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58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों का होगा समग्र विकास

नवयुग पालिका योजना को योगी कैबिनेट की मंजूरी 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों का होगा समग्र विकास स्मार्ट सॉल्यूशन्स से डिजिटल गवर्नेन्स को मिलेगा बढ़ावा क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने की दिशा में बड़ा कदम लखनऊ  प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के विस्तार और संतुलित शहरी विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “नवयुग पालिका योजना” को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। राज्य सरकार ने पहली बार नगर निगमों से बाहर के नगरीय निकायों, विशेषकर जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई रूपरेखा तैयार की है। योजना के अंतर्गत 55 नगर पालिका परिषदों, 3 नगर पंचायतों तथा गौतमबुद्धनगर की दादरी नगर पालिका परिषद को शामिल किया गया है। 5 वर्षों में 2916 करोड़ रुपये का निवेश योजना के तहत प्रत्येक वर्ष 583.20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी, इस तरह 5 वर्षों (2025-26 से 2029-30) में कुल 2916 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है, जिसमें केंद्र सरकार की कोई भागीदारी नहीं होगी। नवयुग पालिका योजना के माध्यम से स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नागरिक सेवाएं अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेंगी। आधारभूत ढांचे का उन्नयन और जीवन स्तर में सुधार योजना का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकायों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना तथा नागरिकों के जीवन स्तर (ईज ऑफ लिविंग) में सुधार लाना है। इसके तहत सड़कों, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। जिला मुख्यालयों को विकसित करने से विभिन्न मंडलों के बीच विकास असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी। इससे नगर निगमों से बाहर के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित होगा। चयन और क्रियान्वयन की स्पष्ट व्यवस्था परियोजनाओं के चयन के लिए जनपद स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा, जबकि राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा परीक्षण के बाद सक्षम स्तर से अनुमोदन दिया जाएगा। इसके बाद ही विकास कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया निकाय प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शहरों के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार बड़े नगर निगमों में स्मार्ट सिटी योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, उसी तर्ज पर अब जिला मुख्यालय स्तर के नगर पालिका क्षेत्रों को भी विकसित किया जाएगा। “नवयुग पालिका योजना” इसी सोच का परिणाम है। इसके अंतर्गत उत्सव भवन, ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी केंद्र, पार्कों का विकास तथा विद्युत व्यवस्था के आधुनिकीकरण जैसे कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों (डेढ़ लाख से अधिक और डेढ़ लाख से कम आबादी) में विभाजित किया गया है, ताकि उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सके।

योगी कैबिनेट ने सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को दी मंजूरी

यूपी में ‘री-यूज वाटर’ का पीने के अतिरिक्त कामों में होगा इस्तेमाल योगी कैबिनेट ने सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को दी मंजूरी घरों और उद्योगों में उपयोग किए गए पानी का शोधन कर हो सकेगा दोबारा उपयोग निर्माण, बागवानी और सिंचाई में बढ़ेगा उपयोग, ड्यूल पाइप सिस्टम से घरों तक पहुंचेगा नॉन-ड्रिंकिंग वॉटर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए शोधित जल (ट्रीटेड वॉटर) के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी कर ली है। इस नीति का उद्देश्य घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित कर दोबारा उपयोग में लाना है, जिससे पेयजल संसाधनों पर दबाव कम हो सके। प्रदेश में सिंचाई,  घरेलू,  औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के जरिए शोधित जल के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। नीति के तहत शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले अपशिष्ट जल को ट्रीट कर पहले चरण में नगर निकाय उपयोग, निर्माण कार्य, बागवानी और सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरे चरण में उद्योग, कृषि और रेलवे जैसे क्षेत्रों में इसका विस्तार होगा। वहीं तीसरे चरण में ड्यूल पाइप सिस्टम के जरिए घरों तक गैर-पीने योग्य उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक और नवाचार के माध्यम से जल प्रबंधन को मजबूत बनाया जाए। इस पहल से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर जल निकायों में प्रदूषण भी कम होगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा खपत में भी कमी आएगी।

