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उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा रहा है यूपी दिवस-2026 का आयोजन

देश की सीमाओं के परे भी मनाया जा रहा है यूपी दिवस-2026, प्रवासी प्रदेशवासियों को मिला यूपी से जुड़ने का अवसर यूके, रूस, मंगोलिया, कंबोडिया और जापान समेत विभिन्न देशों में हुआ यूपी दिवस का आयोजन, ओडीओसी के उत्पाद रहे मुख्य आकर्षण लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की स्थापना के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय यूपी दिवस-2026 के भव्य समारोह की शुरुआत प्रदेश की राजधानी लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल में की गई। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम पर आधारित इस उत्सव की शुरुआत देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुई। इस वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार यूपी दिवस-2026 का समारोह प्रदेश के सभी जनपदों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जा रहा है। इसके तहत यूके, रूस, मंगोलिया, कंबोडिया, सिंगापुर, जापान समेत विश्व के विभिन्न देशों में यूपी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही, देश के अन्य प्रदेशों के लोक भवनों में भी यूपी दिवस के आयोजन के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कला, शिल्प, व्यंजन और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया गया। जो उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को देश की सीमाओं के परे भी पहुंचा रही है। रूस, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी समेत कई देशों में हुआ यूपी दिवस का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के साथ विकास यात्रा से विश्व को परिचित करवाने के उद्देश्य से इस वर्ष यूपी दिवस-2026 का आयोजन देश और प्रदेश की सीमाओं से परे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया गया। इस क्रम में रूस की राजधानी मास्को, लंदन, ब्रिटेन, और ओसाका, जापान में भारतीय दूतावासों के माध्यम से यूपी दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके अलावा मंगोलिया, लिथुआनिया, सिंगापुर, म्यांमार, जर्मनी, श्रीलंका, डीआर कांगो समेत कई अन्य देशों में भी विशेष कार्यक्रम हुए। पर्यटन एवं कला-संस्कृति विभाग की ओर से इन देशों में रहकर यूपी का नाम रोशन करने वाले प्रवासी प्रदेशवासियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समारोहों में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के साथ लोक कलाओं का प्रदर्शन हुआ। इस वर्ष यूपी दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) और 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पादों की प्रदर्शनी रही। विभिन्न देशों में आयोजित इन कार्यक्रमों से प्रवासी प्रदेशवासियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और स्वाद से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिला। नई दिल्ली, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में भी मनाया गया यूपी दिवस उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक भव्यता का उत्सव यूपी दिवस-2026 के समारोह के रूप में देश के अन्य राज्यों में भी मनाया जा रहा है। इस क्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री और गणमान्य जनप्रतिनिधि अन्य प्रदेशों के लोक भवनों में जाकर यूपी दिवस के समारोह आयोजित कर रहे हैं। नई दिल्ली के दिल्ली हाट और एलजी कार्यालय में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जहां यूपी के हस्तशिल्प, व्यंजन और लोक नृत्य मुख्य आकर्षण बने। वहीं, गोरखपुर के सांसद एवं लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेता रवि किशन के प्रतिनिधित्व में मुंबई, महाराष्ट्र में यूपी दिवस का सांस्कृतिक कार्यक्रम मनाया गया। इसी तरह आंध्र प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और पंजाब जैसे विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें यूपी की विकास गाथा और सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस वर्ष यूपी दिवस का भव्य उत्सव प्रदेश की नई पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहा है।

