samacharsecretary.com

सपा नेता को स्कूटी से छह किमी पीछा कर पकड़ा, पुलिस ने इलाके में किया जुलूस, जानें आरोप

 कानपुर कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र में कई आरोपों में घिसे सपा नेता आमिर जैदी को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आमिर फरार होने लगा, लेकिन इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने स्कूटी से करीब छह किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़ने के बाद सपा नेता का जुलूस भी निकाला। पुलिस के अनुसार एक युवती ने आमिर पर दुष्कर्म और धर्मांतरण के दबाव के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में पिता के निधन के बाद आमिर जैदी ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद वह लगातार उसके साथ गलत कार्य करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष सितंबर में जब परिजनों ने उसकी शादी तय की, तो आमिर ने अपने सहयोगियों शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी के साथ मिलकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव भी बनाने लगा। पीड़िता के अनुसार, मना करने पर आमिर ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो और वीडियो उसके होने वाले ससुराल पक्ष को भेजने शुरू कर दिए। अक्टूबर में युवती की सगाई होने के बाद आरोपी ने उसके मंगेतर, ननद सहित अन्य परिजनों को भी धमकियां दीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने मंगेतर को कानपुर की गल्लामंडी बुलाकर जान से मारने की धमकी भी दी। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आमिर जैदी समेत चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आमिर रात में बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीछा कर उसे जहांगीराबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सराहना पुलिस के मुताबिक, आमिर जैदी पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2020 में घाटमपुर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने, मारपीट, जुआ सहित अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोप में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। विधायक सरोज कुरील ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी अपराधमुक्त समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कृमि मुक्ति कार्यक्रम: यूपी सरकार 9.8 करोड़ बच्चों को देगी दवा

लखनऊ  राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे इस दिन दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड के तहत दवा दी जाएगी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. सतीश कुमार गौतम ने बताया कि प्रदेश में लगभग 9.8 करोड़ बच्चों को कृमि मुक्ति दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान वर्ष में दो बार फरवरी और अगस्त में संचालित किया जाता है, जिसे स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग के संयुक्त सहयोग से लागू किया जाएगा।  अभियान चलाया जाएगा उन्होंने बताया कि प्रदेश के 21 जनपदों के 64 चयनित ब्लॉकों, शहरी क्षेत्रों और प्लानिंग यूनिट्स में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलाया जाएगा। इन क्षेत्रों में कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन नहीं होगा, क्योंकि आईडीए अभियान के तहत एल्बेंडाजोल दवा पहले से ही दी जा रही है। किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा न दी जाए एल्बेंडाजोल दवा सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दी जाएगी। स्कूल न जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए दवा खिलाई जाएगी। शिक्षक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों को अपने सामने दवा का सेवन कराना सुनिश्चित करेंगे तथा यह विशेष ध्यान रखा जाएगा कि किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा न दी जाए। रियल-टाइम रिपोर्टिंग की जाएगी कार्यक्रम की रियल-टाइम रिपोर्टिंग की जाएगी तथा कृमि मुक्ति दिवस से जुड़ी सभी गतिविधियों को विद्यालयों द्वारा ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। दवा सेवन के बाद कुछ बच्चों में मतली, चक्कर या उल्टी जैसे हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। किसी भी गंभीर या असामान्य स्थिति में आशा या एएनएम से संपर्क करें अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। आवश्यकता पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर 104 या एम्बुलेंस सेवा 108 पर कॉल की जा सकती है।   

बच्चों के मसीहा बने सीएम योगी: शिक्षा, उपचार और सहायता—सब कुछ तुरंत

लखनऊ नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, 'बच्चे मन के सच्चे', वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते। कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की। ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं, सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया। बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

न थकान, न विराम—232 दिनों से चलता जा रहा यूपी का युवा, क्या है मिशन?

