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सोने की कीमत में गिरावट, चांदी 2 लाख 82 हजार से अधिक महंगी, यहां देखें आज का रेट

मुंबई      16 जनवरी 2026 को सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक बुधवार शाम 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹130086 था, जो आज शुक्रवार सुबह घटकर ₹129813 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति 1 किलो) के रेट में 5 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. बता दें, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं. सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता बुधवार शाम का रेट शुक्रवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 142015 141717 ₹298 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 141446 141150 ₹296 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 130086 129813 ₹273 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 106511 106288 ₹223 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 83079 82904 ₹175 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999  277512 282720 ₹5208 महंगी IBJA रेट (बुधवार, 14 जनवरी 2026) बुधवार को सोने का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹142152 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹142015 प्रति 10 ग्राम बुधवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹277175 प्रति किलो शाम का रेट: ₹277512 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

Kia Carens Clavis HTE(EX) ट्रिम का हुआ लॉन्च, अब सस्ते में मिलेगा सनरूफ का फीचर, जानें कीमत

नई दिल्ली कार निर्माता कंपनी Kia India ने अपनी एमपीवी Kia Carens Clavis लाइन-अप को एक नए लोअर मिड-स्पेक HTE(EX) वेरिएंट के साथ अपडेट किया है. कंपनी ने इस वेरिएंट को 12.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है. इस कार के मौजूदा HTE(O) और HTK वेरिएंट के बीच पोजिशन किया गया, HTE(EX) ट्रिम में HTE(O) ट्रिम की तुलना में कुछ खास फीचर्स जोड़े गए हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ शामिल है – यह फीचर पहले सिर्फ HTK+(O) ट्रिम में मिलता था. Kia Carens Clavis HTE(EX) के वेरिएंट इस नए ट्रिम में मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो इसमें आपको HTE(O) ट्रिम के सभी फीचर्स मिलते हैं, जिसमें 16-इंच के स्टाइल्ड व्हील्स, इलेक्ट्रिक एडजस्ट विंग मिरर, ऑटो हेडलाइट्स, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay के साथ 8.0-इंच का टचस्क्रीन और एक रिवर्स कैमरा शामिल है. इसके अलावा, इस ट्रिम में आपको HTK ट्रिम के कुछ फीचर्स भी मिलते हैं, जिनमें LED डे-टाइम रनिंग लैंप, LED केबिन लाइटिंग, ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल और ड्राइवर की पावर विंडो के लिए वन-टच ऑपरेशन शामिल हैं. हालांकि, सबसे बड़ी खासियत इस ट्रिम में इलेक्ट्रिक सनरूफ का दिया जाना है, जो पहले सिर्फ HTK+(O) ट्रिम में दिया जाता था. Kia India का कहना है कि यह पहली बार है जब Carens Clavis को नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ सनरूफ के साथ खरीदा जा सकता है. Kia Carens Clavis HTE(EX) की कीमत Kia Carens Clavis HTE(EX) के वेरिएंट    कीमत (एक्स-शोरूम) 1.5-लीटर, नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल MT    12.55 लाख रुपये 1.5-लीटर, T-GDI टर्बो-पेट्रोल MT    13.42 लाख रुपये 1.5-लीटर, टर्बो-डीजल MT    14.53 लाख रुपये इस नए ट्रिम की कीमत की बात करें तो, नए ट्रिम लेवल की कीमत HTE(O) ट्रिम लेवल से लगभग 50,000 रुपये ज़्यादा है और हायर-स्पेक HTK वेरिएंट से लगभग 45,000 रुपये कम है. Kia Carens Clavis HTE(EX) का इंजन पावरट्रेन की बात करें तो, Kia Carens Clavis का नया HTE(EX) ट्रिम मौजूदा 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल, 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन और 1.5-लीटर डीजल इंजन विकल्प के साथ पेश किया गया है, जिसमें स्टैंडर्ड तौर पर मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है.

Tesla की Model Y भारत में लॉन्च, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे, कंपनी दे रही है डिस्काउंट

