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अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा के सर्वोदय विद्यालय ने किया शानदार प्रदर्शन, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास

योगी सरकार की खेल नीति का कमाल: उत्तर प्रदेश के गुरु-शिष्य की जोड़ी ने कोलंबो में जीता गोल्ड-सिल्वर मेडल , देश का नाम किया रोशन अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा के सर्वोदय विद्यालय ने किया शानदार प्रदर्शन, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास व्यायाम शिक्षक हरीश चंद्र 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीत बने विश्व चैंपियन छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर तिरंगे का बढ़ाया मान कोलंबो में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की खेल और युवा कल्याण नीति अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर परिणाम दे रही है। इसी का प्रमाण है श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में आगरा जनपद के इटौरा स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के व्यायाम शिक्षक हरीश चंद्र और कक्षा 11 के छात्र रमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरीश चंद्र ने 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया, जबकि युवा छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में लहराया यूपी का परचम श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में 40 से अधिक देशों के एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर, गुरु और शिष्य की जोड़ी ने देश के लिए गौरव के पल लाए। शिक्षक हरीश चंद्र ने 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया। वहीं छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं हरीश और रमन योगी सरकार प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सरकार की खेल नीतियों के कारण दोनों खिलाड़ियों का चयन हाल ही में गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उनके दमदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। हरीश चंद्र ने सीनियर 77 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतने के साथ ही डेडलिफ्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था, जबकि रमन कुमार ने सब-जूनियर 56 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था। यह सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थानों में भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोलंबो में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। सर्वोदय विद्यालय इटौरा के छात्र और शिक्षक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जो प्रदर्शन किया है, वह आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। योगी सरकार हमेशा खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ₹10 लाख से बनेगी अत्याधुनिक लैब समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वोदय विद्यालय इटौरा लगातार खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में अग्रणी रहा है। विभाग अब इस सफलता को आगे बढ़ाने के लिए सुविधाओं को और मजबूत कर रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी घासीराम प्रजापति ने बताया कि जल्द ही विद्यालय में अत्याधुनिक पावर लिफ्टिंग लैब बनकर तैयार हो जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लाख रुपए की धनराशि भी दी गई है। यह राशि लैब में पावर लिफ्टिंग के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में खर्च होगी। उन्होंने कहा इससे विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को भी सही प्रशिक्षण के साथ आगे आने का मौका मिलेगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला सही मंच समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक एवं योजनाधिकारी जे. राम ने कहा कि इस जीत से भविष्य में विद्यालय से और भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन निकलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। हरीश चंद्र और रमन कुमार की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार की नीतियां ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सही मंच और संसाधन उपलब्ध करा रही हैं, ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर सकें।

गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त

बिना चिंता कराएं इलाज, सरकार करेगी भरपूर आर्थिक मदद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त गोरखनाथ मंदिर में 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया कि वह बिना चिंता किए उच्चीकृत अस्पतालों में इलाज कराएं, सरकार उनकी भरपूर आर्थिक मदद करेगी। उपचार में जो भी धनराशि खर्च होगी, उसकी व्यवस्था सरकार करेगी। सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार देर शाम गोरखपुर पहुंचे थे।  गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद शनिवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। उन्होंने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पारिवारिक मामलों के निस्तारण में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठाकर संवाद करने को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है तो उसे तत्काल योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कई लोग (खासकर महिलाएं) स्वयं या परिजनों के गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। एक बिटिया ने अपनी मां के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मनुहार की तो सीएम योगी ने कहा, चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी। अन्य लोगों को भी उन्होंने इसी आत्मीयता से भरोसा दिया कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी।

डा. निलेश एम. देसाई ने मऊ के परिषदीय विद्यालयों में 1500 छात्रों से किया संवाद, बच्चों में जागी अंतरिक्ष में रुचि

इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर डा. निलेश एम.देसाई पहुंचे मऊ परिषदीय विद्यालयों की 1500 छात्र-छात्राओं से किया सीधा संवाद     बच्चों में विज्ञान एवं अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा और अभिरुचि उत्पन्न लखनऊ स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (इसरो) के डायरेक्टर डाक्टर निलेश एम. देसाई शुक्रवार को जनपद मऊ पहुंचे। यहां पर इन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में परिषदीय विद्यालयों की लगभग 1500 छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए इसरो डायरेक्टर डाक्टर निलेश एम. देसाई ने कहा कि आज भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल कराने के लिए वैज्ञानिक सोच की आवश्यकता है, जिसमें बच्चे अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाकर देश का नाम रौशन करें। इसके पूर्व जनपद के विकास खण्ड घोसी के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली पर मुख्य अतिथि एवं निदेशक के नाम से स्थापित डॉ. निलेश एम. देसाई अंतरिक्ष एवं स्टेम प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उसके उपरांत बच्चों की अंतरिक्ष एवं इसरो की आगामी योजनाओं तथा भविष्य की संभावनाओं से संबंधित सवालों का उत्तर दिया।        इस दौरान जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्र ने बताया कि मऊ का सौभाग्य है कि मऊ के बेसिक शिक्षा में अध्ययनरत बच्चों को देश के इतने बड़े वैज्ञानिक का सानिध्य प्राप्त हुआ है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने कहा कि आने वाले समय में बच्चों को और भी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों की वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित इसरो की पूरी टीम का आभार ज्ञापित किया और विश्वास दिलाया कि जनपद मऊ के बेसिक के बच्चे भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देंगे।        उल्लेखनीय है कि जनपद मऊ के 7 विकास खण्डों में अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र स्थापित तथा क्रियाशील हैं, जिसमें हजारों बच्चे भ्रमण एवं कार्यशाला में शामिल होकर अंतरिक्ष विज्ञान एवं रोबोटिक्स की जानकारियों को हासिल कर रहे हैं। इसी वर्ष मई में विभिन्न विकास खण्डों में से परीक्षा एवं साक्षात्कार द्वारा चयनित 13 बच्चों ने गुजरात राज्य में स्थित इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र का भ्रमण कर कृत्रिम उपग्रहों की बनावट तथा विभिन्न प्रकार के सेंसर के बारे में जाना एवं केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों से संवाद स्थापित किया था।        इस अवसर पर प्रमुख अतिथि दीपक सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक गगनयान), फाउंडेशन से गोविंद, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा विभाग से अमित कुमार श्रीवास्तव, अनिल चौरसिया, आलोक सिंह, अरविंद पाण्डेय ,राकेश कन्नौजिया, डॉ राम विलास भारती , सहेंद्र सिंह सहित शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

BLO की अनोखी ड्यूटी स्टाइल — बारात निकलने से ठीक पहले दूल्हे से भरवाया SIR फॉर्म

रामपुर  स्वार कोतवाली क्षेत्र के समोदिया गांव में एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला कि लोग हैरान रह गए. दरअसल, जैसे ही दूल्हे की बरात सज-धजकर अजीतपुर के लिए निकलने लगी, तभी ग्राम प्रधान और बीएलओ ने बरात को थोड़ी देर के लिए रोका दिया, ताकि दूल्हे से पहले एसआईआर (SIR) फॉर्म भरवाया जा सके. ग्राम प्रधान-बीएलओ का यह कदम गांव में जागरूकता का एक अनूठा उदाहरण बन गया. इस पहल की चर्चा इलाके में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया तक हो रही है. अब यह मामला मीडिया तक की सुर्खियों में छाया हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जसीम की बारत समोदिया गांव से अजीतपुर के लिए गुरुवार को रवाना होनी थी. सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी और डीजे की धुन पर रिश्तेदार नाच रहे थे. तो वहीं, कुछ रिश्तेदार और बाराती निकलने के लिए तैयार खड़े थे. तभी ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ हुसैन अंसारी और बीएलओ रजिंदर सिंह पहुंचे और दूल्हे से कहा,     निकाह से पहले आपका एसआईआर फॉर्म भरना जरूरी है, ताकि चुनाव आयोग के विशेष पुनरीक्षण अभियान में आपका नाम समय पर दर्ज हो सके. दूल्हे ने फॉर्म तुरंत भरा और इसके बाद ही बरात शान से अजीतपुर की ओर रवाना हुई. यह नजारा ग्रामीणों के लिए सिर्फ मनोरंजक नहीं, बल्कि प्रेरक भी साबित हुआ. ग्रामीणों और युवाओं ने ग्राम प्रधान और बीएलओ की इस पहल की खूब प्रशंसा की उनका कहना था कि     अगर हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी तरह जिम्मेदारी निभाए और हर नागरिक समय पर फॉर्म भर दे, तो सरकारी प्रक्रियाएं और चुनाव से जुड़ी कार्रवाइयां और प्रभावी और सुचारू हो सकती हैं. ग्राम प्रधान ने कहा,     हम चाहते हैं कि गांव का हर नागरिक जागरूक रहे. दूल्हे के निकाह से पहले एसआईआर फॉर्म भरवाना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जागरूकता का संदेश है. चुनाव आयोग की ओर से भी इस पहल को सराहा गया है. ग्रामीणों का मानना है कि शादी जैसे बड़े आयोजन में भी सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना संभव है और यही संदेश पूरे गांव में फैल रहा है. यूपी में एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, और इसके तहत बीएलओ और अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