बरेली नाथनगरी बरेली का एक युवक इन दिनों आस्था, संकल्प और साहस की मिसाल बन गया है। जहां आम लोग कुछ किलोमीटर पैदल चलने में थक जाते हैं, वहीं अमित नामक यह युवा पिछले 233 दिनों से लगातार पैदल चल रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ की साइकिल यात्रा पूरी करने के बाद अब वह करीब 6000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकला है। 17 जून 2025 को बरेली से शुरू हुई यह यात्रा आज भी जारी है। अमित की यात्रा सिर्फ दूरी तय करने की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और आत्मशांति की तलाश की यात्रा है। लोग उन्हें अब “अमित बरेली वाला” नाम से जानने लगे हैं। बरेली से निकलकर अमित ने सबसे पहले नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद काशी विश्वनाथ, अयोध्या, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, सोमनाथ और नागेश्वर जैसे देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थस्थलों तक पैदल पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इन दिनों अमित अहमदाबाद से मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे हैं। आगे की यात्रा में वह महाकालेश्वर उज्जैन और वृंदावन जाएंगे। इसके बाद बरेली लौटेंगे। रास्ते में जहां भी रुकते हैं, लोग उनके संकल्प से प्रभावित होकर उन्हें भोजन, ठहराने के साथ सहयोग करते हैं। सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना अमित कहते हैं कि उन्होंने यह यात्रा प्रचार या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति कृतज्ञता और आत्मिक शांति के लिए शुरू की है। कहते हैं कि पैदल चलने से मन, शरीर और आत्मा तीनों का जुड़ाव होता है। यही कारण है कि वे बिना थके निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी वह अपनी यात्रा के अनुभव लाइव वीडियो और तस्वीरों के जरिए साझा कर रहे हैं, जिसे लोग खूब सराह रहे हैं। बरेली कॉलेज के छात्र रह चुके हैं अमित अमित बरेली के तिलक इंटर कॉलेज और बरेली कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। उनके शिक्षक और साथी उनकी इस अनोखी यात्रा पर गर्व महसूस कर रहे हैं। शहर के लोगों में भी उत्साह है। संभव है कि घर वापसी पर उनका स्वागत समारोह भी हो।  

काम में ढिलाई पड़ी भारी तो होगा एक्शन! मंत्री का अधिकारियों को साफ संदेश

लखनऊ योगी सरकार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि अगर विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनियमितता मिली तो सख्त ऐक्शन लेंगे। चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे विभाग में सकारात्मक, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यों में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ये निर्देश मंगलवार को यहां उदयगंज स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। शारदा संगठन की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही मंत्री ने विभिन्न निर्माण कार्यों की निर्माण कार्य के पूर्व की स्थिति एवं निर्माण पूर्ण होने के पश्चात की स्थिति का तुलनात्मक मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों, गुणवत्ता एवं समयसीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, जिससे योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों एवं आम जनता तक पहुंच सके। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वे स्वयं शीघ्र ही विभिन्न निर्माण कार्यों का भौतिक निरीक्षण करेंगे, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी अथवा अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। पूरी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अंत में उन्होंने अधिकारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन अशोक कुमार सिंह, मुख्य अभियंता शारदा संगठन, मुख्य अभियंता शारदा सहायक, सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन) के मुख्य अभियंता तथा संबंधित संगठनों के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित सिंचाई विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

गुप्तारघाट पर रावण वध, हनुमान व जटायु स्टेच्यू तैयार

अयोध्या  अयोध्या में गुप्तारघाट का वैभव पुनः लौट रहा है। पर्यटन विकास तेजी से हो रहा है। योगी सरकार की रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप आने वाले दिनों में गुप्तारघाट का हर एक नजारा त्रेता युग को जोड़ता दिखेगा। क्योंकि सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल इस महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पर तीसरे चरण का विकास कार्य अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। विशेष रूप से यहां बन रहा ओपन एयर थियेटर संभवतः होली तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस थियेटर के साथ रावण वध, हनुमान और जटायु की भव्य मूर्तियां भी तैयार हो चुकी हैं, जो रामायण की भावना को जीवंत रूप से दर्शाएंगी। गुप्तारघाट ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि भगवान श्री राम ने इसी घाट से जल समाधि ली थी और यहां अंतिम बार सरयू नदी में प्रवेश किया था। राम भक्तों के लिए यह स्थान आस्था का केंद्र है। योगी सरकार ने इसे विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। पहले दो चरणों में बड़े पैमाने पर विकास हो चुका है, जिसमें घाट का सौंदर्यीकरण, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं, आधुनिक पार्क, योग-ध्यान केंद्र आदि शामिल हैं। अब तीसरे चरण में कुल 1833.63 लाख रुपये (लगभग 18.34 करोड़) की लागत से अंतिम छोर का काम चल रहा है। जानिए, क्या क्या बन रहा है तीसरे चरण में तीसरे चरण में मुख्य रूप से पार्किंग क्षेत्र, पाथवे, टिकट घर, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, किचन के फिनिशिंग कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही इंटरप्रिटेशन सेंटर, अन्य स्ट्रक्चरल म्यूरल्स (भित्ति चित्र), बाउंड्री वॉल का काम भी तेजी से चल रहा है। सबसे आकर्षक हिस्सा ओपन एयर थियेटर है, जहां फिनिशिंग, विद्युतीकरण और हॉर्टिकल्चर का कार्य जारी है। इस थियेटर में रामायण से जुड़े नाटक, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रामलीला जैसे आयोजन होंगे। यहां रावण वध का दृश्य, हनुमान जी की विशाल प्रतिमा और जटायु की मूर्ति पर्यटकों को राम कथा की याद दिलाएंगी। ये मूर्तियां पहले से ही तैयार हैं और थियेटर के परिसर में स्थापित की जा रही हैं। मनोरंजन का प्रमुख केंद्र भी बनेगा गुप्तारघाट आगामी दिनों में गुप्तारघाट न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र बन जाएगा। योगी सरकार का फोकस अयोध्या को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने पर है। राम मंदिर के बाद गुप्तारघाट का यह विकास राम नगरी की चमक को और बढ़ाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु सरयू के किनारे शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। ओपन एयर थियेटर से शाम के समय रामायण आधारित प्रदर्शन देखना एक अनोखा अनुभव होगा। फरवरी में परियोजना पूरा करने का लक्ष्य यह परियोजना पर्यटन विभाग की है। यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड इस परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है। अयोध्या परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अब तक 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना में कुछ विलंब हुआ है, क्योंकि कार्यों में बढ़ोतरी की गई। मूल लक्ष्य से दो महीने पीछे चल रही यह परियोजना अब फरवरी 2026 में पूरी हो जाएगी। होली के आसपास या होली तक (मार्च 2026) यह ओपन एयर थियेटर और पूरा परिसर श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