‘कर्तव्य पथ’ पर विशेष अतिथि बनेंगी यूपी की 14 लखपति दीदी

महिला सशक्तिकरण को उड़ान सीएम योगी के विजन से आत्मनिर्भर बनीं यूपी की नारी शक्ति गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में उत्तर प्रदेश की शान बढ़ाएंगी 14 लखपति दीदी देशभर की लखपति दीदियों संग दिल्ली भ्रमण भी करेंगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आगे बढ़ीं प्रदेश की 14 लखपति दीदी गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के ‘कर्तव्य पथ’ पर आयोजित समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। नारी शक्ति, आत्मनिर्भर भारत और समृद्ध उत्तर प्रदेश की जीवंत तस्वीर को प्रस्तुत करेंगी। यूपी से जाने वालीं 14 लखपति दीदी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। इन्हें अन्य राज्यों से आई लखपति दीदियों के साथ दिल्ली भ्रमण भी कराया जाएगा। 14 लखपति दीदी लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। 26 जनवरी को ‘कर्तव्य पथ’ पर इनकी उपस्थिति से उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ेगा। यह उपलब्धि सीएम योगी के उस विजन का परिणाम है, जिसमें महिलाओं की आर्थिक प्रगति को प्रदेश के समग्र विकास की धुरी माना गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखपति दीदी अभियान के जरिए ग्रामीण महिलाओं का जीवन बेहतर हो रहा है। यूपी की ये 14 दीदी साबित कर रही हैं कि आत्मनिर्भर नारी ही समृद्ध प्रदेश और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। लखपति दीदियों ने इन क्षेत्रों में फहराया झंडा इन लखपति दीदियों ने ई-रिक्शा संचालन, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, कैफे, मसाला निर्माण, उन्नत कृषि, ब्यूटी पार्लर, जन सुविधा केंद्र, गो-आधारित उत्पाद और प्रेरणा कैंटीन जैसे क्षेत्रों में न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्मविश्वास दिया। आज ये महिलाएं लखपति बनकर गांव-गांव में प्रेरणा का केंद्र बन रही हैं। कर्तव्य पथ तक पहुंचने वाली यूपी की 14 लखपति दीदी 1. मंशा देवी – पंचायत हरपुर, ब्लॉक ब्रह्मपुर, गोरखपुर : ई-रिक्शा उद्यम व ट्रेनर | आय: ₹18–20 हजार प्रतिमाह। 2. प्रवेश कुमारी – पंचायत बुखारा, ब्लॉक मऊरानीपुर, झांसी गोमाता कैटल फीड एंटरप्राइज | आय: लगभग ₹25 हजार प्रतिमाह। 3. रितु देवी – ग्राम फिरोजपुर नरोट्टम, ब्लॉक देवमल, बिजनौर विदुर कैफे संचालन | आय: 6–7 हजार प्रतिदिन। 4. सरिता देवी – ग्राम पंचायत मीरजापुर जवई, ब्लॉक सिराथू, कौशांबी ई-रिक्शा आधारित उद्यम | आय: लगभग 3 लाख वार्षिक। 5. ऋतु शर्मा – ग्राम लालपुर, ब्लॉक टापल, अलीगढ़ मसाला निर्माण व बिक्री | आय: ₹8–10 हजार प्रतिमाह (250+ महिलाओं को रोजगार से जोड़ा) 6. निर्मला देवी – ग्राम बरसंपुर, ब्लॉक करवी, चित्रकूट दुग्ध व्यवसाय | वार्षिक आय: 6.59 लाख 7. राजकुमारी देवी – ग्राम रखही, ब्लॉक भौरोहिया-कैंपियरगंज, गोरखपुर दुग्ध उत्पादन | आय: ₹1.67 लाख (8 माह में) 8. मंत्रवती शाक्य – ग्राम नगला भिखन, ब्लॉक जसवंतनगर, इटावा उन्नत कृषि | आय: लगभग ₹15 हजार प्रतिमाह। 9. विजेता गोयल – पंचायत कशांपुर, ब्लॉक बसरेहर, इटावा ब्यूटी पार्लर, CSC, गारमेंट | आय: ₹2.5 लाख वार्षिक 10. अनुपमा सिंह – पंचायत बनियाखेड़ा, संभल मोटे अनाज के उत्पाद, ब्यूटी पार्लर | आय: ₹1 लाख+ वार्षिक 11. गुड़िया देवी – ग्राम केवलपुर, ब्लॉक रोहनिया, रायबरेली दुग्ध व्यवसाय | आय: ₹3.42 लाख (2024-25) 12. आशा – पंचायत सकरापार, ब्लॉक देवरिया सदर, देवरिया प्रेरणा कैंटीन, बीमा सखी | आय: ₹1 लाख+ वार्षिक 13. सुमन देवी – पंचायत अब्दुलपुर मुन्ना, ब्लॉक हल्दौर, बिजनौर प्रेरणा कैफे | आय: ₹7–8 हजार प्रतिदिन 14. मोनिका – ग्राम खग्गूपुरा, ब्लॉक संभल, जनपद संभल सौंदर्य प्रसाधन निर्माण | आय: ₹18 हजार प्रतिमाह

