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मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को किया जा रहा लगातार मजबूत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस  में रक्षा लेखा विभाग, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ के 40 अधिकारियों को साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि भौतिक दुनिया से निकलकर अपराध अब डिजिटल दुनिया में पैर पसार चुका है। तकनीक के इस दौर में यदि हम सतर्क नहीं रहे, तो कभी भी साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिसके पास जितना अधिक डेटा है, वह उतना ही शक्तिशाली है। दुनिया के कई देश सिर्फ इसलिए ताकतवर हैं, क्योंकि वे अपनी तकनीक और डेटा किसी से साझा नहीं करते। डीएनए और एआई लैब में देखीं फॉरेंसिक की बारीकियां लिस उप महानिरीक्षक हेमराज मीना ने अधिकारियों को साइबर फॉरेंसिक के बढ़ते महत्व से रूबरू कराया। इन अफसरों ने संस्थान की अत्याधुनिक डीएनए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने देखा कि कैसे आधुनिक तकनीक और फॉरेंसिक साइंस मिलकर पेचीदा मामलों को सुलझाते हैं। डॉ. इंद्रजीत ने साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर विशेष व्याख्यान दिया और जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने संचालन किया। वहीं, उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस विशेष सत्र के दौरान संस्थान के उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. आनंद प्रकाश, अमित मिश्र, राहुल द्विवेदी, डॉ. पलक, शैलेन्द्र सिंह और कार्तिकेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित होंगे लाभान्वित

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी समझौता (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। इस योजना से लगभग 12 लाख शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे। योजना में प्रति शिक्षक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम का पूरा भुगतान राज्य सरकार करेगी। इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹447 करोड़ का व्यय किया जाएगा। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से होगा। लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। योजना में लगभग 1900 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें सामान्य उपचार से लेकर गंभीर बीमारियों, जटिल सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग सहित अनेक उपचार शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक रूप से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित करेंगे। अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी  कार्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी। यह राशि यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर, जूते-मोजे और स्टेशनरी की खरीद के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अभिभावकों को बच्चों की आवश्यक शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी। शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच होगा एमओयू    समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू भी होगा। इससे लगभग 10 लाख शिक्षक एवं अन्य कार्मिक सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जुड़ेंगे। उन्हें समूह जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता कवर, एयर एक्सीडेंट कवर तथा आकस्मिक परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिन कार्मिकों के वेतन खाते पहले से भारतीय स्टेट बैंक में हैं, उन्हें इन सुविधाओं का लाभ स्वतः मिलेगा। अन्य पात्र कार्मिकों को भी बैंक में वेतन खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक होंगे सम्मानित  कार्यक्रम में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय (एसएचवीआर) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई और बेहतर विद्यालयी वातावरण विकसित करने के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर को दी ₹819 करोड़ से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं। राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं? तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है। माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।   शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर 2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।     खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।   डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं। मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक विनोद सिंह, राज प्रसाद उपाध्याय, सीताराम वर्मा, राजेश गौतम, सुरेश पासी, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश पांडेय, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान तेज, अयोध्या मॉडल पर कार सेवा की तारीख तय

