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नागोया में 20वें एशियन गेम्स की शानदार ओपनिंग, मनु भाकर-पवन सहरावत ने बढ़ाया मान

टोक्यो नागोया में एशियन गेम्स 2026 का धमाकेदार आगाज हो गया है. जापान के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार (19 स‍ितंबर) को रंगारंग और हाईटेक ओपनिंग सेरेमनी हुई।  जापान के सम्राट नारुहितो ने महारानी मासाको, शाही परिवार के सदस्यों, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री की मौजूदगी में खेलों के शुरू होने की घोषणा की।  करीब दो घंटे चली सेरेमनी की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान से हुई. इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. जापान की सेल्फ डिफेंस फोर्स के 9 सदस्यों ने झंडे को मंच तक पहुंचाया. इसके बाद स्टेडियम की लाइटें बंद कर दी गईं और स्पॉटलाइट से जापान के नेशनल फ्लैग को रोशन किया गया।  मनु-पवन ने संभाला तिरंगा इसके बाद 45 देशों और OCA रिफ्यूजी टीम की एथलीट परेड हुई. यानी कुल 46 दलों ने मार्च किया. अफगानिस्तान सबसे पहले परेड में शामिल हुआ, जबकि एशिया की खेल महाशक्ति चीन 800 से ज्यादा खिलाड़ियों के दल के साथ आकर्षण का केंद्र रहा।  भारत की ओर से दो बार की पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और हांगझोऊ एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने तिरंगा थामा. दोनों पारंपरिक नेवी ब्लू ड्रेस में भारतीय दल का नेतृत्व करते नजर आए।  पवन सहरावत को आखिरी समय पर ताजिंदरपाल सिंह तूर की जगह ध्वजवाहक बनाया गया. तूर को समारोह के लिए जरूरी आधिकारिक किट समय पर नहीं मिल सकी, इसलिए वह ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा नहीं ले पाए।  खाली सीटों ने खींचा ध्यान हाईटेक और रंगारंग आयोजन के बीच स्टेडियम में कई सीटें खाली नजर आईं. सेरेमनी में सामान्य तौर पर दिखने वाली भारी भीड़ और धूमधाम भी कुछ कम नजर आई. ऐसे में खाली स्टैंड ने भी लोगों का ध्यान खींचा. भारत का 501 सदस्यीय दल इन खेलों में हिस्सा ले रहा है. टीम इंडिया की नजर 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स से बेहतर प्रदर्शन पर है. भारत ने वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 106 पदक जीते थे, जिसमें 28 गोल्ड शामिल थे. भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।  पहले ही शुरू हो चुके हैं कई मुकाबले एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही कई खेलों के मुकाबले शुरू हो चुके थे. महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम मेजबान जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है।  वहीं टेकबॉल (Teqball) में भी भारत पदक की रेस में है. यह खेल पहली बार एशियन गेम्स का हिस्सा बना है. भारत की क्विम्सी डी'सूजा शनिवार को महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में हार गईं. अब वह ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में उतरेंगी।  एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेंगे. नागोया का मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम ही ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी का मेजबान है. इस बार करीब 11,000 एथलीट 45 देशों और OCA रिफ्यूजी टीम की ओर से 43 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं. कुल 469 गोल्ड मेडल दांव पर हैं। 

चीफ सेलेक्टर पद छोड़ने की इच्छा जता चुके हैं अजीत अगरकर, BCCI AGM में सामने आई बड़ी बात

