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भारत की नई हाइपरसोनिक ताकत: 6100 KMPH स्पीड वाला हथियार दुश्मन मिसाइलों और जेट्स के लिए काल

बेंगलुरु  Pantsir-S1M Air Defence System: भारत की सीमा के एक तरफ पाकिस्‍तान तो दूसरी तरफ चीन जैसे देश हैं. अब तो बांग्‍लादेश भी दुश्‍मनों की लिस्‍ट में शामिल हो चुका है. ऐसे में पूरब से लेकर पश्चिम और उत्‍तर तक के बॉर्डर को अभेद्दय किला बनाना जरूरी हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी आवश्‍यकता और भी बढ़ चुकी है. खासकर एयर थ्रेट से निपटने की की जरूरत पहले से कहीं ज्‍यादा महसूस की जाने लगी है. इंडियन एयरफोर्स, आर्मी और नेवी की ओर से लगातार इसको लेकर कदम उठाए जा रहे हैं. खासकर एयर डिफेंस सिस्‍टम को अपग्रेड करने के साथ ही उसे पहले के मुकाबले ज्‍यादा मजबूती दी जा रही है. स्‍वदेशी तकनीक के साथ ही इंपोर्टेड एयर डिफेंस सिस्‍टम पर भी भरोसा जताया जा रहा है. भारत ने रूस से S-400 के कुछ स्‍क्‍वाड्रन खरीदे हैं, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता से दुश्‍मनों के हौसले को पस्‍त कर दिया. अब उससे ज्‍यादा ताकतवर S-500 एयर डिफेंस सिस्‍टम खरीद पर भी बातचीत शुरू होने के चर्चे हैं. इन सबके बीच, भारत और रूस एक और डिफेंस डील करने के करीब पहुंच गए हैं. य‍ह डील भी एयर डिफेंस से जुड़ा है, पर S-400 और S-500 एयर सिस्‍टम से अलग है. दरअसल भारत और रूस के बीच कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली Pantsir-S1M को लेकर एक अहम रक्षा सौदा होने की संभावना बन रही है. यह सौदा ऐसे समय पर चर्चा में है, जब भारतीय सेना अपने नए ट्रैक्ड एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म CADET (कैरीयर एयर डिफेंस ट्रैक्ड) सिस्टम को आगे बढ़ा रही है. सेना एक ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में है, जिस पर अलग-अलग तरह के एयर डिफेंस हथियार लगाए जा सकें. इसी जरूरत के चलते रूस का पैंट्सिर सिस्टम एक बार फिर चर्चा में आया है. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी इस सिस्टम के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन वह किसी कारण से आगे नहीं बढ़ सका था. भारतीय सेना ने CADET को एक साझा और बहुउपयोगी ट्रैक्ड प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार करने की योजना बनाई है. इसके चुने जाने के बाद भविष्य में आने वाले कई एयर डिफेंस सिस्टम इसी प्लेटफॉर्म पर लगाए जा सकेंगे. इससे हथियारों की देखरेख, मरम्मत और आधुनिकीकरण आसान हो जाएगा. क्‍यों ब्रह्मोस का छोटा भाई है Pantsir-S1M? Pantsir-S1M में जिस मिसाइल का यूज किया जाता है, उसकी रेंज अधिकतम 30 किलोमीटर है, पर यह पूरी सटीकता से टारगेट को तबाह करता है. ठीक वैसे ही जैसे ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल दुश्‍मनों पर काल बनकर बरसता है. