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Kia Carens Clavis खरीदने का शानदार मौका, सितंबर में ₹1.20 लाख तक की बचत

मुंबई  किआ ने सितंबर 2026 में अपनी कई कारों और MPV पर आकर्षक ऑफर की घोषणा की है। कंपनी की ओर से ग्राहकों को नकद छूट, एक्सचेंज लाभ, पुरानी गाड़ी को कबाड़ में देने पर मिलने वाला लाभ, लॉयल्टी बोनस और कॉर्पोरेट छूट जैसे फायदे दिए जा रहे हैं। इस महीने सबसे ज्यादा लाभ किआ कार्निवल और किआ कैरेंस क्लैविस खरीदने वाले ग्राहकों को मिल सकता है। किआ के ये ऑफर 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक लागू हैं। हालांकि, अलग-अलग शहरों, वेरिएंट और डीलर के अनुसार छूट में अंतर हो सकता है। इसलिए वाहन खरीदने से पहले स्थानीय किआ डीलर से ऑफर और उपलब्धता की जानकारी लेना जरूरी होगा। किआ कार्निवल पर 1.50 लाख रुपये तक का लाभ किआ की प्रमुख MPV कार्निवल पर सितंबर में सबसे अधिक 1.50 लाख रुपये तक के लाभ दिए जा रहे हैं। यह ऑफर केवल 2026 मॉडल वर्ष की किआ कार्निवल पर लागू है। इसमें 1 लाख रुपये तक का एक्सचेंज लाभ और 50,000 रुपये तक की कॉर्पोरेट छूट शामिल है। भारतीय बाजार में किआ कार्निवल फिलहाल एक ही वेरिएंट में उपलब्ध है और इसकी एक्स-शोरूम कीमत 59.65 लाख रुपये है। कैरेंस क्लैविस पर 1.20 लाख रुपये तक की छूट सितंबर में किआ कैरेंस क्लैविस पर भी ग्राहकों के लिए बड़ी बचत का अवसर है। 2025 मॉडल वर्ष की कैरेंस क्लैविस के चुनिंदा पेट्रोल और डीजल वेरिएंट पर कुल 1.20 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। इन वेरिएंट पर 70,000 रुपये तक की नकद छूट और 20,000 रुपये का लॉयल्टी लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्राहक 30,000 रुपये तक का एक्सचेंज लाभ या 20,000 रुपये तक का स्क्रैपेज लाभ भी ले सकते हैं। इन सभी लाभों को मिलाकर कुल फायदा 1.20 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं 2026 मॉडल वर्ष की कैरेंस क्लैविस के चुनिंदा वेरिएंट पर 65,000 रुपये तक के लाभ उपलब्ध हैं। इसमें 10,000 रुपये की नकद छूट, 20,000 रुपये का लॉयल्टी लाभ और 30,000 रुपये तक का एक्सचेंज लाभ शामिल है। पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर 20,000 रुपये तक का लाभ भी मिल सकता है। किआ कैरेंस क्लैविस की एक्स-शोरूम कीमत 11.39 लाख रुपये से शुरू होकर 20 लाख रुपये तक जाती है। कैरेंस क्लैविस EV पर 55,000 रुपये तक का फायदा किआ कैरेंस क्लैविस EV खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी सितंबर में कई लाभ उपलब्ध हैं। 2026 मॉडल वर्ष की इस EV कार पर कुल 55,000 रुपये तक का फायदा दिया जा रहा है। इसमें 20,000 रुपये का लॉयल्टी बोनस, 15,000 रुपये तक की कॉर्पोरेट छूट और 20,000 रुपये तक का एक्सचेंज या स्क्रैपेज लाभ शामिल है। किआ कैरेंस क्लैविस EV की एक्स-शोरूम कीमत 18.04 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के बीच है। किआ सोनेट पर 50,000 रुपये तक की बचत किआ सोनेट के 2026 मॉडल वर्ष पर सितंबर में कुल 50,000 रुपये तक के लाभ दिए जा रहे हैं। अलग-अलग वेरिएंट के आधार पर ग्राहकों को 15,000 रुपये तक की नकद छूट और 15,000 रुपये तक की कॉर्पोरेट छूट मिल सकती है। इसके अलावा 20,000 रुपये का एक्सचेंज लाभ या 15,000 रुपये तक का स्क्रैपेज लाभ भी उपलब्ध है। किआ सोनेट की एक्स-शोरूम कीमत फिलहाल 7.41 लाख रुपये से शुरू होकर 13.80 लाख रुपये तक जाती है। किआ सिरोस पर 35,000 रुपये तक का लाभ किआ सिरोस के 2026 मॉडल वर्ष के पेट्रोल और डीजल वेरिएंट खरीदने वाले ग्राहकों को सितंबर में 35,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। इसमें 15,000 रुपये तक की कॉर्पोरेट छूट शामिल है। इसके अलावा ग्राहक 20,000 रुपये तक का एक्सचेंज लाभ या स्क्रैपेज लाभ चुन सकते हैं। किआ सिरोस की ICE रेंज की एक्स-शोरूम कीमत 8.42 लाख रुपये से शुरू होकर 15 लाख रुपये तक जाती है। किआ कैरेंस पर भी मिल रहा ऑफर किआ कैरेंस के गैर-CNG 2026 मॉडल वर्ष पर भी सितंबर में 35,000 रुपये तक का लाभ उपलब्ध है। इसमें 15,000 रुपये तक की कॉर्पोरेट छूट दी जा रही है। इसके साथ ग्राहकों को 20,000 रुपये तक का स्क्रैपेज लाभ या 10,000 रुपये का एक्सचेंज लाभ मिल सकता है। किआ कैरेंस फिलहाल एक वेरिएंट में उपलब्ध है और इसकी एक्स-शोरूम कीमत 11.12 लाख रुपये है। सितंबर में कार खरीदने वालों के लिए मौका सितंबर 2026 में किआ की ओर से कैरेंस क्लैविस और कार्निवल पर सबसे बड़े लाभ दिए जा रहे हैं। खासतौर पर पुराने मॉडल वर्ष के वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को अधिक छूट मिल सकती है। हालांकि, सभी लाभों की राशि ग्राहक की पात्रता, चुने गए वेरिएंट, वाहन की उपलब्धता और शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