मुंबई भारतीय  क्रिकेट टीम से जुड़ा एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है, जहां अब BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) नए चीफ सेलेक्टर की तलाश में है. मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने बोर्ड से जुड़े बड़े लोगों को इस बारे में बता दिया है कि वो अब इस पद पर रहना नहीं चाहते हैं।  समाचार एजेंसी पीटीआई को अगरकर से जुड़े एक सूत्र ने बाया कि उन्होंने पहले ही BCCI को इस बारे में जानकारी दे दी है, अगरकर इस पोस्ट पर बने रहने के इच्छक नहीं हैं।  इससे पहले शुक्रवार को BCCI की AGM (एनुअल जनरल मीट‍िंग) हुई. जहां BCCI ने यहां AGM (एनुअल जनरल मीटिंग)  के दौरान अधिकारियों को चेयरमैन ऑफ सेलेक्टर्स अगरकर के भविष्य पर फैसला लेने की इजाजत दी. अगरकर इस मीट‍िंग के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे, उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को खतम् हो रहा है।  मीटिंग के आखिर में BCCI के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, अब ऑफिसर्स को सेलेक्शन कमेटियों से जुड़े मामलों पर फैसले लेने का अधिकार म‍िल गया है।  BCCI की 95वीं AGM में उससे जुड़े राज्य सदस्य बोर्ड शामिल हुए, जिसमें भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल) और पूर्व पेसर वेंकटेश प्रसाद (कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन) भी शामिल थे।  सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य के साथ-साथ, BCCI जूनियर सिलेक्शन कमिटी के सभी पाँच पदों को भरने पर भी विचार कर रहा है. BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड को जूनियर सिलेक्शन कमिटी के लिए बहुत सारे एप्लीकेशन मिले हैं और उनका लक्ष्य 15 द‍िन के अंदर यह प्रोसेस पूरा करना है।  क्या भारतीय फील्ड‍िंग कोच शुभदीप घोष हटेंगे? सैकिया ने कहा कि मौजूदा इंडियन फील्डिंग कोच शुभदीप घोष का अपॉइंटमेंट शॉर्ट टर्म के लिए है, लेकिन उनके परफॉर्मेंस को देखा जाएगा. उन्होंने आखिरी फैसला अभी लिया जाना बाकी है।  वानखेड़े में कब होगा टेस्ट  स्टेट बॉडी के सेक्रेटरी उन्मेश खानविलकर ने  मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के लिए टेस्ट मैच को लेकर ड‍िमांड की .मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में टेस्ट मैच होस्ट किए हुए लगभग दो साल हो गए हैं, आखिरी टेस्ट 2024 के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेला गया था_ हालांकि, अगले साल की शुरुआत में होने वाले पहले विमेंस चैम्प‍ियंस लीग और विमेंस प्रीमियर लीग के कुछ हिस्सों जैसे आने वाले मैचों के साथ क्रिकेट इस जगह पर वापस आ रहा है।  BGT टेस्ट को रांची से शिफ्ट करने पर कोई फैसला नहीं झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सेक्रेटरी और भारत के पूर्व क्रिकेटर सौरभ तिवारी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को रांची से हटाने के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया. तिवारी ने कहा  AGM में इस बारे में बिल्कुल भी बात नहीं हुई है।  BCCI की AGM में हुए फैसले? जनरल बॉडी ने अंपायरों और मैच रेफरी के लिए बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड्स के रीक्लासिफिकेशन को भी मंजूरी दी. हालांकि डिटेल्स नहीं दी गईं, लेकिन अभी, सीनियर घरेलू टूर्नामेंट के लिए टॉप दो ग्रेड के अंपायरों को हर दिन क्रमशः Rs 40,000 और Rs 30,000 मिलते हैं, जबकि T20 गेम्स के लिए यह रकम Rs 20,000 है. लेकिन बदले हुए पेमेंट ग्रेड A, B, C और D के हिसाब से हर दिन Rs 60,000, Rs 50,000, Rs 40,000 और Rs 35,000 होंगे।  कुछ स्टेट यूनिट्स में उम्र में धोखाधड़ी के कई मामलों के बाद, BCCI ने अपनी एज वेरिफिकेशन पॉलिसी को अपडेट किया और अपनाया. BCCI की नई इंटरनल कमेटी BCCI की प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट पॉलिसी के तहत बनाई गई थी. सैकिया ने कहा कि क्रिकेट अंडमान और निकोबार को एसोसिएट मेंबरशिप देने का मामला टाल दिया गया क्योंकि यह एक कानूनी मामला है।