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की रेंज कहीं ज्‍यादा है. Pantsir-S1M सिस्‍टम में इंटीग्रेट मिसाइ की रफ्तार कितनी होती है? Pantsir-S1M में जिस मिसाइल का इस्‍तेमाल किया जाता है, वह 4700 से 6100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अटैक करने में सक्षम है. रूस का सबसे ताकतवर एयर डिफेंस कौन सा है? रूस की प्रमुख वायु रक्षा प्रणालियों में लंबी दूरी की एस-400 ट्रायम्फ प्रणाली शामिल है, जिसका बड़े इलाकों की सुरक्षा के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा इससे भी ज्यादा उन्नत और नई पीढ़ी की एस-500 प्रोमेथियस प्रणाली है, जिसे बहुत ऊंचाई पर हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक खतरों को रोकने के लिए बनाया गया है. ये सिस्‍टम्‍स टोर जैसी कम दूरी की रक्षा प्रणालियों के साथ मिलकर कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था बनाती हैं. SHORAD क्‍या है? नॉर्थरॉप ग्रुम्मन की शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस (SHORAD) क्षमताएं अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाओं को मानव चालित और मानव रहित हवाई प्लेटफॉर्म तथा मिसाइल खतरों की व्यापक श्रेणी से सुरक्षा प्रदान करती हैं. ये क्षमताएं सेंसर, हथियार और कमांड एवं कंट्रोल प्रणालियों को एकीकृत करती हैं, जिससे मौजूदा और उभरते खतरों की पहचान, ट्रैकिंग, पुष्टि, मुकाबला और उन्हें निष्क्रिय करना संभव हो पाता है. क्‍या है CADET? CADET एक बॉक्सनुमा ट्रैक्ड वाहन होगा, जिसमें चार सैनिकों के बैठने और जरूरी उपकरणों के लिए पर्याप्त जगह होगी. इस पर रडार, मिसाइल लॉन्चर, तोपें, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और भविष्य में नए मॉड्यूल लगाए जा सकेंगे. सेना इसे मैदानों, रेगिस्तानी इलाकों, अर्ध-शुष्क क्षेत्रों (Semi-Dry Zone) और करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में तैनात करना चाहती है. पहले इस प्रोजेक्ट में दक्षिण कोरिया की कंपनी हनव्हा (Hanwha) को चुना गया था, लेकिन स्वदेशी सामग्री से जुड़े मुद्दों के कारण सौदा रद्द हो गया. बाद में रूस ने 2018 में भारत-रूस सैन्य तकनीकी सहयोग बैठक में खुद को अनुचित तरीके से बाहर किए जाने पर आपत्ति भी जताई थी. क्‍या है इसकी खासियत? अब रूस का पैंट्सिर-S1M सिस्टम नए रूप में फिर सामने आया है. इसके निर्यात संस्करण में नई मिसाइल शामिल है और इसकी मारक क्षमता 30 किलोमीटर तक बढ़ गई है. इसमें 12 सतह-से-हवा मिसाइलें और दो 30 मिमी की तोपें लगी होती हैं. यह सिस्टम ड्रोन, हेलीकॉप्टर, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान, सटीक हथियारों और क्रूज मिसाइलों से निपटने में सक्षम है. इस बीच चीन ने भी अपने नए SWS2 ऑटोमेटेड एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को पेश किया है, जिससे क्षेत्र में वायु रक्षा को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है. ऐसे हालात में CADET प्लेटफॉर्म पर लगा पैंट्सिर-S1M भारत के लिए एक मजबूत और प्रभावी जवाब साबित हो सकता है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम भारतीय सेना को तुरंत वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा और कठिन सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा.