Stock Market Fall: मंगलवार को निवेशकों के लिए अमंगलकारी रहा बाजार, खुलते ही टूटे Sensex-Nifty

मुंबई  शेयर बाजार में फिर से बड़ी गिरावट आई है. मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खराब शुरुआत के बाद तेजी से फिसला और 400 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए करीब 100 अंक फिसल गया. इस बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 बड़ी कंपनियों के शेयरों में से 26 में गिरावट देखने को मिली. Share Market में आई गिरावट का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन से है।  Sensex-Nifty खुलते ही बिखरे शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर BSE Sensex ने अपने पिछले कारोबारी बंद 76,132 की तुलना में गिरावट लेकर 75,970 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर देखते ही देखते 418 अंक टूटकर 75,714 तक फिसल गया।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty की भी ओपनिंग देखने को मिली. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,779 के मुकाबले फिसलकर पहले 23,743 पर खुला और फिर इसके गिरने की रफ्तार भी तेज होती गई. खबर लिखे जाने तक निफ्टी 23,668 पर कारोबार कर रहा था।   सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (1.40%), Bharti Airtel Share (1.10%), ICICI Bank-Axis Bank करीब 1 फीसदी की  गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Voltas Share (2.50%), TI India Share (1.50%). Godrej Properties Share (1%) की गिरावट में नजर आया. स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की लिस्ट में Amber Share (1.60%), Cyient Share (1.45%) और Angel One Share (1.40%) रहे।  शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा कारण Stock Market में मंगलवार को आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन, ईरान और डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी और इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से है।  दरअसल, ईरान ने अपने उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमतों में इजाफा किया है, तो वहीं वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड का दाम 97 डॉलर के पार निकलकर महंगाई का जोखिम बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है. डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी 93 डॉलर के पार, तो मर्बन क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है। 

Maruti Cars Price Hike: ग्राहकों को फिर झटका! मारुति ने बढ़ाए कारों के दाम, जानें कितना महंगा हुआ सफर

