samacharsecretary.com

रक्षा का नया चरण — ऑपरेशन सिंदूर ने खोले प्राइवेट कंपनियों के लिये हथियार निर्माण के दरवाज़े

नई दिल्ली भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने मिसाइल, तोप के गोले, गोला-बारूद और आयुध के विकास और निर्माण का काम निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है। इसका मकसद यह है कि लंबे चलने वावे युद्ध या सैन्य अभियान के दौरान देश के पास हथियारों की कमी न हो। सूत्रों के अनुसार, राजस्व खरीद मैनुअल में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब कोई भी निजी कंपनी गोला-बारूद निर्माण इकाई स्थापित करने से पहले सरकारी कंपनी म्युनिशन इंडिया लिमिटेड (MIL) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने के लिए बाध्य नहीं होगी। इस बदलाव के बाद 105 मिमी, 130 मिमी, 150 मिमी तोप के गोले, पिनाका मिसाइल, 1000 पौंड बम, मोर्टार बम, हैंड ग्रेनेड और मध्यम व छोटे कैलिबर के कारतूस जैसे आयुधों का निर्माण अब निजी क्षेत्र में भी संभव होगा। DRDO को भेजा मंत्रालय का प्रस्ताव सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को भी पत्र लिखकर यह संकेत दिया है कि मिसाइल विकास और इंटीग्रेशन का क्षेत्र भी निजी कंपनियों के लिए खोला जाएगा। अब तक यह कार्यक्षेत्र केवल सरकारी कंपनियों भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) तक सीमित था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बड़ा फैसला यह फैसला ऐसे समय आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह साफ हुआ कि भविष्य के युद्ध लॉन्ग-रेंज मिसाइलों और स्टैंड-ऑफ हथियारों पर आधारित होंगे। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने इस अभियान में चीन निर्मित लंबी दूरी की एयर-टू-एयर और एयर-टू-सर्फेस मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जिससे भारत सरकार ने निष्कर्ष निकाला कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के बिना देश की मिसाइल जरूरतें पूरी नहीं की जा सकतीं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को अब ब्रहमोस, निर्भय, प्रलय और शौर्य जैसी कन्वेंशनल मिसाइलों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। भविष्य के युद्ध मुख्यतः स्टैंड-ऑफ वेपन्स और एंटी-मिसाइल सिस्टम्स के जरिए लड़े जाएंगे, क्योंकि लड़ाकू विमानों की भूमिका सीमित होती जा रही है। S-400 सिस्टम की शक्ति का प्रदर्शन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था, जब उसने 10 मई की सुबह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 314 किलोमीटर अंदर एक पाकिस्तानी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) विमान को मार गिराया था। यह घटना इस बात का प्रमाण थी कि आधुनिक युद्धों में लॉन्ग-रेंज मिसाइल और एंटी-एयर सिस्टम निर्णायक भूमिका निभाएंगे। गोला-बारूद की कमी से बचने की तैयारी रक्षा मंत्रालय का यह कदम इस उद्देश्य से भी प्रेरित है कि यदि भविष्य में कोई लंबा युद्ध छिड़ता है, तो भारतीय सेना गोला-बारूद की कमी का सामना न करे। अब तक भारत को कई बार आपातकालीन स्थिति में विदेशी विक्रेताओं से ऊंचे दामों पर हथियार खरीदने पड़े हैं। वर्तमान में रूस और पश्चिमी देश यूक्रेन युद्ध, इजरायल गाज़ा युद्ध में व्यस्त हैं। ऐसे में मिसाइलों और गोला-बारूद की वैश्विक मांग चरम पर है। दूसरी ओर पाकिस्तान को चीन से निरंतर सैन्य आपूर्ति मिल रही है। इससे भारत को अपनी घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक मिसाइलों का विकास और नियंत्रण केवल DRDO के अधीन रहेगा, जबकि कन्वेंशनल मिसाइलों के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को अवसर दिया जाएगा। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण और निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।  

उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं पर फिर सवाल: क्या है ‘टोकन मनी’ का खेल?

