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रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि: डीआरडीओ ने विकसित की नई एयर-टू-एयर मिसाइल

नई दिल्ली डीआरडीओ ने एक बड़ी तकनीकी सफलता हासिल की है। ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण किया गया। इस तकनीक की मदद से अब देश लंबी दूरी की एयर-टू-एयर में मार करने वाली मिसाइलें विकसित कर सकेगा, जिससे दुश्मनों पर रणनीतिक बढ़त मिलेगी। इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास यह उन्नत तकनीक मौजूद है। डीआरडीओ के अनुसार, यह महत्वपूर्ण परीक्षण मंगलवार सुबह 10.45 बजे हुआ। परीक्षण के दौरान मिसाइल को पहले जमीन से लगाए गए बूस्टर की मदद से तेज रफ्तार दी गई। इसके बाद उसके सभी अहम हिस्सों ने बिल्कुल उम्मीद के मुताबिक काम किया। इसमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोल सिस्टम शामिल थे। पूरी उड़ान के दौरान मिले आंकड़ों से यह साफ हुआ कि सिस्टम ने सही तरीके से काम किया। इस परीक्षण पर बंगाल की खाड़ी के किनारे तैनात कई आधुनिक उपकरणों से लगातार नजर रखी गई। इस लॉन्च को डीआरडीओ की अलग-अलग प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने देखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ और इससे जुड़े उद्योगों की तारीफ की। वहीं, डीआरडीओ प्रमुख और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी पूरी टीम को इस सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। यह परीक्षण भारत की रक्षा तकनीक को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले इसी माह हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की चुका थी। यह उपलब्धि डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (डीआरडीएल) की सहायता से हासिल की गई थी। यह उपलब्धि भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक निर्णायक और आधारभूत कदम माना जा रहा है। डीआरडीएल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित अग्रणी प्रयोगशाला है। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं की वैश्विक अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया था। यह महत्वपूर्ण परीक्षण 9 जनवरी को डीआरडीएल की अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में किया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसने स्क्रैमजेट दहनकक्ष ने 12 मिनट से अधिक समय तक निरंतर और स्थिर संचालन प्रदर्शित किया। हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक, अर्थात 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होती है।

राजनीतिक बदलाव: मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी युमनाम खेमचंद सिंह को

इंफाल. मणिपुर विधायक दल की बैठक में भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही खेमचंद के मणिपुर के नए सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। मणिपुर में इस महीने 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा था। इससे पहले राज्य में भाजपा ने नए मुख्यमंत्री चुनने की कवायद तेज कर दी थी। केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पटका पहनाकर युमनाम खेमचंद का स्वागत किया। इस मौके पर मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा मौके पर मौजूद थे। मणिपुर में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे। मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था। बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया था। इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। इससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को, मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं

जम्मू-कश्मीर में आतंक पर प्रहार: उधमपुर एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद का दहशतगर्द ढेर

उधमपुर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मजलता इलाके के बसंतगढ़ में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को मार गिराया है। फिलहाल इलाके में 2-3 अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, जिसके चलते ऑपरेशन अभी भी जारी है। खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ जॉइंट ऑपरेशन सुरक्षाबलों को उधमपुर के चिगला बलोता और बसंतगढ़ के ऊपरी इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) ने एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।     मुठभेड़ की शुरुआत: मंगलवार शाम करीब 4 बजे जब जवानों ने आतंकियों को घेरा, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।     घेराबंदी: सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और ड्रोन व आधुनिक उपकरणों की मदद से अन्य आतंकियों की तलाश की जा रही है। सेना और व्हाइट नाइट कॉर्प्स का बयान सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा की। सेना के अनुसार, यह एक 'इंटेलिजेंस आधारित जॉइंट ऑपरेशन' है। बसंतगढ़ के दुर्गम इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है।   बढ़ाई गई सुरक्षा और सतर्कता उधमपुर के जोफड़ और आसपास के जंगली इलाकों में पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। रविवार रात से ही इलाके में अलर्ट जारी था। ताजा मुठभेड़ के बाद पूरे उधमपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रूस से तेल खरीद पर यू-टर्न? कंपनियों की गुहार के बाद क्या बदलेगा फैसला

