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न रैली, न चुनाव… फिर भी रीवा में लगे राहुल गांधी के पोस्टर, लिखा- कांग्रेस को बचाओ

रीवा  कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों के बाद रीवा में लगे उनके पोस्टरों ने खलबली मचा दी है. शहर के प्रमुख मार्गों में लगे पोस्टर पर राहुल गांधी की तस्वीर है, जिसमें लिखा गया है. "राहुल गांधी जी रीवा रायशुमारी चोरी हो गई, रीवा कांग्रेस बचाओ.'' इस तरह के पोस्टर से अब कांग्रेस खुद ही घिरती हुई दिखाई दे रहीं है. पोस्टर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित मुख्य मार्ग लगाए गए हैं. ये पोस्टर किसने लगाए यह अभी सस्पेंस बना हुआ है लेकिन कयास लागाए जा रहें है कि रीवा मे एक बार फिर कांग्रेस के अंदर गुटबाजी का बम फूटा है. जिससे सियासी हलचल भी तेज हो गई है. रीवा कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं? पोस्टरों में मोटे अक्षरों में लिखा गया है, 'कांग्रेस बचाओ, रायशुमारी चोरी हो गई है' यह वाक्य सीधे तौर पर पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है. चौराहे से गुजरने वाले लोग इन पोस्टरों को देखकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं कि रीवा कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है. पार्टी में भीतरघात और गुटबादजी? सियासी विश्लेषक मान रहे हैं कि इस घटना के पीछे पार्टी मे अंदरूनी तौर पर असंतोष की भूमिका है. कहा जा रहा है कि जिला अध्यक्ष की नियुक्ति में पारदर्शिता नहीं बरती गई और रायशुमारी को दरकिनार कर कुछ खास नेताओं की पसंद को तरजीह दी गई है. इस असंतोष का परिणाम ही सिरमौर चौराहे पर लगे पोस्टर के रूप में सामने आया. दिलचस्प यह है कि पोस्टर लगाने वाले की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन पार्टी के अंदरखाने में चर्चा है कि यह कदम नाराज कार्यकर्ताओं या किसी असंतुष्ट गुट की ओर से उठाया गया है. नए जिला अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद खींचतान कांग्रेस पार्टी की रीवा इकाई में लंबे समय से गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं. नए जिला अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद यह खींचतान और तेज हो गई है. संगठन में कई पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत करने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. यही कारण है कि नियुक्ति के तुरंत बाद पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस ने इस बार भी इंजि. राजेंद्र शर्मा को रीवा कांग्रेस का जिला अध्यक्ष चुना था जबकि इसके पूर्व मे भी राजेंद्र शर्मा ही जिला ही जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त थे. भाजपा को मिल सकता है फायदा कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और खुले तौर पर उभरी नाराजगी का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है. भाजपा पहले से ही संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत है और कांग्रेस की इस आंतरिक कलह से उसे आगामी चुनावों में बढ़त मिल सकती हैं. रीवा की राजनीति में भाजपा का दबदबा कायम रहा है, ऐसे में कांग्रेस के भीतर का यह असंतोष उसकी स्थिति को और कमजोर कर सकता है. पोस्टर वॉर के जरिए नेतृत्व पर सवाल पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के इस्तेमाल किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि पोस्टर के जरिए है पार्टी हाईकमान को सीधा संदेश देने की कोशिश की गई है. यह भी बताने का प्रयास किया गया है की जिला स्तर पर संगठन सही ढंग से नहीं चल रहा है “रायशुमारी चोरी हो गई है” जैसी पंक्ति यह संकेत देती है कि पार्टी नेतृत्व तक नाराजगी की गूंज पहुंचाने का प्रयास किया गया है. कुछ लोग करते है गैर अनुपातिक मांग: कांग्रेस जिला अध्यक्ष रीवा में राहुल गांधी के पोस्टर को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा, ''जब पद एक होता है तो उसके कई दावेदार होते हैं और उसमें सभी की यह महत्त्वकांक्षा होती है कि वो पद उसे मिले. कांग्रेस में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गैर अनुपातिक मांगें करते हैं वे अपना कद और साख नहीं देखते. इसके बाद भी उन्हें लगता है कि पद उन्हें मिले. रीवा में रायशुमारी हुई, जिसमें 25 हजार लोग शामिल हुए. रायशुमारी के बाद जो नाम सामने आए उसके आधार पर ही जिला अध्यक्षो की नियुक्तियां की गई.'' पोस्टर लगाने वाले साबित कर रहे कि वे उस पद लायक नहीं: राजेंद्र शर्मा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने आगे कहा, '' जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर शीर्ष नेताओं की भी राय ली गई थी. यहां तक की मध्यप्रदेश की अगर बात करें तो 8 से 10 ऐसे जिला अध्यक्ष बनाएं गए जिन्हें राहुल गांधी ने खुद फोन कर उनकी नियुक्ति कर दी. CEC के मेंबर ओमकार सिंह मरकाम को डिंडोरी का जिला अध्यक्ष बनाया गया, मध्य प्रदेश के मंत्री रहे जयवर्धन सिंह को भी जिला अध्यक्ष बनाएं जाने पर सहमति बनी और वह बनेंगे. कांग्रेस पार्टी अपने तरीके से काम करती है. हर व्यक्ति को नेतृत्व से आस्था होनी चाहिए. पोस्टर लगाने वाले यह साबित कर रहे हैं कि वह उस पद के लायक नहीं हैं.'' राहुल गांधी को नहीं पता अपनी ही पार्टी की परंपरा: बीजेपी जिला अध्यक्ष अब इस मामले पर बीजेपी कहा चुप बैठने वाली थी. राहुल गांधी के रीवा में लगे पोस्टर्स पर बीजेपी के रीवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, " इत्तेफाक है कि एक तरफ राहुल गांधी वोट अधिकार यात्रा तो निकाल रहे हैं लेकिन उन्हें अपनी ही पार्टी की परंपरा का ज्ञान नहीं. सरदार पटेल पंडित जवाहर लाल नेहरू के बीच वोटिंग हुई थी तब सरदार पटेल को 12 वोट मिले थे जबकि जवाहर लाल नेहरू को 2 वोट प्राप्त हुए थे लेकिन इसके बावजूद भी पंडित जवाहर लाल नेहरू विजयी घोषित हुए थे. और यही कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही.''    