देहरादून उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में पेपर लीक कांड के बाद अब प्रदेश में 'टोकन मनी' की अफवाह है। शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया में इस तरह की अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। कहा कि ऐसा कर विभाग की छवि को धूमिल किया जा रहा है। मामला प्रधानाचार्य भर्ती और शिक्षक तबादलों में ‘टोकन मनी’ की अफवाह से जुड़ा है। विभाग ने प्रधानाचार्य सीधी भर्ती, शिक्षक भर्ती और स्थानांतरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ.मुकुल कुमार सती ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'टोकन मनी' की खबरों को दुष्प्रचार करार दिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व केवल विभाग की छवि धूमिल करने के लिए ऐसी भ्रामक सूचनाएं फैला रहे हैं। मालूम हो कि सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से प्रधानाचार्य भर्ती में 'टोकन मनी' या 'पैसे के लेन-देन' को लेकर लगातार पोस्टें की जा रही हैं। डॉ.सती ने कहा कि प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के तहत 692 पद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से भरे जाने हैं। आयोग ने अभी सिर्फ परीक्षा की तिथि तय की है। आयोग पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली के लिए जाना जाता है। परीक्षा आयोजित होने से पहले ही लेन-देन की अफवाहें फैला कर प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों का स्थानांतरण को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा सत्र में कोई स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

ऐक्टिविस्ट का दावा — इज़राइल में ग्रेटा थनबर्ग के साथ किया गया जानवरों जैसा बर्ताव

 फ्लोटिला गाजा में फिलिस्तीनियों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे फ्लोटिला जहाज से हिरासत में ली गईं ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को लेकर बड़ा दावा किया गया है। मलेशिया की ऐक्टिविस्ट हाजवानी हेलमी और वाइंडफील्ड बेवर ने दावा किया है कि उन्होंने खुद देखा है कि ग्रेटा थनबर्ग के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने कहा, ग्रेटा को धक्का दिया गया और जबरन इजरायली झंडे में लपेटा गया। बता दें कि शनिवार को इजरायली नौसेना ने फ्लोटिला से लगभग 137 ऐक्टिविस्ट को गिरफ्तार कर लिया था। अब उन्हें डिपोर्ट करने की तैयारी है। एक अन्य ऐक्टिविस्ट एरसिन सीलिक ने कहा कि ग्रेटा के बाल पकड़कर घसीटा गया और गाली-गलौज की गई। उन्होंने कहा, हारी आंखों के सामने ग्रेटा को बाल पकड़कर घसीटा गया। उनसे जबरन इजरायली फ्लैग को किस करवाया गया। वहीं इरायली विदेश मंत्रालय का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ बदसलूकी की खबरें झूठी हैं। कम से कम 36 ऐक्टिविस्ट को अब तक डिपोर्ट कर दिया गया है। ये ऐक्टिविस्ट पहले इन्स्तांबुल एयरपोर्ट पहुंचे हैं। इसमें अमेरिका, यूएई, अल्जीरिया, मोरक्को, इटली, कुवैत, लीबिया, मलेशइया, मॉरिटानिया, स्विट्जरलैंड, ट्यूनीशिया और जॉर्डन के नागरिक शामिल हैं। हाजवानी हेलमी और वाइंडफील्ड बेवर ने बताया, ग्रेटा थनबर्ग से आतंकियों की तरह ऐक्ट करने को कहा गया। यह बड़ा ही भयावह था। उनके साथ जानवरों की तरह का बर्ताव किया गया। इजरायली सेना ने ऐक्टिविस्ट को साफ पानी और साफ खाना तक नहीं दिया। ‘द ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ नामक इस काफिले में लगभग 50 छोटे जहाज शामिल थे, जिन पर करीब 500 लोग सवार थे। यह काफिला गाजा के घेराबंदी वाले क्षेत्र में फंसे फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता ले जा रहा था, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं। इजराइल ने यह हमला ऐसे वक्त किया है जब हमास ने लगभग दो साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव की कुछ शर्तें मानी हैं। ट्रंप ने जो योजना पेश की है उसके तहत हमास को सभी 48 बंधकों को वापस करना होगा और सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई और लड़ाई समाप्त करने के बदले में सत्ता छोड़नी होगी और निरस्त्रीकरण करना होगा। ट्रंप के इस प्रस्ताव को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वीकार कर लिया है लेकिन इस प्रस्ताव में फलस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देने के बारे में कोई बात नहीं कही गई है।  

