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जाने क्यों आईफोन से बेहतर हैं एंड्रायड फोन

जाने क्यों आईफोन से बेहतर हैं एंड्रायड फोनवैसे तो दुनिया में आइफोन एक स्टे टस सिंबल माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टे टस सिंबल के अलावा जब आप एक यूजर के तौर पर इसे देखते हैं तो एंड्रायड के मुकाबले यह काफी कमजोर नजर आता है। जहां आइफोन में कई पाबंदियां नजर आती हैं वहीं एंड्रायड फोन आपकी आजादी देता है। जानिये कैसे…. -जब आप कोई आइफोन खरीदते हैं तो उसमें स्टो रेज की क्षमता सीमित होती है। लेकिन ज्याकदातर एंड्रायड फोन्सि में एसडी कार्ड स्लॉ ट दिया होता है जो स्टो रेज बढ़ाने में मदद करता है। -अगर आपके आइफोन की बैटरी कमजोर होती है तो इसे आप बदल नहीं सकते लेकिन एंड्रायड में यह आसानी से बदली जा सकती है। -कई एंड्रायड फोन एक रिमोट की तरह भी उपयोग किए जा सकते हैं क्योंरकि इनमें इंफ्रारेड ब्ला स्टंर्स होते हैं जबकि आइफोन में ऐसा कुछ नहीं होता। -एंड्रायड फोन में कोई भी फाइल आसानी से कम्यूाना टर में शिफ्ट की जा सकती है क्यों्कि कम्यूर्स टर से कनेक्टक करते ही आपको सारी फाइल्सत नजर आने लगती हैं और आप इन्हेंी ड्रैग कर सकते हैं। आइफोन में ऐसा संभव नहीं होता। -एंड्रायड फोन इस बात की चिंता नहीं करता की म्यूऔजिक कहां से आ रहा है जबकि आइफोन में आपको आइट्यून की ही मदद से म्यू जिक उपलब्धर हो पाता है। -अपने एंड्रायड फोन को चार्ज करने के लिए आप यूएसबी केबल का उपयोग भी कर सकते हैं लेकिन आइफोन के मामले में आपको ऐपल की प्रोप्रायटरी लाइटनिंग केबल की ही जरूरत होती है। -गूगल प्लेआ स्टोकर आपको कहीं से भी ऐप डाउनलोड करने की अनुमति देता है लेकिन आइफोन में आपको आइट्यून डाउनलोड करना होता है या फिर ऐप स्टोकर को डाउनलोड करना पड़ता है। -आइफोन में आप अपने फोन को केवल फिंगरप्रिंट या फिर पासकोड से ही अनलॉक कर सकते हैं लेकिन एंड्रायड फोन में और भी कई ऑप्श न दिए होते हैं।  

