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भारतीय जनता पार्टी उप्र के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में बोले मुख्यमंत्री

प्रदेश के मुखिया ने एसआईआर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा, बोले-हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही लाएगी परिणाम  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरीः मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को यूपी के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला। उन्होंने कहाकि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप नई गति के साथ सरकार व संगठन मिलकर यूपी के संकल्प को बढ़ाएगा। पंकज जी यूपी की नई यात्रा के लिए कैप्टन के रूप में आ गए हैं। प्रदेश के मुखिया के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा।  मुख्यमंत्री ने राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में साढ़े तीन वर्ष से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर कार्यक्रम को गति प्रदान करने में योगदान दिया।  सीएम की अपील-12 दिन का बेहतर उपयोग कीजिए  सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अबसे 12 दिन का बेहतर उपयोग करिए। चुनाव का परिणाम विधानसभा व लोकसभा में आता है, लेकिन चुनाव लड़ा जाता है बूथ पर। पीएम मोदी कहते हैं कि ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ यानी लड़ाई बूथ पर होती है, इसलिए वह सबसे मजबूत होना चाहिए। सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ पर औसतन पौने दो सौ से ढाई सौ घर होंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारी से लेकर शक्ति केंद्र के पदाधिकारी एक साथ मिलकर अपने बूथ पर मतदाता सूची, ड्राफ्ट सूची के साथ ही छूटे, फर्जी, मृतक, अनलैपिंग, अब्सेंट व शिफ्ट करने वालों के नाम का अवलोकन कर लें।  हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराइए सीएम ने एक जनपद के दौरे का वृत्तांत सुनाते हुए विरोधियों द्वारा भरे गए मतदाता सूची का जिक्र किया। बोले कि उसमें कुछ बांग्लादेशियों के भी नाम हैं। सीएम ने चिंता भी व्यक्त की, बोले कि एक जनपद में ऐसा फॉर्म भरा गया, जहां मतदाता की आयु 20, पिता की 30 व बाबा की आयु 40 साल है। सीएम ने फर्जी नाम का उदाहरण दिया और बताया कि मतदाता असम के हैं, लेकिन बने हैं संभल में। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ से फर्जी नाम पर आपत्ति दर्ज कराइए। नाम जोड़ने व काटने के लिए समय है। सीएम ने मेहनत करने पर जोर देते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से आपकी तीन चौथाई मेहनत अभी हो जाएगी तो विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक चौथाई मेहनत ही करनी पड़ेगी, फिर यूपी में तीन चौथाई सीट भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी जीतेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपने बूथ को सबसे मजबूत कीजिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि एसआईआर के जो प्रपत्र जमा नहीं हो पाए, युद्ध स्तर पर लगकर उन्हें जमा कराइए। सीएम ने अलग-अलग फॉर्म संख्या व उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताते हुए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया कि हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही परिणाम लाएगी।  आज भारत के अंदर लोगों को नजर आता है वैश्विक नेतृत्व  सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति आज नए भारत का दर्शन कर रहा है। 11 वर्ष में भारत व भारतवासियों के प्रति दुनिया का नजरिया बदला है। 11 वर्ष पहले जो लोग भारत को कमतर आंकते थे, उन्हें भारत में वैश्विक नेतृत्व नजर आता है। भारत अब बिना रुके, डिगे व झुके अपनी यात्रा को बढ़ा रहा है। हमारा सौभाग्य है कि दुनिया के सबसे यशस्वी नेता नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में 11 वर्ष से अधिक समय से नए भारत को नेतृत्व प्राप्त हो रहा है।   सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया परिवर्तन का श्रेय  सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष में यूपी में हम जो भी परिवर्तन करने में सफल हुए हैं, वह पीएम मोदी के मार्गदर्शन-नेतृत्व, डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड की ताकत, एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। यूपी के बारे में जो धारणा थी, उसे हमने दूर किया। बीमारू राज्य के धब्बे से मुक्त करके यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया। आज यूपी दंगा, माफिया व अपराधमुक्त होकर पर्यटन, निवेश के लिए देश के बेहतरीन राज्यों में शामिल है।  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरी  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में साढ़े 8 वर्ष में बिना भेदभाव पौने नौ लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई। डेढ़ करोड़ से अधिक नौजवानों को परंपरागत उद्यम में नौकरी व रोजगार से जोड़ा गया। निवेश, सुरक्षा, कानून के राज में बेहतर तरीके से जो कार्य बढ़ा, उसकी वजह से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजनाएं धरातल पर उतरीं। सरकार छह लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी कर रही है।  सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री के प्रति जताया आभार  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्य़क्ष के नेतृत्व में प्रदेश के विकास योजनाओं को बढ़ाने के लिए जब भी पीयूष गोयल से सहयोग मांगा, तब उन्होंने यूपी के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ओडीओपी के लिए हमने पैकेजिंग इंस्टीटयूट मांगा तो लखनऊ में भारत सरकार ने इसे स्वीकृति दी। इसका सत्र भी प्रारंभ हो गया है। यूपी उद्यमियों के प्रोडक्ट को दुनिया के बाजार में पहुंचा सके और शोकेस कर सकें, इसके लिए कोई ट्रेड शो ऐसा हो। इस पर जब पीय़ूष जी से चर्चा की, उन्होंने पहले वर्ष ही कहा कि कम से कम 500 फॉरेन बायर्स यूपी भेज रहा हूं। इसे दुनिया के मार्केट में पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है।  

