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लो जी! अब ऑफलाइन UPI की एंट्री, मोबाइल में नेटवर्क न हो तब भी ट्रांजैक्शन पक्का

जम्मू-कश्मीर  जो लोग मोबाइल से पैसों का लेन-देन करते हैं उनके लिए यह खबर बेहर अहम है। अब मोबाइल से पैसों का लेन-देन और भी आसान हो गया है। इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने पर भी ट्रांजैक्शन हो सकता है। आज के समय में अब हर छोटी-बड़ी खरीददारी मोबाइल से करना चाहता है। भारत में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने पैसों के लेन-देन को बहुत आसान बना दिया है। लेकिन कभी-कभी इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। लेकिन अब आप बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट कर सकते हैं,बस आप को एक काम करना हो जो है *99# डायल करना होगा। इस सेवा के माध्यम से आप एक बार में 5,000 रुपए तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं वो भी सिर्फ  50 रुपए में। ऑफलाइन UPI पेमेंट कैसे करें इस तरीके से पैमेंट करने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। इसके बाद अपने बैंक की ऐप या वेबसाइट से UPI PIN सेट करें। अपने मोबाइल से *99# डायल करें और कॉल बटन दबाएं। स्क्रीन पर कई विकल्प आएंगे जैसे Send Money, Check Balance, Request Money आदि। पेमेंट करने के लिए बैंक अकाउंट चुनें। प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर, UPI ID या अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। पेमेंट की राशि दर्ज करें और अपना UPI PIN डालें। कुछ ही सेकंड में ट्रांजैक्शन सफल हो जाएगा — बिना इंटरनेट। 

बेंगलुरु आगमन पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का राज्यपाल गहलोत ने किया अभिनंदन

बेंगलुरु, कर्नाटक दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का बेंगलुरु में गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने के लिए पहली बार कर्नाटक दौरे पर पहुंचे हैं। रविवार सुबह बेंगलुरु के येलहंका में स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर उनका विमान उतरा, जहां राज्य के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उपराष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी, शहरी विकास मंत्री सुरेश बीएस, सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश और कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक एमए सलीम ने भी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचकर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया। उपराष्ट्रपति को उनके आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बेंगलुरु के येलहंका एयरफोर्स स्टेशन से हेलीकॉप्टर के जरिए हासन जिले के श्रवणबेलगोला पहुंचेंगे। यहां उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज की स्मृति में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह आयोजन चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज की 1925 में श्रवणबेलगोला की प्रथम यात्रा के शताब्दी वर्ष का प्रतीक है। इस स्मरणोत्सव के दौरान उपराष्ट्रपति आचार्य श्री शांति सागर महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह और चौथी पहाड़ी के नामकरण समारोह में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, सीपी राधाकृष्णन मैसूर स्थित जेएसएस अकादमी के 16वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे, जो जगद्गुरु श्री वीरसिंहासन महासंस्थान मठ से जुड़ी हुई है। यहां उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन छात्रों को भी संबोधित करेंगे। उपराष्ट्रपति कर्नाटक के सबसे प्रमुख मठ केंद्रों में से एक, सुत्तूर मठ के पुराने परिसर का भी दौरा करेंगे। वे मैसूर के निकट श्री चामुंडेश्वरी देवी मंदिर और मांड्या के मेलकोट स्थित चेलुवनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।  

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ से ‘एकता मार्च’ की दी शुरुआत