क्विम्सी डिसूजा सेमीफाइनल में हारीं, टेकबॉल में अब ब्रॉन्ज मेडल पर नजर

नई दिल्ली  भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियन गेम्स की टेकबॉल महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार गईं. सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ की थी. उन्होंने जुझारू प्रदर्शन से मुकाबले में अपने विरोधी को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन गोल्ड मेडल की रेस से अब वह बाहर हो गई हैं. क्विम्सी ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी।  क्विम्सी मैच में सुमाया पर शुरूआती बढत बनाई थी, लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से वह हार गईं. इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया।  पहले गेम में क्विम्सी डिसूजा ने बनाई थी बढ़त पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12-7 से बढत बना ली थी. लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई. इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया।  डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी. टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है. टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है. इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने किया था।  2017 में पहली बार टेकबॉल का हुआ था विश्व चैंपियनशिप पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी. टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि एशियन में गेम्स टेक बॉल  को अगर सफलता मिलती है तो यह विश्व पटल पर और भी ज्यादा लोकप्रिय होगी और इस खेल को बढ़ावा मिलेगा। 

श्री चरणी ने लगातार दूसरे मैच में लिए 4 विकेट, टी20 में 50 विकेट का रिकॉर्ड भी बनाया

निशिन (जापान) एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने 8 विकेट की जीत के साथ शुरुआत की। इस मैच में स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने एक बार फिर कमाल की गेंदबाजी की और 4 विकेट लिए। पिछले मैच में भी उन्होंने 4 विकेट लिए थे। वह चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हुई हैं, जिन्होंने लगातार 2 मुकाबलों में 4 विकेट हासिल किए हैं। श्री चरणी ने इस मैच में शुरुआत बेहद साधारण की थी, लेकिन अगले 3 ओवरों में उन्होंने सब पलट दिया। कैसा रहा श्री चरणी का प्रदर्शन? श्री चरणी ने इस मैच में 4 ओवर की गेंदबाजी की और 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, लेकिन आपको हैरानी तब होगी, जब आपको पता चले कि उनके पहले ओवर में ही 9 रन बन गए थे। इसके बाद अगले 3 ओवर में उन्होंने सिर्फ एक रन दिया। 2 मेडन ओवर फेंके और 4 विकेट भी हासिल किए। भारतीय क्रिकेट में बुमराह को सबसे खतरनाक गेंदबाज माना जाता है, लेकिन श्री चरणी का रिकॉर्ड उनसे भी बेहतर दिख रहा है। वह टी20 में सबसे कम मैच में 50 टी20 विकेट हासिल करने वाली भारतीय गेंदबाज हैं। जून से आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन श्री चरणी जून के महीने से आईसीसी विमेंस टी20 रैंकिंग में टॉप पर बनी हुई हैं। अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टॉप पर अपनी बढ़त और मजबूत की है। दीप्ति शर्मा टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में दूसरे नंबर पर हैं, लेकिन उनके और श्री चरणी के बीच 50 रेटिंग् प्वाइंट का अंतर हैं। श्री चरणी भारत की पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने आईसीसी रैंकिंग में 800 या उससे ज्यादा रेटिंग प्वाइंट हासिल किए हैं। उनके पास सबसे ज्यादा रेटिंग प्वाइंट हासिल करने वाली गेंदबाज बनने का भी मौका है। एक साल में सबसे ज्यादा विकेट श्री चरणी इस साल भारत के लिए टी20 में 43 विकेट ले चुकी हैं। वह एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गई हैं। इस मामले में थाईलैंड की थिपाचा पुथावॉन्ग टॉप पर हैं। उन्होंने 2025 में 56 विकेट निकाले थे। वहीं, 2024 में रवांडा के लिए 50 विकेट लेने वाली हेनिरट इशिम्वे दूसरे स्थान पर हैं। श्री चरणी इस साल 43 और रवांडा की मैरी भी 43 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चरणी ने इस साल 43 विकेट लिए हैं। वहीं, मैरी ने 2024 में ऐसा किया था।

