samacharsecretary.com

पुतिन के आवास पर हमले के आरोपों को लेकर बोले नरेंद्र मोदी, यूक्रेन विवाद पर भारत का साफ संदेश

नई दिल्ली  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हमले की खबर पर भारत में भी चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति के रास्ते पर बने रहने की अपील की है। साथ ही पुतिन के स्थायी आवास पर हमले को लेकर चिंता जताई है। रूस ने दावा किया है कि लंबी दूरी के 91 यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को के उत्तर में नोवगोरोड क्षेत्र में पुतिन के आवास पर हमले की कोशिश की है। पीएम मोदी ने लिखा, 'रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों को लेकर बेहद चिंतित हूं। दुश्मनी खत्म करने और शांति हासिल करने का सबसे अच्छा रास्ता जारी कूटनीतिक प्रयास हैं। हम सभी संबंधित लोगों से इन कोशिशों पर ध्यान देने और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील करते हैं, जो इन प्रयासों को कमजोर कर सकती हैं।' पुतिन के घर पर अटैक का दावा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक टेलीविजन बयान में कहा कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को हुए ड्रोन हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ क्योंकि ड्रोन को मार गिराया गया था। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि रूस उचित समय पर जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। लावरोव ने यूक्रेनी हमलों को कीव और उसके सहयोगियों द्वारा शांति वार्ता को विफल करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि मॉस्को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता पर अपना रुख बदलेगा, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के साथ शांति वार्ता जारी रहेगी। रूसी टीवी चैनलों के अनुसार राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, 'पुतिन ने सोमवार को फोन कॉल के दौरान ट्रंप को राष्ट्रपति आवास पर हुए हमले के बारे में बताया। राष्ट्रपति ट्रंप स्तब्ध थे।'  

मुंबई में दर्दनाक बस हादसा: 4 लोगों को कुचलने के मामले में ड्राइवर पर नहीं, इन पर लगे गंभीर आरोप

मुंबई  मुंबई के भांडुप इलाके में सोमवार रात BEST की एक बस की चपेट में आने से तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शी ने दुर्घटना के बाद बताया कि भांडुप रेलवे स्टेशन के बाहर का इलाका हमेशा व्यस्त रहता है और सस्ती सब्जियां मिलने के कारण यहां अधिक लोग आते हैं, जिस कारण यहां काफी भीड़ रहती है। बस दुर्घटना की एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रेहड़ी पटरी वालों द्वारा फुटपाथ पर अतिक्रमण किए जाने के कारण पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा। उनका कहना है कि इस कारण चार लोगों की बस की चपेट में आने से मौत हो गई। फार्मासिस्ट सैमिनी मुदलियार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, 'मैं पास के बस स्टॉप पर अपनी बस का इंतजार कर रही थी कि तभी मुझे एक तेज आवाज सुनाई दी। अगले ही पल मैंने लोगों को गिरते हुए देखा और बस थोड़ी दूर आगे जाकर रुक गई।' उन्होंने बताया कि बस के रुकते ही लोग रुके वाहन को धकेलते दिखे, जिससे संकेत मिला कि कई लोग उसके नीचे फंसे हुए हैं। सैमिनी ने बताया कि वह भी बस के पास गईं और देखा कि वहां खून बिखरा पड़ा हुआ था और कई शव थे। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति का सिर बुरी तरह कुचल गया था और ऐसा प्रतीत हुआ कि कि बस ने उसे कुचल दिया था जबकि दूसरे व्यक्ति की जांघ के पास चोट थी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यह दुर्घटना रात नौ बजकर 35 मिनट से पौन दस बजे के बीच हुई और इसके संभावित कारण भी बताए। उन्होंने कहा कि भांडुप स्टेशन पर समाप्त होने वाली बसों को देर शाम रेहड़ी पटरी वालों और भारी भीड़ के कारण रेलवे स्टेशन के बाहर यू-टर्न लेने में कठिनाई होती है। पुलिस उपायुक्त हेमराज राजपूत ने बताया कि मृतकों में पैदल यात्री शामिल थे, जो अपने घर वापस लौट रहे थे। सैमिनी ने कहा कि पिछले साल कुर्ला में इसी तरह की एक घटना में नौ लोगों की मौत के बाद बेस्ट इलेक्ट्रिक बस से जुड़ी यह दूसरी दुर्घटना है। उन्होंने इसकी गहन जांच की मांग की कि इस तरह की दुर्घटनाएं क्यों हो रही हैं। प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि पुलिस को यह जांच भी करनी चाहिए कि बस चालक कहीं नशे में तो नहीं था। बस चालक की पहचान बाद में संतोष सावंत के रूप में हुई। घटना के तुरंत बाद व्यस्त इलाके के सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और तड़के तक घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। दुर्घटनास्थल को सील कर दिया गया और एक फोरेंसिक टीम ने इलाके से नमूने एकत्र किए। राजपूत ने आश्वासन दिया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी लेकिन घायलों की देखभाल पुलिस की प्राथमिकता है।  