योगी सरकार की योजना: अगले तीन सालों में 57,000 इंश्योरेंस सखियों का होगा निर्माण

योगी सरकार अगले तीन साल में तैयार करेगी 57 हजार बीमा सखी  – प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में लागू होगी योजना, बीसी और बैंक सखी को बीमा सखी बनने में दी जा रही प्राथमिकता – बीमा सखी को हर माह स्टाइपेंड के साथ पॉलिसी कराने पर मिलेगा कमीशन लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में अनेक बड़े कदम उठाए हैं। उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है। इसी क्रम में एलआईसी बीमा सखी योजना के जरिये अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। योगी सरकार ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में एलआईसी बीमा सखी को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग के साथ स्टाइपेंड और पॉलिसी कराने पर कमीशन दिया जाएगा। इससे जहां प्रदेश की आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी संबल मिलेगा।  एलआईसी और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच हुआ एमओयू  उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए एलआईसी बीमा सखी योजना चलाई जा रही है। इसके लिए भारतीय जीवन बीमा निगम और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया गया। इसके तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर “बीमा सखी” के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा उत्पादों का प्रचार-प्रसार, बिक्री और सेवा प्रदान कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अगले तीन वर्षों में 57 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक एलआईसी बीमा सखी तैयार करने का निर्णय लिया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। योजना का उद्देश्य न केवल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है, बल्कि गांव-गांव तक बीमा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। अब तक 3 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए यूपीएसआरएलएम ने 5,000 बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में अब तक प्रदेश के 75 में से 65 जिलों से 3,397 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 672 महिलाओं ने 25 घंटे का भर्ती-पूर्व प्रशिक्षण (आईसी-38) सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके अलावा 469 अभ्यर्थियों ने एनएसईटी के माध्यम से आयोजित आईआरडीएआई लाइसेंसिंग परीक्षा पास कर ली है और उन्हें आधिकारिक रूप से बीमा सखी नियुक्त किया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं में लगभग 70 प्रतिशत की सफलता दर इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है। भर्ती, प्रशिक्षण और परीक्षा की प्रक्रिया लगातार जारी है, और मार्च 2026 तक अधिकतम नियुक्तियां सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। शेष 10 जिलों में भी भर्ती अभियान शुरू कर 75 जिलों में 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर मासिक भर्ती लक्ष्य तय किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज हो सके। वहीं योजना की निगरानी के लिए मिशन डायरेक्टर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है, जो नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रही है। साथ ही एलआईसी के राज्य और जिला कार्यालयों तथा एसआरएलएम टीमों के बीच निरंतर समन्वय के माध्यम से प्रक्रिया को गति दी जा रही है। बीमा सखी की ट्रेनिंग के लिए तैयार किया जा रहा प्रशिक्षण कैलेंडर योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 में 20,000 नई बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। अगले तीन वर्षों में प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक बीमा सखी तैनात करने की योजना है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं। योजना में बीसी सखी, बैंक सखी और एफएल-सीआरपी जैसे कैडर को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे प्रशिक्षित और अनुभवी महिलाओं को तुरंत बीमा सखी के रूप में जोड़ा जा सकेगा। यह रणनीति ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाती है। प्रशिक्षण के लिए एलआईसी के एजेंट ट्रेनिंग सेंटर (एटीसी) और डिविजनल ट्रेनिंग सेंटर (डीटीसी) के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किए जा रहे हैं, जो अभ्यर्थी परीक्षा में असफल हो जाते हैं, उनके लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही ब्लॉक और जिला स्तर पर अस्थायी एनएसईआईटी परीक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं परीक्षा दे सकें। बीमा सखी को पहले साल हर माह दिया जाएगा 7 हजार स्टाइपेंड बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को पहले साल हर महीने 7 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा, साथ ही बीमा पॉलिसी कराने पर उन्हें कमीशन भी मिलेगा। इसके अलावा दूसरे साल 6 हजार और तीसरे साल हर माह 5 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा। इससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि होगी। इसके अलावा डिजिटल उपकरण, नियमित मेंटरिंग और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बीमा सखियों को जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित करने की भी योजना है, जिससे अन्य महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनेगा। योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए इसे यूपीएसआरएलएम के मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) से जोड़ा जा रहा है। इससे राज्य स्तर पर सभी बीमा सखियों की नियुक्ति, कार्य और प्रदर्शन की निगरानी आसान होगी।

