samacharsecretary.com

आस्था और टेक्नोलॉजी का संगम: अयोध्या में बनेगा दुनिया का पहला रामायण वैक्स म्यूजियम

लखनऊ राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद, अयोध्या एक और खास चीज तैयार हो गई है। ये शहर में आस्था, कला और पर्यटन का संगम है। ये होगा दुनिया का पहला रामायण-थीम वाला वैक्स म्यूजियम। म्यूजियम अब बनकर तैयार हो चुका है। सीएम योगी कल अपने अयोध्या दौरे पर इसका उद्घाटन करेंगे। यह म्यूज़ियम आने वालों को सीधे त्रेता युग या रामायण काल में ले जाने का वादा करता है। इसे आस्था के केंद्र और पर्यटकों के लिए एक बड़े आकर्षण के तौर पर देखा जा रहा है। यह पौराणिक कथाओं, टेक्नोलॉजी और कलाकारी का मेल दिखाते हुए एक अनोखा अनुभव देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुंचकर नगर निगम की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं रामायण वैक्स म्यूजियम और अयोध्या धाम के नए जोनल कार्यालय का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वैक्स म्यूजियम परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित भी करेंगे। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रामायण वैक्स म्यूजियम अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा। म्यूजियम में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान जी, ऋषि वशिष्ठ, रावण, मेघनाथ और जटायु सहित रामायण के 25 से अधिक प्रमुख पात्रों की जीवंत मोम प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उद्घाटन के बाद इसे आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। टिकट दरों और समय-सारिणी की घोषणा भी लोकार्पण के बाद की जाएगी। मुख्यमंत्री इसी दौरान मोहबरा बाजार क्षेत्र में 10.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए जोनल कार्यालय का भी उद्घाटन करेंगे। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यालय के शुरू होने से अयोध्या धाम क्षेत्र के नागरिकों को नगर निगम से संबंधित विभिन्न सेवाएं और सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार सुबह महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान राम कथा पार्क के निकट स्थित हेलीपैड स्थल पर घास की सफाई तथा खुले केबलों को भूमिगत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अधिकारियों ने ऋषिदेव जैन मंदिर और मनीरामदास की छावनी का निरीक्षण कर सफाई और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। महापौर ने दोनों स्थलों को विशेष रूप से सजाने-संवारने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कार्यक्रम स्थलों पर पेयजल, स्वच्छता, चूना और ब्लीचिंग का छिड़काव, एंटी-लार्वा दवा के प्रयोग, फॉगिंग तथा धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अपने इस दौरे के दौरान अयोध्या की कई अन्य विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, मुख्य महाप्रबंधक जलकल सौरभ श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राममणि शुक्ल, अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह तथा सहायक अभियंता राजपति यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पाकिस्तानी गैंग्स्टरों और ISI से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज, यूपी में पोस्टर लगाने की थी साजिश

लखनऊ  आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ करेगी। एटीएस ने इसके लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अभी तक की पूछताछ की जानकारी ली है। एटीएस को मिली जानकारी के अनुसार आरोपित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी, आबिद जट व अजमल गुर्जर के पोस्टर लगाने की तैयारी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पिछले दिनों गाजियाबाद निवासी अनस, मोहित, आरिफ, साबिर, दीपक, जतन व मेरठ निवासी मोहम्मद रेहान को आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित पाकिस्तानी गैंग्सटरों के इशारे पर पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए काम कर रहे थे। इन्हें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में आतंकी वारदातों को अंजाम देने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए आरोपितों ने कई संवेदनशील इमारतों की रेकी भी की थी। पाक गैंग्सटरों ने इन्हें पुलिसकर्मियों, नेताओं को मारने, राजनीतिक दलों के कार्यालयों व महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को निशाना बनाने को कहा था। सूत्रों के अनुसार एटीएस की टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों ने अपने कितने साथियों को आतंकी गिरोह के साथ जोड़ा था। साथ ही इन्हें पिस्तौल व कारतूस किसने उपलब्ध कराए थे। साथ ही मेरठ में लगाए गए पाकिस्तानी गैंग्सटरों के पोस्टर कहां से छपवाए गए थे। इसके लिए आरोपितों को कितनी राशि उपलब्ध कराई गई थी। आरोपितों के मोबाइल से कई फोटो व वीडियो भी मिले हैं। इन्हें दिल्ली पुलिस ने एटीएस को भेजा है। इनमें एक वीडियो तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (टीटीएच) से भी संबंधित है। टीटीएच द्वारा इंटरनेट मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें स्लीपर सेल के लिए तैयार किया जा रहा है।

