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जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं हैः मुख्यमंत्री

आगरा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार व संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। मुख्यमंत्री शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को देना चाहिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो कई गुना आता है परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। सीएम ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा।  पहले सरकारें ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पालती थीं, हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ देते हैं सीएम योगी ने कहा कि पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और मोदी जी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस व सीटी स्कैन सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है।  सीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों को भी गिनाया मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेली मेडिसिन की व्यवस्था की गई है।  सामूहिक प्रयास के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफेलाइटिस समाप्त  सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।  इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, केंद्रीय मंत्री व आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड) के संयुक्त प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य व योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, बाबूलाल चौधरी, धर्मपाल … Read more

सपा को मिला बड़ा सियासी बल, रोहित पांडेय व पूर्व DIG की एंट्री; अखिलेश का BJP पर हमला

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर राजनीतिक दल ने अपनी सियासी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश में सियासी हलचलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच शनिवार को संतकबीरनगर सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित कुमार पांडे ने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोहित के साथ-साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम, डीएनएनएस यादव, अंकित सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव गुप्ता को भी पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने एलपीजी के बढ़े दामों और भारी टैक्स को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘जब जाएंगे भाजपाई, तभी हटेगी महंगाई।’ सपा मुखिया ने कहा कि सरकार टैक्स लगा कर महंगाई बढाती जा रही है। सिलेंडर पर सीधे 60 रुपये बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि महंगाई एक बार बढ़ने के बाद कम नहीं होती है। अखिलेश ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर की एक घटना का हवाला देते हुए सपा मुखिया ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के लोग ही अपराधियों को जानकारी लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की कॉल डिटेल निकली तो पता चला कि वे अपराधियों से मिले हुए हैं। गांजे की तस्करी में भी पुलिस की संलिप्तता है। उन्होंने सवाल उठाया किक आखिर भारी मात्रा में पकड़ा जाने वाला गांजा जाता कहां है? उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक रही समाजवादी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों गिनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में एक्सप्रेसवे, लैपटॉप वितरण, रिवर फ्रंट और थर्मल प्लांट जैसे तमाम बड़े काम हुए। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए अखिलेश याव ने कहा, ‘ये पहले ऐसे सीएम हैं जो अपनी विदाई से पहले घूमने निकल गए।’ उन्होंने भाजपा द्वारा लॉन्च किए गए एक गाने पर आपत्ति जताई और कहा कि हम इस पर एफआईआर करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि कोई पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इसमें बीजेपी के लोग ही शामिल हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगार की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे लोगों को सरकार को जिम्मेदारी से वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज हमारी विदेश नीति विदेशों में तय होती है। रूस को भारत का पुराना मित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सस्ता मिले तो रूस से और तेल लेना चाहिए। अखिलेश यादव ने फॉम-7 को लेकर चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव आयोग झूठा है। वो झूठ बोल रहा है कि फार्म-7 नहीं भरवाए गए। कौन हैं रोहित पांडे? रोहित कुमार पांडे पूर्व में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सपाइयों का कहना है कि उनके पार्टी ज्वाइन करने से संगठन को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगरा- मथुरा दौरा आज

यथार्थ अस्पताल का उद्घाटन, विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की करेंगे समीक्षा आगरा/ मथुरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ताजनगरी आगरा और धर्मनगरी मथुरा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात देने के साथ-साथ ब्रज क्षेत्र के विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री योगी अपने दौरे की शुरुआत आगरा से करेंगे। वह सुबह करीब 10 बजे आगरा पहुंचेंगे। फतेहाबाद रोड स्थित होटल अमर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित  यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। 250 बेड वाला यह टर्शियरी केयर अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है। यहां हृदय रोग, न्यूरोसर्जरी, लिवर व किडनी ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर जैसी जटिल सर्जरी की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। बेहतरीन नर्सिंग और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ यह अस्पताल आगरा और आसपास के जिलों के लिए स्वास्थ्य सेवा का नया केंद्र बनेगा। मथुरा में उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक आगरा के कार्यक्रम के पश्चात सीएम योगी मथुरा के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां वे यमुना एक्सप्रेस-वे के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेंगे। करीब एक घंटे चलने वाली इस बैठक में मथुरा- वृंदावन में चल रही विकास परियोजनाओं, सौंदर्यीकरण कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण करेंगे सीएम योगी विकास कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री योगी मथुरा-वृंदावन मार्ग पर जयपुर मंदिर के पास स्थित अन्नपूर्णा रसोई पहुंचेंगे। ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा निर्मित इस दो मंजिला इमारत में 'मंगलमय परिवार न्यास' के सहयोग से श्रद्धालुओं को निःशुल्क सात्विक भोजन और प्रसाद वितरित किया जाता है। सीएम योगी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करेंगे। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में करेंगे दर्शन- पूजन दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण जन्मभूमि पहुंचेंगे, जहां वे गर्भगृह व केशव देव मंदिर में विधि- विधान से दर्शन- पूजन करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात शाम करीब 5 बजे मुख्यमंत्री राजकीय हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।