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। समझौते के तहत, भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने और बदले में अमेरिका व वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने पर सहमति जताई है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों का कहना है कि रूसी तेल के आयात को पूरी तरह रोकने के लिए उन्हें समय चाहिए होगा ताकि वे इस बदलती व्यवस्था के साथ तालमेल बिठा पाएं। कंपनियों का कहना है कि फरवरी में बुक किए गए रूसी तेल के कार्गो मार्च में भारत पहुंच रहे हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक औपचारिक रूप से रूसी तेल आयात बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। समझौते की मुख्य शर्तें और असर? सोमवार को घोषित इस व्यापार सौदे के केंद्र में टैरिफ और ऊर्जा नीति है। अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले आयात शुल्क (टैरिफ) को 50% से घटाकर 18% कर देगा। इसके बदले में भारत को रूसी तेल की खरीद बंद करनी होगी और अपनी व्यापारिक बाधाओं को कम करना होगा। भारत अब अपनी जरूरतों के लिए अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा। रिफाइनरों की चुनौतियां और मौजूदा स्थिति रिफाइनिंग से जुड़े दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर आयात रोकने का लिखित आदेश नहीं मिला है। रिफाइनरों के सामने कुछ तकनीकी और व्यापारिक अड़चनें हैं।     भारतीय कंपनियों ने पहले ही फरवरी में लोड होने वाले और मार्च में भारत पहुंचने वाले कार्गो बुक कर लिए हैं। इन समझौतों को पूरा करने के लिए समय चाहिए।     नयारा एनर्जी का संकट: रूस समर्थित इस रिफाइनरी की क्षमता 4 लाख बैरल प्रतिदिन है। यह पूरी तरह रूसी कच्चे तेल पर निर्भर है क्योंकि इराक और सऊदी अरब ने पहले ही हाथ खींच लिए हैं।     सूत्रों का कहना है कि नयारा अप्रैल में अपनी रिफाइनरी को मेंटेनेंस के लिए बंद कर रही है, जिससे उस दौरान रूसी तेल का आयात स्वतः ही शून्य हो जाएगा। रूसी तेल पर नहीं बोले पीएम मोदी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। अमेरिका का उद्देश्य रूस के राजस्व को कम करना है ताकि युद्ध के लिए उसकी फंडिंग को रोका जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने सहित कई विषयों पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से अधिक खरीद करने पर सहमत हुए हैं। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टैरिफ कम होने पर प्रसन्नता तो व्यक्त की, लेकिन रूसी तेल आयात बंद करने के विषय पर सीधे तौर पर कोई बयान नहीं दिया। भारत पहले से ही धीरे-धीरे अपनी तेल आपूर्ति में विविधता ला रहा है। पिछले दो वर्षों में दिसंबर में रूसी तेल का आयात सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। भारतीय आयात में ओपेक देशों की हिस्सेदारी 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि भारत रूसी तेल की कमी को पूरा करने के लिए वेनेजुएला से तेल खरीदना फिर से शुरू कर सकता है। भारत के लिए यह समझौता एक तरफ अमेरिकी बाजार में सस्ते पहुंच का रास्ता खोलता है, तो दूसरी तरफ अपनी रिफाइनरियों के लिए ऊर्जा के नए और स्थायी स्रोत तलाशने की चुनौती पेश करता है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार किस तरह से रूसी तेल पर अपनी निर्भरता को शून्य पर ले जाती है।