उमंग सिंघार का विवादित बयान, बोले – गर्व से कहता हूं आदिवासी हूं, हिंदू नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा में बड़ा बयान दिया। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद की बैठक और सम्मान समारोह में सिंघार ने कहा- 'मैं गर्व से कहता हूं कि हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं। यह बात मैं कई साल से कहता आ रहा हूं'। कांग्रेस नेता सिंघार ने आदिवासी समाज की पहचान पर जोर देते हुए पौराणिक कथा का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जिन शबरी ने भगवान राम को जूठे बेर खिलाए थे, वह भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से इस धरती पर वास कर रहे हैं, वही आदिवासी है। आदिवासी समाज को अपनी अलग पहचान स्थापित करने की आवश्यकता है, किसी भी सरकार को उनके मान-सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। सिंघार के इस बयान का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे आदिवासी अस्मिता को मजबूती देने वाला बयान बता रहे हैं तो वहीं कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान पर कांग्रेस के आदिवासी कार्यकर्ता रामू टेकाम ने कहा कि उमंगजी ने हमारी भावनाओं को आवाज दी है। हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व है। हालांकि, कुछ लोगों ने कहा कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं।  पौराणिक कथा का हवाला दिया सिंघार ने आदिवासी समाज की पहचान को रेखांकित करते हुए पौराणिक कथा का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि शबरी, जिन्होंने भगवान राम को जूठा बेर खिलाया था, वह भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से इस धरती पर वास कर रहे हैं, वही आदिवासी हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि आदिवासी समाज को अपनी पहचान स्थापित करने की जरूरत है और किसी भी सरकार को उनके मान-सम्मान की रक्षा करनी होगी। सियासी गलियारों में हलचल इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। आदिवासी पहचान और हिंदू धर्म के बीच अंतर को उजागर करने वाले इस बयान से मध्य प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान आदिवासी वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर।हालांकि, इस बयान पर विपक्षी दलों की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बहस का केंद्र बन सकता है। स्थानीय आदिवासी नेताओं ने सिंघार के बयान का स्वागत किया है, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। क्या कहते हैं स्थानीय लोग? छिंदवाड़ा के एक आदिवासी कार्यकर्ता ने कहा कि उमंग जी ने हमारी भावनाओं को आवाज दी है। हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व है। वहीं, कुछ अन्य लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे आदिवासी अस्मिता की मजबूती के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। आगे क्या? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमंग सिंघार का यह बयान मध्य प्रदेश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। छिंदवाड़ा, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ रहा है, में इस बयान के दीर्घकालिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।   शुरू हो सकता है सियासी घमासान उमंग सिंघार के इस बयान पर सियासी घमासन शुरू होने के आसार है। प्रदेश की सत्ता में बैठी भाजपा आदिवासियों के हिंदू होने की बात कहती है। कुछ आदिवासी भी खुद को हिंदू मानते हैं। ऐसे में सिंघार के इस बयान का विरोध भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान आदिवासी वोट बैंक को कांग्रेस के पाले में लाने की एक कोशिश का हिस्सा भी हो सकता हैं।  भाजपा हो सकती है हमलावर  हालांकि, सिंघार के बयान पर अब तक भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, माना जा रहा है कि जल्द ही भाजपा इस बयान पर कांग्रेस का घेराव कर सकती है।  