सीएम योगी ने पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पं. गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

  पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य प्रेरणास्रोत, आज भी कर रहे हमारा मार्गदर्शनः मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भारत मां का महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल अधिवक्ता व सुयोग्य प्रशासक बताया। सीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। राष्ट्रपिता के आह्वान पर वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे पं. पंत मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, उस समय उत्तराखंड संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वह वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे। जब देश गुलाम था, तब 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में उनका चयन हुआ था। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का स्मरण सभी करते हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने रखी थी विकास की आधारशिला सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया, उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोच है। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में देश को अमूल्य सेवाएं दीं। राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन, प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश की स्वाधीनता में अमूल्य योगदान तथा उत्तर प्रदेश व देश की बहुमूल्य सेवा के लिए 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

योगी सरकार की पहल से प्रतिभाशाली युवाओं को मिल रहा सफलता के लिए मजबूत आधार

समाज कल्याण विभाग की आवासीय कोचिंग और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम का असर, निःशुल्क मार्गदर्शन से युवाओं ने हासिल की सफलता भागीदारी भवन की आवासीय कोचिंग से 2 और मॉक इंटरव्यू से जुड़े 4 अभ्यर्थियों ने पाई कामयाबी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में चलाई जा रही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर अपने प्रभावशाली परिणामों के साथ सामने आई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम से जुड़े 6 अभ्यर्थियों का चयन सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी-2025) में हुआ है। योगी सरकार की इस पहल के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता के लिए मजबूत आधार मिल रहा है। इससे न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में उत्तर प्रदेश की भागीदारी भी लगातार मजबूत हो रही है। चयनितों को दी मंत्री असीम अरुण ने बधाई इन सभी चयनित अभ्यर्थियों को समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को भी सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। अभ्यर्थियों का शानदार प्रदर्शन समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विमल कुमार को 107वीं और विपिन देव यादव को 316वीं रैंक प्राप्त हुई है। वहीं, भागीदारी भवन आवासीय कोचिंग एवं अभ्युदय योजना के अंतर्गत आयोजित मॉक इंटरव्यू में शामिल मानसी को 444वीं, महेश जायसवाल को 590वीं, अदिति सिंह को 859वीं और तनीषा सिंह को 930वीं रैंक हासिल हुई है। विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन समाज कल्याण विभाग द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भागीदारी भवन में आवासीय कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। यहां सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारी अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इन अभ्यर्थियों को आवासीय कोचिंग के दौरान निशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