इतिहास रचने को तैयार कैप्टन जोया: नॉर्थ पोल के ऊपर उड़ान से पहले साझा किया उत्साह

नईदिल्ली  एअर इंडिया की महिला पायलटों की टीम नॉर्थ पोल के ऊपर से उड़ान भरकर जल्द ही इतिहास रचने जा रही है. इस टीम की अगुआई करेंगी कैप्टन जोया अग्रवाल जो अपनी इस नई यात्रा को लेकर बेहद रोमांचित हैं. कैप्टन जोया अग्रवाल ने कहा, "मैं इतिहास रचने का इंतजार कर रही हूं. मैं बेहद उत्साहित हूं!" इन शब्दों के साथ जोया उस विशेष क्लब का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं जो एक नया मकाम हासिल करने जा रही है. आसमान में अपने सपनों की उड़ान भरने वाली कैप्टन जोया अग्रवाल जल्द ही एक और उपलब्धि हासिल कर लेंगी, क्योंकि वे एक महिला पायलटों की टीम का नेतृत्व करेंगी. ये उड़ान अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से चलेगी और उत्तरी ध्रुव से होते हुए नॉनस्टॉप बेंगलुरु पहुंचेगी. स्थानीय समय के मुताबिक ये यात्रा 9 जनवरी 2021 को रात 8.30 बजे शुरू होगी. "हम वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहे"  उड़ान भरने से कुछ घंटे पहले कैप्टन जोया ने कहा, "कल हम कई तरह के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं. इसके बारे में सोचकर मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं." कॉकपिट में कैप्टन जोया के साथ कैप्टन थनमई पपागड़ी, कैप्टन आकांशा सोनावड़े और कैप्टन शिवानी मन्हास द्वारा शामिल होंगी. साथ ही एयर इंडिया में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (Flight Safety) कैप्टन निवेदिता भसीन भी इस फ्लाइट से यात्रा करेंगी. नॉर्थ पोल क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने के बारे में जोया कहती हैं, "हम पिछले साल ही ऐसा करने वाले थे, लेकिन दुर्भाग्य से खराब मौसम के चलते ऐसा नहीं हो सका. लंबे समय से ये बहुत से लोगों के लिए एक सपना है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि कल हम इस सपने को एक हकीकत में बदल देंगे." जोया ने बताया, "ध्रुवीय उड़ान पहले भी भरी गई है, लेकिन यह पहली बार है जब हमारे पास चालक दल में सभी महिलाएं हैं. 'भारत की बेटियां' अमेरिका की सिलिकॉन वैली से भारत की सिलिकॉन वैली तक उड़ान भरेंगी!" जोया ने आगे कहा, "अब तक हम लंबी उड़ानों का संचालन करते रहे हैं, लेकिन वे उड़ानें अटलांटिक महासागर या प्रशांत महासागर के ऊपर से गुजरती हैं और वापस आ जाती हैं. ये उड़ान खासतौर से अलग है क्योंकि आप उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरेंगे. उत्तरी ध्रुव कितने लोगों ने देखा है? मैं खुद को भाग्यशाही मानती हूं कि मैं हवाई जहाज की कमान संभालूंगी और ऊपर से उत्तरी ध्रुव को देखते हुए दूसरी तरफ आऊंगी. यह उड़ान विमानन के इतिहास में एक नया अध्याय बनने जा रही है." ऐतिहासिक उड़ान की सभी सीटें बुक लगभग 17 घंटे की उड़ान के बारे में कैप्टन जोया कहती हैं कि यह उतनी ही तेज उड़ान है जितना की संभव है. उन्होंने कहा, "ये दुनिया के दो विपरीत बिंदुओं को जोड़ने के लिए संभव सबसे तेज रूट है. यह निश्चित रूप से दुनिया की सबसे लंबी उड़ानों में से एक है और तब भी इसमें अटलांटिक महासागर या प्रशांत क्षेत्र से होकर समान दूरी की उड़ान की तुलना में कम ईंधन का इस्तेमाल होने वाला है." इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए एयर इंडिया का बोइंग 777-200LR विमान का इस्तेमाल किया जाना है जिसमें सीट क्षमता 238 की है. एयर इंडिया ने इंडिया टुडे को बताया कि ये सभी सीटें बुक हो चुकी हैं. कैप्टन जोया ने कहा, "बोइंग 777-200LR एक अहम हवाई जहाज है. अगर आप पृथ्वी ग्रह को देखते हैं और ग्लोब पर कोई दो बिंदु दिखाई देता है तो ये हवाई जहाज उन्हें जोड़ने में सक्षम है." कैप्टन जोया एक कुशल पायलट हैं जिन्हें 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरने का अनुभव है. इसके अलावा उन्हें बोइंग B777 विमान में 10 साल से ज्यादा कमांड का अनुभव है जिसमें 2,500 से ज्यादा फ्लाइंग आवर शामिल हैं. अपनी अब तक की यात्रा के बारे में जोया कहती हैं, "जब मैं एयर इंडिया में शामिल हुई, महिला पायलटों की संख्या मुट्ठी भर थी जिनमें से मैं भी एक थी. हर कोई मुझे एक बच्चे की तरह देखता था, लेकिन सब लोग बहुत मददगार थे. बहरहाल, यह एक पुरुष-प्रधान क्षेत्र है. खुद को एक महिला पायलट के रूप में नहीं, बल्कि एक पायलट के रूप में कड़ी मेहनत करनी होती है, क्योंकि यह एक बहुत ही जिम्मेदारी का काम है." "तब मां रो पड़ी थीं" जोया अपने माता-पिता की एकमात्र संतान हैं. वे याद करती हैं कि कैसे उनकी मां डर के मारे रो पड़ी थीं जब उन्होंने घर पर पहली बार ये बताया था कि वे पायलट बनना चाहती हैं. लेकिन जल्दी ही ये सब बदल गया. चेहरे पर मुस्कान लाते हुए जोया याद करती हैं, "मैं पिछले 8 वर्षों से उड़ान भर रही हूं और ये एक शानदार यात्रा है. 2013 में जब मैं कैप्टन बनी, तब मेरी मां फिर से रो पड़ीं लेकिन इस बार वे खुशी से रोई थीं." तो क्या युवा लड़कियों के लिए जोया का संदेश है कि वे अपनी इच्छाओं को आसमान में उड़ने दें? कैप्टन जोया कहती हैं, "एक महिला को सपने देखने और जो कुछ भी वह चाहती है उसे हासिल करने में सक्षम होना चाहिए. कोई भी सपना ऐसा नहीं है जो नामुमकिन हो."

