samacharsecretary.com

India-US TRUST Initiative: AI से सेमीकंडक्टर तक सहयोग, मजबूत अंडरवाटर केबल से डिजिटल पेमेंट को मिलेगी ताकत

नई दिल्ली भारत और अमेरिका ने समुद्र के नीचे बिछे संचार केबलों की सुरक्षा को लेकर नई रणनीतिक साझेदारी शुरू की है. 'TRUST' पहल के तहत दोनों देश समंदर के नीचे केबल नेटवर्क को साइबर हमलों, तोड़फोड़ और भू-राजनीतिक खतरों से सुरक्षित बनाने पर साथ काम करेंगे. यह पहल इसलिए अहम है क्योंकि दुनिया का अधिकांश इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक इन्हीं समुद्री केबलों के जरिए संचालित होता है. इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक संचार की रीढ़ को मजबूती मिलेगी।  क्या है TRUST Initiative? अमेरिका और भारत के बीच शुरू की गई US-India TRUST (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technologies) पहल का मकसद दोनों देशों के बीच उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाना है।  इस पहल के तहत AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है.  अंडर सी केबल नेटवर्क पर बढ़ेगा सहयोग भारत और अमेरिका ने वैश्विक अंडरसी केबल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, मजबूत और विविध बनाने के लिए साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है. अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, ये केबल वैश्विक इंटरनेट, क्लाउड सेवाओं, डेटा सेंटर और AI आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. दोनों देश इनके संरक्षण और विस्तार के लिए मिलकर काम करेंगे।  भारत को मिलेगा रणनीतिक फायदा अमेरिका का मानना है कि भारत की भौगोलिक स्थिति, तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और AI व क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग उसे एक वैश्विक सबसी केबल हब बना सकती है।  इसी के साथ दोनों देश AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर निवेश और अगली पीढ़ी की तकनीकों की सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में भी संयुक्त रोडमैप तैयार कर रहे हैं। 

BRICS में भारत का कूटनीतिक दबदबा, कहीं भी एकतरफा युद्ध के खिलाफ देशों ने जताई सहमति

नई दिल्ली BRICS समिट से भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत की जानकारी सामने आई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन में एकतरफा युद्ध के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहमति बन गई है. ब्रिक्स सदस्य देशों की सहमति का साझा बयान आज शाम 4 बजे जारी होने की जानकारी भी सामने आई है. NDTV को पता चला है कि ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र में किसी भी देश का नाम लिए बिना सभी प्रकार की आक्रामकता की निंदा की जाएगी, जो पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर बहुत महत्वपूर्ण है. घोषणापत्र में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि संघर्षों को समाप्त करने के लिए "संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है।  यह भारतीय कूटनीति और ब्रिक्स शेरपाओं के लिए एक बड़ी जीत है कि वे सभी सदस्य देशों को एक संयुक्त घोषणा पर सहमत करने में कामयाब रहे।  संयुक्त नेताओं की घोषणा के लिए आम सहमति बनाने के लिए शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिक्स शेरपा कई दिनों से रात-दिन मेहनत कर रहे थे, क्योंकि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भाषा को लेकर मतभेद बने हुए थे।  संयुक्त बयान में हर तरह की आक्रामकाता की निंदा संयुक्त बयान में हर तरह की आक्रामकता की निंदा की जाएगी. मालूम हो कि इस तरह के समिट में सभी सदस्य देशों को एकजुट रखते हुए साझा बयान जारी करना एक बड़ी बात होती है. क्योंकि अलग-अलग सदस्य देशों की अपनी अलग-अलग चिताएं होती हैं. इन चिंताओं के बीच से जंग रोकने पर सहमति बनना एक बड़ी बात है. ऐसे में भारत की मेजबानी में हो रहे इस समिट में सभी सदस्य देशों का एकमत होना बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।  SCO के बाद अब BRICS समिट में भी भारत की बड़ी जीत मालूम हो कि कुछ दिनों पहले दिल्ली में जब ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, उसमें कोई साझा बयान नहीं आ सका था. लेकिन अभी ब्रिक्स समिट से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है कि उसके अनुसार आज शाम 4 बजे ब्रिक्स का साझा बयान जारी किया जाएगा. इससे पहले बिम्सटेक में एससीओ समिट में भी भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत हुई थी. उस समिट में पाकिस्तान की मौजूदगी में यह तय किया गया था कि आतंकवाद के सभी फॉर्म की निंदा की गई थी।  रक्षा विशेषज्ञ ने बताया- साझा घोषणापत्र जारी होना कितनी बड़ी बात? साझा घोषणापत्र जारी होना कितनी बड़ी बात होती है. इसे समझाते हुए NDTV से बातचीत में रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन यूके देवनाथ (रिटायर) ने कहा कि किसी समिट से साझा घोषणापत्र जारी होना बड़ी बात है. सभी सदस्य देश यदि एक साथ होकर कोई बात कहेंगे तो यह बड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि इसे इस तरह से भी समझा जा सकता है कि पिछली बार रियो डी जेनेरियो में जब ब्रिक्स समिट हुई थी, तब साझा घोषणा पत्र जारी करने में काफी दिक्कतें आई थी।   

