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लखनऊ में अंतरराज्यीय कार्यशाला, 8 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों की होगी भागीदारी

लखनऊ में 23-24 अक्टूबर को जुटेंगे आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, सीएम योगी करेंगे कार्यशाला का उद्घाटन मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और दक्षता आधारित बनाने पर होगा मंथन, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी रहेंगे मौजूद लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर के प्रशासनिक सुधारों और क्षमता निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजनों का केंद्र बनने जा रहा है। इसी क्रम में 23- 24 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में क्षमता निर्माण आयोग (कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन-सीबीसी) की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना श्रृंखला-2026’ का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में उत्तरी क्षेत्र के आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और दक्षता आधारित क्षमता निर्माण संस्थानों के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार करना है। यह पहल मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को नागरिक-केंद्रित बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी उत्तर प्रदेश सरकार की मेजबानी में आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अधिकारी भी भाग लेंगे। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुख, संकाय सदस्य, विषय विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श करेंगे। हिमालयी क्षेत्रों से लेकर गंगा के मैदानी इलाकों और राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों तक फैले राज्यों की भागीदारी से विभिन्न प्रशासनिक परिस्थितियों में प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों, चुनौतियों और नवाचारों पर साझा चर्चा का अवसर मिलेगा। चार प्रमुख क्षेत्रों पर होगा विचार-विमर्श कार्यशाला में संस्थागत शासन एवं नेतृत्व, प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यक्षमता और आपसी सहयोग, संकाय एवं संस्थागत दक्षताओं तथा डिजिटल परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को अपनी आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप सुधार की पहचान करने और उनके क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक रोडमैप तैयार करने में सहायता दी जाएगी। इसका लक्ष्य प्रशिक्षण संस्थानों को सरकारी अधिकारियों की वास्तविक कार्यगत जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाना है। 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान एक मंच पर इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए ‘यूनिफाइड न्यू-एज नेशनल ट्रेनिंग इनिशिएटिव्स’ (UNNATI) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। साधना सप्ताह-2026 के दौरान शुरू किया गया यह पोर्टल 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों को एक साझा मंच पर जोड़ता है। इसके माध्यम से प्रशिक्षण संसाधनों को साझा करने, संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने और आंकड़ों के आधार पर कार्यक्षमता में सुधार करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय प्रशिक्षण सुधार ढांचे को मिलेगी दिशा ‘साधना श्रृंखला-2026’ चार क्षेत्रीय कार्यशालाओं की श्रृंखला है। इसकी शुरुआत 29-30 सितंबर को विजयवाड़ा में हुई थी, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र की कार्यशाला 9 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित की गई। लखनऊ में होने वाली कार्यशाला के निष्कर्षों को अन्य क्षेत्रीय कार्यशालाओं के परिणामों के साथ प्रशिक्षण संस्थान परिवर्तन ढांचा (ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ट्रांसफॉर्मेशन फ्रेमवर्क) तैयार करने में शामिल किया जाएगा।

गोरक्षपीठ में रविवार को होगी महानिशा पूजा, हवन कर लोक मंगल का आशीर्वाद मांगेंगे सीएम योगी