मुंबई  मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने ग्राहकों को एक और झटका दिया है। कंपनी ने सितंबर 2026 से अपने कुछ सेलेक्टेड कार मॉडल्स की कीमतों में 20 हजार रुपये तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट और महंगाई के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। मारुति सुजुकी इससे पहले मई और अगस्त में भी कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी है। हालांकि, पहले की दोनों बढ़ोतरी कंपनी के लगभग पूरे व्हीकल पोर्टफोलियो पर लागू हुई थीं, जबकि इस महीने में होने वाली प्राइस हाइक सिर्फ सेलेक्टेड मॉडल्स के लिए थी। किन कारों की कीमत बढ़ेगी? मारुति सुजुकी ने फिलहाल यह साफ नहीं किया है कि 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी किन-किन कारों पर लागू होगी। कंपनी के मौजूदा कार पोर्टफोलियो में ऑल्टो K10, S-प्रेसो, सेलेरियो, वैगनआर, ईको, स्विफ्ट, डिजायर, ब्रेजा, अर्टिगा और विक्टोरिस जैसी कारें शामिल हैं। वहीं, नेक्सा सीरीज के तहत कंपनी ई विटारा, इनविक्टो, जिम्नी, XL6, ग्रैंड विटारा, फ्रॉन्क्स और बलेनो सेल है। इनमें से किन मॉडलों पर नई कीमत लागू होगी, इसकी जानकारी कंपनी ने अभी नहीं दी है। लागत बढ़ने से कंपनियों पर दबाव मारुति सुजुकी के अलावा हाल में टाटा मोटर्स और हुंडई ने भी अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। इन कंपनियों ने भी बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों को कीमत बढ़ाने का मेन कारण बताया है। मारुति सुजुकी का कहना है कि कंपनी लागत का असर कम से कम ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए कॉस्ट कम करने और लोकल लेवल पर ज्यादा से ज्यादा कंपोनेंट तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मारुति सुजुकी ने हाल में लॉन्च की नई बलेनो मारुति सुजुकी ने 5 सितंबर को बलेनो के फेसलिफ्ट को लॉन्च किया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत 6.10 हजार रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव 1.2-लीटर Z-सीरीज के थ्री-सिलेंडर वाले पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल है, जिसे स्विफ्ट और Dzire से लिया गया है। यह इंजन 5-स्पीड मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के साथ आता है। यही इंजन मैनुअल गियरबॉक्स के साथ फैक्ट्री-फिटेड CNG किट के ऑप्शन में भी उपलब्ध है। बलेनो में अब बड़ी फ्रंट ग्रिल दी गई है, जिसमें काले हॉरिजॉन्टल स्लैट्स हैं, जबकि हेडलैंप और टेल लैंप पहले जैसे ही हैं। नए फॉग लैंप हाउसिंग के साथ बंपर में थोड़ा बदलाव किया गया है। इस बार इसमें जो नई चीजे जोड़ी गई हैं, उनमें वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, टायर प्रेशर मॉनिटर और लेवल 2 ADAS-बेस्ड सेफ्टी फीचर्स शामिल हैं।  

Tata Osprey ने मचाई एंट्री! सनरूफ, पुश-बटन स्टार्ट और 360° कैमरा, कीमत ₹14.8 लाख से

