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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर IAF की शक्ति: सुखोई और मिराज के उड़ान से गूंज उठा आसमान

 सुल्तानपुर भारतीय वायुसेना आज सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अखलीकिरी करवत गांव के पास स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है. इस एयर शो में सुखोई-30 MKI, जगुआर, मिराज-2000 और तेजस जैसे फाइटर जेट्स के साथ सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमान हिस्सा ले रहे हैं।  वायुसेना आपातकालीन स्थितियों में हाईवे को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की अपनी क्षमता को परख रही है. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे का 12 किलोमीटर का हिस्सा सील कर दिया है और ट्रैफिक को 1 मई तक के लिए डायवर्ट किया गया है. यह युद्धाभ्यास दो चरणों में रात 9 बजे तक चलेगा।  दो शिफ्ट में दिखेगा फाइटर जेट्स का दम एक्सप्रेस-वे की एयरस्ट्रिप पर युद्धाभ्यास का शेड्यूल काफी सख्त रखा गया है. दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विमानों के करतब दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक भी युद्धाभ्यास जारी रहेगा. सुखोई-30 और मिराज जैसे विमान 'टच एंड गो' ड्रिल के जरिए अपनी युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं।  वहीं, एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के जरिए स्पेशल फोर्सेस को स्लिदरिंग तकनीक से उतारने का अभ्यास भी किया जा रहा है. 320 एमएम मोटी इस विशेष एयरस्ट्रिप को भारी लड़ाकू विमानों के वजन को सहने के लिए ही बनाया गया है।  सामरिक रूप से बेहद अहम है यह अभ्यास यह हाईवे एयरस्ट्रिप युद्ध के समय सेना के लिए बैकअप रनवे का काम करती है. अगर दुश्मन देश मुख्य एयरबेस को निशाना बनाता है, तो वायुसेना इन्हीं हाईवे स्ट्रिप्स से अपनी उड़ानें जारी रख सकती है. मंगलवार को भी नौ विमानों ने यहां करीब एक घंटे तक पूर्वाभ्यास किया था. इस एयर शो से न केवल सेना की तैयारियों को मजबूती मिल रही है, बल्कि सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है. आसमान में विमानों की गड़गड़ाहट सुनकर स्थानीय लोग छतों पर जमा हो गए।  पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की इस एयरस्ट्रिप का ऐतिहासिक महत्व भी है. 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सी-130जे हरक्यूलिस विमान से यहां उतरकर इसका लोकार्पण किया था. उस समय भी सुखोई और जगुआर ने करीब एक घंटे तक आसमान में करतब दिखाए थे. इसके बाद जून 2023 में भी यहां 4 घंटे तक लंबा अभ्यास चला था।  इस युद्धाभ्यास की खासियत यह है कि यहाँ सिर्फ लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के 'वर्कहॉर्स' यानी मालवाहक विमान भी अपनी ताकत दिखा रहे हैं। C-295 और AN-32 जैसे भारी-भरकम विमानों ने इस हाईवे एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग कर यह साबित कर दिया कि आपातकाल में सेना की रसद, टैंक और भारी हथियार भी एक्सप्रेस-वे के जरिए कहीं भी पहुंचाए जा सकते हैं। इस शो का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर का ऑपरेशन। आसमान में स्थिर खड़े इस हेलीकॉप्टर से वायुसेना के जांबाज 'विशेष बल' (Special Forces) के जवान 'स्लिदरिंग' तकनीक के जरिए रस्सियों के सहारे नीचे उतरे। यह ड्रिल दर्शाती है कि अगर कहीं आतंकी हमला हो या युद्ध छिड़े, तो हमारी सेना हाईवे के रास्ते पल भर में दुश्मन के पीछे लैंड कर सकती है। जिस एयरस्ट्रिप पर यह सब हो रहा है, उसे बनाने में इंजीनियरिंग का करिश्मा दिखाया गया है। इसकी मोटाई 320 एमएम रखी गई है, जो इसे इतना मजबूत बनाती है कि कई टन वजनी फाइटर जेट्स जब पूरी ताकत से इस पर लैंड करते हैं, तो सड़क को खरोंच तक नहीं आती। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर के दायरे को किले में तब्दील कर दिया है और 1 मई तक ट्रैफिक पूरी तरह डायवर्ट है ताकि अभ्यास में कोई खलल न पड़े। यह अभ्यास सिर्फ सूरज की रोशनी तक सीमित नहीं है। शेड्यूल के मुताबिक, शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक भी युद्धाभ्यास जारी रहेगा। इसका मकसद यह जांचना है कि अगर रात के घने अंधेरे में दुश्मन पर हमला करना हो या अंधेरे में लैंडिंग करनी हो, तो हमारे पायलट और इंफ्रास्ट्रक्चर कितने तैयार हैं। यह पहली बार नहीं है जब सुल्तानपुर की यह धरती इतिहास लिख रही है। 16 नवंबर 2021 को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से इसी पट्टी पर लैंडिंग कर इसका उद्घाटन किया था। वह भारत के इतिहास का एक ऐतिहासिक पल था जब देश के मुखिया ने खुद हाईवे एयरस्ट्रिप की मजबूती पर मुहर लगाई थी। उसके बाद से लगातार होते ये अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि यह रनवे हमेशा 'एक्शन रेडी' रहे। 

मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां से मंच पर मिले योगी, बोले- बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ

सीएम योगी की तीसरी जनसभा गमछा व छाता लेकर चिलचिलाती धूप में पहुंचे हजारों मतदाताओं को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त- ‘ए बार खेला शेष’ हावड़ा पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। उदयनारायणपुर में टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। भाजपा उम्मीदवार प्रभाकर पंडित के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को आश्वस्त किया कि 4 मई के बाद तृणमूल कांग्रेस के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। मंच पर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने सभी कार्यकर्ताओं से परिचय भी प्राप्त किया। टीएमसी के गुंडे यहां सभा नहीं होने दे रहे थे, मैंने कहा कि अवश्य आऊंगा सीएम योगी मंच पर भाजपा कार्यकर्ता स्व. सुबोध जीत की मां से मिले और उनका दर्द बांटा, फिर कहा कि टीएमसी के गुंडों ने सुबोध को मारकर उनके जैसे हजारों कार्यकर्ताओं को पैदा किया है। मुझे यह भी पता लगा कि टीएमसी के गुंडे यहां भाजपा प्रत्याशी की सभा नहीं होने दे रहे हैं, टेंट नहीं लगने दे रहे हैं। तब मैंने कहा कि धूप में खड़े होकर भी उनके लिए सभा करूंगा, मैं कई कार्यक्रम स्थगित कर उदयनारायणपुर आया हूं। सीएम ने उदयनारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को बहादुर बताते हुए उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि 4 मई के बाद टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी, उन्हें जवाब दिया जाएगा। टीएमसी के गुंडों की धमकी की परवाह किए बगैर लोग यहां आए सीएम योगी ने धूप में खड़े मतदाताओं के उत्साह को प्रणाम किया। कहा कि आज यहां पंडाल नहीं लगाने दिया गया, कहा गया कि प्रभाकर पंडित की सभा में टेंट व माइक नहीं जाएगा। टीएमसी के गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं को भी धमकाया। लेकिन, टीएमसी के गुंडों, धूप व गर्मी की परवाह किए बिना आप लोग मां दक्षिणेश्वर काली को नमन करते हुए, बंगाल के वीर बलिदानियों की परंपरा के अनुरूप जो शपथ लेकर आए हैं, वह देखकर मैं कह रहा हूं कि उदयनारायणपुर समेत हावड़ा की सभी विधानसभा सीटों पर कमल खिलने वाला है। बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है सीएम योगी ने कहा कि कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। कभी बंगाल की पहचान नॉलेज व कल्चरल कैपिटल के रूप में थी, लेकिन 15 वर्ष में टीएमसी के शासनकाल में 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, चावल, मछली उत्पादन कम हुआ। ग्रोथ इंजन वाला बंगाल टीएमसी, कम्युनिस्टों व कांग्रेस की लूट के कारण कंगाली की ओर बढ़ गया। हमें बंगाल को पुनर्स्थापित करना है। बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ सीएम ने तृणमूल नेताओं के बयानों पर भी जवाब दिया। कहा कि उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल में आधी आबादी को ऊर्दू पढ़ाएंगे,  हम कहते हैं कि ऊर्दू पढ़ने वाले वहीं जाएं, जहां ऊर्दू में शिक्षा मिलती हो। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। टीएमसी की एक सांसद कहती हैं कि दिल में काबा, नयनों में मदीना, लेकिन वे जान लें कि बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा व विरासत बंगाल की रग-रग में बसी है। भाजपा सरकार बनाइए, डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए सीएम ने कहा कि ममता दीदी रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाती हैं। 2017 के पहले यही अराजकता, गुंडागर्दी यूपी में भी थी। पर्व-त्योहारों के पहले महीनों कर्फ्यू होता था, लेकिन अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो जाता है। 2017 के पहले यूपी में भी जयश्रीराम बोलने पर लाठी-डंडे और गोली चलती थी, आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो गया। इसे कोई रोक नहीं पाया। टीएमसी के गुंडों का जवाब केवल कमल का फूल है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बनाइए, बंगाल को टीएमसी की गुंडागर्दी से और डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए। अब बंगाल में उत्सव में बाधा बनने वालों का खेला होगा सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा।