हार्दिक पंड्या की वापसी पर गंभीर का बड़ा अपडेट, बोले- तुरंत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं झोंकेंगे

नई दिल्ली भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया है कि हालिया समय में भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस एक प्रमुख समस्या बनकर उभरी है और यह भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं मिल पा रही है, खासकर जब अगला वनडे विश्व कप सिर्फ एक साल दूर है। भारतीय टीम इस समय अपने प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस की समस्याओं से जूझ रही है। टीम के प्रमुख ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अभी रिहैब पर हैं और उन्हें वापसी करने के लिए इंडिया ए मैचों का सहारा लेना पड़ रहा है। टीम के प्रमुख गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह भी आईपीएल 2026 के दौरान से ही फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे हैं और टीम से लगातार अंदर-बाहर होते रहे हैं। हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी 20 सीरीज में उन्होंने सफल वापसी की है। वहीं तीनों फॉर्मेट खेलने वाले हर्षित राणा भी लगातार टीम से बाहर चल रहे हैं। हार्दिक का आना टीम के लिए अच्छा भारतीय कोच गंभीर ने कहा, "इस समय हार्दिक पूरी तरह से 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए फिट नहीं हैं और आईपीएल के बाद से उन्होंने ज्यादा क्रिकेट भी नहीं खेला है। जब हार्दिक वापस आएंगे, तो यह निश्चित रूप से टीम के लिए अच्छा होगा।" आईपीएल के दौरान ही फिटनेस समस्या से जूझ रहे वरूण चक्रवर्ती को हालिया अफगानिस्तान सीरीज से एक मैच के बाद ही बाहर होना पड़ा। वह अब एशियाई खेलों से भी बाहर हैं। इससे पहले वह जिम्बाब्वे सीरीज का भी हिस्सा नहीं बन पाए थे और इंग्लैंड दौरे के बीच से भी बाहर हो गए थे। दिलचस्प बात यह थी कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए जब भारतीय दल का चयन हुआ था, तो उसमें चार खिलाड़ियों का चयन उनके फिटनेस पर आधारित था और अंत में उसमें से एक खिलाड़ी पूरी सीरीज से बाहर हो गया। सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं मिल पा रही गंभीर ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यह आदर्श स्थिति नहीं है। आपको टेस्ट और वनडे क्रिकेट में अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चाहिए होते हैं। अगला साल भी 50 ओवर के वनडे विश्व कप का है, तो यह हमारे युवा कप्तान शुभमन गिल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं मिल पा रही है। इससे टीम की निरंतरता प्रभावित होती है। एक कोच के रूप में मैं सारी आलोचनाओं को झेल सकता हूं, लेकिन यह जरूरी है कि शुभमन को उनकी सर्वश्रेष्ठ एकादश मिले।" गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि क्यों नीतीश कुमार रेड्डी ने एशियाई खेलों से अपना नाम वापस लिया। उन्होंने कहा, "नीतीश का टी 20 फॉर्मेट से हटना और उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में रखना एक बेहतरीन कदम है। हम सब जानते हैं कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कितने अहम साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "इस समय हार्दिक पूरी तरह से 10 ओवर गेंदबाज़ी करने के लिए फ़िट नहीं हैं और आईपीएल के बाद से उन्होंने ज्यादा क्रिकेट भी नहीं खेला है। जब हार्दिक वापस आएंगे, तो यह निश्चित रूप से टीम के लिए अच्छा होगा और हो सकता है कि हम दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में भी खिलाएं। लेकिन हम उन्हें तुरंत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में झोंकना नहीं चाहते क्योंकि यह उनके शरीर के लिए बेहद कठिन हो सकता है। इसलिए ही उन्हें इंडिया ए टीम में जगह मिली है।"