रिश्तों का खौफनाक अंत: जीजा संग मंदिर में शादी कर बनी सौतन, आहत दीदी की खुदकुशी

बाराबंकी  यूपी के बाराबंकी से रिश्तों को शर्मसार और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक शख्स का दिल साली पर आ गया और कुछ दिन पहले ही उससे मंदिर में शादी कर ली। उधर, इससे आहत बीवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी मिलने पर पुलिस शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश में जुट गई। ये मामला रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के खानपुर शंभूदयाल गांव का है। यहां रहने वाले सुरक्ष चौहान की पत्नी ममता का शव शनिवार की सुबह उसके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पर आम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवा कर उसका पोस्टमार्टम कराया है। घटना की सूचना पर मृतका के मायका पक्ष के लोग भी पहुंच गए थे। मृतका के दो बेटियां हैं। परिजनों ने बताया कि रात में ममता ने भोजन बनाया था और बच्चों को खिलाया था। थानाध्यक्ष अंकित त्रिपाठी ने बताया कि मृतका ममता की शादी करीब छह साल पहले सुरेश चौहान से हुई थी। ममता का मायका टिकैतनगर थाना क्षेत्र का है। शादी के दो साल बाद ही सुरेश अपनी साली को घर ले आया था। तब से वह उसके घर में अपनी बहन के साथ ही रहती थी। उसके संबंध भी सुरेश से हो गए थे। सुरेश जब कहीं जाता तो अपनी साली को साथ ले जाता था। करीब 15 दिन पहले सुरेश कहीं बाहर गया था तो अपनी साली को साथ ले गया था। करीब 10 दिन पहले उसने मंदिर में अपनी साली से शादी कर ली थी। परिजनों के मुताबिक शादी का फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इससे आहत होकर पत्नी ममता ने फंदा लगा आत्महत्या कर ली। फिलहाल मामले की जांच हो रही है। जांच कार्रवाई पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मायका पक्ष का कहना है कि उन्हें विवाहिता द्वारा फंदा लगाए जाने की सूचना दी गई थी। जब वह मौके पर पहुंचे तो शव जमीन पर मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मायका पक्ष दहेज के लिए हत्या किये जाने का आरोप लगा रहा है। पुलिस ने कहा परिजन तहरीर दे रहे हैं। उसके आधार पर दहेज के लिए हत्या आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।   मृतका के भाई महावीर रावत ने आरोप लगाया कि उसकी बहन मंजीसा की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही पति रंजीत व उसके माता-पिता बाइक के लिए प्रताड़ित करते थे। बहन के शरीर पर चोट के निशान थे। तहरीर पुलिस को दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजन दहेज के लिए हत्या का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर के आधार पर केस दर्ज होगा।  

मुस्लिम वोट कटने के बयान पर बरेलवी मौलाना का पलटवार, बोले– एसआईआर को धर्म से जोड़ना गलत

