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सेंसेक्स 1263 अंक उछला, 78,111 पर बंद, निफ्टी ने 24,200 का आंकड़ा पार किया

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत से भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया। बुधवार (15 अप्रैल) को सेंसेक्स-निफ्टी दिनभर हरे निशान पर थे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1263.67 (1.64%) अंक की बढ़त के साथ 78,111.24 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 388.65 (1.63%) अंक की तेजी के साथ 24,231.30 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में तेजी के कारण… ट्रंप का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल में गिरावट ब्रेंट क्रूड नरम पड़ा, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी।   India VIX में बड़ी गिरावट वोलैटिलिटी इंडेक्स 17% से ज्यादा गिरा यानी बाजार में डर कम हुआ और जोखिम लेने की भूख बढ़ी।   शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,983.18 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,432.30 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। सेंसेक्स सोमवार को 0.91 प्रतिशत जबकि निफ्टी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था। बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को शेयर बाजार बंद थे। 

7-सीटर इलेक्ट्रिक कार, 500KM रेंज के साथ आज लॉन्च होगी, Innova से होगी बड़ी

 नई दिल्ली Vinfast VF MPV 7: इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार गर्म है, कंपनियां एक के बाद एक नए मॉडलों को पेश करने में लगी हैं. इसी बीच वियतनाम की वाहन निर्माता कंपनी VinFast भी अपनी नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक कार VF MPV 7 को लॉन्च करने के लिए तैयार है. कंपनी इस कार को आज यानी 15 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए लॉन्च करेगी. हालांकि ग्लोबल मार्केट में ये कार पहले से ही मौजूद है लेकिन कंपनी का दावा है कि, इसमें इंडियन कस्टमर्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है. तो आइये जानें कैसी है ये नई इलेक्ट्रिक कार।  VinFast ने भारत में इस MPV की प्री-बुकिंग 2 अप्रैल से शुरू कर दी थी. जिसे ग्राहक कंपनी के ऑफिशियल वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप के जरिए 21,000 रुपये का टोकन अमाउंट जमा कर बुक कर सकते हैं. यह कंपनी का भारतीय बाजार में तीसरी कार है. इससे पहले VF6 और VF7 को यहां के बाजार में पेश किया गया था. लॉन्च के समय इसे सिर्फ 7-सीटर लेआउट में पेश किया जाएगा. साथ ही कंपनी इस मॉडल का एक फ्लीट वर्जन भी लाने की तैयारी में है, जिसे इस साल के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है।  कैसी है नई VF MPV 7 डिजाइन की बात करें तो इस कार में LED हेडलैम्प, कनेक्टेड टेललैम्प और 19-इंच के अलॉय व्हील्स दिए जा रहे हैं. कंपनी के सिग्नेचर लाइटिंग एलिमेंट्स इसे अलग पहचान देंगे. इसकी लंबाई 4,740 मिमी और व्हीलबेस 2,840 मिमी है, जो इसे एक बड़ा और स्पेशियस MPV बनाता है. चौड़ाई 1,872 मिमी और ऊंचाई 1,734 मिमी रखी गई है. साइज में ये कार टोयोटा इनोवा से भी लंबी है. इसे 6 कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा।  इंटीरियर में दो थीम ऑप्शन ब्लैक और ब्राउन मिलेंगे. फीचर्स की बात करें तो इसमें 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, Type-A और Type-C चार्जिंग पोर्ट दिए जा सकते हैं. ड्राइवर सीट हाइट एडजस्टेबल होगी और स्टीयरिंग में टिल्ट और टेलिस्कोपिक एडजस्टमेंट मिल सकता है. इसके अलावा लेदरेट अपहोल्स्ट्री, एम्बिएंट लाइटिंग और कीलेस एंट्री जैसे फीचर्स भी देखने को मिलेंगे. इसके केबिन में एक गौर करने वाली बात ये भी है कि, इसमें आपको स्टीयरिंग व्हील के नीचे ड्राइवर डिस्प्ले (इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर) नहीं दिखेगा।  बैटरी और परफॉर्मेंस  VinFast VF MPV 7 में फ्रंट-व्हील ड्राइव इलेक्ट्रिक मोटर दी जाएगी, जो 201 bhp की पावर और 280 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. यह कार 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार 10 सेकंड से कम समय में पकड़ सकती है. इसमें 60 kWh का बैटरी पैक दिया जाएगा, जो एक बार चार्ज करने पर 500 किमी से ज्यादा की रेंज दे सकता है. साथ ही इसमें फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा।  हालांकि लॉन्च से पहले इसकी कीमत के बारे में कुछ भी कहना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन जानकारों का मानना है कि, कंपनी इस 7-सीटर इलेक्ट्रिक कार को करीब 22 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के आसपास लॉन्च कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह MPV अपने सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनकर उभर सकती है. भारतीय बाजार में इसका मुकाबला किआ कारेंस ईवी और बीवाईडी ईमैक्स 7 जैसी इलेक्ट्रिक कारों से होगा। 

