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प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी का निरंतर संवाद बन रहा प्रदेश की प्रगति का माध्यम

उत्तर प्रदेश दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी में हुआ भावपूर्ण पत्रों का आदान-प्रदान    पत्रों के आदान-प्रदान में दिखा भरोसे व सम्मान को दर्शाने का भाव प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी का निरंतर संवाद बन रहा प्रदेश की प्रगति का माध्यम  डबल इंजन सरकार में सुशासन, विकास व आत्मनिर्भरता पर केंद्र व राज्य की है एकीकृत कार्यशैली विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में निर्णायक है उत्तर प्रदेश की भूमिका   लखनऊ  उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुए आत्मीय व भावपूर्ण पत्राचार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि डबल इंजन की सरकार में केंद्र और राज्य एकीकृत कार्यशैली में काम कर रहे हैं। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता को अपनी प्रमुख वरीयता में रखते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई अवसरों पर विकसित भारत में विकसित उत्तर प्रदेश की भूमिका का उल्लेख कर चुके हैं। ऐसे में, इस लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका को समन्वय के जरिए सुनिश्चित किया जा रहा है। इस दिशा में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया आत्मीय संदेश और उसके उत्तर में मुख्यमंत्री का विस्तृत व भावपूर्ण पत्र, दोनों ही इस बात के सशक्त प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश में विकास की यात्रा साझा सोच, साझा लक्ष्य और साझा प्रयासों के साथ आगे बढ़ रही है। यह संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उस भरोसे और तालमेल का प्रतिबिंब है, जिसके सहारे उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। विश्वास और सम्मान से भरा संवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक भूमिका और विकास यात्रा की विस्तार से सराहना की। उन्होंने प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजबूत स्तंभ बताया और कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, पर्यटन तथा औद्योगिक विकास में हो रही प्रगति को रेखांकित किया। उनके शब्दों में उत्तर प्रदेश केवल जनसंख्या का बड़ा राज्य नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति से देश के विकास को नई गति देने वाला राज्य है। साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है मुख्यमंत्री का उत्तर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को न केवल शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के शुभारंभ समारोह के कार्यक्रम में सुनाया, बल्कि संदेश के प्रति प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सुशासन, गरीब कल्याण, अंत्योदय और आत्मनिर्भरता के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी रेखांकित किया कि बीते वर्षों में प्रदेश की छवि में आया बदलाव केंद्र और राज्य सरकार के बीच विश्वासपूर्ण सहयोग का परिणाम है। डबल इंजन सरकार की कार्य संस्कृति पत्र में मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और सौभाग्य योजना जैसी पहलों में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन देना है। यह दृष्टिकोण केंद्र और राज्य, दोनों की साझा प्राथमिकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश और मुख्यमंत्री योगी के पत्र में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी विशेष उल्लेख है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और बौद्ध स्थलों के विकास के साथ पर्यटन को नई दिशा मिली है। यह संतुलन दिखाता है कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण के साथ आगे बढ़ रहा है। दोनों नेताओं के शब्दों में न केवल आपसी सम्मान झलकता है, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि नीतियों से लेकर क्रियान्वयन तक, तालमेल पूरी मजबूती के साथ कायम है। विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की भूमिका प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी, दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति इस साझा दृष्टि का परिणाम है। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हुआ यह संवाद केवल शुभकामनाओं का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि उस साझा संकल्प की घोषणा है, जिसमें केंद्र और राज्य एक साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। संदेश स्पष्ट है कि डबल इंजन सरकार लगातार समन्वय के साथ उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए न केवल कृत संकल्पित है बल्कि लगातार इस दिशा में वृहद स्तर पर कार्य कर रही है।