नई दिल्ली Tata Motors पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड ने अपनी नई कार Tata Osprey को लॉन्च कर दिया है. कंपनी की ये कार Tata Nexon जैसी ही है. इसमें कई फीचर्स दिए गए हैं. Tata Osprey कॉम्पैक्ट SUV पैनोरमिक सनरूफ, Bi-LED हेडलैंप्स के अलावा LED DRLs, X-ग्राफिक फुल LED टेललाइट्स और स्टाइलिश 16-इंच अलॉय व्हील्स जैसे फीचर्स से लैस है. कंपनी ने इसे अफ्रीकी बाजार में पेश किया है।  Tata Osprey की कीमत आपको बता दें कि Osprey नाम दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले पक्षी से इंस्पायर्ड है. ये अपनी तेज नजर, ताकत और एडेप्टेशन कैपिबिलिटी के लिए जानी जाती है.  रिपोर्ट के अनुसार, इसकी कीमत R249,900 (लगभग 14.78 लाख रुपये) से शुरू होती है. नई Osprey के साथ, Tata Motors ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी नई ग्लोबल, कस्टमर-फेसिंग ब्रांड पहचान TATA.CARS का भी अनवील किया है।  Tata Osprey के फीचर्स केबिन के अंदर, इस SUV में ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, कूल्ड ग्लव बॉक्स और एक 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है. इसके साथ वायरलेस फोन चार्जर, पैसिव एंट्री के साथ पुश-बटन स्टार्ट, क्रूज कंट्रोल, और A-टाइप व C-टाइप USB चार्जिंग पोर्ट्स मिलते हैं. सुरक्षा और सेफ्टी के लिए, इस SUV में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) दिए गए हैं.  साथ में आपको फ्रंट पार्किंग सेंसर्स, ऑटो हेडलैंप्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स, और ब्लाइंड व्यू मॉनिटर के साथ 360° HD सराउंड व्यू सिस्टम मिलेगा।  को 4 वैरिएंट्स में उपलब्ध करवाया गया है. इसको कस्टमर्स Smart+ MT, Smart+ DCA, Creative DCA और Creative+ PS DCA वैरिएंट में खरीद सकते हैं. इसमें 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन दिया गया है. ये120 PS की पावर और 170 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. साथ ही इसे 5-स्पीड मैनुअल या 7-स्पीड डुअल-क्लच ट्रांसमिशन (DCA) के साथ जोड़ा गया है।  क्या है TATA.CARS?  प्रोडक्ट लॉन्च के साथ, TMPVL ने अपनी यूनिफाइड कस्टमर-फेसिंग ग्लोबल रिटेल ब्रांड पहचान TATA.CARS पेश की है. इसे हैचबैक, सेडान, SUVs और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सहित अपने पूरे पैसेंजर पोर्टफोलियो को एक ही छत के नीचे लाने के लिए डिजाइन किया गया है. Osprey अब ब्रांड के लोकल शोरूम पोर्टफोलियो में शामिल हो गई है. इसमें पिछले साल पेश की गई Harrier, Curvv, Punch और Tiago पहले से शामिल हैं। 

Gold-Silver Price: सोने में बड़ी गिरावट, चांदी भी रिकॉर्ड हाई से ₹1.83 लाख नीचे; क्या है नया रेट?

इंदौर   2026  अगर आप भी आज सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो खरीदारी के लिए गहनों की दुकान पर जाने से पहले आज का ताजा भाव जरूर जान लें. हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार ,7 सितंबर को सोने-चांदी की कीमतों में हलचल जारी  रहने वाली है.राहत की बात यह है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) खुलते ही सोने का भाव ₹503 टूटकर ₹1,52,264 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं चांदी भी ₹771 गिरकर ₹2,36,887 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है।  अगर ऑल-टाइम हाई से तुलना करें, तो 29 जनवरी 2026 को ₹4,20,048 प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाने वाली चांदी अपने हाई लेवल से करीब ₹1.83 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है.इसी तरह सोना भी अपने ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई से लगभग ₹40,700 रुपये नीचे आ चुका है।   इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) 0.5% गिरकर $4,405.47 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी इसमें 1% की गिरावट दर्ज की गई थी. वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाला U.S. गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.5% की कमजोरी के साथ $4,452.20 प्रति औंस पर बना हुआ था. स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) 0.2% की हल्की गिरावट के साथ $66.03 प्रति औंस के स्तर पर आ गई।  जानें दिल्ली, मुंबई से चेन्नई तक 1 किलो का ताजा भाव राजधानी दिल्ली में आज  चांदी का भाव ₹2,36,330 प्रति किलो है. देश के प्रमुख महानगरों में आज दिल्ली में चांदी सबसे किफायती रेट पर मिल रही है।      मुंबई में आज 1 किलो फाइन चांदी की कीमत ₹2,36,740 दर्ज की गई है.     चेन्नई के सर्राफा बाजार में आज चांदी का रेट ₹2,37,430 पर पहुंच गया है.     कोलकाता में आज 1 किलो  चांदी का भाव ₹2,36,420 बना हुआ है.     बेंगलुरु में आज चांदी ₹2,36,920 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है.     हैदराबाद के बाजार में आज 1 किलो  चांदी की कीमत ₹2,37,110 दर्ज की गई है।        हफ्तेभर में 1% सस्ती हुई चांदी,चेन्नई में सबसे महंगी तो दिल्ली में मिली सबसे सस्ती बीते एक हफ्ते में चांदी के दामों में करीब 1% की गिरावट आई है, हालांकि सालाना आधार पर इसमें 90% से ज्यादा का मजबूत रिटर्न दर्ज किया गया है. आज चेन्नई में चांदी सबसे महंगी बिक रही है, जबकि दिल्ली में रेट सबसे कम दर्ज किए गए हैं।  चांदी आज कितनी सस्ती हुई? सर्राफा बाजार में आज यानी सोमवार (7 सितंबर) को चांदी की कीमतों में गिरवाट देखने को मिल रही है. आंकड़ों के मुताबिक, आज फाइन चांदी (Silver 999) का भाव ₹2,37,170 प्रति किलो दर्ज किया गया है, जबकि स्टर्लिंग चांदी (Silver 925) ₹2,19,382 प्रति किलो पर बनी हुई है। 

