samacharsecretary.com

ज्यूरिख में अमेरिका–ईरान वार्ता: परमाणु मुद्दे पर सहमति के संकेत, पाकिस्तान मध्यस्थ भूमिका में

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते और पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है. इसमें अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं. कतर के प्रतिनिधि भी इन वार्ताओं में हिस्सा लेंगे. इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ हुए प्रारंभिक समझौते को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं. उन्होंने कहा कि कतर में फ्रीज किए गए ईरान के 6 अरब डॉलर इस समझौते के तहत वापस किए जाएंगे. ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा, 'समझौता ज्ञापन (MoU) की सभी शर्तें हमारे पक्ष में हैं और इन वार्ताओं तथा बातचीत की उपलब्धियां जल्द ही सामने आएंगी.' उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने हालिया भाषण में ईरान पर कई प्रतिबंधों की बात की थी, अब उन्हीं मुद्दों को ईरानी जनता के अधिकार के रूप में स्वीकार कर चुके हैं. नेतन्याहू सबसे ज्यादा दुखी होंगे: पेजेश्कियान पेजेश्कियान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ता से सबसे अधिक असंतुष्ट वही होंगे. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, 'अमेरिका की केवल एक ही शर्त है कि हमारे पास परमाणु बम नहीं होना चाहिए. यह वही बात है जिसे हमारे शहीद नेता भी बार-बार कहते थे कि हम परमाणु बम नहीं चाहते. अमेरिका ने कहा कि इसे लिखकर हस्ताक्षर कर दीजिए और हमने हस्ताक्षर कर दिए.' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार सुबह ज्यूरिख पहुंचे, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर पहले से ही वहां मौजूद थे. स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा, 'आज सुबह जेरेड और स्टीव से बात हुई. मेरी समझ के अनुसार चीजें अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही हैं.' ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं. प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अरागची, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव अली बाघेरी कानी और ईरान सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी शामिल हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी रविवार को ज्यूरिख पहुंचे. उनके साथ सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद हैं. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को जारी बयान में कहा, 'इस्लामाबाद एमओयू के तहत बनी सहमतियों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में प्रक्रिया को सुगम बनाना जारी रखेगा.' अमेरिका-ईरान ने साइन किया था एमओयू पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक एमओयू पर साइन किए थे, जिसने पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया की शुरुआत की. इस समझौते में पाकिस्तान ने प्रमुख मध्यस्थ और गारंटर की भूमिका निभाई है. वार्ता के तकनीकी चरण 19 जून से शुरू होने थे, लेकिन इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच नई झड़पों के कारण इसमें देरी हुई. स्विट्जरलैंड में हो रही इस उच्चस्तरीय वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और अमेरिका के साथ अंतरिम शांति समझौते को स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ाना है. ईरान और अमेरिका के बीच एमओयू साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुजको फिर से खोल दिया गया था. यह वही रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है. हालांकि, ईरान ने शनिवार को दावा किया कि लेबनान में इजरायली हमलों के कारण उसने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है.