एलियन अटैक से लेकर विश्व युद्ध तक! 2026 को लेकर बाबा वेंगा की चौंकाने वाली भविष्यवाणियां

वाशिंगटन  बुल्गारिया की प्रसिद्ध अंधी भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां सदियों से लोगों को आकर्षित करने के साथ-साथ डराती भी रही हैं। उन्हें बाल्कन की नॉस्त्रेदमस भी कहा जाता है। जैसे-जैसे वर्ष 2026 नजदीक आ रहा है, दुनिया भर में एक बार फिर बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जाता है कि 1911 में जन्मीं और 1996 में दिवंगत हुईं वांगेलिया पांडेवा गुश्टेरोवा उर्फ बाबा वेंगा ने कई घटनाओं की भविष्यवाणी बहुत पहले ही कर दी थी। जैसे 9/11 हमला, प्रिंसेस डायना की मौत और चेरनोबिल दुर्घटना, कोविड-19 आदि। हालांकि उनकी भविष्यवाणियां मौखिक थीं और कोई लिखित रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इन भविष्यवाणियों की उनके अनुयायियों और मीडिया द्वारा वर्ष दर वर्ष व्याख्या की जाती है।   अब जैसे-जैसे 2026 नजदीक आ रहा है, सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टलों पर बाबा वेंगा की 2026 के लिए कथित भविष्यवाणियां वायरल हो रही हैं। इनमें एलियन संपर्क, बड़े भूकंप, तीसरा विश्व युद्ध और एआई का उदय जैसे डरावने दावे शामिल हैं। लेकिन क्या ये सच हैं? आइए इन भविष्यवाणियों को विस्तार से समझते हैं और इनकी सच्चाई पर नजर डालते हैं। सबसे पहले- बाबा वेंगा कौन थीं? बाबा वेंगा बचपन में एक तूफान के दौरान अपनी आंखों की रोशनी खो बैठीं। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उन्हें दिव्य शक्तियां मिलीं, जिससे वे भविष्य देख सकती हैं। बुल्गारिया में लाखों लोग उनसे सलाह लेने आते थे, यहां तक कि सोवियत नेता भी। उनकी मृत्यु के बाद उनकी भविष्यवाणियां अनुयायियों द्वारा फैलाई गईं, जो अक्सर अस्पष्ट और व्याख्या योग्य होती हैं। कई विशेषज्ञ इन्हें संयोग या बाद में जोड़कर बताई गई कहानियां मानते हैं।   तीसरे वैश्विक युद्ध का खतरा? बाबा वेंगा से जुड़ी सबसे भयावह भविष्यवाणियों में से एक 2026 में बड़े पैमाने पर वैश्विक संघर्ष की आशंका है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 2026 में बड़ा वैश्विक युद्ध शुरू हो सकता है, जिसमें रूस-अमेरिका टकराव, चीन का ताइवान पर कब्जा और अन्य क्षेत्रीय संघर्ष शामिल होंगे। यह युद्ध महाद्वीपों में फैल सकता है और राजनीतिक अस्थिरता ला सकता है। कुछ में पुतिन के पतन या नए रूसी नेता के उदय का भी जिक्र है। वर्तमान वैश्विक हालात को देखें तो ताइवान मुद्दे, यूक्रेन युद्ध के बाद पूर्व–पश्चिम तनाव और सैन्य गठबंधनों की सक्रियता ऐसे कारक हैं, जिन पर दुनिया के नीति-निर्माताओं की पैनी नजर बनी हुई है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन तनावों का सीधा संबंध किसी भविष्यवाणी से जोड़ना उचित नहीं है। प्रकृति का प्रकोप: आपदाओं में बढ़ोतरी की चेतावनी 2026 से जुड़ी एक और भविष्यवाणी प्राकृतिक आपदाओं में भारी वृद्धि की ओर इशारा करती है। इसमें विनाशकारी भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और चरम मौसम घटनाओं का उल्लेख किया जाता है। वैज्ञानिक समुदाय भी इस बात की पुष्टि करता है कि जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम पैटर्न अधिक अस्थिर हो रहे हैं। बाढ़, जंगलों में आग, भीषण गर्मी और भूकंपीय गतिविधियों में बढ़ोतरी को विशेषज्ञ मानवजनित जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं- हालांकि इसे किसी भविष्यवाणी की पुष्टि के तौर पर नहीं माना जा सकता। एलियन संपर्क या आक्रमण सबसे सनसनीखेज दावा यह है कि नवंबर 2026 में मानवता का पहला संपर्क एलियन सभ्यता से होगा। एक विशाल अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। कुछ रिपोर्ट्स में इसे एलियन इनवेजन कहा जा रहा है, लेकिन ज्यादातर में इसे संपर्क बताया गया है। यह भविष्यवाणी हाल ही में खोजे गए अंतरतारकीय ऑब्जेक्ट 3I/ATLAS से जोड़ी जा रही है, जो प्राकृतिक है, कोई यान नहीं। खगोल वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक प्राकृतिक अंतरतारकीय पिंड है, लेकिन सोशल मीडिया और लोकप्रिय संस्कृति में इसे एलियन संपर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। वैज्ञानिक स्पष्ट करते हैं कि अब तक इस तरह के किसी दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं है। एआई का उदय और मानव नियंत्रण 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतना शक्तिशाली हो जाएगा कि यह मानव जीवन पर हावी हो सकता है। नौकरियां जाएंगी, निर्णय मशीनें लेंगी और नैतिक संकट उत्पन्न होगा। बदलता वैश्विक शक्ति संतुलन और आर्थिक संकट बाबा वेंगा से जुड़ी भविष्यवाणियों में यह भी दावा किया जाता है कि वैश्विक शक्ति संतुलन एशिया की ओर झुक सकता है, विशेष रूप से चीन की भूमिका और प्रभाव बढ़ने की बात कही जाती है। इसके साथ ही 2026 में गंभीर आर्थिक संकट- बैंकिंग अस्थिरता, मुद्रा अवमूल्यन और महंगाई की भी आशंका जताई जाती है। मौजूदा वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ते कर्ज, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव ऐसी चुनौतियां हैं, जिन पर अर्थशास्त्री पहले से ही चिंता जता रहे हैं।   क्या ये भविष्यवाणियां सच हैं? बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां अक्सर अस्पष्ट होती हैं और घटना के बाद व्याख्या की जाती हैं। कोई आधिकारिक लिखित सूची नहीं है। कई सच हुईं भविष्यवाणियां बाद में जोड़ी गई लगती हैं। 2026 की ये भविष्यवाणियां मुख्य रूप से टैब्लॉइड मीडिया और सोशल मीडिया से आ रही हैं, जहां सनसनी के लिए अतिरंजना आम है। वास्तविकता में:     एलियन संपर्क: कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं।     WWIII: वर्तमान तनाव (यूक्रेन, ताइवान) चिंताजनक हैं, लेकिन युद्ध की भविष्यवाणी अनुमान मात्र।     प्राकृतिक आपदाएं: जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही हैं, लेकिन विशिष्ट भविष्यवाणी नहीं।     एआई: तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन कब्जा अतिशयोक्ति।