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले उन्नाव से अब दिल्ली तक होगा आसान और तेज सफर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 570 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सौगातों की बारिश के बाद योगी विपक्ष पर खूब बरसे। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ परिवार तक सीमित थीं। कांग्रेस के लिए नेहरू और सपा के लिए सैफई परिवार ही सबकुछ था। आवाज उठाने वालों की आवाज बंद कर दी जाती थी। रामायण में खर-दूषण की तरह कांग्रेस और सपा में माफिया राज था। दोनों दल देश की दुर्गति के लिए जिम्मेदार हैं। दंगा-कर्फ्यूग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं, इनके दोहरे चरित्र पर हंसी आती है। सीएम योगी ने कहा कि पिछली बार वादा किया था कि विकास की हर योजना उन्नाव तक पहुंचेगी। आज उन्नाव का व्यक्ति लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली जा सकता है। डिफेंस कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के पास उद्योग लगेंगे। यहां के नौजवानों को यहीं रोजगार मिलेगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा सीएम ने ऐलान किया कि 700 एकड़ लैंड डिफेंस कॉरिडोर के लिए और 200 एकड़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ली जा रही है। उन्नाव स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल क्या जायेगा। अब जो विकास लखनऊ में होगा, वही उन्नाव में भी होगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। रायबरेली, सीतापुर भी इससे जुड़ेंगे। विकास की योजना आज को नहीं, आगामी 100 वर्ष को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों का नाम 100 वर्ष तक लोग याद रखेंगे। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी संकट से निपटा गया। संकट के लिए जिम्मेदार अमेरिका आज त्रस्त है, हमारा देश सुरक्षित है। आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगानेवालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। गरीब, महिला, किसान और नौजवानों के लिए युद्धस्तर पर योजनाएं चल रही हैं। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। अब किसी को जरूरत के लिए हाथ फैलाने की जरूरत नहीं। अधिकारी खुद लाभार्थी के घर जाकर जानकारी दे रहे हैं। पहले बिना सिफारिश और घूस कुछ नहीं मिलता था। लोग ट्वीट करते थे- देख सपाई बिटिया घबराई योगी ने कहा कि जो कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है, ये कार्य विपक्षी सरकारों को किसने रोका था? गलत लोग चुनकर जाते थे तो उनकी सोच संकुचित थी। सैफई को ही प्रदेश मान लेते थे। लेकिन आपने अच्छे लोग चुनकर भेजे हैं, इसलिए विकास हो रहा है। यूपी का युवा कभी दोनों दलों को स्वीकार नहीं करेगा, यही 2014 से कर रहा है।     काशी-वृंदावन की कृपा, त्योहारों में सुरक्षा का माहौल सीएम ने कहा कि जो भी प्रस्ताव उन्नाव के आए, सबको स्वीकार किया। यूपी पर काशी, वृंदावन, गंगा और प्रभु श्री राम की कृपा बरसती है। अब त्योहार में सुरक्षा का माहौल बनता है। उन्नाव को विकास की प्रक्रिया के लिए पैसे की कमी नहीं पड़ेगी। बिन रुके, बिन थके विकास होगा।

बिना जानकारी ईएमआई और लोन अवधि बढ़ाना पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला

 अलीगढ़  होम लोन की ईएमआई और ऋण अवधि में बिना जानकारी बढ़ोतरी करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अलीगढ़ ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है और कंपनी को अतिरिक्त जमा धनराशि ब्याज सहित लौटाने तथा ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने का निर्देश दिया है।संजय गांधी कालोनी निवासी दुर्गेश कुमार शर्मा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि वर्ष 2016 में आधार हाउसिंग फाइनेंस के अधिकारियों ने 10 से 11 प्रतिशत ब्याज दर और प्रधानमंत्री आवास योजना की सब्सिडी का लाभ मिलने की जानकारी देकर होम लोन दिलाया था। कंपनी ने कुल 7.75 लाख रुपये का ऋण वितरित किया, लेकिन बाद में उनकी जानकारी के बिना बीमा शुल्क जोड़ा गया और ऋण की शर्तों में बदलाव किए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2022 में बिना सूचना ईएमआई 9,950 रुपये से बढ़ाकर 12,387 रुपये कर दी गई तथा ऋण अवधि 20 वर्ष से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि आठ वर्षों में 10 लाख रुपये से अधिक जमा करने के बावजूद कंपनी उनके खाते में बड़ी बकाया राशि दर्शा रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से आरोपों का प्रभावी खंडन नहीं किया गया। आयोग ने पाया कि ऋण अवधि और ईएमआई में की गई बढ़ोतरी एकतरफा थी तथा शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है। आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने 15 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में कंपनी को ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने, अतिरिक्त जमा राशि ब्याज सहित लौटाने, शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया गया कि 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन किया जाए, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फार्म-टू-कंज्यूमर मॉडल से सीधे घर पहुंचेगा जैविक भोजन, किसानों को मिलेगा नया बाजार