मथुरा  राम मंदिर में दान चोरी का मामला जहां गर्माया हुआ है, वहीं मथुरा से एक नया विवाद उभरने की आहट दिख रही है. मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है. अयोध्‍या की तरह ही यहां भी विवादित ढांचे/गुबंद को तोड़ने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए बाकायदा बैठक, मुलाकातें भी हो रही हैं. चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन से जन्मभूमि आंदोलन को लेकर मुलाकात की है. सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए विवादित गुंबद तोड़ने की घोषणा की है और देवकीनंदन ठाकुर ने उन्‍हें अपना समर्थन भी दे दिया है. ऐसे में दिन और तारीख भी तय कर दी है, ताकि वहां कूच की जा सके।  मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कार सेवा का ऐलान दरअसल, मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए चित्र गुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज से मुलाक़ात की और 9 अगस्त क्रांति दिवस के दिन विवादित गुंबद तोड़ने के लिए समर्थन मांगा. इस पर ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कार सेवा के लिए समर्थन दिया।  स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्त को एक और कार सेवा की जाएगी. इस कार सेवा के लिए ब्रजवासी, साधु संत और धर्म गुरुओं से सम्पर्क कर कार सेवा में शामिल होने की अपील की जा रही है. कार सेवा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने भी अपना समर्थन दिया है।  शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी क्‍या बोली? स्वामी सच्चिदानंद महाराज की इस घोषणा के बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की तरफ से भी बयान आया है. कमेटी के सचिव एवं पक्षकार तनवीर अहमद ने कहा कि जहां मामले न्यायालय में लंबित हों, वहां इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है. न्यायालय पर ही सबको भरोसा है. संविधान पर सबको भरोसा है. राम मंदिर का मामला अलग है. वहां तो रामलला तिरपाल में बैठे थे. यहां तो मंदिर अलग है, मस्जिद अलग है. दोनों के रास्ते भी अलग हैं. मस्जिद में पांच टाइम की नमाज होती है और वहां भजन-पूजन. ये दोनों आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। 

मेरठ-हरिद्वार से विंध्य तक, यूपी में बनेंगे तीन नए एक्सप्रेसवे

 लखनऊ  प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। इसके तहत प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संबंधित जिलाधिकारियों को अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे लगभग 150 किलोमीटर लंबा होगा। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिलों के 185 गांवों से होकर गुजरेगा। परियोजना के लिए करीब 2000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। विंध्य एक्सप्रेसवे 341 गांवों से होकर गुजरेगा करीब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, भदोही, मीरजापुर और सोनभद्र जिले जुड़ेंगे। यह लगभग 341 गांवों से होकर गुजरेगा और इसके लिए करीब 4600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। प्रयागराज में इसका संपर्क गंगा एक्सप्रेसवे से होगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 135 गांवों से होकर गुजरेगा वहीं विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लगभग 130 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। यह गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी तथा मीरजापुर के लगभग 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए करीब 2800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि इन तीनों एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्लान भेजते हुए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण के साथ ही इन एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू कराने का लक्ष्य है। इनके बन जाने पर प्रदेश का बहुत बड़ा हिस्सा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से आपस में जुड़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस समय जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। सरकार इन लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी जल्द शुरू कराने जा रही है।  

नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में पौधरोपण कर 22240 से अधिक हेक्टेयर भूमि को आच्छादित करेगी योगी सरकार

लखनऊ  योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण होगा तो यमुना किनारे सर्वाधिक 647 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां पौधरोपण कराए जाएंगे। नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में कुल 2673 स्थल चिह्नित किए गए हैं, इनके किनारे 22240 हेक्टेयर से अधिक में 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण होगा।  यमुना नदी के तट क्षेत्र पर होंगे सर्वाधिक पौधरोपण  सीएम योगी के निर्देश पर नदियों के किनारे पौधरोपण होंगे। अविरल धारा पौधरोपण कार्यक्रम के तहत यमुना नदी के तट पर सर्वाधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। यमुना के कैचमेंट एरिया में 647 स्थलों पर 6531.77 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1 करोड़, 8 लाख, 18 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वहीं गंगा नदी के किनारे 603 स्थलों पर 4495.72 हेक्टेयर में पौधे लगाए जाएंगे। इसके किनारे 79.86 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। गंगा किनारे के वन प्रभागों प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, वाराणसी, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही, काशी वन्यजीव व बलिया आदि में यह पौधरोपण प्रस्तावित है।  इन 13 नदियों के समीप होगा अविरल धारा पौधरोपण क्रम  नदी    स्थल   क्षेत्रफल (हेक्टेयर)   पौधों की संख्या  1  यमुना       647      6531.77         1,08,18,731 2 गंगा         603       4495.72          79,86,512 3 गोमती        297      1521.5          31,37,845 4 सरयू/घाघरा   254      1635.58         27,75,860 5  सई        238      1032.52          23,29,609 6  बेतवा       171       3281.76         52,35,132 7 राप्ती       155          1037.67         16,60,272 8 छोटी गंडक   105       513.00          8,20,800 9  सोन        67        970.63         14,77,158  10  रामगंगा    51        268.51         4,49,978 11  केन       39       667.9            10,68,381 12  हिंडन     33        131.55          3,16,480 13  चंबल     13         152.00           2,28,200 कुल–     2673        22240.11        3,83,04,958 पौधरोपण महायज्ञ-2026 के दौरान वन विभाग की तरफ से प्रदेश में 13 नदियों के किनारे अविरल धारा पौधरोपण कराया जाएगा। इसमें मां गंगा, मां यमुना, मां सरयू आदि के नदियों के तट से 5 किमी. की परिधि में पौधरोपण होगा। नदियों के किनारे 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण को लेकर भी विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में पौधरोपण महायज्ञ उत्सव के साथ मनाया जाएगा।  अदिति शर्मा  मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार), वन विभाग

