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अमन राव ने विजय हजारे ट्रॉफी में धुआंधार पारी खेली, 13 छक्के और 12 चौकों से जड़ा दोहरा शतक

 राजकोट हैदराबाद के ओपनर अमन राव ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में इतिहास रच दिया. अमन ने राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में मंगलवार (6 जनवरी) को  अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की. अमन ने नाबाद दोहरा शतक जड़ा. अमन इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ने वाले हैदराबाद के पहले बल्लेबाज हैं. अमन ने 154 गेंदों पर नाबाद 200 रन बनाए, जिसमें 13 छक्के और 12 चौके शामिल रहे. खास बात यह रही कि अमन ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना दोहरा शतक पूरा किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 352/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसकी नींव अमन राव की ऐतिहासिक पारी ने रखी. अमन ने बंगाल के उस गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिसमें मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और आकाश दीप जैसे स्टार गेंदबाज शामिल हैं. ये तीनों गेंदबाज भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में धमाल मचाते आए हैं. तेज गेंदबाजों के खिलाफ अमन राव ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए शमी, मुकेश और आकाश दीप के खिलाफ अकेले 120 रन ठोके, जिनमें 8 छक्के शामिल थे. अमन ने 65 गेंदों में अर्धशतक और 108 गेंदों में शतक पूरा किया. इसके बाद सिर्फ 46 गेंदों में दोहरे शतक तक पहुंच गए. यह अमन राव का सीनियर क्रिकेट में पहला शतक भी है. टूर्नामेंट के शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 39 और 13 रन बनाए थे, लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने इतिहास रच दिया. अमन राव का 200* हैदराबाद की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. यह विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास का 9वां दोहरा शतक है. साथ ही मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी सीजन का दूसरा दोहरा शतक रहा. इससे पहले ओडिशा के स्वास्तिक सामल ने सौराष्ट्र के खिलाफ 212 रन बनाए थे. विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरे शतक 277– एन. जगदीशन (तमिलनाडु) बनाम अरुणाचल प्रदेश 227*– पृथ्वी शॉ (मुंबई) बनाम पुडुचेरी 220*– ऋतुराज गायकवाड़ (महाराष्ट्र) बनाम उत्तर प्रदेश 212*– संजू सैमसन (केरल) बनाम गोवा 212– स्वास्तिक सामल (ओडिशा) बनाम सौराष्ट्र 203– यशस्वी जायसवाल (मुंबई) बनाम झारखंड 202– कर्ण कौशल (उत्तराखंड) बनाम सिक्किम 200– समर्थ व्यास (सौराष्ट्र) बनाम मणिपुर 200*– अमन राव (हैदराबाद) बनाम बंगाल

कोहली के टेस्ट संन्यास पर सवाल, संजय मांजरेकर बोले– ODI को दी गई ज्यादा अहमियत

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर और दिग्गज कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर ने विराट कोहली को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि किंग कोहली अपनी कमियों, समस्याओं पर काम करने के बजाय टेस्ट से ही भाग गए। उन्होंने कोहली के टेस्ट पर ओडीआई को तरजीह दिए जाने पर भी निराशा जताई। 37 वर्ष के विराट कोहली ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर चौंका दिया था जबकि उनके समकालीन जो रूट और स्टीव स्मिथ का इस फॉर्मेट में रनों का अंबार लगाना जारी है।   विराट कोहली टेस्ट में 10 हजार रन पूरा करने से महज 770 रन दूर थे लेकिन उन्होंने संन्यास का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वह संघर्ष करते नजर आए थे। 10 पारियों में वह सिर्फ 194 रन बना पाए थे, जिसमें पर्थ टेस्ट में उनका एक शतक भी शामिल था। अब वह जिस तरह ओडीआई क्रिकेट में रन बरसा रहे हैं, उसे देखते हुए लगता है कि टेस्ट क्रिकेट से संन्यास में संभवतः उन्होंने जल्दबाजी कर दी। विराट कोहली को लेकर संजय मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कहा, 'जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाई हासिल कर रहे हैं, मेरा मन विराट कोहली पर जा रहा। वह टेस्ट क्रिकेट से किनारा कर गए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिटायरमेंट से पहले संघर्ष वाले उन 5 वर्षों में वह समस्या ढूंढने में पूरे जी-जान से नहीं लगे कि वह 5 वर्षों तक टेस्ट में 31 की औसत से क्यों रन बना रहे हैं। लेकिन ये देखकर दुख होता है कि जो रूट और स्टीव स्मिथ, केन विलियम्सन जैसे लोग टेस्ट क्रिकेट में अपना नाम बना रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'तब ठीक होता अगर विराट कोहली क्रिकेट से ही दूर हो गए होते, हर तरह के क्रिकेट से दूर हो गए होते। लेकिन उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट खेलना चुना, ये मुझे और निराश करता है क्योंकि किसी टॉप ऑर्डर बैटर के लिए ये फॉर्मेट सबसे आसान होता है, जो मैं पहले भी कह चुका हूं।'  