कौशल विकास कार्यक्रमों को सीधे रोजगार से जोड़ने के निर्देश, तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी

आईटीआई सुधार, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और आधुनिक कोर्सेज के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में स्किल डेवलपमेंट सेक्टर को और अधिक प्रभावी एवं परिणामपरक बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की समीक्षा करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को सीधे रोजगार से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि योगी सरकार स्किल डेवलपमेंट को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार मानते हुए इसे उद्योगों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। आईटीआई सुधार, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और आधुनिक कोर्सेज के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश और एमएसएमई सेक्टर के विस्तार को देखते हुए स्किल्ड मैनपावर की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ने की यह पहल उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समयबद्ध हों सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को उत्तर प्रदेश सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट केवल प्रमाण पत्र देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका अंतिम लक्ष्य युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। आईटीआई आधुनिकीकरण और इंडस्ट्री लिंकिंग पर जोर बैठक में आईटीआई के व्यापक आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण को पूरी तरह इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाया जाए, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार मिल सके। इसके साथ ही डिलाइट इंडिया के साथ वर्चुअल प्रेजेंटेशन में नई तकनीकों के अनुरूप स्किलिंग को अपडेट करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक लैब और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके। ड्रॉपआउट रोकने के लिए ठोस रणनीति मंत्री अग्रवाल ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई में बढ़ते ड्रॉपआउट को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके मूल कारणों की पहचान कर प्रभावी समाधान लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण पूरा कराने के लिए प्रोत्साहन तंत्र विकसित किया जाए। इसके तहत छात्रों के लिए नियमित इंडस्ट्री विजिट, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजीटी) और ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) को बड़े स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके। “प्रोजेक्ट प्रवीण” और न्यू एज कोर्स पर फोकस उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट प्रवीण” की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे न्यू एज टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स शुरू किए जाएं और उन्हें सीधे उद्योगों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सफल छात्रों के अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि नए प्रशिक्षुओं को प्रेरणा मिल सके। साथ ही सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, जिससे युवाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के चकदहा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के लिए मांगे वोट