लोकधुनों, रंगों और स्वाद में रचा-बसा ‘उत्तर प्रदेश दिवस-2026’ का जनोत्सव

राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर दिखी उत्तर प्रदेश के उत्सव की सतरंगी छटा लोकधुनों, रंगों और स्वाद में रचा-बसा 'उत्तर प्रदेश दिवस-2026' का जनोत्सव लखनऊ  सुबह की हल्की धूप के बीच  राष्ट्र प्रेरणा स्थल का पूरा परिसर ही उत्तर प्रदेश के रंग में रंगा नजर आया। ढोलक की थाप, शहनाई की मधुर स्वर लहरियां और लोकगीतों की मिठास के बीच उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का जनोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा को महसूस कराने वाला उत्सव बनकर सामने आया। परिसर में कदम रखते ही चारों ओर सजी लोकचित्रों की प्रदर्शनी और रंग बिरंगे परिधानों में सजे कलाकार ध्यान खींचते रहे। हर दृश्य उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता की कहानी कह रहा था। कहीं ब्रज की होली की झलक दिखी, तो कहीं पूर्वांचल की लोकनृत्य शैली ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरे पर उत्साह और अपने प्रदेश को लेकर गर्व साफ झलक रहा था। एक जनपद एक व्यंजन योजना के स्टॉल पर सर्वाधिक भीड़ कार्यक्रम स्थल पर सबसे अधिक भीड़ एक जनपद एक व्यंजन योजना के स्टॉल पर दिखाई दी। आगरा के पेठे की मिठास, मथुरा के पेड़ों की खुशबू, बनारस की ठंडाई और पान की पारंपरिक महक, चंदौली के काले चावल से बने व्यंजन, इन सभी ने यूपी की सांस्कृतिक पहचान को एक ही थाली में सजा दिया। लोग न केवल इन व्यंजनों का स्वाद ले रहे थे, बल्कि अपने अपने जनपद से जुड़ी स्मृतियों और पहचान को भी साझा कर रहे थे। प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को बनाए रखा जीवंत लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को जीवंत बनाए रखा। कठपुतली नृत्य में लोककथाएं जैसे सजीव हो उठीं। रामायण के पात्रों के स्वांग ने श्रद्धा और मनोरंजन को एक साथ जोड़ दिया। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गूंज यह बताती रही कि यह उत्सव केवल देखने का नहीं, महसूस करने का अनुभव है। वहीं दूसरी ओर, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा भी साफ नजर आई। यह परंपरा और प्रगति का ऐसा संगम था, जहां एक ओर विरासत को संजोया जा रहा था, तो दूसरी ओर भविष्य की दिशा भी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। केवल राजधानी तक सीमित नहीं आयोजन तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन राजधानी तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले में इसी भाव और उत्साह के साथ यूपी दिवस मनाया जा रहा है। यूपी दिवस-2026 ने यह साफ संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश केवल आंकड़ों और योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला राज्य ही नहीं, बल्कि संस्कृति, संवेदना और सामूहिक गर्व से जुड़ा हुआ जनप्रदेश है, जहां उत्सव भी नीति बन जाता है और परंपरा भी विकास का हिस्सा बनकर आगे बढ़ती है।

‘BJP की डबल इंजन सरकार का असर’, यूपी दिवस पर अमित शाह ने दिया शक्तिशाली संदेश

लखनऊ  'जो उत्तर प्रदेश कभी देश को सिर्फ मजदूर (Labour Source) देता था, आज वही राज्य प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।' यह हुंकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भरी। शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया, बल्कि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर दिया कि साल 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व कितना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में UP की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 से पहले इन दलों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'कांग्रेस और सपा के दौर में यूपी की पहचान सिर्फ पलायन और अपराध से होती थी। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी के लिए बाहर नहीं जा रहा, बल्कि हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।'  2047 का संकल्प और योगी का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान अमित शाह का सबसे बड़ा बयान यूपी के भविष्य को लेकर आया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त 2047 को जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में 'विकसित भारत' की आत्मा होगा।" राजनीतिक गलियारों में शाह के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि 2047 के इस लंबे विजन को पूरा करने के लिए भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही सुरक्षित है। राम मंदिर से महाकुंभ तक: सनातन का उत्थान गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज यूपी में कनेक्टिविटी सुधरी है और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को 'सनातन धर्म' की शक्ति का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि यूपी न केवल आईटी और डेटा सेंटर का हब बन रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। UP: शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' सम्मान समारोह के दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार (Innovation and Space Exploration) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया, जो बदलते और आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर पेश करता है। सीएम योगी ने किया गर्मजोशी से स्वागत लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी ने अमित शाह को पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया। यह दृश्य भाजपा नेतृत्व की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता नजर आया। डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अमित शाह का स्वागत किया। इसके अलावा यूपी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अमित शाह की उपस्थिति को उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही पार्टी के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह का अभिनंदन किया। भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि यूपी स्थापना दिवस समारोह को पार्टी और सरकार दोनों ही स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रशासनिक अमला भी रहा उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता दिखाई दी।अमित शाह के दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के 77 वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास से जुड़े प्रस्तुतीकरण की योजना है। अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मजबूत मौजूदगी यूपी स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को आगे बढ़ाने का भी मंच बनेगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर रहेगा फोकस स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की 77 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति में यह संदेश देने की कोशिश होगी कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का अहम स्तंभ बन चुका है। राजनीतिक दृष्टि से भी अहम दौरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस समारोह के बहाने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। राजधानी में उत्सव जैसा माहौल अमित शाह के आगमन और यूपी स्थापना दिवस को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सरकारी भवनों को सजाया गया है और कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिकों … Read more