डबल वोटर ID विवाद: BJP का कांग्रेस पर बड़ा हमला, पवन खेड़ा और राहुल गांधी घिरे

नई दिल्ली  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र होने का आरोप लगाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि पवन खेड़ा की पत्नी के पास भी दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर हमले तेज करते हुए राहुल गांधी को भी घेरा है। भाजपा ने कहा है कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के नेताओं के आपराधिक कारनामों से खुद को अलग नहीं कर सकते। भाजपा के नए आरोपों पर कांग्रेस, पवन खेड़ा या उनकी पत्नी कोटा नीलिमा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें कि नीलिमा तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की सक्रिय नेता हैं। इससे पहले मंगलवार को भाजपा के आरोपों के बाद दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने खेड़ा को नोटिस जारी कर दिया है। पवन खेड़ा को मतदाता सूची में 2 बार नाम दर्ज कराने को लेकर छह दिन के अंदर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "तेलंगाना के खैरताबाद (60) विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार और पवन खेड़ा की पत्नी, एक दूसरी कांग्रेस नेता कोटा नीलिमा के पास भी दो सक्रिय EPIC (मतदाता फोटो पहचान पत्र) हैं, एक खैरताबाद (तेलंगाना का विधानसभा क्षेत्र) में पंजीकृत है और दूसरा नई दिल्ली में।" मालवीय ने आगे कहा, "अब यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई EPIC नंबर हैं और वे एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत मतदाता हैं। यह कोई संयोग नहीं है।"  

तेजस्वी के गढ़ पर नजर! PK बोले- नीतीश लड़ते तो मैं भी वही चुनता

पटना जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने साफ-साफ तो नहीं कहा है लेकिन संकेत दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में वो राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव की राघोपुर सीट से या फिर रोहतास (सासाराम) में अपने जन्मस्थान की करगहर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने एक साथ दो सीट से लड़ने की भी बात कह दी है। प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार तो चुनाव लड़ते ही नहीं है, नहीं तो अगर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष लड़ते तो वो भी वहीं से लड़ते। पीके के नाम से प्रसिद्ध प्रशांत ने कार्यक्रम में सवाल-जवाब के दौरान यह बात कही है। प्रशांत किशोर से पटना में बुधवार को आयोजित कार्यक्र में चुनाव लड़ने और लड़ाने पर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि वो पहले भी कह चुके हैं और फिर दोहरा रहे हैं कि अगर नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो वो निश्चित तौर पर चुनाव लड़ेंगे। जन सुराज पार्टी के सारे फैसलों की पटकथा लिखने वाले प्रशांत किशोर ने हालांकि कहा कि वो पार्टी से ऊपर नहीं हैं और पार्टी ही तय करेगी कि उन्हें चुनाव लड़ना है या नहीं और अगर लड़ना है तो कहां से। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार लड़ेंगे तो वो पार्टी से लड़कर भी मैदान में उतर जाएंगे। नीतीश कुमार को पिछले दरवाजे का नेता बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने 20 साल से चुनाव लड़ना बंद कर दिया है। प्रशांत ने कहा कि वो दूसरों से कहते रहे हैं कि आदमी को दो जगह से चुनाव लड़ना चाहिए। या तो आप अपनी जन्मभूमि से लड़िए या फिर कर्मभूमि से। इस बयान का एक मतलब यह निकाला जा रहा है कि प्रशांत किशोर वैशाली जिले की राघोपुर और रोहतास जिले की करगहर दोनों सीट से एक साथ चुनाव लड़ सकते हैं।  