 नई दिल्ली  दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क के नेतृत्व वाली अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla ने बड़े ही जोर-शोर से भारत में एंट्री की थी. कंपनी ने बीते साल जो शुरुआती कारें भारत मंगाई थीं, उनमें से कई कारें अब तक ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाई है. हालात ऐसे हैं कि टेस्ला को अपनी ही मॉडल Y एसयूवी पर भारी छूट देनी पड़ रही है, ताकि स्टॉक में रखी हुई गाड़ियां बिक सकें. इंडिया में एंट्री के तकरीबन 6 महीनों के बाद भी टेस्ला की रफ्तार सुस्त ही है. ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला ने पिछले साल भारत में Model Y एसयूवी के तकरीबन 300 यूनिट को इंपोर्ट किया था. इनमें से लगभग एक तिहाई यानी करीब 100 गाड़ियां चार महीने बाद भी बिना खरीदार के खड़ी हैं. कई ऐसे ग्राहक जिन्होंने पहले बुकिंग कराई थी, उन्होंने बाद में कार खरीदारी का मन बदल लिया और बुकिंग कैंसिल करा दी. इसी वजह से कंपनी पर स्टॉक साफ करने का दबाव बढ़ गया है. Tesla पर 2 लाख का डिस्काउंट रिपोर्ट्स की माने तो कारों की बिक्री को रफ्तार देने के लिए टेस्ला कुछ वेरिएंट्स पर 2 लाख रुपये तक की छूट दे रही है. यह ऑफर खास तौर पर पिछले साल आई Model Y स्टैंडर्ड रेंज पर दिया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने इस डिस्काउंट ऑफर कोई बड़ा प्रचार-प्रसार नहीं किया है. बल्कि सीधे चुनिंदा ग्राहकों और टेस्ट ड्राइव लेने वालों को बताया जा रहा है. ताकि वो डिस्काउंट का लाभ उठाते हुए कार खरीद सकें. हालांकि कार पर डिस्काउंट के बारे में टेस्ला की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है.  ऊंची कीमत और टैक्स  भारत में टेस्ला की एंट्री जुलाई में हुई थी. कंपनी ने अपनी पहली कार के तौर पर Model Y को भारतीय ग्राहकों के बीच लॉन्च किया. इस कार की शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई. शुरुआत मुंबई से हुई और आने वाले महीनों में कंपनी ने दिल्ली और गुरुग्राम में भी अपने शोरूम शुरू किए. इतना ही नहीं कंपनी ने देश भर के ग्राहकों के लिए कार की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी. टेस्ला को भरोसा था कि उसका ब्रांड नाम ग्राहकों को खींच लाएगा, लेकिन इंपोर्टेड कारों पर लगने वाला करीब 110 प्रतिशत तक का टैक्स कीमत को काफी बढ़ा देता है.  भारत में सुस्त शुरुआत ऐसे वक्त में हुई है, जब दुनियाभर में टेस्ला की हालत खस्ता है. बीते साल यानी 2025 में चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक कार कंपनी बिल्ड योर ड्रीम (BYD) ने बिक्री के मामले में टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है. अब बीवाईडी दुनिया की सबसे बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक कार कंपनी बन चुकी है. अमेरिका, यूरोप और चीन जैसे बड़े बाजारों में भी टेस्ला की पकड़ कमजोर हुई है. भारत में कई ग्राहक टेस्ट ड्राइव के बाद दूसरे ऑप्शन की ओर मुड़ रहे हैं. कुछ को बीएमडब्ल्यू की iX1 ज्यादा किफायती लग रही है, तो कुछ को बीवाईडी की सीलायन 7 में ज्यादा फीचर्स नजर आ रहे हैं. इन दोनों की शुरुआती कीमत मॉडल Y से कम है, जिससे टेस्ला को सीधी टक्कर मिल रही है. बुकिंग ज्यादा, डिलीवरी कम रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला को भारत में मॉडल Y के लिए करीब 600 बुकिंग मिली थीं. लेकिन इनमें से बड़ी संख्या अब तक डिलीवर नहीं हो पाई है. साल 2025 में पूरे देश में सिर्फ 227 टेस्ला कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. भारत में टेस्ला की एंट्री तो जोर-शोर से हुई लेकिन अब कारों की बिक्री के आंकड़े ये साफ संकेत दे रहे हैं, भारत में टेस्ला की राह आसान नहीं है. कैसी है Tesla Model Y टेस्ला मॉडल वाई इंडियन मार्केट में दो वेरिएंट (लॉन्ग रेंज और स्टैंडर्ड) में आती है. इसमें लॉन्ग रेंज RWD वेरिएंट में 84.2kWh का बैटरी पैक दिया गया है. जो सिंगल चार्ज में 661 किमी की ड्राइविंग रेंज देती है. कंपनी का दावा है कि, ये वेरिएंट महज 5.6 सेकंड में ही 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकता है. सुपर-फास्ट DC चार्जर की मदद से इसकी बैटरी 15 मिनट में इतनी चार्ज हो जाती है कि, कार 267 किमी तक चल सकती है. इस हायर वेरिएंट की कीमत 67.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. वहीं स्टैंडर्ड वेरिएंट थोड़ा किफायती है और इसमें छोटा बैटरी पैक मिलता है. इस वेरिएंट में कंपनी ने 64kWh की बैटरी दी है. जो सिंगल चार्ज में तकरीबन 500 किमी की ड्राइविंग रेंज देता है. यह वेरिएंट 5.9 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ता है. DC फास्ट चार्जर से इस वेरिएंट की बैटरी 15 मिनट में इतना चार्ज हो जाती है, जिससे चालक को 238 किमी की ड्राइविंग रेंज मिलती है. स्टैंडर्ड वेरिएंट की कीमत 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है.