बरेली  आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किया गया एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्यक्रम पूरी तरह निष्पक्ष और प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करना है, न कि किसी भी प्रकार का हिन्दू–मुस्लिम विभाजन पैदा करना।   मौलाना रजवी ने कहा कि निर्वाचन आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किस क्षेत्र में कितने वास्तविक मतदाता हैं, कितने लोग स्थानांतरित हो चुके हैं और किन लोगों का निधन हो गया है। इस कार्य के लिए हजारों बीएलओ और सरकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके बावजूद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इस प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और यह आरोप लगा रहे हैं कि मुसलमानों के वोट काटे जा रहे हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार और परिपक्व नेता हर मुद्दे को धर्म के चश्मे से नहीं देखते, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं। ऐसे बयान बचकाने और गैर-जिम्मेदाराना हैं। देश का मुस्लिम एसआईआर के साथ मौलाना बरेलवी ने आगे कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है कि मुसलमानों ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी और सजगता के साथ एसआईआर प्रक्रिया में हिस्सा लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में मजदूरी करने वाले मुसलमानों ने अपने परिवारों से संपर्क कर फार्म भरवाए, बीएलओ से निरंतर संवाद रखा, कमियों को दूर किया और फार्म जमा कर उसकी रसीद सुरक्षित रखी। इतना ही नहीं, कई लोगों ने रिसीविंग कॉपी को अपने मोबाइल फोन में भी सुरक्षित किया। उन्होंने बताया कि अरब के खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों मुस्लिम युवाओं ने भी इस प्रक्रिया को गंभीरता से लिया और समय रहते फार्म भरवाए। यह पहला अवसर है जब लगभग हर मुस्लिम नागरिक ने अपनी और अपने परिवार की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को समझते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। इसके विपरीत, मौलाना रजवी ने कहा कि दूसरे धर्म के समाज के एक बड़े वर्ग ने इस प्रक्रिया में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई और सुस्ती व लापरवाही के कारण एसआईआर फार्म भरने में पीछे रह गया। मौजूदा स्थिति में यदि मतदाता सूची का विश्लेषण किया जाए तो मुसलमान आगे और हिन्दू पीछे नजर आते हैं। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सीएए और एनआरसी को लेकर कुछ राजनीतिक दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मुसलमानों में यह भय पैदा कर दिया था कि सरकार उनकी नागरिकता छीन लेगी। यही डर और आशंका मुसलमानों के दिलों-दिमाग में बैठ गई, जिसके कारण उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरी गंभीरता दिखाई। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अंत में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों को चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं में सहयोग करना चाहिए और राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए।  

स्वदेशी उन्नत नस्ल के 25 गोवंश से डेयरी लगाने पर परियोजना लागत का मिलता है 50 प्रतिशत अनुदान