सिंधिया का बयान: भारत माता के अपमान जैसी कोई बात स्वीकार्य नहीं

इंदौर  बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के लिए कथित तौर पर अपशब्द इस्तेमाल किए जाने की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर इशारों में निशाना साधा. कहा कि यह दल चरित्रहीन हो चुका है. सिंधिया ने बिहार के इस विवादास्पद घटनाक्रम के बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर कांग्रेस का नाम लिए बगैर इंदौर में मीडिया से कहा, ''राजनीति हो या जीवन, इसमें कुछ स्तर होता है. जब स्थिति स्तरहीन हो जाती है और सभी सीमाओं का उल्लंघन होता है, तब उस संगठन या उस व्यक्ति या उस दल की क्या स्थिति हो जाती है, यह देश की जनता ने उसे (कांग्रेस) दिखा दिया है.'' मीडिया से चर्चा करते हुए सिंधिया ने कांग्रेस को इशारों में चरित्रहीन पार्टी बताया और कहा कि ऐसी चरित्रहीन पार्टी के बारे में ज्यादा बात करना भी उचित नहीं है. वहीं,  महिलाओं के शराब पीने वाले जीतू पटवारी के हालिया बयानों पर भी केंद्रीय मंत्री ने तीखा हमला बोला.  सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खुद को 'विश्वगुरु' के तौर पर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन आज भी भारत के अंदर कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो देश के अस्तित्व को मिटाना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि भारत अपने हजारों साल के इतिहास में हमेशा ऐसी शक्तियों को परास्त करके एक नक्षत्र के रूप में उभरा है और आगे भी इसी तरह एक नक्षत्र के रूप में उभरता रहेगा. सिंधिया ने इस बातचीत से पहले, BJP के इंदौर कार्यालय में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की हालिया चीन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने समूचे विश्व समुदाय को भारत की शक्ति, क्षमता और आत्मनिर्भरता से परिचित करा दिया है.

भाजपा के आरोप के बाद पवन खेड़ा पर कार्रवाई, EC के नोटिस पर कांग्रेस नेता का पलटवार