Bajaj Chetak C25 इलेक्ट्रिक स्कूटर भारत में लॉन्च, कीमत और रेंज की पूरी जानकारी

नई दिल्ली स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto ने अपनी सबसे किफायती सीरीज़ – C25 के साथ अपनी Bajaj Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर फैमिली का विस्तार किया है. कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को 91,399 रुपये (एक्स-शोरूम, PM ई-ड्राइव सब्सिडी सहित) की कीमत पर उतारा है. नए Bajaj Chetak C2501 को इसके मौजूदा पोर्टफोलियो में 30 और 35 सीरीज़ से नीचे रखा गया है और यह हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर वाला पहला चेतक मॉडल है. Bajaj Chetak C2501 की मोटर और रेंज इस स्कूटर में 2.2 kW का पावर देने वाली की पीक आउटपुट देती है, और लगातार इस्तेमाल में 1.8 kW की पावर देती है. यह इलेक्ट्रिक स्कूटर को 55 kmph की टॉप स्पीड देती है. यह मोटर 2.5 kWh की बैटरी के साथ जोड़ी गई है, जिससे स्कूटर को 113 km तक की रेंज मिलती है. स्कूटर की चार्जिंग की बात करें तो, इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ 750W का ऑफ-बोर्ड चार्जर मिलता है, जो इसकी बैटरी को 2 घंटे 25 मिनट में 0-80 प्रतिशत तक चार्ज कर सकता है, या लगभग 3 घंटे 45 मिनट में 100 प्रतिशत तक चार्ज कर सकता है. Bajaj Chetak C2501 का डिजाइन इसके डिज़ाइन की बात करें, तो Chetak C25 सीरीज़ में भी मेटल बॉडी शेल का इस्तेमाल किया गया है, जैसा कि इसके ज़्यादा महंगे मॉडल्स में किया जाता है, और इसका ओवरऑल डिज़ाइन अभी भी मौजूदा Bajaj Chetak जैसा ही लगता है. हालांकि, अगर आप ध्यान से देखेंगे, तो आपको कुछ डिज़ाइन में बदलाव नज़र आएंगे. फ्रंट प्रोफाइल की बात करें तो आगे के एप्रन का डिज़ाइन बदला गया है, जिसमें इंडिकेटर्स अब हेडलाइट्स के साथ काउलिंग पर लगे हैं. साइड पैनल का डिज़ाइन भी बदला गया है. पीछे की तरफ, 30 और 35 सीरीज़ के ट्विन लाइट क्लस्टर की जगह एक सिंगल एज-टू-एज यूनिट लगाई गई है. कंपनी ने इसके सस्पेंशन सेटअप में भी बदलाव किया है, Chetak C25 में आगे टेलीस्कोपिक फोर्क और पीछे ट्विन शॉक दिए गए हैं. वहीं, 30 और 35 सीरीज़ में आगे लीडिंग लिंक सेटअप और पीछे मोनोशॉक दिया गया है. अपने दूसरे मॉडल्स की तरह, Chetak C25 में भी आगे डिस्क ब्रेक दिया गया है. Bajaj Chetak C2501 के फीचर्स इस स्कूटर में मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो Chetak C25 में कलर LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, LED DRL, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, रिवर्स मोड और 25 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज मिलता है. वहीं, ऑप्शनल TecPac में हिल होल्ड, दो राइड मोड, गाइड मी होम लाइट्स और म्यूजिक कंट्रोल्स जैसे फीचर्स मिलते हैं.

कैसे Gen Z भारत में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बीमा जगत को नया रूप दे रही है