महिलाएं जानें ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े खतरे

ऑस्टियोपोरोसिस एक क्रॉनिक बोन डिसीज है, जिसे हड्डियों का घटता घनत्व और उनके ऊतकों के कम होने के रूप में समझा जा सकता है। पूरी दुनिया में इससे लाखों की संख्या में लोग पीड़ित हैं। इससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है और जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इसके प्रति जागरूक रहकर महिलाएं इसके खतरों से बची रह सकती हैं और अपनी हड्डियों को सुरक्षित रख सकती हैं। हींग:-भोजन में इसे डालने का उद्देश्य ही यही होता है क्योंकि इसमें पाचन का गुण मौजूद है। इसकी खुशबू काफी तेज होती है। गैस की स्थिति में हींग काफी फायदेमंद होती है। एक चुटकी हींग को छाछ में नमक के साथ मिलाकर खाने के बाद लेने से पेट दर्द की स्थिति में राहत मिलती है। हींग की हल्की मात्रा पानी में घुल जाती है, इसका पेस्ट बनाकर नाभि के ऊपर लगाएं। इसके टुकड़े का दर्द देते दांत पर रखने से दर्द में राहत मिलती है। ब्रोनकाइटिस की स्थिति में भी हर दिन हींग लेने की सलाह दी जाती है। साइटिका, फेशियल पाल्सी, पैरालिसिस आदि की स्थिति में हींग को घी में भूनकर लेने से काफी लाभ मिलता है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या क्या होती है… -ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या तब होती है जब उनकी हड्डियों का बहुत अधिक नुकसान हो जाता है। लेकिन हड्डियों का निर्माण बहुत कम मात्रा में होता है। या फिर दोनों ही स्थितियां हो सकती हैं। -इसकी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और आसानी से टूट जाती हैं। -ऑस्टियोपोरोसिस के कारण बोन फ्रैक्चर की समस्या आमतौर पर स्पाइन, हिप और कलाइयों में होती है। किन्हें हैं ऑस्टियोपोरोसिस… -विश्व में लगभग 200 मिलियन महिलाएं ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रसित हैं। -पचास साल से अधिक उम्र की तीन में एक महिला को ऑस्टियोपोरोसिस संबंधित फ्रैक्चर होने का खतरा रहता है वहीं पुरुषों में यह अनुपात पांच में से एक है। -ऐसा माना जा रहा है कि 2050 तक एशिया में पूरे विश्व के फ्रैक्चर के पचास प्रतिशत मामले पाए जाएंगे। 45 व उससे अधिक उम्र के लोगों में… ऑस्टियोपोरोसिस के कारण 45 से अधिक उम्र की महिलाएं डायबिटीज, हार्ट अटैक और ब्रेस्ट कैंसर की तुलना में अस्पताल में अधिक भर्ती होती हैं। ये होती है खतरे की बात… -कैल्शियम का कम स्तर और विटामिन डी कम मात्रा में ग्रहण करना -जेंडर -एनॉरेक्जिया -फैमिली हिस्ट्री किसी प्रकार का वजन नहीं उठाने की आदत…. -उम्र -सेक्स हॉर्मोन का निम्न स्तर -धूम्रपान, शराब और कुछ खास प्रकार की दवाएं  

क्या Google Maps आपकी हर मूवमेंट देख रहा है? जानें इसे कैसे रोके!

 नई दिल्ली आप किस रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाए या आपने किस पेट्रोल पंप से अपने गाड़ी में तेल भरवाया, ये सारी बातें किसी को पता चले या न चले लेकिन Google Maps को जरूर पता चल जाता है. अब आपके मन में सवाल जरूर उठ रहा होगा कि क्या सच में ऐसा होता है, तो इसका जवाब है हां. होता यूं है कि एंड्रॉयड फोन्स में गूगल के ज्यादातर ऐप्स पहले से इंस्टॉल होते हैं. इनमें से एक है गूगल मैप्स, जिसे ज्यादातर लोग नेविगेशन के लिए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन यही गूगल मैप्स को ये तक पता होता है कि आप किस दिन, किस वक्त और कहां गए थे. दरअसल, गूगल आपकी हर मूवमेंट और एक्टिविटी पर नजर रखता है. अगर आप चाहें तो इसे ऐसा करने से रोक सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कैसे Google Maps पर लोकेशन हिस्ट्री कैसे बंद करें? सबसे पहले अपने फोन में Google Maps ऐप को ओपन करिए. अब स्क्रीन के ऊपर दाई तरफ दिख रही अपनी प्रोफाइल फोटो या नाम पर टैप करें. यहां आपको कई ऑप्शन मिलेंगे, उनमें से ‘Your Timeline’ वाले पर क्लिक करें. टाइमलाइन खुलने के बाद, दाई ओर ऊपर बने तीन डॉट्स (⋮) पर टैप करें और Location & Privacy Settings में जाएं. अब यहां अगर आपको ‘Timeline is On’ फीचर ऑन दिखे, तो इसे तुरंत ऑफ कर दें. अगर ‘Timeline is On’ रहेगा, तो Google Maps आपकी हर मूवमेंट ट्रैक करता रहेगा. यानी आप कब, कहां गए उसकी जानकारी सेव होती रहेगी. इस सेटिंग को बंद करने के बाद Google Maps आपकी लोकेशन हिस्ट्री सेव नहीं करेगा, मतलब गूगल को अब ये पता नहीं चलेगा कि आप किस समय कहां गए थे. एंड्रॉयड यूजर्स के लिए सेटिंग्स में जाएं > लोकेशन > और इसे ऑफ कर दें. iPhone यूजर्स के लिए सेटिंग्स में जाएं > प्राइवेसी > लोकेशन सर्विसेज > और इसे ऑफ कर दें.