जूनागढ़,  गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में ‘एकता मार्च’ को हरी झंडी दिखाई। जूनागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सरदार चौक स्थित सरदार साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री को सरदार पटेल की प्रतिमा भेंट की गई। इसके बाद सभी ने आत्मनिर्भर भारत की शपथ ली। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, राष्ट्र सरदार पटेल की विरासत का जश्न मना रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को जूनागढ़ मुक्ति दिवस की भी बधाई दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि इस मार्च में समाज के सभी वर्ग, महाविद्यालयीन विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस, माई भारत स्वयंसेवक, सहकारी संस्थाएं, विभिन्न राजनीतिक दल, धार्मिक संस्थाएं, स्थानीय संत, पूर्व सैनिक और उनके परिवार, खिलाड़ी, सामाजिक संगठन से जुड़े नागरिकों ने हिस्सा लिया और वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘सरदार@150’ एकता मार्च के अंतर्गत आयोजित राज्यव्यापी पदयात्रा का शुभारंभ जूनागढ़ से पूज्य संतों और साथी मंत्रियों की उपस्थिति में हुआ।” उन्होंने लिखा, “9 नवंबर 1947 को जूनागढ़ नवाबी शासन से स्वतंत्र होकर भारत में विलीन हो गया, जिसे जूनागढ़ मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह विशेष प्रसन्नता की बात है कि सरदार वल्लभभाई पटेल और आरजी सरकार के सैनिकों के महत्वपूर्ण योगदान के कारण जूनागढ़ के भारत में विलय के इस यादगार दिन पर यह पदयात्रा आयोजित की गई।” एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “सरदार साहब के अखंड भारत के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह अमित शाह ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मंत्र के साथ और भी सुदृढ़ किया है। उनके मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा ‘एकता मार्च’ देशवासियों को एकता के सूत्र में पिरोकर सभी की भागीदारी से विकास के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।” उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी इस ऐतिहासिक मार्च में शामिल हों और लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करें।  

धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाओं के लिए मोदी का आभार जताया

देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के मेरे सभी भाई-बहनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। प्रकृति की गोद में बसी हमारी यह देवभूमि आज पर्यटन के साथ-साथ हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रही है। प्रदेश के इस विशेष अवसर पर मैं यहां के विनम्र, कर्मठ और देवतुल्य लोगों की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।” इसके प्रत्युत्तर में मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी, उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आपकी स्नेहपूर्ण शुभकामनाओं एवं आशीर्वाद के लिए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार। आपके दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में उत्तराखंड अपनी विकास यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहा है। आपकी प्रेरणा से उत्तराखंड ने अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होकर सुशासन, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “आपका सान्निध्य हमें सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रेरित करता है।” उल्लेखनीय है कि आज उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती महोत्सव मना रहा है। जिसमें स्थानीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) परिसर में एक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में लगभग पचहत्तर हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर, 8140 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएँ मुख्यतः पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री दो प्रमुख जलविद्युत क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। श्री मोदी “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” के तहत 28,000 से अधिक किसानों के खातों में 62 करोड़ रुपये की राशि भी सीधे जारी करेंगे। प्रधानमंत्री उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती समारोह में दोपहर लगभग 12:30 बजे पहुंचेंगे। इस अवसर पर वे एक स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।  

आतंकी खतरे की आशंका से जाफर एक्सप्रेस की सेवा स्थगित, बलूचिस्तान में बढ़ी सुरक्षा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान रेलवे ने बलूचिस्तान में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर क्वेटा और पेशावर के बीच जाफर एक्सप्रेस की सेवाओं को रविवार से चार दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कुछ महीने पहले इस ट्रेन पर हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 9 से 12 नवंबर तक इस रेलगाड़ी की सेवा निलंबत करने का अस्थायी फैसला सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की सलाह पर एहतियातन लिया गया, ताकि यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, नागरिकों और महत्वपूर्ण रेल संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कदम से हजारों यात्री प्रभावित होंगे, जो दोनों शहरों के बीच परिवहन के सबसे किफायती साधन के रूप में जाफर एक्सप्रेस पर निर्भर हैं। हाल के महीनों में जाफर एक्सप्रेस को विद्रोहियों और उग्रवादियों द्वारा बार-बार निशाना बनाया गया है, जिसमें मार्च में हुआ सबसे भीषण हमला शामिल है। मार्च में, प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 380 यात्रियों से भरी जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। यह गतिरोध दो दिनों तक बना रहा और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 26 यात्रियों की जान चली गई थी और 33 अन्य विद्रोही मारे गए थे।   