भारत में टेक्नोलॉजी को पसंद करने वाली Gen Z कैसे बीमा जगत को नया रूप दे रही है आभार: जैक्सन जैकब, चीफ़ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर, ज़ूनो जनरल इंश्योरेंस नई दिल्ली भारत में टेक्नोलॉजी को पसंद करने वाले Gen Z युवाओं की संख्या है। 30 वर्ष से कम उम्र की आधी से अधिक आबादी वाली यह पीढ़ी सामाजिक रूप से जागरूक और आर्थिक रूप से बेहद समझदार है जो हर उद्योग के साथ-साथ बीमा क्षेत्र में भी बदलाव ला रही है। तो सवाल यह है कि क्या बीमा क्षेत्र इस पीढ़ी की तेज़ रफ्तार, हर चीज में आसानी और कारगर सेवाओं की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा? उपभोक्ताओं की उम्मीदों को नया रूप देने वाली Gen Z उपयोग-आधारित बीमा, वियरेबल्स को इसमें शामिल करने तथा मॉड्यूलर प्लान अब कोई नई बात नहीं रह गए हैं। ये लोगों की बदलती उम्मीदों को पूरा करने के लिए जरूरी साधन बन चुके हैं। भारत में Gen Z के युवा तो ज़्यादातर ऑनलाइन रहते हैं। हाल के ट्रेंड्स बताते हैं कि, 64% आबादी जानकारी के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करती है, जबकि 63% लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। लेकिन बात सिर्फ डिजिटल आदतों की नहीं है, बल्कि इसमें बुनियादी सोच भी मायने रखती है। Gen Z के 80% से ज़्यादा युवा ऐसे ब्रांड्स के साथ जुड़ना पसंद करते हैं जो किसी सामाजिक उद्देश्य से जुड़े हों, वहीं 88% युवा मूल्य को अहमियत देते हुए हर लेनदेन में पारदर्शिता और सही कीमत की उम्मीद रखते हैं। इस पीढ़ी के युवाओं को ऐसी सेवाएं चाहिए जो उनके फोन पर उपलब्ध हो, उनकी जरूरतों के हिसाब से बनी हो और उनके लाइफस्टाइल में आसानी से फिट हो। लिहाजा, अब इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स का मतलब सिर्फ कवरेज नहीं रह गया है बल्कि उसमें एक नेक इरादे, बदलाव के हिसाब से ढलने की क्षमता और सादगी का होना भी जरूरी है। एक संरचनात्मक चुनौती: बाजार में कम पैठ और पुरानी व्यवस्था     भारत में तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव के बावजूद, बीमा की पहुँच अब भी काफी कम है— जो जीडीपी का लगभग 4% है, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसका वास्तविक उपयोग घटकर 3.7% रह गया। डिस्ट्रीब्यूशन के पुराने तरीके और प्रोडक्ट्स को जरूरत के हिसाब से नहीं ढाल पाना, इस दिशा में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है। बहुत लंबी-चौड़ी कागजी कार्रवाई और 'सबके लिए एक जैसे' प्लान की उपलब्धता असल में उन युवाओं को पसंद नहीं आतीं, जो आसान, टेक्नोलॉजी पर आधारित और अपनी जरूरत के हिसाब से बनी सेवाओं की उम्मीद करते हैं। वैसे तो इस इंडस्ट्री में बदलाव हो रहा है, लोगों की जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट्स बनाए जा रहे हैं, डिजिटल माध्यमों को अपनाया जा रहा और कागजी कार्रवाई कम हो गई है, फिर भी डिजिटल तकनीक को पसंद करने वाले आज के ग्राहकों की उम्मीद पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए अभी भी काफी काम करना बाकी है। एक नए इंश्योरेंस मॉडल का निर्माण: डिजिटल तकनीक, जरूरतों के अनुरूप और सबको शामिल करने वाला भारत में बीमा क्षेत्र का नियामक निकाय, IRDAI अब एक पूरी तरह डिजिटल साधनों पर आधारित इंश्योरेंस इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। ई-केवाईसी, डिजिटल पॉलिसी जारी करने और आने वाले बीमा सुगम प्लेटफॉर्म जैसे कदम नए बदलावों का रास्ता खोल रहे हैं। आने वाला समय डेटा पर आधारित उन लचीली पॉलिसियों का है, जो ग्राहकों की आदतों, लाइफ़स्टाइल के विकल्पों और वास्तविक समय के जोखिमों के हिसाब से बदल सकती हैं। बीमा कंपनियों को अब क्या करना चाहिए: Gen Z ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने का ब्लूप्रिंट हमेशा उपयोगी और भरोसेमंद बने रहने के लिए, बीमा कंपनियों को सिर्फ बिक्री के बजाय समाधान उपलब्ध कराने पर ध्यान देना होगा। इस बदलाव का स्वरूप कुछ इस प्रकार होना चाहिए: मोबाइल पर केंद्रित इकोसिस्टम: ऐसे आसान और शुरू से अंत तक की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म, जहाँ ग्राहक प्लान्स की तुलना करने, तुरंत दावा करने, पॉलिसी रिन्यू करने और एआई सहायता जय सिंह सेवाओं का लाभ उठा सकें। इस तरह हर कदम पर आने वाली परेशानी दूर हो जाती है। मॉड्यूलर, व्यवहार पर आधारित प्रोडक्ट्स: असल जिंदगी की जरूरतों के हिसाब से फ्लेक्सिबल प्लान पेश करना— जैसे सिर्फ़ वीकेंड के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस, पे-हाऊ-यु-ड्राइव वाहन बीमा, या फ्रीलांसरों और कामगारों की जरूरतों के लिए खास हेल्थ राइडर्स। वियरेबल्स के ज़रिए स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करना: फिटनेस डेटा के आधार पर प्रीमियम तय करना, रिवॉर्ड देना और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे पॉलिसी जारी करने के बाद भी ग्राहकों से लगातार जुड़ाव बना रहे। विश्वसनीय संचार: सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और पीयर रिव्यू के ज़रिए Gen Z से जुड़ना। पॉलिसी के नियमों और शर्तों को पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी बनाना। गेम्स के ज़रिए वित्तीय समझ को बढ़ावा: उपयोगकर्ताओं को ऐसे आकर्षक टूल्स उपलब्ध कराना, जो बीमा से संबंधित मुश्किल बातों को समझना आसान बनाएं और उन्हें भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए प्रेरित करें। भरोसा, उपयोगिता और आगे की राह जागरूकता और भरोसे की कमी आज भी एक बड़ी चुनौती है। Gen Z के ज्यादातर युवा तो बीमा को मुसीबत के वक्त का सहारा भर मानते हैं, लंबे समय का साथी नहीं। वे धीरे-धीरे नौकरीपेशा बन रहे हैं और आर्थिक रूप से आजाद हो रहे हैं, लिहाजा बीमा के साथ उनका पहला अनुभव ही आने वाले कई दशकों तक उनकी सोच पर हावी रहेगा। इस भरोसे को दोबारा जीतने के लिए, कंपनियों को केवल न सिर्फ़ "संकट के अंतर" को खत्म करना होगा, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बीमा की भूमिका के बारे में भी फिर से सोचना होगा। इसके लिए डेटा का नैतिक तरीके से इस्तेमाल, सरकारी नियमों का पालन, तथा एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से हर व्यक्ति तक पहुंच बनाना शामिल है, ताकि हर किसी को उसकी जरूरत के हिसाब से तुरंत सेवाएं मिल सके। एक सामूहिक दायित्व यह बेहद अहम पड़ाव है। बीमा क्षेत्र को Gen Z की ज़रूरतों के हिसाब से ढलना होगा और एक मजबूत भविष्य के लिए जल्द और स्पष्ट विजन के साथ काम करना होगा, ताकि वे अधिक समावेशी, आधुनिक और मजबूत बन सकें। भारत में बीमा का भविष्य पुरानी पॉलिसीज़ से नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की उम्मीदों से तय होगा। अब निर्णायक और आपसी सहयोग के साथ … Read more