यूपी बनेगा स्टार्टअप हब, नई नीति से 50 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा नवाचार और स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को स्वीकृति दे दी गई। नई नीति के तहत 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड, 400 करोड़ रुपये का एकेटीयू कार्पस फंड और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेश में नवाचार आधारित उद्योगों को गति मिलेगी, 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे और ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। कैबिनेट में 28 प्रस्तावों में से 27 को स्वीकृति मिली, जबकि मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से संबंधित प्रस्ताव वापस ले लिया गया कैबिनेट के बाद आइटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। नई नीति में स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर विस्तार तक हर चरण में वित्तीय और संस्थागत सहायता मिलेगी। भरण पोषण भत्ता (सस्टेनेंस अलाउंस) 17,500 रुपये प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। प्रोटोटाइप अनुदान पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये, जबकि सीड फंडिंग 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक दी जा सकेगी। स्टार्टअप्स के लिए पांच करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट, दो करोड़ रुपये तक के टर्म लोन पर चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ एवं ईएसआइ अंशदान की प्रतिपूर्ति, क्लाउड सेवाओं पर दो लाख रुपये तक सहायता व पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए दो करोड़ रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रविधान किया गया है। इसके साथ ही फंड आफ फंड्स, बैंक फंडिंग और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलाजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक सहित अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष पैकेज मिलेगा। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपये तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपये तक पेशेंस कैपिटल व अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 20 नए सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनकी सहायता राशि 10 करोड़ से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब स्थापित होगा, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, उद्योग सहयोग, निवेश, मेंटरशिप और अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान एक करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये व पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। परिचालन अनुदान 30 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। प्रदेश में एंजेल निवेशकों, वेंचर कैपिटल फंड, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) और हाई नेटवर्थ फैमिली (एचएनएफ) को जोड़कर राज्य स्तरीय निवेशक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसके माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये की निजी पूंजी स्टार्टअप्स तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। एकेटीयू इनोवेशन हब को सुदृढ़ करने, ओडीओपी को स्टार्टअप्स से जोड़ने तथा एनआरआई कनेक्ट के जरिये निवेश और वैश्विक नेटवर्किंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। स्टार्टअप वीक, स्टार्टअप सिंपोजियम, ग्रैंड चैलेंज, बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, स्टार्टअप मेले, हैकाथान और नवाचार जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप संस्कृति गांवों और छोटे शहरों तक पहुंच सके। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। स्टीयरिंग कमेटी नीति को दिशा देगी, सशक्त समिति वित्तीय एवं नीतिगत निर्णय लेगी, पालिसी इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) अनुदान वितरण और निगरानी करेगी व स्टार्टअप रिव्यू कमेटी आफ एक्सपर्ट्स (एसआरसीई) तकनीकी मूल्यांकन करेगी। इसके अलावा सलाहकार समिति और स्टार्टअप मिशन निदेशालय का गठन भी होगा। अधिसूचना जारी होने के बाद नीति लागू कर दी जाएगी। स्टार्टअप मिशन होगा नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित किया जाएगा। आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करने वाला यह मिशन स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन, स्टार्टअप्स, इन्क्यूबेटर्स और सेंटर आफ एक्सीलेंस के समन्वय, अनुदान वितरण, स्टार्टइनयूपी पोर्टल, एमआईएस व डिजिटल प्लेटफार्म के संचालन, निवेश आकर्षित करने, उद्योग और शिक्षण संस्थानों से साझेदारी, शिकायत निवारण तथा नवाचार और बौद्धिक संपदा संरक्षण का कार्य करेगा। मिशन के प्रशासनिक ढांचे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाला गवर्निंग बोर्ड, कार्यकारी समिति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), महाप्रबंधक, प्रशासनिक टीम और परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) शामिल होंगे।