नागोया एशियन गेम्स में कमरे पड़े कम, भारतीय खिलाड़ियों को छोटी जगह में करनी पड़ रही एडजस्टमेंट

 नागोया एशियाई खेलों के लिए बहुचर्चित कोस्टा सेरेना क्रूज जहाज में ठहरे कुछ भारतीय खिलाड़ियों को दो लोगों के लिए बने कमरे में तीन खिलाड़ियों को साथ रहना पड़ रहा है। उद्घाटन समारोह से महज दो दिन पहले आवास व्यवस्था को लेकर मेजबान जापान के खिलाड़ियों को भी ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ा है। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, कुछ जापानी खिलाड़ी वैकल्पिक आवास की तलाश कर रहे हैं। ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें पुरुष और महिला खिलाड़ियों को साझा कमरे आवंटित किए गए हैं। जापान के उप मिशन प्रमुख हिसाशी मिजुतोरी ने यहां मीडिया से कहा कि ऐसे मामले सामने आए हैं जहां कोच, टीम अधिकारियों और खिलाड़ियों को एक ही कमरे में रखा गया है। कुछ मामलों में केवल संख्या के आधार पर कमरे आवंटित किए गए, जैसे पांच पुरुषों और पांच महिलाओं के समूह को दो लोगों के पांच कमरे देना। होती है मुश्किल जापान टाइम्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि कागज पर संख्या सही बैठती है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर इससे पुरुषों और महिलाओं को एक साथ रखने, कोच को खिलाड़ियों के साथ रखने या बड़ी मात्रा में चिकित्सा उपकरण रखने वाले ट्रेनर को एक साथ रखने जैसी मुश्किल स्थितियां पैदा होती हैं। भारत के रोइंग, वुशु और टेबल टेनिस दल के खिलाड़ी पहले ही इटली के क्रूज जहाज में पहुंच चुके हैं जो फिलहाल आवास व्यवस्था को लेकर चर्चा के केंद्र में है। करीब 300 मीटर लंबे इस जहाज में 1,500 केबिन हैं। भारतीय दल के एक सदस्य के अनुसार दो खिलाड़ियों के लिए बने कुछ कमरों में तीन खिलाड़ी रह रहे हैं। कमरे छोटे होने के कारण अतिरिक्त खिलाड़ी के रहने से असुविधा बढ़ गई है, लेकिन वे औपचारिक रूप से शिकायत नहीं कर रहे हैं। भारतीय दल के एक सदस्य ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि दो खिलाड़ियों के लिए बने कुछ कमरों में तीन खिलाड़ी रह रहे हैं। कमरे पहले ही छोटे हैं और एक अतिरिक्त खिलाड़ी के कारण असुविधा और बढ़ जाती है। खिलाड़ी इतनी बड़ी प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत नहीं कर रहे उन्होंने कहा कि लेकिन हम शिकायत नहीं कर रहे हैं और स्थिति के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं। भोजन को लेकर कोई समस्या नहीं है। यह भी पता चला है कि कुछ भारतीय अधिकारियों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करने को कहा गया है। भारतीय रोइंग टीम के सहयोगी स्टाफ के दो सदस्य क्रूज जहाज पर जगह नहीं मिलने के कारण बाहर ठहरे हुए हैं।  

सट्टेबाजी जांच के बीच रिजवान की पुरानी फोटो ने बढ़ाई मुश्किलें, बेटिंग ऐप को लेकर उठे सवाल