एशिया पेसिफिक प्रीडेटर लीग 2026 का समापन, नई दिल्‍ली में जोरदार फिनाले हुआ

एशिया पेसिफिक प्रीडेटर लीग 2026 का नई दिल्‍ली में जोरदार फिनाले के साथ हुआ समापन टीम मिथ एवेन्‍यू गेमिंग और फैंसी यूनाइटेड ईस्‍पोर्ट्स डोटा 2 और वैलोरेंट की विजेता बनीं दिल्ली एशिया पैसिफिक के सबसे बड़े ईस्पोर्ट्स आयोजनों में से एक, प्रीडेटर लीग 2026 का नई दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में शानदार समापन हुआ। दो दिनों तक चले इस उत्सव में 14 अलग-अलग क्षेत्रों की टॉप ईस्पोर्ट्स टीमों ने हिस्सा लिया और उनके बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। खेल के साथ-साथ यहां लाइव एंटरटेनमेंट और आधुनिक गेमिंग का अनुभव भी शानदार रहा। इस फिनाले में लगभग 4,000 दर्शक और गेमिंग के शौकीन शामिल हुए, जिन्होंने न केवल रोमांचक मैच देखे बल्कि मशहूर संगीत कलाकारों के शो का भी आनंद लिया। इस कार्यक्रम में एंड्र्यू हाउ, पैन-एशिया पैसिफिक ऑपरेशंस के प्रेसिडेंट, एसर; हरीश कोहली, प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक, एसर इंडिया, तथा एसर की एशिया-पैसिफिक नेतृत्व टीम की उपस्थिति देखने को मिली। इस आयोजन की शोभा सम्माननीय श्री मंडिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी, परिवहन, युवा सेवाएं और खेल मंत्री, आंध्र प्रदेश सरकार ने बढ़ाई।  भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में दो दिनों तक चले इस रोमांचक इवेंट में एशिया पैसिफिक की बेहतरीन टीमों ने डोटा 2 और वैलोरेंट जैसे खेलों में प्रतिष्ठित प्रीडेटर शील्‍ड जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया। कड़े मुकाबलों के बाद, डोटा 2 ग्रैंड फिनाले में मिथ एवेन्यू गेमिंग विजेता बनी, जबकि वैलोरेंट के फिनाले में फैंसी यूनाइटेड ईस्पोर्ट्स ने पहला स्थान हासिल किया। उनकी परफॉमेंसेस को ईस्‍पोर्ट्स कम्‍युनिटी में लंबे समय तक याद रखा जएगा।  वहीं, रेकॉनिक्स और बूम ईस्पोर्ट्स की टीमों ने शानदार खेल दिखाया और रनर-अप पर रहीं। दोनों खेलों की विजेता टीमों को इनाम के तौर पर लगभग 65,000 अमेरिकी डॉलर मिले, जबकि रनर अप टीमों को 20,000 अमेरिकी डॉलर दिए गए। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो डोटा 2 के खिलाड़ी एग्ज़र्डेमक्सन (egxrdemxn) और वैलोरेंट के ट्विलाइट को उनके बेहतरीन खेल के लिए 'सबसे कीमती खिलाड़ी'  चुना गया और उन्हें 10,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला। इस पूरी प्रतियोगिता के लिए कुल 400,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गई थी।   इस इवेंट के रोमांच को कलाकारों के शानदार प्रदर्शन ने और भी बढ़ा दिया, जिससे पूरे स्टेडियम में जबरदस्त जोश भर गया। पहले दिन की शुरुआत निकिता गांधी के जबर्दस्‍त परफॉर्मेंस से हुई, जबकि अंत में कृष्ण ने अपनी हाई-एनर्जी परफॉरमेंस से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन की शुरुआत असीस कौर के धमाकेदार शो से हुई और समापन मशहूर रैपर रफ्तार के शानदार एक्ट के साथ हुआ। संगीत और गेमिंग के इस अनोखे संगम ने प्रशंसकों के उत्साह को दोगुना कर दिया और प्रीडेटर लीग के इस उत्सव को यादगार बना दिया। दर्शकों ने शानदार प्रीडेटर एक्सपीरियंस जोन्स के साथ जुड़ाव बनाया, जिसमें एसर के नए एआई-पावर्ड लैपटॉप और डेस्कटॉप, वीआर गेमिंग सेटअप, क्रिएटर बूथ, स्किल-बेस्ड चैलेंज एरेनास, ईस्पोर्ट्स मिनी-टूर्नामेंट्स और इंटरएक्टिव डेमो स्टेशन्स प्रदर्शित किए गए थे। छात्रों, इन्फ्लुएंसर्स, क्रिएटर्स और परिवारों की मजबूत भागीदारी के साथ, आयोजन ने उत्सव जैसा माहौल बनाया जो प्रतिस्पर्धी खेल से परे फैला हुआ था। आयोजन में एक प्रोडक्‍ट एक्‍सपीरियंस जोन भी शामिल था, जिसमें एसर के नए उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे जिन्‍हें एक सप्ताह पहले लास वेगास में लॉन्च किया गया था।  एशिया पैसिफिक प्रीडेटर लीग 2026 2026 संस्करण के सफल समापन पर खुशी जताते हुए एसर के पैन-एशिया पेसिफिक ऑपरेशंस के प्रेसिडेंट एंड्र्यू हाउ ने कहा कि ‘‘प्रीडेटर लीग 2026 ने एक बार फिर दिखाया है कि ईस्पोर्ट्स कैसे पूरे एशिया पैसिफिक की प्रतिभा और जुनून को एक साथ ला सकता है। पूरे सप्‍ताह के दौरान हर मैच में हमें खिलाड़ियों का समर्पण और हुनर साफ दिखाई दिया, जो इस खेल के स्तर को और ऊंचा ले जाता है। भारत में इस फिनाले की मेजबानी करना एक बड़ी उपलब्धि रही, क्योंकि यहाँ के दर्शकों ने एरेना में गजब का उत्साह और एनर्जी दिखाई। यह आयोजन सिर्फ एक टूर्नामेंट का अंत नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में बढ़ते ईस्पोर्ट्स समुदाय की ताकत का जश्न है। प्रीडेटर लीग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने, समुदायों की मदद करने और गेमिंग तकनीक को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम उन सभी खिलाड़ियों, प्रशंसकों और क्रिएटर्स का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस इवेंट को वाकई यादगार बनाया।” इस भावना को दोहराते हुए, हरीश कोहली, प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक, एसर इंडिया, ने कहा, “प्रीडेटर लीग 2026 एपीएसी के फिनाले ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब दुनिया में ईस्पोर्ट्स के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर चुका है। पिछले दो दिनों में यहाँ विश्व-स्तरीय खेल और प्रशंसकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जो गेमिंग के भविष्य की एक झलक पेश करता है। नई दिल्ली में इस फिनाले का आयोजन होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। एसर कंपनी का मानना है कि वे गेमर्स को ऐसी तकनीक और मंच देना चाहते हैं जिससे वे सबसे ऊंचे स्तर पर मुकाबला कर सकें, और यह प्रीडेटर लीग उसी वादे को पूरा करती है। इस संस्‍करण ने सफलता का एक नया पैमाना तय किया है और इसमें शामिल हुई प्रतिभा, इनोवेशन और मनोरंजन का स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है।” प्रीडेटर लीग, 2018 में अपनी शुरुआत के बाद से, एशिया पैसिफिक के सबसे प्रभावशाली ईस्पोर्ट्स इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज में से एक बन गई है। 14 क्षेत्रों की टीमों की भागीदारी के साथ, 2026 संस्करण ने एक बार फिर क्षेत्र की अपार गेमिंग प्रतिभा, प्रतिस्पर्धी भावना और ईस्पोर्ट्स के प्रति जुनून को दिखाया। जैसे ही प्रीडेटर लीग 2026 एपीएसी फिनाले समाप्त हुआ, एसर ने विजेता टीमों और उत्साही गेमिंग कम्‍युनिटी के साथ मिलकर इस खास मौके का जश्न मनाया। यह आयोजन ईस्पोर्ट्स, तकनीक और मनोरंजन का एक बेहतरीन संगम रहा, जिसने सभी के लिए कई यादगार पल बनाए।