शिखर धवन और सोफी शाइन की शादी, फिल्म इंडस्ट्री से होंगे गेस्ट, जानिए दुल्हन का नाम

  नई दिल्ली पूर्व इंडियन क्रिकेटर शिखर धवन के घर दूसरी बार शहनाई बजने वाली है. इंडियन क्रिकेट के गब्बर कहे जाने वाले धवन अपनी गर्लफ्रेंड और आयलैंड की मॉडल सोफी शाइन से जल्द शादी करने वाले हैं. दोनों ही लंबे समय से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में दोनों कपल शादी करने वाले हैं. इसके लिए शानदार सेलिब्रेशन फरवरी के तीसरे हफ्ते में दिल्ली-NCR में होंगे. जिसमें क्रिकेट और बॉलीवुड दोनों के बड़े नाम शामिल होंगे. शादी की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं. एक सूत्र ने HT को बताया, 'दोनों के लिए एक नई शुरुआत है और वे इससे काफी खुश हैं. शादी की तैयारियों में शिखर पर्सनली शामिल रहे हैं ताकि उनकी खुशियों में कोई कमी ना रहें. चैंपियंस ट्रॉफी में देखे गए साथ यह खबर कपल के रिश्ते को लेकर महीनों से चल रही अटकलों के बाद आई है. अफवाहें सबसे पहले तब शुरू हुईं जब धवन को ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान स्टैंड में शाइन के साथ देखा गया था, और कई लोग उनके साथ मौजूद मिस्ट्री वुमन के बारे में सोच रहे थे. समय के साथ सोशल मीडिया पर छोटे-मोटे क्लू और पब्लिक अपीयरेंस ने दोनों के रिश्ते को कंफर्म किया. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिखर और सोफी की मुलाकात कुछ साल पहले दुबई में हुई थी. दोनों पहले दोस्त बने और ये दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. इसके बाद IPL 2024 के दौरान भी सोफी को कई मौकों पर देखा गया.  बता दें कि इससे पहले शिखर की शादी ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली आयशा से हुई थी. जिनका एक बेटा जोरावर धवन है. धवन से 10 साल बड़ी आयशा किक बॉक्सर हैं. साल 2012 में शिखर धवन ने आयशा से शादी की थी. सितंबर 2021 में आयशा ने धवन से अलग होने की जानकारी दी थी. 2023 में दोनों का तलाक मंजूर हुआ था. कौन हैं सोफी शाइन? रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोफी एक आयरिश प्रोडक्ट कंसल्टेंट हैं. जिनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड काफी अच्छा है. उनके पास लिमरिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मार्केटिंग और मैनेजमेंट की डिग्री है और उन्होंने पहले आयरलैंड के कैसलरॉय कॉलेज में पढ़ाई की है. फिलहाल वह अबू धाबी, UAE में स्थित नॉर्दर्न ट्रस्ट कॉर्पोरेशन में सेकंड वाइस प्रेसिडेंट के पद पर काम करती हैं. ज्यादा लाइमलाइट में न रहने के बावजूद, सोफी ने अपने ग्लैमरस लुक और स्टाइलिश फोटोज से लोगों का ध्यान खींचा है.