मौसम बदलाव का असर: मुंबई में बुखार और सांस की बीमारियों के केस में इजाफा

मुंबई मुंबई में इन दिनों सांस और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की प्राइवेट क्लीनिक्स पर भी लोगों की लाइन लगी रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में स्वाइन फ्लू (H1N1) और कोविड के लिए बनाए गए ओपीडी काउंटर्स पर एक बार फिर मरीजों का आना शुरू हो गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के नामी ब्रीच कैंडी अस्पताल की लैब में रोज कम से कम सात कोविड या फिर स्वाइन फ्लू के केस सामने आ रहे हैं। क्या होते हैं मरीजों के लक्षण आम तौर पर ऐसे मरीजों को तेज बुखार होता है। बुखार 102 से 103फारेन हाइट्स के बीच पहुंच जाता है। शरीर में दर्द, सीने में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण देखे जाते हैं। फोर्टिस अस्पता के डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों स्टमक फ्लू के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। क्या मॉनसून में देरी की वजह से बढ़ रहीं बीमारियां बीएमसी के हेल्थ ऑफिसर डॉ. दक्ष शाह के मुताबिक मौसम में बदलाव की वजह से बीमारियां बढ़ी हैं। मॉनसून में देरी होने की वजह से आर्द्रता बहुत ज्यादा है और उमस बर्दाश्त से बाहर हो गई है। ऐसी स्थिति में वायरस भी हवा में ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब बारिश शुरू हो जाएगी तो अपने आप इस तरह की दिक्कतें कम होने लगेंगी। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों प्रेग्नेंट महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों सो पीड़ित लोगों को ज्यादा देखरेख की जरूरत है। सांस के मरीजों को भी स्वास्थ्य का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि बिना डॉक्टर के सलाह के दवाइयां लेना भी हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में लोगों को सीधे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जहां तक हो सके भीड़ में मास्क का उपयोग करें। इसके अलावा साफ सफाई का भी ध्यान रखें। क्या हैं कोरोना के लक्षण कोरोना होने पर अचानक तेज बुखार आता है। इसके अलावा ठंड भी लग सकती है। शरीर में तेज दर्द, मांस पेशियों में ऐंठन, गले में खराश, सूखी खांसी, पेट की खराबी और डायरिया जैसे लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं स्वाइन फ्लू में तेज बुखार के साथ सीने में दर्द हो सकता है। तेज सिरदर्द, खूब पीना आना, नाक बहना और कमजोरी इसके लक्षण हैं। बारिश से मिली राहत चमचमाती धूप और उमस से परेशान मुंबईकरों को रविवार को थोड़ी राहत मिली है। मुंबई के बड़े इलाके में रविवार सुबह बारिश हुई जिसके बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि महाराष्ट्र में मॉनसून के अटकने की वजह से जल संकट भी पैदा हो गया है। अब तक मॉनसून मुंबई नहीं पहुंच पाया है। हालांकि अब मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं और जल्द ही यह मुंबई पहुंच जाएगा। मॉनसून महीने की शुरुआत में ही दक्षिण कोंकण में प्रवेश कर गया था। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ समेत अन्य कारणों से मॉनसून पर ब्रेक लग गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, सुबह छह बजे से सात बजे के बीच घाटकोपर स्थित महानगरपालिका द्वारा संचालित रामाबाई विद्यालय में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इसके बाद चेंबूर अग्निशमन केंद्र में 20 मिलीमीटर और मानखुर्द अग्निशमन केंद्र में 16 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच महानगरपालिका द्वारा संचालित वर्ली सी-फेस विद्यालय और सावित्रीबाई फुले विद्यालय में 25-25 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो शहर में सर्वाधिक रही। इसके अलावा, लोअर परेल स्थित जी-दक्षिण वार्ड कार्यालय में 21 मिलीमीटर और वर्ली अग्निशमन केंद्र में 17 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान जलभराव या बारिश से संबंधित किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली।

सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में गैस लीक, 65 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित

तमिलनाडु तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया. पेरियापालयम के पास कन्निगापेर गांव स्थित 'सेंट पीटर्स पॉल सीफ़ूड प्रोसेसिंग एंड एक्सपोर्ट कंपनी' में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया. गैस फैलते ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे. इस हादसे में 65 से ज्यादा कर्मचारी गैस की चपेट में आ गए, जिनमें इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं, उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं. गैस का असर होते ही कई कर्मचारियों को सांस लेने में तकलीफ, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी. इसके बाद पर फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया. प्रभावित कर्मचारियों को अलग-अलग वाहनों के जरिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया. अस्पतालों में भर्ती किए गए कर्मचारी प्रभावित कर्मचारियों को इलाज के लिए तुरंत गाड़ियों से पास के वेल्स प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और वेंकटेश्वर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की टीम ने सभी मरीजों की तत्काल जांच शुरू की और इलाज किया. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 6 कर्मचारी गैस के प्रभाव से बेहोश हो गए. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं. वहीं, दो लोगों के नाक से खून आने की भी जानकारी है, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. गांव के लोगों और फैक्ट्री में मौजूद अन्य कर्मचारियों में भी इस घटना के बाद भय का माहौल है. बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों और फैक्ट्री परिसर के बाहर जमा हो गए हैं. तीन गंभीर मरीजों को किया गया रेफर घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की विशेष टीम ने गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों का प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद तीन गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के जरिए चेन्नई स्थित स्टेनली गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया गया. बता दें कि अमोनिया गैस का इस्तेमाल आमतौर पर कोल्ड स्टोरेज और सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के लिए किया जाता है. वहीं, राज्य के मंत्री कुमार ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि हादसे में 60 महिलाएं और 4 पुरुष प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. FIR दर्ज, दो फैक्ट्री मालिक हिरासत में हादसे के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. शुरुआती कार्रवाई के तहत फैक्ट्री के दो मालिकों को हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है. वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.  