बुन्देलखण्ड में दुग्ध क्रांति : डेयरी वैल्यू चेन बनाकर आत्मनिर्भर हो रहीं 86 हजार महिलाएं

चित्रकूट, झांसी, बांदा, हमीरपुर, जालौन, महोबा एवं ललितपुर में डेयरी इंडस्ट्री के जरिए ग्रामीण महिलाओं की बढ़ रही आय सीएम योगी के विजन के अनुसार 3600 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को किया गया एकजुट 952 गांवों में महिलाओं की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बना दुग्ध व्यवसाय लखनऊ,   बुन्देलखण्ड की पहचान अब सिर्फ संघर्ष और पलायन तक सीमित नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन से इस क्षेत्र में डेयरी वैल्यू चेन महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। चित्रकूट, झांसी, बांदा, हमीरपुर, जालौन, महोबा और ललितपुर में दुग्ध व्यवसाय के जरिए 86 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। बुन्देलखण्ड में दुग्ध व्यवसाय को संगठित, पारदर्शी और लाभकारी बनाने के लिए महिलाओं की प्रोड्यूसर कंपनी ‘बालिनी’ का गठन किया गया। यह संगठन महिला दुग्ध उत्पादकों द्वारा संचालित है, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा ही बदल दी है। इस मॉडल से जुड़कर महिलाएं अब बिचौलियों पर निर्भर नहीं हैं। संगठन द्वारा बनाए गए उत्पाद को बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है। दूध संग्रह, परीक्षण, डिजिटल भुगतान से गांवों में पैदा हुए रोजगार के नए अवसर डेयरी वैल्यू चेन परियोजना के तहत बुन्देलखण्ड के सातों जनपदों के 952 गांवों में 3,600 स्वयं सहायता समूहों की 86,000 से अधिक महिलाओं को संगठित किया गया है। दूध संग्रह, गुणवत्ता परीक्षण, डिजिटल भुगतान और बाजार से सीधे जुड़ाव की व्यवस्था ने महिलाओं की आय में वृद्धि की है। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिली है। सामूहिक प्रयास से बड़े आर्थिक बदलाव की वाहक बन रहीं ग्रामीण महिलाएं योगी सरकार की मंशा है कि ग्रामीण विकास की धुरी ही महिलाओं की आर्थिक मजबूती बने। इसी सोच के तहत बुन्देलखण्ड में डेयरी परियोजनाओं को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी अब न केवल दुग्ध व्यवसाय का मॉडल बन चुकी है, बल्कि यह संकेत भी दे रही है कि सामूहिक प्रयास और सही मार्गदर्शन से ग्रामीण महिलाएं बड़े आर्थिक बदलाव की वाहक बन सकती हैं। बुन्देलखण्ड में डेयरी वैल्यू चेन की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सीएम योगी के नेतृत्व में चल रही योजनाएं जमीन पर असर दिखा रही हैं। गांव की महिलाएं अब क्षेत्र की तरक्की की मजबूत कड़ी बन चुकी हैं।

