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खामेनेई के निधन पर अजमेर शरीफ से आया बड़ा संदेश, दीवान बोले- हसनी-हुसैनी खानदान नहीं झुकता

नई दिल्ली ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में हुई मौत के बाद भारत के शिया समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। एक दिन पहले ही कश्मीर से लेकर कर्नाटक और लखनऊ तक लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। इस मसले पर मुस्लिम स्कॉलर्स और उलेमाओं के तीखे बयान भी सामने आए हैं। इसी मसले पर अजमेर शरीफ दरगाह के चीफ सैयद जैनुल आबेदीन का कड़ा बयान सामने आया है। यह जंग नहीं डिक्टेटरशिप अजमेर शरीफ दरगाह के चीफ सैयद जैनुल आबेदीन का कहना है कि ईरान और इजराइल के बीच जो हो रहा है उसको जंग नहीं कहा जा सकता है। इसे डिक्टेटरशिप कहा जा सकता है। अमेरिका अपने फायदे के लिए दुनिया के नेताओं को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। वह अलग-अलग मुल्कों में संपत्तियों को कैप्चर कर रहा है। अमेरिका इन मुल्कों के खनिजों पर कब्जा जमाना चाहता है। मौजूदा वक्त में अमेरिका की तानाशाही चल रही है। हसनी हुसैनी खानदान ने गर्दन नहीं झुकाई सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि आयतुल्लाह अली खामेनेई साहब पर हुए हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। मिटिंग के दौरान हुए हमले में आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत मारे गए तमाम टॉप लीडर्स को शहीद का दर्जा मिलता है। आयतुल्लाह अली खामेनेई साहब पैगंबर मोहम्मद साहब के खानदान से हैं। ये लोग हसनी और हुसैनी हैं। इस खानदान के लोगों ने कभी यजीदियों के सामने गर्दन नहीं झुकाई। शिया आवाम के रहनुमा थे खामेनेई सैयद जैनुल आबेदीन ने आगे कहा- अमेरिका और इस्राइल यजीदी कौम हैं। हुजूर ने अपने संदेश में ही साफ कर दिया था कि यजीदियों के साथ कैसा सलूक करना है। आयतुल्लाह अली खामेनेई केवल ईरान के सर्वोच्च नेता नहीं थे। वह पूरी दुनिया की इस्लामिक शिया आवाम के रहनुमा थे। पूरी दुनिया में जो पैनिक देखा जा रहा है इसके कुसूरवार अमेरिका और इस्राइल हैं। मेरा सवाल यह कि क्या यूएन का चार्टर्ड इसकी इजाजत देता है। भारत सरकार से की अपील सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि ईरान और भारत के काफी जमाने से ताल्लुकात रहे हैं। मैं भारत सरकार से गुजारिश करूंगा कि इस पैनिक को खत्म कराने के लिए अपने पॉवर का इस्तेमाल करते हुए एक पहल करे। भारत के सूफी संतों ने जो अमन का पैगाम पूरी दुनिया को दिया है उसका अमल कराने की कोशिश की जानी चाहिए। इन मुल्कों के कारण जब से दुनिया ने अमन का पैगाम भुला दिया है तब से अशांति देखी जा रही है।

देसंविवि में आयोजित उत्सव-26 के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम, विद्यार्थियों ने दिया संदेश