डाबर इंडिया का नया लॉन्च: सोनम बाजवा के साथ सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक

डाबर इंडिया के ऑक्सीलाइफ सैलून प्रोफेशनल ने सोनम बाजवा के साथ लॉन्च किया सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक भोपाल  डाबर इंडिया के प्रीमियम सैलून स्किनकेयर ब्रांड, ऑक्सीलाइफ सैलून प्रोफेशनल ने अपने उन्नत सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक को लॉन्च करने की घोषणा की है। इस लॉन्च की शुरुआत उनके प्रमुख अभियान ‘स्किनश्योरेंस विद ऑक्सीलाइफ’ के साथ हुई है, जिसमें लोकप्रिय अभिनेत्री सोनम बाजवा के साथ-साथ कई प्रमुख ब्यूटी और लाइफस्टाइल इंफ्लुएंसर्स नजर आ रहे हैं। पेशेवर सैलून ट्रीटमेंट और घर पर मिलने वाली सुविधा के बीच के अंतर को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया यह नया सिंगल-यूज़ फॉर्मेट, तुरंत टैन हटाने और त्वचा में चमक लाने के लिए एक उच्च-प्रदर्शन, स्वच्छ और सटीक समाधान प्रदान करता है। ‘स्किनश्योरेंस विद ऑक्सीलाइफ’ अभियान इस सशक्त विश्वास पर आधारित है कि आपकी त्वचा अपना खुद का एक बीमा  पाने की हकदार है। यह त्वरित समाधानों से आगे बढ़कर सुरक्षा का एक दीर्घकालिक वादा प्रदान करता है। जैसे-जैसे आपकी त्वचा हर दिन धूप, तनाव और पर्यावरणीय कारकों के निरंतर प्रभाव का सामना करती है, ऑक्सीलाइफ सैलून प्रोफेशनल स्किनकेयर को "स्किनश्योरेंस" के रूप में फिर से परिभाषित करता है—एक उन्नत, सैलून-ग्रेड देखभाल जो प्राकृतिक चमक की रक्षा के लिए बनाई गई है। इस अभियान में, सोनम बाजवा सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक को अपनी दिनचर्या में सहजता से शामिल करके इस दर्शन को साकार करती हैं, और दिखाती हैं कि हर मौसम में स्वस्थ, चमकदार और आत्मविश्वासी त्वचा के लिए निवेश करना कितना आसान है। "ऑक्सीलाइफ सैलून प्रोफेशनल के सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक का लॉन्च हमारे सैलून स्किनकेयर पोर्टफोलियो के प्रीमियमकरण को गति देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। 'स्किनश्योरेंस विद ऑक्सीलाइफ' के साथ, हम एक विशिष्ट और स्केलेबल ब्रांड प्लेटफॉर्म बना रहे हैं जो उत्पाद के लाभों से परे जाकर सक्रिय त्वचा सुरक्षा के बारे में एक दीर्घकालिक विमर्श स्थापित करता है। सोनम बाजवा के नेतृत्व में डिजिटल स्टोरीटेलिंग और उच्च-प्रदर्शन वाले सिंगल-यूज़ फॉर्मेट को जोड़कर, हम ऑक्सीलाइफ को विकास की महत्वपूर्ण संभावनाओं वाले एक आधुनिक, प्रीमियम स्किनकेयर ब्रांड के रूप में मजबूत कर रहे हैं।" डाबर इंडिया लिमिटेड के मार्केटिंग डायरेक्टर,  अभिषेक जुगरान  ने कहा। घर पर की जाने वाली एक संपूर्ण वन-स्टेप रेडिएंस अनुष्ठान के रूप में पेश किया गया, ऑक्सीलाइफ सैलून प्रोफेशनल सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक जनरल ट्रेड और मॉडर्न ट्रेड स्टोर के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। इसे एक ही बार के उपयोग में तुरंत टैन हटाने और लंबे समय तक बनी रहने वाली चमक प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें शामिल प्रत्येक सामग्री एक लक्षित भूमिका निभाती है: अल्फा अर्बुटिन अतिरिक्त मेलेनिन को नियंत्रित करके सनटैन को कम करने में मदद करता है ताकि त्वचा अधिक चमकदार और एकसमान दिखे; कोजिक एसिड धूप के कारण खोई हुई स्पष्टता और चमक को वापस लाता है; दूध टैन हुई त्वचा को कोमलता से एक्सफोलिएट करता है, उसे शांति प्रदान करता है और हाइड्रेट करता है जिससे त्वचा नरम और तरोताजा महसूस होती है; वहीं शहद यूवी किरणों के संपर्क से प्रभावित हुई 'स्किन बैरियर' (त्वचा की सुरक्षात्मक परत) की मरम्मत करने में मदद करता है। अभियान का चेहरा, सोनम बाजवा ने कहा: "मुझे यह बहुत पसंद है कि ऑक्सीलाइफ सैलून प्रोफेशनल चमकदार और टैन-मुक्त त्वचा पाना कितना आसान बना देता है। सिंगल-यूज़ स्किन ब्राइटनिंग डिटैन पैक इस्तेमाल करने में सरल है और उन दिनों में भी तुरंत दिखने वाले परिणाम देता है जब मैं लगातार भागदौड़ में होती हूँ। मेरे लिए, आधुनिक सुंदरता का मतलब ऐसा स्किनकेयर है जो आपकी जीवनशैली में सहजता से फिट हो जाए—आसान, प्रभावी और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला।" डाबर इंडिया लिमिटेड के स्किन केयर मार्केटिंग हेड, विराट खन्ना ने कहा: "डिटैन, पेशेवर स्किनकेयर के भीतर सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट में से एक है, जिसका मुख्य कारण धूप का बढ़ता प्रभाव और तुरंत परिणामों की मांग है। ऑक्सीलाइफ के इस नए पैक के साथ, हम एक सटीक और स्वच्छता-आधारित फॉर्मेट के माध्यम से इस मांग को पूरा कर रहे हैं। इसका सिंगल-यूज़ डिज़ाइन सही मात्रा और निरंतर परिणाम सुनिश्चित करता है, साथ ही घर पर ही एक सरल वन-स्टेप प्रक्रिया में सैलून जैसा अनुभव प्रदान करता है।"