सेंसेक्स में 1300 अंकों की बढ़त, निफ्टी 24250 के पार – शेयर बाजार की तेजी के पीछे हैं ये वजहें

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार मंगलवार की छुट्टी के बाद आज 15 अप्रैल को जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सेंसेक्स 1300 अंक चढ़कर 78206 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी 407 अंक उछलकर 24250 पर ट्रेड कर रहा है. आज सभी सेक्टोरल इंडक्स में तेजी देखी जा रही है. निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक, आई़़टी में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है।  निफ्टी टॉप गेनर्स में आज इंडिगो, हिंडाल्को, श्रीराम फाइनेंस शामिल हैं. इनके शेयर्स 4-3 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं, निफ्टी टॉप लूजर्स में डॉ रेड्डी, ONGC और कोल इंडिया शामिल हैं. डॉ रेड्डी के शेयर्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. आज शेयर बाजार में किन-किन वजहों से तेजी आई है, ये बताते हैं।  यूएस और ईरान के बीच बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, जो पिछले हफ्ते रुक गई थी. इससे बाजार में यह संकेत मिला है कि तनाव कम हो सकता है।  क्रूड की कीमतों में गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है क्योंकि पाकिस्तान और ईरान के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इससे ब्रेंट क्रूड के दाम नीचे आए हैं और बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि ईरान से जुड़ा तनाव कम होगा, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता घटेगी और बाजार को राहत मिलेगी।  रुपया में मजबूती आज 21 पैसे मजबूती के साथ भारतीय रुपया खुला है. भारतीय रुपया 93.38 प्रति डॉलर के मुकाबले 93.17 प्रति डॉलर पर खुला है. इससे भी शेयर बाजार को मजबूती मिली है।  ग्लोबल मार्केट में तेजी अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली. यूएस मार्केट की बात करें तो Dow Jones 0.66 फीसदी के साथ 48535 पर बंज हुआ. Nasdaq में 1.96 फीसदी की बढ़त और S&P में 1.18 फीसदी की तेजी देखने को मिली।  एशियाई बाजारों की बात करें तो Hang Seng इंडेक्स में 1.26 फीसदी की तेजी, निक्कई में 0.46%, Taiwan इंडेक्स में 2 फीसदी, कोप्सी में 2.86 फीसदी और स्ट्रेट टाइम्स में 0,45 फीसदी की बढ़त देखी जा रही है। 

शेयर बाजार में बड़ा ऐलान: 1 शेयर पर 1 शेयर फ्री, लिस्टिंग के बाद पहली बार मिलेगा बोनस