यूक्रेन-पोलैंड तनाव बढ़ा: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान

कीव यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पोलैंड का सर्वोच्च राजकीय सम्मान लौटा दिया है। जेलेंस्की ने यह कदम जब पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी ने कह कि वह यूक्रेनी नेता से यह सम्मान वापस ले रहे हैं। इसने दोनों देशों के बीच द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के विवाद को फिर से खड़ा कर दिया है। जेलेंस्की ने इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने यह सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति के पास वापस भेज दिया है। आज मैंने यह सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति को वापस भेज दिया है। मेरा मानना है कि भविष्य उस सम्मान की पुष्टि करेगा जिसके यूक्रेन के लोग हकदार हैं। जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान एक्स पर पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा की यूक्रेनी लोगों का मानना है कि यह सम्मान यूक्रेन के लोगों और उनकी सेना के लिए है। इस संदेश के साथ जेलेंस्की ने पोलैंड के सम्मान और डाक रसीद की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इससे पता चलता है कि इसे पोलैंड के राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा जा रहा है। यूक्रेन के तीन अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति के साथ एकजुटता दिखाते हुए पोलैंड से मिले सम्मान वापस करने का फैसला किया है। यूक्रेनी सेना की यूनिट पर विवाद साल 2023 में पोलैंड के तत्कालीन राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने जेलेंस्की को पोलिश ऑर्डर ऑफ द वॉइट ईगल से सम्मानित किया था। लेकिन पिछले महीने यूक्रेन के एक कदम से पोलैंड नाराज हो गया। कीव ने यूक्रेनी सेना की एक यूनिट यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के नाम पर रखा। UPA द्वितीय विश्व यु्द्ध के दौरान लड़ने वाला एक विवादास्पद समूह था, जो 1940 के 1950 के दशक में सक्रिय था। UPA पर नरसंहार का आरोप यूक्रेन में कई लोग UPA के सदस्यों को नायक मानते हैं। उनका मानना है कि इन लोगों ने सोवियत रेड आर्मी, नाजी जर्मनी और पोलिश अधिकारियों के खिलाफ यूक्रेन की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। इस समूह का लाल और काले रंग का झंडा आज भी अक्सर यूक्रेनी सैनिक मोर्चे पर इस्तेमाल करते हैं। पोलैंड का आरोप है कि UPA ने 1943-45 के दौरान वोल्हिनिया में लगभग 1 लाख पोलिश लोगों को नरसंहार किया था। वोल्हिनिया अब यूक्रेन का इलाका है, जिसे वोलिन नाम से जाना जाता है।

छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता: NEET के दौरान PM मोदी रुके एयरपोर्ट पर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक संवेदनशील फैसला लिया। उन्होंने NEET परीक्षा के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक इंतजार किया। पीएम मोदी ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि दोपहर 2 बजे नीट परीक्षा आयोजित होनी थी और पीएम के प्रोटोकॉल के हिसाब से जिस जगह काफिला निकलता वहां पर कुछ समय तक ट्रैफिक बाधित हो जाता है। ऐसे में छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता था। ऐसे में पीएम मोदी ने 2 बजे तक के लिए एयरपोर्ट पर ही इंतजार का फैसला लिया। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री का काफिला निर्धारित समय एक बजकर 15 मिनट पर रवाना हो सकता था, लेकिन NEET परीक्षा देने जा रहे छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनके आवागमन में बाधा न आए, इसके लिए उन्होंने कुछ समय तक रुकने का निर्णय लिया। इस दौरान सुरक्षा और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी ध्यान में रखा गया। कोलकाता से लौटे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में योग कार्यक्रम और भारतीय नौसेना के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नई दिल्ली लौटे थे। री-नीट यूजी एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट देशभर में री-नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। करीब 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया और परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अभ्यर्थियों ने कड़ी जांच के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश किया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दीं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नीट परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल तरीके से आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता है कि किसी भी परिस्थिति में युवाओं और छात्रों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में नीट की दोबारा परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के 127 केंद्रों पर 50,000 से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है; नौ केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और प्रश्न पत्रों को पुलिस व आईटीबीपी की सुरक्षा में केंद्रों तक पहुंचाया गया है।

भारतीय नौसेना का अनूठा योग सत्र: 40 कर्मियों ने अंडरवॉटर योग से दिखाया संतुलन और शक्ति

विशाखापत्तनम  देशभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। तीनों भारतीय सेनाओं ने भी योग कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन भारतीय नौसेना विशाखापत्तनम में योग का एक अनोखा प्रदर्शन किया। INS सतवाहन में शनिवार को एक अनूठे अंडरवॉटर योग (पानी के भीतर योग) सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में यूनिट के 40 कर्मियों ने भाग लिया और पानी की सतह के नीचे कई योगासन कर अपनी एकाग्रता, श्वास नियंत्रण, सहनशक्ति और मानसिक संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस कार्यक्रम का संचालन नौसेना के ही योग विशेषज्ञों ने किया और इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर आरुष शर्मा ने किया। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता तथा फिटनेस के क्षेत्र में नवाचार को अपनाने के संकल्प का प्रतीक बना। साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मोटो -'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग'को भी मजबूत करता है। 'मन शांत, शरीर मजबूत…' नौसेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा गया, 'मन से शांत। शरीर से मजबूत। सेवा के प्रति समर्पित।' नौसेना की ओर से आगे लिखा गया, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नौसेना ने 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' थीम को अपनाया है, जिससे एक स्वस्थ और मिशन के लिए तैयार फोर्स की नींव मजबूत हो रही है। योग मुद्राएं कर दिखाया दम इस अंडर वाटर योग में प्रतिभागियों ने पानी के भीतर योग मुद्राएं अपनाकर यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी योग कैसे शारीरिक और मानसिक क्षमता को मजबूत बना सकता है। कार्यक्रम ने योग की प्राचीन परंपरा और पानी के भीतर काम करने वाले चुनौतीपूर्ण वातावरण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। नौसेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और परिचालन तत्परता को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया कि नियंत्रित श्वास, सजगता और अनुशासन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