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी ओपनिंग के साथ लुढ़के

मुंबई  शेयर बाजार में सोमवार को खराब शुरुआत हुई. ट्रेडिंग ओपन होने के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार करते हुए नजर आए. जहां एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के साथ ही 250 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी हफ्ते के पहले कारोबारी दिन गिरावट के साथ शुरुआत की. इस बीच टेक कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए. आइए जानते हैं बाजार में इस गिरावट के पीछे के बड़े कारण क्या हैं।  Sensex-Nifty खुलते ही धड़ाम  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत पर नजर डालें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,515 की तुलना में गिरावट के साथ 76,446 पर खुला और अगले ही पल फिसलते हुए 264 अंक टूटकर 76,251 पर आ गया. कुछ ऐसा ही हाल एनएसई के निफ्टी इंडेक्स का देखने को मिला. पिछले शुक्रवार के अपने बंद 23,897 की तुलना में ये मामूली गिरावट के साथ 23,883 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,818 तक टूट गया।  IT शेयर खुलते ही बिखरे स्टॉक मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही लगभग 1519 शेयरों ने बढ़त के साथ शुरुआत की, तो वहीं 1224 शेयर ऐसे थे, जो गिरावट के साथ रेड जोन में खुले, इसके अलावा 261 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई. सप्ताह के पहले दिन आई इस गिरावट के बीच आईटी कंपनियों के शेयर क्रैश नजर आए और इनमें बड़ी गिरावट देखने को मिली।  बीएसई की लार्जकैप कंपनियों में शामिल Infosys Share (2.60%), Tech Mahindra Share (1.75%), HCL Tech Share (1.60%), TCS (1%) की गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Bharat Forge Share (1.90%), Mphasis Share (1.75%), Persistent Share (1.70%), Godrej Properties Share (1.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  बाजार टूटने के चार बड़े कारण पहला कारण: शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो इनमें सबसे पहला अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में मची उथल-पुथल को माना जा सकता है. Brent Crude का दाम तेज उछाल के साथ 97 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा था, जिससे दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ा है और शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है।  दूसरा कारण: अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन जारी है, जो कम होने का नाम नहीं ले रही है. ताजा अपडेट की बात करें, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अब ईरान को लेकर सोशल मीडिया पर एक साथ कई पोस्ट शेयर की गई हैं, जिनमें उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था, तेल और करेंसी को निशाना बनाया है. एक पोस्ट में तेहरान के नक्शे पर ट्रंप की तस्वीर भी लगाई गई, तो वहीं एक पोस्ट में दावा किया गया कि ईरान का तेल निर्यात तेजी से गिर रहा है. इससे मिडिल ईस्ट टेंशन बढ़ती नजर आ रही है।  तीसरा कारण: बाजार बिखरने का तीसरा कारण विदेशी बाजारों का मिलाजुला रुख रहा. दरअसल, एक ओर जहां जापान और साउथ कोरिया के शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ कारोबार करते हुए नजर आए. तो वहीं अन्य एशियाई स्टॉक मार्केट में हांगकांग का हैंगसेंग, ब्रिटेन के एफटीएसई-100, CAC, DAX गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे. यही नहीं भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty ओपनिंग के साथ ही फिसलकर कारोबार कर रहा था और खबर लिखे जाने तक करीब 90 अंक टूट गया था।  चौथा कारण: Share Market में गिरावट में सोमवार को सबसे बड़ा रोल आईटी स्टॉक्स निभाते हुए नजर आए. दरअसल, इंफोसिस, एचसीएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा समेत तमाम IT Stock खुलने के साथ ही तेजी से फिसलते चले गए. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1 फीसदी टूटा हुआ नजर आया और इसका असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। 

FPI Selloff: दो महीने की खरीदारी के बाद विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ₹7,443 करोड़ निकाले