रविवार से मंगलवार तक विशिष्ट अनुष्ठान व आराधना में लीन रहेंगे मुख्यमंत्री गोरक्षपीठ में रविवार को होगी महानिशा पूजा, हवन कर लोक मंगल का आशीर्वाद मांगेंगे सीएम योगी महानवमी पर पांव पखारकर नौ कन्याओं और बटुकों का पूजन करेंगे मुख्यमंत्री दशहरे पर निकलेगी ऐतिहासिक विजयादशमी शोभायात्रा, प्रभु श्रीराम का होगा राजतिलक गोरखपुर,  शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन तपोस्थली गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से जारी आध्यात्मिक अनुष्ठान रविवार से अपने सबसे विशिष्ट और पावन पड़ाव की ओर अग्रसर होंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार से मंगलवार तक अनवरत तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठान, पूजन और पारंपरिक उत्सवों में लीन रहेंगे। अष्टमी (रविवार, 18 अक्टूबर) की शाम वह गोरक्षपीठ के पारंपरिक निशा पूजा में सम्मिलित होंगे जबकि सोमवार (19 अक्टूबर) को नवमी तिथि पर उनके द्वारा कन्या पूजन का अनुष्ठान किया जाएगा। नवरात्र की पूर्णता के बाद दशहरे के दिन मंगलवार (20 अक्टूबर) को गुरु गोरक्षनाथ की विशिष्ट पूजा कर गोरक्षपीठाधीश्वर, गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे।   शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद के नियमित नवरात्र पूजन के अनुष्ठान उनके प्रतिनिधि के रूप में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ द्वारा किए जा रहे हैं। अष्टमी की तिथि के मान से लेकर विजयादशमी तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ स्वयं आराधना व आनुष्ठानिक कार्यक्रमों के लिए उपस्थित रहेंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर रविवार (18 अक्टूबर) को नवरात्र की अष्टमी तिथि में विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन कर लोक मंगल की प्रार्थना करेंगे। गोरक्षपीठ में सोमवार (19 अक्टूबर) को पूर्वाह्न 11 बजे से मातृ शक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान के प्रतीक के रूप में कन्या पूजन का अनुष्ठान होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्या पूजन कर मातृ शक्ति के प्रति गोरक्षपीठ की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर नौ दुर्गा स्वरूपा नौ कुंवारी कन्याओं के पांव पखारेंगे, उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत का तिलक लगा विधि विधान से पूजन करेंगे। पूरी श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे। इस दौरान परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा। जबकि मंगलवार (20 अक्टूबर) को महायोगी गोरखनाथ जी के विशिष्ट पूजन व गोरक्षपीठाधीश्वर के तिलकोत्सव के बाद सायंकाल विजयादशमी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।  गोरखपुर की उत्सवी परंपरा का खास आकर्षण है विजयादशमी शोभायात्रा दशहरे के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा गोरखपुर की उत्सवी परंपरा का खास आकर्षण है। इस शोभायात्रा में सामाजिक समरसता देखने को मिलती है। इस शोभायात्रा में हर वर्ग के लोग तो शामिल होते ही हैं, इसका अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम व बुनकर समाज) के लोगों द्वारा भव्य स्वागत भी किया जाता है। तीन पीढ़ियों से विजयादशमी शोभायात्रा का स्वागत करने वाले उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा बताते हैं कि मंदिर के मुख्य द्वार से थोड़ी दूर पर हम लोग घंटों पहले फूलमाला लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर के स्वागत को खड़े रहते हैं।  धूमधाम से निकलेगी गोरक्षपीठाधीश्वर की विजयादशमी शोभायात्रा गोरक्षपीठ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी विजयादशमी के दिन मंगलवार (20 अक्टूबर) सायंकाल गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। पीठाधीश्वर गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने वाहन में सवार होंगे। तुरही, नगाड़े व बैंड बाजे की धुन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े मानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव की पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। यही नहीं विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में होने वाले पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देंगे। विजयादशमी के दिन शाम को गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत भोज का भी आयोजन होगा जिसमें अमीर-गरीब और जाति-मजहब के विभेद से परे बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए UP की 1090 हेल्पलाइन, फोन और सोशल मीडिया पर शिकायत का समाधान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वुमन पावर लाइन-1090 अहम भूमिका निभा रही है, फोन पर परेशान करने, सोशल मीडिया पर पीछा करने और किसी भी तरह से प्रताड़ित किए जाने की शिकायतों पर इस सेवा के जरिए मदद मांगी जा सकती है, इसका उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को बिना डर अपनी शिकायत दर्ज कराने का अवसर देना और उनकी पहचान गोपनीय रखना है।  अगर कोई व्यक्ति फोन पर परेशान करता है, सोशल मीडिया पर पीछा करता है या किसी अन्य माध्यम से प्रताड़ित करता है, तो पीड़िता 1090 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकती है. इस सेवा की एक प्रमुख विशेषता शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखना है. कई मामलों में पीड़िता को शिकायत के लिए सीधे थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ती, पुलिस शिकायत के आधार पर आरोपी से संपर्क कर उसे ऐसी हरकतें बंद करने की चेतावनी देती है।  इसके अलावा, मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रही महिलाओं को काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है. इसके जरिए पीड़िताओं को भावनात्मक सहयोग देने और उनकी समस्याओं के समाधान में मदद करने का प्रयास किया जाता है।  रोजाना हजारों कॉल संभालने का दावा जानकारी के मुताबिक, 150 सीटों की क्षमता वाला 1090 कॉल सेंटर रोजाना लगभग 8,000 इनकमिंग और 10,000 आउटगोइंग कॉल संभालता है, इसकी कार्यप्रणाली शिकायत मिलने से लेकर उसके निस्तारण और पीड़िता से फीडबैक लेने तक फैली हुई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस का प्रतिनिधि आरोपी से फोन पर संपर्क कर उसे चेतावनी देता है और परेशान करने वाली गतिविधियां रोकने का निर्देश देता है, इसका उद्देश्य शुरुआती स्तर पर ही हस्तक्षेप करके पीड़िता को राहत दिलाना है।  1090 पर शिकायत के बाद क्या होता है? चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा आरोपी तो आगे की कार्रवाई अगर चेतावनी देने के बाद भी आरोपी अपनी हरकतें जारी रखता है, तो एफएफआर (फैमिली, फ्रेंड्स एंड रिलेटिव्स) तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके तहत आरोपी के परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क कर उसे अपनी हरकतें रोकने के लिए समझाने का प्रयास किया जाता है. यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता, तो मामला संबंधित थाने को भेजा जाता है, जहां कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा सकती है।  1090 की प्रक्रिया में पीड़िता से कार्रवाई के अलग-अलग चरणों में फीडबैक लेने की व्यवस्था भी बताई गई है, इसका उद्देश्य यह जानना है कि शिकायत के बाद उसकी परेशानी दूर हुई या नहीं।  महिलाओं को परेशान करने वालों पर ऐसे कसता है शिकंजा उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत के निस्तारण के 30 दिन बाद भी अंतिम फीडबैक लिया जाता है. अगर पीड़िता बताती है कि उसकी समस्या अब भी बनी हुई है या वह कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है, तो मामले पर दोबारा ध्यान देकर शिकायत के समाधान की प्रक्रिया फिर शुरू की जा सकती है, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसी हेल्पलाइन का प्रभावी इस्तेमाल तभी संभव है, जब शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो, पीड़िताओं की निजता सुरक्षित रहे और जरूरत पड़ने पर उन्हें कानूनी सहायता भी मिले। 

फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर जोर, नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

योगी सरकार फैजुल्लागंज में लगातार चला रही बाढ़ राहत कार्य, प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण प्रभावित घरों तक राहत पहुंचाने में जुटा प्रशासन, पेयजल और खाद्य सामग्री की व्यवस्था तेज महापौर के निर्देश, प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे सभी उपलब्ध टैंकर और मोबाइल टॉयलेट जलनिकासी के बाद भी 10 से 12 दिन चलेगा सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर जोर, नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश लखनऊ,  योगी सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और जरूरी सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की सहायता करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। उन्होंने जलनिकासी में तेजी लाने और प्रभावित बस्तियों में रहने वाले लोगों की दैनिक जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। 6500 घर और करीब 50 हजार लोग प्रभावित निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज क्षेत्र में करीब 6500 घर, लगभग आठ किलोमीटर का क्षेत्र और करीब 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम और प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजने और लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह देने के निर्देश दिए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने, नालियों की सफाई, कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान चलाने के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन से छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित बस्तियों में लोगों के आवागमन के लिए चलने योग्य रास्ते तैयार किए जाएं। भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए इंटरलॉकिंग सड़कों सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाए। सभी टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के निर्देश महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम के सभी उपलब्ध जल टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित इलाकों में लगाए जाएं। ताकि प्रभावित परिवारों को पेयजल और स्वच्छता संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जलनिकासी के साथ घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।  जलनिकासी के बाद भी जारी रहेगा सफाई अभियान प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में करीब एक सप्ताह लगने का अनुमान है। इसके बाद भी अगले 10 से 12 दिनों तक सफाई, कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन अभियान चलाना जरूरी होगा, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके और जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने राहत कार्यों में सहयोग कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना की। नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि फैजुल्लागंज क्षेत्र में भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर भी काम किया जाना चाहिए। नदी के किनारे बंधा बनाने सहित आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की संभावनाओं का आकलन किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। पेयजल, खाद्य सामग्री, सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री ने भी लिया संज्ञान प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। जबकि रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हाल जाना और राहत कार्यों का जायजा लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी रहेंगे। शासन- प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता मिले और क्षेत्र में जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।