अयोध्या मामले में योगी बोले, सपा-कांग्रेस के मुंह पर फेविकोल क्यों

लखनऊ मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सवाल उठाने पर सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रतापगढ़ में राम मंदिर को लेकर सपा और कांग्रेस पर सीएम योगी खूब बरसे। योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने एक घटना को बढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था के साथ खिलवाड़ किया। योगी ने कहा कि वक्फ के नाम पर देश-प्रदेश में हजारों हेक्टेयर जमीन बेची गई, एक भी बार सपा-कांग्रेस नहीं बोली। अयोध्या में एसआईटी ने जांच की, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने कार्रवाई की। लेकिन वक्फ के नाम पर सपा-कांग्रेस के लोगों के मुंह पर फेविकोल क्यों लग जाता है। मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ जिले के सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या के मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है, मगर वक्फ के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर 'फेविकोल' क्यों लग जाता है। आदित्यनाथ ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वाले, अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से संबंधित रकम को कब्रिस्तान की चहारदीवारी पर खर्च करने वाले लोग अयोध्या के प्रति कब से आस्थावान हो गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के लोगों को राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि अब तो इन सपाइयों से और कांग्रेसियों से गिरगिट भी शरमा रहा होगा कि भाई देखो कम से कम एक नई प्रजाति आ गई है जो हमसे ज्यादा तेजी से रंग बदलती है। हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिए उन्होंने कहा कि जब सपा और कांग्रेस के लोग अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां और लाठी चलवाते थे, भगवान राम और कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, दुर्गा पूर्जा पंडालों पर रोक लगाते थे और अवैध बूचड़खानों में गौमाता की हत्या करवाते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिये। राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां पर वे बाबरी का 'गुलामी का ढांचा' (स्पष्ट रूप से मुगल शासन के संदर्भ में)देखना चाहते थे, आज आप सबके पुरुषार्थ से वहां भगवान राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा है।  

योगी का चुनावी मोड, मंत्रियों और विधायकों को विकास योजनाओं पर फोकस करने की हिदायत