25 साहीवाल गाय खरीदकर इंदु चला रहीं डेयरी, 200 लीटर रोज दूध उत्पादन जल्द ही दुग्ध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करेंगी इंदु सिंह गोरखपुर योगी सरकार की नंदिनी कृषक समृद्धि योजना गोसंवर्धन के साथ इसके लाभार्थी कृषक-पशुपालक को समृद्धि की राह दिखा रही है। पिपराइच ब्लॉक के बहरामपुर की इंदु सिंह ने इस योजना से जुड़कर सफलता की नई कहानी लिख दी है। पहले से पशुपालन से जुड़ी इंदु, योगी सरकार से 50 फीसदी अनुदान प्राप्त कर साहीवाल नस्ल की 25 गायों की डेयरी संचालित कर रही हैं। यहां रोज 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है तो कीमत भी सौ रुपये प्रति लीटर मिल रही है। इंदु जल्द ही दुग्ध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करने वाली हैं। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, गोसंरक्षण और गोसंवर्धन सरकार के प्रयासों के तहत नंद बाबा मिशन का ही हिस्सा है। इस योजना में 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल (गिर, साहीवाल, थारपारकर, गंगातीरी) के गोवंश क्रय कर डेयरी यूनिट लगाने पर सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देती है। इस योजना से जुड़कर पिपराइच ब्लॉक के बहरामपुर की प्रगतिशील पशुपालक इंदु सिंह ने गोसंवर्धन के साथ आय वृद्धि की नजीर पेश की है। ई लॉटरी से वित्तीय वर्ष 2023-24 में नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की लाभार्थी बनीं इंदु ने 25 साहीवाल गोवंश क्रय कर डेयरी खोली। इस परियोजना पर 62.55 लाख रुपये की लागत आई। उन्हें योजना व्यय पर सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी (31.25 लाख रुपये) दे रही है। इसमें आधी धनराशि उन्हें मिल गई है और शेष भी जल्द मिल जाएगी। सरकार के सहयोग से लागत आधी रह गई।  साहीवाल नस्ल की गायों की इस डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उन्नत साहीवाल नस्ल की गाय का दूध होने से यह 100 रुपये लीटर की दर से बिक जाता है। इंदु सिंह बताती हैं कि आय तो अच्छी हो ही रही है, उन्हें इस बात की भी खुशी है कि डेयरी से चार लोगों को रोजगार भी मिल गया है, गोसेवा का सुख बोनस जैसा है। गोरखपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडेय बताते हैं कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से स्थापित डेयरी में कृत्रिम गर्भाधान सेक्स सॉर्टेड सीमेन से किया जाता है। इससे केवल बछिया पैदा होंगी जिससे आय में और वृद्धि होना तय है।  कृषक समृद्धि योजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डेयरी संचालक इंदु सिंह का कहना है कि वह आने वाले समय में वह डेयरी में उत्पादित दूध से दूध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करेगी। यानी उनकी यूनिट में पनीर, खोया, मक्खन भी बनेगा। इसके साथ ही गोबर और गोमूत्र के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेकर इस दिशा में भी कार्य करेंगी। उनकी मंशा डेयरी को अन्य पशुपालकों के लिए मॉडल डेयरी बनाने की है।

योगी आदित्यनाथ सरकार की कनेक्टिविटी क्रांति से बदलेगा स्टार्टअप मूवमेंट

लखनऊ कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद यह मार्ग स्टार्टअप विकास का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद लखनऊ नवाचार और उद्यमिता के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी और तेज आवागमन से यह पूरा क्षेत्र स्टार्टअप गतिविधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन, दीपक मैनी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जिस गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, उससे स्टार्टअप और नवाचार को नयी दिशा मिलेगी।  कनेक्टिविटी में क्रांति से बदलेगा स्टार्टअप मूवमेंट… एक्सप्रेस-वे बनने के बाद कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा समय 2 घंटे से घटकर कुछ मिनटों तक सीमित हो जायेगा। इससे स्टार्टअप्स के लिए बिजनेस मीटिंग, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पहले से कहीं अधिक सुगम होंगे। यह मार्ग एक संभावित आर्थिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा जो उद्योग शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। आईआईटी कानपुर और लखनऊ के इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम का होगा सीधा तालमेल… एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद आईआईटी कानपुर और लखनऊ के प्रमुख शैक्षणिक और प्रबंधन संस्थानों के बीच सहयोग और मजबूत होने की संभावना है। डीप टेक आईओटी और उन्नत तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के लिए संयुक्त कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इससे नए उद्यमियों को मेंटरशिप निवेश और तकनीकी संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास विकसित होंगे स्टार्टअप हब… कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स आधारित क्लस्टर्स विकसित किए जाने की योजना है। भविष्य में इस क्षेत्र में आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र और औद्योगिक नोड्स स्थापित होंगे। इससे टेक मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में स्टार्टअप्स को तेजी से विस्तार का अवसर मिलेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति से बढ़ रहा है निवेशकों का भरोसा… योगी आदित्यनाथ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रित नीतियों के चलते एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत होने की संभावना है। लखनऊ को उत्तर भारत के एक प्रमुख स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स और उच्च वेतन वाली नौकरियों के सृजन को गति मिलेगी।

