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मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में “संध्या संवाद” से ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

लखनऊ  योगी सरकार के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के विजन को नई धार देने के लिए देवीपाटन मंडल में “संध्या संवाद कार्यक्रम” की शुरुआत शुक्रवार को श्रावस्ती से की गई। योगी सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासन को सीधे गांव-गांव तक ले जाने की इस पहल की शुरुआत श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।  संध्या संवाद में मंडलायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, शिविर लगाकर दिया गया योजना का लाभ देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती दौरे के दौरान “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ में प्रतिभाग कर ग्रामीणों से खुली चौपाल में सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत में एक दिवसीय विशेष शिविर भी आयोजित किया गया, जहां विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया गया। मंडलायुक्त ने बताया कि “संध्या संवाद कार्यक्रम” का उद्देश्य शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का है। इसी के तहत प्रशासनिक अधिकारी सीधे गांवों में पहुंचे और लोगों से संवाद किया। इससे न केवल लोगों का योगी सरकार पर विश्वास मजबूत होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।  किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई की।  इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान कराया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद  संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की। आयुक्त ने राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता और विभागों के बीच समन्वय की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय और मजबूत रखी जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए  मंडलायुक्त ने कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं की भी सुनवाई की। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जीपीएफ, पेंशन और अन्य देयकों के लंबित भुगतान की शिकायत की, जिस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मालूम हो कि योगी सरकार लगातार वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर जोर दे रही है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। इसके बाद आयुक्त ने श्रावस्ती में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन और नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच की। इस दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित कई परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए।

यूपी में बूथ सत्यापन अभियान शुरू, दो हजार कार्यकर्ता मैदान में उतरे

 लखनऊ  बंगाल, असम और पुडुचेरी में प्रचंड जीत के बाद यूपी का चुनावी पारा चढ़ गया है। आत्मविश्वास की लहर पर सवार भाजपा ने प्रदेश पर पूरा फोकस कर दिया है। मिशन-2027 को भेदने के लिए बूथ कमेटियों के सत्यापन, सामाजिक समीकरण और जीत-हार के कारकों पर 15 दिन में रिपोर्ट बनाने के लिए दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा गया है। उन्हें हर मंडल में दस दिन रहते हुए चुनावी धड़कन पकड़ना होगा गाजियाबाद, लखनऊ एवं कानपुर में बैठक कर पार्टी होमवर्क बना चुकी है। 12 मई को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन जिलाध्यक्षों के साथ लखनऊ में मीटिंग कर बूथ प्रबंधन को मथेंगे। 1981 मंडलों में बूथों सत्यापन के लिए पार्टी ने उतारे गए दो हजार कार्यकर्ता भाजपा ने प्रदेश के विधान सभा चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर बूथ प्रबंधन को बदले हुए तेवर के साथ जमीन पर उतारा है। प्रभारी रहते हुए वर्ष 2014 में अमित शाह ने विरोधी दलों को बूथ प्रबंधन के चक्रव्यूह में उलझाकर भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भी माइक्रोमैनेजमेंट ने पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाया। 2019 लोकसभा एवं 2022 विधानसभा चुनाव में भी बूथों के राजनीतिक कौशल की भूमिका रही, लेकिन कमेटियों का भौतिक सत्यापन न होने से बाद में कई पदाधिकारी कागजों पर ही नजर आए। अब 2027 विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी ने बूथ प्रबंधन का गियर नए सिरे से लगाया है। जातीय समीकरण, विपक्षी दलों की स्थिति व जीत-हार पर भी देनी होगी रिपोर्ट प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों के 1981 मंडलों में बूथ कमेटियों एवं शक्ति केंद्रों (जिसमें पांच से सात बूथ होते हैं) की जांच के लिए पार्टी ने दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मा दिया है, जो 10 दिन में प्रदेश संगठन को रिपोर्ट देंगे। उन्हें न सिर्फ बूथ अध्यक्षों, बूथ प्रभारियों एवं शक्ति केंद्रों का भौतिक सत्यापन करना है, बल्कि विपक्षी दलों एवं मतदाता सूची की स्थिति, सामाजिक-राजनीतिक समीकरण, जीत-हार के फैक्टर एवं कार्यकर्ताओं की स्थिति पर जमीनी रिपोर्ट बनाकर देनी होगी। कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे बूथ कमेटियों की रिपोर्ट तैयार होने के बीच योगी सरकार में छह नए मंत्रियों एवं प्रदेश और क्षेत्रीय इकाई घोषित करने की योजना है। लखनऊ में प्रदेश इकाई की जिलाध्यक्षों के साथ बैठक के बाद बूथों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज करते हुए कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे। सालभर चले अभियानों की पड़ताल करने के साथ ही भाजपाइयों को हर विधानसभा सीट पर फीडबैक भी देना होगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को दी शुभकामनाएं