2585 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी पर होगी गेहूं खरीद, पिछले साल से 160 रुपये प्रति कुंतल की हुई वृद्धि

30 मार्च से प्रारम्भ होगी गेहूं खरीद, सीएम योगी ने तय किया 50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य 2585 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी पर होगी गेहूं खरीद, पिछले साल से 160 रुपये प्रति कुंतल की हुई वृद्धि रबी विपणन वर्ष 2026-27: 15 जून तक होगी गेहूं खरीद, प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र होंगे स्थापित सीएम योगी ने दिया 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को गेहूं का भुगतान करने का निर्देश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, 37 में से 35 प्रस्तावों को दी स्वीकृति  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कैबिनेट बैठक के बाद गेहूं खरीद के बारे में पत्रकारों को दी जानकारी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव आए, जिसमें से कैबिनेट ने 35 को स्वीकृति प्रदान की। इसमें गेहूं खरीद पर भी निर्णय किया गया। कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पत्रकारों को इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी।  कृषि मंत्री ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। केंद्र सरकार ने गत वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की है। रामनवमी के उपरांत 30 मार्च से गेहूं खरीद होगी, जो 15 जून तक चलेगी।  कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों द्वारा 6500 क्रय केंद्र स्थापित होंगे। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी व बैठने समेत सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिया जाएगा कृषि मंत्री ने कहा कि उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिया जाएगा। किसानों ने इस साल प्रदेश के भीतर काफ़ी अच्छी फसल लगाई है। कृषि विभाग ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में बीज भी उपलब्ध कराए हैं। पर्याप्त मात्रा में इसकी खरीद की जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़े।  50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य  उन्होंने बताया कि खाद्य व रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 50 लाख मीट्रिक टन किए जाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं। बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है।  लगभग दो लाख किसानों ने करा लिया पंजीकरण गेहूं की बिक्री के लिए अब तक लगभग दो लाख किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक 1,95,628 किसानों ने सोमवार दोपहर दो बजे तक पंजीकरण करा लिया है।

अमोनिया टैंक ब्लास्ट से दहला प्रयागराज: कोल्ड स्टोरेज गिरा, मजदूरों के फंसे होने की आशंका

 प्रयागराज गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित कोल्ड स्टोरेज धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते हादसा हुआ है। शीतगृह जिस समय गिरा उस समय वहां पर दो दर्जन से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह शीतालय पूर्व मंत्री अहमद का  बताया जा रहा है।   फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा  नेता  और पूर्व  मंत्री  अंसार  अहमद का कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। अमोनिया गैस टैंक फटने के  चलते यह हादसा हुआ है। मलबे में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर दब गए। आनन फानन में सभी को बाहर निकाला गया। इसमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर  दमकल की कई गाड़ियों के साथ कई एंबुलेंस और  आसपास के थानों की पुलिस फोर्स रेस्क्यू  आपरेशन में जुट गई है। हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमा वर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मलबे में डेढ़ दर्जन से आशंका जताई जा रहा है। कई लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया है। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मौके से निकाले गए चार मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई है। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मलबो को हटाकर दबे हुए लोगों को खोज रही है। अमोनिया गैस रिसाव के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल है। टैंकर फटने की आवाज सुनकर लोग थर्रा गए। गैस के चलते बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है कोल्ड स्टोरेज सपा के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।  मलबे में दबे घायलों को निकालकर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम  ने भी संभाला मोर्चा। मलबे में दबे घायलों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल। 