21 गेंदों में 10 छक्के, वैभव सूर्यवंशी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली विस्फोटक पारी

नई दिल्ली    जब भी वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर उतरते हैं, गेंदबाजों के लिए हालात मुश्किल हो जाते हैं. अगर यह बल्लेबाज शुरुआत में आउट नहीं हुआ, तो फिर छक्कों की बरसात तय मानी जाती है. कुछ ऐसा ही नज़ारा सोमवार को भी दिखा जब साउथ अफ्रीका अंडर-19 टीम के खिलाफ दूसरे यूथ वनडे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया. बेनोनी में खेले जा रहे इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने महज 21 गेंदों में 10 छक्के जड़ दिए. मैदान पर जो भी गेंदबाज आया, वैभव ने उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ खेला और दर्शकों को एक के बाद एक रोमांचक शॉट्स देखने को मिले. पहली गेंद से ही दिखाए तेवर वैभव सूर्यवंशी जैसे ही क्रीज पर पहुंचे, उन्होंने साफ कर दिया कि वह किस इरादे से बल्लेबाजी करने आए हैं. तेज गेंदबाज बैसॉन की दूसरी और अपनी पारी की पहली ही गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में जोरदार छक्का जड़ दिया. इसके बाद पांचवीं गेंद पर फाइन लेग के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया.     बयांदा मजोला की गेंदबाजी पर भी सूर्यवंशी ने कोई रहम नहीं दिखाया. मजोला की पांचवीं गेंद पर उन्होंने डीप एक्स्ट्रा कवर के बाहर लंबा छक्का जड़ा. इसके बाद बैसॉन के अगले ओवर में भी वैभव ने दो और छक्के लगाकर दबाव पूरी तरह गेंदबाजों पर डाल दिया. 19 गेंदों में अर्धशतक, बिना एक भी चौके के वैभव सूर्यवंशी ने मजोला की गेंद पर अपना सातवां छक्का लगाया और इसके बाद आठवां छक्का जड़ते ही सिर्फ 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. खास बात यह रही कि इस अर्धशतक में एक भी चौका शामिल नहीं था. वैभव का पूरा फोकस गेंद को स्टैंड्स तक पहुंचाने पर था और वह इसमें पूरी तरह सफल रहे. छक्के ने रुकवा दिया खेल वैभव सूर्यवंशी की आतिशी बल्लेबाजी का असर इतना गहरा था कि एक समय खेल को रोकना पड़ा. जब उन्होंने अपना सातवां छक्का लगाया, तो गेंद मैदान से बाहर चली गई और काफी देर तक ढूंढने के बावजूद नहीं मिली. इसके चलते खेल कुछ समय के लिए रोकना पड़ा. गेंद बदली गई, लेकिन सूर्यवंशी के इरादे नहीं बदले और उन्होंने अगली ही गेंदों पर फिर से बड़े शॉट्स खेलना जारी रखा. क्रूसकैंप ने लगाया ब्रेक आखिरकार दाएं हाथ के तेज गेंदबाज क्रूसकैंप ने वैभव सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर ब्रेक लगाया. बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में सूर्यवंशी ने गेंद को कवर्स के ऊपर हवा में खड़ा कर दिया, जहां डैनियल बॉसमैन ने आसान कैच लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी ने 24 गेंदों में 68 रनों की विस्फोटक पारी खेली. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 283.33 का रहा. भले ही उनकी पारी ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने मैच और दर्शकों दोनों पर गहरी छाप छोड़ दी. बता दें कि इस मैच में भारत को जीत के लिए साउथ अफ्रीका ने 246 रनों का लक्ष्य रखा था.