हरिद्वार देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में तीन दिवसीय उत्सव-26 के अंतिम दिन आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने नृत्य, नाटक, संगीत और समूह प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से मंचित किया। विद्यार्थियों ने बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संकट पर आधारित नाट्य प्रस्तुति देकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और नैतिक मूल्यों के ह्रास जैसे विषयों पर भी सारगर्भित प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों, लोकनृत्य और आधुनिक नृत्य शैलियों का भी समावेश रहा, जिससे वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिभागियों के उत्साह और रचनात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं खेल प्रतियोगिता में प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने टेबल टेनिस में भाग लिया, उनकी टीम ने टेबल टेनिस में जीत दर्ज की। वहीं एक अन्य वर्ग में सिद्धार्थ ने उज्ज्वल को हराकर जीत दर्ज की। फुटबॉल में त्रिलोचन की टीम ने कड़ी टक्कर के मध्य अमित सिंह की टीम को हराया। बालक वर्ग के 400 मीटर दौड़ में यज्ञदेव को प्रथम तथा कुशाग्र को द्वितीय स्थान मिला। बालिका वर्ग की 400 मीटर दौड़ में प्रज्ञा ने बाजी मारी, तो वहीं अपूर्वा को द्वितीय स्थान मिला। रिले रेस में खुशी, ज्योतिका, प्रज्ञा, अनामिका की टीम विजयी रहीं। बालक वर्ग में यज्ञदेव, अमित, मोहन, लवेन्द्र को विजेता घोषित किया गया। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के विभागाध्यक्ष डॉ शिवनारायण प्रसाद ने बताया कि उत्सव-26 में रंगोली, मेंहदी, ढपली, सोलो प्रज्ञागीत, ग्रुप क्लासिकल संगीत, कविता पाठ, भाषण, क्विज, तबला वादन, एकल व सामूहिक क्लासिक डांस, निबंध सहित कुल 22 प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। जिनमें निकिता, दीक्षा कश्यप, हर्षिता शर्मा, प्रवेश बजाज, अदिति टीम, अनामिका, बरखा स्वर्णकार, भोला रघुवंशी, परशुराम ग्रुप, सत्यम कटारे, प्रशस्ती शर्मा, ममता, संजना बिष्ट, गुजरात ग्रुप आदि अव्वल रहे। तो वहीं यशिका, यचिता, निशिका आर्य, प्रज्ञा पाल, दीपशिखा, सुमन, योशिता, विश्वामित्र टीम, जयेन्द्र श्रीवास्तव, अक्षिता पाल, अनमोल सिंह, शांभवी ग्रुप, बलराम लोधी, राजस्थान ग्रुप आदि को द्वितीय स्थान मिला। उन्होंने बताया कि कई प्रतियोगिताओं में निर्णायक को निर्णय देने में माथापच्ची करनी पड़ी।

ईरान का दावा- US और इजरायल ने निशाना बनाए परमाणु ठिकाने, IAEA की रिपोर्ट में क्या निकला?