BRICS Summit में दिखी खास बॉन्डिंग, PM मोदी के साथ पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन से एक तस्वीर सामने आई है, जो दुनिया को संदेश देने वाली है. एशिया की तीन महाशक्ति कहे जाने वाले भारत, चीन और रूस के नेता एक तस्वीर में नजर आए हैं. हाथों में हाथ और चेहरे पर मुस्कान वाली इस तस्वीर में पीएम नरेंद्र मोदी बीच में हैं, जबकि उनके बाईं ओर व्लादिमीर पुतिन हैं और दाईं ओर शी जिनपिंग हैं. पीएम मोदी ने दोनों के हाथों को थाम रखा है और तीनों ही एक फ्रेम में मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर इसलिए अहम है क्योंकि चीन और भारत को लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखा जाता रहा है. लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आया है।  इसके अलावा रूस के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक हैं, लेकिन अमेरिका की शिकायत भी रही है कि भारत उसे ज्यादा तवज्जो क्यों देता है. अब यह तस्वीर भी अमेरिका तक एक संदेश पहुंचाने वाली है. इस तस्वीर की खासियत यह भी है कि एक तरफ रूस दुनिया के बड़े ऊर्जा सप्लायर्स में से एक है तो वहीं चीन और भारत ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक देश हैं. पीएम नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि 21वीं सदी एशिया की है. अब एशिया की तीन महाशक्तियों के नेता यदि एक साथ नजर आ रहे हैं तो यह बड़ी खबर है. इसके संदेश भी कई हैं और मायने भी निकाले जाएंगे. ब्रिक्स सम्मेलन में चीन, रूस, भारत, साउथ अफ्रीका, ब्राजील समेत कुल 11 बड़े देशों के नेता पहुंचे हैं. वहीं 10 पार्टनर देशों के नेता भी आए हैं।  इस तस्वीर को पीएम नरेंद्र मोदी की डिप्लोमेसी के तौर पर भी देखा जा रहा है. वह अकसर भारत से दोस्ती रखने वाले नेताओं को अपनी गर्मजोशी के साथ एक संदेश देने की कोशिश करते हैं. बता दें कि शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की ताकत की बात की थी और उनका कहना था कि हम दुनिया की 50 फीसदी आबादी हैं और 40 फीसदी जीडीपी यहीं की है. ऐसे में अब ऐसी तस्वीर आने पर अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी. यह देखने वाली बात होगी. इस बीच ब्रिक्स के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इसका ऐलान किया है और कहा कि नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर किसी की कोई आपत्ति नहीं है और सभी ने स्वीकार किया है।   

BRICS के खास डिनर में दिखेगा भारतीय स्वाद, जिनपिंग-पुतिन चखेंगे लखनऊ का गलौटी कबाब; योगी भी होंगे मौजूद