Apple का iPhone Air फ्लॉप, कम बिक्री के कारण प्रोडक्शन में बड़ी कटौती

नई दिल्ली  Apple को लगा था कि iPhone Air अपने सुपर-थिन डिज़ाइन और प्रीमियम हल्की बॉडी की वजह से मार्केट में धूम मचा देगा. एप्पल ने इस साल जब iPhone 17 Series को लॉन्च किया था, तो कंपनी के ट्रेडिशनल मॉडल से ज्यादा अपने लाइनअप में शामिल हुए एक नए मॉडल iPhone Air की चर्चा हो रही थी. एप्पल ने दुनिया सबसे पतला फोन लॉन्च किया, जो दिखने में काफी शानदार, पतला और हल्का है. एप्पल को लगा था कि यूज़र्स को उनका यह स्लिम डिज़ाइन फोन काफी पसंद आएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है. हाल ही में आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक iPhone Air की डिमांड पूरी तरह से फेल हो हई है. आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं. एप्पल डिवाइस के एक प्रसिद्ध एनालिस्ट Ming-Chi Kuo के मुताबिक, कंपनी के सप्लाई चेन पार्टनर्स iPhone Air की प्रोडक्शन को 80% तक घटाने जा रहे हैं. इसके अलावा कई कंपोनेंट्स जिनका लीड टाइम लंबा है, उन्हें 2025 के आखिर तक बंद कर दिया जाएगा. एप्पल को क्यों लगा ऐसा झटका रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone 17 और iPhone 17 Pro पहले से ही एप्पल के हाई-एंड यूज़र्स की जरूरतें पूरी कर रहे हैं. इस कारण iPhone Air के लिए एप्पल की कोई अलग ऑडियंस बची ही नहीं है. इसका मतलब साफ है कि एप्पल की आईफोन की लाइनअप में बेस, प्रो और प्रो मैक्स के अलावा चौथा स्लॉट यानी – Mini, Plus या Air – बार-बार फ्लॉप हो रहे हैं.   iPhone Variant Strategy नतीजा iPhone mini (5.4-inch) Compact lovers के लिए सेल्स बहुत कम iPhone Plus Affordable big-screen option उम्मीद पर खरा नहीं उतरा iPhone Air (5.6mm thin) हल्का, पतला, premium लुक Sales almost zero क्या कहती हैं नई रिपोर्ट्स?     Nikkei ने लिखा कि iPhone Air की "virtually no demand" है.     Japan’s Mizuho Securities का कहना है कि Apple ने 1 मिलियन यूनिट्स का प्रोडक्शन घटाया है.     Ming-Chi Kuo का कहना है कि 2026 की पहली तिमाही तक सप्लायर्स अपनी कैपेसिटी 80% तक कम कर देंगे. एप्पल का अगला कदम क्या होगा? अब एप्पल शायद अपना फोकस iPhone Air से हटाकर 2026 में लॉन्च होने वाले iPhone 18 lineup और अपने पहले फोल्डेबल आईफोन (foldable iPhone) पर शिफ्ट कर सकता है. इसका मतलब है कि शायद एप्पल आने वाले साल में अपने नए “Air” का कॉन्सेप्ट बंद कर सकता है और अब एप्पल अपने आईफोन लाइनअप की चौथी पोजिशन को फोल्डेबल आईफोन या किसी नई कैटेगिरी में बदल सकती है. एप्पल को टक्कर देने वाली सैमसंग का हाल स्लिम स्मार्टफोन की फ्लॉप कहानी के मामले में एप्पल अकेली कंपनी नहीं है. सैमसंग ने भी अपना एक सुपर स्लिम स्मार्टफोन लॉन्च किया था, जिसका नाम Galaxy S25 Edge है. इस फोन से सैमसंग को भी काफी शानदार उम्मीदें थी, लेकिन सेल्स इतनी खराब रहीं कि कंपनी ने इसका अगला वर्ज़न ही कैंसिल कर दिया. एप्पल और सैमसंग का ऐसा हाल देखकर समझ में आता है कि स्लिम और अल्ट्रा स्लिम स्मार्टफोन की मांग काफी कम है.