योगी सरकार का मेगा पुश: यमुना एक्सप्रेसवे पर 65 से अधिक इकाइयों को भूमि आवंटन

मुख्यमंत्री ने बीते रविवार को प्रदान किए विभिन्न औद्योगिक इकाइयों तथा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिनिक्स से लेकर हेल्थ सेक्टर तक में निवेश होगा यमुना एक्सप्रेसवे बन रहा औद्योगिक विकास का नया पावरहाउस, योगी सरकार ने यमुना प्राधिकरण में औद्योगिकीकरण को दी रफ्तार प्राधिकरण ने 65 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवंटित किए भूखंड लखनऊ,  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर के लिए एक उभरता हुआ राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और तेज निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है कि हजारों करोड़ के निवेश के साथ लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यीडा ने वर्ष 2025-26 में औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए कई सकारात्मक और ठोस पहल की हैं। प्राधिकरण ने 65 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूखंड आवंटित किए हैं। बीते रविवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों को उद्योगों और मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए थे। व्यापक निवेश के साथ उपलब्ध हो रहे रोजगार यीडा की औद्योगिक योजना के अंतर्गत 28 औद्योगिक इकाइयों को 2.32 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई, जिसमें लगभग 1332 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 8783 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, ई-ऑक्शन योजना के माध्यम से 37 औद्योगिक इकाइयों को एक लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है, जिसमें 500 करोड़ रुपये का निवेश और 4800 रोजगार सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, इनवेस्ट यूपी और शासन के विभागों द्वारा जारी एलओसी के माध्यम से 09 औद्योगिक इकाइयों को 18.77 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। इन इकाइयों से लगभग 21,128 करोड़ रुपये का निवेश और 18044 युवाओं के लिए रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने सौंपे आवंटन पत्र मुख्यमंत्री ने बीते रविवार को चार प्रमुख कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। इनमें इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को 48 एकड़ भूमि, एसेंट सर्किट प्राइवेट लि. को सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि और अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लि. को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इन तीनों परियोजनाओं में 10,500 करोड़ से ज्यादा का निवेश प्रस्तावित है, जबकि हजारों रोजगार के साधन सृजित होंगे। इनके माध्यम से सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की इकाइयां स्थापित हो रही हैं। औद्योगिक विकास के साथ स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूती यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवंटित की गई है। इस परियोजना में 532.18 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवंटित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जाए, ताकि निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

पहली बार उप्र के दौरे पर आए हैं राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के साथ पहुंचे मंदिर

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बांके बिहारी के दर्शन कर मांगा 'विकसित भारत' का आशीर्वाद विधायक के घर पहुंच मुख्यमंत्री व भाजपा अध्यक्ष ने जताया शोक मथुरा,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को बांके बिहारी की चौखट पर हाजिरी लगाई। दोनों नेताओं ने आराध्य के चरणों में शीश झुकाकर विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नितिन नबीन ने ठाकुर जी के समक्ष दीपक प्रज्ज्वलित किया और पुष्प अर्पित किए। इस दौरान सीएम योगी ने ठाकुर जी से प्रदेश की सुख-समृद्धि और 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद मंदिर सेवायतों द्वारा उन्हें प्रसाद भेंट किया गया। भाजपा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश की धरा 'ब्रज भूमि' पर पहुंचे नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संग आध्यात्मिक व राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम भी साथ रहे। सीएम योगी के साथ कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, पूरन प्रकाश, विधान परिषद सदस्य अशोक कटारिया, ओमप्रकाश सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष निर्मल पांडेय आदि ने भी बांके बिहारी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इनसेट विधायक के घर पहुंच मुख्यमंत्री व भाजपा अध्यक्ष ने जताया शोक बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन मांट विधायक राजेश चौधरी के आवास पहुंचे। विधायक की मां का हाल में ही निधन हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने विधायक की मां के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