ट्रेविस हेड की आंधी जारी, सात मैदानों पर शतक लगाकर रचा नया कीर्तिमान

 सिडनी   एशेज सीरीज 2025-26 का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में जारी है. इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने एक बार फिर अपने शानदार फॉर्म का सबूत देते हुए बेहतरीन शतक लगाया. हेड ने मुकाबले के तीसरे दिन (6 जनवरी) अपना शतक पूरा किया, जिसके लिए उन्होंने 105 गेंदें लीं. हेड ने वनडे स्टाइल में बैटिंग करते हुए 24 चौके और एक छक्के की मदद से 166 गेंदों पर 163 रन बनाए. हेड के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साथ ही मौजूदा ऐशेज सीरीज में ये उनका तीसरा शतक रहा, जिससे उनकी निरंतरता साफ झलकती है. यह शतक ट्रेविस हेड के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने पहली बार सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में शतकीय पारी खेली. इस शतक के साथ उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. हेड अब ऑस्ट्रेलिया के सात अलग-अलग मैदानों पर टेस्ट शतक लगाने वाले दुनिया के सिर्फ पांचवें बल्लेबाज बन गए. इस खास सूची में पहले से स्टीव वॉ, जस्टिन लैंगर, मैथ्यू हेडन और डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गज शामिल हैं. अक्टूबर 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई में टेस्ट डेब्यू करने वाले ट्रेविस हेड का ये 65वां टेस्ट मैच है. घरेलू मैदानों पर उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. एडिलेड ओवल में उन्होंने लगातार चार टेस्ट मैचों शतक लगाए हैं. वहीं द गाबा (ब्रिस्बेन) में दो शतक जड़े हैं. हेड ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, ऑप्टस स्टेडियम (पर्थ), बेलेरिव ओवल (होबार्ट), मानुका ओवल (कैनबरा) और अब सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में एक-एक शतक जड़े हैं. ऑस्ट्रेलिया से बाहर सिर्फ एक 1 टेस्ट शतक दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया के बाहर उनका इकलौता टेस्ट शतक वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2021-23 के फाइनल में आया था. इंग्लैंड के द ओवल में भारत के खिलाफ खेले गए उस मुकाबले में हेड ने 174 गेंदों पर 163 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसने ऑस्ट्रेलिया को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई.  ट्रेविस हेड ने अपनी पारी में 152 गेंदों पर 150 रन पूरे किए, जो एशेज में गेंदों के लिहाज से पांचवां सबसे तेज रहा. हेड अब उन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने किसी एशेज सीरीज में तीन शतक लगाए. एक एशेज सीरीज में तीन से ज्यादा शतक ऑस्ट्रेलिया के किसी सलामी बल्लेबाज ने अब तक नहीं लगाया है. एशेज में सबसे तेज 150 रन (गेंदों के आधार पर) 129 – जो डार्लिंग, सिडनी, 1898 141 – एडम गिलक्रिस्ट, एडजबेस्टन, 2001 143 – ट्रेविस हेड, ब्रिस्बेन, 2021 152 – जैक क्राउली, ओल्ड ट्रैफर्ड, 2023 152 – ट्रेविस हेड, सिडनी, 2026 166 – डॉन ब्रैडमैन, लॉर्ड्स, 1930 एशेज सीरीज में सबसे ज्यादा शतक (ऑस्ट्रेलियाई ओपनर) 3- जो डार्लिंग (1897/98, घरेलू) 3- बिल वुडफुल (1928/29, घरेलू) 3- आर्थर मॉरिस (1946/47, घरेलू) 3- आर्थर मॉरिस (1948, विदेशी) 3- बिल लॉरी (1965/66, घरेलू) 3- माइकल स्लेटर (1994/95, घरेलू) 3- माइकल स्लेटर (1998/99, घरेलू) 3- मैथ्यू हेडन (2002/03, घरेलू) 3- ट्रेविस हेड (2025/26, घरेलू) ट्रेविस हेड का मौजूदा सीरीज में प्रदर्शन इनिंग्स: 9 रन: 600 एवरेज: 66.66 स्ट्राइक रेट: 87.59 शतक: 3 लगातार टूटते रिकॉर्ड और बेहतरीन फॉर्म के साथ ट्रेविस हेड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद स्तंभों में से एक क्यों हैं.