यूपी के 77वें स्थापना दिवस पर सीएम ने दी प्रदेश की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं

लखनऊ. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल में उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति चिह्न देकर गृह मंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को यूपी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़कर सुनाया। सीएम योगी ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना यूपी की ताकत बनेगी। स्थानीय खाद्य उत्पादों को अब दिला सकेंगे वैश्विक पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज गृह एवं सहकारिता मंत्री के कर कमलों से वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन (ओडीओसी) योजना लागू की गई है। इससे 75 जनपदों की 75 प्रकार की भोजन सामग्री अब यूपी की नई ताकत बनेगी। अच्छा हाईजीन युक्त भोजन, खाद्य सामग्री, अन्न से बनी सामग्री लोगों को प्राप्त हो सके, स्थानीय उत्पादों को जियो टैग कर सकें और फिर उसे वैश्विक पहचान दिला सकें, उसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग, डिजाइनिंग करने के साथ देश व वैश्विक मांग के अनुरूप उस प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट कर सकें, यह अवसर यूपी में अब हर व्यंजन के लिए प्राप्त होगा। आत्मनिर्भर भारत में ‘ओडीओपी’ का योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल के साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों और हर राज्य में यह आयोजन हो रहा है। देश, प्रदेश व दुनिया में जहां कहीं भी उत्तर प्रदेशवासी हैं, वह इस आयोजन से जुड़ रहे हैं। 2018 में उत्तर प्रदेश ने जब पहली बार अपने स्थापना दिवस कार्यक्रम को आयोजित किया था, उस समय राज्यपाल राम नाईक जी थे और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह जी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। इनकी प्रेरणा से हम लोगों ने परंपरागत उद्यमों को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया था। आज यह योजना आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई ताकत बनी है और आत्मनिर्भर भारत में अपना योगदान दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि जिन्होंने लीक से हटकर देश के लिए कुछ विशिष्ट किया है। ऐसी पांच विभूतियों को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। इन विभूतियों ने विकसित भारत की प्रधानमंत्री की संकल्पना में अपने नवाचार, शोध, परिश्रम से योगदान दिया है। सीएम ने सम्मानित होने वाली विभूतियों को बधाई दी। युवाओं के स्केल को स्किल में बदलेगी ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यूपी के युवाओं के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का भी शुभारंभ हुआ। हर जनपद में 100 एकड़ क्षेत्रफल में इसका विकास होगा। जो भी युवा नौकरी व कारोबार प्रारंभ करने का इच्छुक है, उसकी योग्यता व क्षमता के अनुरूप उसके स्केल को स्किल डेवपलमेंट में बदला जाएगा। यूपी में उसके लिए रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस विशिष्ट योजना का प्रारंभ भी गृह मंत्री के कर कमलों से हो रहा है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद संजय सेठ, ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, राजेश्वर सिंह, अमरेश कुमार, ओपी वास्तव तथा योगेश शुक्ल समेत कई गण्यमान्य अतिथि मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर लांच हुई ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में शुरू की गई एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी)  योजना ने स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और निर्यात को नई दिशा दी है। ओडीओपी के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों कारीगरों को स्वरोजगार मिला, निर्यात बढ़ा और यूपी की पहचान वैश्विक बाजारों तक पहुंची। अब इसी सफलता मॉडल को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की समृद्ध पाक-कला विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद–एक व्यंजन” यानी ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) योजना की शुरुआत की है। यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरासत संग विकास विजन का विस्तार है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन, रोजगार और निर्यात को एक साथ साधने का प्रयास किया गया है। क्या है ओडीओसी योजना का उद्देश्य ओडीओसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक विशिष्ट, ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यंजन की पहचान की जाएगी। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं-  प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला विरासत का संरक्षण व संवर्धन  व्यंजन तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों का पंजीकरण  चयनित व्यंजनों का गुणवत्ता मानकीकरण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यंजनों को पहचान दिलाना  स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार व एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा ओडीओपी की तर्ज पर ओडीओसी भी जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बनेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पैकेजिंग  जीआई टैग और ई-कॉमर्स से स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक मंच मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से फूड पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उद्यमियों को एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पारंपरिक फूड वेंडर्स को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। चयनित व्यंजनों की जीआई टैगिंग कर उनकी प्रामाणिकता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और महोत्सवों में ओडीओसी फूड स्टाल लगाए जाएंगे, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश के विविध स्वादों का अनुभव कर सकें। दुनिया तक पहुँचेगा यूपी का स्वाद उत्तर प्रदेश का लगभग हर जनपद किसी न किसी विशिष्ट व्यंजन के लिए प्रसिद्ध है। जैसे आगरा का पंछी पेठा, मथुरा का ब्रजवासी पेड़ा, अयोध्या का रामआसरे पेड़ा, अलीगढ़ (इगलास) का चमचम, बाराबंकी की चंद्रकला, पूर्वांचल का बाटी-चोखा व लिट्टी-चोखा, लखनऊ की रेवड़ी व मलाई मक्खन, काशी की लौंगलता व मलइयो, संडीला (हरदोई) के लड्डू और कानपुर के समोसे। ऐसे सैकड़ों व्यंजन हैं, जो अपने शहर में तो लोकप्रिय हैं, लेकिन राज्य या देश से बाहर इन्हें सीमित पहचान मिली है। ओडीओसी योजना के माध्यम से यूपी के सभी 75 जनपदों के इन ऐतिहासिक व स्वादिष्ट व्यंजनों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में शुरू की गई एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी)  योजना ने स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और निर्यात को नई दिशा दी है। ओडीओपी के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों कारीगरों को स्वरोजगार मिला, निर्यात बढ़ा और यूपी की पहचान वैश्विक बाजारों तक पहुंची। अब इसी सफलता मॉडल को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की समृद्ध पाक-कला विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद–एक व्यंजन” यानी ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) योजना की शुरुआत की है। यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरासत संग विकास विजन का विस्तार है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन, रोजगार और निर्यात को एक साथ साधने का प्रयास किया गया है। क्या है ओडीओसी योजना का उद्देश्य ओडीओसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक विशिष्ट, ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यंजन की पहचान की जाएगी। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं-  प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला विरासत का संरक्षण व संवर्धन  व्यंजन तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों का पंजीकरण  चयनित व्यंजनों का गुणवत्ता मानकीकरण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यंजनों को पहचान दिलाना  स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार व एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा ओडीओपी की तर्ज पर ओडीओसी भी जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बनेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पैकेजिंग  जीआई टैग और ई-कॉमर्स से स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक मंच मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से फूड पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उद्यमियों को एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पारंपरिक फूड वेंडर्स को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। चयनित व्यंजनों की जीआई टैगिंग कर उनकी प्रामाणिकता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और महोत्सवों में ओडीओसी फूड स्टाल लगाए जाएंगे, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश के विविध स्वादों का अनुभव कर सकें। दुनिया तक पहुँचेगा यूपी का स्वाद उत्तर प्रदेश का लगभग हर जनपद किसी न किसी विशिष्ट व्यंजन के लिए प्रसिद्ध है। जैसे आगरा का पंछी पेठा, मथुरा का ब्रजवासी पेड़ा, अयोध्या का रामआसरे पेड़ा, अलीगढ़ (इगलास) का चमचम, बाराबंकी की चंद्रकला, पूर्वांचल का बाटी-चोखा व लिट्टी-चोखा, लखनऊ की रेवड़ी व मलाई मक्खन, काशी की लौंगलता व मलइयो, संडीला (हरदोई) के लड्डू और कानपुर के समोसे। ऐसे सैकड़ों व्यंजन हैं, जो अपने शहर में तो लोकप्रिय हैं, लेकिन राज्य या देश से बाहर इन्हें सीमित पहचान मिली है। ओडीओसी योजना के माध्यम से यूपी के सभी 75 जनपदों के इन ऐतिहासिक व स्वादिष्ट व्यंजनों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के शुभारंभ पर बोले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह

लखनऊ. देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान गृह मंत्री ने प्रदेश की जनता से भावनात्मक और निर्णायक अपील करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को पूरी तरह रिजेक्ट करें और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाएं। उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को लेबर सोर्स स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज यह भारत की इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बन चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए, उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए और देश की सुरक्षा के लिए एक बार फिर यहां पूर्ण बहुमत की, प्रचंड बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी आवश्यक है। ये परिवारवादी पार्टियां चाहे कांग्रेस हो,  समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी, इस उत्तर प्रदेश का कल्याण नहीं कर सकतीं। उत्तर प्रदेश का कल्याण केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। प्रदेश को एक बार फिर सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लेना होगा अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश हर काल खंड में देश को सुरक्षित करने वाला राज्य बना है और आज उन्हें गर्व है कि फिर से एक बार इस प्रदेश में देशभक्ति की लौ जागृत हो चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014, 2017, 2019 व 2022 में उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया और अगला साल चुनाव का साल है, जिसमें प्रदेश को एक बार फिर सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लेना होगा। मोदी व योगी ने उत्तर प्रदेश के भीतर विकास की सारी संभावनाओं को तराशा गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के भीतर विकास की सारी संभावनाओं को तराशकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। पीएम मोदी ने पूरे उत्तर प्रदेश को नेशनल हाईवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया है। आज उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है, जहां सबसे अधिक एयरपोर्ट हैं। भारत सरकार ने प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की, जहां ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि यह जो परिवर्तन देश के अंदर दिखाई दे रहा है, उसमें योगी सरकार की बड़ी भूमिका है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार को नेस्तनाबूत किया गया, कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया और हर गरीब के कल्याण के लिए ढेर सारी योजनाओं को जमीन पर उतारा गया। भाजपा सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि हर गांव तक 24 घंटे में कम से कम 20 घंटे बिजली जरूर पहुंचे। गृह मंत्री ने दोहराया कि आने वाले चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश का हर मतदाता जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को रिजेक्ट करे और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर महान राज्य उत्तर प्रदेश के सभी वासियों को अनंत शुभकामनाएं देते हुए वंदे मातरम और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने भारत माता की जय और जय श्रीराम का उद्घोष किया और उपस्थित जनसमूह ने भी उनका साथ दिया। उत्तर प्रदेश से आए सभी लोगों को राम-राम कहते हुए उन्होंने देश, दुनिया में रहने वाले सभी प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं दीं। 15 अगस्त 2047 तक उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य होगा अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जा रहा है। जब 15 अगस्त 2047 को देश की आजादी की शताब्दी मनाई जाएगी, तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य होगा। उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन है और भारत की आत्मा भी। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश भारत के विकास का इंजन बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश युग-प्रवर्तकों की पवन भूमि गृह मंत्री ने कहा कि इस भूमि को प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, महावीर व बुद्ध जैसे अनेक युग-प्रवर्तक महानुभावों ने पावन किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आसमान छूती मूर्तियां आने वाले दशकों तक देश को दिशा देने का काम करेंगी। कूड़े के पहाड़ से प्रेरणा स्थल तक अमित शाह ने कहा कि जहां आज यह भव्य प्रेरणा स्थल खड़ा है, वहां कभी 65 एकड़ में कूड़े का पहाड़ था। भाजपा सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलने की व्यवस्था की और यह स्थान आज पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। युवाओं को ब्याज-मुक्त लोन गृह मंत्री ने बताया कि हर साल एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त लोन दिया जा रहा है, जिसमें 10 प्रतिशत अनुदान भी शामिल है। अब तक 1,30,000 युवाओं को 5,322 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है। ओडीओपी और उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान गृह मंत्री ने कहा कि 2017 में जब दिल्ली में यूपी का घोषणा पत्र बन रहा था, तब वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट की कल्पना की गई थी। उस समय लोग संशय में थे, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में फैल चुकी है। इससे कारीगरों, युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उत्तर प्रदेश के हर जिले का व्यंजन मेला आज प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और पहचान को दुनिया के सामने रख रहा है। कार्यक्रम में पांच विशिष्ट व्यक्तित्वों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया गया। अमित शाह ने विशेष रूप से डॉ हरिओम पंवार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। फूड बास्केट से लेकर फोर्स स्टेट तक अमित शाह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का फूड बास्केट बन चुका है। पिछले तीन वर्षों में … Read more