ईरान ईरान के राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में बड़ा दावा किया है। ईरानी दूत ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने रविवार को उसके परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं। हालांकि, UN न्यूक्लियर वॉचडॉग के हेड ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बताए गए हमलों में किसी न्यूक्लियर साइट को नुकसान हुआ है। IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने सोमवार को एजेंसी के 35 सदस्यों वाले बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को बताया कि एजेंसी के पास “इस बात का कोई संकेत नहीं है कि किसी भी न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन को नुकसान पहुँचा है या उस पर हमला हुआ है।” दरअसल, ईरानी राजदूत से पूछा गया था कि ईरान में किस परमाणु ठिकाने पर हमला हुआ है तो उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका ने नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले किए हैं। 'रेडियोधर्मिता रिसाव ' की संभावना हालांकि, आईएईए के महानिदेशक ने यह भी कहा है कि 'रेडियोधर्मिता रिसाव ' की संभावना को टाला नहीं जा सकता। राफेल ग्रोसी ने ईरान और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और परमाणु प्रतिष्ठानों पर किसी भी तरह के सशस्त्र हमले से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आईएईए स्थिति की निगरानी जारी रखेगा और यदि परमाणु सुरक्षा में कोई उल्लंघन होता है तो सदस्य देशों को तत्काल तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगाह किया कि यदि रेडियोधर्मिता रिसाव होता है तो बड़े शहरों को खाली कराने की नौबत आ सकती है। टीम स्थिति का आकलन कर रही ग्रोसी ने कहा कि एजेंसी ने अपने अधिकार क्षेत्र के अनुरूप संभावित रेडियोधर्मिता रिसाव आपात स्थिति की आशंका को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। आईएईए का 'इंसिडेंट एंड इमरजेंसी सेंटर' (आईईसी) सक्रिय है और एक समर्पित टीम स्थिति का आकलन कर रही है, हालांकि संघर्ष के कारण संचार में बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा निगरानी नेटवर्क को सतर्क कर दिया गया है और अब तक ईरान से सटे देशों में पृष्ठभूमि स्तर से अधिक विकिरण दर्ज नहीं हुआ है। परमाणु सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ा ईरान में परमाणु प्रतिष्ठानों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि अब तक बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेहरान अनुसंधान रिएक्टर या अन्य परमाणु ईंधन चक्र सुविधाओं के क्षतिग्रस्त होने का कोई संकेत नहीं मिला है। आईएईए ने ईरान के परमाणु नियामक प्राधिकरण से संपर्क साधने के प्रयास जारी रखे हैं, लेकिन अभी तक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। महानिदेशक ने चेतावनी दी कि क्षेत्र के कई देशों में संचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्र और अनुसंधान रिएक्टर हैं, जिससे किसी भी सैन्य हमले की स्थिति में परमाणु सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ जाता है। संयुक्त अरब अमीरात में चार परिचालित परमाणु रिएक्टर हैं, जबकि जॉर्डन और सीरिया में अनुसंधान रिएक्टर संचालित हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासम्मेलन के पूर्व प्रस्तावों का उल्लेख करते हुए कहा कि परमाणु सुविधाओं पर सशस्त्र हमले कभी नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे गंभीर रेडियोधर्मी उत्सर्जन हो सकता है, जिसके प्रभाव सीमाओं से परे तक पड़ सकते हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दीर्घकालिक समाधान के लिए उन्होंने कूटनीति और वार्ता पर लौटने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने कहा कि बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय संबंधों का हिस्सा रहा है, लेकिन यह हमेशा अंतिम विकल्प होना चाहिए।उन्होंने कहा, "कूटनीति कठिन है, लेकिन असंभव नहीं। परमाणु कूटनीति और भी कठिन है, लेकिन असंभव नहीं। हमें जल्द से जल्द वार्ता की मेज पर लौटना ही होगा।"  

रमजान में भी जारी जंग: पाकिस्तान ने 350 तालिबानियों को मार गिराने का किया दावा

काबुल, ब्लूमबर्ग तुर्की और कतर जैसे मुल्कों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश की थी, लेकिन फेल रहे। दोनों इस्लामिक देशों के बीच जारी इस जंग ने साउथ एशिया में ऐसे वक्त में तनाव बढ़ाया है, जब पड़ोस में ही ईरान और इजरायल भी लड़ रहे हैं। उस युद्ध में अमेरिका भी इजरायल संग हमले कर रहा है। इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच भारत के पड़ोस में भी युद्ध तेज हो रहा है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध का आज चौथा दिन है। पाकिस्तान का दावा है कि उसके हमलों में अब तक 350 से ज्यादा तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया है कि उनके मुल्क ने अफगानिस्तान के 41 ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में तालिबान की 130 चौकियों को तबाह कर दिया गया है। इसके अलावा 530 लोग जख्मी हुए हैं और साढ़े 3 सौ लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने इससे पहले ऐलान किया था कि अफगानिस्तान के साथ अब हम खुली जंग में हैं। उनका कहना था कि तालिबान ने हमारी सीमा में घुसकर हमले किए हैं और अब हम उनका जवाब देंगे। इसके बाद पाकिस्तान ने काबुल, कंधार समेत अफगानिस्तान के बड़े शहरों को टारगेट करते हुए हमले किए थे। तुर्की और कतर जैसे मुल्कों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश की थी, लेकिन फेल रहे। दोनों इस्लामिक देशों के बीच जारी इस जंग ने साउथ एशिया में ऐसे वक्त में तनाव बढ़ाया है, जब पड़ोस में ही ईरान और इजरायल भी जंग लड़ रहे हैं। उस युद्ध में अमेरिका भी इजरायल के साथ मिलकर हमले कर रहा है। वहीं अफगानिस्तान का दावा है कि उसके हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के दो मिलिट्री बेस और 19 मिलिट्री पोस्ट भी कब्जाने का दावा किया है। पाकिस्तान ने ऐसे दावों को खारिज किया है। बता दें कि बीते कई सालों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। 2021 में अफगानिस्तान से नाटो सेनाओं ने वापसी की थी। इसके बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अब तालिबान के हाथ सत्ता लगेगी और उनके जरिए वह मनमानी कर सकेगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ है और तालिबान ने अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं करने दिया है। यही नहीं पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत को लेकर दोनों में मतभेद भी पैदा हो गए हैं। इसकी वजह यह है कि तालिबान का कहना है कि वह अंग्रेजों की खींची हुई डूरंड लाइन को नहीं मानता है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा में जो पश्तून आबादी है, उनके साथ उनका रिश्ता है। ऐसे में मुक्त आवाजाही की परमिशन भी होनी चाहिए। अकसर ही दोनों सीमा पर तनाव की स्थिति में रहते हैं।  