न्यूयॉर्क से टेक्सास तक योग का जश्न, अमेरिका में बढ़ी योग की लोकप्रियता

वॉशिंगटन  टेक्सास के पार्कों और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर राज्य विधानसभाओं और गवर्नर के ऑफिस तक, इस हफ्ते के अंत में पूरे अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यह दिखाता है कि भारत में शुरू हुई यह परंपरा अब एक देशव्यापी स्वास्थ्य कल्याण आंदोलन बन गई और इसे आम लोगों में कितना पसंद किया जा रहा है। इस साल का थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रहा, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सक्रिय जीवनशैली और मानसिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया। अमेरिका में भारत की सांस्कृति पहचान संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के एक दशक से अधिक समय बाद अब इसका आयोजन पूरे अमेरिका में व्यापक स्तर पर किया जाता है। देशभर के पार्कों, विश्वविद्यालयों, सामुदायिक केंद्रों, सार्वजनिक स्थलों और सरकारी संस्थानों में योग दिवस मनाया जाता है। करोड़ों अमेरिकी नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं और यह अमेरिका में भारत की सांस्कृतिक पहचान तथा प्रभाव के सबसे प्रमुख उदाहरणों में से एक बन चुका है। सबसे बड़े समारोह में से एक, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को टेक्सास के शुगर लैंड में हुआ। यहां कॉन्सुल जनरल डी.सी. मंजूनाथ, हिंदू स्वयंसेवक संघ और हिंदू युवा के एक इवेंट के लिए ब्रेजोस रिवर पार्क में मेयर कैरल मैककचियन के साथ शामिल हुए। इस इवेंट में लोग, चुने हुए अधिकारी और योग के शौकीन लोग आउटडोर योग सत्र और कल्याणकारी गतिविधियों के लिए इकट्ठा हुए। मंजूनाथ ने "होलिस्टिक हेल्थ, वेल-बीइंग और तालमेल" को बढ़ावा देने में योग की भूमिका के बारे में बात की। न्यूयॉर्क में, भारत के महावाणिज्यदूत ने मुख्य कार्यक्रम से पहले सेंट्रल पार्क में एक योग सत्र आयोजित किया। इसे "जबरदस्त ऊर्जा वाली शाम" बताते हुए, महावाणिज्यदूत ने कहा कि यह इवेंट न्यूयॉर्क शहर के बीचों-बीच वेलनेस का जश्न मनाता है। टाइम्स स्कावयर में बड़े आयोजन की तैयारी हर वर्ष आयोजित होने वाले ‘सोल्स्टिस इन टाइम्स स्क्वायर’ कार्यक्रम में इस बार हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसके तहत जून महीने में दुनिया के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक टाइम्स स्क्वायर को खुले आसमान के नीचे एक विशाल योग स्टूडियो में बदल दिया जाता है। वाशिंगटन डीसी में, भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को लिंकन मेमोरियल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के आयोजन का नेतृत्व किया। सैकड़ों योग के शौकीन लोग नेशनल मॉल के पीछे वाली जगह में "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम पर एक सामूहिक योग सत्र के लिए इकट्ठा हुए। इस इवेंट में डिप्लोमैट, कानून बनाने वाले, कम्युनिटी लीडर, योग करने वाले और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य शामिल हुए, जिससे पूरे अमेरिका में योग की बढ़ती अपील पर जोर दिया गया। न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में योग दिवस का प्रस्ताव इस वर्ष के आयोजनों को अमेरिकी लॉमेकर्स और सरकारी अधिकारियों से व्यापक मान्यता मिली है। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट ने सीनेटर शेली मेयर द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव 'जे1895' को सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव के माध्यम से गवर्नर कैथी होचुल से 21 जून 2026 को न्यूयॉर्क राज्य में आधिकारिक तौर पर 'योग दिवस' घोषित करने का आह्वान किया गया है। पारित प्रस्ताव में प्राचीन भारत में योग की ऐतिहासिक जड़ों, अमेरिकी नागरिकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मानसिक तनाव को कम कर समग्र स्वास्थ्य व कल्याण को बढ़ावा देने में इसके लाभों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में योग दिवस का एक प्रस्ताव पेश किया गया। यह इस साल किसी स्टेट गवर्नमेंट द्वारा योग दिवस को मिले सबसे बड़े आधिकारिक समर्थन में से एक को दर्शाता है। डेलावेयर के गवर्नर मैथ्यू मेयर (मैट मेयर) ने 21 जून 2026 को आधिकारिक रूप से अपने प्रांत में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाने का घोषणापत्र जारी किया है। पूरे अमेरिका में योग को लेकर कार्यक्रम इसके अलावा, कैलिफोर्निया में, रेडलैंड्स शहर ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए समर्थन जताया। वहीं कई दूसरी नगर पालिकाओं ने स्थानीय समारोह के साथ-साथ इसकी सराहना करते हुए समर्थन जताया। वेस्ट कोस्ट पर, सैन फ्रांसिस्को के क्रिसी मैदान में गोल्डन गेट ब्रिज के पास योग दिवस मनाया गया। भारतीय डिप्लोमेटिक मिशन और सामुदायिक संगठन ने लॉस एंजिल्स, सिएटल और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट के दूसरे शहरों में योग कार्यक्रम आयोजित किए। शिकागो, अटलांटा, मियामी, डेनवर, डेट्रॉइट, बोस्टन और देश भर के यूनिवर्सिटी कैंपस में भी सामुदायिक योग सत्र की जानकारी सामने आईं। योग दिवस के अवसर पर आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में न्यूयॉर्क के हेम्पस्टेड स्थित वैदिक हेरिटेज हनुमान मंदिर में ‘ए लोटस इन द मड’ मैगजीन की तरफ से आयोजित भक्ति-आधारित योग कार्यक्रम भी शामिल रहा। इस आयोजन में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ध्यान, संगीत, नृत्य और ‘आध्यात्मिक विकास के लिए भक्ति एक राजमार्ग’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित और मशहूर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दत्तात्रेयुडू नोरी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। आयोजक ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद योग के आध्यात्मिक पहलुओं के साथ-साथ इससे होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य फायदों को भी हाईलाइट करना था। पूरे अमेरिका में योग दिवस के जश्न का बढ़ना दिखाता है कि यह कैसे एक सालाना डिप्लोमैटिक पहल से बढ़कर एक बड़े पैमाने पर सर्व-कल्याणकारी आंदोलन बन गया है। यह 2014 में भारत की तरफ से पेश किए गए संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव के तौर पर शुरू हुआ था और अब पूरे अमेरिका में राज्य विधानसभाओं, गवर्नर के कार्यालय, सिटी हॉल, सार्वजनिक पार्क और सामुदायिक केंद्रों में मनाया जाता है।  