काशी के आसमान में दिखेगा भारतीय वायुसेना का दम, अपाचे से चिनूक तक कई विमानों का होगा प्रदर्शन

 वाराणसी  सप्ताह भर के बाद काशी के आसमान में जो होने जा रहा है वह पौराणिक महत्ता वाली काशी के लिहाज से ऐतिहासिक होने जा रहा है। दरअसल 22, 24 और 25 अक्टूबर को होने जा रहे एयरशो के लिए आयोजन की सारी रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। एक दिन पूर्व 21 अक्टूबर को इस बाबत साझा ब्रीफिंग भी प्रस्तावित है जिसमें आयोजन की अंतिम रूपरेखा को जारी किया जाएगा। एयर फोर्स के सूत्रों के अनुसार इस एयर शो के पूरे आयोजन को कुछ चरणों में संचालित किया जाना है। जिसके पहले चरण में एयर फोर्स की ओर से विमानों के करतब सहित उनका प्रदर्शन शामिल है। जबकि शासन के स्तर से विदेशी दूतावासों के अधिकारियों को आमंत्रण और स्थानीय स्तर के वीआइपी और वीवीआइपी को आमंत्रण होना है। जबकि गंगा में नौकाओं के संचालन पर नियंत्रण सहित यातायात व्यवस्था और नमोघाट पर पूरी व्यस्था का जिम्मा वाराणसी जिला प्रशासन का है। आयोजन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित तीनों सेनाओं के प्रमुखों की भी मौजूदगी रहेगी। आयोजन में विदेशी मेहमानों के तौर पर मित्र देशों के राजदूत भी आमंत्रित हैं। तीन दिवसीय आयोजन में प्रदेश के मंत्री और अन्य नेतागणों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहेंगे। एयरफोर्स की ओर से इस आयोजन में सभी प्रमुख विमान शामिल किए गए हैं। एयर शो के दौरान हवा में विमानों में रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन किया जाएगा। एयरफोर्स की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया चूंकि काफी ऊंचाई पर होती है लिहाजा विमानों में रिफ्यूलिंग को दर्शक स्पष्ट देख सकें इस लिहाज से समान ऊंचाई पर विमानों में रिफ्यूलिंग का सिर्फ डेमो ही होगा, मतलब विमान में हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया को सिर्फ प्रदर्शित ही किया जाएगा। आयोजन में किसी भी अन्य देश के विमान को नहीं शामिल किया गया है। जबकि विदेशी विमान जो भारतीय वायु सेना में शामिल हैं उन सभी विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय विमानों का दिखेगा जलवा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित तेजस लड़ाकू विमान की गर्जना को काशी पहली बार करीब से महसूस करेगी तो कंपनी द्वारा ही निर्मित ध्रुव और प्रचंड जैसे लड़ाकू हेलीकाप्टरों से आसमान में भारतीय वायुसेना का शौर्य परवाज भरेगा। विमान आसपास के अलग- अलग एयरबेस से उड़ान भरकर काशी के आसमान में करतब दिखाएंगे। जबकि हल्के उपयोग वाले चीता और चेतक भी आसमान में उड़ान भरते नजर आएंगे। विदेशी मूल के विमान भारतीय वायुसेना में रूसी मूल के मिग और सुखोई विमानों के साथ ही फ्रांस के मिराज और भारतीय वायुसेना की रीढ़ कहे जाने वाले राफेल विमान भी आसमान में भारतीयों का मस्तक गर्व से ऊंचा करेंगे। जबकि अमेरिकी लड़ाकू हेलीकाप्टर अपाचे जो अब भारतीय वायुसेना का भी हिस्सा है वह भी आसमान में गरजेगा। भारी परिवहन वाले हेलीकाप्टर चिनूक और एमआई भी आयोजन का हिस्सा होंगे। बोइंग सी 17 ग्लोबमास्टर और सुपर जे हरक्यूलिस जैसे भारी भरकम विमान भी शामिल होंगे। नहीं होंगी यह गतिविधियां विमानों से प्रतीकात्मक हमला करने और किसी आब्जेक्ट को विमान से नष्ट करने का प्रदर्शन सुरक्षा कारणों की वजह से नहीं होगा। जबकि पैराट्रूपर्स के उतरने का भी प्रदर्शन घना क्षेत्र और गंगा का तटीय क्षेत्र होने की वजह से काशी में नहीं हो सकेगा।     भारतीय वायुसेना में शाम‍िल सभी प्रमुख व‍िमान और हेलीकाप्‍टर वाराणसी में होने वाले एयरशो में शाम‍िल होंगे। एयरफोर्स की ओर से आयोजन को सफल बनाने के ल‍िए सभी तैयार‍ियां पूरी कर ली गई हैं। – देबार्थो धर, जनसंपर्क अध‍िकारी, भारतीय वायुसेना।

मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर, आत्मविश्वास से भर रही नई उड़ान

मिशन शक्ति फेज 6 घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, योगी सरकार में महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर, आत्मविश्वास से भर रही नई उड़ान सभी 75 जिलों में जागरूकता अभियान, रैलियों से लेकर साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं तक महिलाओं-बालिकाओं को किया जा रहा जागरूक महिला सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक 15 बिंदुओं पर विभाग कर रहा काम 50 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी, वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से जुड़ीं 1.8 लाख से ज्यादा बालिकाएं लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में महिला कल्याण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। बेटियां एक दिन की अफसर बन समझ रहीं प्रशासनिक कार्यप्रणाली महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेटियों को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का हौसला मिल रहा। सभी 75 जिलों में रैलियां, पदयात्राओं से जन-जन तक पहुंच रहा संदेश लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं। अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ बालिकाओं को सांकेतिक प्रशासनिक दायित्व सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिला सशक्तीकरण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। साइबर सुरक्षा से बाल विवाह उन्मूलन तक 15 गतिविधियों पर जोर महिला कल्याण विभाग अभियान के तहत 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है। इनमें जनजागरूकता रैलियां, महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संबंधी कार्यशालाएं शामिल हैं। साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान एवं सूचना देने संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त वृद्धजन आवासों और आश्रय गृहों में संवेदीकरण, कन्या जन्मोत्सव, नवजात शिशु किट एवं पोषण वितरण, किशोरी स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और सेनेटरी पैड वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए शपथ एवं जनसंवाद तथा महिला नेतृत्व में यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ वित्तीय साक्षरता पर फोकस महिला कल्याण विभाग की टीमें गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर महिलाओं एवं परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दे रही हैं। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर सरकारी सहायता का लाभ दिलाना है। बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं। इसके माध्यम से बालिकाओं में आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं की जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई 17 अक्टूबर-20 को शुरू हुआ मिशन शक्ति पांच चरणों के बाद अब छठवें चरण में पहुंच गया है। अभियान के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास, नारी संरक्षण गृह और अन्य आश्रय सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें। आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दे रही है। संबंधित अधिकारियों को अभियान में प्राथमिकता के आधार पर सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Meerut Snake Bite Case: अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मिली मौत की सजा