राज्य में आधार कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव, विभागों को जारी हुई कड़ी गाइडलाइन

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने दस्तावेज़ों की प्रमाणिकता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी सरकारी कार्य में आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण-पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह निर्णय दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। नियोजन विभाग ने सभी प्रमुख सचिवों और अपर मुख्य सचिवों को आदेश भेजते हुए बताया कि आगे से उम्र प्रमाणित करने के लिए केवल मान्य दस्तावेज़-जैसे जन्म प्रमाण पत्र, हाईस्कूल सर्टिफिकेट या अन्य अधिकृत प्रमाण-ही मान्य होंगे। इस फैसले की पृष्ठभूमि में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का 31 अक्टूबर को जारी किया गया पत्र है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज़ है, न कि जन्मतिथि का प्रमाणपत्र। UIDAI के इस निर्देश के बावजूद कई विभाग आधार को जन्म तारीख का प्रमाण मानकर चल रहे थे, जिसके बाद यूपी सरकार ने इसे रोकने के लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिया। नियोजन विभाग के विशेष सचिव अमित सिंह ने साफ कहा कि अब राज्य के किसी भी विभाग में आधार को उम्र प्रमाणित करने के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी कार्यालयों को इस नियम का पालन करना होगा।

ज़हरीली दवा माफिया पर बड़ी कार्रवाई: यूपी में 19 फर्में निशाने पर, लाइसेंस रद्द करने के आदेश

लखनऊ  यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स (एनआरएक्स) श्रेणी की दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। गंभीर अनियमितताओं के चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने वाराणसी, सुल्तानपुर, भदोही और प्रयागराज की 19 दवा फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में पाया गया कि इन संस्थानों के संचालकों के पास कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नारकोटिक दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित जरूरी दस्तावेज नहीं थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ये फर्में ऐसी दवाओं की बिक्री नशे के उपयोग के लिए कर रही थीं, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।  वाराणसी में राधिका इंटरप्राइजेज के प्रशांत उपाध्याय, मेड रेमेडी के आकाश पाठक, श्री हरि फार्मा के अमित जायसवाल, विश्वनाथ मेडिकल एजेंसी के विशाल सोनकर, सौम्या मेडिकल के सचिन पांडे, श्री राम फार्मा के घनश्याम, खाटू फार्मा के अभिनव यादव, काल भैरव ट्रेडर्स के बादल आर्य, विंध्यवासिनी ट्रेडर्स के सचिन यादव, श्याम फार्मा के राहुल कुमार जायसवाल, वीएसएम फर्म के हिमांशु चतुर्वेदी और पूर्णा फार्मा के पूजा तिवारी पर एफआईआर दर्ज हुई है। सुल्तानपुर में वैभव फार्मा के वैभव श्रीवास्तव, वैश्य मेडिकल स्टोर के राजेश कसौधन, अमर फार्मा के पुष्पेंद्र कुमार सिंह और अनीश मेडिकल एजेंसी के अनीज खान पर मामला दर्ज हुआ है। भदोही में श्री गुरुदेव मेडिकल एजेंसी, ओपी फार्मा के ओमप्रकाश कसेरा और प्रयागराज में आशुतोष फार्मा के आशुतोष पटेल की शिकायत की गई है। एफएसडीए आयुक्त रौशन जैकब ने इन सभी दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं। कोडीन युक्त सिरप और नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री पर एफएसडीए द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई में वाराणसी में 28, जौनपुर में 12, कानपुर नगर में 8, लखनऊ में 3 एफआईआर के अलावा चंदौली, बहराइच, सुल्तानपुर, गाजीपुर में 36 एफआईआर दर्ज हैं। इस तरह अब तक कुल 87 एफआईआर इस अवैध कारोबार के खिलाफ दर्ज कराई जा चुकी हैं। एफएसडीए ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों और आपूर्तिकर्ताओं की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति या फर्म को बख्शा नहीं जाएगा।