ईरानी हमले से सऊदी ऑयल प्लांट बंद, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत

सऊदी अरब दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी के रूप में जाने जाने वाली सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको को ईरान ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। जानकारी के मुताबिक ईरानी ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनूरा रिफाइनरी को एहतियातन बंद कर दिया है। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के जवाब में तेहरान पूरे क्षेत्र में लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इन हमलों में खाड़ी देशों में कई लोगों की मौत भी हो गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अल अरबिया टीवी को बताया कि इस क्षेत्र में दो ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है। ड्रोन के मलबे से सीमित स्तर पर आग भी लगी थी जिसे तुरंत काबू कर लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता बता दें कि रास तनूरा कॉम्प्लेक्स सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है और यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है। यह सऊदी कच्चे तेल के निर्यात का एक अहम टर्मिनल भी है। सूत्र के अनुसार रिफाइनरी को सावधानी के तौर पर बंद किया गया है और हालात नियंत्रण में हैं। मच सकता है हाहाकार रिफाइनरी बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री व्यापार भी लगभग ठप हो गया है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल खपत इसी मार्ग से गुजरती है। रविवार को इस क्षेत्र के आसपास जहाजों पर हमलों के बाद तेल परिवहन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अरामको ने इस मामले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। क्या कह रहे विशेषज्ञ? रिस्क इंटेलिजेंस फर्म वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट के मिडिल ईस्ट विश्लेषक टॉरब्योर्न सोल्टवेड्ट ने कहा ताजा हमलों कर चिंता जताते हुए कहा कि रास तनूरा पर हमला क्षेत्रीय तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है और अब खाड़ी देशों की ऊर्जा संरचना सीधे निशाने पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सऊदी अरब और पड़ोसी खाड़ी देश अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियानों के और करीब आ सकते हैं। कई खाड़ी देशों में हमले यह ड्रोन हमला क्षेत्र में हाल के हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के दुक़्म वाणिज्यिक बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में भी तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा एहतियातन बंद कर दिया गया है, जहां से फरवरी में करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन तेल तुर्की को निर्यात किया गया था।  

कनाडा से भारत को मिलेगा यूरेनियम, पीएम मोदी और कार्नी की मुलाकात में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए तय