सहालग शुरू होते ही प्रदेश भर में सामूहिक विवाह समारोह का हो रहा आयोजन

सीएम योगी के प्रयासों से गरीब व वंचित वर्गों के बेटियों की शादी हुई आसान योगी सरकार का विकास पर केंद्रित एजेंडा विपक्ष को दिखा रहा आईना प्रदेश के दलित वर्ग से 2.20 लाख से अधिक बेटियों को मिला योजना का लाभ पिछड़े वर्ग से 1.30 लाख से अधिक गरीब बेटियों की हो चुकी है शादी अल्पसंख्यक वर्ग की 40 हजार से अधिक से अधिक बेटियों की शादी करा चुकी है योगी सरकार लखनऊ सीएम योगी की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर तबके, खासकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। 2017 में शुरू हुई यह योजना आज न केवल इन वर्गों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है, बल्कि सामाजिक समरसता और समावेशिता को भी मजबूत कर रही है।   बीते आठ वर्षों में इस योजना के तहत 4 लाख से अधिक गरीब कन्याओं की शादी योगी सरकार द्वारा पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ कराई जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 57 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अबतक करीब 1.20 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जिसमें करीब 14 हजार से अधिक गरीब कन्याओं की शादी संपन्न कराई जा चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो आने वाले दिनों में इस संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। वंचित वर्गों को मिल रहा लाभ, विपक्ष की राजनीति को आईना दिखा रही योगी सरकार इस योजना ने उन राजनीतिक दलों को कठघरे में खड़ा कर दिया है, जो लंबे समय तक पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की राजनीति के सहारे सत्ता का आनंद लेते रहे, लेकिन उनके लिए ठोस विकास कार्य करने में विफल रहे। विपक्ष की राजनीति को आइना दिखाते हुए, इस योजना ने यह साबित कर दिया है कि केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से ही समाज का सशक्तीकरण संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और समावेशिता को प्राथमिकता देकर यह साबित कर दिया है कि उनकी सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर अडिग है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए जीवन बदलने वाली है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आंकड़े यह स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए यह योजना कितनी प्रभावशाली साबित हुई है। अब तक इस योजना का सबसे अधिक लाभ दलित वर्ग ने उठाया है, जिसमें 2.20 लाख से अधिक गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराई गई है। वहीं, पिछड़े वर्ग के 1.30 लाख परिवार और अल्पसंख्यक वर्ग के 40,000 से अधिक परिवार इस योजना के लाभार्थी बने हैं। वहीं सामान्य वर्ग के करीब 16,000 गरीब परिवारों ने अब तक सामूहिक विवाह योजना का लाभ लिया है। वर्ष 2025-26 में आए 1.20 लाख से अधिक आवेदन कुल आवेदन- 1.20 लाख से अधिक (अबतक) कुल अप्रूव आवेदन- 21 हजार से अधिक (अबतक) रिजेक्ट आवेदन- 18 हजार से अधिक (अबतक) कुल शादियां- 14 हजार से अधिक योजना के प्रभारी उपनिदेशक आर.पी. सिंह ने बताया कि यह न केवल एक सामाजिक सहायता है बल्कि सामूहिक सहयोग, सामुदायिक भावना और महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने का प्रयास भी है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों की शादी का सपना पूरा कर रही है, बल्कि यह उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। विवाह समारोह में हर जोड़े को एक लाख रुपये की मदद दी जाती है, जिसमें विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री, वधू के खाते में नकद धनराशि और आयोजन की व्यवस्था शामिल होती है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने साढ़े आठ वर्षों के कार्यकाल में बार-बार यह दिखाया है कि उनकी प्राथमिकता वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। इस योजना के माध्यम से वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रदेश के सभी वर्ग, विशेषकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक, मुख्यधारा से जुड़े और उनके विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। यही वजह है कि इस योजना के लिए योगी सरकार ने अब तक करीब 2,200 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस मद में 550 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अबतक दलित और पिछड़ा वर्ग को मिला सबसे अधिक लाभ सामान्य वर्ग- 494 (जोड़ा) अल्पसंख्यक वर्ग- 828 (जोड़ा) ओबीसी वर्ग- 5500 (जोड़ा) दलित वर्ग- 6556 (जोड़ा) मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जाति और धर्म की सीमाओं को पार कर सभी को समान अवसर प्रदान करती है। विवाह समारोह में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई समुदाय का हो। यह पहल सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी संदेश देती है।

राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में होगा जॉब फेयर का आयोजन