भूमि खरीददारों के लिए खुशखबरी! योगी सरकार ने शुरू की घर बैठे सुविधा

जलालपुर, अंबेडकर नगर जमीन खरीदने-बेचने से जुड़े लोगों के लिए बड़ी सुविधा प्रदान की है। सरकार ने दाखिल-खारिज (प्रॉपर्टी म्यूटेशन) की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन कर दिया है। पहले यह काम राजस्व विभाग के दफ्तरों में जाकर ही होता था, जहाँ लंबी लाइनें, कई चक्कर और कागजी औपचारिकताओं के कारण आवेदकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह पूरा सिस्टम डिजिटलाइजेशन होने से लोग घर बैठे ही जमीन को अपने नाम दर्ज करा सकेंगे। दाखिल-खारिज वह कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति द्वारा खरीदी गई जमीन को सरकारी अभिलेखों में उसके नाम चढ़ाया जाता है। जमीन की खरीद के बाद नामांतरण बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे ही व्यक्ति को भूमि पर कानूनी स्वामित्व प्राप्त होता है और आगे किसी विवाद या खतौनी से संबंधित कार्य में सुविधा मिलती है। सरकार ने बताया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज सुविधा शुरू होने के बाद अब न तो किसी को तहसील के चक्कर लगाने होंगे और न ही किसी बिचौलिए पर निर्भर रहना पड़ेगा। आवेदक सरकारी पोर्टल पर जाकर म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी रियल टाइम में देख सकते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। राजस्व विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है और आम जनता को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है। नई व्यवस्था से समय, धन और श्रम-तीनों की बचत होगी और लोगों को तेजी से सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। ऑनलाइन दाखिल-खारिज लागू होने से भूमि संबंधी कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को बड़ी सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके तहत 45 दिन में खारिश दाखिल हो जाएगा और यदि कोई विवाद है तो उसे 90 दिन में निस्तारित कर दिया जाएगा इस संबंध में तहसीलदार गरिमा भार्गव ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्रों को शीघ्रता से निस्तारण किया जा रहा है

यूपी के प्रमुख डैम और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे इको टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत यूपी इको टूरिज्म बोर्ड और सिंचाई विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख बांधों और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स आधारित पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इस योजना से पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योजना के तहत झांसी की गढ़मऊ झील, बांदा का नवाब टैंक, महोबा का अर्जुन डैम, सोनभद्र का ढंढरौल डैम, हमीरपुर का मौदहा डैम, चित्रकूट का गुंता डैम और सिद्धार्थनगर का मझौली सागर इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर प्रवेश द्वार, कॉटेज, टिकट काउंटर, कैंटीन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग और सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही बोटिंग, फिशिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और एक्वा प्रेशर वॉकवे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। इनमें सिद्धार्थनगर का मझौली सागर सबसे बड़ी परियोजना है, जहां 88.2 हेक्टेयर क्षेत्र में इंटरप्रिटेशन सेंटर, फ्लोटिंग जेट्टी, टॉय ट्रेन, कॉटेज और रेस्टोरेंट सहित कई सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। सोनभद्र के ढंढरौल डैम क्षेत्र में फसाड लाइटिंग, पार्किंग, जेट्टी और सूचना केंद्र, बांदा के नवाब टैंक में म्यूजिकल फाउंटेन और वाटर स्क्रीन, महोबा के अर्जुन डैम में सन मंदिर क्षेत्र में नई पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी क्रम में चित्रकूट के गुंता डैम में प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए सुविधा क्षेत्र, झांसी की गढ़मऊ झील में पाथवे और कैफेटेरिया तथा मौदहा डैम में ओपन एयर थिएटर, वॉच टावर और पार्क विकसित करने की योजना है। पर्यटन विभाग ने बताया कि इन परियोजनाओं से जिन क्षेत्रों में पहले से धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन मौजूद है, वहां पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और पर्यटन श्रृंखला और मजबूत होगी। परियोजनाओं को सिंचाई विभाग की स्वीकृति के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होते ही इन क्षेत्रों में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है, जिससे प्रदेश के राजस्व और स्थानीय रोजगार दोनों में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