अब WhatsApp पर नहीं भेज पाएंगे अनगिनत मैसेज! नया नियम रोक सकेगा स्पैम

WhatsApp पर सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है. आने वाले दिनों में यूजर्स को मैसेज लिमिट देखने को मिलेगी. न्यू चैट पर निर्धारित संख्या के मैसेज करने के बाद उस चैट पर मैसेज रुक जाएंगे. इसकी मदद से लोगों को स्पैम मैसेज और अनचाहे मैसेज से बचाया जा सकेगा. इस फीचर का नाम New Chat Message Limit है, जिसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है.  WhatsApp के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने बताया है कि व्हाट्सऐप में एक नया फीचर दस्तक देने जा रहा है. इसका नाम  New Chat Message Limit है और यह अभी बीटा वर्जन में है. इसको अभी Android 2.25.31.5 वर्जन में स्पॉट किया है. स्मार्टफोन यूजर्स को आने वाले दिनों में ये बदलाव देखने को मिलेगा.  WhatsApp देगा अलर्ट  WhatsApp के इस अपकमिंग फीचर को लेकर बताया है कि लिमिट करीब आने पर यूजर्स को अलर्ट भी मिलेगा. ऐसे में आप समझ सकेंगे कि जल्द ही मैसेज लिमिट लागू होने वाली है. ऐसे में यूजर्स सिर्फ जरूरी मैसेज ही कर पाएंगे.  WhatsApp यूजर्स को क्या होगा फायदा ?  WhatsApp का यह न्यू फीचर इसलिए तैयार किया है, जब किसी न्यू यूजर्स को मैसेज भेजे जाते हैं और वह रिप्लाई नहीं करता है. ऐसी चैट्स पर लिमिटेड मैसेज ही सेंड किए जा सकेंगे. इस फीचर की मदद से मैसेजिंग ऐप अपने यूजर्स को अनजान और स्पैम मैसेज से दूर रखना चाहती है. शेयर किया स्क्रीनशॉट्स  Wabetainfo की तरफ से इस अपकमिंग फीचर को लेकर एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है. इस फीचर की मदद से यूजर्स आसानी से स्पैम और अनचाहे मैसेज से बचेंगे.  हालांकि अभी तक मैसेज लिमिट को लेकर कोई डिटेल्स सामने नहीं आई है. यह लिमिट मंथली होगी या वीकली, उसके बारे में भी डिटेल्स आनी बाकी है. 