स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता से पहले अमेरिका-ईरान में टकराव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना विवाद का केंद्र

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम और स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि युद्धविराम के दौरान या उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांति वार्ता विफल रही तो अमेरिका खुद इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना टोल लागू कर देगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यदि स्विट्जरलैंड में रविवार से शुरू होने वाली वार्ता निर्धारित 60 दिनों में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती है तो अमेरिका अपनी तरफ से टोल लगा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "युद्धविराम के दौरान 60 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई टोल नहीं होगा और 60 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई टोल नहीं लिया जाएगा। लेकिन, अगर समझौता पूरा नहीं होता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा और केवल अमेरिका के लिए ही टोल लगाया जा सकता है। यह टोल मिडिल ईस्ट के देशों के लिए गार्जियन एंजेल (रक्षक) के रूप में दी गई सेवाओं के अतीत, वर्तमान और भविष्य के खर्चों की भरपाई के लिए होगा।" ईरान का रास्ता बंद करने का दावा ट्रंप की इस घोषणा ने तकनीकी स्तर की अमेरिका-ईरान वार्ताओं की शुरुआत में ही कड़वाहट पैदा कर दी है। मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर की भागीदारी के साथ यह बातचीत रविवार से स्विट्जरलैंड में शुरू होने वाली है। वार्ता से ठीक पहले ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा युद्ध को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धताओं का स्पष्ट उल्लंघन करने के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि यह अंतरिम समझौता सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने के लिए था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। अमेरिका ने ईरान के दावे को नकारा अमेरिकी सेना ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि जलमार्ग बंद है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। वहां समुद्री यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और अमेरिकी सेना स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवाजाही निर्बाध बनी रहे।" अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को भी उस जलमार्ग से 55 व्यापारिक जहाज सुरक्षित गुजरे, जिनमें 1.7 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जाया जा रहा था। स्विट्जरलैंड रवाना हुई ईरान की टीम जलडमरूमध्य को बंद करने के अपने दावे के तुरंत बाद ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि उनकी वार्ताकार टीम स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुकी है। इस टीम में ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। इस समझौते के तहत ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को भी वापस बहाल किया जाना है। दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि वाइट हाउस के प्रमुख वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर होने वाली वार्ताओं के तकनीकी विवरणों पर काम कर रहे हैं। वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वे खुद भी अगले एक-दो दिनों में स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे।

एनएमडीसी ने 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया, 500 कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