गणना कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 10 हजार नागरिकों द्वारा लिया गया भाग

लखनऊ.  योगी सरकार की ओर से वन व वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में बढ़ाया गया कदम कारगर साबित हो रहा है। सरकार के प्रयासों का असर है कि उत्तर प्रदेश में साल दर साल राज्य पक्षी सारस का कुनबा बढ़ता जा रहा है। राज्य में प्रतिवर्ष दो बार (ग्रीष्मकालीन/शीतकालीन) सारस की गणना की जाती है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई शीतकालीन गणना में कुल 20,628 सारस पाए गए। पिछले वर्ष हुई गणना में प्रदेश में सारसों की संख्या 19,994 थी। राज्यव्यापी गणना में इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस मिले। 10 वन प्रभागों में यह संख्या 500 से अधिक रही। प्रदेश में शीतकालीन गणना कार्यक्रम में 10 हजार नागरिकों द्वारा भाग लिया गया। साल दर साल बढ़ रही सारस की संख्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पशु-पक्षी व पर्यावरण प्रेम जगजाहिर है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने विभाग को राज्य पक्षी सारस के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। 2023 में प्रदेश में 19,196 सारस मिले। 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 19,994 हो गई। अब इस शीतकालीन सत्र में प्रदेश में कुल सारसों की संख्या 20,628 दर्ज की गई है।  इटावा वन प्रभाग में मिले सर्वाधिक 3304 सारस, 10 प्रभागों में यह संख्या 500 से ऊपर रही  सारस की शीतकालीन गणना में 10 प्रभागों में इनकी संख्या 500 से ऊपर रही। इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस पाए गए। मैनपुरी में 2899, औरैया में 1283, शाहजहांपुर में 1078, गोरखपुर में 950, कन्नौज में 826, कानपुर देहात में 777, हरदोई में 752, सिद्धार्थनगर में 736 तथा संतकबीर नगर वन प्रभाग में 701 सारस पाए गए।  29 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 100 से 500 तक रही 29 वन प्रभागों में सारस की संख्या 100 से 500 के बीच रही। रायबरेली वन प्रभाग में 480, सीतापुर में 452, उन्नाव में 385, बरेली में 380, सोहगीबरवा में 378, बाराबंकी में 345,  बांदा में 270, फिरोजाबाद में 258, बस्ती में 224, अमेठी में 181, अलीगढ़ में 177, बिजनौर में 174, गौतमबुद्धनगर में 169, दक्षिण खीरी में 168, रा.चंबल में 167, सुल्तानपुर में 162, कानपुर में 156, बहराइच व फर्रुखाबाद में 150-150, मथुरा में 135, कासगंज में 128, फतेहपुर में 127, एटा में 119, बदायूं में 115, श्रावस्ती में 109, गोंडा में 108, चित्रकूट में 106 व देवरिया वन प्रभाग के अंतर्गत 105 सारस पाए गए। 29 वन प्रभागों में 100 से कम सारस मिले राज्य में 29 वन प्रभाग ऐसे भी रहे, जहां शीतकालीन गणना में 100 से कम सारस मिले। पीलीभीत सामाजिक वानिकी में 98, हमीरपुर में 95, सोहेलवा में 88, अयोध्या में 82, कुशीनगर में 64, हाथरस में 62, अंबेडकर नगर में 59, मेरठ में 51, मुरादाबाद में 50, उत्तर खीरी में 46, बुलंदशहर में 42, कौशांबी में 40, ललितपुर में 39, अवध में 38, मुजफ्फरनगर में 32, प्रतापगढ़ में 31, कतर्नियाघाट में 28, महोबा व संभल में 25-25, आगरा में 24, नजीबाबाद में 18, उरई में 15, प्रयागराज में 14, आजमगढ़ में 12, जौनपुर में 8, मऊ में 6, पलिया में 5, रामपुर में 4 व हापुड़ में दो सारस मिले। वर्जन  उत्तर प्रदेश में सारस की ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन, दो बार गणना होती है। हाल में ही संपन्न शीतकालीन गणना में राज्य पक्षी की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मिली है। गणना से पहले वन विभाग कर्मियों द्वारा सारस बाहुल्य प्राकृतवास का सर्वेक्षण कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।   अनुराधा वेमुरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), यूपी