रूस-यूक्रेन युद्ध: पुतिन पर हमले की साजिश फेल, डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी और जेलेंस्की के जवाबी हमले की संभावना

मॉस्को  रूस-यूक्रेन जंग का शोला भड़क उठा है. रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बड़ा ट्विस्ट आया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बड़ा ड्रोन अटैक हुआ है. व्लदामीर पुतिन को नींद में ही उड़ाने की साजिश थी. यही कारण है कि 28-29 दिसंबर 2025 की आधी रात पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. मगर हमले की यह साजिश नाकाम हो गई. हमले की शक की सूई सीधे यूक्रेन पर गई है. जिस तरह से पुतिन पर 91 ड्रोन से अटैक हुआ, उससे साफ लग रहा है कि जंग को रुख बदलने की यूक्रेन ने पूरी कोशिश की थी. हालांकि, रूस ने यूक्रेन के प्लान को फेल कर दिया. इस अटैक से पुतिन गुस्से से लाल हैं. वह प्रतिशोध की आग में जल रहे हैं. अब सवाल यह है कि पुतिन क्या जवाबी हमला करेंगे? अगर हां, तो फिर रूस के जवाबी हमले में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बच पाएंगे? इस अटैक से युद्ध के और तेज होने के आसार हैं. इससे पूरी दुनिया समेत डोनाल्ड ट्रंप भी चिंतित हैं. पुतिन के आवास पर ड्रोन अटैक पर रूस ने सीधे यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन ने उत्तरी रूस में स्थित राष्ट्रपति आवास पर लंबी दूरी के ड्रोन से हमला करने की कोशिश की. रात के समय लंबी दूरी वाले ड्रोन दागे गए, जिन्हें रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया. सूत्रों की मानें तो यह सब कुछ रात के समय हुआ. पुतिन मॉस्को के अपने घर में सो रहे थे. तभी यूक्रेन ने ड्रोन से हमला करने की कोशिश की. ड्रोन में विस्फोटक लगा था. लेकिन रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन को गिरा दिया. बहरहाल, अभी पुतिन सुरक्षित हैं. पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत     पुतिन ने खुद इस अटैक की सूचना अमेरिका को भी दी है.     पुतिन ने कहा कि यह हमला कायराना हरकत है. रूस इसका जवाब जरूर देगा. उन्होंने यूक्रेन को चेतावनी दी कि अब और नुकसान होगा.     बहरहाल, यूक्रेन को जवाब देने के लिए रूसी सेना तैयार है. रूस अब इसका बदला लेने की कोशिश करेगा. रूसी सेना कीव पर हमला कर सककी है.     अब जेलेंस्की का बंकर भी निशाने पर होगा.     हालांकि, यूक्रेन इस अटैक से पल्ला झाड़ रहा है. जेलेंस्की ने इस अटैक को झूठा करार दिया है और कहा कि यह सब झूठ है. बदला लेगा रूस? विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को हुआ ड्रोन हमला कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका क्योंकि ड्रोन को मार गिराया गया था. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि रूस सही समय पर जवाब देने का अधिकार रखता है. लावरोव ने यूक्रेनी हमलों को कीव और उसके सहयोगियों द्वारा शांति वार्ता को पटरी से उतारने की कोशिश बताया. उन्होंने आगे कहा कि मॉस्को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता पर अपना रुख बदलेगा, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के साथ शांति वार्ता जारी रहेगी. रूसी टीवी चैनलों के अनुसार, क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, ‘पुतिन ने सोमवार को दोनों नेताओं के बीच हुई फोन कॉल में राष्ट्रपति आवास पर हमले के बारे में ट्रंप को बताया. राष्ट्रपति ट्रंप हैरान थे.’ यूक्रेन का प्लान कैसे ध्वस्त सूत्रों का कहना है कि यूक्रेन इस जंग को जीतने के लिए सीधे शतरंज की खेल की तरह राजा को ही चेकमेट करना चाहता था. यूक्रेन सीधे पुतिन को खत्म करके युद्ध जीतना चाहता था. मगर यह साजिश फेल हो गई. अब पुतिन के बदले से जेलेंस्की को खौफ में होंगे. इस अटैक के बाद जेलेंस्की की सुरक्षा बढ़ा दी गई होगी. यूक्रेन की सेना अलर्ट पर होगी. रूस कभी भी बम-गोले बरसा सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध तीन साल से चल रहा है. ट्रंप इसे खत्म करने की कोशिशों में लगे हैं. मगर पुतिन पर हुए इस अटैक ने शांति की उम्मीदों को खत्म कर दिया है. रूस के बयान से साफ लग रहा है कि रूस इसका बदलेगा और ऐसा हुआ तो युद्ध की आग और भड़क सकती है. ट्रंप ने कैसे रिएक्ट किया? बहरहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अटैक पर नाराजगी जताई है. उनकी व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात हुई है. पुतिन ने उन्हें साजिश के बारे में बताया. ट्रंप ने बताया कि पुतिन गुस्से से लाल हैं. ट्रंप ने कहा कि यह गलत समय है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि घर पर हमला करना गलत है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया और यह एक बहुत नाज़ुक समय है. उन्होंने हालात को देखते हुए टॉमहॉक मिसाइलों को रोक दिया, क्योंकि यह हमला करने का सही वक्त नहीं है. उन्होंने कहा कि एक बात आक्रामक रुख अपनाने की हो सकती है, लेकिन किसी के घर पर हमला करना बिल्कुल अलग बात है और फिलहाल ऐसा करना गलत है. ट्रंप ने यह भी कहा कि इस हमले को लेकर पुतिन काफी गुस्से में थे. यूक्रेन जंग थमने की आखिरी उम्मीद भी टूटी? रूस-यूक्रेन जंग की आग और भड़क सकती है. डोनाल्ड ट्रंप भी अब युद्ध की आग को नहीं बुझा पाएंगे. कारण कि रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के घर पर बड़ा अटैक हुआ है. बीती आधी रात को पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. इस अटैक के साथ ही यूक्रेन जंग थमने की आखिरी उम्मीद भी टूटती नजर आ रही है. इस अटैक से पुतिन गुस्से में हैं. वह अब बदले की आग में जल रहे हैं. ट्रंप भी काफी निराश हैं. यूक्रेन अब टारगेट पर है. इस तरह रूस-यूक्रेन युद्ध अब विनाशकारी मोड़ पर आ चुका है. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह हमला सही नहीं था. ऐसा नहीं होना चाहिए था. सबसे पहले जानते हैं कि क्या हुआ. दरअसल, 28-29 दिसंबर 2025 की आधी रात पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. हालांकि, रूस के एयर डिफेंस ने सभी ड्रोनों को नष्ट कर दिया. इस अटैक में पुतिन को कुछ नहीं हुआ. वह पूरी तरह सेफ हैं. इस हमले के पीछे यूक्रेन को ही बताया जा रहा है. यूक्रेन के इस अटैक से पुतिन गुस्से … Read more