नई दिल्ली दिल्ली में इन दिनों दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं. मौका है 18वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) का, जहां अलग-अलग देशों के बड़े नेता और मेहमान जुट रहे हैं. इस सम्मेलन में दुनिया भर के मुद्दों पर गंभीर बातचीत हो रही है, लेकिन कमान सिर्फ मीटिंग रूम तक ही सीमित नहीं है. असली जादू तो होटल के डाइनिंग टेबल और किचन में चल रहा है, जहां खाने के जरिए दिलों को जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली गई है. मेनू में नल्ली निहारी से लेकर बादाम पेपर फ्राई और बहुत कुछ खास है।  ​राजधानी के मशहूर ताज होटल (Taj Mahal, New Delhi) में इन दिनों गजब की हलचल है. यहां मेहमानों के स्वागत के लिए एक बेहद खास और दिल को छू लेने वाला इंडिया फ्रेंडशिप मेनू तैयार किया गया है. इसे डिजाइन करने वाले हैं होटल के एग्जीक्यूटिव शेफ कौशिक मिश्रा. शेफ और उनकी पूरी टीम ने पिछले 3 से 6 महीनों तक कड़ी मेहनत करके इस मेनू को फाइनल किया है. उनका मकसद सिर्फ खाना परोसना नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और मेहमानों के दिलों तक अपनापन पहुंचाना है।  ​शेफ कौशिक मिश्रा ने बताया कि इस मेनू को तैयार करने से पहले मेहमानों की पसंद और नापसंद का पूरा ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा, यह परंपरा पिछले 48 सालों से चली आ रही है. हमने मेहमानों के लिए कई खास चीजें सोची हैं. इसमें भारत के अपने मसाले, हर्ब और फूलों का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही, हमने इंडिया फ्रेंडशिप मेनू बनाया है जो खासतौर पर इन-रूम डाइनिंग के लिए है।  मेनू में क्या है खास- ​इस खास मेनू में दिल्ली के मशहूर खान-पान के साथ-साथ पूरे देश के बेहतरीन स्वाद को शामिल किया गया है. नल्ली निहारी (Nalli Nihari), बादाम के साथ पेपर फ्राई और कई दूसरे पारंपरिक लजीज व्यंजन शामिल हैं. खास बात यह है कि खाने में भारत के अलग-अलग राज्यों की खुशबू और स्वाद साफ झलकेगा. ​मेहमानों को सिर्फ खाना ही नहीं परोसा जा रहा, बल्कि उन्हें भारत की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए कई और अनोखे इंतजाम भी किए गए हैं।  शेफ और उनकी टीम ने डेलिगेट्स के देशों के हिसाब से कमल और ऑर्किड जैसे फूलों से प्रेरणा लेकर चॉकलेट, प्रालीन, मिठाइयां और नमकीन तैयार किए हैं. इसके अलावा, भारत का एक खास फूड मैप भी बनाया गया है, जो देश के अलग-अलग राज्यों और राजधानियों के स्थानीय स्नैक्स के बारे में बताता है।  इससे विदेशी मेहमान आसानी से समझ पाएंगे कि भारत के किस कोने में क्या खास खाया जाता है. ​इस पूरे तजुर्बे को और खास बनाने के लिए एक कॉन्सेप्ट नोट भी तैयार किया गया है, जिसमें खाने की हर डिश और उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों के महत्व के बारे में विस्तार से लिखा गया है. लेकिन इन सबके बीच सबसे खूबसूरत चीज है वह रेसिपी बुक, जो मेहमानों को तोहफे में दी जाएगी।  ​शेफ कौशिक मिश्रा ने बताया कि इस रेसिपी बुक में शेफ की अपनी माताओं की खास रेसिपीज शामिल हैं, जिन्हें मेहमान समिट खत्म होने के बाद अपने साथ अपने देश ले जा सकेंगे. यह एक ऐसा तोहफा है जो कूटनीति के माहौल में एक बेहद निजी और घरेलू अहसास जोड़ देता है।  ​ताज होटल की यह किचन इन दिनों सिर्फ चूल्हे और बर्तनों की जगह नहीं, बल्कि भारत की मेहमाननवाज संस्कृति का असली चेहरा बन चुकी है. क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों के घरों जैसे स्वाद का यह मेल साबित करता है कि खाना सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को करीब लाने का सबसे बेहतरीन और आसान तरीका है।   डिनर में दिखेंगे कौन से मुख्यमंत्री आमंत्रित रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को ही दिल्ली आ गए थे. उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता हुई थी और दोनों नेताओं ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया था. इस बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अब दिल्ली पहुंच गए हैं. आज ही यानी शनिवार की शाम को 7:30 बजे एक विशेष भोज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देने वाले हैं. इस भोज में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अन्य नेता शामिल रहेंगे. यही नहीं इस रात्रि भोजन में भारत के भी तमाम प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी रहेंगे. इनमें योगी आदित्यनाथ का नाम प्रमुख है. भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंच रहे हैं और वे रात्रिभोज में रहेंगे।  अब तक मिली जानकारी के अनुसार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा इस भोज का हिस्सा बनेंगे. इसके अलावा गुजरात के सीएम भूपेंद्र सिंह पटेल, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी रात्रि भोजन का हिस्सा बनेंगे. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी दिल्ली पहुंच रहे हैं. इस रात्रि भोज में कई और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी इसके लिए दिल्ली आ रहे हैं. देश भर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इसमें न्योता मिला है।  आज शाम को होना वाला रात्रि भोज राष्ट्रपति भवन में होगा. इस आयोजन में 160 सदस्यों वाला एक दल सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश करेगा. इस प्रोग्राम में चीन, रूस और ईरान समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी. इस डिनर का मेन्यू दिल्ली के खास शेफों द्वारा तैयार कराया गया है. चीन, रूस, ईरान, सऊदी अरब, इथियोपिया समेत सभी सदस्य देशों की संस्कृति का ख्याल भी खानपान में रखा जा रहा है. व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे नेताओं के खाने की पसंद का भी इसमें विशेष ख्याल रखा गया है।  दूसरा दिन: 13 सितंबर को साझेदार देशों की भी भागीदारी शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का दायरा और व्यापक होगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। इसके बाद समावेशी वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा।     सुबह 9:55 बजे: ब्रिक्स देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेताओं का आगमन।     सुबह 10:35 बजे: नेताओं की आधिकारिक सामूहिक तस्वीर।     सुबह 10:50 बजे: खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय होगा … Read more

एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया हैदराबाद,  सतर्कता जागरूकता अभियान के अग्रदूत के रूप में, एनएमडीसी सतर्कता विभाग ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के मार्गदर्शन में पहचाने गए प्रमुख फोकस क्षेत्रों को कवर करते हुए 10  और 11 सितंबर 2026 को हैदराबाद में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। एनएमडीसी की विभिन्न परियोजनाओं और प्रधान कार्यालय के लगभग 55 अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने सार्वजनिक खरीद, अनुबंध प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक और संवादात्मक सत्र दिए। उद्घाटन कार्यक्रम में एनएमडीसी के निदेशक (उत्पादन) श्री जॉयदीप दास गुप्ता और श्री सी नीलकंठ रेड्डी, सीवीओ, एनएमडीसी की उपस्थिति रही। । 10 सितंबर 2026 को, श्री कंवलप्रीत, आईआरएसएस, अपर मुख्‍य सतर्कता अधिकारी, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने "जीईएम – नई विशेषताएं और कार्यक्षमताएं" पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें जीईएम प्लेटफॉर्म के नवीनतम विकास और कार्यक्षमताओं में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की गई। इसके बाद श्री एम के सिंह, पूर्व सीएमडी, इरकॉन और एजेएनआईएफएम में प्रो. एस.एस. द्वारा सार्वजनिक खरीद पर एक सत्र आयोजित किया गया, जिन्होंने समकालीन सार्वजनिक खरीद प्रथाओं पर अपने व्यापक अनुभव और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किए।  उक्‍त कार्यक्रम दो अंतर्दृष्टिपूर्ण और इंटरैक्टिव सत्रों के साथ दूसरे दिन में भी जारी रहा ।  श्री एम. के. सिंह ने प्रासंगिक केस स्टडी और अपने व्यापक व्‍यावसायिक अनुभव के साथ सार्वजनिक खरीद और पोस्ट-अवार्ड अनुबंध प्रबंधन पर मूल्यवान व्यावहारिक अंतर्दृष्टि के विभिन्‍न पहलूओं पर प्रकाश डाला। श्री हरीश.आर, सी-डैक के वैज्ञानिक-सी, ने साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता पर एक जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया, जिसमें साइबर जागरूकता के महत्व और डिजिटल कार्यस्थल में सुरक्षित प्रथाओं को अपनाने पर प्रकाश डाला गया।  कार्यक्रम में विभिन्न एनएमडीसी परियोजनाओं और प्रधान कार्यालय से नामांकित अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। संवादात्मक चर्चाओं, व्यावहारिक केस स्टडी और अनुभव-साझाकरण सत्रों ने मूल्यवान सीखने के अवसर प्रदान किए और समकालीन खरीद प्रथाओं, प्रभावी अनुबंध प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के संबंध में प्रतिभागियों की समझ को मेंऔर मजबूत किया।  दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम एनएमडीसी सतर्कता विभाग के संगठन में जागरूकता बढ़ाने, क्षमता को मजबूत करने और पारदर्शिता, अखंडता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा था। यह अभियान सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 और पूरे अभियान अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता और क्षमता-निर्माण पहलों के साथ जारी रहेगा।

J&K के डोडा में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी का शव बरामद, M4 कार्बाइन भी मिली

डोडा जम्मू-कश्मीर के डोडा में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. शनिवार को डोडा जिले के ऊंचाई वाले इलाके से पाकिस्तान के एक संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद आतंकी का शव बरामद किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, शव भद्रवाह घाटी को उधमपुर और कठुआ से जोड़ने वाले दूरदराज सेओजधार जंगल में मिला।  यह कार्रवाई सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुई. पुलिस के मुताबिक, जिस आतंकी के अवशेष मिले हैं, उसे पहले ही एक संयुक्त अभियान में मार गिराया गया था. बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया और उसके अवशेष बरामद किए।  SOG, RR और CRPF ने चलाया सर्च ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा, कि SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की टीमों ने मिलकर आतंकी के अवशेष बरामद किए. पुलिस ने पोस्ट में लिखा, 'You Can Run But You Can't Hide',यानी आतंकी भाग तो सकते हैं, लेकिन सुरक्षा बलों से बचकर छिप नहीं सकते।  मौके से बरामद हुई M4 कार्बाइन  सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को अमेरिका में बना M4 कार्बाइन राइफल भी बरामद हुआ. पुलिस के मुताबिक, यह हथियार भी उसी ऑपरेशन के दौरान मिला है. यानी तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों के हाथ एक आतंकी के अवशेष के साथ एक आधुनिक राइफल भी लगी है. डोडा का सेओजधार इलाका ऊंचाई और घने जंगलों वाला है।  यह इलाका भद्रवाह घाटी से उधमपुर और कठुआ के हिस्सों की तरफ जुड़ता है.  ऐसे दुर्गम इलाकों में आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों को लंबे सर्च ऑपरेशन चलाने पड़ते हैं. फिलहाल सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद इलाके में तलाशी और जांच की जा रही है. बरामद हथियार और आतंकी से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जा रही है। 