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), ने अपने करोड़ों निवेशकों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. शेयर बाजार में कदम रखने के करीब चार साल बाद, LIC ने अपने शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐतिहासिक फैसला किया है. इसका सीधा मतलब है कि रिकॉर्ड डेट पर जिस निवेशक के पास LIC का एक शेयर होगा, उसे कंपनी की ओर से एक शेयर बिल्कुल मुफ्त (फ्री) दिया जाएगा।  बोर्ड की बैठक में लगी मुहर LIC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की महत्वपूर्ण बैठक में इस बोनस इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. कंपनी ने देर रात शेयर बाजार (एक्सचेंज फाइलिंग) को सूचित किया कि यह कदम निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने और बाजार में शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए उठाया गया है. हालांकि, बोनस शेयर पाने की 'रिकॉर्ड डेट' की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि 12 जून 2026 तक बोनस शेयर पात्र शेयरधारकों के डीमैट खातों में क्रेडिट कर दिए जाएंगे।  मजबूत वित्तीय सेहत का प्रमाण LIC का यह फैसला उसकी शानदार कारोबारी सेहत को दर्शाता है. दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास 1.46 लाख करोड़ रुपये का विशाल 'रिजर्व एंड सरप्लस' मौजूद है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 17.4% बढ़कर 12,930.44 करोड़ रुपये रहा. वहीं, नेट प्रीमियम इनकम भी 17.4% उछलकर 1.25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई, जो कंपनी की बाजार में बढ़ती पकड़ का सबूत है।  शेयरों की चाल: अर्श से फर्श और फिर वापसी LIC की शेयर बाजार की यात्रा किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रही है. 17 मई 2022 को ₹949 के भाव पर लिस्ट होने के बाद, शेयर ने निवेशकों को काफी समय तक निराश किया और 29 मार्च 2023 को ₹530.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया।  हालांकि, इसके बाद शानदार रिकवरी देखी गई और 1 अगस्त 2024 को शेयर ₹1221.50 के ऑल-टाइम हाई पर जा पहुंचा. यानी निचले स्तर से इसमें 130% से ज्यादा का उछाल आया. वर्तमान में, वैश्विक तनाव (ईरान-अमेरिका स्थिति) के बावजूद शेयर ₹800 के स्तर के आसपास मजबूती से टिका हुआ है।  मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोनस शेयर के बाद LIC के शेयरों की कीमत कम होगी, जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसमें एंट्री लेना आसान हो जाएगा. यह कदम लंबी अवधि के निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएशन का एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। 

Tata Motors ने लॉन्च किया Prima E.55S इलेक्ट्रिक ट्रक, डिलीवरी हुई शुरू

मुंबई   Tata Motors की कमर्शियल व्हीकल विंग ने BillionE Mobility को अपने Tata Prima E.55S इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर की डिलीवरी शुरू कर दी है. इसके साथ ही कंपनी ने 250 अतिरिक्त यूनिट्स के लिए एक नया ऑर्डर भी हासिल किया है. यह विकास भारत में इलेक्ट्रिक हेवी-ड्यूटी कमर्शियल व्हीकल्स के लिए एक कदम आगे है, जो खासकर लंबी दूरी के माल परिचालन में अहम है।  कंपनी ने ट्रकों के शुरुआती बैच को गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली NCR और हरियाणा सहित प्रमुख लॉजिस्टिक कॉरिडोर में डिलीवर करने की योजना बनाई है. इन वाहनों का इस्तेमाल स्टील और सीमेंट जैसे औद्योगिक सामानों के परिवहन के लिए किया जाएगा, जो मुख्य माल ढुलाई सेगमेंट में इलेक्ट्रिकफिकेशन की ओर एक बदलाव का प्रतीक है।  डिलीवरी के साथ-साथ, BillionE Mobility ने अगले 6 से 18 महीनों में अपने इलेक्ट्रिक ट्रक फ्लीट को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की योजना की रूपरेखा भी तैयार कर ली है, जिसमें 1,500 हेवी-ड्यूटी वाहनों की कुल तैनाती का लक्ष्य रखा गया है. इसके अतिरिक्त 250-यूनिट ऑर्डर इस व्यापक विस्तार का हिस्सा है।  नए Tata Prima E.55S का बैटरी पैक और रेंज Tata Prima E.55S इलेक्ट्रिक ट्रक कंपनी के i-MoEV इलेक्ट्रिक वाहन आर्किटेक्चर पर आधारित है और इसमें एक इंटीग्रेटेड ई-एक्सल सेटअप मिलता है. इस ट्रक में 450 kWh का बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है, जिसके बारे में कंपनी का कहना है कि यह अपने सेगमेंट में सबसे बड़ा बैटरी पैक है, जो एक बार चार्ज करने पर 350 किमी तक की रेंज प्रदान करता है।  ट्रक में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग भी मिलती है, और डुअल-गन फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है. ट्रक मिलने वाले हार्डवेयर की बात करें तो इसमें इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर 3-स्पीड ऑटो-शिफ्ट ट्रांसमिशन, सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम जैसे फीचर्स मिलते हैं।  नए Tata Prima E.55S के फीचर्स इसके अलावा, इस ट्रक में वैकल्पिक ADAS कार्यक्षमता के साथ ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, लेन डिपार्चर वार्निंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, क्रूज़ कंट्रोल और एक इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. यह मॉडल अपटाइम, परिचालन दक्षता और स्वामित्व की कुल लागत पर ध्यान देने के साथ लंबी दूरी की लॉजिस्टिक्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।  Tata Motors सेवा बुनियादी ढांचे और फ्लीट मैनेजमेंट समाधान सहित अपने व्यापक ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से इन तैनाती का समर्थन कर रहा है. Tata Prima E.55S का रोलआउट और BillionE Mobility का अतिरिक्त ऑर्डर भारी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में हरित समाधानों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है, खासकर जब बेड़े संचालक अंतर-शहर संचालन के लिए पारंपरिक डीजल-संचालित ट्रकों के विकल्प तलाश रहे हैं। 