 मेरठ  सांप के डसने से मौत का मामला समझे जा रहे अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार देने के बाद यह फैसला सुनाया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों की गवाही हुई। इस हत्याकांड का पर्दाफाश तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा के पोस्टमार्टम कराने के फैसले से हुआ था। परिवार और पत्नी के विरोध के बावजूद कराए गए पोस्टमार्टम में अमित की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। गला दबाकर हत्या, सांप से डसवाने की साजिश मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के सैदपुर निवासी रविता की शादी नौ वर्ष पहले बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं। अमित के साथ काम करने वाला अमरदीप पड़ोस में रहता था और रविता को चाची कहकर बुलाता था। इसी रिश्ते की आड़ में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई वर्ष पहले प्रेम संबंध हो गए। 12 अप्रैल 2025 को अमित पत्नी और बच्चों के साथ शाकंभरी देवी के दर्शन करने गया था। लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित की नजर बचाकर अमरदीप से बात की। इसके बाद दोनों ने अमित की हत्या की साजिश रची। शाम तक सांप की व्यवस्था कर ली गई और अमरदीप ने उसे खेत में छिपा दिया। रात करीब दस बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया। इसके बाद अमरदीप थैले में सांप लेकर पहुंचा। रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद दोनों ने शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया। सांप की पूंछ अमित की कमर के नीचे दबने से उसने पांच बार काटा। इससे शरीर पर बने निशानों के कारण हत्या को सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई। पोस्टमार्टम से खुला हत्या का राज 13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार किया और बेटे को अमित के पास भेजा। चारपाई पर सांप देखकर बेटे ने शोर मचा दिया। परिवार ने अमित की मौत सांप के डसने से होना मान लिया। शव को बुलंदशहर के गुलावटी ले जाकर झाड़-फूंक भी कराई गई। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचीं। परिवार और रविता पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। तीन दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया। 86 तारीखों के बाद सुनाया फैसला अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में सुनवाई के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सात अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या का पर्दाफाश करने वाली अहम कड़ी साबित हुई।  

मिनी नंदिनी योजना में बदले नियम, दूसरे राज्यों के व्यापारियों से गाय मंगाने की मिलेगी सुविधा

सहारनपुर  पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत गायों की खरीद प्रक्रिया में बदलाव किया है। नई व्यवस्था से योजना में चयनित पशुपालकों को साहीवाल और गिर जैसी उन्नत नस्ल की गाय खरीदने के लिए गुजरात, राजस्थान या दूसरे राज्यों में खुद जाने की जरूरत नहीं होगी। वे दूसरे राज्यों के व्यापारियों के माध्यम से भी गाय मंगा सकेंगे। इससे समय और अतिरिक्त खर्च बचने की उम्मीद है। कम होगी खरीद की भागदौड़ अब तक दूसरे राज्यों से गाय खरीदने के लिए पशुपालकों को संबंधित प्रदेशों तक जाना पड़ता था। आने-जाने का खर्च और समय लगने के साथ पशुओं के चयन में भी कई तरह की परेशानियां आती थीं। नई व्यवस्था में पशुपालक दूसरे राज्यों के व्यापारियों से संपर्क कर गाय मंगाने का विकल्प चुन सकेंगे। इससे खरीद के लिए होने वाली भागदौड़ कम होगी और उनके सामने विकल्प भी बढ़ेंगे। योजना के तहत साहीवाल और गिर जैसी उन्नत नस्लों को महत्व दिया जा रहा है। इन नस्लों की गायों में पशुपालकों की रुचि रहती है। बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है। दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा उत्तर प्रदेश सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में खरीद प्रक्रिया सरल बनाने की पहल भी इसी दिशा में है। गाय खरीदने के लिए दूसरे राज्यों तक जाने की जरूरत कम होने से पशुपालकों को आर्थिक और व्यावहारिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एमपी सिंह गौर ने बताया कि नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को योजना के निर्धारित नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इससे गायों की खरीद में आने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं और उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन को प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएम योगी का ऐलान, यूपी में तीन दिन सार्वजनिक अवकाश