सीमा से आगे बढ़कर राष्ट्र की शान बना पूर्वोत्तर: प्रधानमंत्री का संबोधन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि अब यह देश का अग्रिम चेहरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "इस आर्टिकल में केंद्रीय मंत्री जेएम सिंधिया ने उत्तर पूर्व की अपनी यात्रा का अनुभव शेयर किया और वहां की सुंदरता और लोगों की अटूट भावना के बारे में बताया है।" पीएम मोदी ने आगे लिखा, "केंद्रीय मंत्री ने उत्तर पूर्व को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए कहा कि कैसे यह दक्षिणपूर्व एशिया के लिए भारत का प्राकृतिक गेटवे बन रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि देश का अग्रिम चेहरा है।" आर्टिकल में सिंधिया ने कहा, "पूर्वोत्तर की मनमोहक सुंदरता की बराबरी केवल यहां के लोगों की गर्मजोशी, सादगी और अदम्य साहस से ही हो सकती है, जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी है। मैं इस यात्रा से इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए और भी अधिक परिश्रम और लगन से काम करने के नए संकल्प के साथ घर लौट रहा हूं।" केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार पूर्वोत्तर को संपर्क, संस्कृति और वाणिज्य के एक जीवंत केंद्र में बदल रही है। अगर उनकी दूरदर्शी सोच और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता न होती, तो आशा और संभावनाओं का यह पुनरुत्थान शायद अभी भी एक दूर का सपना ही बना रहता।" उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र 'लैंडलॉक' से 'लैंडलिंक्ड' होता जा रहा है, परिवर्तन की रफ्तार को महसूस किया जा सकता है, जहां विकास समावेशिता और गरिमा के साथ-साथ चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अपर शिलांग स्थित मशरूम विकास केंद्र के अपने दौरे का जिक्र किया, जिसे ग्रामीण आजीविका में बदलाव लाने के लिए बनाया गया है। उत्तर पूर्वी परिषद के तहत 1982 में स्थापित, इस केंद्र में अब नव स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र है, जो हर साल लगभग 1.5 लाख लकड़ी के बुरादा के ब्लॉक का उत्पादन करता है, जिनमें से प्रत्येक से एक किलोग्राम शिटाके मशरूम प्राप्त होता है जिसकी बाजार में कीमत 1,000 रुपए तक होती है। सिंधिया ने कहा, "आंकड़ों से परे, जो बात मेरे दिमाग में रही, वह थी उन किसानों के चेहरे और कहानियां जिनसे मैं मिला, उनकी आंखें गर्व से चमक रही थीं, जब उन्होंने बताया कि कैसे यह पहल सम्मानजनक आजीविका बनाने, हरित उद्यमिता को पोषित करने और प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित एक सच्चे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर को विकसित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।"

चीन का सैन्य शक्ति प्रदर्शन! लड़ाकू विमानों और जहाजों से ताइवान को घेरा, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

ताइवान ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश के चारों ओर चीन के 10 लड़ाकू विमान  और 10 नौसैनिक जहाज सक्रिय रूप से संचालित होते देखे गए हैं। इनमें से चार विमान ताइवान की “मीडियन लाइन” पार कर उसके उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में घुस गए। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आज सुबह 6 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक 10 PLA विमानों और 10 PLAN जहाजों को ताइवान के आसपास देखा गया। ताइवान की सशस्त्र सेनाएं हालात की बारीकी से निगरानी कर रही हैं और आवश्यक कदम उठा रही हैं।”  इससे पहले शनिवार को ताइवान ने 18 चीनी विमानों, सात नौसैनिक जहाजों और एक सरकारी पोत की गतिविधियां दर्ज की थीं। वहीं शुक्रवार को 38 विमान और नौ जहाज ताइवान के आसपास देखे गए थे, जिनमें से 31 विमानों ने मीडियन लाइन पार की थी। यह “मीडियन लाइन” ताइवान जलडमरूमध्य में एक अनौपचारिक सीमा है, जिसे चीन ने हाल के वर्षों में बार-बार पार कर ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। इन लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों ने ताइवान स्ट्रेट में तनाव और बढ़ा दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा-“बीजिंग जानता है कि अगर उसने ताइवान पर सैन्य कार्रवाई की तो परिणाम क्या होंगे।”सीबीएस को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने खुलासा किया कि उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई मुलाकात में यह विषय नहीं उठा, लेकिन उन्होंने कहा,“अगर कुछ होता है तो दुनिया देखेगी… मैं अपनी रणनीति नहीं बताऊंगा, लेकिन चीन जानता है कि नतीजे क्या होंगे।”