सीएम योगी की दूसरी जनसभा उत्तर प्रदेश की तरह ‘डबल इंजन सरकार’ बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा: सीएम योगी नदिया पश्चिम बंगाल के चकदहा में बुधवार को आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने नदिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की भूमि बताया और कहा कि बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने ममता सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दों पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। इस बार ममता दीदी का खेला खत्म मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में 7000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंद हुए और यूपी में 9 वर्ष में 17000 से अधिक बड़े उद्योग आए हैं। वहां लाखों नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्य कर रही हैं। अन्नदाता किसान खुशहाल है, चारों ओर विकास की बहार है। 500 वर्षों में जो कार्य नहीं हुआ, मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के रूप में वह भी पूरा हो गया। यूपी के अंदर यह हो सकता है,  क्योंकि वहां डबल इंजन की बीजेपी सरकार है। अब तो बंगाल में भी बहार है, क्योंकि इस बार यहां भी बनने जा रही डबल इंजन सरकार है। कमल निशान पर बंकिम चंद्र घोष को इतना वोट दीजिए कि टीएमसी, कांग्रेस और अन्य सभी दलों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाए। नदिया फिर से वैष्णव परंपरा की धरा के रूप में स्थापित होकर, सनातन के झंडे को पूरे बंगाल में ऊंचा करता हुआ दिखाई दे। ममता दीदी कहती हैं कि खेला होबे, लेकिन मैं कहने आया हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। नए बंगाल के निर्माण का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। जैसे उत्तर भारत में काशी का महत्व है, वैसे ही पूर्वी भारत में नवलद्वीप और नदिया जिले की भी अपनी एक पहचान है। यह वही भूमि है, जिसने चैतन्य महाप्रभु के अंतःकरण में भारत की आध्यात्मिक वैष्णव परंपरा की अलख जगाकर पूरे भारत में भक्ति की एक नई धारा को प्रवाहित किया था। यह बंगाल की धरा एक बार फिर चैतन्य महाप्रभु की सनातन वैष्णव धारा को पुनर्जीवित करने का आह्वान कर रही है। नदिया से उठी यह आवाज चैतन्य महाप्रभु की भावनाओं के अनुरूप 'नए बंगाल' के निर्माण के लिए आप सबका आह्वान कर रही है। नदिया के दिल में महाकाली और नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएमसी की वर्तमान सरकार यहां की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल के अंदर आधी आबादी से उर्दू बुलवाएंगे। मैं उनसे कहने के लिए आया हूं कि बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी। बांग्ला संस्कृति के माध्यम से भारत को एक नई ऊंचाई दी जाएगी। उनकी एक सांसद कहती हैं कि 'दिल में काबा और नयन में मदीना', लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि नदिया इसे स्वीकार नहीं करेगा। नदिया के दिल में महाकाली हैं और हमारे नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास है, ताकि वैष्णव परंपरा को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। टेरर का प्रतीक बन गई टीएमसी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रवींद्रनाथ टैगोर, अरविंदो घोष, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पावन धरा में टीएमसी के गुंडे चीरहरण कर रहे हैं, लूट रहे हैं। टीएमसी टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, भारत के विकास में मजबूती के साथ आगे बढ़ता था, जिस बंगाल में उद्योगों की लंबी श्रृंखला थी, नौजवानों के पास रोजगार था, अन्नदाता किसान की मेहनत से धरती सोना उगलती थी, आज उसी बंगाल में उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं। नौजवान बेरोजगार हैं। धान व मछली का उत्पादन घट रहा है। आलू उत्पादक किसान अपमानित महसूस कर रहा है। बंगाल में आज उपद्रव जैसा माहौल है। राम के नाम से चिढ़ती हैं ममता दीदी मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया वैष्णव परंपरा की धरा है और ममता दीदी तो राम नाम से चिढ़ती हैं। दुर्गा पूजा नहीं होने देतीं,  विसर्जन जुलूसों पर लाठीचार्ज होता है, हमले होते हैं, उत्सव के पहले प्रतिबंध शुरू हो जाते हैं, कर्फ्यू लग जाता है। यह लूटपाट का, माफिया का राज है। बंगाल ने रवींद्रनाथ टैगोर के माध्यम से स्वतंत्र भारत को राष्ट्रगान दिया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के माध्यम से राष्ट्रगीत दिया। लेकिन, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पुश्तैनी परिसर पर टीएमसी के गुंडों ने कब्जा कर लिया। वहां भारत माता व गुरुदेव के चित्रों को उतारकर जबरदस्ती ममता व अभिषेक बनर्जी का फोटो लगा दिया। बंगाल इस प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं कर सकता। इस गुंडागर्दी, अराजकता में बहन-बेटी, व्यापारी कोई सुरक्षित नहीं है। अन्नदाता किसान उपेक्षित और नौजवान हताश-निराश है।