PF निकासी आसान हुई: डेबिट कार्ड और ATM से अब 75% पैसा तुरंत निकालें

 नई दिल्ली पीएफ निकासी को लेकर अक्सर लोगों की शिकायत होती है, प्रक्रिया आसान नहीं है. खुद केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया भी मानते हैं कि लोगों को PF निकासी में अभी भी काफी दिक्कतें आती हैं. वो कहते हैं कि अपने ही पैसे निकालने के लिए लोगों को 10 तरह के फॉर्म भरने पड़ते हैं. इससे लोगों को परेशानी होती हैं, लेकिन सरकार इस नियम को बदलने के लिए फैसला कर लिया है. अब एक क्लिक में PF का पैसा लोग निकाल पाएंगे. एक कार्यक्रम में मनसुख मांडविया ने कहा कि जल्द ही PF निकासी की प्रक्रिया बेहद आसान होने वाली है. उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक PF अकाउंट से सीधे UPI और ATM के जरिए पैसा निकालने की सुविधा शुरू की जाएगी. इस नई व्यवस्था के बाद PF निकासी की प्रक्रिया बैंक से पैसे निकालने जितनी आसान हो जाएगी. तेजी से चल रहा है काम सरकार पीएफ को UPI और एटीएम से जोड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है. इसकी प्रक्रिया चल रही है और मार्च से पहले कर्मचारी सीधे एटीएम से पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे. उन्होंने कहा कि पहले ही PF खाते को बैंक खाता, आधार और UAN से जोड़ा जा चुका है. वहीं अब डेबिट कार्ड और ATM में EPFO निकासी विकल्प को जोड़ दिया जाएगा. जिससे जरूरत पड़ने पर कर्मचारी कभी भी अपने PF का 75 फीसदी पैसा निकाल सकेंगे. श्रम मंत्रालय के मुताबिक मार्च 2026 से पहले PF अकाउंट से अमाउंट सीधे UPI और ATM के जरिए पैसा निकालने की सुविधा शुरू की जाएगी. इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं. इसलिए PF खाताधारकों को अब एक क्लिक में सुविधा मिलने वाली है. अब आइए जानते हैं कि ये कैसे संभव होगा?  कैसे PF का पैसा ATM से निकलेगा? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि फिलहाल PF अकाउंट को UPI से लिंक करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है. EPFO जब यह सुविधा शुरू करेगा, तब इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया दी जाएगी. अनुमान है कि यह सुविधा EPFO मेंबर पोर्टल और UMANG ऐप दोनों पर उपलब्ध होगी. PF अकाउंट को UPI से जोड़ने के लिए UAN (Universal Account Number) का एक्टिव होना सबसे जरूरी शर्त होगी. इसके साथ ही सदस्य का आधार, बैंक अकाउंट और PAN को UAN से लिंक होना अनिवार्य रहेगा. मोबाइल नंबर भी आधार और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया OTP आधारित वेरिफिकेशन पर होगी.  हालांकि प्रक्रिया को लेकर EPFO ने अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि सदस्य को EPFO पोर्टल या UMANG ऐप में लॉग-इन करना होगा. संभव है कि वहां एक नया ऑप्शन दिखाई देगा, उदाहरण के लिए 'Link PF with UPI' या फिर 'PF Withdrawal via UPI'. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद सदस्य को अपनी UPI ID दर्ज करनी होगी. इसके बाद संबंधित UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM पर एक नोटिफिकेशन आएगा, जहां से PF अकाउंट को जोड़ने की अनुमति देनी होगी. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद PF अकाउंट सफलतापूर्वक UPI से लिंक हो जाएगा. उसके बाद ATM से सीधे में UPI के जरिये अमाउंट ट्रांसफर हो जाएगा. हालांकि EPFO ने अभी तक इस प्रोसेस पुष्टि नहीं की है.  चुटकी में निकलेगा PF अमाउंट सरकार का कहना है कि PF-UPI लिंकिंग से लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है, इससे PF अमाउंट आसानी से निकाल जा सकेगा और प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी. इसके लिए EPFO सदस्य को अपना KYC पूरा और अपडेट करना होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत भी सदस्य अपनी EPF राशि का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं. बाकी पीएफ में 25 फीसदी राशि इसलिए छोड़ी गई, ताकि कर्मचारियों की नौकरी की निरंतरता बनी रहे और उन्‍हें पीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज का लाभ मिल सके.    