मुंबई  मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनी हुई है. इसका सीधा असर विदेशी निवेशकों के इन्वेस्टमेंट पर भी लगातार देखने को मिला है, जिससे बाजारों का सेंटीमेंट खराब हुआ है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब दो महीने तक लगातार निवेश करने के बाद एक बार फिर FPI का मूड खराब हो गया है और उन्होंने सितंबर के पहले हफ्ते में ही ताबड़तोड़ 7,443 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाले हैं।  US-Iran Tension के चलते कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती समेत तमाम कारणों ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली को सपोर्ट किया है।  दो महीने दनादन निवेश, अब भागे अमेरिका-ईरान में युद्ध कुछ समय के लिए थमने के दौरान इसका असर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs पर भी देखने को मिला था और चार महीने की तगड़ी बिकवाली के बाद आखिरकार भारतीय शेयर बाजार में उनकी वापसी हुई है. लेकिन, दो महीने तक दनादन निवेश करने के बाद अब एफपीआई का मूड फिर से बिगड़ा नजर आया और उनकी बिकवाली तेज हो गई है।  पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार से सितंबर महीने में पहले सप्ताह में ही इन विदेशी निवेशकों ने 7,443 करोड़ रुपये की मोटी रकम निकाली है. इससे पहले दो महीनों के निवेश पर नजर डालें, तो डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार FPI ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये, जबकि बीते अगस्त महीने में 30,919 करोड़ रुपये लगाए थे।  इस साल अब तक 2.32 लाख करोड निकाले दो महीने के तगड़े निवेश के बावजूद विदेशी निवेशकों द्वारा सितंबर के शुरुआती हफ्ते में की गई इस बिकवाली के बाद अब साल 2026 में इनके भारतीय बाजार से भागते हुए पैसे निकालने का आंकड़ा और भी बढ़ गया है. आंकड़े देखें, तो 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की कुल निकासी 2.32 लाख करोड़ रुपये के आस-पहुंच गई है, जो बीते वित्त वर्ष के मुकाबले काफी ज्यादा है. बता दें कि 2025 में एफपीआई ने सालभर में 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।  ये बनीं बिकलावी की बड़ी वजह  भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों के फिर से भागने के पीछे के कारणों को देखें, तो इसके पीछे एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरों से जुड़ा हुआ है।  एक्सपर्ट्स का कहना है कि Crude Oil Price Hike ने एफपीआई की चिंता एक बार फिर से बढ़ाने का काम किया है, क्योंकि इससे देश में महंगाई का जोखिम बढ़ रहा है. रिपोर्ट में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि एफपीआई का आने वाले दिनों में रुख बॉन्ड यील्ड में होने वाला बदलाव पर केंद्रित रह सकता है।  

सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, 5 दिन में चांदी ₹8 हजार सस्ती; गोल्ड भी फिसला