लखनऊ प्रदेश में ‘जहर मुक्त भोजन’ का मेगा कैंपेन शुरू करने की तैयारी चल रही है। गोसेवा आयोग ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें लोगों की थाली तक सीधे खेतों से निकली सब्जियां आदि और अन्य उत्पाद पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए इस गोशालाओं को खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार पहले चरण में चयनित गोशालाओं के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे। गोसेवा आयोग ने इसके लिए ‘फार्म टू कंज्यूमर’ (खेत से सीधे उपभोक्ता तक) माडल बनाया है। गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष ने क्या बताया? गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं के सहयोग से तैयार होने वाली 100 प्रतिशत जैविक सब्जियां, फल और अनाज इसके माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचेंगे। इनके अलावा औषधीय उत्पाद, पंचगव्य घी, और शुद्ध दूध भी इस चेन का हिस्सा होंगे। इससे केमिकल-फ्री उत्पाद तैयार करने वाले स्थानीय किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, गोशालाएं ही उनका बाजार बनेंगी।  

यूपी बोर्ड की सख्त कार्रवाई, 465 स्कूलों पर गिरी गाज; मान्यता रद्द होने के बाद मचा हड़कंप

लखनऊ  माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (UP Board) ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षण संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है. यूपी बोर्ड ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है. परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है- इन स्कूलों में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से न तो कोई कक्षाएं संचालित हो रही थी और न ही कोई छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुआ था, जिसके कारण इन स्व वित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गई है। मान्यता समाप्ति के नियम और प्रावधान यूपी बोर्ड की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अधीन निर्मित परिषद विनियमों के अध्याय-सात (परिषद द्वारा संस्थाओं को मान्यता) के विनियम-11 (ढ़) में विहित प्रावधान हाईस्कूल नवीन (वनटाइम) अथवा इण्टरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो वर्ष तक कोई छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं होते अथवा कक्षाएं संचालित नहीं करते है तो विद्यालय प्रदत्त मान्यता स्वतः समझी जाएगी।  क्या कहते हैं बोर्ड के नियम यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल सक्रिय रूप से काम करने वाले संस्थानों को ही मान्यता मिलती रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम पहले से मान्यता प्राप्त संस्थानों से जुड़ी इंटरमीडिएट की वन-टाइम कक्षाओं, अतिरिक्त कक्षाओं या वैकल्पिक विषयों के लिए दी गई मान्यता पर लागू नहीं होता है। प्रभावित स्कूलों की सूची बोर्ड द्वारा सार्वजनिक जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए जारी कर दी गई है। बोर्ड के अनुसार विनियम 11(d) के अनुसार, किसी नए मान्यता प्राप्त हाई स्कूल (वन-टाइम) या इंटरमीडिएट स्तर के संस्थान को दी गई मान्यता अपने आप समाप्त हो जाती है यदि स्कूल का कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल नहीं होता है या यदि लगातार दो वर्षों तक शैक्षणिक कक्षाएं नहीं चलाई जाती हैं। प्रभावित संस्थानों के वर्गीकरण से पता चलता है कि इनमें से 306 हाई स्कूल थे, जिनमें 53 बालिकाओं के स्कूल और 253 सह-शिक्षा संस्थान शामिल हैं। शेष 159 इंटरमीडिएट कॉलेज थे, जिनमें 41 बालिकाओं के संस्थान और 118 सह-शिक्षा स्कूल शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि मान्यता वापस लिए गए स्कूलों में सह-शिक्षा संस्थानों की संख्या सबसे अधिक थी। प्रयागराज में दो दर्जन स्कूलों की मान्यता खत्म बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इंटर वनटाइम, अतिरिक्त वर्ग या किसी मान्य वर्ग के वैकल्पिक विषयों की मान्यता पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा. वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि प्रयागराज में स्थित जहां माध्यमिक शिक्षा परिषद का मुख्यालय है वहां भी करीब दो दर्जन स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई है।  इन जिलों में बंद हो रहे हैं स्कूल यूपी बोर्ड द्वारा जारी की गई लंबी सूची में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों के स्कूल शामिल है. इस सूची के अनुसार, आगरा स्थित 'श्री हर प्रसाद इंटर कॉलेज, अछनेरा', 'मां भगवती इंटर कॉलेज' और 'डी प्रिंस गर्ल्स इंटर कॉलेज' की मान्यता खत्म की गई है. फिरोजाबाद के 'सेंट पीटर्स हाई स्कूल', 'राष्ट्रीय विद्यालय शिकोहाबाद', मैनपुरी के 'राम सेवक एचएसएस', 'लोक कल्याण इंटर कॉलेज' शामिल है।  इसके अलावा प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोंडा, गोरखपुर,  देवरिया, बलरामपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, एटा, मथुरा, इटावा, कन्नौज, अलीगढ़, हाथरस, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, बरेली, हरदोई, मुरादाबाद व लखनऊ के भी कई विद्यालय इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए है. ये वे स्कूल थे जो कागजों पर तो चल रहे थे, लेकिन धरातल पर इनमें शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ी हुई थी। 