Mercedes-Maybach GLS इंडिया-मेड मॉडल भारत में लॉन्च, कीमत में 2.75 करोड़ रुपये की कमी

मुंबई  लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz India ने भारत में बनी Maybach GLS को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस कार को 2.75 करोड़ रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया है. यह कार पहले इंपोर्ट की जाती थी और इसकी कीमत 3.17 करोड़ रुपये तक जाती थी, जोकि इंडिया मेड वर्जन से 42 लाख रुपये ज्यादा है. अब Maybach GLS भारत में बनाई जा रही है, जिससे यह अमेरिका के बाहर पहला ऐसा मार्केट बन गया है, जहां यह मॉडल स्थानीय तौर पर बनाया जा रहा है. Mercedes-Maybach GLS का डिजाइन भारतीय बाजार में अभी बेची जा रही Mercedes-Maybach GLS को भारत में आखिरी बार 2024 में अपडेट किया गया था और इसमें उस समय किए गए डिज़ाइन बदलाव जारी हैं. इनमें क्रोम स्लैट्स वाली एक बदली हुई ग्रिल, अपडेटेड फ्रंट और रियर बंपर, रीडिज़ाइन किए गए LED हेडलैंप और टेल-लैंप, और अलग-अलग एग्जॉस्ट आउटलेट शामिल हैं. इस SUV में 22-इंच के अलॉय व्हील वैसे ही हैं, जबकि दो नए 23-इंच व्हील डिज़ाइन ऑप्शनल एक्स्ट्रा के तौर पर दिए जा रहे हैं. Mercedes-Maybach GLS का इंजन Maybach GLS 600 में 4.0-लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन इस्तेमाल किया जाता है. यह इंजन 550 bhp की पावर उत्पन्न करता है, जिसे एक इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर सपोर्ट करता है, जो 22 bhp की एक्स्ट्रा पावर और 250 Nm का टॉर्क देता है. यह इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और ऑल-व्हील ड्राइव के साथ आता है. Mercedes-Benz का दावा है कि यह कार 0-100 kmph की स्पीड 4.9 सेकंड में पकड़ लेती है, और इसकी टॉप स्पीड इलेक्ट्रॉनिक रूप से 250 kmph तक लिमिटेड रखी गई है. Mercedes-Maybach GLS के फीचर्स इस लग्ज़री SUV में स्टैंडर्ड के तौर पर एयरमैटिक एयर सस्पेंशन दिया गया है, जबकि डेडिकेटेड Maybach मोड वाला E-एक्टिव बॉडी कंट्रोल सिस्टम ऑप्शनल फीचर के तौर पर उपलब्ध है. अन्य फीचर्स में लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, 360-डिग्री कैमरे, एक्टिव पार्किंग असिस्ट और गार्ड 360 व्हीकल प्रोटेक्शन पैकेज शामिल हैं. लॉन्च के अलावा, Mercedes-Benz India ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 19,007 यूनिट्स की डिलीवरी की रिपोर्ट दी. हालांकि वॉल्यूम पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम था. कंपनी ने बताया कि उसने अब तक का सबसे ज़्यादा सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है. एंट्री, कोर और टॉप-एंड मॉडल्स ने कुल बिक्री में क्रमशः 13 प्रतिशत, 62 प्रतिशत और 25 प्रतिशत का योगदान दिया.