इंदौर   शादी-ब्याह के सीजन से पहले गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार से एक सुकून देने वाली खबर आई है. पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से नई ऊंचाइयों को छू रहे सोने और चांदी की तेजी पर इस हफ्ते ब्रेक लग गया. दोनों ही कीमती धातुओं के दाम भरभराकर नीचे आ गए हैं. इस तेज गिरावट से आम खरीदारों के चेहरे खिल गए हैं। इस कारोबारी हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि सोना-चांदी में गिरावट का दायरा सामान्य से काफी बड़ा और चौंकाने है. महज पांच दिनों के भीतर सोने का रेट 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गया है. चांदी तो औंधे मुंह गिरी है. हफ्तेभर में सिल्‍वर 8,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्‍ती हो गई है।  इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सबसे शुद्ध यानी 24 कैरेट गोल्‍ड की चमक सबसे ज्यादा फीकी पड़ी है. इस हफ्ते 24 कैरेट सोने का भाव में प्रति 10 ग्राम 4,694 रुपये टूट गया. इस बड़ी कटौती के बाद अब इसका भाव घटकर 1,54,884 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है. कुछ ही दिन पहले यह 1,59,578 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रे कर रहा था। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सबसे शुद्ध यानी 24 कैरेट गोल्‍ड की चमक सबसे ज्यादा फीकी पड़ी है. इस हफ्ते 24 कैरेट सोने का भाव में प्रति 10 ग्राम 4,694 रुपये टूट गया. इस बड़ी कटौती के बाद अब इसका भाव घटकर 1,54,884 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है. कुछ ही दिन पहले यह 1,59,578 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रे कर रहा था। जेवराती सोना यानी 22 कैरेट गोल्‍ड भी इस हफ्ते खूब सस्‍ता हुआ है. गहने बनवाने वाले आम ग्राहकों की पहली पसंद माना जाने वाला 22 कैरेट सोना 1,41,874 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ पहुंचा है. इससे पहले यह 1,46,173 रुपये प्रति 10 ग्राम मिल रहा था. यानी प्रति 10 ग्राम पर अब आपको 4,300 रुपये का फायदा होगा। बजट फ्रेंडली 18 कैरेट सोने के दाम भी औंधे मुंह नीचे गिरे हैं. 18 कैरेट गोल्ड का भाव इस हफ्ते 3500 रुपये प्रति दस ग्राम घटा है. इस कटौती के बाद अब यह 1,16,163 रुपये प्रति 10 ग्राम मिल रहा है. इससे पहले 18 कैरेट सोने का भाव 1,19,684 रुपये प्रति 10 ग्राम था।  इस कारोबारी हफ्ते के दौरान सोने के बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल. 24 कैरेट सोने ने 31 अगस्त को शाम के कारोबारी सत्र में 1,55,835 रुपये प्रति 10 ग्राम का अपना उच्चतम स्तर छुआ. इसके ठीक विपरीत, 2 सितंबर के शाम के सत्र में भारी बिकवाली के चलते यह लुढ़ककर हफ्ते के सबसे निचले स्तर यानी 1,51,184 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। चांदी के खरीदारों की तो इस हफ्ते लॉटरी ही लग गई है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्‍योंकि क्योंकि चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट आई है. चांदी का भाव सीधे 8,436 रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़ककर 2,35,456 रुपये प्रति किलो पर आ गया है. इससे पहले सिल्‍वर का रेट 2,43,892 रुपये प्रति किलो था

भारत के बाद विदेशी बाजारों पर काइनेटिक की नजर, 7 देशों में EV स्कूटर की होगी एंट्री

पुणे  पुणे की EV दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी काइनेटिक वाट्स एंड वोल्ट्स (KWV) अब भारतीय बाजार से बाहर अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने सात अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पहचान की है, जहां वह अपने EV स्कूटर पेश करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है। इनमें तुर्किये, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, केन्या, नाइजीरिया और मिस्र शामिल हैं। कंपनी इन देशों में स्थानीय नियमों, ग्राहकों की जरूरतों, EV दोपहिया वाहनों की मांग और संभावित वितरण साझेदारों का आकलन कर रही है। यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बाजारों पर नजर काइनेटिक वाट्स एंड वोल्ट्स की अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना में यूरोप, दक्षिण एशिया और अफ्रीका के बाजार शामिल हैं। कंपनी फिलहाल यह तय करने की प्रक्रिया में है कि इन सात देशों में से किन बाजारों में प्रवेश किया जाए और वहां किस तरह का वितरण नेटवर्क तैयार किया जा सकता है। कंपनी भारत में फिलहाल काइनेटिक डीएक्स और डीएक्स प्लस EV स्कूटर बेचती है। इन स्कूटरों को शहरी आवागमन को ध्यान में रखते हुए किफायती विकल्प के तौर पर पेश किया गया है। घरेलू बाजार में कारोबार बढ़ने के बाद अब कंपनी विदेशी बाजारों में भी अपने उत्पादों की संभावनाएं तलाश रही है। मकरंद जोशी संभालेंगे अंतरराष्ट्रीय कारोबार विदेशी बाजारों में विस्तार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कंपनी ने मकरंद जोशी को अंतरराष्ट्रीय कारोबार विकास का प्रमुख नियुक्त किया है। उन्हें भारतीय वाहन उद्योग के उत्पादों के लिए विदेशी बाजार विकसित करने का दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप और अफ्रीका के बाजारों में काम किया है। उनके अनुभव में दोपहिया वाहनों के साथ-साथ वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टर क्षेत्र भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें अंतरराष्ट्रीय वितरण नेटवर्क और नए बाजारों में प्रवेश की रणनीति तैयार करने का भी अनुभव है। काइनेटिक वाट्स एंड वोल्ट्स के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजिंक्य फिरोदिया ने कहा कि कंपनी के उत्पादों को व्यापक स्तर के बाजारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि घरेलू कारोबार में मिल रही गति के बाद कंपनी ने अब अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में आधार तैयार करना शुरू कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इन सात देशों में से किन देशों में सबसे पहले प्रवेश करेगी। विदेशी बाजार में लॉन्च की समयसीमा की जानकारी भी फिलहाल साझा नहीं की गई है। भारत में भी बढ़ाया जा रहा डीलर नेटवर्क विदेशी विस्तार की योजना के साथ कंपनी भारत में भी अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है। KWV के पास इस समय देश में 45 एक्सक्लूसिव शोरूम हैं और कंपनी अगले दो महीनों में 40 और शोरूम शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने संभावित डीलरशिप साझेदारों को 150 लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) भी जारी किए हैं। इस तरह कंपनी एक ओर भारतीय बाजार में अपने बिक्री और डीलर नेटवर्क को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर तुर्किये, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, केन्या, नाइजीरिया और मिस्र जैसे बाजारों में EV दोपहिया वाहनों की संभावनाओं का आकलन कर रही है।