नई दिल्ली पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान की पोल खुल गई है। सट्टेबाजी के आरोप में उनके खिलाफ जांच चल रही है। रिजवान पर सट्टेबाजी और जुएं से जुड़े कामों में लिप्त होने का आरोप है। उनका मोबाइल फोन भी जांच टीमों के पास है। अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उनका करियर खत्म हो सकता है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस बीच रिजवान की एक फोटो सामने आई है, जिसमें वह अपने जर्सी पर टेप लगाए दिख रहे हैं। यह फोटो तब की है, जब रिजवान ने टीम की जर्सी पर छपे बेटिंग ऐप का प्रचार करने से मना कर दिया था और टेप लगाकर मैच खेले थे। रिजवान की फोटो सामने आने के बाद दोहरे व्यव्हार के चलते उनकी जमकर आलोचना हो रही है। वहीं, कुछ फैंस अभी भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं और उनका कहना है कि रिजवान के खिलाफ साजिश की जा रही है। वह सट्टेबाजी जैसा काम नहीं कर सकते हैं। कई फैंस का मानना है कि रिजवान पहले बेटिंग एप से दूर रहने की एक्टिंग करते थे और अब हकीकत सामने आई है। कैसे शुरु हुई जांच? पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड दौरे में लगातार खराब खेल रही थी। पहला टेस्ट मैच पारी के अंतर से हारने के बाद जब पाकिस्तान दूसरा मैच भी हार गया तो पीसीबी में बवाल मच गया। 7 खिलाड़ियों और 2 कोच को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया। मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक का फोन जांच अधिकारियों ने अपने पास रख लिया। इसके बाद से पूरे मामले की जांच जारी है। रिजवान ने इसके खिलाफ कोर्ट में भी अपील की थी, लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया। रिजवान के खिलाफ जांच जारी है। हाल ही में उन्होंने कहा था कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। खेल में एक्टिंग के लिए ट्रोल होते रहे हैं रिजवान मोहम्मद रिजवान मैदान में एक्टिंग करने के लिए अक्सर ट्रोल होते रहते हैं। वह अपनी सुविधा के हिसाब से कई बार चोटिल होने का बहाना कर चुके हैं। अक्सर यह टेस्ट मैच में समय निकालने और विपक्षी गेंदबाज या बल्लेबाज की लय तोड़ने के लिए किया जाता है। रिजवान ऐसा करने के लिए बदनाम हो चुके हैं और हाल ही में बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने मैदान में उनकी एक्टिंग को लेकर तंज भी कसा था।

मनु भाकर और तूर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नागोया एशियन गेम्स में करेंगे भारत की अगुवाई

नई दिल्ली भारत के अभियान प्रमुख (Chef de Mission) सहदेव यादव ने शुक्रवार को मनु के ध्वजवाहक बनने की पुष्टि की. उन्होंने कहा, ‘मनु भाकर एक ध्वजवाहक होंगी.’ इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने तूर के दूसरे ध्वजवाहक होने की पुष्टि की. मनु भाकर के लिए यह जिम्मेदारी खास है. पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे. वह स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीते. वहीं तूर पिछले दो एशियाई खेलों में शॉटपुट का स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. अब नागोया में दोनों भारत की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे. उद्घाटन से पहले ही समारोह में रुकावट शनिवार को होने वाले आधिकारिक उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को नागोया में पारंपरिक फ्लैग होस्टिंग समारोह आयोजित किया जाना था. इसमें भारत समेत पांच दलों को हिस्सा लेना था. लेकिन समारोह शुरू होने से पहले ही इसमें देरी हो गई और बाद में इसे अचानक रोक दिया गया. यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, भारत और तिमोर-लेस्ते के प्रतिनिधिमंडल गार्डन पियर पर मौजूद थे. भारत की ओर से चार डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरत कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत भी वहां मौजूद थे. स्थानीय आयोजकों ने देरी के लिए किसी एक टीम से जुड़ी ‘कुछ परेशानी’ का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि स्थिति को करीब 15 मिनट में सामान्य करने की कोशिश की जाएगी. करीब 20 मिनट की देरी के बाद समारोह शुरू भी हुआ, लेकिन कुछ ही देर में इसे फिर रोकना पड़ा. शरत कमल और अंजलि भागवत मंच की ओर बढ़ चुके थे, लेकिन कार्यवाही रुकने के बाद उन्हें वापस प्रतीक्षा क्षेत्र में लौटना पड़ा. आयोजकों ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस टीम से जुड़ी क्या परेशानी थी. नागोया में पहले भी उठ चुके हैं सवाल फ्लैग होस्टिंग समारोह में हुई यह रुकावट ऐसे समय आई है, जब नागोया एशियाई खेलों की आयोजन व्यवस्था पहले से ही चर्चा में है. खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आवास और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इस बार पारंपरिक गेम्स विलेज की जगह खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए कंटेनर शैली के आवास, होटल और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप समेत अलग-अलग जगहों पर ठहरने की व्यवस्था की गई है. कमरों के आवंटन में देरी और ट्रेनिंग वेन्यू तक पहुंचने में परेशानी की बातें भी सामने आई हैं. भारतीय MMA खिलाड़ी वरुण सान्याल ने आवास व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी. भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने भी व्यवस्थाओं में कुछ मिसमैनेजमेंट की बात स्वीकार की थी. बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने बताया था कि भारतीय दल के कुछ सदस्यों को एक मौके पर बस के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा. अब शुक्रवार की फ्लैग होस्टिंग में हुई रुकावट ने आयोजन व्यवस्था को लेकर चर्चा को और बढ़ा दिया है. हालांकि इसकी वजह के बारे में आयोजकों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. शनिवार को तिरंगे के साथ भारत की एंट्री एशियाई खेलों का आधिकारिक उद्घाटन शनिवार, 19 सितंबर को होना है. कई खेलों की प्रतियोगिताएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, लेकिन उद्घाटन समारोह के साथ खेलों का औपचारिक आगाज होगा.