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र होने का आरोप लगाया, जिसके बाद दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने खेड़ा को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। उन्हें यह नोटिस एक से ज्यादा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अपना पंजीकरण कराने के लिए जारी किया गया है और उनसे छह दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। यह मामला तब चर्चा में आया जब भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस प्रवक्ता पर निशाना साधा और उनके पास दो वोटर आईडी होने व उनका नाम दो लोकसभा क्षेत्रों में होने का आरोप लगाया। उधर इस मामले में खेड़ा की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है और उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए आयोग की प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर लिखा, 'राहुल गांधी ने जोर-जोर से वोट चोरी चिल्लाया। लेकिन जैसे वो यह बताना भूल गए थे कि उनकी मां सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया था, वैसे ही अब ये बात सामने आई है कि गांधी परिवार से अपनी नजदीकी दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ने वाले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय EPIC नंबर हैं (जंगपुरा और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में, जो क्रमशः पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं)।' इसके आगे अपनी पोस्ट में अमित मालवीय ने चुनाव आयोग से इस बारे में जांच करने का अनुरोध करते हुए लिखा, 'अब चुनाव आयोग को यह जांच करनी है कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय EPIC नंबर कैसे हैं और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।' आगे उन्होंने लिखा, 'खेड़ा यह मानकर चल रहे हैं कि एक से ज्यादा वोट रखना अपराध नहीं है और बिहार में मतदाताओं को गुमराह करने, मतभेद पैदा करने और भारत की मज़बूत चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए दुर्भावनापूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।' आगे मालवीय ने तंज कसते हुए लिखा, 'रिकॉर्ड के लिए बता रहा हूं, राहुल गांधी ने अभी तक बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के बारे में लगाए गए फर्जी आरोपों की जांच की मांग के लिए शपथ पत्र पर औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है। यह तो बताने की जरूरत नहीं कि सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र में गड़बड़ी के आरोपों वाले मामले को पहले ही खारिज कर चुका है।' भाजपा नेता ने आगे लिखा, 'सच तो साफ है: कांग्रेस पूरी तरह से वोट चोर है। इसलिए वे सबको एक ही ब्रश से कलंकित करना चाहते हैं। बहुत लंबे समय से, उन्होंने हमारी चुनावी व्यवस्था को विकृत किया है, अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैध बनाकर जनादेश चुराया है, और अब उन्हें चिंता है कि चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा (SIR) उन्हें और बेनकाब कर देगी। अब समय आ गया है कि भारत को यह एहसास हो कि राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं।' पवन खेड़ा ने आरोप को लेकर आयोग को ही घेरा उधर अपने ऊपर लगे आरोपों पर कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी भी तो यही बातें कर रही है, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हम यही सवाल तो उठा रहे हैं। यह सूची तमाम भाजपा नेताओं के साथ-साथ चुनाव आयोग के पास भी उपलब्ध है। कांग्रेस बार-बार सूची मांगती है, लेकिन उसे कभी नहीं मिलती। हमें बीजेपी से पता चलता है कि हमारे नाम कहां-कहां हैं। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि मेरे नाम पर नई दिल्ली विधानसभा में किससे वोट करवा रहे हैं। मुझे सीसीटीवी फुटेज चाहिए वहां की, कि अबतक मेरा नाम वहां पर क्यों है। मैंने साल 2016 में उस इलाके को छोड़ दिया था, तब मैंने नाम कटवाने की जो भी प्रक्रिया थी, उसका पालन करते हुए आवेदन किया था, लेकिन मेरा नाम अभी भी वहां पर क्यों है? भारत के हर निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे सैकड़ों-हजारों नाम हैं। इनका दुरुपयोग भी हो रहा है।' खेड़ा ने कहा कि सूची ठीक करना चुनाव आयोग का काम है और कई बार सूची ठीक करने की प्रक्रिया चलाई गई है इसके बावजूद उनका नाम नहीं हटाया जा रहा है तो इसमें उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि यही आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगा रहे हैं कि मतदाता सूची में आयोग गड़बड़ी करता है। आयोग को बताना चाहिए कि वह जिस क्षेत्र में नौ साल से नहीं हैं उनके नाम पर वहां किससे मतदान कराया जा रहा है। आयोग के साथ मिलकर भाजपा इसी तरह के फर्जी मतदान करवा रही है और यही आरोप गांधी भी लगा रहे हैं।  

बाप ही बने सियासी दुश्मन: KCR ने बेटी कविता पर गिराई गाज, पार्टी से किया सस्पेंड

निज़ामाबाद तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा सियासी ड्रामा सामने आया है. पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने अपनी बेटी और एमएलसी के. कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया है. यह फैसला तब आया है जब कविता ने कुछ दिन पहले खुलेआम पार्टी नेताओं पर आरोप लगाए और खुद के खिलाफ साजिश रचने की बात कही. भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने पार्टी की एमएलसी के. कविता के हालिया बयानों और कथित एंटी-पार्टी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने यह कड़ा कदम उठाया. कविता, जो निज़ामाबाद स्थानीय निकाय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से मतभेद रखती रही हैं. अमेरिका यात्रा से लौटने के बाद सोमवार को उन्होंने हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री हरिश राव और सांसद संतोष, पूर्व मुख्यमंत्री KCR की छवि खराब करने के जिम्मेदार हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी उन्हें समर्थन दे रहे हैं और उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं. कविता ने यह भी कहा कि अगर KCR पर केस दर्ज होता है तो पार्टी के अस्तित्व का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. उन्होंने कलेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर CBI जांच पर भी चिंता जताई. यह पहला मौका नहीं है जब कविता ने पार्टी नेतृत्व की खुलकर आलोचना की हो. पिछली अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि KCR उनके लिए 'भगवान' जैसे हैं, लेकिन उनके आसपास 'राक्षस' हैं. इस बार उन्होंने सीधे तौर पर हरिश राव और संतोष को निशाने पर लिया है. इसके अलावा, कविता ने बीआरएस की पिछड़ी वर्ग (BC) आरक्षण नीति पर असहमति जताई और कहा कि उनके खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं. पार्टी नेतृत्व ने उनके इन बयानों और लगातार बढ़ते मतभेदों को देखते हुए उन्हें निलंबित करने का फैसला लिया.