योगी सरकार का मिशन, यीडा के सेक्टर-28 के अंतर्गत 350 एकड़ में आकार ले रहा मेडिकल डिवाइस पार्क

यीडा बना मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र, 101 यूनिट्स को भूमि आवंटन योगी सरकार का मिशन, यीडा के सेक्टर-28 के अंतर्गत 350 एकड़ में आकार ले रहा मेडिकल डिवाइस पार्क मेडिकल डिवाइस पार्क में 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित 203 प्लॉट्स में निवेश की रफ्तार तेज, 101 का आवंटन, 49 ने लिया पजेशन और 12 में निर्माण कार्य शुरू 22 नए प्लॉट्स आवंटन के लिए प्रस्तावित, 11 फरवरी तक किया जा सकेगा आवेदन ग्रीन जोन, वेयरहाउस और कमर्शियल एरिया के साथ समग्र प्लानिंग, निवेशकों को मिल रहा सिंगल-विंडो सपोर्ट लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क अब कागजी योजना से निकलकर जमीन पर उतर चुका है, जहां निवेश, आवंटन और निर्माण तीनों स्तरों पर ठोस प्रगति दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत यहां अब तक न सिर्फ 100 से अधिक प्लॉट्स का आवंटन कर दिया गया है, बल्कि एक दर्जन इकाइयों ने अपना निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। जल्द ही यहां प्रोडक्शन भी शुरू होने की संभावना है।  उल्लेखनीय है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क, योगी सरकार के उस विजन का प्रतीक है, जिसमें उत्तर प्रदेश को नीति, इन्फ्रास्ट्रक्चर व भरोसा, तीनों स्तरों पर निवेशकों का पसंदीदा राज्य बनाया जा रहा है। यह पार्क आने वाले वर्षों में यूपी को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का नया पावरहाउस बना सकता है। 203 इंडस्ट्रियल प्लॉट में 101 का आवंटन मेडिकल डिवाइस पार्क के अंतर्गत 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित की गई है, जिसमें विभिन्न आकार के कुल 203 इंडस्ट्रियल प्लॉट विकसित किए गए हैं। अब तक 101 प्लॉट का आवंटन हो चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यीडा क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। धरातल पर उतर रहा निवेश यीडा द्वारा जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 85 निवेशकों ने लीज प्लान जमा किया है, जबकि 62 लीज डीड निष्पादित हो चुकी हैं। 49 यूनिट्स ने साइट का पजेशन भी ले लिया है। 23 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं तो 12 इकाइयों में निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। यह प्रगति योगी सरकार के सिंगल विंडो सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृति और नीति-स्थिरता का सीधा प्रमाण मानी जा रही है। ग्रीन, वेयरहाउस व कमर्शियल जोनों के साथ यीडा का समग्र मॉडल यीडा इस मेडिकल डिवाइस पार्क को केवल एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर नहीं, बल्कि एक फुल-फ्लेज्ड इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के रूप में विकसित कर रहा है। इसके तहत 9.02 एकड़ में वेयरहाउस प्लॉट, 18.66 एकड़ में ग्रीन एरिया, 46.43 एकड़ में कॉमन फैसिलिटी एरिया, 4.84 एकड़ में कमर्शियल सेक्टर और 79.10 एकड़ में पार्किंग व रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है, जिससे उत्पादन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, पर्यावरण और वर्कफोर्स सुविधाओं का संतुलन सुनिश्चित हो सके। नए आवंटन की प्रक्रिया तेज, निवेश के लिए फिर खुले अवसर मेडिकल डिवाइस पार्क में औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध शेष भूमि में से 10.32 एकड़ भूमि पर नए आवंटन के लिए 12 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत कुल 22 नए प्लॉट आवंटन के लिए प्रस्तावित हैं, जिनमें 1000 वर्गमीटर के 11 प्लॉट, 2100 वर्गमीटर के 9 प्लॉट तथा 5940 वर्गमीटर के 2 प्लॉट शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 11 फरवरी 2026 तय की गई है। योगी मॉडल को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यीडा की रणनीतिक लोकेशन, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट इकोसिस्टम के साथ योगी सरकार की उद्योगोन्मुख नीतियों का मेल उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस सेक्टर में राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकता है। यह परियोजना आयात पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को भी मजबूती देती है।