वाड्रा परिवार में खुशखबरी: प्रियंका गांधी के बेटे रेहान की अवीवा बेग से सगाई, जानें उनका बैकग्राउंड

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई की खबर सामने आई है। रेहान वाड्रा ने गर्लफ्रेंड अवीवा बेग संग इंगेजमेंट की है। दोनों पिछले सात साल से डेट कर रहे थे। रेहान वाड्रा ने अवीवा बेग को हाल ही में प्रपोज किया था। इसके बाद अवीवा ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी थी। सूत्रों के अनुसार, अवीवा बेग और उनका परिवार दिल्ली का रहने वाला है। हालांकि रेहान और अवीवा की शादी की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि शादी से जुड़ा फैसला दोनों परिवार आपसी सहमति और सुविधा के अनुसार करेंगे। जानें कौन हैं प्रियंका गांधी की होने वाली बहू अवीवा बेग भी एक फोटोग्राफर हैं। पिछले पांच वर्षों में अवीवा बेग ने कई प्रतिष्ठित कला प्रदर्शनियों में हिस्सा लिया है। वर्ष 2023 में उन्होंने मेथड गैलरी के साथ ‘यू कैनॉट मिस दिस’ प्रदर्शनी में अपने काम को पेश किया। इसी साल इंडिया आर्ट फेयर के यंग कलेक्टर प्रोग्राम के तहत भी ‘यू कैनॉट मिस दिस’ प्रदर्शनी में उनकी कला देखने को मिली। इससे पहले वर्ष 2019 में द क्वोरम क्लब में आयोजित ‘द इल्यूज़री वर्ल्ड’ और 2018 में इंडिया डिजाइन आईडी, के2 इंडिया में भी उन्होंने अपनी फोटोग्राफी प्रदर्शित की थी। अवीवा बेग फोटोग्राफिक स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनी एटेलियर 11 की सह-संस्थापक भी हैं। यह कंपनी देशभर की कई एजेंसियों, ब्रांड्स और क्लाइंट्स के साथ मिलकर काम कर रही है। रॉबर्ट वाड्रा की कुल संपत्ति 65.54 करोड़ रुपये प्रियंका गांधी द्वारा पेश हलफनामे के अनुसार, रॉबर्ट वाड्रा की कुल संपत्ति 65.54 करोड़ रुपये है. इसमें 37.9 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां और 27.64 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा उनके नाम पर 10 करोड़ रुपये की देनदारियां भी दर्ज हैं। हलफनामे के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा के पास 2.18 लाख रुपये नकद हैं। वहीं, अलग-अलग बैंकों में उनके करीब 50 लाख रुपये जमा हैं. इसके साथ ही उन्होंने कई लोन भी ले रखे हैं, जिनकी कुल राशि करीब 34 करोड़ रुपये बताई गई है।