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे AI-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे एआई-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ कार्यक्रम में 85 कंपनियों को प्रदान किया जाएगा लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट सब्सिडी के रूप में सीएम योगी वितरित करेंगे ₹2,781 करोड़ से अधिक की धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बिजनेस पार्क स्कीम-2025’ का भी करेंगे शुभारंभ डिजिटल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल सिस्टम से $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 24 मार्च को लोक भवन, लखनऊ में उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ का भव्य शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने और उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ का भी शुभारंभ करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों (मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग, आयरन एंड स्टील, ऑटोमोबाइल और सेवाओं) से जुड़ी 85 कंपनियों को लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट (ECs), भूमि आवंटन पत्र और कुल ₹2,781.12 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। साथ ही, औद्योगिक विकास को नई गति देते हुए डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर यानी डीबीएफओटी (पीपीपी) फ्रेमवर्क पर आधारित अभिनव 'प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना' का भी अनावरण किया जाएगा, जो निवेशकों को तत्काल उत्पादन शुरू करने में मदद करेगा। नेक्स्ट-जनरेशन ‘निवेश मित्र 3.0’: तेज, पारदर्शी और स्मार्ट सिस्टम निवेश मित्र 3.0 को एक नेक्स्ट-जनरेशन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो उद्योगों को स्वीकृतियों और क्लीयरेंस की प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज़, पारदर्शी और सहज बनाएगा। यह प्लेटफॉर्म निवेश मित्र 2.0 की मजबूत नींव पर आधारित है, जिसमें 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाएं एकीकृत थीं। नए संस्करण में सेवाओं को तर्कसंगत बनाते हुए 40 से अधिक विभागों की 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है, जिससे अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त कर कार्यकुशलता बढ़ाई गई है। एआई और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा प्लेटफॉर्म निवेशकों को बेहतर अनुभव देने के लिए इस पोर्टल में कई उन्नत तकनीकी सुविधाएं जोड़ी गईं हैं, जिनमें एआई-आधारित चैटबॉट द्वारा त्वरित सहायता, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट, एकीकृत कम्बाइंड एप्लिकेशन फॉर्म (CAF), जीआईएस-आधारित लैंड बैंक से उपयुक्त भूमि की पहचान और ग्राउंड-ब्रेकिंग से लेकर उत्पादन तक ऑनलाइन ट्रैकिंग शामिल है। इसके साथ ही नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) के साथ एकीकरण से केंद्र और राज्य स्तर की स्वीकृतियों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा। प्रक्रियाओं में बड़ा सरलीकरण प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए आवेदन प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इसके तहत, लगभग 25% कम फील्ड, 15% कम दस्तावेज, करीब 20% कम प्रक्रियात्मक चरण को शामिल किया गया है। इन सुधारों से अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज और निवेशक अनुकूल बनेगी। निवेश मित्र: सफलता की मजबूत नींव वर्ष 2018 में शुरू होने के बाद से निवेश मित्र पोर्टल ने 21 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया है और 97% की प्रभावशाली सफलता दर हासिल की है। नया संस्करण इस सफलता को और आगे बढ़ाते हुए डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-ड्रिवन सिस्टम को मजबूत करेगा। ‘निवेश मित्र 3.0’ और नई नीतियों के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमओयू से बढ़ेगा कौशल और उद्यमिता का दायरा कार्यक्रम के दौरान इन्वेस्ट यूपी और Xylemx LLP एवं Maker Ghat के बीच एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के साथ स्किल कनेक्ट सेल के लिए भी एमओयू किया जाएगा, जिससे उद्योग और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही देश भर के निवेशक भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।

योगी सरकार ने गेहूं की MSP बढ़ाई, 6500 खरीद केंद्रों पर कब से होगी शुरुआत?