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा में लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर साथ काम करेंगे. -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले दशक में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है. यहां प्रति व्यक्ति आय का विकास ऐसा रहा है जो इतिहास में बहुत कम देखा गया है. कनाडा आपके इसी उत्साह और उद्देश्य की भावना को साझा करता है. मुझे लगता है कि इस नए युग में सफलता का मार्ग 2023 में आपके G20 अध्यक्षता के विषय ‘One Earth, One Family, One Future’ में अच्छे से दिखाया गया है, क्योंकि हमारे समय की चुनौतियों को अकेला कोई देश हल नहीं कर सकता.' -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले वर्ष में कनाडा और भारत की सरकारों के बीच जो संवाद हुआ है, वह पिछले दो दशकों में हुए सभी संवादों से अधिक है. यह केवल संबंधों का नवीनीकरण नहीं है, बल्कि नए उत्साह, ध्यान और दूरदर्शिता के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है. यह दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी है, जो अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रहे हैं.' -पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई तनावों पर भारत की स्थिति स्पष्ट है. हम हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात करते रहे हैं, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत हो जाती है. पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का समर्थन करता है और क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ करीबी सहयोग जारी रखेगा. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कनाडा भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. हम उनका भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन में डायलॉग पार्टनर बनने में रुचि दिखाने का स्वागत करते हैं, जिससे हमारी समुद्री सहयोग में नई गहराई आएगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरवाद सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर और साझा चुनौती हैं. इनके खिलाफ हमारी करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम है. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच जुड़ाव है. आज हमने इन्हें और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालयों के बीच नए साझेदारी की घोषणा की गई है. इसके अलावा, कनाडाई विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में कैंपस खोलने पर भी सहमति बनी है. आदिवासी और जनजातीय समुदाय हमारे साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. दोनों पक्षों के बीच आज सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में इंडिया-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है. दोनों देश रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे. इसी उद्देश्य से आज इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित करने का निर्णय लिया गया. -CAMECO के अध्यक्ष टिम गिट्ज़ेल और कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पट्टनाइक ने परमाणु ऊर्जा विभाग और CAMECO के बीच यूरेनियम अयस्क आपूर्ति समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज साइन किए गए क्रिटिकल मिनरल्स पर MoU से सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ेगी. अंतरिक्ष क्षेत्र में हम दोनों देशों की स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ेंगे. ऊर्जा क्षेत्र में हम अगले स्तर की साझेदारी बना रहे हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.' -पीएम मोदी ने कहा, 'हम टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में स्वाभाविक साझीदार हैं. भारत-कनाडा इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत हम नए विचारों को वैश्विक समाधान में बदलेंगे. मैं प्रधानमंत्री कार्नी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले महीने भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की सफलता में कनाडा का महत्वपूर्ण योगदान दिया. हम AI के साथ-साथ क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग बढ़ाएंगे.' -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमें खुशी है कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने का निर्णय लिया है. अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हम इस साल भारत-कनाडा रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज समिट आयोजित करेंगे. नागरिक परमाणु ऊर्जा में हमने लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे.' -कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को हमारे सहयोग में बढ़ती गति के लिए श्रेय देता हूं. भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अडिग विश्वास रखते हैं. हम विविधता का जश्न मनाते हैं. मानवता की भलाई हमारी साझा दृष्टि है. यही दृष्टि हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. आज हमने इस दृष्टि को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को अनलॉक करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हमने जल्द ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है. इससे दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. यह उनके भारत की विकास कहानी में गहरे विश्वास का प्रतीक है. आज हम दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे. उनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी को … Read more

शांति और स्थिरता की दी अपील ईरान का ड्रोन अटैक: सऊदी की Aramco रिफाइनरी पर हमला, PM मोदी का शांति और स्थिरता पर जोर