पाक-अफगानिस्तान में अमन की नई कोशिश: तुर्किए किनारे, नया इस्लामिक देश मैदान में

अफगानिस्तान पाकिस्तान और अफगानिस्तान तालिबान के बीच माहौल गरमाता ही जा रहा है। कतर और तुर्किए की मध्यस्थता में इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता विफल हो चुकी है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर से हिंसा बढ़ने की आशंका है। इन तमाम उठा पटक के बीच अब दोनों का पड़ोसी ईरान मध्यस्थता का प्रस्ताव लेकर आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने काबुल और इस्लामाबाद के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने में मदद करने की पेशकश की है। आईआरएनए के मुताबिक, शनिवार रात में पाकिस्तानी विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से बातचीत के दौरान अरागची ने यह प्रस्ताव रखा। चर्चा के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान और पाकिस्तान के बीच एक गहरी दोस्ती और ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए दोनों को साझा हितों से जुड़े दोस्त मुस्लिम राष्ट्र बताया। अफगानिस्तान तालिबान के साथ पाकिस्तान के बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर करते हुए अरागची ने मतभेदों को दूर करके बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने का आग्रह किया। अरागची ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच शांति पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी जरूरी है। इस बातचीत के दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भी अपने ईरानी समकक्ष को हालिया घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। इसमें उन्होंने इस्तांबुल में संपन्न हुई शांति वार्ता और अन्य कूटनीतिक प्रयासों के बारे में भी बताया, जिन पर दोनों देशों की सहमति नहीं बन पाई थी। हालांकि, डार ने यहां इस बात पर जोर दिया कि वह अफगानिस्तान के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान विवाद इससे पहले, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर विवाद जारी है। पिछले महीने पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हवाई हमले कर दिए थे, जिसके बाद सीमा पर तनाव बढ़ गया था। अफगानिस्तान तालिबान की तरफ से किए गए हमले में पाकिस्तान के कई दर्जन जवान भी मारे गए थे। हालांकि, इसमें अफगानिस्तान के कई आम नागरिकों की भी जान गई थी। सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच तुर्किए की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच में एक संघर्षविराम हुआ, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं चल सका। पाकिस्तान ने फिर से अफगानिस्तान पर हमला बोल दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच में इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता भी विफल हो गई, और दोनों देश एक-दूसरे को धमकी देते नजर आए। गौरतलब है कि पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान अपनी धरती पर पाकिस्तान के दुश्मनों को पनाह दे रहा है, हालांकि अफगानिस्तान लगातार इससे इनकार करता रहा है।  

बाबर आज़म का करिश्मा जारी: सबसे तेज़ 15,000 रन पूरे कर क्रिकेट में दर्ज कराया नाम