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार की सुबह 11 बजे लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें सबसे अहम किसानों के लिए है. योगी सरकार ने गेहूं की फसल 160 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी बढ़ा दी है. गत वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है. 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक खरीद की जाएगी. राज्य के अंदर 8 क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद की जाएगी. कुल 6500 क्रय केंद्र सभी 75 जनपदों में चलेंगे. बताया जा रहा है कि एफसीआई, यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड, एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद की जाएगी. लखनऊ में इंटरनेशनल एक्जीविशन सेंटर 1435 करोड़ रुपए का कन्वेंशन हाल बनेगा. इसमें दस हजार लोगों की क्षमता होगी।  संभल को मिला योगी सरकार का तोहफा इसके अलावा संभल जिले में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर स्थापित किये जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. उत्तर प्रदेश मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क 2024 नीति के तहत ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक वेयर हाउस बनाये जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. साथ ही कैबिनेट मीटिंग में जिला मुख्यालय के नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने हेतु बजट में उल्लेखित “नवयुग पालिका योजना” के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी दी गई है. प्रदेश के 75 जनपदों में 17 नगर निगम हैं, उनको छोड़कर, समस्त 58 जिला मुख्यालय में यह योजना लागू होगी।  सपा पर दोनों डिप्टी सीएम का हमला वहीं कैबिनेट बैठक में जाने से पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा का हाल वही है कि सौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली. जो सैफई में मॉडल को नचवाते थे वह महिला सुरक्षा की बात कर रहे हैं. इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव 2047 तक सत्ता में नहीं आने वाले नहीं हैं. कोई महिला अपने सुहाग को खतरे में डाल के सपा को वोट नहीं देगी।   

सीएम योगी का सैनिकों को संदेश: ‘देशसेवा में बेफिक्र रहें, परिवार की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान बड़ी संख्या में सैनिक भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत होकर देशसेवा करें, उनके परिवार की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार निभाएगी ।  सैनिकों को दिया भरोसा जनता दर्शन में पहुंचे सैनिकों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवान पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि आप बेफिक्र होकर देशसेवा कीजिए, आपके परिवार समेत प्रदेश की जनता की सेवा, सहूलियत और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है ।  जमीनी विवादों पर प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश सैनिकों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्रों में कई मामले जमीन से जुड़े थे. मुख्यमंत्री ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं पहल कर सैनिकों और उनके परिवारों से संपर्क करें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिले।  विभिन्न समस्याओं पर हुई सुनवाई जनता दर्शन में पुलिस से संबंधित शिकायतें, भूमि विवाद, आर्थिक सहायता और स्थानांतरण से जुड़े मामले भी सामने आए. मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी प्रार्थना पत्रों को देखा और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले में निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।  आर्थिक सहायता के मामलों में संवेदनशील रुख कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने परिजनों से कहा कि इलाज के लिए अस्पताल से अनुमानित खर्च का विवरण प्रस्तुत करें, ताकि शासन स्तर से आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धन के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज बाधित नहीं होने दिया जाएगा।  प्रशासन को दिए स्पष्ट निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है. साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उनमें देरी न की जाए और पीड़ितों को राहत दी जाए। 