अलख पांडेय, डॉ. हरिओम पंवार, सुश्री रश्मि आर्य और डॉ. सुधांशु सिंह को भी मिलेगा यूपी गौरव सम्मान-2026

यूपी दिवस-2026 पर प्रदेश की 5 विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान, अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला होंगे सम्मानित अलख पांडेय, डॉ. हरिओम पंवार, सुश्री रश्मि आर्य और डॉ. सुधांशु सिंह को भी मिलेगा यूपी गौरव सम्मान-2026 शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में यूपी का नाम रोशन करने वाली 5 विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान लखनऊ  उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के मुख्य समारोह का आयोजन इस वर्ष राजधानी लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस भव्य समारोह का उद्घाटन शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली पांच विशिष्ट विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष जिन विभूतियों को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा, उनमें अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व शामिल हैं। अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभांशु शुक्ला सम्मानित गौरव सम्मान 2025-26 से सम्मानित होने वाली विभूतियों में राजधानी लखनऊ निवासी अंतरिक्षयात्री एवं भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा प्रक्षेपण के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचकर इतिहास रचा। वे आईएसएस पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्षयात्री बने। हालांकि, अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीयों में वे राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय हैं। उनकी यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली है। शिक्षा में क्रांति लाने वाले अलख पांडेय को गौरव सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले प्रयागराज निवासी अलख पांडेय को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। अलख पांडेय ने वर्ष 2016 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘फिजिक्स वाला’ यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। वर्ष 2020 में लॉन्च किए गए इसी नाम के ऐप ने किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर करोड़ों छात्रों को लाभान्वित किया। वर्ष 2022 में उनकी कंपनी भारत की छठी एडटेक यूनिकॉर्न बनी। 10 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर वाले इस प्लेटफॉर्म ने शिक्षा को अधिक समावेशी और लोकतांत्रिक बनाया है। उन्हें शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार, टाइम्स 40 अंडर 40 और एडटेक सीईओ ऑफ द ईयर जैसे कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए डॉ. हरिओम पंवार होंगे सम्मानित साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बुलंदशहर के बुटना गांव में जन्मे डॉ. हरिओम पंवार इस वर्ष यूपी गौरव सम्मान प्राप्त करने वाली तीसरी विभूति हैं। मेरठ महाविद्यालय में विधि के प्रोफेसर रहे डॉ. पंवार की कविताएं ‘काला धन’, ‘घाटी के दिल की धड़कन’, ‘मैं मरते लोकतंत्र का बयान हूं’ और ‘बागी हैं हम, इंकलाब के गीत सुनाते जाएंगे’ समाज को जाग्रत करने वाली रचनाएं हैं। उन्हें निराला पुरस्कार, भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार, रश्मि पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनकी साहित्यिक कृतियों से होने वाली आय का उपयोग गरीब बच्चों की शिक्षा और वंचित वर्ग के कल्याण में किया जाता है। महिला सशक्तिकरण के लिए रश्मि आर्य को सम्मान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मेरठ के नारंगपुर में 22 अक्टूबर 2007 को श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना करने वाली रश्मि आर्य को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनका गुरुकुल वैदिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का सुंदर समन्वय है। यहां संस्कृत, वैदिक शिक्षा, हवन, संगीत के साथ-साथ इंग्लिश स्पीकिंग और कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाती है। गुरुकुल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं, गीता-अष्टाध्यायी प्रतियोगिताओं, योग, धनुर्विद्या और जंप रोप में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में यहां 600 से अधिक जरूरतमंद बच्चियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। कृषि विज्ञान में वैश्विक पहचान के लिए डॉ. सुधांशु सिंह होंगे सम्मानित कृषि क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए वाराणसी निवासी डॉ. सुधांशु सिंह को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या से स्वर्ण पदक के साथ कृषि में स्नातक किया तथा फिलीपींस के आईआरआरआई से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। फ्लड-टॉलरेंट सब-1 चावल पर उनके शोध ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वर्तमान में वे आईएसएआरसी, वाराणसी के निदेशक हैं और बीएमजीएफ, वर्ल्ड बैंक तथा यूएसएआईडी जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर चुके हैं। 29 वर्षों के अनुभव में उन्होंने सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को नई दिशा दी है। प्रदेश की प्रतिभा और प्रेरणा का प्रतीक है यूपी गौरव सम्मान उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान संस्कृति विभाग द्वारा उन विभूतियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने कला, कृषि, विज्ञान, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। ये पांचों सम्मानित व्यक्तित्व उत्तर प्रदेश की बहुआयामी प्रतिभा के प्रतीक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यूपी दिवस-2026 के अवसर पर इनकी उपलब्धियां पूरे प्रदेश में गर्व, प्रेरणा और उत्साह का संचार करेंगी।

महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के हालचाल जानने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास महाराज का जाना हालचाल मुख्यमंत्री ने मेदांता अस्पताल, लखनऊ में भर्ती राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष से भेंट कर की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर अयोध्या के राम जन्मभूमि न्यास एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, परम पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से महाराज जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके उपचार की प्रगति के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महाराज जी के करीबियों एवं ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से भी संवाद किया। चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के स्वास्थ्य की सम्पूर्ण जानकारी दी और उनको दिए जा रहे चिकित्सीय उपचार से अवगत कराया।

आज से शुरू UP दिवस 2026 समारोह, अमित शाह करेंगे उद्घाटन, क्या है खास थीम?

 लखनऊ 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस 2026 शनिवार को लखनऊ में नए बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में शुरू होगा. इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर करेंगे. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि एक जन उत्सव बने जिसमें राज्य के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो. इसलिए कार्यक्रम में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत भावना के अलावा विकास यात्रा को भी दिखाया जाएगा. मुख्य आकर्षण होगा ODOC इस साल उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा घोषित 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन' (ODOC) योजना होगी. ODOC योजना के तहत राज्य के हर जिले से एक पारंपरिक और मशहूर व्यंजन चुना गया है. इस खास कार्यक्रम में राज्य भर के सभी ODOC व्यंजन एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे. यह पहल न सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के व्यंजनों की विविधता को दिखाएगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मज़बूत करेगी. यह यूपी के स्वाद को राज्य की पहचान का प्रतीक बनाने का एक ज़रिया बनेगा. इसके साथ ही 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के तहत कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. साथ ही उन्हें यूपी दिवस के मौके पर बेचा भी जाएगा. इसके अलावा GI टैग वाले उत्पादों को भी ट्रेड शो के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा. इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दौरान 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26' प्रदान किया जाएगा. साथ ही इस साल, शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच जानी-मानी हस्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा. 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत शानदार प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री औपचारिक रूप से ODOC योजना लॉन्च करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार व औद्योगिक क्षेत्र योजना का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.  हर जिले में होगा कार्यक्रम का प्रसारण कार्यक्रम का प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा. साथ ही कार्यक्रम स्थलों का चयन समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके अलावा यह कार्यक्रम फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से विदेशों में भी मनाया जाएगा.