दुबई दुबई में स्थित दुनिया के सबसे बड़े ऑयल टैंक 'अरामको' पर ईरान ने अटैक किया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमलों के बाद सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी बंद कर दी. रिपोर्ट के मुताबिक, बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 9.32% बढ़ गई हैं. यह जगह सऊदी की सबसे बड़ी और सबसे स्ट्रेटेजिक एनर्जी साइट्स में से एक है. हमले के बाद इसके प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई. अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने इलाके में ज़रूरी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता पैदा कर दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी के ने बताया कि अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है. ईरान युद्ध के बीच PM मोदी का बड़ा बयान पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ऐतिहासिक मुलाकात भारत की कूटनीति के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकती है. नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को 'नेक्स्ट लेवल पार्टनरशिप'  पर ले जाने का संकल्प लिया, बल्कि वैश्विक शांति के लिए एक मजबूत संदेश भी साझा किया. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा से ही शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है और सभी विवादों का समाधान 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' (संवाद और कूटनीति) के माध्यम से होना चाहिए.  पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम जारी रहेगा. उन्होंने दोहराया कि “हमने हमेशा शांति और स्थिरता की अपील की है.” आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच गंभीर चर्चा हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरपंथ को पूरी मानवता के लिए एक साझा खतरा बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया. रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और कनाडा ने 'इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग' की स्थापना का निर्णय लिया है.  इसके माध्यम से दोनों देश डिफेंस इंडस्ट्री, मिलिट्री एक्सचेंज और मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (समुद्री सुरक्षा जागरूकता) को बढ़ावा देंगे. पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भारत उनकी सलामती के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा. ईरान जंग का ख़तरनाक दौर… दुनिया भर में, ईरान जंग के बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में चार साल में सबसे ज़्यादा उछाल आया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए व्यापार करीब रुक गया है. यह एक ऐसा पानी का रास्ता है, जो रोज़ाना दुनिया का करीब पांचवें हिस्से का कच्चा तेल ले जाता है. हालांकि, ईरान ने ऑफिशियली चैनल बंद नहीं किया है, लेकिन जहाज़ मालिकों ने लड़ाई के बीच खुद ही रोक लगा दी है. ईरान युद्ध ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए एक खतरनाक नया दौर है. US और इज़रायल ने शनिवार को ईरान में कई जगहों पर मिसाइलें दागीं और लोकल लोगों से इस्लामिक शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की. ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद तेहरान ने इज़रायल के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में US बेस और दूसरे ठिकानों पर हमलों की झड़ी लगा दी. 

कोच्चि में सुपरहिट फिल्म के निर्देशक चिदंबरम एस पोडुवल के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस

  कोच्चि केरल के कोच्चि (Kochi) शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है. सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ (Manjummel Boys) के निर्देशक चिदंबरम एस पोडुवल (Chidambaram S Poduval) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने सोमवार को इसकी पुष्टि की. शिकायत के आधार पर एर्नाकुलम साउथ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि यह मामला साल 2022 की एक कथित घटना से जुड़ा है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है. ये है आरोप की कहानी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 2022 में निर्देशक ने उसके फ्लैट में जबरन प्रवेश किया था. यह घटना कोच्चि के एलामकुलम इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट की बताई जा रही है. महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय हरकत की और उसका यौन उत्पीड़न किया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया. इसके बाद तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया. इन धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है. केस धारा 74 और 75 के तहत दर्ज हुआ है. धारा 74 महिलाओं की लज्जा भंग करने की नीयत से हमला या आपराधिक बल प्रयोग से जुड़ी है. वहीं धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है. पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है. पूछताछ की तैयारी अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज करने से पहले महिला का विस्तृत बयान लिया गया था. अब फिल्म निर्माता निर्देशक को नोटिस जारी किया जाएगा. उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने को कहा जाएगा. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. अभी तक आरोपी निर्देशक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. दो हिट फिल्मों के निर्देशक हैं चिदंबरम चिदंबरम एस पोडुवल मलयालम सिनेमा के चर्चित निर्देशक हैं. उन्होंने 2021 में फिल्म जान-ए-मन (Jan.E.Man) का निर्देशन किया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था. इसके बाद 2024 में आई फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की. इस फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई. ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज हुए इस केस ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. आगे क्या होगा? फिलहाल पुलिस जांच की प्रक्रिया में जुटी है और आरोपी को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है. पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है. निर्देशक की ओर से सफाई या प्रतिक्रिया आने का इंतजार है. आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं.  