हैदराबाद भारत की सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक और इस्पात मंत्रालय के अधीन  सार्वजनिक क्षेत्र की एक नवरत्न उपक्रम, एनएमडीसी लिमिटेड  ने देश भर में अपने कॉर्पोरेट मुख्यालय, खनन परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में व्‍यापक उत्‍साह व  भागीदारी के साथ 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। मुख्य समारोह हैदराबाद स्थित एनएमडीसी के कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित किया गया, श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी); श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक); और श्री सी. नीलकंठ रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ मिलकर इस उत्सव में भाग लिया। इस सत्र का संचालन 'नमस्ते इंडिया' के योगाचार्य श्री बृज भूषण पुरोहित द्वारा किया गया, जिनके प्रबुद्ध मार्गदर्शन ने प्रतिभागियों को शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक स्पष्टता और आंतरिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए योग को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कर्मचारियों के समग्र कल्याण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, कंपनी के खनन परिसरों और क्षेत्रीय कार्यालयों में भी एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए। कुल मिलाकर, 500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने इस योग  सत्र में भाग लिया, जिसमें प्राणायाम, माइंडफुल स्ट्रेच  तथा  ध्यान का अभ्यास शामिल था। इस वर्ष  की ग्लोबल थीम, “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) को ध्यान में रखते हुए, एनएमडीसी के इस कार्यक्रम ने जीवन के हर पड़ाव में लंबी उम्र, मानसिक-शारीरिक मजबूती और संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के वैश्विक संदेश को आगे बढ़ाया। इस वार्षिक आयोजन के अतिरक्ति, एनएमडीसी ने वेलनेस  को अपनी दैनिक कार्य संस्कृति के हिस्से के रूप में शामिल किया है। कंपनी अपने हैदराबाद कॉर्पोरेट कार्यालय में प्रत्‍येक दिन सुबह 30 मिनट का एक संरचित योग सत्र आयोजित करती है। यह पहल निरंतर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।  

अजीत डोभाल की अगुवाई में BRICS देशों के NSA जुटेंगे, भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा

नई दिल्ली भारत की अध्यक्षता में सोमवार से देश की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की एक बेहद महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक शुरू होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा हालात और रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक इस साल सितंबर में भारत में ही आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। भारत इस समय ब्रिक्स समूह का मौजूदा अध्यक्ष है। चीनी विदेश मंत्री से भी होगी बात इस सुरक्षा सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव और पूर्व रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगु और ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव नेजामीपुर शामिल हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की इस यात्रा के दौरान जीत डोभाल के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है, जिस पर विश्लेषकों की पैनी नजर रहेगी। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि चीन वैश्विक सुरक्षा स्थिति और पारंपरिक-गैर-पारंपरिक चुनौतियों पर ब्रिक्स सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने और सितंबर शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने को उत्सुक है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार इस बैठक का मुख्य विषय ‘विश्व के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ रखा गया है। इस दौरान तेजी से बदलते राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों का स्वरूप, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका और उनसे पैदा होने वाले खतरे के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्यबल और सूचना व संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) के सुरक्षित उपयोग की समीक्षा की जाएगी। भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत इस मंच पर आतंकवाद, विशेष रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर की जाने वाली सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा मजबूती से उठाएगा। इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी मौजूदा तनाव और टकराव पर भी बैठक में बात हो सकती है। सहमति बनाने की चुनौती यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर ब्रिक्स गुट के भीतर ही अलग-अलग रुख और भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले मई में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच गहरे मतभेदों के कारण कोई साझा बयानृ जारी नहीं हो सका था, जिसके बाद भारत को चेयरमैन स्टेटमेंट जारी करना पड़ा था। चूंकि ब्रिक्स में सभी फैसले आम सहमति (से होते हैं, इसलिए भारत के सामने सभी देशों को एक मंच पर लाने की बड़ी कूटनीतिक जिम्मेदारी होगी। अब इस समूह में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश हैं। यह संगठन अब वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक बेहद शक्तिशाली और बड़ा मंच बन चुका है।