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने में विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले योगी सरकार चुनावी मोड में आ गई हैं। सीएम योगी ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक ली। मंत्रियों को शासन की योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े लोगों और जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके बाद विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक करके पौधरोपण महाभियान-2026' के लिए निर्देश दिया। कहा कि दो दिनों के अंदर अपने-अपने इलाके में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक करके स्थान तय करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता हमारा परिवार है। प्रदेश सरकार द्वारा अन्तिम पायदान पर खड़े समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक जरुरतमन्द तक आवश्यक सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जाए। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहे मौजूद मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि राज्य का चहुंमुखी विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेते रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए गांवों तथा कस्बों में विद्यालयों, अस्पतालों आदि की स्थिति और वहां प्रदान की जा रही जनसुविधाओं की पड़ताल करें। प्रत्येक जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद बनायें। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रोड कटिंग से जुड़े मामलों का तय समय में निस्तारण किया जाना चाहिए। अभिभावकों के साथ बैठक करें मंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनीफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि प्रदान कर रही है। मंत्री इन स्कूलों में जाकर अभिभावकों के साथ बैठक करें। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड देखते हुए स्कूलों में प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 जुलाई को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। इस योजना से बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक आदि तथा उनके परिवार के सदस्य पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर प्राप्त कर सकेंगे। जनपद स्तर पर मंत्री तथा प्रत्येक विधान सभा स्तर पर विधायक इस कार्यक्रम को सम्पन्न कराएंगे। 12 जुलाई को वृक्षारोपण अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जुलाई को प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान संचालित किया जाएगा। इस वृक्षारोपण महाअभियान के पश्चात प्रदेश 275 करोड़ पौधे रोपित करने का रिकार्ड बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों से प्रदेश की आधी आबादी राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है। जनपद सिद्धार्थनगर की एक महिला उद्यमी ने मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ उठाकर दो वर्षों में छह लाख रुपये की आमदनी प्राप्त की है। वह अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं। कोविड कालखण्ड में आशा वर्करों ने अच्छा कार्य किया है, उनका मानदेय बढ़ाने की आवश्यकता है। दो दिनों में बैठक करें विधायक और सभी जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री ने पौधे लगाने और उसकी सुरक्षा पर भी ध्यान देने की अपील की है। सोमवार को 'पौधरोपण महाभियान-2026' को लेकर जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली संवाद के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अगले दो दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक कर वृक्षारोपण स्थलों का चयन करें तथा पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन एवं वन विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें। इस संवाद में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों के पार्षद भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता का आह्वान किया।

CM योगी ने कांग्रेस-सपा को घेरा, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दिया बड़ा बयान

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे समाज को जाति और आस्था के आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व को नकारती थी, लेकिन अब खुद को आस्तिक बताने लगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारें धार्मिक स्थलों के पुनरुत्थान के लिए मिलने वाले धन को कब्रिस्तानों पर खर्च करती थीं और रामभक्तों पर गोलियां चलवाती थीं. योगी ने कहा कि देश अब कांग्रेस और सपा के चंगुल में फंसने वाला नहीं है।  हिंदू आस्था पर प्रहार की कोशिश- योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कथित चोरी को आधार बनाकर हिंदू आस्था पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है, उसकी जांच के लिए पहले ही एसआईटी गठित की जा चुकी है और उन्होंने पहले ही कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ की उन जमीनों पर, जो गरीबों और कमजोर तबकों के हित में इस्तेमाल होनी चाहिए थीं, कथित कब्जों और अनियमितताओं पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कभी क्यों नहीं बोलतीं।  CM योगी ने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों की कथित लूट पर सपा और कांग्रेस के मुंह में फेविकॉल लग जाता है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस भगवान राम और भगवान कृष्ण को काल्पनिक बताती थी, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं, कांवड़ यात्रा रोकी गई और कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन में बाधाएं डाली गईं, तब भी हिंदू आस्था पर चोट पहुंची थी, लेकिन उस समय विपक्ष मौन रहा।  मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शंखनाद की भूमि है और पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय, बाबू लाल गौड़ तथा हरिवंश राय बच्चन जैसी विभूतियों की कर्मभूमि रही है. उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ कभी पिछड़े जिलों में गिना जाता था, लेकिन अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।  2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे- सीएम सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, नौजवान पलायन करते थे, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और गरीबों की सुनवाई नहीं होती थी. उन्होंने कहा कि पहले वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम किया है. उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अब नर्सिंग कॉलेज का भी शिलान्यास किया जा रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम करते हुए गरीबों को आवास, मुफ्त इलाज और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की 60 हजार भर्तियों में प्रतापगढ़ के युवाओं को भी अवसर मिला है और अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में भी जिले के युवा सफल हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नौकरियों की नीलामी होती थी और सैफई घराना भर्ती प्रक्रिया पर कब्जा जमाए रहता था, जिससे प्रतिभाशाली गरीब युवाओं को अवसर नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि अब काम करने का तरीका बदल गया है और उत्तर प्रदेश की प्रगति तथा युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर विपक्ष को रास नहीं आ रहे हैं।