डिजिटल माध्यम से योगी सरकार की रोजगारपरक योजनाओं को आम जन तक पहुंचा रहा यूपीकॉन

यूपीकॉन का डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन बना योगी सरकार की रोजगारपरक योजनाओं के प्रचार का सशक्त माध्यम सोशल मीडिया आधारित जागरूकता अभियान से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी और सीएम युवा योजना को मिल रही व्यापक पहचान पहल के माध्यम से अब तक 15 जनपदों में 11 लाख से अधिक लोगों तक बनाई पहुंच, शेष जनपदों में भी चलेगा अभियान डिजिटल अवेयरनेस के जरिए युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को जोड़ा जा रहा प्रदेश सरकार की योजनाओं से लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित रोजगारपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) द्वारा एक अभिनव डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन शुरू किया गया है। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम सहित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना और ओडीओपी मार्जिन मनी योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यूपीकॉन उत्तर प्रदेश में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली एक सरकारी संस्था है, जो युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए मंच और सहायता प्रदान करती है। सीधे लाभार्थियों से हो रहा जुड़ाव यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह ने बताया कि डिजिटल युग में सूचना के तेजी से प्रसार को ध्यान में रखते हुए हमने इस डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन को सोशल मीडिया आधारित बनाया है, ताकि सरकार की योजनाओं की जानकारी सीधे युवाओं, कारीगरों और संभावित उद्यमियों तक पहुंच सके। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल योजनाओं का प्रचार करना है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकारों, अवसरों और प्रशिक्षण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना भी है। सोशल मीडिया बना जागरूकता का प्रभावी मंच यूपीकॉन द्वारा संचालित इस डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ सहयोग किया जा रहा है। अब तक 15 जनपदों में इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा चुका है। इनके द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एवं ओडीओपी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के वीडियोज, जिनमें प्रशिक्षण की प्रक्रिया, लाभार्थियों के अनुभव और योजनाओं के व्यावहारिक लाभों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, को इंस्टाग्राम रील्स के रूप में साझा करने के साथ-साथ फेसबुक और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रसारित किया गया, जिससे अभियान की पहुंच और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 11 लाख से अधिक लोगों तक सीधी पहुंच यूपीकॉन के इस डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन के तहत अब तक इंस्टाग्राम पोस्ट्स और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से 11 लाख से अधिक फॉलोअर्स तक पहुंच बनाई जा चुकी है। अभियान के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों, कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता की जानकारी तथा उद्यमियों को सरकारी सहयोग और सब्सिडी से अवगत कराया जा रहा है। इससे न केवल योजनाओं की जानकारी बढ़ी है, बल्कि आवेदन और सहभागिता में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल रही है। योगी सरकार की सोच को मिल रहा डिजिटल विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि प्रदेश का हर युवा आत्मनिर्भर बने और पारंपरिक कारीगरी व स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले। यूपीकॉन का यह डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन सरकार की इसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके जरिए सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे योजनाओं को लेकर फैली भ्रांतियां दूर हो रही हैं और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी आगे आकर इनका लाभ उठा रहे हैं। शेष जनपदों में भी अवेयरनेस कैंपेन जारी यूपीकॉन को आवंटित शेष जनपदों में भी डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन को आगे बढ़ाया जा रहा है। यह कार्य लगातार प्रगति पर है और इसे शीघ्र पूर्ण करने के लिए यूपीकॉन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह कैंपेन योगी सरकार की रोजगारपरक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जागरूकता बढ़ाकर यह पहल उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर, कौशलयुक्त और रोजगारसमृद्ध बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।

यूपी का मॉडल समझने के लिए आधा दर्जन से अधिक दूसरे राज्यों के आबकारी आयुक्तों ने किया उत्तर प्रदेश का दौरा