टैरिफ समझौते के बाद बोले PM मोदी — आत्मविश्वास से ही भारत बन रहा वैश्विक ताकत

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वार्ता के बाद टैरिफ डील पर बड़ा फैसला हुआ है। अमेरिका ने अब भारत पर लगने वाले टैरिफ को सीधे 50 फीसदी से घटाकर 18 पर्सेंट कर दिया है। इसे भारत और अमेरिका के रिश्तों में सुधार की नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा भारत के एक्सपोर्ट बाजार के लिहाज से भी यह अहम है। इस फैसले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात को ही एक ट्वीट किया था और डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया था। अब उन्होंने एक और पोस्ट की है, जिसमें आत्मविश्वास के जरिए विकसित भारत के रास्ते में आगे बढ़ने की बात कही है।   पीएम नरेंद्र मोदी ने इस पोस्ट में टैरिफ डील का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी बात को उससे ही जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने लिखा, 'आत्मविश्वास वह बल है जिससे सब कुछ संभव है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में यही शक्ति काम आएगी।' मोदी ने यह टिप्पणी अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद की है। इस समझौते के तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।' मोदी ने संस्कृत का यह श्लोक भी साझा किया- ''श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठत।' उन्होंने इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए लिखा, ‘शुभ कार्यों से धन अर्जित होता है। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ता है, कुशलता एवं दक्षता से स्थिर रहता है और संयम द्वारा सुरक्षित होकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।’ ट्रंप के दावों पर अब भी सस्पेंस, भारत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार बता दें कि भारत पर अमेरिका ने मोटे टैरिफ लादे थे। इसके बाद कई बार ऐसा हुआ कि दोनों देशों के बीच टैरिफ खत्म करने को लेकर बात कई बार बात हुई, लेकिन सिरे नहीं चढ़ सकी। अब इस डील के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है। अब नई डील के साथ ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ काफी कम हो गया और यह पाकिस्तान, चीन समेत अपने तमाम पड़ोसी देशों के मुकाबले कम है। हालांकि अब भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत ने अमेरिकी उत्पादों की भारतीय बाजार में एंट्री और रूस से तेल खरीद रोकने पर सहमति जताई है या नहीं।

इतिहास रचती धामी सरकार — उत्तराखंड में पहली बार साल भर का आंकड़ा 6 करोड़ से ज्यादा

देहरादून पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाई है। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है। हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचे हैं, जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है। पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन-तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों-तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 6 करोड़ 3 लाख 21 हजार 194 पर्यटक उत्तराखंड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों ने उत्तराखंड का रुख किया है। इसे से लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।

भयानक दुर्घटना: देहरादून बस हादसे में तीन यात्रियों की जान गई

देहरादून देहरादून के विकासनगर इलाके में हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की एक बस 30 से ज्यादा यात्रियों को लेकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। कालसी थाना पुलिस मौके पर मौजूद है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा क्वाणु इलाके में सुदोई खड्ड के पास हुआ, जब चौपाल-नेरवा से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब जा रही हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस कथित तौर पर बेकाबू होकर खाई में गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, बस सुबह करीब 6:30 बजे चौपाल डिपो से नेहवा पहुंची थी और मीनस-क्वाणु-हरिपुर रूट से पांवटा साहिब की ओर जा रही थी। उस समय बस में कथित तौर पर 30 से ज़्यादा लोग सवार थे। यह हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मीनस-क्वाणु-हरिपुर सड़क पर सुदोई खड्ड के पास एक ट्रक को रास्ता देते समय सड़क का किनारा धंस गया। नतीजतन, यात्रियों से भरी हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन बस का संतुलन बिगड़ गया, वह कई बार पलटी और आखिरकार सीधी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों में मदद करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही, पुलिस प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, “हमें कालसी क्षेत्र (देहरादून) में क्वाणु-मीनस मोटर रोड पर हिमाचल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की बेहद दुखद खबर मिली है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही, मैंने फोन पर जिला मजिस्ट्रेट से बात की और आवश्यक निर्देश दिए।” उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, "आस-पास के सभी मेडिकल सेंटरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अगर जरूरत पड़ी, तो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करके एडवांस्ड मेडिकल सेंटरों में भर्ती कराया जाएगा। मैं भगवान से सभी यात्रियों की सुरक्षित सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं।" बचाव और राहत अभियान अभी जारी हैं, और अधिकारियों ने कहा कि और जानकारी का इंतजार है।