मौसम विभाग की चेतावनी: आज फिर तगड़ी बारिश और तूफ़ानी हवा का कहर

नई दिल्ली देश के विभिन्न हिस्सों में आज और कल जोरदार बारिश होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, ओडिशा के आंतरिक हिस्सों में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। यह झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास मौजूद है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के बिहार में 5 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने की आशंका है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, चक्रवात शक्ति के प्रभाव से कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र, कच्छ और गुजरात में 8 और 9 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखा रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी के प्रवाह के कारण 5 से 7 अक्टूबर तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। नई दिल्ली में रविवार के लिए आंधी-तूफान राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में रविवार के लिए आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ जगहों पर भारी बरसात भी हो सकती है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की तेज रफ्तार के चलते कुछ जगहों पर नुकसान भी पहंचने की आशंका है। आईएमडी के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 0.7 डिग्री कम था और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो औसत से 2.3 डिग्री अधिक था। शाम साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 64 प्रतिशत था। आईएमडी ने रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई है। दिल्ली में शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 114 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट आईएमडी ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव होने की चेतावनी दी है। 9 अक्टूबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है। कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। राज्य में 5 और 6 अक्टूबर को कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी गई है। सबसे तीव्र मौसम गतिविधियां 6 अक्टूबर को होने के आसार हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में 7 अक्टूबर को और बदलाव आएगा, जब ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। उस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

शांति वार्ता के बावजूद तनाव बना रहा — इजरायल का वचन: हमास को निरस्त्रीकरण करेंगे

इजरायल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि हमास को या तो आसान तरीके से या कठिन तरीके से निशस्त्र किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब फिलस्तीनी संगठन हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार कर लिया है, जिसमें सभी बंधकों की रिहाई भी शामिल है। नेतन्याहू ने कहा कि गाजा से इजरायल की पूर्ण सैन्य वापसी नहीं होगी और यह क्षेत्र अब भी इजरायली नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने कहा, “इजरायली सेना गाजा में जिन इलाकों पर नियंत्रण रखती है, उन्हें बनाए रखेगी। योजना के दूसरे चरण में हमास को या तो कूटनीतिक रूप से या हमारी सैन्य कार्रवाई के जरिए निशस्त्र किया जाएगा। या तो आसान रास्ते से या कठिन रास्ते से, निपटा दिया जाएगा।'' नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में गाजा से सभी इजरायली बंधकों की रिहाई की घोषणा की जा सकेगी। उन्होंने कहा, “हम एक बहुत बड़ी उपलब्धि के कगार पर हैं। यह अभी अंतिम नहीं है, लेकिन हम दिन-रात काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि सुक्कोत पर्व के दौरान मैं सभी बंधकों की वापसी की घोषणा कर सकूंगा।” उन्होंने यह भी बताया कि इजरायली सेना (IDF) अभी भी गाजा पट्टी के गहरे हिस्सों में तैनात है और वहां नियंत्रण बनाए हुए है। हमास ने ट्रंप की योजना के हिस्से किए स्वीकार शुक्रवार रात हमास ने ट्रंप की गाजा शांति योजना के कुछ हिस्सों को मंजूरी दी, जिनमें युद्ध समाप्ति, इजरायल की चरणबद्ध वापसी, इजरायली बंधकों और फिलस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा में राहत और पुनर्निर्माण कार्य और फिलस्तीनियों को क्षेत्र से निष्कासन के विरोध का वचन शामिल है। ट्रंप ने इससे पहले हमास को अंतिम चेतावनी दी थी कि वह रविवार शाम 6 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक प्रस्ताव स्वीकार करे, वरना नरक टूट पड़ेगा। ट्रंप ने हमास को जल्द से जल्द शांति समझौते पर सहमत होने की सलाह दी, साथ ही इजरायल को भी गाजा पर बमबारी रोकने की चेतावनी दी थी। हालांकि, चेतावनी के कुछ ही घंटे बाद इजरायल ने गाजा पर हवाई हमले किए, जिनमें छह लोगों की मौत हो गई। रॉयटर्स के मुताबिक, एक हमले में गाजा सिटी में चार और खान यूनिस में दो लोगों की जान गई। रविवार को ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमत हो गया है और जैसे ही हमास इसकी पुष्टि करेगा, तुरंत युद्धविराम लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने जो रेखा तय की है, उस पर इजरायल सहमत हो गया है। जब हमास पुष्टि करेगा, युद्धविराम तुरंत लागू होगा, बंधक और कैदी वापसी शुरू होगा और यह 3,000 साल पुराने संघर्ष के अंत की दिशा में बड़ा कदम होगा।” मिस्र में सोमवार से वार्ता शुरू इजरायल और हमास की प्रतिनिधि टीमें सोमवार से मिस्र में होने वाली वार्ता में हिस्सा लेंगी जहां युद्धविराम और गाजा के भविष्य पर आगे की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।  