सेंसेक्स में भारी गिरावट, 702 अंक लुड़क कर 76,847 पर बंद, निफ्टी 23,842 पर

मुंबई  हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। शुरुआत करीब 2% की बड़ी गिरावट के साथ हुई लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आने से बाजार ने कुछ रिकवरी जरूर दिखाई। इसके बावजूद आखिरी घंटों तक दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 702.68 अंक (0.91%) गिरकर 76,847.57 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 207.95 अंक (0.86%) टूटकर 23,842.65 के स्तर पर आ गया। सबसे ज्यादा दबाव ऑटो और बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला। Maruti Suzuki और Eicher Motors करीब 4% तक टूटे। वहीं Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, State Bank of India और HDFC Bank में 1% से 2% से ज्यादा की गिरावट रही। फाइनेंशियल शेयरों जैसे Shriram Finance, Jio Financial Services और Bajaj Finance में भी कमजोरी दर्ज की गई। स्पाइसजेट में लगातार चौथे दिन लगा अपर सर्किट SpiceJet का शेयर सोमवार को लगातार चौथे सेशन में अपर सर्किट पर पहुंच गया। लगातार चल रहे फाइनेंशियल दबाव और हाल की कानूनी मुश्किलों के बावजूद शेयरों में यह तेजी जारी रही। दोपहर के कारोबार में शेयर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट पर 12.88 रुपये पर लॉक हो गया, जिससे चार दिनों में इसका कुल फायदा लगभग 21.4 प्रतिशत हो गया। लंबे समय तक कमज़ोरी के दौर से गुज़रने के बाद अब SpiceJet के शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है, और लगातार बनी हुई खरीदारी की दिलचस्पी के चलते शेयर लगातार अपर सर्किट पर पहुंच रहे हैं। कच्चे तेल में उछाल से बजाज इलेक्ट्रिकल्स समेत अन्य घरेलू उपकरण कंपनियों के शेयरों में तेजी कच्चे तेल के $100 के स्तर पर लौटने से बजाज इलेक्ट्रिकल्स और अन्य घरेलू उपकरण कंपनियों के शेयरों में 2.5% तक की बढ़त हुई। इन शेयरों में यह उछाल ऐसे समय में आया है, जब भू-राजनीतिक तनाव के बीच तेल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। कुकिंग गैस (LPG) की कीमतें कच्चे तेल से सीधे तौर पर जुड़ी होती हैं। जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो LPG सिलेंडर भी महंगे हो जाते हैं। जैसे-जैसे कुकिंग गैस महंगी होती जाती है, उपभोक्ता बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक केतली जैसे सस्ते या ज़्यादा स्थिर विकल्पों की तलाश करने लगते हैं। BSE मिडकैप में Thermax और Voltas सबसे अधिक चढ़ने वाले शेयरों में शामिल BSE MidCap Today: आज Thermax में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई, जबकि Vedant Fashions और Ajanta Pharma 4–5 प्रतिशत ऊपर चढ़े। Sun TV Network और Voltas में भी तेजी देखी गई। बाजार ने निचले स्तरों से कुछ संभलने की कोशिश की। इसकी तीन प्रमुख वजहें रहीं…. पहला, गिरावट के बाद निवेशकों ने वैल्यू बाइंग की, जिससे निफ्टी फिर से 23,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। दूसरा, विदेशी और घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया। FIIs और DIIs दोनों की ओर से खरीदारी देखने को मिली, वहीं म्यूचुअल फंड और SIP निवेश भी मजबूत बना रहा। तीसरा, तकनीकी रूप से 23,500–23,700 का सपोर्ट जोन मजबूत बना हुआ है, जिससे बड़ी गिरावट फिलहाल टलती दिख रही है।