एक सशक्त व्यक्ति अनेक सशक्त व समृद्ध व्यक्तियों का कर सकता है निर्माण: राष्ट्रपति

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली तथा 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा शक्ति का किया आह्वान राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा: देश के भविष्य निर्माता ही नहीं, परंपरा के संरक्षक भी हैं युवा आप सभी प्रतिभा व कौशल का देश के विकास के लिए करें इस्तेमाल: राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ ही सहयोग की भावना भी राष्ट्र व समाज के उत्थान के लिए अनिवार्य लखनऊ, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली तथा 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के समापन समारोह में शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवा शक्ति का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि सभी युवा प्रकृति के साथी होने के स्काउट्स एंड गाइड्स के सिद्धांत को अपनाएं और आगे बढ़ें तो हमारी धरती हरी-भरी और खुशहाल बनेगी। उन्होंने कहा कि आप देश के भविष्य निर्माता ही नहीं, बल्कि इसकी भव्यता और महान संस्कृति की परंपरा के संरक्षक भी हैं। जिस प्रकार एक दीपक से अनेक दीपक जलाए जा सकते हैं, उसी प्रकार एक सशक्त, समृद्ध और संवेदनशील व्यक्ति अनेक व्यक्तियों को सशक्त और समृद्ध बना सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी अपनी प्रतिभा और कौशल को देश के विकास के लिए लगाएंगे। प्रतिस्पर्धा के जरिए मजबूत होती है टीम भावना राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जम्बूरी में देशभर के 35 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं और 25 देशों के 2 हजार स्काउट्स एंड गाइड्स भी उपस्थित हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि इस अवसर का उपयोग एक-दूसरे को जानने-समझने के लिए करें और अपने अनुभव तथा सपने आपस में साझा करें। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि जम्बूरी के दौरान अनेक प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन हुआ, जिनसे नई सीख मिलती है और टीम भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ सहयोग की भावना भी राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए अनिवार्य है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रयासों को सराहा राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि आज भारत में 63 लाख से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स हैं और यह विश्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक है। इस संगठन में गाइड यानी छात्राओं की संख्या 25 लाख से अधिक है, जो उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने उन बेटियों को बधाई दी जिन्होंने समाज और मानवता के कल्याण के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रगति के मार्ग को अपनाया है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स लंबे समय से युवाओं को सही दिशा देने, उन्हें अनुशासित बनाने और राष्ट्र निर्माण में प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं। सेवा भाव है स्काउट्स एंड गाइड्स की सबसे बड़ी विशेषता राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, स्काउट्स एंड गाइड्स की सबसे बड़ी विशेषता सेवा का भाव है। चाहे भूकंप आए या महामारी फैले, स्काउट्स एंड गाइड्स सबसे पहले सहायता के लिए आगे आते हैं। संगठन की एक और विशेषता राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना है। विभिन्न राज्यों, धर्मों और संस्कृतियों से आने वाले युवा जब साथ प्रशिक्षण लेते हैं, तो उनमें आपसी सम्मान, भाईचारा और टीमवर्क की भावना प्रबल होती है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि समय के साथ यह संगठन जीवन कौशल, नेतृत्व, पर्यावरण जागरूकता और व्यक्तित्व विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान देकर स्वयं को आधुनिक बना रहा है। सशक्त युवा पीढ़ी तैयार कर रहा संगठन राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह संगठन ऐसी युवा पीढ़ी तैयार कर रहा है जो सशक्त, संवेदनशील और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता ही देश की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी संभव है जब हमारी अधिकांश युवा आबादी इसे प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रयास करे। उन्होंने कहा कि युवाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए सरकार अनेक प्रयास कर रही है जिनमें 'मेरा युवा' जैसी पहल महत्वपूर्ण है। यह पहल युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने के लिए समर्पित है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए रहें तैयार राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स का आदर्श वाक्य है-तैयार रहो। इसका अर्थ है कि आपको भविष्य की चुनौतियों का साहस और आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि आप में संवाद क्षमता, टीम समन्वय, समस्या समाधान और नेतृत्व जैसे कौशल विकसित हों। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया और कहा कि पर्यावरण-अनुकूल आदतों को जीवन में अपनाकर ही इस वैश्विक समस्या से निपटा जा सकता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस जम्बूरी को ‘हरित जम्बूरी’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जहां वेस्ट सेग्रिगेशन और प्लास्टिक-मुक्त परिसर जैसे कदम लागू किए गए हैं। अंत में उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आयोजकों को बधाई दी। सेवा से ही नया भारत लेगा आकार: राज्यपाल कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जम्बूरी में आना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि उद्घाटन और समापन दोनों सत्रों में प्रतिभागियों के कौशल को देखने का अवसर मिला। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में जम्बूरी के माध्यम से वर्षों से करोड़ों छात्र–छात्राओं को लाभान्वित करने वाले अवॉर्डियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि 61 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में आयोजित जम्बूरी ने स्वावलंबी, स्वदेशी, स्वच्छ और विकसित भारत की भावना को साकार किया है। युवाओं को देश का वर्तमान और भविष्य बताते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हैं क्योंकि युवा ऊर्जा और सकारात्मक सोच राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में स्काउटिंग और गाइडिंग केवल कौशल ही नहीं, बल्कि करुणा, निष्ठा, साहस और मानवता जैसे मूल्यों का कवच भी प्रदान करती है। इन्हीं मूल्यों को जम्बूरी ने पुनः स्थापित किया है। राज्यपाल ने स्काउट्स और गाइड्स से आग्रह किया कि वे यहां मिली सीख को जीवन में उतारें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनें क्योंकि भारतीयता का मूल भाव सेवा ही है और यही भारत की आत्मा है जिससे नया भारत … Read more