लखनऊ पहली बार लोकतंत्र में कानून व्यवस्था किसी चुनाव में मुद्दा बनी और इसी का परिणाम है कि आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सरकार बनायी। पुलिस विभाग ने वर्ष 2017 के बाद बिगड़े, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को बदल करके सेफ यूपी के रूप में स्थापित किया। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की शुरुआत कड़ी सुरक्षा से ही होती है। विकास की पहली शर्त सुरक्षा है। इसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने साबित किया है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन सभागार में कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने होंडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 क्यूआरटी दोपहिया वाहन प्रदान किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी। यह समारोह उसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक है, जिसमें शासन, प्रशासन और उद्योग जगत मिलकर प्रदेश के विकास और सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।    मॉडल पुलिसिंग के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का परसेप्शन चेंज करने के लिए कई कदम उठाए गए तो कुछ रिफॉर्म किये गये। इसके नतीजे हम सबके सामने हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्ष 2017 में पीआरवी के वाहन 9,500 थे। आज इनकी संख्या प्रदेश में 15,500 से अधिक है। वहीं वर्ष 2017 में टू व्हीलर मात्र 3,000 थे। आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक है। यह केवल संख्या नहीं है, इसने पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम लाने में सफलता प्राप्त की है। आपातकालीन स्थिति में जितनी त्वरित कार्रवाई और सहायता पहुंचाएंगे, वही ट्रस्ट में बदलती है। वह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का कारण बनता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉडल पुलिसिंग के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ बताएं हैं। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी शामिल है। वर्ष 2017 से पहले पुलिस विभाग का बजट अटकते-अटकते 16,000 करोड़ तक पहुंच पाता था और वह भी खर्च नहीं हो पाता था। वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन भी नहीं बनी थी। ऐसे में पुलिस क्या परिणाम देती? पुलिस के पास पुराने असलहे थे, कोई सुविधा नहीं थी। उस दौरान अवस्थापना सुविधाएं जीरो थीं।। टूटे हुए बैरक में पुलिसकर्मी रहने को मजबूर थे। आज प्रदेश के 55 जिलों में सबसे ऊंची इमारत उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की बैरक है। यहां बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही प्रदेश में लगातार मॉडल थानों और मॉडल फायर स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पुलिस और आपदा सेवाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जा सके। पहले प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता केवल 3 हजार थी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब सरकार ने बड़े स्तर पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू की तो उस समय उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता बहुत सीमित थी। एक साथ लगभग 3000 पुलिसकर्मियों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था। सरकार के सामने चुनौती थी कि लंबे समय से पुलिस भर्ती नहीं हुई थी और युवाओं में भर्ती को लेकर उत्सुकता थी, लेकिन प्रशिक्षण क्षमता सीमित होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना कठिन था। किसी भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग 9 महीने का समय लग जाता था। ऐसे में राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से संपर्क किया। दो-तीन राज्यों ने सहयोग के लिए सहमति दी। इसके अलावा सेना और अर्द्धसैनिक बलों से भी बातचीत की गई, जिन्होंने सहयोग देने की बात कही। इन सभी प्रयासों के बाद किसी तरह प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाकर लगभग 17 से 20 हजार तक पहुंचाया गया। इसके बाद अन्य राज्यों तथा सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों की मदद से इसे करीब 30 हजार तक ले जाया गया, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज प्रदेश में 60,244 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की गई है और इन सभी को उत्तर प्रदेश के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में विकसित किए गए नए पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह संभव हो पाया है। हर जिले में तैनात की गईं दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जुलाई में देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए। इन कानूनों के तहत सात वर्ष से अधिक की सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य किए गए हैं। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश में विश्वस्तरीय स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट भी स्थापित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के अधीन संचालित हो रहा है। इस संस्थान में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से पुलिस कर्मियों के साथ-साथ उन युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनकी रुचि फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में है। प्रत्येक जिले में ए-ग्रेड की छह फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा हर जिले में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट भी तैनात की गई हैं, जो घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संग्रह और जांच में मदद कर रही हैं। प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए कई नई इकाइयों का गठन किया गया है। राज्य में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) का गठन किया गया है और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसके अलावा पहली बार पीएसी में महिला बटालियन का गठन किया गया है। अब तक तीन महिला बटालियन गठित की जा चुकी हैं और तीन नई बटालियनों के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। सुरक्षित बेटियां और व्यापारी प्रदेश और देश के विकास में ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास प्रारंभ किए गए। इन सभी को मिलाकर जब टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन एक साथ काम करते हैं तो रिजल्ट आता है। यही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनता है। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं। … Read more