इंटरनेट ब्राउज़िंग में क्रांति: OpenAI का नया ब्राउज़र देगा Chrome को टक्कर

मुंबई  इंटरनेट ब्राउज़िंग का ढर्रा बदलने के लिए OpenAI ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT को सीधे ब्राउजर में समाहित करते हुए अपना नया ब्राउजर ChatGPT Atlas लॉन्च किया है। अब सिर्फ एक टैब खोलने या वेबसाइट बदलने की बजाय, ChatGPT आपके ब्राउज़र के भीतर एक सहायक-प्रकार की भूमिका निभाएगा चाहे आप आर्टिकल पढ़ रहे हों, प्रोडक्ट्स कॉम्पेयर कर रहे हों या ऑफिस का काम कर रहे हों। Atlas फिलहाल macOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और जल्दी ही Windows, iOS तथा Android के लिए भी रोल-आउट होने जा रहा है। इसमें Sidebar के माध्यम से ChatGPT आपके वर्तमान टैब को समझेगा, इनलाइन एडिटिंग करेगा और “Agent Mode” के जरिये आपके लिए सीधे काम भी कर सकता है जैसे ऑनलाइन शॉपिंग करना या डॉक्यूमेंट एडिट करना। अगर आप ब्राउज़िंग अनुभव को नया रूप देना चाहते हैं जहां सर्च, चैट, ऑटोमेशन सब एक साथ हों तो ChatGPT Atlas आपके लिए दिलचस्प ऑप्शन हो सकता है। डाउनलोड कैसे करें और किन बातों को ध्यान में रखना है। OpenAI Atlas Browser के मुख्य फीचर्स AI Integration वाला Browser Atlas Browser दुनिया का पहला ऐसा ब्राउज़र है जो ChatGPT की AI टेक्नोलॉजी से पूरी तरह इंटीग्रेटेड है। इसका मतलब है कि यूज़र्स अब किसी भी वेबसाइट पर सर्फिंग करते वक्त सीधे AI से सवाल पूछ सकते हैं, सारांश बना सकते हैं या किसी भी कंटेंट को तुरंत समझ सकते हैं। अगर आप किसी आर्टिकल या रिपोर्ट को पढ़ रहे हैं, तो Atlas खुद उसका AI Summary बना देगा। साथ ही, आप चाहें तो नोट्स सेव कर सकते हैं या किसी भी टेक्स्ट को हाइलाइट करके उसका सरल एक्सप्लेनेशन पा सकते हैं। Voice Command और Chat Mode इस ब्राउज़र में इनबिल्ट वॉइस चैट की सुविधा है। यानी आप बोलकर सवाल पूछ सकते हैं और Atlas AI आपको जवाब देगा बिना किसी टाइपिंग के। ChatGPT की तरह ही इसमें Chat Mode दिया गया है जहां आप किसी भी वेबपेज पर इंटरएक्टिव बातचीत कर सकते हैं। OpenAI ने दावा किया है कि Atlas में Zero Tracking Policy है। यानी आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री, पासवर्ड या डेटा किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाता। यह Chrome या Edge की तुलना में काफी ज्यादा सिक्योर है। Atlas Browser को Windows, macOS, और iOS के लिए लॉन्च किया गया है। Android वर्ज़न पर कंपनी फिलहाल काम कर रही है, जो जल्द रिलीज़ किया जाएगा। AI Search Assistant पारंपरिक सर्च की बजाय इसमें AI-Powered Search दिया गया है जो आपके सवाल का सीधा जवाब देता है न कि सिर्फ लिंक की लिस्ट। इससे रिसर्च और ब्राउज़िंग काफी तेज़ और उपयोगी हो जाती है। Atlas Browser में आप अपने हिसाब से ChatGPT मॉडल चुन सकते हैं जैसे GPT-4 Turbo या GPT-5 ताकि परफॉर्मेंस और प्राइसिंग दोनों में बैलेंस बना रहे। अगर आप पहले से ChatGPT यूज़र हैं, तो उसी अकाउंट से Atlas में लॉगिन कर सकते हैं। इससे आपकी चैट हिस्ट्री और प्रॉम्प्ट्स अपने आप सिंक हो जाते हैं। AI Screenshot Explainer एक यूनिक फीचर है जहां आप किसी इमेज या स्क्रीनशॉट को अपलोड करें, और Atlas आपको बताएगा कि उसमें क्या दिख रहा है, उसका एनालिसिस या सारांश क्या है। Atlas सिर्फ ब्राउज़र नहीं, बल्कि एक AI Workspace भी है जहां आप अपने ईमेल, डॉक्युमेंट्स और वेबपेजेस को एक ही जगह मैनेज कर सकते हैं। OpenAI Atlas कैसे डाउनलोड करें 1. Mac पर कोई भी ब्राउजर खोलें और chatgpt.com/atlas पर जाएं। 2. macOS के लिए उपलब्ध इंस्टॉलर फ़ाइल (.dmg फ़ॉर्मेट) डाउनलोड करें 3. डाउनलोड की गई फ़ाइल खोलें और Atlas ऐप को ऐप्लिकेशन फ़ोल्डर में ले जाएं। 4. ऐप्लिकेशन से Atlas लॉन्च करें और सेटअप प्रक्रिया शुरू करें।