धान किसानों की समृद्धि में सहायक बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार

59 दिन में 1.39 लाख से अधिक किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई धान की खरीद धान बिक्री के लिए 5.44 लाख से अधिक किसान हुए पंजीकृत, प्रदेश में 4225 क्रय केंद्र स्थापित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से चल रही धान खरीद “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को हकीकत में बदल रही योगी सरकार लखनऊ, योगी सरकार “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को हकीकत में बदल कर प्रदेश के धान किसानों की समृद्धि में सहायक बन रही है। सीएम योगी के निर्देश पर समय-समय पर धान खरीदारी की समीक्षा हो रही है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, खाद्य व रसद विभाग लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर व पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से चल रही धान खरीद को किसानों का साथ मिल रहा है। आंकड़े देखें तो पहली अक्टूबर से 28 नवंबर तक (59 दिन) में 1.39 लाख से अधिक किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है। वहीं धान बिक्री के लिए 5.44 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी करा लिया है। लक्ष्य से आगे बढ़कर प्रदेश में 4225 क्रय केंद्र भी स्थापित हो गए हैं। 1.39 लाख किसानों से की गई 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद किसान क्रय केंद्रों पर जाकर धान बिक्री कर रहे हैं, जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल रहा है। 28 नवंबर की शाम तक 1,39,040 किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं धान खरीद सत्र 2025-26 के लिए 5,44,502 किसानों ने अपना पंजीकरण भी करा लिया है। धान खरीद के लिए प्रदेश में 4225 क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं। सीएम योगी के निर्देश पर किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जमीनी स्तर पर दिख रहे योगी सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिक से अधिक किसानों से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद कराने का निर्देश दिया था, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रणाली को लेकर योगी सरकार के सुधार अब ज़मीनी स्तर पर मजबूती से दिखाई दे रहे हैं। ई-पॉप मशीनों से बायोमीट्रिक सत्यापन, पंजीकृत किसानों को ही खरीद की सुविधा, बिचौलियों की समाप्त होती भूमिका और 48 घंटे में भुगतान जैसी प्रक्रियाओं ने मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बना दिया है। रिकॉर्ड स्तर की धान खरीद, राइस मिलों को मिली राहत और किसानों के लिए की गई सुविधाओं ने उनकी आमदनी, भरोसे और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है। “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना अब वास्तविकता में बदल रही है। 2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद धान खरीद 2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी व लखनऊ संभाग के जनपद (लखीमपुर खीरी, हरदोई व सीतापुर) में पहली अक्टूबर से धान खरीद चल रही है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी व लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली व लखनऊ में पहली नवंबर से धान खरीद हो रही है।