CJI सूर्यकांत का बयान: ‘कोई भी सूर्यकुमार यादव से आखिरी ओवर की उम्मीद नहीं करता’

नई दिल्ली देश की सर्वोच्च अदालत में फैसले देने वाले भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने क्रिकेट का उदाहरण दिया है। इस दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम लिया। साथ ही कानून के छात्रों को बताया कि किसी एक क्षेत्र में माहिर होना कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैसे क्रिकेट खिलाड़ी सभी भूमिकाएं नहीं निभा सकते। वैसे ही वकील भी इस पेशे के हर क्षेत्र में माहिर नहीं बन सकते। 28 फरवरी को गुजरात के गांधीनगर स्थित GNLU यानी गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के 16वें दीक्षांत समारोह में सीजेआई पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि एक सफल टीम तब बनती है, जब सभी की भूमिकाएं स्पष्ट हों और हर एक व्यक्ति को उनकी ताकत के बारे में पता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी उम्मीद नहीं करता कि डेथ ओवर्स में सूर्य कुमार यादव गेंदबाजी करें। उन्होंने कहा कि कोई उम्मीद नहीं करता कि बल्लेबाजी करते हुए रन चेज करने के दौरान जसप्रीत बुमराह सबसे आगे रहें। ऐसे ही वकीलों को भी धीरे-धीरे उन क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए, जो उनकी क्षमता है। उन्होंने कहा कि वकीलों को उन ताकतों के इर्द गिर्द ही अपने पहचान बनानी चाहिए। छात्रों को सलाह भारत के प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि कानून का पेशा उन लोगों को शायद ही कभी इनाम देता है, जो सभी कामों को बराबर करने की कोशिश करते हैं। बार एंड बेंच के अनुसार, सीजेआई ने कहा, 'मेरे प्रिय ग्रेजुएट्स, इस पेशे में आप कहां फिट बैठते हैं, यह सवाल खुद से शुरुआत में ही पूछना जरूरी है। यहां उन लोगों को शायद ही कभी सफलता मिलती है जो हर काम को बराबर तरीके से करने की कोशिश करते हैं। आप में से कुछ लोग क्रिकेट के शौकीन होंगे, और अगर आप सुनवाइयों के बीच T20 वर्ल्ड कप देख रहे हैं, तो आपने एक बात गौर की होगी। कामयाब टीमें इस आधार पर नहीं बनतीं कि हर खिलाड़ी को हर चीज में माहिर होना चाहिए। कोई भी सूर्यकुमार यादव से आखिरी ओवरों में बॉलिंग करने की उम्मीद नहीं करता, और न ही कोई यह उम्मीद करता कि जसप्रीत बुमराह रन चेज करें। उन्हें सिर्फ वही करने का भरोसा दिया जाता है जिसमें वे माहिर हैं। आपकी वकालत पर भी यही सिद्धांत लागू होता है।' उन्होंने कहा कि बड़े वकील सब कुछ बराबर करने की कोशिश में ऊंचे पद तक नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा, 'यह ऐसा सवाल नहीं है जो करियर के पहले या तीसरे साल में खुद हल हो जाएगा। लेकिन इस सवाल को खुद से जल्दी पूछना और बार-बार पूछना जरूरी है। क्योंकि जो वकील अपने काम में सबसे ज्यादा सुकून और आत्मविश्वास में दिखते हैं, वे लगभग वही लोग होते हैं जिन्होंने कहीं न कहीं दिखावा करना बंद कर दिया और असल मायने में वकालत शुरू कर दी।' उन्होंने छात्रों से कहा कि यह पेशा आपसे हर दिन कोई उपलब्धि नहीं मांगता, बल्कि मुश्किल समय में आपकी विश्वसनीयता मांगता है। अंत में यही बात तय करती है कि आप भविष्य में किस तरह के वकील बनेंगे।

खामनेई की मौत के बाद बौखलाए ईरान ने ट्रंप को दिया जवाब, मुसलमान देशों पर हमले की गलती मानी