बार-बार धुंधला दिखता है? हो सकता है ये 4 कारण बिगाड़ रहे हों आपकी नजर

आंखें हमारे शरीर का अहम हिस्सा होती है। यह हमें देखने में मदद करती हैं और इसलिए आंखों के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल होता है। आंखों की इसी अहमियत को समझाने के मकसद से हर साल 9 अक्टूबर को वर्ल्ड साइट डे मनाया जाता है। इस दिन का मकसद आई हेल्थ और इसकी देखभाल के बारे में लोगों को जागरूक करना है। इन दिनों आंखों से जुड़ी कई समस्याएं लोगों के लिए परेशानी की वजह बनी रहती है। ब्लर विजन इन्हीं समस्याओं में से एक है, जो यह बताता है कि आपको चश्मे की जरूरत है। इसकी वजह से आपकी पढ़ने, गाड़ी चलाने या यहां तक कि चेहरे पहचानने की क्षमता तक को भी प्रभावित कर सकता है। अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह रोजमर्रा का जीवन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा ब्लर विजन के और भी कई कारण हो सकते हैं। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और मेडिकल डायरेक्टर डॉ. महिपाल सिंह सचदेव से बातचीत की। उन्होंने बताया कि ब्लर विजन के चार संभावित कारण हो सकते हैं, जो निम्न हैं:- रिफ्रेक्टिव एरर ब्लर विजन का सबसे आम कारण रिफ्रेक्टिव एरर है, जिसनें मायोपिया, हाइपरोपिया, या एस्टीग्मेटज्म जैसी कंडीशन शामिल है। ये तब होती हैं, जब आंख में प्रवेश करने वाली रोशनी रेटिना पर ठीक से फोकस नहीं होता है। एरर के प्रकार के आधार पर, आपको पास की या दूर की वस्तुओं को साफ रूप से देखने में कठिनाई हो सकती है। प्रेसबायोपिया जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, आमतौर पर 40 के बाद, आंखों का लेंस कम लचीला हो जाता है, जिससे पास की वस्तुओं पर फोकस केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। प्रेसबायोपिया नाम की इस कंडीशन के कारण अक्सर पढ़ने के लिए चश्मे की जरूरत होती है। स्क्रीन से आंखों में तनाव डिजिटल डिवाइस पर लंबा समय तक बिताने से अस्थायी रूप से ब्लर विजन, सूखापन और थकान हो सकती है। यह अक्सर डिजिटल डिवाइस के कारण आंखों में होने वाले तनाव के कारण होता है, जो आंखों की मांसपेशियों और आंसू के प्रोडक्शन को प्रभावित करता है। कुछ स्वास्थ्य सुविधाएं ब्लर विजन डायबिटीज, हाई ब्लर प्रेशर या ग्लूकोमा जैसी आंखों की बीमारियों जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का भी लक्षण हो सकती है। शुरुआती पहचान और उपचार के लिए नियमित आंखों की जांच जंरूरी है।  

कूल रूम में आराम करना भारी पड़ सकता है आपकी सेहत पर, शुगर लेवल कैसे होता है प्रभावित?

नई दिल्ली  गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एयर कंडीशनर (AC) का सहारा लेते हैं। ऑफिस हो या घर, कई लोग घंटों तक AC के नीचे बैठने की आदत बना चुके हैं। हालांकि ठंडी हवा आराम देती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक AC में रहने से डायबिटीज मरीजों के ब्लड शुगर लेवल पर असर पड़ सकता है। कैसे बढ़ता है शुगर का स्तर डॉ. अजीत कुमार, मेडिसिन विभाग, जीटीबी अस्पताल के मुताबिक, AC में लंबे समय तक बैठने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है। जब मेटाबॉलिज़्म स्लो होता है, तो शरीर शुगर को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता और ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसके अलावा, ठंडी जगह में शरीर कम सक्रिय रहता है। लोग ज्यादा चलते-फिरते नहीं हैं और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। इससे इंसुलिन की संवेदनशीलता घटती है और ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। कैलोरी बर्न भी कम होती है AC में लगातार रहने से शरीर का थर्मल स्ट्रेस कम हो जाता है। गर्मी में पसीना बहाना शरीर के लिए प्राकृतिक तरीका है कैलोरी बर्न करने और शुगर कंट्रोल में रखने का। AC में बैठने से यह प्रक्रिया रुक जाती है और शुगर शरीर में जमा रह सकती है। विशेषज्ञों की सलाह AC में लंबे समय तक रहने वाले लोग बीच-बीच में बाहर निकलकर हल्की वॉक करें। नियमित स्ट्रेचिंग करें और पर्याप्त पानी पीएं। रूम का तापमान बहुत कम न रखें, हल्की ठंडक ही पर्याप्त है।  