भारी बारिश ने ली छह ज़िंदगियाँ, दार्जिलिंग में पुल ढहने से बढ़ा हाहाकार

 दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन में कम से कम 6 लोगों की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक भूस्खलन की वजह से एक लोहे का पुल ढह गया। मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की वजह से कई गांवों से संपर्क टूट गया है। राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंची हैं और मलबा हटा रही हैं। जानकारी के मुताबिक यह लोहे का पुल जिसे धूदिया आयरन ब्रिज के नाम से जानते हैं, मिरिक और कुरसियोंग को जोड़ता है। भारी बारिश के चलते यहां हाल यह है कि सड़कें मलबे और कीचड़ से पट गई हैं। मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कूच बेहार, कालिंपोंग, जलपाइगुड़ी और अलीपुरद्वार में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम बंगाल में उप-हिमालयी क्षेत्रों में सोमवार तक भारी बारिश जारी रहेगी। भारी बारिश के चलते जलपाइगुड़ी का मालबाजार पानी में ही डूब गया। तीस्ता, माल और अन्य पहाड़ी नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्व-पश्चिम यानी बिहार की ओर बढ़ सकता है। कालिम्पोंग जिले में भी भारी बारिश की वजह से स्थिति गंभीर है। यहां पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। सिलीगुड़ी और सिक्किम को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग 717ई पर भूस्खलन की वजह से मलबा जमा हो गया है और यातायात रुक गयाहै। पेडोंग और ऋषिखोला के बीच भू्स्खलन की वजह से यातायात ठप है।  

टोल पेमेंट हुआ आसान : FASTag में नई छूट, UPI से करें पेमेंट

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दीवाली से पहले आम लोगों को बड़ी राहत दी है। गाड़ी में फास्टैग न होने की दशा में मालिकों को दोगुनी कीमत चुकानी होती थी। लेकिन अब इस नियम में बदलाव होने जा रहा है। नए नियम के तहत अब फास्टैग न होने पर दोगुना नहीं, बल्कि 1.25 गुना टोल शुल्क देना होगा। बड़ी बात यह है कि वाहनों में फास्टैग न होने पर भुगतान अब यूपीआई से भी किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि फास्टैग ने टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को कम किया है। 2022 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, टोल प्लाजा पर औसत वेटिंग समय अब ​​केवल 47 सेकंड है। देश में लगभग 98% राजमार्ग यूजर्स फास्टैग का उपयोग करते हैं। यह प्रणाली न केवल समय बचाती है, बल्कि टोल कलेक्शन को भी पारदर्शी बनाती है। हालांकि, कुछ लोग अभी भी फास्टैग का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वे नकद भुगतान को प्राथमिकता देते हैं। इससे टोल वसूली में अनियमितता का खतरा बढ़ जाता है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जून 2024 में सैटेलाइट आधारित टोल कलेक्शन प्रणाली के शुभारंभ के दौरान कहा था कि नकद भुगतान से सालाना लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। फैसले से टोल वसूली में आएगी पारदर्शिता नए नियम से नकद भुगतान में कमी आएगी। यूपीआई के इस्तेमाल में बढ़ोतरी से टोल वसूली और पारदर्शी होगी। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। इस कदम से उन लोगों को भी राहत मिलेगी जो किसी कारण से फास्टैग नहीं ले पाते थे। मंत्रालय का मानना ​​है कि इससे टोल प्लाजा पर आवाजाही और तेज होगी।