मुंबई पर मराठाओं का दावा खारिज, जजों पर बरसे संजय राउत

मुंबई  मराठा आंदोलन को लेकर आए बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को शिवसेना (UBT) ने चुनौती दी है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र को मुंबई हाईकोर्ट ने नहीं दी है। उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन के कारण पूरा शहर ठहर गया है और यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं है तथा इसमें सभी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। राउत ने कहा, 'मुंबई खाली नहीं हो सकती। मुंबई जो है वो महाराष्ट्र और मराठी लोगों को हाईकोर्ट ने नहीं दी है। यह मुंबई 106 जो शहीद हो गए मराठी हमारे और हजारों लोग आंदोलन में आए थे लाखों लोग, इसके बाद यह मुंबई महाराष्ट्र को और मराठी मानुस को मिली है। तो महाराष्ट्र की सरकार तय कर सकती है। हाईकोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर आप गोली मारोगे, तो महाराष्ट्र में बड़ा संघर्ष हो जाएगा। जिस हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता बैठे हैं, उस न्यायालय से हम क्या अपेक्षा कर सकते हैं।' पैदल कोर्ट पहुंचे जज मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों के कारण न केवल आम लोगों को, बल्कि उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई की सड़कों पर कब्जा कर लिया है और एक न्यायाधीश की कार को रोक दिया, जिसके कारण न्यायाधीश को उच्च न्यायालय भवन तक पहुंचने के लिए थोड़ी दूरी पैदल तय करनी पड़ी। न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम की पीठ ने कहा कि मुंबई शहर 'सचमुच पंगु हो गया है और उच्च न्यायालय वस्तुतः घेरेबंदी में है।' पीठ ने कहा कि हर सड़क विशेषकर आजाद मैदान, सीएसटी, मंत्रालय, फ्लोरा फाउंटेन, मरीन ड्राइव, पी'डेमेलो रोड का पूरा क्षेत्र प्रदर्शनकारियों से भरा पड़ा है जो सड़कों पर नाच रहे हैं, कबड्डी खेल रहे हैं, खाना बना रहे हैं, मुख्य सड़कों पर स्नान कर रहे हैं। क्या बोला हाईकोर्ट सोमवार को उच्च न्यायालय ने मुंबई में सामान्य स्थिति बहाल करने का आग्रह किया और जरांगे तथा उनके समर्थकों को हालात सुधारने तथा मंगलवार दोपहर तक सभी सड़कें खाली करने का अवसर दिया। जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वह मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की मांग कर रहे हैं। उनके समर्थकों ने दावा किया कि जरांगे ने सोमवार से पानी पीना बंद कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने विशेष सुनवाई में कहा कि प्रदर्शनकारी आंदोलन के लिए निर्धारित स्थान आजाद मैदान पर नहीं रुके हैं और उन्होंने दक्षिण मुंबई के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अवरुद्ध कर दिया है। अदालत ने कहा, 'स्थिति गंभीर है और मुंबई शहर लगभग ठहर सा गया है।' अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और चर्चगेट रेलवे स्टेशन, मरीन ड्राइव और उच्च न्यायालय भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जमा हो गए हैं। अदालत ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण नहीं है और जरांगे तथा अन्य प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देते समय प्राधिकारों द्वारा निर्धारित प्रत्येक शर्त का उल्लंघन किया है। पीठ ने कहा, 'हम जरांगे और उनके समर्थकों को हालात को तुरंत सुधारने और यह सुनिश्चित करने का अवसर दे रहे हैं कि मंगलवार दोपहर तक सड़कें खाली हो जाएं।' पीठ ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार के लिए निर्धारित करते हुए कहा कि अगर तब तक जरांगे की तबीयत बिगड़ती है, तो सरकार उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान करेगी।  