सुल्तानपुर में सुखोई और मिराज की उड़ान, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बनाया जाएगा रनवे

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में बनें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को इंडियन एयरफोर्स का युद्धभ्यास होगा. एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में वायुसेना के लिए बने रनवे पर आधुनिक लड़ाकू विमान जैसे सुखोई और मिराज इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड एक्टिवेशन एक्सरसाइज करते नजर आएंगे. यह आयोजन युद्ध जैसी आपात स्थित से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर किया जा रहा है. इसका आयोजन उस दिन किया जा रहा है, जब आज पहलगाम हमले बरसी है, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 निर्दोष भारतियों का कत्लेआम किया गया था. जिसके बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की तरफ से 6 मई को ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।  रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे के चयनित हिस्से को इस तरह विकसित किया गया है कि जरूरत पड़ने पर यह पूरी तरह हवाई पट्टी का काम कर सके. इसके लिए सड़क की चौड़ाई, मजबूती और सतह की गुणवत्ता को विशेष मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है. साथ ही आसपास का क्षेत्र भी इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि विमान संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।  इस समय होगा आयोजन दोपहर 2 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लगातार एयर शो का आयोजन होगा. खास बात यह है कि रात के अंधेरे में होने वाला एरियल लाइट शो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में फाइटर जेट्स इस हवाई पट्टी पर उतरेंगे, जिससे आयोजन और भी भव्य बनेगा. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव और पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए इस सैन्य प्रदर्शन ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा और भी मजबूत कर दिया है।  ड्रिल का यह है उद्देश्य प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों के बीच इस आयोजन को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है. आज दोपहर दो बजे से यहां अभ्यास किया जाएगा, जिसमें सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमान इस एक्सप्रेसवे पर उतरकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे की उपयोगिता को परखना है. यह अभ्यास इसलिए भी जरूरी है, ताकि युद्ध या अन्य संकट की स्थिति में पारंपरिक एयरबेस के अलावा भी विमानों के संचालन के विकल्प उपलब्ध होंगे. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पहले से ही उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, और अब इसका यह सैन्य उपयोग इसे और अधिक रणनीतिक महत्व प्रदान करता है. स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि अभ्यास के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा सके। 

25 सितम्बर से फिर शुरू होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, ग्लोबल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म बनने की तैयारी