वॉर हीरो जिसने AI से दुश्मनों के सीक्रेट कोड किए हैं क्रैक

आजकल AI की जरूरत हर किसी को पड़ने लगी है। कुछ लोग तो दिनभर में जितना सर्च इंजन नहीं खोलते, उससे अधिक बार AI यूज करने लगे हैं। जब लोग स्मार्टफोन पर चैटबॉट से बात करते हैं या AI से तस्वीरें बनवाते हैं, तो लगता है कि यह तकनीक नई है। लेकिन क्या आप जानते हैं, AI की जड़ें दूसरे विश्व युद्ध तक जाती हैं? यह कहानी उस समय की है, जब एक जटिल कोड ने दुनिया को हिला दिया था और एक शख्स ने उस कोड को तोड़कर AI की नींव रखी। कहानी एनिग्मा कोड और एलन ट्यूरिंग की, जिन्‍होंने आज के AI को जन्म दिया। सीक्रेट कोड नहीं टूटा ​गार्जियन की रिपोर्ट बताती है कि दूसरे विश्व युद्ध में जर्मनी ने एनिग्मा नाम की मशीन बनाई थी। यह दिखने में टाइपराइटर जैसी थी। जब कोई अक्षर दबाया जाता, यह मशीन उसे अलग-अलग कोड में बदल देती थी। हर 24 घंटे में इसकी सेटिंग बदल दी जाती थी। इतने सारे कोड थे कि इन्हें समझ पाना बाकी लोगों के लिए नामुमकिन था। जर्मन सेना इसका इस्तेमाल सीक्रेट मैसेज भेजने के लिए करती थी, दुश्मन को इसका मतलब समझने में सालों लग जाते। एलन ट्यूरिंग ने तोड़ दिखाया कोड तब बात उठी कि एलन ट्यूरिंग इसके कोड ब्रेक कर सकते हैं। ट्यूरिंग के महान गणितज्ञ और कोडब्रेकर थे। ट्यूरिंग ने 'बम' नाम की मशीन बनाई, जो एक तरह का शुरुआती कंप्यूटर था। यह मशीन लाखों कोड की जांच करती थी। 1943 तक यह हर मिनट दो मैसेज को डिकोड करने लगी। ट्यूरिंग ने एनिग्मा की कमजोरियों का फायदा उठाया। उनकी इस मेहनत ने दूसरे वर्ल्ड वॉर को दो साल पहले खत्म किया। इस वाकये से पहले मशीन सिर्फ काम करती थी, पहली बार मशीन ने सोचने का काम शुरू किया। इसके बाद साल 1956 में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान इसे 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' यानी 'AI' नाम दिया गया। इंटरनेट के आने के बाद AI तेजी से आगे बढ़ा, फिर जो तकनीक सोचने का काम करती थी, उसे AI कहा जाने लगा। ट्यूरिंग न होते तो AI भी नहीं होता एनिग्मा को तोड़ना उस समय एक चमत्कार था। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के डॉ. मुस्तफा कहते हैं कि युद्ध के दौरान इसे तोड़ना आसान नहीं था। ट्यूरिंग और उनकी टीम ने महीनों की मेहनत से असंभव को संभव किया। उनकी बनाई मशीनें और तकनीकें आज के AI की बुनियाद हैं। अगर एनिग्मा न टूटा होता, तो शायद युद्ध का नतीजा कुछ और होता। शायद AI की शुरुआत भी ना होती। अब तो मिनटों में टूट सकता है सीक्रेट कोड आज की तकनीक के सामने एनिग्मा कोड मिनटों में टूट जाता। ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर माइकल वूल्ड्रिज बताते हैं कि आज के कंप्यूटर और AI इतने तेज हैं कि वे बम मशीन की तुलना में हजारों गुना तेजी से कोड तोड़ सकते हैं। मसलन, चैटजीपीटी जैसा AI आसानी से 'बम' मशीन की तरह काम कर सकता है। आधुनिक डेटा सेंटर की ताकत इतनी है कि ट्यूरिंग भी हैरान रह जाते।