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी व सभी मंत्रियों को उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।  अब सिद्ध होगा 'सोनार बांग्ला' का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सुवेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! ​पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आप (सुवेंदु अधिकारी) के ऊर्जावान नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' का संकल्प सिद्ध होगा और प्रदेश सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं आर्थिक उत्थान के अमृतकाल में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री ने लिखा कि ​आपका कार्यकाल बंगाल के जन-जन की आकांक्षाओं की पूर्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बने, माँ काली से यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित मंत्रियों को भी दी बधाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को भी बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में मंत्री पद की शपथ लेने वाले समस्त माननीय को भी हृदयतल से बधाई! पूर्ण विश्वास है कि आप सभी जन-सेवा को सर्वोपरि मानकर 'सोनार बांग्ला' के गौरव को पुनर्स्थापित करेंगे।  ​माँ काली की कृपा से आप सभी का कार्यकाल यशस्वी और लोक-कल्याणकारी हो।

RO-ARO भर्ती: OBC अभ्यर्थियों को 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा पक्ष

RO-ARO भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को मिला 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा मजबूत पक्ष – 419 अभ्यर्थियों का हुआ था चयन, 176 ओबीसी वर्ग से चयनित – हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले के आधार पर कोर्ट में पक्ष रखेगा यूपी लोक सेवा आयोग – चयनित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन शुरू – रिजल्ट के बाद एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थी कर चुके हैं ज्वाइन – त्रिस्तरीय प्रक्रिया के तहत हुई थी RO-ARO भर्ती परीक्षा – आयोग का दावा- आरक्षण नियमों के तहत हुई पूरी चयन प्रक्रिया – कोर्ट में भर्ती प्रक्रिया के समर्थन में मजबूती से रखा जाएगा पक्ष – RO-ARO भर्ती में सामाजिक न्याय और मेरिट दोनों का संतुलन – ओबीसी युवाओं की बढ़ी भागीदारी बनी चर्चा का केंद्र प्रयागराज/लखनऊ समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले और उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का गहन अध्ययन कर रहा है। आयोग का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा केवल 'सूटेबिलिटी एग्जाम' होती है, जिसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, जबकि आरक्षण का अंतिम निर्धारण फाइनल चयन चरण में किया जाता है। आयोग के सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अंतरिम रोक दे चुका है और आयोग हाईकोर्ट में इन्हीं स्थापित कानूनी सिद्धांतों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। 419 चयनितों में 176 ओबीसी अभ्यर्थियों का चयन आयोग द्वारा बताया गया कि 5 अप्रैल 2026 को घोषित अंतिम परिणाम में कुल 419 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें 176 अभ्यर्थीओबीसी वर्ग से हैं। यानी कुल चयन में ओबीसी वर्ग की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जबकि सामान्य वर्ग का प्रतिशत 28.16 रहा। आयोग का कहना है कि यह परिणाम पूरी तरह समावेशी चयन प्रक्रिया को दर्शाता है, जिसमें मेरिट और नियमबद्ध आरक्षण व्यवस्था दोनों का संतुलन सुनिश्चित किया गया। नियमों और विज्ञापन के अनुरूप हुई पूरी प्रक्रिया आयोग सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि RO-ARO भर्ती प्रक्रिया में आयोग ने विज्ञापन की शर्तों और 1994 तथा 1986 की स्थापित नियमावलियों का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय परीक्षा प्रणाली में प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग और उपयुक्तता तय करने के लिए होती है, जबकि अंतिम चयन मुख्य परीक्षा, टंकण परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाता है। ऐसे में फाइनल रिजल्ट में ओबीसी वर्ग को मिला 42 प्रतिशत प्रतिनिधित्व यह साबित करता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सामाजिक न्याय के अनुरूप रही है। हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे हैं सवाल कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अंतिम चयन सूची को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाओं में आरक्षण और माइग्रेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि आयोग का कहना है कि अदालत में पूरी प्रक्रिया का कानूनी और तथ्यात्मक पक्ष विस्तार से रखा जाएगा। हरियाणा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर फोकस आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम आदेशों और कानूनी टिप्पणियों को अपने पक्ष के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। आयोग का मानना है कि आरक्षण और माइग्रेशन से जुड़े मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट संकेत दे चुका है कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के प्रश्न पर विस्तृत कानूनी परीक्षण आवश्यक है। इसी आधार पर आयोग हाईकोर्ट में यह पक्ष रखेगा कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमबद्ध, पारदर्शी और स्थापित संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी या नुकसान न हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी को बधाई दी और उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। सीएम योगी ने सुवेंदु अधिकारी को मंच पर भगवा अंगवस्त्र भी पहनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, क्षुदीराम टुडू, निशीथ प्रमाणिक को भी बधाई दी। शपथ ग्रहण के पश्चात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर सबके प्रति आभार प्रकट किया। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवा अंगवस्त्र पहनाकर उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया था। इसके उपरांत उनके चरणों में शीश नवाकर अपनी श्रद्धा भी निवेदित की थी।