यूपी की आबकारी नीति का अध्ययन करने के साथ डिस्टिलरी और मदिरा की दुकानों का किया निरीक्षण लखनऊ,  प्रदेश सरकार की दूरदर्शी और पारदर्शी आबकारी नीति प्रदेश के राजस्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आयी है। आबकारी राजस्व में लगातार हो रही रिकॉर्ड वृद्धि के चलते यूपी की आबकारी नीति की गूंज अब प्रदेश की सीमाओं से बाहर सुनाई देने लगी है। यही वजह है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश समेत आधा दर्जन से अधिक राज्यों के आबकारी आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश का दौरा कर यहां की आबकारी नीति का गहन अध्ययन किया। प्रदेश सरकार के प्रयासों से तैयार नीति न केवल राजस्व वृद्धि पर केंद्रित है, बल्कि इसमें पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण और उपभोक्ता हितों को भी समान रूप से महत्व दिया गया है। इसी का परिणाम है कि यूपी आज देश के अग्रणी आबकारी राजस्व वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। देश के विभिन्न राज्य यूपी की आबकारी नीति को लागू करने पर कर रहे विचार आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न राज्यों के आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश का भ्रमण यूपी की आबकारी नीति को समझने और उसे अपने-अपने राज्यों में लागू करने की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने यूपी के आबकारी आयुक्त और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में यह समझने पर जोर दिया गया कि किस तरह नीति निर्धारण, ई-गवर्नेंस, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ कर राजस्व में निरंतर वृद्धि संभव बनाई गई। कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों के अधिकारियों ने यूपी की नीति को व्यावहारिक और राजस्व केंद्रित बताते हुए इसकी सराहना की। कई राज्यों ने यह भी स्वीकार किया कि यूपी की आबकारी नीति से प्रेरणा लेकर वे अपने यहां भी आबकारी ढांचे में बदलाव करने पर विचार कर रहे हैं। डिस्टिलरी और शराब की दुकानों का किया निरीक्षण प्रदेश दौरे के दौरान विभिन्न राज्यों के आबकारी अधिकारियों ने प्रदेश की आसवनियों (डिस्टिलरीज) और शराब की दुकानों का निरीक्षण भी किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह जानना था कि उत्पादन से लेकर बिक्री तक, किस तरह की निगरानी व्यवस्था लागू की गई है और किस प्रकार अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यूपी में अपनाई गई डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली, ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन, बारकोडिंग और स्टॉक प्रबंधन प्रणाली की विशेष रूप से सराहना की। अधिकारियों ने माना कि इन उपायों से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग वृंदावन में सुनी ‘मन की बात’

  विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्राणप्रण से जुटकर योगदान देगा हर कार्यकर्ताः सीएम योगी   मथुरा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय तथा वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक  व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाए दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। तीर्थ भूमि है ब्रज, आज भी विरासत का अंश ढूंढते हैं श्रद्धालु सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का संबल बन रहा सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है यूपी का नौजवान मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्राणप्रण से जुटकर योगदान देगा हर कार्यकर्ता सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, पूरन प्रकाश, जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी किशन सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, अशोक कटारिया, ओमप्रकाश सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष निर्मल पांडेय, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव आदि मौजूद रहे।

नितिन नबीन में दिखती है नई पीढ़ी की ऊर्जा: मुख्यमंत्री योगी

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय, और वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।

योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल तय? अमित शाह ने दिग्गज नेताओं संग की मंथन बैठक

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस वक्त भारी हलचल है। राज्य कैबिनेट में फेरबदल और भाजपा संगठन में बड़े बदलावों की चर्चाओं के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बंद कमरे में बैठक की। अमित शाह 'यूपी दिवस' समारोह का उद्घाटन करने के बाद एयरपोर्ट रवाना होने से पहले पार्टी मुख्यालय रुके। लगभग 30 मिनट तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे।   पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के जरिए शाह ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के लिए सरकार और संगठन को पूरी तरह तालमेल बिठाकर काम करना होगा। अगले एक साल तक चुनावी मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए योगी कैबिनेट में फेरबदल की प्रबल संभावना है। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधना है। वर्तमान में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पूर्वी यूपी (गोरखपुर) से आते हैं। भाजपा नेतृत्व पश्चिमी यूपी और अन्य क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर इस असंतुलन को ठीक करना चाहता है। दिसंबर में पदभार संभालने वाले पंकज चौधरी को जल्द ही अपनी नई प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला कमेटियों का गठन करना है। कैबिनेट और संगठन में जगह पाने की होड़ में दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के चक्कर लगा रहे हैं। बैठक में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) अभियान पर भी चर्चा हुई। भाजपा के लिए चिंता का विषय यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी जिलों में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं। शहरी मतदाता भाजपा का मुख्य आधार माने जाते हैं, इसलिए दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व इस डेटा को लेकर काफी गंभीर है।