, पिग्मेंटेशन या ड्राइनेस के आधार पर प्रोडक्ट्स लें। बेसिक 'ABC' रूटीन अपनाएं स्किनिमलिज्म में तीन सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं-     क्लींजिंग- एक सौम्य क्लींजर से दिन में दो बार चेहरा साफ करें।     मॉइस्चराइजिंग- त्वचा की नमी बरकरार रखने के लिए अपनी स्किन टाइप के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।     सनस्क्रीन- यह सबसे जरूरी स्टेप है। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, सनस्क्रीन कभी न भूलें। मल्टी-टास्किंग प्रोडक्ट्स चुनें ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जो एक साथ दो काम करते हों। जैसे-ऐसा ऐसा लिप बाम जो गालों पर टिंट का काम भी करे। इससे आपके पास प्रोडक्ट्स की संख्या कम होगी और समय भी बचेगा। स्किनिमलिज्म के फायदे     त्वचा की बेहतर सेहत- जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स त्वचा के pH लेवल को बिगाड़ सकते हैं। कम प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से जलन और ब्रेकआउट्स की संभावना कम हो जाती है।     समय और पैसे की बचत- जब आपको 10 स्टेप्स फॉलो नहीं करने होंगे, तो आपका कीमती समय बचेगा और साथ ही गैर-जरूरी खर्चों पर भी लगाम लगेगी।     पर्यावरण के अनुकूल- कम प्रोडक्ट्स खरीदने का मतलब है-कम प्लास्टिक वेस्ट और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल।  

क्या आपके पैर 40 के बाद हो रहे हैं पतले? आज से अपनाएं ये 5 असरदार एक्सरसाइज

40 की उम्र पार करते ही हमारे शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव आने लगते हैं। इनमें से सबसे प्रमुख है सार्कोपेनिया, यानी मांसपेशियों की डेंसिटी और ताकत में धीरे-धीरे कमी आना। अगर ध्यान न दिया जाए, तो इसका सबसे ज्यादा असर पैरों में नजर आता है। अगर पैर कमजोर हो जाएं, तो घुटनों में दर्द, बैलेंस बिगड़ने और जल्दी थकान होने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही एक्सरसाइज की मदद से आप न केवल इस गिरावट को रोक सकते हैं, बल्कि अपने पैरों को दोबारा मजबूत बना सकते हैं। आइए जानें इन एक्सरसाइज के बारे में। बॉडीवेट स्क्वॉट्स स्क्वॉट्स पैरों के लिए काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह एक साथ आपकी जांघों, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग पर काम करता है।     कैसे करें- पैरों को कंधों की चौड़ाई के बराबर खोलकर खड़े हों। अब धीरे-धीरे ऐसे नीचे बैठें जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों। ध्यान रहे कि आपके घुटने पंजों से आगे न निकलें। फिर वापस सामान्य स्थिति में आएं।     फायदा- यह पैरों की मांसपेशियों को टोन करता है और घुटनों के जोड़ों को सहारा देता है। काफ रेजेस     पिंडलियों की मांसपेशियां हमारे शरीर के 'दूसरे दिल' की तरह काम करती हैं, क्योंकि ये ब्लड को वापस दिल तक पंप करने में मदद करती हैं।     कैसे करें- सीधे खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपनी एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं, ताकि पूरा वजन पंजों पर आ जाए। दो सेकंड रुकें और फिर एड़ियों को वापस नीचे ले जाएं। संतुलन के लिए आप दीवार का सहारा ले सकते हैं।     फायदा- यह टखनों को मजबूती देता है और चलने-दौड़ने की क्षमता बढ़ाता है। वॉकिंग लंजेस     लंजेस बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज है। यह पैरों के बीच के तालमेल को सुधारती है।     कैसे करें- एक पैर को आगे बढ़ाएं और घुटने को 90 डिग्री के एंगल तक मोड़ें। पीछे वाला घुटना जमीन के करीब होना चाहिए। फिर खड़े होकर दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं।     फायदा- यह कूल्हों के जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाता है और शरीर का बैलेंस बेहतर करता है। स्टेप-अप्स     सीढ़ियां चढ़ना पैरों की स्ट्रेंथ बढ़ाने का सबसे नेचुरल तरीका है।     कैसे करें- किसी मजबूत बेंच या सीढ़ी के पहले पायदान का इस्तेमाल करें। एक पैर ऊपर रखें और शरीर को ऊपर उठाएं, फिर धीरे से वापस नीचे आएं। 10-12 बार एक पैर से करने के बाद दूसरे पैर से करें।     फायदा- यह एक्सरसाइज घुटनों के आसपास की छोटी मांसपेशियों को मजबूत करती है, जिससे बुढ़ापे में गठिया का खतरा कम होता है। वॉल सिट     यह एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो बिना हिले-डुले मांसपेशियों की सहनशक्ति बढ़ाती है।     कैसे करें- दीवार से पीठ सटाकर खड़े हों और धीरे-धीरे नीचे झुकें जैसे आप कुर्सी पर बैठे हों। आपकी जांघें जमीन के पैरेलल होनी चाहिए। इस स्थिति में 20 से 30 सेकंड तक रुकने की कोशिश करें।     फायदा- यह जांघों की मांसपेशियों को बिना जोड़ों पर दबाव डाले गहरा तनाव देती है। सावधानियां 40 के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सिर्फ बॉडी बनाने के लिए नहीं, बल्कि मोबिलिटी बनाए रखने के लिए जरूरी है। इन एक्सरसाइज को हफ्ते में कम से कम 3 बार करें। शुरुआत हमेशा वॉर्म-अप से करें और अगर आपको घुटने या पीठ में कोई पुरानी चोट है, तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