भयानक सच सामने आया: सर्वाइवर ने बताया एप्स्टीन का काला नेटवर्क, रोजाना 10 लड़कियां आती थीं

न्यूयॉर्क दुनिया में अगर सबसे घिनौने अपराधों की बात की जाए, तो एप्स्टीन फाइल का नाम जरूर आता है. जेफ्री एप्स्टीन की काली दुनिया परत दर परत खुल रही है और कई बड़े नाम इस जाल में सामने आते जा रहे हैं. एप्स्टीन का निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स, जिसे मीडिया एप्स्टीन आइलैंड कहता है, उसके अपराधों का केंद्र था. यहीं नाबालिग लड़कियों को ले जाकर उनका शोषण किया जाता था. अब पीड़िताओं की आवाजें दुनिया तक पहुंच रही हैं, और इन्हीं में से एक हैं मरीना लसेर्डा, जिन्हें 2019 के इंडिक्टमेंट में माइनर विक्टिम-1 कहा गया था. ब्राजील से न्यूयॉर्क तक, एक बच्ची का डरावना सफर मरीना ने अपनी कहानी कई वेस्टर्न मीडिया संस्थानों में बताई है. उनका कहना है कि वे ब्राजील से अमेरिका आईं और न्यूयॉर्क में अपनी मां और बहन के साथ एक छोटे कमरे में रहती थीं. परिवार चलाने के लिए चौदह साल की उम्र में तीन नौकरियां कर रही थीं.इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें काम का लालच दिया. 300 डॉलर मिलेंगे… बस एक 'बड़े आदमी' को मसाज देनी है. वह 'बड़ा आदमी' एप्स्टीन था. उसका न्यूयॉर्क टाउनहाउस मरीना के जीवन का सबसे खतरनाक मोड़ बन गया. पहली मुलाकात में ही मसाज का बहाना यौन शोषण में बदल गया. मरीना इसे 'ड्रीम जॉब से वर्स्ट नाइटमेयर' बताती हैं. 14 से 17 की उम्र. लगातार शोषण और डर करीब तीन साल तक मरीना एप्स्टीन के जाल में फंसी रहीं.वह उन्हें बार-बार बुलाता था. उनसे और कम उम्र की लड़कियां लाने को कहता था. स्कूल आईडी देखकर उम्र की पुष्टि करता था.एप्स्टीन के घर में रोज़ 5 से 10 लड़कियां आती-जाती थीं.एक बार मरीना 18 साल की लड़की ले आईं, तो वह गुस्से से चिल्लाया-ये तो बहुत बड़ी है.मरीना ने बताया कि उन्होंने एप्स्टीन को डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार देखा, लेकिन वह कहती हैं कि उनका ध्यान हमेशा अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को सहने पर रहता था. 2008 की चुप्पी और 2019 में खुलता सच 2008 में FBI ने मरीना से संपर्क किया था. वह ग्रैंड ज्यूरी के सामने सच बोलने के लिए तैयार थीं, लेकिन एप्स्टीन ने नॉन-प्रोसिक्यूशन एग्रीमेंट कर लिया और मरीना की आवाज उस समय दबा दी गई.मरीना आज भी कहती हैं कि अगर उन्हें 2008 में बयान देने दिया जाता, तो कई लड़कियां आज दर्द से बच सकती थीं. 2019 में जब केस दोबारा खुला, तो मरीना की गवाही एप्स्टीन पर लगे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों की रीढ़ साबित हुई. हालांकि एप्स्टीन की मौत जेल में हो गई, लेकिन फाइलें अब भी कई सवालों से घिरी हैं.सितंबर 2025 में मरीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. कैपिटल हिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा था कि एप्स्टीन फाइलें पूरी तरह जारी करो. आधे सच से न्याय नहीं मिलता.अब 37 साल की मरीना एप्स्टीन सर्वाइवर्स की एक मजबूत आवाज बन चुकी हैं.उनकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जिन्हें सालों तक खामोश रखा गया.