गोल्ड कप ओपन चेस टूर्नामेंट: दौसा में रुद्रांश पंचोली की शानदार जीत

दौसा जिला शतरंज संघ और कार्तिकेय चैस ऐकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में गोल्ड कप ओपन चैस टूर्नामेंट विज़न क्लासेज आगरा रोड में हुआ। टूर्नामेंट को रुद्रांश पंचोली ने अविजीत रहते हुये 6 में से 5.5 अंक बनाकर जीता। उन्हें चमचमाती ट्रॉफी और एक साइकिल ईनाम में मिली। दूसरे स्थान पर आशीष छीपा रहे उन्हें एक मिक्सर जूसर और ट्रॉफी दी गई, उन्होंने 5 अंक बनाये। तीसरे स्थान पर धनञ्जय राजमिश्र रहे। उन्हे प्रेशर कुकर और ट्रॉफी मिली। इस टूर्नामेंट में एक रनिंग ट्रॉफी भी रखी गई है। जिसे तीन बार जीतने वाले खिलाडी को वह ट्रॉफी दी जायेगी। पूर्व में कुछ खिलाडी इसे एक-एक बार जीत चुके है।  अन्य विजेताओं को भी आकर्षक गिफ्ट हेम्पर ट्रॉफी के साथ दी गई। टूर्नामेंट में बेहतर परिणाम अर्जित करने वाले कार्तिकेय चैस ऐकेडमी के खिलाडी शिवांश शर्मा मिक्सर जूसर और ट्रॉफी जीतकर दूसरे स्थान पर रहे। युवराज मीना को कोल्ड वाटर कैंपर और ट्रॉफी हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। दिव्यांश शर्मा को हॉट केस और ट्रॉफी ईनाम में मिली। इस टूर्नामेंट में 6 चक्र 20+10 के टाइम कंट्रोल से खेले गये। सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरुप मैडल दिया गया।अध्यक्ष कृष्णगोपाल शर्मा ने बताया कि टूर्नामेंट में प्रविष्टि केवल दौसा जिले के खिलाड़ियों को ही दी गई।टूर्नामेंट के चीफ अर्बीटर मुकेश गुर्जर रहे। पारितोषक के. जी. शर्मा, गणेश जैमन, समता मीना, कार्तिकेय जोशी, कमलेश भादूका, पंकज मिश्र ने वितरित किए।

हरभजन सिंह का बांग्लादेश पर कड़ा हमला: ‘भारत में स्वागत, लेकिन वहां जो हुआ…!’

जालंधर  बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और भारतीय क्रिकेट के बीच चल रहा टकराव इन दिनों सुर्खियों में है. मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से रिलीज किए जाने के बाद ये विवाद तब और गहरा गया जब बांग्लादेश ने भारत में होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकी दी. भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह ने अब इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. हरभजन ने साफ किया कि भारत हर टीम की मेज़बानी के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि अंतिम फैसला बांग्लादेश और आईसीसी के हाथ में है. क्या बोले हरभजन सिंह सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में जो-जो घटनाएं हुई हैं, उनकी वजह से बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता. बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, वह गलत है. आईसीसी को उनके अनुरोध पर फैसला लेना चाहिए. हम भारत में सभी का स्वागत करते हैं, लेकिन वे यहां आना चाहते हैं या नहीं, यह उनकी पसंद है.' बांग्लादेश भारत में खेलना नहीं चाहता हरभजन की यह टिप्पणी उस समय आई, जब बीसीबी ने औपचारिक रूप से आईसीसी को पत्र लिखकर भारत से बाहर अपने सभी टी20 वर्ल्ड कप 2026 मैचों को शिफ्ट करने की मांग की. बीसीबी ने इसके पीछे गंभीर सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है. यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होना तय है, लेकिन बांग्लादेश अब चाहता है कि उसके सभी मैच पूरी तरह श्रीलंका में कराए जाएं. बीसीबी का यह फैसला शनिवार को हुई आपात बोर्ड बैठक के बाद लिया गया. यह बैठक तब बुलाई गई थी, जब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के युवा एवं खेल सलाहकार डॉ. आसिफ नज़रुल ने मौजूदा हालात में टीम को भारत न भेजने की सलाह दी. भारत-विरोधी रुख को और मज़बूत करते हुए बांग्लादेश ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. मुस्तफिजुर से कूटनीतिक और क्रिकेट विवाद इस टकराव की तात्कालिक वजह बीसीसीआई द्वारा केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ करने का निर्देश देना रहा. मुस्तफिजुर को आईपीएल नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, जो किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि थी. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह फैसला “हालिया घटनाक्रम” के कारण लिया गया और यह भी पुष्टि की कि केकेआर को रिप्लेसमेंट लेने की अनुमति दी जाएगी. इसके बाद हालात और बिगड़ते चले गए. बांग्लादेश सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि देश में आईपीएल 2026 के प्रसारण को “अगले आदेश तक” निलंबित किया जा रहा है. वहीं, सितंबर में होने वाला भारत का बांग्लादेश दौरा भी फिलहाल टाल दिया गया है. हालांकि, खबरों के मुताबिक बीसीसीआई ने बांग्लादेश की वेन्यू बदलने की मांग को लॉजिस्टिक तौर पर नामुमकिन बताया है, लेकिन अब आईसीसी एक संवेदनशील भू-राजनीतिक और खेल संबंधी दुविधा के केंद्र में आ गया है. वर्ल्ड कप शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं और ऐसे में बांग्लादेश के मैचों का भारत के बाहर होना तय माना जा रहा है. इसका मतलब यह होगा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान, ये दो टीमें होंगी जो भारत में अपने मैच नहीं खेलेंगी. बता दें कि बांग्लादेश को भारत में कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर 3 मैच खेलने हैं जबकि मुंबई के वानखेड़े में उसका वर्ल्ड कप का एक मैच होना है.  