योगी सरकार का कीर्तिमान, पहली बार गो संरक्षण के लिए खर्च होंगे 2100 करोड़

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष अभिरुचि के कारण प्रदेश के ‘गो संरक्षण मिशन’ को नई दिशा मिलने जा रही है। पहली बार ग्रामीण महिलाएं और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) इस महत्त्वाकांक्षी अभियान में प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। योगी सरकार ने गोसेवा और गो संरक्षण को ग्रामीण समृद्धि का जरिया बनाने का जो विजन रखा था, अब वह जमीनी हकीकत में बदलने जा रहा है। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभूतपूर्व रूप से अभियान चलाकर गो माता का संरक्षण किया जा रहा है। इसके तहत गो सेवा में रुचि रखने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी अब जल्द ही गोआश्रय स्थलों के संचालन में शामिल किया जा सकेगा। इससे गोवंश की देखरेख के साथ-साथ महिलाओं और किसान उत्पादक संगठनों को रोजगार और आय का बेहतर साधन मिलेगा। ग्रामीण महिलाओं को इस मिशन की भागीदार बनाकर गो संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी है। योगी सरकार का गो संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार ने इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गोसंरक्षण पर अब तक का सबसे बड़ा 2000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इनमें से 100 करोड़ रुपये वृहद गो संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से रखे गए हैं। इस प्रकार कुल 2100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अभी तक प्रदेश भर में लगभग 7,500 गो आश्रय स्थलों के माध्यम से 12,38,547 गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा चुका है। इसके अलावा 155 वृहद गो संरक्षण केंद्रों का निर्माण भी प्रगति पर है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था हुई सशक्त, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के साथ बढ़ी पारदर्शिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत अब तक 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। इसके साथ ही गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। सांस्कृतिक/धार्मिक परंपरा ही नहीं, आत्मनिर्भर भारत के लिए है बड़ा कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गो संरक्षण केवल सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में बड़ा कदम साबित हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गोवंश आधारित प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, गोमूत्र निर्मित कीट नियंत्रक और गोबर से बनने वाले उत्पादों के माध्यम से गो आश्रय केंद्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए।  चयनित महिला समूहों को गोवंश की देखभाल, पोषण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा देने की योजना आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि आगे चलकर हर जिले में चयनित महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर गोवंश की देखभाल, पोषण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा देने की योजना है। इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा, गांवों में आय के नये स्रोत विकसित होंगे।  योगी सरकार ने बीते कुछ वर्षों में गो संरक्षण के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। निराश्रित गोवंश की समस्या जहां पूर्व में चुनौती बनी हुई थी, वहीं अब यह ग्रामीण सशक्तीकरण का माध्यम बन रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा गो संरक्षण केंद्र आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में स्थापित हो। महत्वपूर्ण प्वाइंट गो संरक्षण के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला यूपी देश का पहला राज्य वृहद गो संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रदेश में गो-संरक्षण के लिए 7,500 गो आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित हैं इसके अतिरिक्त 155 वृहद गो-संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के अन्तर्गत 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश सुपुर्द किए गए गोवंश के भरण पोषण के लिए प्रतिदिन 50 रुपए प्रति गोवंश की दर से डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा सीधे भुगतान

सारस संरक्षण को नई उड़ान: मैनपुरी और इटावा में विकसित होगा सारस सर्किट

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस (क्रेन) के संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सारस सर्किट की स्थापना कर रही है। सारस सर्किट का विकास प्रदेश के मैनपुरी और इटावा जिलों के वेटलैंड्स में किया जा रहा है, जिसके तहत मैनपुरी के किर्थुआ, सहस, कुर्रा जरावां, सौज एवं समन के साथ इटावा के सरसई नावर और परौली रामायण वेटलैंड एरिया में सारस सर्किट विकसित किया जा रहा है। सारस सर्किट में सारस पक्षी के संरक्षण के साथ इको-टूरिज्म की गतिविधियों को भी शामिल किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य सारस पक्षी और वेटलैंड्स संरक्षण के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। यह स्थानीय लोगों को आय के अवसर उपलब्ध करवाएगा और सारस पक्षी और वेटलैंड्स के संरक्षण के लिए भी प्रेरित करेगा। इन परियोजनाओं का विकास ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड के माध्यम से प्रदेश का वन विभाग कर रहा है। दुनिया में सबसे लंबी उड़ान के लिए जाना जाने वाला सारस पक्षी, उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है। इसका आवास और प्रजनन क्षेत्र विशेषतौर पर राज्य के मैनपुरी, इटावा, एटा, अलीगढ़ की वेटलैड्स में है। जिसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार सारस पक्षी के संरक्षण के लिए सारस सर्किट का विकास कर रही है। जहां प्रदेश का वन विभाग, यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के माध्यम से क्षेत्र के उथले जलाशयों, तालाबों और अन्य वेटलैड्स को संरक्षित कर सारस पक्षी के अनुकूल बनाने का प्रयास कर रहा है। साथ ही क्षेत्र में ईको टूरिज्म की गतिविधियों को भी विकसित किया जा रहा है। इस क्रम में मैनपुरी और इटावा जिलों के सारस सर्किट में प्रवेश द्वार, व्यू पॉइंट, डेक एवं बोटिंग स्पॉट, बटरफ्लाई गार्डन, सोलर साइट लाइटिंग, इंटरप्रिटेशन सेंटर, पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही, सारस सर्किट में पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्र, ईको-टॉयलेट ब्लॉक, पार्किंग, इंटरैक्टिव साइनेज, फूड कियोस्क और ओडीओपी व स्मृति चिन्ह की दुकानें भी विकसित की जाएंगी। ये सुविधाएं पर्यटकों को सारस के प्राकृतिक आवास को देखने और समझने का अवसर प्रदान करेंगी। योगी सरकार की यह पहल न केवल सारस (क्रेन) और अन्य पक्षियों जैसे ग्रे हेरॉन, ओपन-बिल्ड स्टॉर्क आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि क्षेत्र के वेटलैंड्स के संरक्षण को भी बढ़ावा देगी। यह इन क्षेत्रों में भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को कम करने और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही, इन क्षेत्रों में इको-टूरिज्म की गतिविधियों के विकास से स्थानीय समुदाय के लोगों को आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय लोगों और घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों में भी पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता में बढ़ोतरी होगी। सारस पक्षी को उसके प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षा और संरक्षण प्रदान कर योगी सरकार क्षेत्र की जैव विविधता को संजोने का अनूठा प्रयास कर रही है। ये परियोजनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत विकास की अवधारणा को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