Silver Price Drop: चांदी ₹6000 सस्ती, सोने में ₹1100 की कमी आई

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में सप्ताह के पहले दिन ही खुलने के साथ बड़ी गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी का वायदा भाव बीते शुक्रवार के बंद के मुकाबले फिसलकर 2.37 लाख रुपये पर आ गया और इस हिसाब से एक झटके में चांदी 6000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver Price अपने हाई लेवल से 2.02 लाख रुपये प्रति किलो कम हो गया है. सोना भी फिसला है और ये सोमवार को 1100 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है।  चांदी की कीमत खुलते ही धड़ाम  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में आई गिरावट के बारे में तो बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को MCX Silver Price 2,43,274 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था. वहीं सप्ताह के पहले दिन 5 मई की एक्सपायरी वाली इस चांदी का प्राइस खुलने के साथ ही टूटकर 2,37,190 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से चांदी 6,084 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।  अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये करीब आधी कीमत (Silver Price Half) पर मिल रही है. बता दें कि जनवरी 2026 में ही सिल्वर प्राइस ने इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये का स्तर पार किया था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो के हाई पर पहुंची थी. यहां से लगातार क्रैश होते हुए चांदी (Silver Price Crash From High) अब इस स्तर तक आ चुकी है और ये इस लेवल से 2,02,147 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती मिल रही है।  Gold का दाम हाई से अब इतना कम  चांदी की तरह सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. बीच-बीच में कीमतों में आई तेजी के बावजूद ये लाइफ टाइम हाई से काफी सस्ता बना हुआ है. बीते शुक्रवार को MCX पर 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,52,652 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को ये भी खुलने के साथ ही गिरकर 1,51,457 रुपये पर आ गया यानी ये कीमती पीली धातु 1,195 रुपये सस्ती हो गई।  बात हाई लेवल से गिरावट की करें, तो MCX Gold High 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जिसे इसने इस साल जनवरी महीने में ही छुआ था और चांदी की तरह इसकी कीमत भी हाई लेवल पर पहुंचने के बाद भरभराकर टूटी है. फिलहाल के ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 51,527 रुपये सस्ता है।  US-Iran युद्ध, फिर भी गिरावट जब भी ग्लोबल टेंशन बढ़ती है, तो लोग सेफ हेवेन माने जाने वाले सोना-चांदी में निवेश को तरजीह देते हैं और इसके चलते कीमती धातुओं के दाम बढ़ने लगते हैं. लेकिन, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध से Global Tension हाई पर है और फिर भी सोना-चांदी टूट रहे हैं।  इसके पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी होर्मुज टेंशन के बीच Crude Oil Price डरा रहे हैं, बीते दिनों सीजफायर के ऐलान के बाद धड़ाम हुए कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आने लगा है और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. ग्लोबल महंगाई का खतरा बढ़ा है और लोग अपने हाथ में कैश रखना चाहते हैं।  इसके अलावा, ग्‍लोबल निवेशक सुरक्षित मुद्रा 'डॉलर' की ओर रुख कर रहे हैं, जो युद्ध के दौरान लगातार मजबूत हुई है. मजबूत होते डॉलर और महंगाई के डर की वजह से ही जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी को रोक रहे हैं। 