मैच के बाद सेल्फी मांगना पड़ा भारी, रोहित शर्मा का गुस्सा कैमरे में कैद

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक फैन पर नाराज होते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में रोहित उंगली दिखाकर फैन को डांटते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की पूरी कहानी सामने आने के बाद कई लोग रोहित के व्यवहार को सही ठहरा रहे हैं। दरअसल, रोहित शर्मा हाल ही में जामनगर में अपनी बेटी सैमी का जन्मदिन मनाने के बाद परिवार के साथ मुंबई लौटे थे। कलीना एयरपोर्ट पर उनके पहुंचते ही फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश करने लगे। सेल्फी के चक्कर में बिगड़ा माहौल वायरल वीडियो उसी दौरान का बताया जा रहा है। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद रोहित शर्मा अपनी पत्नी और बेटी के साथ कार में बैठ गए। जब गाड़ी आगे बढ़ने लगी तो रोहित ने फैंस को देखकर कार का शीशा नीचे किया और उन्हें हाथ हिलाकर अलविदा कहा। इसी बीच दो बच्चे रोहित के पास पहुंचे और उनके साथ फोटो लेने लगे।   शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब दोनों बच्चों ने रोहित शर्मा का हाथ पकड़ लिया और उसे खींचने लगे। इस हरकत से रोहित असहज हो गए। उन्होंने तुरंत अपना हाथ पीछे खींचा और कार का शीशा ऊपर करने लगे। इसी दौरान वह उंगली दिखाकर बच्चों को कुछ समझाते और डांटते हुए नजर आए। फैंस ने किया रोहित का समर्थन वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, लेकिन बड़ी संख्या में फैंस रोहित शर्मा के समर्थन में सामने आए। लोगों का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी या व्यक्ति की निजी सीमा होती है और इस तरह हाथ पकड़ना या खींचना गलत है। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति नाराज हो सकता है। 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज वर्कफ्रंट की बात करें तो रोहित शर्मा जल्द ही न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से जुड़ेंगे। इस सीरीज में विराट कोहली भी खेलते नजर आएंगे। दोनों दिग्गज अब भारत के लिए केवल वनडे फॉर्मेट में ही खेलते हैं। फैंस में इस सीरीज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वडोदरा में होने वाले पहले वनडे मुकाबले की टिकटें ऑनलाइन बिक्री के कुछ ही मिनटों में बिक गईं, जो रोहित और विराट के जबरदस्त क्रेज को दर्शाता है।  

भारतीय महिला टीम की कप्तानी को लेकर चौंकाने वाला बयान, दिग्गज ऑलराउंडर ने बताया मंधाना का विकल्प