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से 5 साल के दान-खर्च का पूरा हिसाब मांगा गया

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों यानी महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज (अध्यक्ष), श्री चंपत राय (महासचिव) और स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज (कोषाध्यक्ष) को लीगल नोटिस मिला है. 'तीन दिनों में दें सारा ब्योरा' इस नोटिस में ट्रस्ट से कहा गया है कि वे नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर, वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच मिले दान और किए गए खर्च का पूरा और साल-दर-साल ब्योरा दें. इसमें ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का विवरण, ऑडिटर की रिपोर्ट, ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई ज़मीन की जानकारी, बैंक खाते की जानकारी और FCRA के तहत मिले किसी भी विदेशी योगदान का ब्योरा शामिल होना चाहिए. ये नोटिस बिहार के बक्सर से RJD के मौजूदा सांसद सुधाकर सिंह ने उन्हें भेजा है. 'नोटिस पूरी तरह से जनहित में जारी' एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने कहा, 'यह नोटिस पूरी तरह से जनहित में जारी किया गया है, न कि किसी राजनीतिक, पक्षपाती या व्यक्तिगत मकसद से. ट्रस्ट भारत और विदेशों में लाखों भक्तों द्वारा दिए गए सार्वजनिक चंदे को एक ट्रस्टी (अमानतदार) के तौर पर संभालता है. जहां जनता का पैसा शामिल हो, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही कोई एहसान नहीं है. ये हर दानदाता और आम जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है.' इधर, सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, 'मेरी चिंता बस यह पक्का करने की है कि भक्तों द्वारा नेक नीयत से दिए गए फंड का हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से हो. ज़मीन की खरीद, ऑडिट की गई जानकारी न देने और खर्च में पारदर्शिता की कमी को लेकर लगातार खबरें और चिंताएं सामने आती रही हैं. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80G के तहत रजिस्टर्ड और जनता का पैसा संभालने वाले ट्रस्ट की यह जिम्मेदारी है कि वह जनता को साफ और वेरिफाई करने लायक हिसाब दें. मुझे उम्मीद है कि ट्रस्टी इसे टकराव का मामला मानने के बजाय ज़रूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देंगे.' क्या कुछ है नोटिस में   इस नोटिस में इंडियन ट्रस्ट्स एक्ट, 1882, इनकम टैक्स एक्ट, 1961, उत्तर प्रदेश पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 का ज़िक्र किया गया है. ये कानून पब्लिक धार्मिक ट्रस्ट के ट्रस्टियों पर सही अकाउंटिंग और जानकारी देने की जिम्मेदारी डालते हैं. इसमें मद्रास हाई कोर्ट के हालिया फैसले (आर. थिरुमुरुगन बनाम आर. थेन्नारासु और अन्य, 21 नवंबर 2025) का भी हवाला दिया गया है. इस फैसले में कहा गया था कि किसी पब्लिक धार्मिक संस्था को दिया गया दान ट्रस्टियों की निजी संपत्ति नहीं होता, बल्कि यह समुदाय के फ़ायदे के लिए होता है, और समुदाय को ऑडिट और पारदर्शिता की मांग करने का पूरा अधिकार है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर तय समय के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को उचित कानूनी मंचों के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा. यह बात फिर से दोहराई जाती है कि जानकारी देने की यह मांग पब्लिक चैरिटेबल फंड और ऑडिट किए गए स्टेटमेंट से जुड़ी है. कानून के तहत, ट्रस्ट के लिए इन्हें बनाए रखना और मांगे जाने पर इन्हें पेश करना अनिवार्य है.