NSE IPO की लिस्टिंग को लेकर आया बड़ा अपडेट, जल्द शेयर बाजार में होगी एंट्री

नई दिल्‍ली लंबे समय से इंतजार किए जा रहे NSE के आईपीओ की डेट अब नजदीक आ चुकी है. सेबी ने एनएसई के आईपीओ की हरी झंडी दिखा दी है. अब NSE जल्‍द ही नियामक के पास एक अपडेट मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकता है।  सूत्रों के अनुसार, एनएसई का टारगेट है कि वह पितृ पक्ष 2026 के शुरू होने से पहले मार्केट में लिस्‍ट कर जाए, जो 26 सितंबर से शुरू होता है. इसका मतलब है कि एनएसई शुक्रवार, 25 सितंबर को या उससे पहले मार्केट में लिस्‍ट हो सकता है. दूसरी ओर,  सीएनबीसी-टीवी18 ने बताया कि एनएसई 11 सितंबर, 2026 को अपने आईपीओ के लिए प्राइस लिमिट का ऐलान कर सकता है।  ये घटना तब सामने आई है, जब एक्‍सचेंज लंबे इंतजार के बाद अपने शेयरों का पब्लिक करने के करीब पहुंच रहा है.रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संभावित मंजूरी भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा NSE के सह-स्थान और डार्क-फाइबर मामलों में नियामक की अपीलों को खारिज करने के बाद मिली है. इससे देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित पब्लिक इश्‍यू के लिए एक बाधा दूर हो गई है।  पूरी तरह ओएफएस होगा ये आईपीओ  एनएसई ने जून में SEBI के पास आईपीओ के लिए अपना DRHP (डिजिटल डेवलपमेंट प्लान) दाखिल किया था, जिसमें 14.89 करोड़ शेयरों तक की बिक्री का प्रस्ताव शामिल था, जो इसकी चुकता पूंजी का लगभग 6 प्रतिशत है. चूंकि यह इश्यू पूरी तरह से OFS का प्रस्ताव है, इसलिए इससे प्राप्त राशि बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी, न कि कंपनी को।  कितना हो सकता है इश्‍यू साइज?  प्रस्तावित इश्यू का अनुमानित कीमत लगभग 30,000 करोड़ रुपये है और यह भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है. अनुमानित इश्यू साइज के अनुसार, एनएसई द्वारा इसके शेयर लगभग 2,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पेश किए जाने की संभावना है. प्री-आईपीओ बाजार में शेयर लगभग इसी स्तर पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्री-आईपीओ इक्विटी छह महीने के लॉक-इन पीरियड के साथ आती है और आईपीओ लॉन्च करने के लिए आरएचपी दाखिल करने के बाद शेयर का कारोबार रुक जाएगा।  कब हो सकती है लिस्टिंग?  CNBC-TV18 ने बताया कि उसने NSE के पब्लिक इश्यू के लिए मंजूरी की समयसीमा और IPO प्रक्रिया के लिए SEBI को पत्र लिखा है और जवाब का इंतजार है. फिलहाल, जिन महत्वपूर्ण डेट पर नजर रखी जा रही है, वे हैं अगले सप्ताह SEBI द्वारा संभावित मंजूरी, उसके बाद अपडेटेड प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की संभावना, 11 सितंबर को प्राइस बैंड का ऐलान और 25 सितंबर, 2026 को लिस्टिंग हो सकती है।