पायलटों के लिए खुशखबरी: इंडिगो ने भत्ता 50% तक बढ़ाया, जानें कब लागू होगा

नई दिल्ली भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने पायलटों के भत्ते बढ़ाने का फैसला किया है. इससे एयरलाइन के करीब 5,000 पायलटों को सीधा फायदा होगा. नए नियम 1 जनवरी से लागू होंगे. PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब कैप्टन को लेओवर के लिए ₹2,000 की जगह ₹3,000 मिलेंगे. वहीं फर्स्ट ऑफिसर के लिए यह भत्ता ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया गया है. डेडहेडिंग ट्रिप्स के लिए भत्ते में 50% की बढ़ोतरी डेडहेडिंग ट्रिप्स के लिए कैप्टन का भत्ता ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,000 कर दिया गया है. वहीं फर्स्ट ऑफिसर का भत्ता ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दिया गया है. डेडहेडिंग का मतलब है, जब क्रू मेंबर ड्यूटी के मकसद से पैसेंजर के तौर पर यात्रा करते हैं. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब एयरलाइन को हाल ही में रोस्टर से जुड़ी समस्याओं के कारण 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. पायलटों की शिकायतें दूर करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए एयरलाइन मैनेजमेंट ने कई दौर की बैठकों के बाद यह कदम उठाया. विदेशी एयरलाइंस दे रही हैं ज्यादा सैलरी इंडिगो इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रही है. एक तरफ घरेलू ऑपरेशंस में दिक्कतें हैं, वहीं दूसरी तरफ विदेशी एयरलाइंस भारतीय पायलटों को बेहतर सैलरी और लाइफस्टाइल पैकेज ऑफर कर रही हैं. पायलटों को नौकरी छोड़ने से रोकने के लिए इंडिगो ने अपने बेनिफिट स्ट्रक्चर में सुधार किया है. वहीं भारत सरकार भी पायलटों की अंतरराष्ट्रीय भर्ती को लेकर कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करने पर काम कर रही है. फ्लाइट ड्यूटी नियमों से बढ़ी मुश्किलें नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को कई ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसकी वजह DGCA द्वारा लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियम रहे. एयरलाइन अपने क्रू और रोस्टर को नए नियमों के मुताबिक सही तरीके से मैनेज नहीं कर पाई. इसका नतीजा यह रहा कि नवंबर के आखिर और दिसंबर के पहले हफ्ते में करीब 5,000 उड़ानें रद्द या देरी से चलीं. DGCA की कार्रवाई, विंटर शेड्यूल में 10% कटौती हजारों यात्रियों के फंसने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाया. रेगुलेटर ने इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही एक जांच कमेटी ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है, जिसमें इंडिगो की प्लानिंग और मैनेजमेंट की कमियों का जिक्र हो सकता है. हवाई यात्रियों की संख्या में 7% की बढ़ोतरी चुनौतियों के बावजूद देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नवंबर में घरेलू उड़ानों से 15.3 मिलियन यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 7% ज्यादा है. जनवरी से नवंबर 2023 के बीच कुल 152.6 मिलियन लोगों ने हवाई यात्रा की, जो सालाना आधार पर 4.26% की बढ़ोतरी दिखाता है. उड़ान और रिफंड से जुड़ी शिकायतें बढ़ीं नवंबर में एयरलाइंस के खिलाफ कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं. इनमें से 50% से ज्यादा शिकायतें उड़ान में देरी या रुकावट से जुड़ी थीं. वहीं 17.9% शिकायतें सामान से संबंधित रहीं और 12.5% शिकायतें रिफंड को लेकर दर्ज की गईं. इस दौरान दूसरी एयरलाइंस की तुलना में IndiGo का कैंसलेशन रेट ज्यादा रहा.

रिपोर्ट: भारत की अर्थव्यवस्था 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छूने की संभावना