संसद में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई, लोकसभा सेशन भर के लिए सांसद सस्पेंड

नई दिल्ली संसद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. राहुल गांधी को टोके जाने से व‍िपक्ष के सांसद इतने नाराज हो गए क‍ि उन्‍होंने लोकसभा स्‍पीकर के ऊपर कागज उछाल द‍िया. इसके बाद स्‍पीकर ने 8 सांसदों को सस्‍पेंड कर द‍िया है. ज‍िन सांसदों पर कार्रवाई की गई है, इनमें कांग्रेस से मणिकम टैगोर , गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वड़िंग, हिबी ईडन, किरन रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कोरियाकोस शामिल हैं. इन्‍हें पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है. लोकसभा में पीठासीन की ओर पेपर उछालने वाले आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र से निलंबित कर दिया है. विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद सदन में भारी हंगामा हो गया इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया. वहीं, विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्षी दल राहुल-प्रियंका के साथ मिलकर संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं.  दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और स्पीकर की कुर्सी की ओर पेपर फेंके. इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था. ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव इसके बाद जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे चौथी बार शुरू हुई तो इस अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर पीठासीन ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को नेम करने की बात कही. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को बाकी सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. सभी सांसद संसद के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. न‍िलंबि‍त क‍िए गए सांसद गुरदीप सिंह औजला ने कहा, बिल्कुल गलत कार्रवाई है. हम संघर्ष करेंगे और जनता की आवाज उठाएंगे. अमरिंदर राजा वड़‍िंग ने कहा, दो दिन से राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है. यह कहां का लोकतंत्र है. इसलिए हमने कागज फाड़कर विरोध जताया. आज तो राहुल गांधी ने अपने लेटर पैड पर साइन कर दिया था, फिर सरकार को क्या दिक्‍कत है. इससे पहले संसद में हंगामे और चेयरमैन पर कागज फेंकने के मामले में बीजेपी ने स्पीकर से शिकायत की है. हंगामा करने वाले सांसदों पर कार्रवाई की मांग की थी. इन सांसदों के बारे में जान‍िए     मणिकम टैगोर कांग्रेस से सांसद हैं. तम‍िलनाडु से आते हैं. मणिकम टैगोर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी व्‍ह‍िप भी हैं. वे संसद में अपनी आक्रामक शैली और दक्षिण भारत के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जाने जाते हैं.     गुरजीत सिंह औजला– अमृतसर से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं. औजला पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं, नशामुक्ति और किसानों के मुद्दों पर संसद में अपनी बात मजबूती से रखने के लिए पहचाने जाते हैं.     अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग– लुधियाना से आते हैं. राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. युवा कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए वड़िंग अपनी तेज-तर्रार राजनीति के लिए मशहूर हैं और उन्होंने 2024 में रवनीत बिट्टू को हराकर जीत दर्ज की थी.     हिबी ईडन- एर्नाकुलम से जीते हिबी ईडन एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. वे केरल की युवा राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं और संसद में शिक्षा व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं.     किरण कुमार रेड्डी– तेलंगाना के भुवनगिरी से सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी माने जाते हैं और 2024 के चुनाव में भाजपा और बीआरएस को हराकर संसद पहुंचे हैं.     प्रशांत पडोले– नाना पटोले के करीबी प्रशांत पडोले ने 2024 में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले विदर्भ क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की। वे क्षेत्र में किसानों और ओबीसी समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय हैं।     एस. वेंकटेशन- सीपीआई (एम) सांसद वेंकटेशन एक प्रसिद्ध तमिल लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हैं. वे संसद में तमिलनाडु के अधिकारों, संस्कृति और रेलवे से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले सबसे मुखर सांसदों में से एक हैं.    डीन कोरियाकोस– इडुक्की से सांसद डीन कोरियाकोस युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. वे इडुक्की के किसानों, विशेषकर पश्चिमी घाट और बफर जोन से जुड़े मुद्दों को संसद में जोर-शोर से उठाते हैं. हंगामे के बाद संसद स्‍थग‍ित लोकसभा में राहुल गांधी आज भी पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की क‍िताब के बारे में बताना चाहते थे, लेकिन जब स्‍पीकर ने टोका तो वे अड़ गए. वे बार-बार वही बातें दोहराते नजर आए. स्‍पीकर ने हर बार उन्‍हें रोकने की कोश‍िश की, लेकिन उन्‍होंने नहीं मानी और आख‍िरकार सदन की कार्यवाही स्‍थग‍ित करनी पड़ी.