मोदी-जिनपिंग मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान, कहा- ‘दोस्त की तरह मतभेदों को सुलझाएं’

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज से आधिकारिक आगाज हो रहा है. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।  सबसे अहम मुलाकात शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होगी. चीनी राष्ट्रपति भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई नेताओं से शुक्रवार को मुलाकात की थी।  जिनपिंग-मोदी की मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. उनके दिल्ली पहुंचने से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. चीन ने कहा है कि 'दोनों देशों को अपने मतभेदों को सही तरीके से संभालते हुए अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह आगे बढ़ना चाहिए'. साथ ही बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया गया है. पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात से ठीक पहले आए इस बयान ने सबका ध्यान खींचा है।  भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाना चाहता है. इसके लिए बातचीत बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने की जरूरत है. चीन की तरफ से दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की कामयाबी में मदद करने वाले साझेदार के तौर पर आगे बढ़ने की बात कही गई है।  चीन ने मतभेदों को लेकर क्या कहा? शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चीन दोनों नेताओं की रणनीतिक सोच के मुताबिक भारत के साथ काम करेगा. उनका जोर इस बात पर रहा कि दोनों देश एक-दूसरे से संवाद बढ़ाएं. सहयोग के नए रास्ते तलाशें. साथ ही जो मतभेद हैं, उन्हें सही तरीके से संभाला जाए. सीधी भाषा में समझें तो चीन का संदेश है कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर असहमति हो सकती है, लेकिन इसकी वजह से बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए. बीजिंग चाहता है कि रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से देखा जाए।  विदेश मंत्रालय ने भी दिया यही संदेश चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी भारत को लेकर इसी तरह की बात कही है. उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ संवाद बढ़ाने के लिए तैयार है. दोनों देशों को अपने रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से देखना चाहिए. माओ निंग ने भी मतभेदों को सही तरीके से संभालने पर जोर दिया. उन्होंने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी बताया. साथ ही दोनों देशों को एक-दूसरे की कामयाबी में मदद करने वाला साझेदार बताया।  सात साल बाद भारत आ रहे हैं जिनपिंग शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे. वह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं. इस दौरान नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत भी होगी. करीब सात साल बाद जिनपिंग का भारत दौरा हो रहा है. इससे पहले वह 2019 में चेन्नई के पास महाबलीपुरम में मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक के लिए भारत आए थे।  ऐसे समय में होने वाली यह मुलाकात अहम है, जब भारत-चीन रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं. दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े सवाल भी लंबे समय से बातचीत का हिस्सा रहे हैं. हाल के समय में दोनों तरफ से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश हुई है।  BRICS में भी रिश्तों पर नजर जिनपिंग का भारत दौरा सिर्फ पीएम मोदी के साथ मुलाकात तक सीमित नहीं है. वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. बता दें कि भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा।  चीन ने ब्रिक्स को लेकर भी बातचीत और सहयोग पर जोर दिया है. माओ निंग ने कहा कि बीजिंग ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए काम करना चाहता है. उनका कहना है कि ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के लिए एक अहम मंच बन चुका है. जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले चीन के इन बयानों ने मोदी-जिनपिंग मुलाकात की अहमियत बढ़ा दी है. अब दोनों नेताओं की बातचीत में रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए किन मुद्दों पर बात होती है, इस पर नजर रहेगी।    पहले दिन कब क्या होगा:-     सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात.      सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री की वियतनाम के नेता ले मिन्ह हंग के साथ बैठक होगी.     इसी समय राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक.     BRICS शिखर सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम के तहत दोपहर 2 बजे BRICS सदस्य देशों के नेताओं का भारत मंडपम के लेवल 2 पर आगमन होगा. दोपहर 2:35 बजे समिट हॉल में “Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism” विषय पर बंद सत्र होगा.     शाम 4:25 बजे नेता भारत मंडपम के हॉल 14 में 'Bharat Innovates Exhibition' का अवलोकन करेंगे. शाम 5:05 बजे भारत मंडपम के बाहर लॉन में फैमिली फोटो होगी और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा.     शाम 5:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भारत मंडपम में होगी.     रात 7:30 बजे प्रधानमंत्री की मेजबानी में भारत मंडपम के लेवल 3 पर गाला डिनर आयोजित किया जाएगा. ट्रैफिक को लेकर ये एडवाइजरी ब्रिक्स समिट के चलते दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. शनिवार को सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक भारत मंडपम समेत लुटियंस दिल्ली और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रित और डायवर्ट रहेगा. ट्रैफिक एडवाइजरी मैप में सेंट्रल दिल्ली और आसपास के इलाकों में कंट्रोल्ड सड़कें, प्रतिबंधित इलाके, वैकल्पिक रास्ते और डायवर्जन पॉइंट दिखाए गए हैं।  एडवाइजरी मैप में वैकल्पिक रास्तों को नीले रंग से, कंट्रोल्ड सड़कों को नारंगी रंग से, प्रतिबंधित इलाकों को बैंगनी रंग से और डायवर्जन पॉइंट को लाल स्टार से दिखाया गया … Read more