संजू की वापसी से वैभव सूर्यवंशी को करना पड़ा इंतजार, गंभीर ने बताया टीम का प्लान

नई दिल्ली अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में शतक ठोककर खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन इसी सीरीज में संजू सैमसन ने भी चुपचाप अपना जवाब दे दिया. इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर लगातार नाकामी के बाद टीम से बाहर हुए संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों में 117 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 180 रहा. गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड में संजू को बाहर रखना उनके कोचिंग कार्यकाल का सबसे मुश्किल फैसला था. उन्होंने माना कि वर्ल्ड कप जीतने से पहले संजू के प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला आसान नहीं था. हालांकि, गंभीर ने यह भी कहा कि कई बार टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म के आधार पर फैसला लेना पड़ता है. गंभीर के मुताबिक टी20 क्रिकेट में सिर्फ रन या विकेट नहीं देखे जाते, बल्कि खिलाड़ी और टीम कितना इम्पैक्ट डाल रहे हैं, यह ज्यादा अहम है. इसी वजह से उन्होंने अभिषेक के 100 रन से ज्यादा टीम के पावरप्ले में 100 रन पूरे करने को बड़ी उपलब्धि बताया. उनके कोचिंग कार्यकाल में भारत ने पहली बार पावरप्ले में 100 रन बनाए. गंभीर ने कहा कि टीम को इसी आक्रामक सोच के साथ आगे बढ़ना है और अब अगला लक्ष्य 300 रन का स्कोर है. वर्ल्ड कप वाली टीम पर भरोसा क्यों? संजू के मामले में गंभीर ने एक और बात साफ की. उनका कहना था कि टीम मैनेजमेंट शुरू से ही वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के कॉम्बिनेशन पर वापस जाने को लेकर स्पष्ट था. गंभीर ने कहा कि कोई खिलाड़ी दो-तीन मैच या एक-दो सीरीज में नाकाम होने से खराब खिलाड़ी नहीं बन जाता. भारत एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अजेय रहा और वर्ल्ड कप जीता. ऐसे में सिर्फ दो-तीन नाकामियों के बाद उस टीम या उसके खिलाड़ियों पर भरोसा खत्म नहीं किया जा सकता. संजू आए तो वैभव को करना पड़ा इंतजार अफगानिस्तान सीरीज में संजू की वापसी का सीधा असर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर पड़ा. वैभव को प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ा. गंभीर ने इसे वैभव के लिए झटका नहीं, बल्कि इंतजार का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को वैभव की प्रतिभा और वह क्या कर सकता है, इसकी पूरी जानकारी है. लेकिन जो खिलाड़ी करीब दो साल से लगातार अच्छा कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम में आया है. उनका संदेश साफ था- चाहे खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, अगर मौका मिलने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है तो इंतजार करना होगा. भारतीय क्रिकेट में यही प्रतियोगिता है और टीम के ड्रेसिंग रूम में इस तरह की प्रतिभाओं की मौजूदगी ही टीम को मजबूत बनाती है.