US-ईरान टेंशन का असर, शेयर बाजार धड़ाम—सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

मुंबई  अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में आए जोरदार उछाल (Crude Oil Price Surge) ने एक बार फिर से शेयर बाजारों का मूड खराब कर दिया है. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह की तेजी पर ब्रेक लग गया है और सोमवार को ओपनिंग के साथ ही ये क्रैश (Stock Market Crash) हो गया।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 490 अंक के आसपास फिसल गया. इस बीच IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints से लेकर HDFC Bank तक के शेयर धराशायी नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,550 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 75,937 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ सेकंड में ये गिरते हुए 75,868 पर आ गया. इस बीच एनएसई का निफ्टी-50 भी भरभराकर टूटा और अपने पिछले बंद 24,050 की तुलना में 23,589 पर खुला।  शेयर बाजार में आए इस भूचाल के बीच हर ओर कोहराम मचा हुआ नजर आया. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल सभी 30 शेयर रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो IndiGo Share (4%), Maruti Share (3%), Bajaj Finance Share (2.90%), SBI Share (2.80%), Reliance Share (2.70%) और HDFC Bank Share (2.60%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  विदेशों से मिले थे खराब संकेत  शेयर बाजार में गिरावट के लिए पहले से ही विदेशों से खराब सिग्नल मिल रहे थे. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच फिर चरम पर पहुंची टेंशन के चलते एशियाई शेयर मार्केट में हाहाकार मचा था. शुरुआती कारोबार में ही Japan Nikkei 600 अंक, Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।  वहीं South Korea KOSPI समेत अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 280 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था।  क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?  सोमवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे US-Iran के बीच फिर से बढ़ी युद्ध की टेंशन है. पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फेल हुए, तो क्रूड की कीमतों ने छलांग लगा दी. इस बीच अमेरिका-ईरान दोनों ओर से लगातार चेतावनियों का सिलसिला भी जारी है, जिनसे शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है और बाजार क्रैश हुआ है। 

HDFC बैंक और ICICI बैंक बने सबसे बड़े गेनर, रिलायंस और इंफोसिस को नुकसान

नई दिल्ल भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई जबरदस्त तेजी के बीच देश की सबसे मूल्यवान टॉप-10 कंपनियों में से 8 के मार्केट कैप में कुल 4,13,003.23 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। इस दौरान HDFC बैंक और ICICI बैंक सबसे बड़े मुनाफे वाले शेयर बनकर उभरे। वहीं रिलायंस और इंफोसिस कंपनियां नुकसान में रहीं। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक (5.77%) और निफ्टी 1,337.5 अंक (5.88%) की भारी बढ़त के साथ बंद हुए थे। एक्सपर्ट के मुताबिक बाजार में तेजी इन दो प्रमुख कारणों से आई:     अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को सकारात्मक बनाया।     अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से घरेलू चिंताओं में कमी आई और बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। किन कंपनियों को हुआ फायदा?     HDFC बैंक: सबसे ज्यादा 91,282.67 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। अब इसका कुल मार्केट कैप 12,47,478.57 करोड़ रुपये हो गया है।     ICICI बैंक: इसकी वैल्युएशन 76,036.36 करोड़ रुपये बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।     Bajaj Finance: मार्केट कैप 60,980.35 करोड़ रुपये बढ़ा। अब यह कुल 5,75,206.47 करोड़ रुपये हो गया है।     Larsen & Toubro (L&T): बाजार पूंजीकरण में 47,624.97 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 5,44,736.59 करोड़ रुपये हो गया।     Bharti Airtel: कंपनी की वैल्युएशन में 45,873.43 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। अब यह बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपये हो गया है।     State Bank of India (SBI): इसका मार्केट कैप 43,614.67 करोड़ रुपये बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपये हो गया।     TCS: मार्केट कैप 26,303.49 करोड़ रुपये बढ़ा। इसी के साथ यह 9,13,331.92 करोड़ रुपये हो गया है।     Hindustan Unilever (HUL): इसकी वैल्युएशन 21,287.29 करोड़ रुपये बढ़कर 5,06,477.89 करोड़ रुपये हो गई है। इन्हें हुआ नुकसान बाजार की इस रैली के बावजूद दो दिग्गज कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गई:     Infosys: इसका मार्केट कैप 3,285.03 करोड़ रुपये घटकर 5,24,124.40 करोड़ रुपये रह गया।     Reliance Industries : देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के मार्केट कैप में 947.28 करोड़ रुपये की मामूली गिरावट आई और यह 18,27,086.79 करोड़ रुपये रह गया। सबसे मूल्यवान कंपनी कौन? पिछले हफ्ते नुकसान के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।