नई दिल्ली भारत की ऐतिहासिक महिला विश्व कप 2025 जीत के बाद अब चर्चा का केंद्र टीम का भविष्य और नेतृत्व है। मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत कौर 36 वर्ष की हो चुकी हैं और उनके शानदार करियर के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही उत्तराधिकारी की खोज तेज हो गई है। जहां स्मृति मंधाना को लंबे समय से अगला कप्तान माना जा रहा था, वहीं दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज ऑलराउंडर मैरिज़ेन कैप ने एक अलग नाम आगे बढ़ाकर बहस को नया मोड़ दे दिया है। उनका मानना है कि भारत को ऐसा लीडर चाहिए जो टीम को जोड़कर रख सके। हरमनप्रीत कौर के बाद कौन? लीडरशिप पर नई बहस विश्व कप जीत के बाद भारतीय महिला टीम स्थिरता और निरंतरता के दौर में है, लेकिन कप्तानी का सवाल अब टाला नहीं जा सकता। हरमनप्रीत ने कई सालों तक टीम का नेतृत्व किया है, पर उम्र और भविष्य की योजना को देखते हुए बीसीसीआई को दीर्घकालिक विकल्प की ज़रूरत है। ऐसे में लीडरशिप सिर्फ रणनीति तक सीमित नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को साथ लेकर चलने की क्षमता भी अहम बन गई है। मैरिजेन कैप का चौंकाने वाला समर्थन 5 जनवरी 2026 को दिए एक इंटरव्यू में मैरिज़ेन कैप ने जेमिमा रोड्रिग्स को भारत की अगली कप्तान के रूप में देखने की इच्छा जताई। कैप के अनुसार, जेमिमा में वर्षों से लीडरशिप के गुण दिखाई देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कप्तानी केवल फील्ड सेटिंग और फैसलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि टीम के भीतर विश्वास और एकता बनाना भी उतना ही जरूरी है—और जेमिमा इसमें स्वाभाविक रूप से आगे हैं। पर्सनैलिटी और परफॉर्मेंस का सही संतुलन कैप ने ज़ोर देकर कहा कि जेमिमा की सबसे बड़ी ताकत उनकी पर्सनैलिटी है। वह खिलाड़ियों को जोड़ती हैं, माहौल को सकारात्मक रखती हैं और हर खिलाड़ी की परवाह करती हैं। हाल ही में विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ खेली गई उनकी नाबाद 127 रनों की पारी ने यह भी साबित किया कि वह बड़े मंच और दबाव को संभाल सकती हैं। 25 साल की उम्र में इस तरह की परिपक्वता उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार बनाती है। WPL 2026: जेमिमा के लिए लीडरशिप की अग्निपरीक्षा जेमिमा रोड्रिग्स को WPL 2026 सीज़न के लिए दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी सौंपे जाने के साथ ही यह चर्चा और मजबूत हो गई है। वह अनुभवी मेग लैनिंग की जगह ले रही हैं, जो अब UP वॉरियर्ज का नेतृत्व करेंगी। इस बदलाव को भारतीय क्रिकेट में एक रणनीतिक प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है, जहां जेमिमा की कप्तानी को हाई-प्रेशर लीग में परखा जाएगा। दिल्ली कैपिटल्स और भविष्य की राह दिल्ली कैपिटल्स के को-ओनर पार्थ जिंदल ने जेमिमा पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि टीम की पहली पिक से कप्तान बनने तक का उनका सफ़र प्रेरणादायक है। जब DC 10 जनवरी को मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी, तो सभी की निगाहें जेमिमा पर होंगी। अगर वह टीम को पहला WPL खिताब दिलाने में सफल रहती हैं, तो भारत की अगली महिला कप्तान के रूप में उनका दावा और भी मजबूत हो जाएगा।  