तेहरान  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद ईरान ने अपना इरादा बता दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से यह दावा किए जाने के बाद कि ईरान का नेतृत्व अब अमेरिका संग बातचीत के लिए तैयार है, ईरान ने साफ किया है कि अब बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इसके साथ ही ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश भेज दिया है। ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने ट्रंप के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अली लारीजानी ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन रिपोर्ट्स के जवाब में था जिसमें यह कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को इस तरह का एक बयान दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने 'द अटलांटिक' मैग्जीन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था, "वे बात करना चाहते हैं, मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।" ईरान पर हमले जारी इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी अमेरिका-इजरायल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए हैं। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य, राजनीतिक और खुफिया ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इससे प्रतीत होता है कि जंग व्यापक होती जा रही है और यह लंबे समय तक चल सकती है, जो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता ला सकती है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बोला हमला वहीं ईरान ने बदले का संकल्प लेते हुए जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अरब देशों पर सैंकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इजरायल की बचाव सेवाओं के मुताबिक यरुशलम और मध्य शहर बेत शेमेश के एक प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) समेत कई जगहों पर हमले हुए। बेत शेमेश में नौ लोगों की मौत हो गई है और 28 लोग घायल हुए। इसके साथ ही इजरायल में मृतकों की कुल संख्या 11 हो गई। वहीं खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान लगातार मिसाइलें दाग रहा है। ईरान ने मुसलमान देशों पर हमला करके गलती इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसने जवाबी कार्रवाई के तहत उन 6 पड़ोसी देशों पर हमला बोल दिया, जो सीधे तौर पर इस जंग में शामिल नहीं थे। अब इन सभी देशों ने ईरान के खिलाफ बयान जारी किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने तो ईरान के राजदूत को तलब कर नाराजगी जताई है। ऐसी स्थिति में यह सवाल अब उठ रहा है कि क्या ईरान ने पड़ोस के मुसलमान देशों पर हमला करके गलती की। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि गल्फ कॉपरेशन काउंसिल के वाले इन 6 देशों ने अब ईरान के खिलाफ साझा बयान जारी किया है। यही नहीं इन देशों का कहना है कि हमारे पास अधिकार है कि हम भी ईरान के इन आक्रामक हमलों का जवाब दे सकें। इस संबंध में इन देशों ने एक ऑनलाइन मीटिंग भी की है, जिसमें ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से उपजे हालातों पर चर्चा की गई। इसके अलावा यह बात भी हुई कि ईरान ने हम पर हमला करके गलती की है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, कतर और कुवैत को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों ने चर्चा की और क्षेत्र में स्थिरता कायम करने के उपायों पर भी बात की। खाड़ी देश बोले- संभल जाओ, वरना हम भी कदम उठाएंगे खाड़ी के इन सभी देशों ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा और स्थिरता के लिए कदम उठाने को स्वतंत्र हैं। UAE ने तो ईरान के राजदूत रजा अमेरी को तलब किया और उनसे विरोध जताया है। यूएई ने कहा कि ईरान ने हमारे ऊपर हमला करके सही नहीं किया है। UAE ने कहा कि हमारे ऊपर हमला संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा हमारी संप्रभुता को चैलेंज किया गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में डाली गई है। ऐसी स्थिति को हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हमारे पास भी ईरान के हमलों पर जवाब देने का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने की UAE के नेता से बात, शियाओं में गम और गुस्सा इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात भी की है। उन्होंने UAE के लीडर को फोन किया और ईरान के हमलों को लेकर चर्चा की। दोनों ने इस मसले पर भी बात की कि आखिर आने वाले दिन कैसे हो सकते हैं। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं। उनके मारे जाने से दुनिया भर के शिया मुसलमानों में गम और गुस्सा है। भारत में भी श्रीनगर, लखनऊ, दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। खाड़ी देशों में धमाके कई खाड़ी देशों में ईरानी हमलों के बाद धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक राजधानी अबू धाबी पर ईरानी हमलों की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और हवाई हमलों से निकले मलबे के कारण शहर के मुख्य बंदरगाह और प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल में आग लग गई। ईरानी कार्रवाई का दायरा ओमान तक फैल गया है, जो पश्चिम के साथ ईरान का लंबे समय से वार्ताकार रहा है और इससे पहले इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ था। इसके अलावा सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उसने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र या भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया। वहीं जॉर्डन ने कहा कि उसने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। कुवैत, बहरीन और कतर … Read more