अभिषेक शर्मा का तूफान, 11 छक्कों के साथ वैभव सूर्यवंशी से निकले आगे; 2026 में जड़े 96 सिक्स

नई दिल्ली साल 2026 में भारतीय बल्लेबाजों अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के बीच एक खास रेस देखने को मिली है. वो रेस टी20 क्रिकेट में छक्के लगाने की है. हालांकि गुरुवार (17 सितंबर) को अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक की तूफानी पारी ने समीकरण थोड़े बदल दिए हैं. अभिषेक इस साल टी20 क्रिकेट में कुल 96 छक्के लगा चुके हैं, जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के नाम पर 86 छक्के हैं. इस तरह अभिषेक ने वैभव पर 10 छक्कों की बढ़त बना ली है. अभिषेक शर्मा ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20I मुकाबले में अफगानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन बनाए, जिसमें 11 छक्के के अलावा 9 चौके शामिल थे. इस पारी के दौरान उन्होंने 16 गेंदों में पचास रनों का आंकड़ा टच किया. फिर अभिषेक ने देखते ही देखते सिर्फ 30 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में किसी बैटर का ये का सबसे तेज शतक रहा. साथ ही यह किसी फुल मेम्बर टीम के बल्लेबाज का दूसरी फुल मेम्बर टीम के खिलाफ सबसे तेज टी20I शतक भी रहा. बता दें कि अभिषेक शर्मा एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं. अभिषेक ने 2025 में टी20 क्रिकेट में कुल 108 छक्के लगाए थे. इस साल अभिषेक 96 छक्के लगा चुके हैं और अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करने की स्थिति में पहुंच गए हैं. 2024 में उनके बल्ले से 87 छक्के निकले थे. जबकि वैभव सूर्यवंशी 86 छक्कों के साथ चौथे स्थान पर हैं. दिलचस्प बात यह है कि कुल छक्कों की संख्या में अभिषेक शर्मा भले ही वैभव सूर्यवंशी से आगे निकल गए हों, लेकिन छक्का लगाने की आवृत्ति में युवा बल्लेबाज का आंकड़ा बेहतर है. 2026 में वैभव ने औसतन हर 4.99 गेंद पर एक छक्का लगाया है, जबकि अभिषेक के लिए यह आंकड़ा 6.64 है. एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय (टी20 क्रिकेट) 108- अभिषेक शर्मा, 2025 96- अभिषेक शर्मा, 2026 87- अभिषेक शर्मा, 2024 86- वैभव सूर्यवंशी, 2026 85- सूर्यकुमार यादव, 2022 अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20I में 11 छक्के लगाने के साथ ही अभिषेक शर्मा ने एक और उपलब्धि हासिल की. अभिषेक बतौर भारतीय बल्लेबाज एक टी20 इंटरनेशनल पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस सूची में सबसे ऊपर भी उनका ही नाम है. अभिषेक ने 2025 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में 13 छक्के लगाए थे. टी20I पारी में भारत के लिए सबसे अधिक छक्के 13- अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2025 11- अभिषेक शर्मा बनाम अफगानिस्तान, दिल्ली, 2026 10- रोहित शर्मा बनाम श्रीलंका, इंदौर, 2017 10- संजू सैमसन बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 2024 10- तिलक वर्मा बनाम साउथ अफ्रीका, जोहानिसबर्ग, 2024 10- ईशान किशन बनाम न्यूजीलैंड, तिरुवनंतपुरम, 2026