सीएम योगी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियों का निरीक्षण किया, पीएम मोदी करेंगे 28 मार्च को उद्घाटन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियों का सीएम योगी ने लिया जायजा, 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री ने स्थलीय निरीक्षण के साथ की समीक्षा बैठक, सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक और सुविधाओं तक दिए व्यापक दिशा निर्देश एयरपोर्ट, कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और एमआरओ का शिलान्यास प्रस्तावित, कार्यक्रम को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का रविवार को स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर एवं कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे। साथ ही एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे। इसी को लेकर कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। सीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, हर पहलू की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के संभावित भ्रमण मार्ग और निरीक्षण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल, रैली स्थल, पार्किंग, विभिन्न मार्गों और हेलीपैड सहित सभी प्रमुख स्थानों पर चल रही तैयारियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश निरीक्षण के उपरांत एयरपोर्ट परिसर स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और प्रत्येक कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विशिष्ट अतिथियों, मीडिया एवं बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति को देखते हुए व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और प्रभावी होनी चाहिए। भव्यता और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को भव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम स्थल से जुड़े सभी मार्गों की सुगमता, साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, परिवहन सुविधा, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा सेवाएं और साइनेज की व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही विभिन्न जनपदों से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग स्थलों पर मोबाइल शौचालय, हेल्प डेस्क, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा के लिए चार स्तरीय व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर प्रशासन, पुलिस और वालंटियर्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में प्रशासन और पुलिस द्वारा पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार स्तरीय रखने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा सतेन्द्र सिसोदिया, जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक धीरेन्द्र सिंह, विधायक तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

यूपी महिला सुरक्षा में बना नंबर-1, सुरक्षा और त्वरित न्याय की पहल से मिली सफलता

नव निर्माण के 9 वर्ष : सशक्त नारी  कॉपी -2 सुरक्षा, कार्रवाई और त्वरित न्याय से महिला सुरक्षा में यूपी बना नंबर-1 योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, अपराध में बड़ी गिरावट लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर बहुआयामी और एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड, आधुनिक तकनीक, सख्त कार्रवाई और मजबूत पुलिस ढांचे के समन्वय से प्रदेश आज महिलाओं और बेटियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रहा है। यही कारण है कि महिला संबंधी मामलों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जहां एक ओर मिशन शक्ति के तहत प्रत्येक थाने में विशेष केंद्र स्थापित किए गए और उनके संचालन के लिए लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया, वहीं दूसरी ओर एंटी रोमियो स्क्वॉड जैसे अभियानों ने जमीनी स्तर पर बड़ा प्रभाव डाला। अब तक 5 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच, 1.85 करोड़ को चेतावनी और 38,835 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा इसके साथ ही 1090 वूमेन पावर लाइन, महिला हेल्पलाइन 181, जीआरपी और फायर सर्विस जैसी सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं के लिए त्वरित सहायता प्रणाली विकसित की गई है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा गया, जिससे पारदर्शिता और तेजी दोनों सुनिश्चित हुई। मिशन शक्ति केन्द्र की स्थापना के बाद सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 तक अपराध में और गिरावट देखने को मिली। बलात्कार की घटनाओं में 33.92% की कमी और दहेज हत्या में 12.96% की कमी दर्ज की गई है। दोषियों को सजा दिलाने में सबसे तेज सबसे अहम बात यह है कि केवल अपराध में कमी ही नहीं, बल्कि मामलों के त्वरित निस्तारण में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड बनाया है। महिला संबंधी मामलों में 98.90 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। प्रभावी पैरवी के चलते महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के 32,575 मामलों, 14,111 पॉक्सो मामलों और 4,564 बलात्कार के मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है। 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित महिला सुरक्षा को संस्थागत रूप देने के लिए पुलिस ढांचे का भी तेजी से विस्तार किया गया है। प्रदेश में 19,839 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, 9,172 महिला बीटों का आवंटन, 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय और 5 नई बटालियन प्रस्तावित हैं। साथ ही 134 नए थाने, 86 नई पुलिस चौकियां और 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र स्थापित कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। योगी सरकार के इस समग्र मॉडल में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन देखने को मिलता है, जहां एक ओर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को त्वरित सहायता, न्याय और भरोसा मिलता है। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत और प्रभावी मॉडल इसी समेकित रणनीति के चलते आज उत्तर प्रदेश महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रभावी मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां कानून का डर और व्यवस्था पर भरोसा दोनों साथ-साथ दिखाई देते हैं। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का यह मॉडल केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि व्यवस्था में आए भरोसे और बदलाव का प्रमाण है, जहां सुरक्षा अब सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।