जनगणना 2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर भागीदारी दर्ज की

जनगणना-2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार ग्राम स्तर तक चलाएगी जागरूकता अभियान, हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को किया था जनगणना-2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ नागरिकों से जनगणना पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की अपील डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों के पालन का भरोसा लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार जनगणना- 2027 को पारदर्शी, तकनीक आधारित और सटीक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप के सरकारी आवास पर जनगणना-2027 के अंतर्गत स्वगणना सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। 22 मई से मकान सूचीकरण होगा आरंभ स्वगणना की इस पहल से नागरिकों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी जनगणना पोर्टल http://se.census.gov.in पर ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसको लेकर प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वह जनगणना-2027 में उत्साहपूर्वक भाग लें और स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य डेटा संकलन की प्रक्रिया को तेज करना और त्रुटिहीन एवं सटीक आंकड़े प्राप्त करना है। जनगणना-2027 के प्रथम चरण यानी स्वगणना प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वगणना की 15 दिनों की अवधि पूर्ण होने के बाद 22 मई से औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।  ग्राम स्तर तक चलेगा जागरूकता अभियान स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार प्रदेश स्तर से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए जाने के लिए भी कहा गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अपने-अपने स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को मिलेगी नई दिशा मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। इससे प्राप्त आंकड़े राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में अत्यन्त सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उच्चाधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने दी शुभेंदु अधिकारी को बधाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी है। इस संबंध में सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, शुभेंदु अधिकारी जी को बंगाल के बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। सीएम योगी के इस पोस्ट पर लोगों ने कमेंट कर भाजपा के इस फैसले की सराहना की है। गौरतलब है कि शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया।

लखनऊ में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक, 25 लाख टन लक्ष्य पर जोर

 लखनऊ  खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीद का लक्ष्य पाने के लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। क्रय केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो। खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री ने दिए निर्देश राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में बताया गया कि गेहूं खरीद के लिए 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। भारत सरकार ने 25 लाख टन की खरीद का लक्ष्य तय किया है और अब तक 190704 किसानों से 9.75 लाख टन (39.01 प्रतिशत) की खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में 9.19 लाख टन की खरीद हुई थी। मंत्री ने राशन की दुकानों पर ई-पास मशीनों से खाद्यान्न वितरण की नियमित जांच के भी निर्देश दिए। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। बताया गया कि खाद्यान्न वितरण की ऑनलाइन रिपोर्ट की मानिटरिंग की जा रही है और विभागीय कार्मिकों द्वारा फील्ड स्तर पर मोबाइल इंस्पेक्शन एप से आनलाइन जांच भी की जा रही है। इसकी औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए मंत्री ने राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव, वित्त नियंत्रक शशि भूषण तोमर, संभागीय खाद्य नियंत्रक (मुख्यालय) अशोक कुमार पाल आदि मौजूद रहे।  

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रतापगढ़ जंक्शन का आधुनिकीकरण तेज