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में 15000 रन पूरे किए। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पाकिस्तान के पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं, लेकिन सबसे खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम पाकिस्तान के अन्य बल्लेबाजों के मुकाबले सबसे कम पारियों में हासिल किया है। बाबर के अलावा इंजमाम-उल-हक, यूनिस खान, मोहम्मद यूसुफ और जावेद मियांदाद पाकिस्तान के लिए ये कारनामा कर चुके हैं। बाबर आजम को उनकी निरंतरता और तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। बाबर आजम ने ये कारनामा महज 370 पारियों में किया है, जबकि पाकिस्तान के बाकी चारों महान बल्लेबाजों को यह आंकड़ा छूने के लिए 400 से 550 के बीच पारियां खेलनी पड़ी थीं। बाबर आजम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में 32 गेंद में 27 रन की पारी खेली। हालांकि वह तीन रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए। 329 मैचों में बाबर ने 45.46 की औसत से 15004 रन बनाए हैं, जिसमें 31 शतक और 104 अर्धशतक शामिल हैं, उनका बेस्ट स्कोर 196 है। दक्षिण अफ्रीका को 37.5 ओवर में 143 रन के स्कोर पर समेटने के बाद पाकिस्तान ने 25.1 ओवर में तीन विकेट पर 144 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहले ही ओवर में फखर जमान (शून्य) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये बाबर आजम ने सैम अयूब के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़े। इसी दौरान 11वें ओवर में बाबर आजम (27) रनआउट होकर पवेलियन लौट गये। मोहम्मद रिजवान ने सैम अयूब के साथ 65 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। 24वें ओवर की चौथी गेंद पर ब्योर्न फोर्टेन ने सैम अयूब का शिकार कर लिया। सैम अयूब ने 70 गेंदों में 11 चौके और एक छक्का लगाते हुए 77 रनों की शानदार पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका के लिए नांद्रे बर्गर और ब्योर्न फोर्टेन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। अबरार अहमद 'प्लेयर ऑफ द मैच' और क्विंटन डी कॉक को 'प्लेयर ऑफ द सीरीज से नवाजा गया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने शनिवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। क्विंटन डी कॉक और लुआन-द्रे प्रेटोरियस ने पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े। 15वें ओवर में आगा सलमान ने लुआन-द्रे प्रेटोरियस (39) को आउटकर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। विकेट के रूप में दूसरे टोनी डीजॉर्जी (दो) भी सलमान का शिकार बने। 26वें ओवर में मोहम्मद नवाज ने क्विंटन डी कॉक (53) आउटकर दक्षिण अफ्रीका को तीसरा झटका दिया। इसके बाद पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण के आगे दक्षिण अफ्रीका का कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक सका। दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 37.5 ओवर में 143 के स्कोर पर सिमट गई। कप्तान मैथ्यू ब्रीत्जके (16) और एन पीटर 16 रन बनाकर आउट हुये। पाकिस्तान के लिए अबरार अहमद ने 27 रन देकर चार विकेट लिये। शाहीन शाह अफरीदी, मोहम्मद नवाज और आगा सलमान को दो-दो विकेट मिले।  

Cold Alert जारी: तापमान में तेजी से गिरावट, इन राज्यों में रहे सावधान

नई दिल्ली  देशभर में ठंड की शुरुआत हो चुकी है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बीच, रविवार को मौसम विभाग ने बताया है कि 9 नवंबर को पूर्वी राजस्थान, 9-11 नवंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड में शीतलहर चलने वाली है। इस तरह आने वाले दिनों में चार राज्यों में शीतलहर की चेतावनी है। इसके अलावा, अगले चार पांच दिनों के दौरान दक्षिण हरियाणा, उत्तर पश्चिम भारत और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में कुछ मैदानी इलाकों में रात का तापमान सामान्य से लगभग दो से चार डिग्री सेल्सियस तक कम होगा। 9, 12 और 13 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, 9-10 नवंबर को केरल, माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 9, 12, 13 नवंबर को तमिलनाडु, 9 और 10 नवंबर को केरल, माहे में अधिकांश जगहों पर बारिश होने की संभावना है।9-13 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, 9, 10 नवंबर को केरल, माहे में बिजली के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। वहीं, ठंड की बात करें तो 9 तारीख को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों, 9-11 नवंबर के दौरान एमपी, छत्तीसगढ़, झारखंड में शीतलहर चलेगी। चार पांच दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तर पश्चिम झारखंड, दक्षिण हरियाणा के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से चार से सात डिग्री कम रहेगा और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में लगभग दो से चार डिग्री सेल्सियस तक कम होगा। वहीं, अगले दो से तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में मिनिमम टेम्प्रेचर में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।