नई दिल्ली  अगर भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में 6 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर के साथ बढ़ती है तो देश की जीडीपी वित्त वर्ष 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। साथ ही, प्रति व्यक्ति आय 15,000 डॉलर होने की उम्मीद है, जो कि मौजूदा स्तर से छह गुना अधिक है। यह जानकारी ईवाई की एक रिपोर्ट में दी गई।  रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में जापान और जर्मनी को पछाड़ कर 2030 तक अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। भारत ने विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है, जो मुख्य रूप से इसकी आर्थिक उदारीकरण नीतियों के कारण संभव हुआ है। इन नीतियों ने भारत को अधिक बाजार केंद्रीय बनाया, निजी पूंजी की भूमिका को बढ़ाया और इस प्रक्रिया ने देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत किया। आने वाले दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के अनुमान किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के मुकाबले सबसे अधिक हैं। 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी  भारत ने विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है, जो मुख्य रूप से इसकी आर्थिक उदारीकरण नीतियों के कारण संभव हुआ है. इन नीतियों ने भारत को अधिक बाजार केंद्रीय बनाया, निजी पूंजी की भूमिका को बढ़ाया और इस प्रक्रिया ने देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत किया. आने वाले दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के अनुमान किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के मुकाबले सबसे अधिक हैं. 2 दशकों में 14% बढ़ा सर्विस एक्‍सपोर्ट  पहले से मजबूत भारत के सेवा निर्यात में पिछले दो दशकों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2021-22 में यह 254.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया. सेवा निर्यात का एक बड़ा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) सेवाओं से आता है, जो 2021-22 में 157 अरब डॉलर था. यह वृद्धि भारतीय मुख्यालय वाली और वैश्विक आईटी कंपनियों दोनों के कारण हुई है. दुनिया के 45% ग्‍लोबल कैपिसिटी सेंटर भारत में  इसके अलावा, अन्य ग्लोबल कॉरपोरेट्स भारत में स्थित अपने क्षमता केंद्रों के माध्यम से भारतीय प्रतिभा का लाभ उठा रहे हैं, जिनमें 50 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं. लागत लाभ के रूप में शुरू हुआ यह प्रयास अब उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा और अत्याधुनिक इनोवेशन का एक प्रमुख स्रोत बन गया है. भारत में स्थित 1,500 वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) वैश्विक जीसीसी के 45 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि 2014-19 की अवधि में, अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में, डिजिटल अर्थव्यवस्था में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से 2.4 गुना अधिक थी. पहले से मजबूत भारत के सेवा निर्यात में पिछले दो दशकों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2021-22 में यह 254.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सेवा निर्यात का एक बड़ा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) सेवाओं से आता है, जो 2021-22 में 157 अरब डॉलर था। यह वृद्धि भारतीय मुख्यालय वाली और वैश्विक आईटी कंपनियों दोनों के कारण हुई है। इसके अलावा, अन्य ग्लोबल कॉरपोरेट्स भारत में स्थित अपने क्षमता केंद्रों के माध्यम से भारतीय प्रतिभा का लाभ उठा रहे हैं, जिनमें 50 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। लागत लाभ के रूप में शुरू हुआ यह प्रयास अब उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा और अत्याधुनिक इनोवेशन का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। भारत में स्थित 1,500 वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) वैश्विक जीसीसी के 45 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2014-19 की अवधि में, अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में, डिजिटल अर्थव्यवस्था में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से 2.4 गुना अधिक थी।

पहलगाम आतंकी हमले के आरोपी को बांग्लादेशी तस्करों ने छुड़ाया, असम पुलिस पर हमला; 10 लोग गिरफ्तार

 लखीमपुर असम के लखीमपुर जिले में पुलिस पर हमले और आतंकी समर्थक कंटेंट पोस्ट करने के आरोपी को जबरन छुड़ाने का मामला सामने आया है। इस मामले में बांग्लादेशी मूल के 10 लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था। घटना 27 दिसंबर को लखीमपुर के बोंगालमोरा इलाके में हुई। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि बहारुल इस्लाम सोनापुर क्षेत्र में छिपा हुआ है। बहारुल इस्लाम पर पहलगाम आतंकी हमले के समर्थन में पोस्ट करने का आरोप है। उसने फर्जी अकाउंट से पोस्ट की थीं, जिसमें आतंकी हमले की तारीफ की गई थी। वह लंबे समय से फरार था। खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने उसे सोनापुर इलाके में ट्रेस कर हिरासत में लिया। लेकिन जैसे ही पुलिस उसे ले जाने लगी, 10 से अधिक लोगों की भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने पुलिस को पीटा और आरोपी को जबरन छुड़ा लिया।  रिपोर्ट के मुताबिक, लखीमपुर के एसएसपी गुनेन्द्र डेका ने बताया- आतंकी हमले के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर समर्थन किया था। बहारुल इस्लाम उनमें से एक था। उसे पकड़ने पर अताबुर रहमान के नेतृत्व में एक समूह ने पुलिस टीम पर हमला कर उसे छुड़ा लिया। यह एक सुनियोजित हमला था। इस हमले में सब-इंस्पेक्टर गोकुल जॉयश्री और वाहन चालक को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अफाजुद्दीन, इकरामुल हुसैन, फखरुद्दीन अहमद, नूर हुसैन, गुलजार हुसैन, नजरुल हक, काजिमुद्दीन, एमडी अब्दुल हमीद, बिलाल हुसैन और अताबुर रहमान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक इनमें से कई का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से है। पुलिस ने बताया कि बहारुल इस्लाम को पहले फर्जी सोने के एक मामले में भी पकड़ा गया था। वह भीड़ द्वारा छुड़ाए जाने के बाद फिर से अंडरग्राउंड हो गया है। एसएसपी डेका ने कहा- उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

अल्मोड़ा में बस दुर्घटना, खाई में गिरी बस, 6 की मौत, सीएम धामी ने व्यक्त किया दुख