दो-दो वोटर कार्ड मामले में अमित मालवीय ने शेयर किया सबूत

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला गर्माया हुआ है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए लगातार ही हमलावर है. उधर बीजेपी ने अब उल्टे कांग्रेस पार्टी पर ही गंभीर आरोप लगा दिए हैं. बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में एक्टिव वोटर आईडी कार्ड (EPIC नंबर) मौजूद हैं. अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वोटर लिस्ट शेयर करते हुए चुनाव आयोग से इसकी जांच की मांग की है. मालवीय के मुताबिक, पवन खेड़ा का नाम एक ओर जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में दर्ज है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भी एक्टिव है. दोनों कार्ड पर पिता का नाम एचएल खेड़ा दर्ज है, जिससे यह साफ हो जाता है कि कांग्रेस प्रवक्ता के पास दो वोटर आईडी हैं. अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि यह न केवल चुनावी कानून का उल्लंघन है, बल्कि इसमें दोहरी वोटिंग की आशंका भी पैदा होती है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले की तुरंत जांच करनी चाहिए. मालवीय का राहुल गांधी पर निशाना बीजेपी नेता ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बार-बार ‘वोट चोरी’ का शोर मचाते हैं, लेकिन खुद कांग्रेस नेताओं का इतिहास मतदाता सूची में गड़बड़ियों से भरा पड़ा है. मालवीय ने एक बार फिर अपना पुराना आरोप दोहराया कि सोनिया गांधी का नाम भी वोटर लिस्ट में उनके भारतीय नागरिक बनने से पहले ही दर्ज हो गया था. मालवीय ने आगे कहा कि कांग्रेस लगातार झूठ फैलाकर और भ्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत की चुनावी प्रक्रिया को बदनाम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैधता देकर चुनावी तंत्र को कमजोर किया और अब उन्हें डर है कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया उनकी पोल खोल देगी. ‘कांग्रेस ही असली वोट चोर’ मालवीय ने कहा कि पवन खेड़ा न केवल दो वोटर आईडी रखने के अपराध में शामिल हैं, बल्कि बिहार में भ्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोटरों को गुमराह कर रहे हैं, भ्रम फैला रहे हैं और भारत की मजबूत चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. स्पष्ट रूप से कहें तो राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा में अपने झूठे आरोपों की जांच के लिए अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं की है. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में गलत काम के आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है. मालवीय ने आगे कहा कि सच यह है कि कांग्रेस ही असली ‘वोट चोर’ है. वे सभी को अपने जैसा बदनाम करना चाहते हैं. लंबे समय तक उन्होंने अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैधता देकर हमारी चुनावी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया और जनादेश चुराया. अब उन्हें डर है कि चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया उनकी सच्चाई उजागर कर देगी. यह समय है कि भारत समझे कि राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं. खबर लिखे जाने तक मालवीय के इस आरोप पर कांग्रेस या पवन खेड़ा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.  

मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- भाजपा धीरे-धीरे लोकतंत्र को खत्म कर रही है

पटना  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा जब से सत्ता में आई है, किस्तों में लोकतंत्र को समाप्त करती जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह रोज चोरी के नए-नए तरीके अपनाती है। पटना में 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 15 दिन तक चली इस यात्रा ने पूरे देश को जगा दिया। इसमें भाजपा ने रुकावट डालने की कोशिशें की। हमारे कांग्रेस ऑफिस पर हमला हुआ। लेकिन, बिहार के लोगों ने यात्रा को पूरी तरह सफल बनाया। उन्होंने कहा कि देश में जब भी कमजोर तबकों के हुकूक पर खतरा पैदा होता है, राहुल गांधी उनकी आवाज बुलंद करते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ और ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ और अब ये यात्रा इसी कड़ी का हिस्सा है। यहां हमें साफ दिख रहा है कि बिहार की जनता इस ‘डबल इंजन की भ्रष्ट सरकार’ को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम करेगी। उन्होंने एसआईआर की चर्चा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष सही था, ये सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना। हम लोग चाहते थे कि संसद में बिहार की 'वोट चोरी' पर चर्चा हो। सारा विपक्ष आंदोलन करता रहा, लेकिन ये लोग चुनाव आयोग को बचाते रहे, मगर चर्चा नहीं होने दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद चलकर हम लोगों के पास आए थे। हालांकि, वे डरकर पलट गए। उनमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत नहीं थी। समाजवादी विचारधारा छोड़कर वे आरएसएस, भाजपा के पीछे चले गए। बिहार की जनता ने समझ लिया है कि ये ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’ हैं। बिहार ही नहीं, कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे देश में इनकी असलियत लोगों ने जान ली है। लोगों को अधिक समय के लिए बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी को 'चुनावी प्रधानमंत्री' बताते हुए कहा कि वे हमेशा चुनाव मोड में रहते हैं। बोगस वोटरों से लेकर झूठे प्रचार, झूठी घोषणाएं, झूठी योजनाएं और जुमलेबाजी करते हैं। उन्होंने जोर देकर लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वोट का यह अधिकार गरीबों, एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं का बुनियादी हक है। संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आगे आना होगा।