MCX पर महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर, निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तेजी दर्ज की गई, लेकिन इसके बाद भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं काफी सस्ती मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर एक किलो चांदी हाई से अब भी 1.96 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती है, तो वहीं सोना भी 50,000 रुपये से कम कीमत पर मिल रहा है. अगर आप सोना-चांदी खरीदने का या इनमें निवेश का प्लान बना रहे हैं, तो फिर हफ्तेभर में इनकी कीमतों में आए बदलाव पर नजर जरूर डाल लें. चांदी चमकी, फिर भी हाई से सस्ती सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में आए बदलाव के बारे में तो, MCX Silver Price बीते 2 अप्रैल को 2,32,495 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जबकि पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार ये 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी 2,43,300 रुपये पर क्लोज हुई. यानी हफ्तेभर में 1 Kg Silver 10,805 रुपये महंगी हो गई.   न सिर्फ एमसीएक्स पर, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत चढ़ी है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो हफ्तेभर में चांदी 2,27,813 रुपये से चढ़कर 2,39,934 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई और इस हिसाब से ये 12,121 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है. भले ही बीते सप्ताह चांदी का भाव तेज रफ्तार के साथ उछला हो, लेकिन इस तेजी के बावजूद भी ये कीमती धातु अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 4,39,337 रुपये प्रति किलो की तुलना में अभी भी 1,96,037 रुपये सस्ती मिल रही है. 24 कैरेट सोने का अब ये रेट बात सोने की कीमतों में आए चेंज की करें, तो हफ्तेभर में इसकी कीमत भी उछली है. बीते 2 अप्रैल को 5 जून की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव 1,49,680 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को 1,52,690 रुपये पर पहुंच गया और इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold  3,010 रुपये महंगा हुआ. घरेलू मार्केट में इसकी कीमत 1,46,608 रुपये से उछलकर 1,50,330 रुपये प्रति 10 ग्राम का हो गया. चांदी की तरह से ही सोने के भाव में इस ताजा उछाल के बाद भी ये कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. MCX Gold Rate देखें, तो इसका लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और लेटेस्ट रेट 1,52,690 रुपये तुलना करें, तो Gold Rate फिलहाल यहां से 50,294 रुपये प्रति 10 ग्राम कम है. घरेलू मार्केट में अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट पर नजर डालें, तो. गोल्ड क्वालिटी     गोल्ड रेट (GST+Making Charge के बिना) 24 Karat Gold     1,50,330 रुपये/10 ग्राम 22 Karat Gold     1,46,720 रुपये/10 ग्राम 20 Karat Gold     1,33,790 रुपये/10 ग्राम 18 Karat Gold     1,21,770 रुपये/10 ग्राम 14 Karat Gold     96,960 रुपये/10 ग्राम ज्वेलरी खरदीने से पहले जानें ये बात अगर आप  Gold-Silver Jewellery खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो फिर हफ्ते भर के रेट चेंज के साथ ही इस बात को जान लेना जरूरी है, कि आईबीजेए के द्वारा अपडेट किए गए रेट्स देशभर में एक समान होते हैं, लेकिन जब आप ज्वेलरी खरीदते हैं, तो इन पर लागू GST के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जो विभिन्न राज्यों शहरों में अलग-अलग हो सकता है और इनके जुड़ने से कीमत बढ़ जाती है.