मुख्यमंत्री का निर्देश, अयोध्या में वरिष्ठ भवन परिसर में तैयार होगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी’

सीता मइया के दिव्य चरित का ज्ञान करायेगी 'वैदेही आर्ट गैलरी': मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री का निर्देश, अयोध्या में वरिष्ठ भवन परिसर में तैयार होगी 'वैदेही आर्ट गैलरी' मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से दर्शाएं: मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीअयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केंद्रित 'वैदेही आर्ट गैलरी' की स्थापना के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में उन्होंने कहा कि सीता मइया भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा हैं, और नई पीढ़ी को उनके उज्ज्वल चरित्र से गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। आर्ट गैलरी की परिकल्पना साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय न होकर, सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इस गैलरी की कथा-वस्तु, डिजाइन, विज़ुअल भाषा, कला और तकनीक सहित सभी आयाम इस भावना को प्रकट करे कि हम एक दिव्य विरासत का पुनर्पाठ कर रहे हैं, जिसे नई पीढ़ी के सामने प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी की मूल भावना यही हो कि आगंतुक सीता माता के जीवन-संदेश को केवल देखें नहीं, बल्कि उसे अनुभव करें, समझें और आत्मसात करें। अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस गैलरी का विकास अयोध्या के वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में उभरने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण चरण होगा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।

संकल्प, संवेदनशीलता और सशक्तिकरण की प्रेरणादायी कहानी

संकल्प, संवेदनशीलता और सशक्तिकरण की प्रेरणादायी कहानी लखनऊ खुशबू, निवासी पारा, जनपद लखनऊ, एक दिव्यांग महिला हैं जो दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से चलने-फिरने में अत्यधिक असमर्थ थीं। रोज़मर्रा के छोटे-छोटे कार्यों के साथ-साथ अपने 06 वर्षीय पुत्र के साथ आवागमन उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। सीमित संसाधनों और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी समस्या को साहसपूर्वक प्रशासन के समक्ष रखा। दिनांक 29.01.2026 को जनता दर्शन के दौरान खुशबू ने जिलाधिकारी, लखनऊ महोदय को प्रार्थना पत्र देकर इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर/ई-स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने बच्चे की देखभाल के साथ-साथ सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा मामले को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला दिव्यांगजन अधिकारी श्री शशांक सिंह द्वारा न केवल उनकी समस्या का समाधान कराया गया, बल्कि इसी क्रम में उनके 06 वर्षीय पुत्र का विद्यालय में दाखिला भी जिलाधिकारी महोदय के सहयोग से सुनिश्चित कराया गया, जिससे खुशबू अत्यंत प्रसन्न हुईं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा दिव्यांगजनों हेतु ई-स्कूटी/ई-वाहन की कोई शासकीय योजना संचालित नहीं है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि संबंधित दिव्यांग महिला को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी महोदय के उक्त निर्देशों के अनुपालन में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी श्री शशांक सिंह द्वारा तत्परता से प्रयास करते हुए CSR सहयोग के माध्यम से दिनांक 04.02.2026 को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय, लखनऊ में खुशबू को इलेक्ट्रिक 3-व्हील स्कूटी उपलब्ध कराई गई। ई-स्कूटी प्राप्त कर खुशबू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि अब उनके जीवन में एक नया सकारात्मक परिवर्तन आया है। वे बिना किसी सहारे के अपने बच्चे के साथ आ-जा पा रही हैं, दैनिक कार्यों को सहजता से पूरा कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर बनकर भविष्य में अपना रोजगार करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी। इससे वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर पाएंगी। श्रीमती खुशबू ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, जिलाधिकारी महोदय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का इस सहयोग हेतु हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।