अल्मोड़ा   उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। भिकियासैंण-विनायक मोटर मार्ग पर भिकियासैंण से रामनगर जा रही एक बस गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, बस रामनगर के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 18 से यात्री सवार बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर हुख जताया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण-विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है, जिसमें यात्रियों के हताहत होने की सूचना है। दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन, बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत बचाव अभियान चलाया। बता दें कि बस में कुल 19 लोग सवार थे जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है और 12 लोग घायल हो गए है। यह बस रामनगर की तरफ जारी थी लेकिन सुबह 6 बजे द्वाराहाट से निकलने के बाद अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में गिर गई। युद्धस्तर पर अभियान चलाया गया और स्थानीय लोगों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया था। गहरी खाई में बस गिरने के बाद के बचाव अभियान में SDRF, आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गहरी खाई में गिरी बस की भी पहचान की गई है। बता दें कि यह बस कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन (केएमओयू) लिमिटेड की बस संख्या UK 07 PA 4025 थी। कल यह बस नोबाड़ा के लिए रवाना हुई थी और आज सैलापानी बैंड के पास ही भीषण सड़क हादसा हो गया। बता दें कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, माना जा रहा है कि चालक मोहम्मद अल्ताफ ने बस से नियंत्रण खो दिया था जिससे यह हादसा हो सकता है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि बचाव और राहत कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए रहे हैं। X पर एक पोस्ट में कहा कि मुझे बिखियासैन-विनायक मोटर रोड पर बिखियासैन से रामनगर जा रही बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की बेहद दुखद खबर मिली है, जिसमें यात्रियों की जान चली गई है। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने दिव्य चरणों में शाश्वत शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें, साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।" उन्होंने आगे कहा, "हादसे में घायल यात्रियों को जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रूप से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। इस पूरे प्रकरण की सतत निगरानी की जा रही है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हूं। ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।"

न की सेनाओं ने ताइवान को घेरा, सर्द मौसम में फ्लाइट्स रद्द, ताइवान एयर अथॉरिटीज ने जताई चिंता

 ताइपे भारत और चीन समेत दुनिया के कई देश इन दिनों भीषण सर्दी के दौर से गुजर रहे हैं। इस सर्द मौसम में भी चीन ने तापमान बढ़ा दिया है और एक युद्ध की आशंका से दुनिया को भर दिया है। चीन ने अपनी तीनों सेनाओं थल, जल और वायु को ताइवान के सीमांत इलाकों के पास बड़े पैमाने पर तैनात किया है। इसके अलावा ताइवान के एकदम बॉर्डर पर युद्धाभ्यास किए जा रहे हैं। इसमें वायुसेना भी शामिल है और इसके चलते आसपास के आसमान से विमानों के गुजरने से भी परहेज किया जा रहा है। ताइवान की एयर अथॉरिटीज का कहना है कि चीनी हरकतों के चलते बड़ी संख्या में फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ रहा है। इस वजह से दुनिया भर के करीब एक लाख यात्रियों पर असर पड़ेगा। पिछले दिनों अमेरिका की ओर से ताइवान को 11 अरब डॉलर तक के हथियार देने के लिए मंजूरी दी गई थी। इससे चीन भड़का हुआ है और वह ताइवान को वन चाइना प्लान के तहत अपना हिस्सा मानता है। ऐसी स्थिति में उसने अमेरिका के फैसले पर ऐतराज जताया है। यही नहीं पिछले दिनों जापान के प्रधानमंत्री सानाये ताकाची ने कहा था कि यदि चीन ने ताइवान पर कब्जा करने का प्रयास किया तो हमारी सेना भी जंग में शामिल होगी। जापान के इस बयान से चीन और बौखला गया है। यही नहीं चीनी नेतृत्व ने कहा है कि यह सही समय है, जब ताइवान को हमारे शासन के अंतर्गत आ जाना चाहिए। सोमवार को जारी बयान में चीन ने अमेरिका या फिर जापान का उल्लेख नहीं किया है। लेकिन उसके विदेश मंत्रालय ने यह जरूर कहा कि अमेरिका की मदद से ताइवान आजादी चाहता है। वहीं ताइवान का कहना है कि हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं और अपने सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया है। ताइवान बोला- शांति को खत्म करने वाला देश है चीन ताइवान ने कहा कि चीन दुनिया में शांति को खत्म करने वाला देश है। हमने अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी तरह के खतरे से निपटा जा सके। फिलहाल चीनी सेनाओं ने ताइवान को चारों तरफ से घेरकर डेरा डाल रखा है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा सैन्य अभ्यास ताइवान की खाड़ी में हो रहा है। इसके अलावा उत्तर, दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व दिशा में भी चल रहा है।