यूजर प्राइवेसी पर SC का आदेश, व्हॉट्सऐप को मेटा से डेटा साझा न करने की हिदायत

 नई दिल्ली व्हाट्सएप और मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने साफ किया कि डेटा शेयरिंग की ये प्रक्रिया भारतीय यूजर्स के निजता के अधिकार के खिलाफ है.  हालांकि, सीसीआई के वकील ने एनसीएलएटी (NCLAT) के कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई है. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने व्हाट्सएप को निर्देश देते हुए कहा, 'हम आपको मेटा के साथ एक भी जानकारी साझा करने की अनुमति नहीं देंगे. हम आपको इस देश की नीतियों की गोपनीयता के साथ खेलने की इजाजत कतई नहीं देंगे.'  इस पूरे प्रकरण में कोर्ट के सामने तीन मुख्य अपीलें थीं, जो मेटा, व्हाट्सएप और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से दायर की गई थीं. सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इन अपीलों का पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने दलील दी कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक 213 करोड़ रुपये के जुर्माने का भुगतान पहले ही किया जा चुका है. मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़े सवाल उठाए और कंपनी को डेटा साझा करने से साफ मना कर दिया. CJI ने व्हाट्सएप की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने इसे इतनी चालाकी से तैयार किया है कि इसे समझना नामुमकिन है. उन्होंने पूछा कि क्या देश का आम आदमी, जैसे घर में काम करने वाले नौकर, निर्माण मजदूर या छोटे विक्रेता, इस जटिल नीति को समझ पाएंगे? कोर्ट ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को इस ऐप की 'लत' लगा दी गई है और अब उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है. यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो रहा- SC सीजेआई ने कहा कि लोगों के डेटा का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है और अब तक लाखों यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो चुका है. इस दौरान मेटा के वकील अखिल सिबल ने दलील दी कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए सीमित डेटा शेयरिंग की अनुमति है. इस पर सीजेआई ने कहा, 'अगर आपको डेटा का कोई हिस्सा बेचने लायक लगेगा, तो आप उसे बेच देंगे! सिर्फ इसलिए कि भारतीय उपभोक्ता मूक हैं और उनके पास आवाज नहीं है, आप उन्हें शिकार नहीं बना सकते.' सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि व्हाट्सएप यूजर्स को सिर्फ दो ही विकल्प दे रहा है- 'या तो पॉलिसी स्वीकार करो या ऐप का इस्तेमाल बंद कर दो.' इस पर अदालत ने कहा कि बिहार के दूरदराज इलाकों या तमिलनाडु के गांवों में रहने वाले लोग, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती, वे इस नीति के खतरनाक परिणामों को कभी नहीं समझ पाएंगे. डेटा शेयर करने की इजाजत से SC का साफ इनकार सीजेआई ने साफ शब्दों में कहा, 'जब तक आप हमें यह विश्वास नहीं दिला देते कि आपको ऐसा करने का कोई दैवीय अधिकार हासिल है, तब तक हम आपको डेटा शेयर करने की अनुमति नहीं देंगे.'  3 जजों की बेंच के सामने होगी अपीलों पर सुनवाई व्हाट्सएप के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी नीतियां दूसरे अंतरराष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों के स्टैंडर्ड्स के मुताबिक ही हैं. लेकिन इन दलीलों को सुनने को बाद सीजेआई ने बताया कि एनसीएलएटी के सामने जनवरी 2025 के आदेश की स्थिति अभी भी अहम है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. अब इन अपीलों पर विस्तृत सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की बेंच के सामने होगी.