सीएम योगी बोले, युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों में समाज ने स्वीकार किया नागरिक सुरक्षा संगठन का अहम योगदान

मॉक ड्रिल प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: सीएम योगी  – सीएम योगी पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में हुए शामिल – बोले, युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों में समाज ने स्वीकार किया नागरिक सुरक्षा संगठन का अहम योगदान  – हर कार्य के लिए सरकार पर निर्भर रहना उचित नहीं, स्वयंसेवकों की भागीदारी से बढ़ेगी कार्यक्षमता – वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया चल रही, आवश्यक होने पर आपदा मित्र के रूप में किया जाएगा प्रशिक्षित  लखनऊ, देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता आंदोलन के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है। इसी अवसर पर नेताजी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा संगठन की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह शानदार मॉक ड्रिल प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान कही।  हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने स्वीकार किया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी के आंदोलन के दौरान देश को दिया था। उसी भावना के अनुरूप उन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। भारत की नारी शक्ति की सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड का गठन कर देश को उस समय ही महिला शक्ति की ताकत से अवगत कराया था। भारत के अंदर हो या विदेश में, जहां-जहां नेताजी रहे, उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए जो योगदान दिया, हर भारतवासी उसके प्रति कृतज्ञ है और एक राष्ट्रनायक के रूप में उन्हें सम्मान देता है। सीएम ने कहा कि आज का यह मॉक ड्रिल हम सभी को सम और विषम परिस्थितियों के प्रति हमेशा तैयार रहने की प्रेरणा देता है। युद्धकाल हो या शांति काल, आपदा हो या आकस्मिक दुर्घटना हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है। इसी महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सभी 75 जनपदों में नागरिक सुरक्षा संगठन का गठन किया गया। सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा संगठन को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब सभी 75 जिलों में भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर बढ़ रही है। साइरन लग चुके हैं और इस तरह के मॉक ड्रिल कार्यक्रम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में हर काम के लिए सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता। स्वावलंबन की पहली शर्त यही है कि हम अपने देश और समाज के प्रति भी सोचें और सरकार के साथ मिलकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएं, जिससे कार्यों की गति कई गुना बढ़ सके। इसी सोच के साथ नागरिक सुरक्षा संगठन से जुड़े स्वयंसेवकों के माध्यम से यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है और आज 75 जिलों में मॉक ड्रिल हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि अब नागरिक सुरक्षा संगठन केवल शांति काल में पर्व और त्योहारों तक सीमित नहीं है। पर्व-त्योहार, बाढ़ या अन्य आपदा, कोई घटना-दुर्घटना, बड़े आयोजन में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना या फिर यदि देश पर दुश्मन द्वारा युद्ध थोपा गया हो तो युद्धकाल में समाज की व्यवस्था संभालने, हर परिस्थिति में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह क्षमता आज प्रस्तुत की गई है। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है और इसे निरंतर हमारी प्रैक्टिस का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें युद्ध के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के लिए, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और यदि दुर्घटना हो जाए तो पीड़ित को समय पर उपचार दिलाने के लिए निरंतर अभ्यास करना होगा। पीड़ित का जीवन अमूल्य है और ‘गोल्डन आवर’ की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास आगे बढ़ाना होगा। प्रदेश में एसडीआरएफ के माध्यम से ‘आपदा मित्रों’ की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आपदा मित्र के रूप में जो स्वयंसेवक कार्य करेंगे, उन्हें उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और आवश्यक होने पर उन्हें आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में होमगार्ड स्वयंसेवक मौके पर राहत कार्यों में बड़ा सहयोग कर सकता है और हम सबको इनके महत्व के प्रति जागरूक रहना चाहिए। आज के समय में विकास तीव्र गति से बढ़ रहा है, टूरिज्म तेजी से बढ़ा है और इंफ्रास्ट्रक्चर अत्याधुनिक हुआ है। ऐसे में हाईराइज बिल्डिंग में यदि कहीं अग्निकांड जैसी घटना हो जाए, तो नागरिक सुरक्षा संगठन या आपदा मित्र फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कैसे योगदान दे सकते हैं, इसके लिए नियमित मॉक ड्रिल जरूरी है। केवल संकट पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, सामान्य जीवन में भी हमेशा तैयार रहना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन की मदद के लिए खड़ा हो जाए, तो समाज के सहयोग से जनहानि और धनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। इसे नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल संकट आने पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, बल्कि सामान्य जीवन में भी हमेशा इसके लिए तैयार रहना होगा, तभी सफलता मिलेगी।    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. नीरज बोरा, डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, … Read more