8th Pay Commission में पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! 3.8 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी पेंशन, जानें गणना

नई दिल्ली क्‍या आठवें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों को सैलरी में 30% की बढ़ोतरी से ही संतोष करना होगा? क्‍या पेंशनर्स को भी उनके पेंशन में इतनी ही बढ़ोतरी से संतोष करना होगा. 8वें वेतन आयोग की देश के अलग-अलग शहरों में हो रही बैठकों के बीच 3.833 फिटमेंट फैक्‍टर का प्रस्‍ताव दे चुके संगठन AINPSF यानी ऑल इंडिया NPS फेडरेशन को आशंका है कि आयोग ज्‍यादा फिटमेंट फैक्‍टर की सिफारिश शायद ही करे।  संगठन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत पटेल तो 2.10 फिटमेंट फैक्‍टर पर भी कैलकुलेशन कर अपने सदस्‍यों की राय मांग रहे हैं. 7वें वेतन आयोग की तुलना में 8वें वेतन आयोग के लिए उनका कैलकुलेशन सैलरी और पेंशन में करीब 31% की बढ़ोतरी की संभावना जता रहा है।  8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ जाएगी सैलरी और पेंशन?  इस सवाल का पक्‍का जवाब तो फिलहाल 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के पास भी नहीं है. देशभर में बैठकों का दौर समाप्‍त होने के बाद आयोग आकलन करेगा और तभी अपनी सिफारिशें तैयार करेगा. बहरहाल, अलग-अलग संगठन उम्‍मीदें लगाए बैठे हैं. इधर, डॉ मंजीत सिंह पटेल ने 100 रुपये के मूल वेतन पर सातवें वेतन आयोग और आठवें वेतन आयोग के लिए कैलकुलेशन सामने रखा है. उनका आकलन बताता है कि सैलरी 31.25% बढ़ सकती है. और पेंशन भी इसी अनुपात में बढ़ाई जा सकती है।  100 रुपये के मूल वेतन पर कैलकुलेशन का फॉर्मूला सैलरी 225 रुपये से बढ़कर 257 रुपये होने में या फिर 158 रुपये से बढ़कर 210 रुपये होने में, कहां ज्‍यादा लाभ दिख रहा है आपको? डॉ पटेल ने अपनी पोस्‍ट में यही लिखा है. इस संबंध में हमने जब उनसे बात की तो उन्‍होंने बताया कि 100 रुपये के मूल वेतन पर मोटा-मोटी कैलकुलेशन किया गया है. उन्‍होंने समझाया पहले सातवें वेतन आयोग का कैलकुलेशन समझ लें       छठे वेतन आयोग में मान लीजिए किसी की सैलरी 100 रुपये थी.      तब DA बढ़कर 125% पहुंच गया था.      यानी बेसिक + DA मिलाकर सैलरी बनी- 225 रुपये      7वां वेतन आयोग हुआ तो 2.57 फिटमेंट फैक्‍टर लागू हुआ तो सैलरी हो गई 100 x 2.57= 257 रुपये      वास्‍तविक बढ़ोतरी= 257-225 = 32 रुपये      इसे 225 रुपये के आधार पर प्रतिशत में निकाला जाए तो ये महज 14.22% बढ़ोतरी हुई.  अब इसी तरह 8वें वेतन आयोग का कैलकुलेशन देखिए      7वें वेतन आयोग में किसी की सैलरी 100 रुपये मान लीजिए     DA बढ़कर 60% पहुंच गया है.     यानी बेसिक + DA मिलाकर सैलरी बनी- 160 रुपये      अब अगर 2.10 फिटमेंट फैक्‍टर लागू होता है तो सैलरी हो जाएगी: 210 रुपये      वास्‍तविक बढ़ोतरी= 210-160 = 50 रुपये     अब इसे 210 रुपये के आधार पर प्रतिशत में निकाला जाए तो बढ़ोतरी होगी- करीब 31.25% डॉ पटेल ने कहा कि अगर 8वें वेतन आयोग में व्‍यवहारिक तौर पर 2.10 फिटमेंट फैक्‍टर लागू होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को 31% की बढ़ोतरी से ही संतोष करना पड़ सकता है।  31% बढ़ोतरी पर किस लेवल के कर्मचारियों की कितनी हो जाएगा सैलरी?  लेवल 1 कर्मचारी की शुरुआती बेसिक सैलरी ₹18,000 है. इस पर 60% DA यानी ₹10,800 जोड़ने पर कुल रकम ₹28,800 बनती है. अब यदि इस ₹28,800 पर 31% बढ़ोतरी की जाए, तो ये राशि करीब ₹37,728 प्रति माह हो जाएगी।  लेवल 5 में कर्मचारी की शुरुआती बेसिक सैलरी ₹29,200 होती है. इस पर 60% DA जोड़ने के बाद रकम ₹46,720 बनती है और अगर इसमें 31% बढ़ाया जाए, तो यह अनुमानित रूप से ₹61,203 प्रति माह हो जाएगी।  इसी तरह लेवल 10 की एंट्री बेसिक सैलरी ₹56,100 है. 60% DA के साथ यह ₹89,760 बनती है और इस पूरी राशि में 31% जोड़ने पर अनुमानित रकम करीब ₹1.18 लाख प्रति माह पहुंचती है।  लेवल 14 में एंट्री बेसिक पे ₹1,44,200 प्रति माह है. 60% DA के साथ यह रकम ₹2,30,720 होती है, जबकि इस कुल राशि में 31% जोड़ने पर अनुमानित वेतन ₹3,02,243 प्रति माह पहुंचेगा।  लेवल 18 में कैबिनेट सचिव स्तर की निर्धारित बेसिक सैलरी ₹2,50,000 प्रति माह है. 60% DA के बाद यह ₹4,00,000 हो जाती है और इस रकम पर 31% की गणितीय बढ़ोतरी के बाद कुल अनुमानित राशि ₹5,24,000 प्रति माह बनती है।  किस संगठन ने फिटमेंट फैक्‍टर और मिनिमम सैलरी पर क्‍या प्रस्‍ताव दिया है?  कर्मचारियों के संगठनों के संयुक्‍त प्रतिनिधि NC-JCM स्‍टाफ साइड (National Council of the Joint Consultative Machinery) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये मिनिमम सैलरी का प्रस्ताव रखा है. वहीं, AINPSEF (All India New Pension Scheme Employees Federation) और AIDEF (All India Defence Employees' Federation) ने भी 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये मिनिमम सैलरी का प्रस्ताव रखा है. FNPO (Federation of National Postal Organisations) की भी यही मांग है. कुछ संगठनों ने व्यवहारिक तौर पर कम फिटमेंट फैक्‍टर का भी प्रस्‍ताव दिया है।  IRTSA (Indian Railways' Technical Supervisors' Association) ने 2.92 के न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर और 52,560 रुपये न्यूनतम सैलरी (Multiple with minimum at Rs 52,560) का प्रस्ताव रखा है।  दिल्‍ली गवर्नमेंट स्‍कूल टीचर्स ने 2.62 फिटमेंट फैक्टर और 47,210 रुपये मिनिमम सैलरी का प्रस्ताव रखा है. वहीं चेन्नई GPO पेंशनर्स ने 3.77 फिटमेंट फैक्टर और 68,000 रुपये मिनिमम सैलरी का प्रस्ताव रखा है. भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये मिनिमम सैलरी का प्रस्ताव रखा है। 