बर्फ के मैदान में बराबरी की रेस: अल्पाइन स्कीइंग में महिलाओं की बढ़ती ताकत

नई दिल्ली 'अल्पाइन स्कीइंग' विंटर ओलंपिक का एक मशहूर खेल है, जिसमें स्कीयर बर्फीले पहाड़ों पर ढलानों से तेज गति में फिसलते हुए नजर आता है। गति, संतुलन और तकनीक के इस खेल में डाउनहिल, स्लैलम, जाइंट स्लैलम और सुपर-जी जैसे इवेंट होते हैं। 'अल्पाइन' शब्द का अर्थ ऊंचे पहाड़ों से संबंधित या पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़ा है। साल 1800 के आसपास फ्रांसीसी आल्प्स जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों पर लोग चढ़ते और उतरते थे। इसी रोमांच के चलते इस खेल का विकास हुआ। इसके बाद नॉर्वे की सेना ने ढलानों पर स्कीइंग को सैन्य कौशल के रूप में विकसित किया। यहीं से आधुनिक स्कीइंग की नींव पड़ी। 19वीं सदी के अंत में आल्प्स में स्कीइंग को एक रोमांचक गतिविधि के रूप में विकसित किया गया। 20वीं सदी की शुरुआत तक महिलाओं ने भी इसमें हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। साल 1924 में स्विट्जरलैंड में पहली महिला अल्पाइन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। 1936 गार्मिश-पार्टेनकिर्चन शीतकालीन ओलंपिक में अल्पाइन स्कीइंग को पहली बार कंबाइंड इवेंट के रूप में शामिल किया गया, जिसमें डाउनहिल और स्लैलम शामिल थे। इसमें पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। 1952 हेलसिंकी ओलंपिक में जायंट स्लैलम और 1988 के कैलगरी ओलंपिक में सुपर-जी को शामिल किया गया। डाउनहिल को लंबे ट्रैक पर किया जाता है, जिसे पूरा करने में डेढ़ मिनट से ज्यादा समय लगता है। इस खेल को अल्पाइन स्कीइंग में सबसे तेज गति का इवेंट माना जाता है। सुपर जाइंट स्लैलम (सुपर-जी) इस खेल का दूसरा सबसे तेज इवेंट है, जिसकी शुरुआत साल 1982 में हुई थी। यह गेट्स की जोड़ी से बने ट्रैक पर होती है। स्कीयर अगर एक भी गेट मिस कर देता है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जाता है। इस इवेंट में मोड़ डाउनहिल की तुलना में अधिक चौड़े होते हैं। डाउनहिल की तरह सुपर जी रेस भी एक ही राउंड में होती है। सबसे कम समय में रेस पूरी करने वाले स्कीयर को विजेता घोषित किया जाता है। स्पेशल स्लैलम सबसे छोटी रेस होती है, जिसमें 50-60 सेकेंड का समय लगता है। इसमें सबसे ज्यादा चौड़े मोड़ होते हैं। स्कीयर एक ढलान पर बने रास्ते से गेट्स के बीच होते हुए नीचे उतरता है। स्लैलम में स्कीयर को इन गेट्स को छूना पड़ता है, जिसके लिए वे खास सुरक्षा उपकरण पहनते हैं। इस इवेंट में एक ही ढलान पर दो अलग-अलग कोर्स पर दो रन होते हैं। दोनों रन के कुल समय को जोड़ा जाता है। सबसे कम समय में रेस पूरी करने वाला विजेता होता है। जाइंट स्लैलम इवेंट में मोड़ के बीच 20-30 मीटर की दूरी निर्धारित होती है, जिसे पूरा करने में आमतौर पर एक से डेढ़ मिनट लगते हैं। इसके मोड़ स्पेशल स्लैलम की तुलना में चौड़े होते हैं और रास्ता दिखाने के लिए गेट्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह रेस भी दो रन में होती है। अल्पाइन कंबाइंड इवेंट में एक तेज रेस और एक टेक्निकल रेस होती है। दोनों रेस के समय को जोड़कर विजेता का फैसला किया जाता है। जेरेमी बुजाकोव्स्की 1964 और 1968 शीतकालीन ओलंपिक में अल्पाइन स्कीइंग में भाग लेने वाले पहले भारतीय थे। उनके बाद किशोर रहतना राय (1988), शैलजा कुमार (1988), हिमांशु ठाकुर (2014) और आरिफ खान (2022) ने भी विंटर ओलंपिक में इस खेल में देश का प्रतिनिधित्व किया। भले ही अब तक भारत इस खेल में ओलंपिक पदक हासिल नहीं कर सका है, लेकिन धैर्य, निवेश और तकनीकी तैयारी के साथ ओलंपिक पदक को 'संभव' बनाया जा सकता है।