 प्रतापगढ़  मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन के यार्ड को अपग्रेड किया जाएगा। इससे यार्ड से होकर ट्रेनें स्पीड से प्लेटफार्म पर पहुंचेंगी और रवाना भी होंगी। यार्ड के सभी प्वाइंट्स व्यवस्थित किए जाएंगे। स्लीपर व नई पटरियां भी लगाई जाएंगी। ट्रैक पैकेजिंग भी होगी। इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा। बारिश से पहले यार्ड को बेहतर बनाने की तैयारी है। स्टेशन के पुराने भवन की जगह नए बनाए जा रहे मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन पर अमृत भारत स्टेशन के तहत कार्य चल रहा है। पुराने भवन को गिराकर नए भवन बनाए जा रहे हैं। यात्री सुविधाओं पर भी ध्यान है। एलईडी स्क्रीन, कोच संकेतक भी लग गए हैं। सीसीटीवी का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा ट्रेनों के संचालन नर भी विशेष ध्यान है। इसी के क्रम में जंक्शन के यार्ड को अपग्रेड किया जाएगा। खास-खास – 5 प्लेटफार्म हैं जंक्शन पर – 5 हजार यात्री आते-जाते हैं प्रतिदिन – 20 से अधिक वाटर बूथ लगे हैं जंक्शन पर – 2 जनरल टिकट के काउंटर – 2 आरक्षण टिकट काउंटर – 3 एलईडी स्क्रीन स्लीपर व पटरी बदली जाएगी यार्ड की स्क्रीनिंग करने के बाद स्लीपर व पटरी को बदला जाएगा। सभी प्वाइंट्स को बेहतर बनाया जाएगा। इससे ट्रेन की स्पीड बढ़ेगी। दरअसल, जंक्शन के दोनों छोर पर यार्ड को अपग्रेड हुए लंबा समय हो गया है। इससे जब यहां ट्रेन पहुंचती है तो इनकी स्पीड धीमी हो जाती है। कई बार आउटर पर ही ट्रेनें खड़ी हो जाती हैं। धीरे-धीरे यह प्लेटफार्म की ओर रुख करती हैं। दक्षिणी छोर और उत्तरी छोर पर यार्ड से पहले ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है। यार्ड सुदृढ़ीकरण कार्य जल्द शुरू : पीडब्ल्यूआइ पटरियों से भी तेज आवाज आती है। कई बार तो ट्रेनों के कोच नया माल गोदाम रोड क्रासिंग व जेल रोड क्रासिंग पर देखे जाते हैं। इससे जाम की स्थिति भी रहती है, लेकिन अब यार्ड के अपग्रेड होने के बाद ट्रेनों के संचालन में बदलाव दिखेगा। पीडब्ल्यूआइ जितेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही यार्ड के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू होगा। इसे और बेहतर बनाया जाएगा। इससे ट्रेनों का आवागमन सुगम होगा।  

ड्राइवरलेस ट्रेनों के साथ यूपी मेट्रो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मेंटेनेंस और ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम

लखनऊ यूपी में मेट्रो का नया ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाजा और उन्नत तकनीक से युक्त होगा। सफर के दौरान समस्या आने पर यात्री कोच में लगे इंटरकॉम से जब ऑपरेशन कंट्रोल और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम से संपर्क करेगा तो कोच की लाइव फुटेज इन दोनों ही स्थानों पर तैनात कर्मचारी देख सकेंगे। ऐसे में उस तक तुरंत मदद पहुंचाने में आसानी होगी। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1 बी) के लिए 15 अत्याधुनिक ट्रेन सेट और सिग्नलिंग सिस्टम के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता हुए सभी कोचों में पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम (पीईआई बटन) की सुविधा हलगी। इस बटन को दबाते ही यात्री सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकेंगे और अपनी समस्या बता सकेंगे। जिस कोच से कॉल किया जाएगा उसकी लाइव फुटेज ड्राइवर केबिन, ऑपरेशन कंट्रोल रूम और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में दिखाई देगी। ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचते ही सुरक्षा टीम तुरंत मदद के लिए मौजूद रहेगी। एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस … मेट्रो ट्रेन के ट्रेन कंट्रोल एंड मैनेजमेंट सिस्टम (टीसीएमएस टीजीसी) को कम्प्यूटरीकृत मेंटेनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था में सर्वर सीधे ट्रेनों से जुड़ा रहेगा, जिससे ट्रेनों के डेटा की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डाउनलोडिंग होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस किया जाएगा। इसमें किसी भी फाल्ट का पता चलते ही स्वतः जॉब कार्ड तैयार होने की सुविधा भी होगी। यूपीएमआरसी के एमडी, सुशील कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनें सुरक्षा और ऊर्जा बचत में विश्वसनीय और बेहतर होंगी। ड्राइवर लेस ट्रेन का संचालन होगा संभव ट्रेनें अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) ) मोड पर संचालित होंगी, जिससे उनका संचालन पूरी तरह "ड्राइवर लेस" होगा। इस प्रणाली के तहत ट्रेनें कम्युनिकेशन-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) जैसी उन्नत तकनीक की मदद से स्वतः संचालित होंगी। गति भी नियंत्रित करेंगी। साथ ही ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) प्रणाली से सुरक्षित दूरी बनाते हुए चलेंगी। किसी भी तकनीकि या अन्य समस्या की स्थिति में स्वतः ब्रेक लग जाएगा। ट्रेनों में सीओटू सेंसर आधारित एचवीएसी सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम से एसी की कूलिंग अपने आप एडजस्ट करेगा। इससे यात्रियों को बेहतर आराम मिलेगा और ऊर्जा की बचत भी होगी। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से बसंतकुंज) पर बिना ड्राइवरों वाली ट्रेनें दौड़ेंगी। कंट्रोल सिस्टम से इनका संचालन होगा, जिससे इससे सुरक्षा और पुख्ता होगी। मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को 15 ड्राइवरलेस ट्रेन सेट और सिग्ननलिंग सिस्टम के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर जारी किया।