नई दिल्ली में भारत टैक्सी की शुरुआत, ड्राइवरों के लिए बेहतर कमाई के अवसर

 नई दिल्ली Bharat Taxi Service Launch: नए साल की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में टैक्सी सर्विस सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. 1 जनवरी से दिल्ली में भारत टैक्सी ऐप (Bharat Taxi) की आधिकारिक लॉन्चिंग होने जा रही है, जो यात्रियों को भरोसेमंद, सुरक्षित और किफायती कैब सेवा देने का दावा करती है. तेजी से डिजिटल हो रहे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में यह ऐप एक देसी विकल्प के तौर पर अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है. सरकार की पहल से शुरू हो रही यह सेवा ओला और ऊबर जैसी निजी कंपनियों के विकल्प के तौर पर देखी जा रही है. क्या है भारत टैक्सी ऐप भारत टैक्सी एक मोबाइल आधारित कैब बुकिंग प्लेटफॉर्म है, जो अन्य कैब सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे ही स्मार्टफोन से ऑपरेट की जा सके. इसे आम भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के तहत शुरू हुई है, जिसे दुनिया का पहला ऐसा नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव बताया जा रहा है जो पूरी तरह ड्राइवरों के हक की बात करता है. यह ऐप लोकल और आउटस्टेशन दोनों तरह की यात्रा के लिए सेवाएं देगा.   सर्ज प्राइसिंग से मिलेगी राहत भारत टैक्सी सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यात्रियों को ओला और ऊबर की सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा मिलेगा. पीक टाइम या खराब मौसम में मनमाना किराया बढ़ने की समस्या से अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. भारत टैक्सी में किराया पहले से तय और पारदर्शी होगा.  ड्राइवरों को मिलेगा ज्यादा फायदा भारत टैक्सी ऐप ड्राइवर फ्रेंडली मॉडल पर काम करेगी. इसमें ड्राइवरों को 80 प्रतिशत से भी अधिक किराया मिलने का दावा किया गया है. इससे ड्राइवरों की आमदनी बढ़ेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के बेहतर सेवा दे सकेंगे. कई बार देखा गया है कि, कैब ड्राइवर प्राइवेट टैक्सी प्रोवाइडर्स की मनमानी से परेशान होते हैं. दिल्ली में मजबूत तैयारी लॉन्च से पहले ही दिल्ली में करीब 56 हजार ड्राइवरों ने भारत टैक्सी ऐप पर पंजीकरण करा लिया है. यह आंकड़ा दिखाता है कि ड्राइवर कम्यूनिटी में इस प्लेटफॉर्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है. सरकार को उम्मीद है कि शुरुआत से ही यात्रियों को पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता मिलेगी. ऑटो, कार और बाइक की सुविधा भारत टैक्सी ऐप पर यात्रियों को ऑटो, कार और बाइक टैक्सी तीनों की सुविधा मिलेगी. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. नए साल से दिल्ली की सड़कों पर यह देसी ऐप कितना असर दिखाता है, इस पर सभी की नजरें बनी रहेंगी. यूजर्स को क्या मिलेगा खास भारत टैक्सी ऐप में रियल टाइम ट्रैकिंग, 24×7 कस्टमर सपोर्ट, कैश और डिजिटल पेमेंट विकल्प और सेफ्टी फीचर्स जैसे कई आधुनिक विकल्प दिए जाएंगे. इस कैब सर्विस का फोकस फैमिली ट्रैवलर्स, कॉरपोरेट यूजर्स और टूरिस्ट्स पर रहेगा, ताकि हर वर्ग को बेहतर अनुभव मिल सके. ड्राइवर्स के लिए नए मौके इस ऐप के जरिए टैक्सी ड्राइवर्स को भी स्थायी कमाई का अवसर मिलेगा. कंपनी का कहना है कि ड्राइवर्स के लिए कम कमीशन, समय पर भुगतान और टेक्निकल सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे ड्राइवर्स और प्लेटफॉर्म के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा. ऐप हुआ लाइव Bharat Taxi मोबाइल ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर ट्रायल और फीडबैक के लिए उपलब्ध है. कोऑपरेटिव का कहना है कि ऐप का iOS वर्ज़न भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली और गुजरात में के लिए इसका ट्रायल शुरू किया गया है. गूगल प्लेस्टोर पर इसका मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ड्राइवर (Bharat Taxi) के नाम से प्रदर्शित हो रहा है. यहां ध्यान रखें कि, वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है.