लखनऊ सीएम योगी ने यूपी में 19 अक्टूबर को सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। यूपी में अब लगातार तीन दिन तक स्कूल-कॉलेज और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। इस संबंध में प्रमुख सचिव ने सभी जिलों को आदेश भी जारी कर दिए हैं। यूपी में लगातार तीन दिन तक सार्वजनिक छुट्टी रहेगी। 18 अक्टूबर को रविवार और 20 अक्टूबर को दशहरा के चलते सरकारी ऑफिस और स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। महानवमी के चलते सीएम योगी ने अब 19 अक्टूबर को भी छुट्टी की घोषणा कर दी है। सीएम योगी के इस ऐलान के बाद सरकारी कर्मचारियों और स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब सीधे 21 अक्टूबर यानी बुधवार को ऑफिस और स्कूल खोले जा सकेंगे। सीएम योगी के इस ऐलान के बाद प्रमुख सचिव ने छुट्टी का आदेश सभी जिलों में जारी कर दिया है। बतादें कि शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने सीएम योगी से 19 अक्टूबर को पड़ने वाली महानवमी पर सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की मांग की थी, जिसे सीएम योगी ने मान लिया।   छुट्टी के लिए सीएम योगी को भेजा गया था लेटर 19 अक्टूबर को यूपी में सार्वजनिक छुट्टी करने को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने सीएम योगी और मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। पत्र में संगठनों ने कहा था कि 18 अक्टूबर को रविवार और 20 अक्टूबर को दशहरे का अवकाश रहेगा। ऐसे में 19 अक्टूबर को भी छुट्टी मिलने से लगातार तीन दिन अवकाश मिलेगा। यूपी में लगातार तीन दिन रहेगी सार्वजनिक छुट्टी यूपी में त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। छठ पूजा तक छोटे-बड़े पर्व और त्योहार पड़ेंगे जिसके चलते सरकारी ऑफिसों और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रहेगी। नवरात्र से इसकी शुरुआत हो गई है। 18 अक्टूबर के चलते छुट्टी रहेगी। 19 अक्टूबर को सीएम योगी महानवमी को लेकर सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा कर दी है। 20 अक्टूबर को दशहरा के चलते सार्वजनिक छुट्टी है। इस हिसाब से लगातार तीन दिन की छुट्टी का फायदा मिलेगा। छुट्टी को लेकर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और सरकारी ऑफिस वालों ने राहत की सांस ली है। लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के बजाय अराजकता के औजार थमाने की कोशिश की जा रही है। चुनाव सुधार का मुखौटा और न्याय का नारा देकर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है। षड्यंत्रों के अंधड़ भारत के लोकतंत्र को नहीं हिला सकते। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं।

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, 2 नवंबर से शुरू होंगी कक्षाएं

बेटियों को शिक्षा के साथ हुनर देकर स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना योगी सरकार की प्राथमिकता मिशन निदेशक ने दिए समयबद्ध तैयारी के निर्देश, प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगी विशेष निगरानी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल, स्वावलंबन और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल से लैस करने के लिए ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रदेश के 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशिक्षण कक्षाएं आगामी 2 नवंबर से शुरू होंगी। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक स्कूली शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें। विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित वर्ग की बालिकाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उनके लिए आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। शिक्षा के साथ कौशल, बेटियों के सशक्तीकरण पर जोर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बेटियों को सशक्त, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि बेटियों को शिक्षा के साथ ऐसा व्यावहारिक कौशल भी मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करे और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक बने। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति और कौशल विकास मिशन के समन्वय से महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण को नई दिशा मिल रही है। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से छात्राओं को कम उम्र से ही हुनरमंद बनाकर उनके आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया जाएगा। एआई से लेकर ग्रीन जॉब्स तक, आधुनिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत छात्राओं को हेल्थकेयर, आईटी-आईटीईएस, अपैरल, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और ग्रीन जॉब्स जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटर तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इससे छात्राओं को तकनीकी दक्षता के साथ व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण की अधिकतम अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है। संबंधित पाठ्यक्रमों के साथ मिशन पोर्टल पर उपलब्ध एआई कोर्स अथवा ‘युवा एआई फॉर ऑल’ का अध्ययन अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर छात्राओं को पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके वितरण का प्रमाण मिशन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। 2 नवंबर तक कक्षाएं शुरू करने के निर्देश उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) को सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण केंद्रों की स्वीकृति, छात्राओं का पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर प्रत्येक दशा में 2 नवंबर 2026 तक कक्षाएं प्रारंभ करने को कहा गया है। मिशन पोर्टल पर केंद्र और बैच की स्वीकृति के लिए आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकारियों को दो कार्यदिवस के भीतर निर्णय लेना होगा। प्रशिक्षण एनसीवीटी और एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल के पाठ्यक्रम के आधार पर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद छात्राओं का मूल्यांकन भी संबंधित काउंसिल के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और छात्राओं की दक्षता का आकलन सुनिश्चित किया जा सके। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए नियमित निगरानी प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयां प्रत्येक 15 दिन में प्रशिक्षण केंद्रों और उपलब्ध उपकरणों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। मिशन निदेशक ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण निर्धारित समय पर शुरू नहीं करने अथवा गुणवत्ता के मानकों में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत आगरा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संभल, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी समेत विभिन्न जनपदों के विद्यालयों को शामिल किया गया है।