Private School Teachers: समान वेतन और पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली  देश के प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों के लिए एक समान वेतन, पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभ की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। देश की सर्वोच्च अदालत ने इस मामले पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। आपको बता दें कि गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर में जवाब दायर करने के लिए कहा है। इस याचिका में प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट के बाद सुरक्षा के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की गई है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) को भी नोटिस जारी किया। इस मामले पर अब चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका ऑल-इंडिया टीचर्स फेडरेशन की नेशनल कोऑर्डिनेटर लिगीमोल जॉर्ज ने अपने वकील दीपक प्रकाश के जरिए दायर की है। याचिका में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह एक तय समय-सीमा के भीतर प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाने पर विचार करे। संवैधानिक आदेश को आगे बढ़ाने का काम करते हैं शिक्षक याचिकाकर्ता का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक आर्टिकल 21A के तहत संवैधानिक आदेश को आगे बढ़ाने में एक जरूरी सार्वजनिक काम करते हैं, लेकिन उनके लिए अभी भी कोई व्यापक और समान कानूनी ढांचा नहीं है। वर्तमान में राज्य के कानूनों, संस्थानों के तौर-तरीकों और नौकरी की शर्तों पर निर्भर है। यही कारण है कि एक रैंक के शिक्षकों को अलग-अलग लाभ मिल रहे हैं। मेडिकल और इंश्योरेंस की भी मांग याचिका में नेशनल प्राइवेट स्कूल टीचर्स वेलफेयर बोर्ड, रिटायरमेंट के बाद पेंशन जैसी सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, बीमा और परिवार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के लिए एक सरकारी तंत्र बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इसकी कमी से देश भर के लाखों शिक्षक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिना किसी लाभ के रिटायर हो रहे हैं शिक्षक याचिका में कहा गया है कि बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक बिना पर्याप्त पेंशन लाभ, चिकित्सा सहायता, बीमा सुरक्षा, विकलांग होने पर मिलने वाली सहायता के रिटायर हो जाते हैं। इन कमियों के कारण शिक्षक बुढ़ापे और अन्य आपातकालीन स्थितियों में कठिनाई का सामना करते हैं। याचिका में प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों की स्थिति की तुलना उन नौकरीपेशा वालों से की गई है जिनके लिए खास कल्याणकारी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। जैसे कि भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों, बीड़ी श्रमिकों, सिनेमा श्रमिकों, मछुआरों, पत्रकारों, असंगठित श्रमिकों और अन्य कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी व्यवस्थाओं का जिक्र किया गया है। याचिका में अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 38, 39, 41, 42 और 43 का भी हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता ने आधिकारिक UDISE+ 2023–24 डेटा का सहारा लिया है। याचिका में कहा गया है कि भारत में लगभग 14.72 लाख स्कूल, 98 लाख से अधिक शिक्षक और लगभग 24.8 करोड़ छात्र हैं। इनमें से 37,30,047 शिक्षक मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी? 64% हो सकता है DA, नवरात्रि-दुर्गा पूजा से पहले बढ़ेगी सैलरी!