UPSC 2025: यूपी की आस्था जैन ने 9वीं और सुरभि यादव ने 14वीं रैंक के साथ किया राज्य का नाम रोशन

 शामली/अमरोहा संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं. अनुज अग्निहोत्री ने देशभर में पहली रैंक हासिल कर परीक्षा में टॉप किया है. उत्तर प्रदेश के शामली की 23 वर्षीय आस्था जैन ने अद्भुत सुधार दिखाते हुए 9वीं रैंक प्राप्त की, जबकि पिछले साल वह 186वें स्थान पर थीं. वहीं, अमरोहा की सुरभि यादव ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 14वीं रैंक हासिल की। आयोग ने इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों के कुल 958 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया है. यह चयन प्रक्रिया अगस्त 2025 की मुख्य परीक्षा और फरवरी 2026 में संपन्न हुए इंटरव्यू के आधार पर पूरी हुई। यूपी की बेटियों ने पेश की मिसाल शामली की आस्था जैन ने महज एक साल के भीतर 186वीं रैंक से टॉप-10 (9वीं रैंक) तक का सफर तय किया. वहीं, अमरोहा की रहने वाली सुरभि यादव ने 14वीं रैंक पाकर सबको चौंका दिया. सुरभि ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक किया है और वे अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देती हैं. सुरभि को वारली पेंटिंग और बेकिंग का भी शौक है। एक इंटरव्यू में सुरभि यादव ने बताया था कि वह अमरोहा जिले के एक छोटे से गांव सांगा की रहने वाली हैं. हालांकि, उनके पिता वाराणसी में पोस्टेड हैं जबकि वो खुद जिले से बाहर रह रही हैं. उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई आर्मी स्कूल बरेली से पूरी की थी. इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया। टॉपर्स की लिस्ट और चयन का गणित परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री के बाद दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम और तीसरे पर अकांश धुल रहे. चयनित 958 उम्मीदवारों में 317 सामान्य वर्ग, 306 ओबीसी, 158 एससी, 104 ईडब्ल्यूएस और 73 एसटी वर्ग से हैं. केंद्र सरकार ने कुल 1087 पदों के लिए रिक्तियां निकाली थीं. उम्मीदवारों के व्यक्तिगत अंक अगले 15 दिनों में आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

UP की बेटी आस्था जैन ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से UPSC में पाई 9वीं रैंक

शामली  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणामों ने शामली जनपद का नाम रोशन किया है। शहर की होनहार बेटी आस्था जैन ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया नौवीं रैंक प्राप्त कर नया इतिहास रचा है। आस्था की इस असाधारण उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जनपद को गौरवान्वित किया है।   आस्था जैन का बचपन से ही मेधावी छात्रा के रूप में एक उज्ज्वल भविष्य रहा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा शहर के प्रतिष्ठित स्कॉटिश स्कूल से प्राप्त की। वर्ष 2018-19 में उन्होंने सीबीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक क्षमता का लोहा मनवाया था।   बिना कोचिंग, पहला प्रयास और असाधारण सफलता आस्था जैन ने अपनी यूपीएससी की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने स्वयं अध्ययन और दृढ़ संकल्प के बल पर इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने न केवल सफलता प्राप्त की, बल्कि टॉप 10 में स्थान बनाकर सभी को अचंभित कर दिया। इससे पहले वर्ष 2023 में अपने पहले प्रयास में उन्होंने 131वीं रैंक हासिल की थी और वर्तमान में वे पुलिस अकादमी हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।   आईएएस बनने का बचपन का सपना आस्था जैन का बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का सपना था। अपने तीसरे प्रयास में इस सपने को साकार कर उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों और मेहनत में कोई कसर न छोड़ी जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम आस्था कांधला के बड़ा बाजार की निवासी हैं। ये सफलता उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है।