कई कंपनियां जॉब फेयर में लेंगी हिस्सा, छात्राओं को मिलेगा इंटरव्यू के बाद जॉब का ऑफर झांसी योगी आदित्यनाथ सरकार महिला अभ्यर्थियों और छात्राओं को रोजगार के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने के मकसद से पिंक जॉब फेयर के आयोजन कराती है। इसी कड़ी में झांसी में 16 दिसंबर को पिंक जॉब फेयर का आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी के परिसर में किया जाएगा, जिसमें कई कंपनियां छात्राओं का साक्षात्कार कर उनका चयन करेंगी। झांसी में पिछले वर्ष भी पिंक जॉब फेयर का आयोजन किया गया था। इस बार यह पिंक जॉब फेयर का दूसरा आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय झांसी एवं राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी संयुक्त रूप से करने जा रहे हैं। रोजगार मेले में अमास स्किल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, पुखराज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, टीम प्लस एच आर सर्विस, भारतीय जीवन बीमा निगम झांसी सहित कई अन्य कंपनियां अभ्यर्थियों के चयन में हिस्सा लेंगी। रोजगार मेले में हिस्सा लेने के लिए छात्राओं को रोजगार संगम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। झांसी के सहायक सेवायोजन अधिकारी वसीम मोहम्मद ने बताया कि पिंक जॉब फेयर में हिस्सा लेने वाली छात्राओं की कैरियर काउंसलिंग भी की जाएगी। रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है और किसी अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। छात्राएं बायोडाटा के साथ राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में आयोजित होने वाले पिंक जॉब फेयर में हिस्सा ले सकती हैं।

भाजपा की कार्यप्रणाली देख दुनिया है हैरानः पीयूष गोयल

नामों की घोषणा वाली कॉपी  केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की भारतीय जनता पार्टी उ.प्र के संगठन पर्व समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की आधिकारिक घोषणा लखनऊ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हम सदस्य हैं। दुनिया हैरान है कि जितने व्यवस्थित व लोकतांत्रिक तरीके से मेंबर बनाने व राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का काम आपसी समन्वय से होता है जो कि अकल्पनीय है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  यह बातें राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के आधिकारिक घोषणा कार्यक्रम में कहीं। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय पीयूष गोयल ने कहा कि 1.62 लाख बूथों में चुनाव होता है और सर्वसम्मति से घोषणा होने जा रही है, इसका श्रेय पार्टी कार्यकर्यताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा अटल बिहारी बाजपेयी ने जिस प्रकार से पार्टी को आगे बढ़ाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है, उसी के बलबूते हम आज इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हुए हैं।  नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की उन्होंने कहा कि संगठन पर्व के इस अवसर पर मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि यह घोषित करते हुए कि सर्व सम्मति से पंकज चौधरी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुल 120 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का जिक्र करते हुए कुछ प्रमुख नाम गिनाए। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।   प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी समेत यह है राष्ट्रीय परिषद में शामिल… – राष्ट्रीय परिषद में 120 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर सम्मिलित हैं। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सदस्य बने।  – इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज तथा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उन्नाव से शामिल हुए हैं। – भूपेंद्र सिंह चौधरी संभल, स्मृति ईरानी सुल्तानपुर, डॉ महेंद्र नाथ पांडेय वाराणसी, सूर्य प्रताप शाही सलेमपुर, स्वतंत्र देव सिंह बांदा व डॉ. रमापति राम त्रिपाठी गोरखपुर से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने।