स्कूल से दूर देश की 45.4% लड़कियां: देखें राज्यों के अनुसार आंकड़े

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लड़कियों की शिक्षा को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में अब भी 45.4 प्रतिशत लड़कियां स्कूल नहीं जा रही हैं। यह स्थिति बताती है कि तमाम योजनाओं के बावजूद बालिका शिक्षा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। महाराष्ट्र में हालात सबसे खराब राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो महाराष्ट्र की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां 66 फीसदी लड़कियां स्कूल से बाहर हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश (54.8%), मिजोरम (53.8%), जम्मू-कश्मीर (53.7%) और ओडिशा (49.5%) में भी बड़ी संख्या में लड़कियां शिक्षा से वंचित हैं। केरल सहित कुछ राज्यों का बेहतर प्रदर्शन वहीं दूसरी ओर, केरल लड़कियों की शिक्षा के मामले में अन्य राज्यों से आगे नजर आता है। यहां केवल 33.2 फीसदी लड़कियां स्कूल नहीं जातीं। मध्य प्रदेश (37.8%) भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। हालांकि बिहार (45.7%), राजस्थान (46.2%) और उत्तर प्रदेश (47.2%) अब भी राष्ट्रीय औसत के आसपास या उससे ऊपर हैं। राज्यवार स्कूल न जाने वाली लड़कियों का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत – 45.4% महाराष्ट्र – 66% हिमाचल प्रदेश – 54.8% मिजोरम – 53.8% जम्मू-कश्मीर – 53.7% ओडिशा – 49.5% उत्तर प्रदेश – 47.2% राजस्थान – 46.2% बिहार – 45.7% मध्य प्रदेश – 37.8% केरल – 33.2% प्री-स्कूल से 12वीं तक के आंकड़े यह डेटा प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 12वीं तक का है और पिछले पांच वित्तीय वर्षों (FY 2022 से FY 2026) पर आधारित है। इसमें 2025 और 2026 के आंकड़े अस्थायी हैं, जिनमें आगे बदलाव संभव है। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लड़कियों की शिक्षा को लेकर अभी और गंभीर प्रयासों की जरूरत है, ताकि भविष्य में यह अंतर कम किया जा सके।

ढाका में सुरक्षा संकट: भारत ने वीजा सेवाएं रोकीं, एमईए ने बांग्लादेश से मांगा जवाब

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया, जिसमें कुछ कट्टरपंथी लोगों की तरफ से बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन के आसपास कुछ चिंताजनक हालात पैदा करने की बात कही गई। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, बांग्लादेश के ढाका में स्थित भारतीय वीजा ऑफिस के बंद होने की जानकारी दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेशी राजदूत का ध्यान खासतौर पर उन कट्टरपंथी लोगों की गतिविधियों की ओर दिलाया, जिन्होंने ढाका में भारतीय मिशन के आसपास सुरक्षा को लेकर अप्रिय स्थिति बनाने की योजना की घोषणा की है। इसके अलावा, भारत ने बांग्लादेश में हाल की कुछ घटनाओं के बारे में कट्टरपंथी लोगों द्वारा बनाई जा रही झूठी कहानी को पूरी तरह से खारिज कर दिया। एमईए ने चिंता जताई कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने न तो पूरी जांच की है और न ही घटनाओं के बारे में भारत के साथ कोई काम के सबूत साझा किए हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "भारत के बांग्लादेश के लोगों के साथ करीबी और दोस्ताना रिश्ते हैं, जो आजादी की लड़ाई से जुड़े हैं। हम बांग्लादेश में शांति और स्थिरता के पक्ष में हैं। हमने लगातार शांतिपूर्ण माहौल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, सबको साथ लेकर चलने वाले और भरोसेमंद चुनाव कराने की मांग की है।" भारत ने यूनुस की अंतरिम सरकार से कहा कि वह अपनी कूटनीतिक जिम्मेदारियों के हिसाब से बांग्लादेश में भारतीय मिशन और पोस्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इससे पहले रविवार को, भारत ने यूनुस सरकार के दावों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने पड़ोसी देश में शांतिपूर्ण माहौल में निष्पक्ष, स्वतंत्र, सबको साथ लेकर चलने वाले और भरोसेमंद चुनाव कराने का लगातार समर्थन किया है। भारत की ओर से यह टिप्पणी शेख हसीना के हालिया बयान को लेकर बांग्लादेश में भारतीय राजदूत को तलब किए जाने के बाद आई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कभी भी अपनी जमीन का इस्तेमाल बांग्लादेश के लोगों के हितों के खिलाफ कामों के लिए नहीं होने दिया है। भारत बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के 14 दिसंबर 2025 के प्रेस नोट में किए गए दावों को पूरी तरह से खारिज करता है। हम उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अंदरूनी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी, जिसमें शांतिपूर्ण चुनाव कराना भी शामिल है।

आई पेरियासामी की याचिका खारिज, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मद्रास हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