मौसम अपडेट: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी बरसेंगे बादल

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन 24 घंटे बारिश होने की संभावना है। साथ ही, तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक भी होगी। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी। लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी। सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। यह बारिश दिनभर रुक-रुक कर जारी रह सकती है। इससे पहले आज दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तूफान देखने को मिल सकता है। वहीं 7 अक्टूबर को एनसीआर में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दिन मध्यम बारिश हो सकती है। 8 और 9 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे साफ होना शुरू होगा। 8 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बदला रहेगा। 9 अक्टूबर को मुख्य रूप से साफ मौसम की संभावना जताई गई है। इन दिनों अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर-भारत के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश की संभावना बन रही हैं। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती है। तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर मौसम प्रणालियां लगातार सक्रिय हो रही हैं। नए बुलेटिन के अनुसार, 2 अक्टूबर से बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बना एक गहरा दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और शाम तक दक्षिणी ओडिशा तट पर गोपालपुर के पास पहुंच गया है। शनिवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चैंगलपट्टू, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णागिरी, धर्मपुरी और रामनाथपुरम के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की उम्मीद है। राजस्थान में भी जमकर बरस सकते हैं बादल राजस्थान में मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार, 5 अक्टूबर से बारिश और तेज हो सकती है। विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को राजस्थान के सभी जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। राज्य के 21 जिलों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह बारिश पिछले तीन दिनों से हो रही है और अगले तीन दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।

ये 5 AI टूल्स भारतीयों ने बनाए, दुनिया कर रही है तारीफ – जानें कैसे आपकी कर सकते हैं मदद

नई दिल्ली AI का दुनियाभर में डंका बज रहा है। हर कोई इसका इस्तेमाल करके अपना काम आसान कर रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर में काम करने वाले लोगों तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्रेज है। इसी के इस्तेमाल से घर में काम करने वाली महिलाएं भी रेट्रो साड़ी का ट्रेंड फॉलो करते हुए गूगल जेमिनी से इमेज बना रही हैं। AI से घिरी हुई इस दुनिया में कुछ टूल्स ऐसे भी हैं, जो भारत के लोगो ने बनाएं हैं। चलिए, भारतीयों द्वारा बनाए गए 5 AI टूल्स के बारे में जान लेते हैं। Sarvam AI यह टूल भारत की भाषाओं के लिए खास AI मॉडल बना रहा है। यह कंपनी हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली जैसी भाषाओं में काम करने वाले AI टूल्स बनाती है, जो बातचीत, अनुवाद और वॉयस बेस्‍ड असिस्टेंट जैसे काम करते हैं। इसका मकसद है कि जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते, वे भी डिजिटल सेवाओं का आसानी से उपयोग कर सकें। एआई टूल क्‍या आपके करियर की दिशा बदल सकते हैं? Krutrim Krutrim भारतीयों के लिए एक ऐसा AI असिस्टेंट है जो उनकी भाषा और संस्कृति को समझता है। यह हिंदी, तमिल, तेलुगु और अंग्रेजी जैसी भाषाओं में काम करता है। यह रोजमर्रा के काम जैसे ईमेल लिखना, सवालों के जवाब देना या जर्नी को प्लान करने का काम आसान करता है। Veena Veena एक ऐसा AI है जो हिंदी और हिंग्लिश में स्वाभाविक आवाज बनाता है। यह भारतीय लहजे और भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि आवाज रोबोट जैसी ना लगे। यह कॉल सेंटर, ऑनलाइन एजुकेशन और सरकारी सेवाओं के लिए उपयोगी है। Gan.ai Gan.ai एक AI टूल है, जो हजारों पर्सनल वीडियो बना सकता है। इसमें हर वीडियो में ग्राहक का नाम, ऑफर या लोकेशन अपने आप जुड़ जाती है। इससे बिजनेस को बार-बार वीडियो शूट करने की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे- किसी कस्टमर का नाम रोहन है और वह कोई फूड डिलीवरी ऐप यूज करता है है, तो कंपनी उसके लिए ऐड भेज सकती है 'हाय राहुल, ये हैं आपके आसपास के आज के ऑफर।' Rephrase.ai Rephrase.ai टेक्स्ट को एक ऐसे वीडियो में बदल देता है जिसमें AI अवतार बोलता हुआ नजर आता है। इसे Adobe ने खरीद लिया है और अब यह तकनीक, बड़े क्रिएटिव टूल्स का हिस्सा है।