पंकज चौधरी बने यूपी बीजेपी अध्यक्ष, सीएम योगी के सामने पीयूष गोयल ने की औपचारिक घोषणा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आखिरकार अपना नया अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के निर्विरोध निर्वाचन का ऐलान राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया। लखनऊ के लोकभवन में आयोजित समारोह में पंकज चौधरी के हाथों में कमान आने के साथ ही प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिषद का निर्वाचन भी हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि यह घोषित करते हुए खुशी हो रही है कि भाई पंकज चौधरी को सर्वसमिति से चुन लिया गया है।   पंकज चौधरी की नियुक्ति को भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है। वह पूर्वांचल के महाराजगंज से सात बार के अनुभवी सांसद हैं और कुर्मी (OBC) समुदाय से आते हैं। उनकी इस पद पर ताजपोशी के पीछे पार्टी की गहरी और बहुआयामी रणनीति है। यूपी खासकर पूर्वाचंल में ओबीसी आबादी एक बड़ा वोट बैंक है। पंकज चौधरी जैसे मजबूत कुर्मी नेता को कमान सौंपकर भाजपा विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट करना चाहती है और ओबीसी मतदाताओं पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।    पंकज चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद विश्वस्त माने जाते हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव और संगठनात्मक क्षमता भी इस चयन का एक प्रमुख कारण है। पंकज चौधरी का मजबूत आधार पूर्वांचल है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। उनकी नियुक्ति से इस क्षेत्र में पार्टी को और मजबूती मिलेगी। पंकज चौधरी के सामने अब कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी, जिनमें पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना, आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाना और केंद्रीय व प्रदेश सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना शामिल है। उनकी संगठनात्मक क्षमता और अनुभव पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होंगे।   कार्यक्रम का शुभारंभ निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के संबोधन से शुरू हुआ। भूपेंद्र चौधरी ने सबसे पहले राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी के लक्ष्मण, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ महेंद्रनाथ पांडेय, नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक आदि का स्वागत किया। अपने संबोधन में भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन की राजनीति में ऐसा वक्त आता है जब हम अपनी भूमिका बदलते देखते हैं। कितना सीखना, कितना बताना और क्या करना है सब संगठन से तय होता है। पिछले चार साल से एक अभियान चलता रहा और आगे भी ऐसा ही चलता रहे। इसी कामना के साथ हम एकत्रित हुए हैं।  

उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

वोट बैंक की राजनीति बनाम विकास का मॉडल : साढ़े आठ साल में योगी सरकार ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन कांग्रेस-सपा ने जहां जनता को सिर्फ वोट बैंक माना, वहीं योगी सरकार ने निवेश, कानून व्यवस्था और मानव संसाधन को विकास का केंद्र बनाया बाहर के निवेशक आए, नई फैक्ट्रियां लगीं, युवाओं को मिला प्रशिक्षण और रोजगार लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में दशकों तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की पहचान वोट बैंक आधारित सत्ता प्रबंधन तक सीमित रही। जाति, तुष्टिकरण और प्रतीकात्मक योजनाओं से आगे बढ़ने का प्रयास नहीं हुआ। इसके उलट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीतिगत, संरचनात्मक और आर्थिक स्तर पर ऐसे बदलाव देखे हैं, जिनकी पुष्टि सरकारी और स्वतंत्र आंकड़े करते हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखता है। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। यहां बाहर के निवेशक लगातार आए और अपने उद्यम स्थापित किए। उन्होंने यहां नई फैक्ट्रियां लगाईं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प मिले। इसी के साथ उत्तर प्रदेश से पलायन की समस्या भी खत्म हो रही है। और अपने प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। सीएम योगी के प्रयास से उत्तर प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो रहा सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अन्तर्गत विभिन्न आयोगों एवं भर्ती बोर्ड की ओर से साढ़े आठ वर्षों में 8.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।  इसके अलावा महिला सशक्तिकरण का पूरा ध्यान रखा गया। इसके अंतर्गत 1.75 लाख से अधिक महिलाओं को सरकारी नौकरी मिली। प्रदेश के युवाओं को देश एवं विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का भी गठन किया गया है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में 01 लाख से अधिक युवाओं को उद्योगों एवं अधिष्ठानों में पंजीकरण एवं प्रशिक्षण दिया गया। जिससे उत्तर प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। नए उभरते क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया आई.टी.आई व कौशल विकास मिशन में 25 लाख से अधिक युवा विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षित किए गए और इसके अंतर्गत 10.20 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। यही नहीं इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप नए उभरते क्षेत्रों जैसे आर्टीफिशियल इन्टेलीजेंस, एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (रोबोटिक्स) में छात्रों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया। राजनीतिक आरोप बनाम नीतिगत बदलाव राजधानी के इंडस्ट्रियल एरिया में अपना उद्यम चला रहे अनुराग पांडे कहते हैं कि जहां पहले की सरकारों ने जनता को केवल चुनावी गणित तक सीमित रखा, वहीं मौजूदा योगी सरकार ने स्थायी रोजगार, निवेश और कौशल विकास के साथ ही विकास को प्राथमिकता दी है। बाहर से आए उद्योगों और स्थानीय युवाओं को मिले प्रशिक्षण ने यह संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल रोजगार की तलाश में पलायन करने वाला राज्य नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।