चेन्नई मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु के ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी और उनके परिवार के सदस्यों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसी को सुने बिना और उसका पक्ष आए बिना किसी प्रकार की अंतरिम सुरक्षा नहीं दी जा सकती। मुख्य न्यायाधीश मनींद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की प्रथम खंडपीठ ने कहा कि ईडी को नोटिस जारी किए बिना और उसे जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने ईडी के विशेष लोक अभियोजक आर. सिद्धार्थन को एजेंसी की ओर से नोटिस स्वीकार करने की अनुमति दी और ईडी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में दायर सभी रिट याचिकाओं पर 5 जनवरी 2026 तक विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करे। यह याचिकाएं मंत्री आई. पेरियासामी, उनके पुत्र आई.पी. सेंथिलकुमार और पुत्री पी. इंदिरा द्वारा दायर की गई हैं, जिनमें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उनके खिलाफ दर्ज प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को चुनौती दी गई है। यह ईसीआईआर राज्य पुलिस द्वारा पहले दर्ज एक अनुपातहीन संपत्ति मामले के आधार पर दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने ईसीआईआर और उससे जुड़े सभी कार्रवाई को रद्द करने की मांग करते हुए दलील दी कि मौजूदा परिस्थितियों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित एक विशेष अदालत ने पहले मंत्री को डीवीएसी द्वारा दर्ज मूल (प्रेडिकेट) अपराध से बरी कर दिया था। हालांकि, उस बरी किए जाने के आदेश को बाद में वर्ष 2025 में मद्रास हाईकोर्ट ने पलट दिया। इसके बाद पेरियासामी ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से उन्हें अंतरिम राहत मिली और आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा का हवाला देते हुए मंत्री और उनके परिवार ने तर्क दिया कि चूंकि ईडी की कार्यवाही मूल अपराध पर निर्भर है, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच आगे नहीं बढ़नी चाहिए और तत्काल राहत दी जानी चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले ईडी को सुना जाना आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई ईडी द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद होगी।

मोबाइल चोरों पर शिकंजा: नोएडा पुलिस ने स्नैचिंग गैंग तोड़ा, करोड़ों का माल जब्त

नोएडा नोएडा के फेस-1 थाने की पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो करोड़ रुपए कीमत के 70 मोबाइल फोन, 28 आईपैड, एक टैबलेट, 265 मोबाइल फोन पार्ट्स, एक एप्पल टीवी डिवाइस और वारदात में प्रयुक्त एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब तक 500 से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है और दिल्ली-एनसीआर समेत कई जिलों में सक्रिय था।  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सेक्टर-14 नोएडा क्षेत्र से चार आरोपी फिरोज, फरदीन, सलीम और दानिश को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं और लंबे समय से संगठित तरीके से मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की चोरी और स्नैचिंग की घटनाएं कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, मथुरा सहित अन्य जनपदों में भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित करते थे। विशेष रूप से धार्मिक कार्यक्रमों, जनसभाओं और मेलों में वे आम लोगों की तरह शामिल होकर मौके का फायदा उठाते थे। आरोपियों ने बताया कि शक से बचने के लिए वे अपनी पहचान बदल लेते थे और हिंदू नामों का प्रयोग करते थे, ताकि भीड़ में किसी को उन पर संदेह न हो।  इसी दौरान वे महंगे और ट्रेंड में चल रहे आईफोन, स्मार्टफोन और टैबलेट चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स को आरोपी 'ऑन डिमांड' सप्लाई करते थे। बाजार में जिन मॉडलों की ज्यादा मांग होती थी, उन्हीं डिवाइस को निशाना बनाकर वे चोरी करते और फिर अलग-अलग राज्यों में उनके पार्ट्स बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस के अनुसार, बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान की अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपए है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार चारों अभियुक्तों के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, स्नैचिंग और अन्य संगीन धाराओं के मामले शामिल हैं। थाना फेस-1 पुलिस का कहना है कि आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है, जिससे गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क का भी खुलासा होने की संभावना है। 

ग्लोबल एनर्जी गेम बदलने की तैयारी: चीन ने खारे पानी से बनाया पेट्रोल, लागत सुनकर उड़ जाएंगे होश