माइक्रोवेव और एयर फ्रायर का कमाल, एक ही मशीन में दो फायदे, बजट में

मुंबई  हेल्दी कुकिंग हर किसी की जरूरत है और जरूरी भी है. पिछले कुछ वक्त से ऑयल फ्री कुकिंग का ट्रेंड भी चल गया है. हर कोई अपने लिए हेल्दी और बिना तेल का खाना चाहता है. इसकी वजह से एयर फ्रायर काफी पॉपुलर हुए हैं. कई लोगों को ये भी लगता है कि एयर फ्रायर और माइक्रोवेव ओवन एक जैसे हैं, लेकिन ये माइक्रोवेव ओवन से काफी अलग हैं. ये गर्म हवा की मदद से खाना को पकाता है. पिछले कुछ दिनों से हम Prestige Air Flip एयर फ्रायर को इस्तेमाल कर रहे हैं. ये दो तरीके से काम करता है. आप इसे एयर फ्रायर और ग्रिलर दोनों की तरह यूज कर सकते हैं. आइए जानते हैं ये प्रोडक्ट किन लोगों के लिए बना है और क्या आपको इसके लिए पैसे खर्च करने चाहिए. डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी Prestige Air Flip 4.5L का डिजाइन काफी स्लीक और मॉडर्न है. ये देखने में किसी दूसरे एयर फ्रायर जैसा है, लेकिन ज्यादा प्रीमियम लगता है. ये मैट ब्लैक फिनिश में आता है, जिसकी बास्केट ट्रांसपैरेंट है. इसमें टच कंट्रोल मिलते हैं, जो कई प्रीसेट ऑप्शन्स के साथ आते हैं.  इसकी क्षमता 4.5 लीटर की है, जो इसे 3 से 4 लोगों के परिवार के लिए बेहतरीन ऑप्शन बनाता है. ट्रांसपैरेंट डिजाइन और ग्लास फिनिश की वजह से इसे साफ रखना ज्यादा आसान है.  परफॉर्मेंस और टेक्नोलॉजी Prestige ने इसमें 360 डिग्री एयर सर्कुलेशन टेक्नोलॉजी दी है. इसकी मदद से खाना हर तरफ से मिलने वाली गर्मी से पकता है. ये गर्म हवा खाने को क्रिस्पी बनाती है. यानी आपको बिना तेल के ही डीप फ्राई का मजा मिलेगा. आप टेम्परेचर को 80 डिग्री सेल्सियस से लेकर 200 डिग्री सेल्सियस तक सेट कर सकते हैं.  इसमें आपको मैन्युअली टाइम और टेम्परेचर सेट करने का विकल्प मिलता है. हालांकि, आपको कई प्रीसेट मोड्स मिलेंगे, जिसकी वजह से मैन्युअल सेटअप की जरूरत कम पड़ती है. इसमें आप फ्रेंच फ्राइज से लेकर समोसा तक पका सकते हैं. ये सब कुछ हेल्दी होगा. अच्छी बात है कि इसमें ग्रिलर भी मिलता है.  ग्रिलर की मदद से आप बेहतरीन डिश तैयार कर सकते हैं. इसके लिए एयर फ्रायर में एक सिस्टम दिया गया है. इस सिस्टम की मदद से एयर फ्रायर फ्लिप होकर ग्रिलर बन जाता है. जैसे ही आप इस फ्लिप बटन को ऑन करेंगे, आपको इसमें ग्रिलिंग का मजा मिलेगा.  टच पैनल रिस्पॉन्सिव है और इसे इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. आपको अपने पसंद का प्रीसेट मोड चुनना होगा. फैन का शोर सामान्य एयर फ्रायर्स जैसा ही है. डिवाइस ऑटो क ट-ऑफ फीचर के साथ आता है, जिसकी वजह से खाना बहुत ज्यादा पकता नहीं है. ये 1500W की पावर के साथ आता है, जो इसे रेगुलर यूज के लिए परफेक्ट बनाता है.  बॉटम लाइन  Prestige Air Flip एक छोटी फैमिली के लिए बेस्ट ऑप्शन है. हालांकि, ये प्रीमियम प्राइस पर आता है, जिसकी वजह इसमें मिलने वाला डुअल मोड है. यानी आप इसे ग्रिलर और एयर फ्रायर दोनों की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें 360 डिग्री एयर सर्कुलेशन मिलता है. कई सारे प्रीसेट मोड्स की वजह से ये डिवाइस एक परफेक्ट ऑप्शन बन जाता है.  हालांकि, इसकी कीमत कई लोगों को ज्यादा लग सकती है. इसका प्राइज 12,499 रुपये है, जो कई लोगों के बजट से बाहर हो जाता है. मार्केट में ज्यादातर एयर फ्रायर्स के मुकाबले ये प्रीमियम प्राइस पॉइंट पर आता है. अगर आप एक भरोसेमंद और हेल्दी कुकिंग डिवाइस ढूंढ रहे हैं, तो Prestige Air Flip Air Fryer (4.5L) को चुन सकते हैं.