नई दिल्ली त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें महंगाई भत्ते (Dearness Allowance)पर टिक गई हैं. देश के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनर्श जुलाई 2026 से लागू होने वाले इस भत्ते में बढ़तरी(DA Hike july 2026) का बेसब्री से इंतजार कर रहे है. इस साल 11 अक्टूबर से नवरात्रि और 20 अक्टूबर को दशहरा है. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि क्या सरकार दुर्गा पूजा या नवरात्रि के आसपास इस तोहफे का ऐलान करेगी।  आइए आपको बताते हैं कि ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के अनुमानित आंकड़े और सरकार के पिछले पैटर्न के हिसाब से कब सरकारी कर्मचारियों के डीए पर गुड न्यूज मिल सकती है और इस बार कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है… कब तक हो सकती है महंगाई भत्ते की घोषणा? आमतौर पर सरकार जुलाई से लागू होने वाले डीए की घोषणा सितंबर या अक्टूबर में करती है. अगर नवरात्रि पर ऐलान नहीं होता है, तो सरकार दिवाली तक पर कर्मचारियों को ये तोहफा दे सकती है. अच्छी बात यह है कि महंगाई भत्ते की घोषणा जब भी होगी, भत्ते की दरें 1 जुलाई 2026 से ही लागू मानी जाएंगी. इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया एरियर भी साथ में मिलेगा।  कितना बढ़ सकता है आपका DA? फिलहाल कर्मचारियों को बेसिक सैलरी का 60% डीए मिल रहा है. ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के जुलाई आंकड़ों के मुताबिक इंडेक्स 153.2 पर पहुंच गया है. इस आधार पर अनुमानित डीए 64% बैठता है. यानी इस बार डीए में सीधा 4% का इजाफा होने की पूरी उम्मीद है. जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं होतीं, तब तक यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत ही दी जाएगी।  कितनी बढ़ेगी इन-हैंड सैलरी? हालांकि आपको ये समझना होगा कि 4% डीए बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि आपकी कुल टेक-होम सैलरी 4% बढ़ जाएगी. डीए का कैलकुलेशन आपकी बेसिक सैलरी पर होता है…. यहां समझिए डीए बढ़ने से अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़कर कितनी हो जाएगी.. डीए का कैलकुलेशन आपकी बेसिक सैलरी पर होता है. 4% डीए बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि आपकी कुल टेक-होम सैलरी 4% बढ़ जाएगी सिर्फ सैलरी नहीं पेंशन भी बढ़ेगा महंगाई भत्ता सिर्फ इन-हैंड सैलरी ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसका असर पीएफ (PF), ग्रेच्युटी और पेंशनर्श की मासिक पेंशन पर भी पड़ता है. जैसे ही सरकार कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी देगी, त्योहारी सीजन में कर्मचारियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई सैलरी और एरियर की रकम जमा हो जाएगी. फिलहाल आपको त्योहारों से पहसे सरकार की तरफ से आने वाले एक बड़े फैसले के लिए इंतजार करना होगा।