इलेक्ट्रिक व्हीकहिलर में बड़ा गेमचेंजर! 500 किलोमीटर रेंज वाली ओला बाइक को सरकार की हरी झंडी

नई दिल्ली  ओला इलेक्ट्रिक ने मंगलवार को अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Roadster X+ (9.1 kWh) को लेकर बड़ी जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि इस बाइक को सेंट्रल मोटर व्हीकल रुल्स (CMVR), 1989 के तहत सरकारी सर्टिफिकेशन मिल गया है। यह मंजूरी इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (iCAT), मानेसर की ओर से दी गई है। खास बात यह है कि Roadster X+ में इस्तेमाल किया गया 4680 भारत सेल बैटरी पैक पूरी तरह Ola Electric द्वारा देश में ही विकसित किया गया है। इस सर्टिफिकेशन के साथ ही अब कंपनी इसकी डिलीवरी शुरू करने जा रही है।   500 km तक रेंज का दावा कंपनी का कहना है कि Roadster X+ भारत की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बन गई है जिसे पूरी तरह इन-हाउस डेवलप की गई 4680 बैटरी टेक्नोलॉजी के साथ सर्टिफिकेशन मिला है। यह बाइक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करती है जो फिलहाल इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इतनी लंबी रेंज के चलते यह इलेक्ट्रिक बाइक सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि लंबी दूरी और इंटर-सिटी ट्रैवल के लिए भी एक मजबूत ऑप्शन बनकर सामने आ सकती है। क्या कहती है कंपनी कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि Roadster X+ को मिला यह सरकारी सर्टिफिकेशन Ola Electric के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। उनके अनुसार, यह मंजूरी भारत में एंड-टू-एंड EV टेक्नोलॉजी तैयार करने की दिशा में कंपनी के सफर को और मजबूत करती है। बता दें कि 9.1 kWh बैटरी के साथ Roadster X+ बेहतर परफॉर्मेंस, सेफ्टी और भरोसेमंद ड्राइविंग एक्सपीरियंस देने का दावा करती है। ओला का मानना है कि यह बाइक भारत जैसे मोटरसाइकिल-प्रधान टू-व्हीलर मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने में अहम भूमिका निभाएगी। कई सख्त टेस्ट से गुजरना पड़ा ओला इलेक्ट्रिक ने यह भी बताया कि इस सर्टिफिकेशन से पहले बाइक को कई सख्त टेस्ट से गुजरना पड़ा। इनमें कंस्ट्रक्शन और फंक्शनल सेफ्टी, रेंज, चढ़ाई पर परफॉर्मेंस, नॉइज लेवल, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी (EMC) और ब्रेकिंग टेस्ट शामिल हैं। इसके अलावा, 9.1 kWh बैटरी पैक को ARAI से AIS-156 Amendment 4 के तहत अलग से मंजूरी मिली है। इस दौरान बैटरी ने पानी में डूबने, थर्मल रनअवे, आग से सुरक्षा, वाइब्रेशन और मैकेनिकल शॉक जैसे सेफ्टी और ड्यूरैबिलिटी टेस्ट सफलतापूर्वक पास किए हैं।