गोल्ड रेट आज (15 जनवरी): 22-24 कैरेट के ताजा दाम अपने शहरों में

इंदौर  मकर संक्रांति के दिन सोने व चांदी की कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिला है। गुरुवार सुबह सोने की कीमतों में ₹820 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) की गिरावट आई है। वहीं चांदी के भाव में भी ₹5,000 प्रति किग्रा की तेजी देखी गई है। बुधवार शाम को 24 कैरेट का भाव ₹1,44,150 और चांदी का भाव ₹2,90,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था। अगर आप 15 जनवरी 2026 को सोना या चांदी खरीदने के लिए बाजार जाने की सोच रहे हैं तो पहले 18, 22 और 24 कैरेट का ताजा भाव देख लें। भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) में आज 22 कैरेट सोने के दाम ₹1,31,400, 24 कैरेट का भाव ₹1,43,330 और 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,07,540 चल रहे हैं। चांदी ₹2,95,000 (प्रति किग्रा) दर्ज हुई। प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव     10 ग्राम: ₹2,950     100 ग्राम: ₹29,500     ₹2,95,000 (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।     ₹3,10,000 (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते कीमतों में बढ़त बनी है।) 18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,07,540     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,07,440     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,07,390     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,10,900 22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     ​मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,31,400     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,31,300     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,31,250     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,32,900 24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,43,330     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,43,230     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,43,180     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,44,980 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर) सोने-चांदी के भाव में बदलाव के मुख्य कारण     अंतरराष्ट्रीय बाजार     डॉलर में उतार-चढ़ाव     वैश्विक मांग और भू-राजनीतिक तनाव     केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें     शेयर बाजार का प्रदर्शन     भारतीय बाजार और स्थानीय कारक     भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर     घरेलू दामों पर USD-INR, आयात शुल्क     जीएसटी/टीसीएस, लोकल मेकिंग चार्ज     देश की महंगाई दर     त्योहार और शादियों का सीजन सोना खरीदने जा रहे हैं? इन बातों का रखें ख्याल     भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। हालांकि शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं।     IBJA के रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं।     ​सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें।     हॉलमार्क के निशान में ​BIS लोगो (भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक प्रतीक), ​कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर (एक यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड) और सेंटर मार्क ( लैब टेस्टिंग निशान) होता है। कैरेट के हिसाब से कैसे पहचाने शुद्धता?     ​24 कैरेट (99.9% शुद्ध) पर 999 लिखा होता है। यह सबसे शुद्ध है, लेकिन इससे गहने नहीं बनते क्योंकि यह बहुत मुलायम होता है।     ​22 कैरेट (91.6% शुद्ध) पर 916 लिखा होता है। गहने बनाने के लिए यह सबसे लोकप्रिय है। इसमें 8.4% तांबा या चांदी या अन्य धातु मिलाई जाती है, ताकि गहने मजबूत रहें।     ​18 कैरेट (75.0% शुद्ध) पर 750 लिखा होता है। अक्सर हीरे या कीमती पत्थरों वाले गहनों में इसका उपयोग होता है।     ​ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट का ही सोना बेचते हैं। खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप जितने कैरेट का पैसा दे रहे हैं, गहने पर वही अंक (जैसे 916 या 750) दर्ज हो।  

SUV लॉन्च के बाद मची खलबली! पहले दिन 94,000 बुकिंग्स, ग्राहक गिर-गिर पड़ रहे हैं

नई दिल्ली महिंद्रा (Mahindra) ने इन दोनों SUVs की बुकिंग मंगलवार को शुरू की थी। दोपहर 2 बजे तक ही कुल 93,689 बुकिंग्स दर्ज हो चुकी थीं। इतनी बड़ी संख्या में ऑर्डर मिलना इस बात का साफ संकेत है कि ग्राहक महिंद्रा (Mahindra) की नई पेशकशों को लेकर बेहद उत्साहित हैं। नई महिंद्रा (Mahindra) SUVs अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर लाई गई हैं। XEV 9S एक ऑल-इलेक्ट्रिक SUV है, जो EV खरीदारों को टारगेट करती है। XUV 7XO को पेट्रोल और डीज़ल इंजन ऑप्शंस के साथ पेश किया गया है। इस तरह महिंद्रा (Mahindra) अब इलेक्ट्रिक, पेट्रोल और डीजल तीनों पावरट्रेन में मजबूत विकल्प दे रही है। कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि XEV 9S और XUV 7XO के जरिए वह ऑथेंटिक SUV सेगमेंट में अपनी लीडरशिप और मजबूत कर रही है। महिंद्रा का मानना है कि बदलती ग्राहक पसंद और अलग-अलग उपयोग जरूरतों के हिसाब से ये दोनों मॉडल बिल्कुल फिट बैठते हैं। महिंद्रा XUV 7XO की डिलीवरी मंगलवार से ही फेज वाइज शुरू कर दी गई है। XEV 9S की डिलीवरी 26 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले हफ्ते में की जाएगी। लगातार मजबूत हो रही महिंद्रा की पकड़ 2025 में महिंद्रा ने करीब 6 लाख गाड़ियां बेचीं, जो सालाना आधार पर लगभग 20% की ग्रोथ है। इसी दम पर कंपनी हाल ही में भारत की दूसरी सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता बन गई है, जहां उसने हुंडई और टाटा (Tata Motors) को पीछे छोड़ दिया।