हथकरघा उद्योग को बढ़ावा, उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर

 लखनऊ  बुनकरों को आधुनिक तकनीक वाली मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संदर्भ में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है। इसलिए विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी बुधवार को पिकप भवन में उन्होंने राज्य हथकरघा निगम, यूपिका, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने राज्य हथकरघा निगम एवं यूपिका के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में निर्मित हथकरघा एवं वस्त्र उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित किया जाए। उत्पादों की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्केटिंग को और सुदृढ़ बनाने, ई-कामर्स प्लेटफार्म से जुड़ाव बढ़ाने तथा नए बाजारों की तलाश करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, निगमों की वित्तीय स्थिति, उत्पादन एवं विपणन संबंधी उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश, 20-25 जून के बीच मानसून की दस्तक के आसार

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी और बार-बार आंधी के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है। उमस भरी गर्मी और धूल भरी आंधी तो कई इलाकों में चल रही है लेकिन फिर भी मॉनसून आने में अभी समय बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने में और कुछ दिन लगेंगे। कई इलाकों में तापमान 45 के पार होने को है। वहीं, अभी तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों को मानसून में रुकावट का डर मानसून तो लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बारिश कम हो रही है। बिहार तक पहुंचे मानसून के 20-25 जून के बीच यूपी में दाखिल होने की संभावना है। पहले स्पेल में अच्छी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन विशेषज्ञ मानसून पॉज से डर रहे हैं। यदि मानसून की गति लगातार नहीं बनी रहती है और बीच-बीच लंबा गैप आता है तो स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की अब तक प्रगति ठीक है, लेकिन सेटेलाइट थ्री डी एस से जो तस्वीरें मिली हैं उसके अध्ययन से मानसून के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम अपने सामान्य रास्ते पर नहीं है बल्कि नीचे दक्षिणी क्षेत्र की ओर है। जो बादल अब तक के मानसून से दिखने चाहिए थे वह नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम के नीचे खिसकने से पूर्वी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे जो बादलों के बनने की प्रक्रिया है वह उतनी गति वाली नहीं है जितनी अपेक्षित है। मौसम विशेषज्ञ अल नीनो का खतरा लंबे समय से बता रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बारिश प्रभावित होगी और मानसून पाज की स्थिति स्वतः बन जाएगी। सीएसए मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मानसून की रफ्तार बनी हुई है। उम्मीद है कि यूपी और कानपुर तक यह समय से पहुंचेगा। इसके बाद का लंबा समय मानसून का है जिसके दौरान स्थितियां स्पष्ट होंगी। मानसून के पहले फिर तपी संगमनगरी, प्रदेश में रही सबसे गर्म एक तरफ जहां लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधवार को प्रयागराज प्रदेश में फिर सबसे गर्म जिला रहा। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर बाहर निकले। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद बादल छाने लगे। लगभग चार बजे धूल भरी आंधी चली जबकि यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शाम को तपिश से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा। इससे पहले जिले का 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान 28 मई को रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि जून का यह सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है। मंगलवार की रात का न्यूनतम तापमान 29.5 सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रात के तापमान में वृद्धि होने से पंखा, कूलर भी बेअसर रहे। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून तक हीट वेव चलने के आसार हैं।

योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

बड़ी उपलब्धिः देश के प्रतिष्ठित 2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में उत्तर प्रदेश हुआ शामिल योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार सोलर विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में आई कमी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में घरेलू रूफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 2 गीगावाट (GW) स्थापित क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश के प्रतिष्ठित "2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में शामिल हो गया है, जहाँ अब तक केवल गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अग्रणी राज्यों की उपस्थिति थी।    यह उपलब्धि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर बढ़ती जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है। योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा को अपनाया है। इस दौरान यूपी नेडा रविंदर सिंह ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में यह उपलब्धि केवल एक सांख्यिकीय मील का पत्थर नहीं है, बल्कि प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है। घरेलू रूफटॉप सोलर के विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिल रही है।     प्रदेश की इस सफलता में यूपीनेडा के इम्पैनल्ड वेंडर्स, विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, बैंकिंग संस्थानों तथा लाखों उपभोक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न विभागों और संस्थाओं के समन्वित प्रयासों ने सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में योगदान दिया है।      प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में घरेलू सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए प्रदेश अब देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है। अधिकारियों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों को चुनौती देते हुए नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकता है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के हरित ऊर्जा भविष्य और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।