बीजिंग  चीन ने ऊर्जा और जल संकट की दो वैश्विक समस्याओं का एक साथ समाधान पेश कर दुनिया को चौंका दिया है। शानडोंग प्रांत के रिजाओ शहर में स्थापित एक अत्याधुनिक फैक्ट्री समुद्र के खारे पानी को ग्रीन हाइड्रोजन (भविष्य का पेट्रोल) और पीने योग्य अल्ट्रा-प्योर पानी में बदल रही है। इस प्लांट की सबसे खास बात यह है कि यह पारंपरिक बिजली या ईंधन पर निर्भर नहीं है। फैक्ट्री को ऊर्जा मिलती है पास की स्टील और पेट्रोकेमिकल इकाइयों से निकलने वाली बेकार गर्मी (वेस्ट हीट) से, जिसे अब तक बेकार समझकर छोड़ दिया जाता था। यही वजह है कि इसकी उत्पादन लागत बेहद कम हो गई है। इस तकनीक को विशेषज्ञ “वन इनपुट, थ्री आउटपुट” मॉडल कह रहे हैं। इसमें इनपुट के रूप में समुद्र का खारा पानी और इंडस्ट्रियल वेस्ट हीट का इस्तेमाल होता है, जबकि आउटपुट में तीन उपयोगी चीजें मिलती हैं। पहला, हर साल लगभग 450 क्यूबिक मीटर साफ पीने योग्य पानी, जिसका इस्तेमाल घरेलू और औद्योगिक दोनों जरूरतों के लिए किया जा सकता है। दूसरा, सालाना करीब 1,92,000 क्यूबिक मीटर ग्रीन हाइड्रोजन, जो स्वच्छ ईंधन के रूप में इस्तेमाल होती है। तीसरा, करीब 350 टन खारा घोल (ब्राइन), जिसे समुद्री केमिकल्स बनाने में प्रयोग किया जाता है।   इस तरह इस फैक्ट्री में कुछ भी बेकार नहीं जाता। हर उत्पाद का दोबारा उपयोग होता है, जिससे पर्यावरण पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। लागत की बात करें तो समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने में सिर्फ 2 युआन यानी लगभग 24 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर खर्च आ रहा है। यही कारण है कि इस तकनीक को अमेरिका और सऊदी अरब जैसी उन्नत तकनीकों से भी आगे माना जा रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन इतना है कि उससे 100 बसें लगभग 3,800 किलोमीटर तक चल सकती हैं। समुद्र से घिरे देशों के लिए यह तकनीक भविष्य में पानी की कमी और स्वच्छ ऊर्जा संकट का स्थायी समाधान बन सकती है।    

वीरता और राष्ट्रबोध की नई पहचान है ‘परमवीर दीर्घा’ : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में ‘परमवीर दीर्घा’ का उद्घाटन किया। इस दीर्घा में परमवीर चक्र से सम्मानित सभी 21 वीरों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खास प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा कि परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। एक लंबे कालखंड तक, राष्ट्रपति भवन की गैलरी में ब्रिटिश काल के सैनिकों के चित्र लगे थे। अब उनके स्थान पर, देश के परमवीर विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में परमवीर दीर्घा का निर्माण गुलामी की मानसिकता से निकलकर भारत को नवचेतना से जोड़ने के अभियान का एक उत्तम उदाहरण है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'परमवीर दीर्घा' के उद्घाटन की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ''हे भारत के परमवीर, है नमन तुम्हें हे प्रखर वीर। ये राष्ट्र कृतज्ञ बलिदानों पर, भारत मां के सम्मानों पर। राष्ट्रपति भवन की परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। जिन वीरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा की, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन दिया, उनके प्रति देश ने एक और रूप में अपनी कृतज्ञता अर्पित की है। देश के परमवीरों की इस दीर्घा को, दो परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य विजेताओं के परिवारजनों की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्र को अर्पित किया जाना और भी विशेष है।'' एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, ''एक लंबे कालखंड तक, राष्ट्रपति भवन की गैलरी में ब्रिटिश काल के सैनिकों के चित्र लगे थे। अब उनके स्थान पर, देश के परमवीर विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। राष्ट्रपति भवन में परमवीर दीर्घा का निर्माण गुलामी की मानसिकता से निकलकर भारत को नवचेतना से जोड़ने के अभियान का एक उत्तम उदाहरण है। कुछ साल पहले सरकार ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कई द्वीपों के नाम भी परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे हैं।'' आखिरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''ये चित्र और ये दीर्घा हमारी युवा पीढ़ी के लिए भारत की शौर्य परंपरा से जुड़ने का एक प्रखर स्थल है। ये दीर्घा युवाओं को ये प्रेरणा देगी कि राष्ट्र उद्देश्य के लिए आत्मबल और संकल्प महत्वपूर्ण होते हैं। मुझे आशा है कि ये स्थान विकसित भारत की भावना का एक प्रखर तीर्थ बनेगा।'' राष्ट्रपति भवन में एक विशेष दीर्घा बनाई गई है। इस दीर्घा की विशेषता यह है कि यह स्थान देश के वीर सपूतों को समर्पित है। इस दीर्घा का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया। यहां पर परमवीर चक्र विजेताओं के चित्रों को सम्मान के साथ प्रदर्शित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य परमवीर चक्र विजेता, राष्ट्रीय नायकों के अदम्य साहस और बलिदान से देशवासियों को अवगत कराना है।