सारी दिन कुर्सी पर? जानें आयुर्वेदिक तरीके जो बचाएं आपको बीमारियों से

नई दिल्ली  आज की डिजिटल और व्यस्त जीवनशैली ने इंसान को शारीरिक रूप से इतना निष्क्रिय बना दिया है कि स्वास्थ्य पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। घंटों तक एक ही जगह बैठना, मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार नजरें गड़ाए रखना और शारीरिक श्रम से दूरी रखना आज आम बात हो गई है। यह निष्क्रियता धीरे-धीरे अनेक रोगों की जड़ बनती जा रही है। आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर को उचित मात्रा में गतिविधि नहीं मिलती, तो वात, पित्त और कफ तीनों दोष असंतुलित होकर अनेक रोगों को जन्म देते हैं। चरक संहिता में स्पष्ट कहा गया है कि नियमित व्यायाम से स्वास्थ्य, दीर्घायु, बल और मानसिक सुख प्राप्त होते हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी से मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, जोड़ों का दर्द, मानसिक तनाव, पाचन विकार और प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार बैठे रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, वसा जमा होती है, रक्त संचार बाधित होता है और हार्मोन असंतुलन के कारण मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। आयुर्वेद में इन समस्याओं के लिए प्राकृतिक और घरेलू समाधान बताए गए हैं। सबसे पहला उपाय है दैनिक व्यायाम। सुबह कम से कम 30 मिनट टहलना या हल्की दौड़ लगाना अत्यंत लाभकारी है। सूर्य नमस्कार को संपूर्ण व्यायाम माना गया है जो शरीर को संतुलन, लचीलापन और ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही, ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन जैसे सरल आसन नियमित रूप से करने चाहिए। प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति और सूर्यभेदी नाड़ी शरीर के दोषों को संतुलित कर मानसिक शांति भी देते हैं। संतुलित आहार भी आवश्यक है। भारी, तली-भुनी चीजों की बजाय हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, फल और हल्का भोजन करना चाहिए। सुबह गुनगुना पानी या त्रिफला जल पीना पाचन में सहायक होता है। भोजन के बाद कुछ देर टहलना पाचन क्रिया को सुचारू बनाता है। अभ्यंग यानी तेल मालिश भी आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण अभ्यास माना गया है, जिससे शरीर की थकान दूर होती है और स्नायु मजबूत होते हैं। शारीरिक गतिविधि सिर्फ शरीर के लिए नहीं, बल्कि मन और आत्मा के लिए भी आवश्यक है। यदि हम डिजिटल जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो हम अनेक गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।