25 सितम्बर से फिर सजेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, ग्लोबल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी यूपीआईटीएस 2026 को ग्लोबल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी   डेयरी, उद्योग, मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण के नवाचार आधारित व्यावसायिक मॉडल बनेंगे आकर्षण का केंद्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की योजनाओं को विस्तार के साथ किया जाएगा प्रस्तुत लखनऊ  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को इस बार नए तेवर और बड़े लक्ष्य के साथ आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने लोक भवन में बैठक कर ट्रेड शो की तैयारियों को लेकर मंथन किया। इसमें तय किया गया कि ट्रेड शो का आयोजन 25 से 29 सितम्बर के बीच किया जाएगा, ताकि अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और विक्रेताओं को बेहतर पूर्व नियोजन का अवसर मिल सके। इसमें डेयरी, उद्योग, मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण के नवाचार आधारित व्यावसायिक मॉडल आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इस बैठक में इन्वेस्ट यूपी, कृषि विपणन, विदेश व्यापार व यूपीएलसी समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस बार आयोजन को पारंपरिक प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर सशक्त ग्लोबल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म बनाया जाए, जहां विभाग अपनी उपलब्धियों को अधिक प्रभावी और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष ट्रेड शो का मुख्य फोकस “जनता तक उपलब्धियों का प्रभावी संप्रेषण” रहेगा। प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की योजनाओं को विस्तार के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। निजी क्षेत्र और छोटे कॉरपोरेट्स को भी मिलेंगे पर्याप्त अवसर बैठक में स्टॉल आवंटन और शुल्क संरचना भी तय की गई। स्टॉल दरें 7,500 से 8,000 रुपए के बीच निर्धारित की गई हैं। दो तरफ खुले स्टॉल पर 10 प्रतिशत तथा तीन या चार तरफ खुले स्टॉल पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। साथ ही निजी क्षेत्र और छोटे कॉरपोरेट्स को भी पर्याप्त अवसर देने के निर्देश दिए गए। युवाओं को नए स्टार्टअप शुरू करने की मिलेगी प्रेरणा युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए “सीएम युवा” पवेलियन को और मजबूत किया जाएगा। डेयरी, उद्योग, मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण विभागों को नवाचार आधारित व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे खासकर एनसीआर और गौतम बुद्ध नगर के युवाओं को नए स्टार्टअप शुरू करने की प्रेरणा मिलेगी। एक्सपो मार्ट में विभागों को आवंटित हॉल और क्षेत्रफल की जानकारी साझा करते हुए अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

गंगा एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की गति से यात्रा करेंगे वाहन

गंगा एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे वाहन   एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज तक सीधा संपर्क स्थापित होगा 02 मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैम्प टोल प्लाजा के माध्यम से सुगम होगा आवागमन परियोजना में गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबे पुल का निर्माण एक्सप्रेसवे पर यात्रियों के लिए 09 जन-सुविधा परिसर भी किए गए हैं विकसित शाहजहांपुर के पास एक्सप्रेसवे पर 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी भी, एयरफोर्स कर चुकी है इमरजेंसी लैंडिंग ड्रिल 29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, यूपी को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी लखनऊ  उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण प्रस्तावित है। यह परियोजना प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को सीधे जोड़ते हुए आवागमन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे को 120 किमी/घंटा की स्पीड के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि मेरठ से प्रयागराज की लंबी दूरी अब पहले के मुकाबले काफी कम समय में तय की जा सकेगी। जहां पहले यह सफर 10-12 घंटे लेता था,  अब 6-7 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। तकनीकी रूप से आधुनिक और भविष्य उन्मुख उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के एसीईओ हरि प्रताप शाही के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे 6 लेन में तैयार किया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 594 किमी है और राइट ऑफ-वे 120 मीटर चौड़ा रखा गया है, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित रहेगा। परियोजना को 4 समूहों में बांटकर विकसित किया गया है, जिससे निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सका। इसमें आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और उच्च गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। टोल व यात्री सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन एक्सप्रेसवे पर 2 मुख्य टोल प्लाजा (मेरठ और प्रयागराज) के साथ 19 रैम्प टोल प्लाजा बनाए गए हैं। इससे वाहन चालकों को विभिन्न कट्स पर एंट्री और एग्जिट में आसानी होगी और जाम की स्थिति कम होगी। इसके अलावा यात्रियों के लिए 9 जन-सुविधा परिसरों का निर्माण किया गया है, जहां ईंधन, खानपान, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बन सकेगी। इस परियोजना में गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर लंबा और रामगंगा नदी पर करीब 720 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। ये पुल न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि बाढ़ और जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक डिजाइन पर आधारित हैं। रणनीतिक दृष्टि से अहम् एयरस्ट्रिप शाहजहांपुर के पास लगभग 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी का निर्माण किया गया है, जो इस एक्सप्रेसवे की खास पहचान बन चुकी है। यहां इंडियन एयर फोर्स द्वारा इमरजेंसी लैंडिंग का सफल परीक्षण किया जा चुका है। यह सुविधा किसी भी आपात स्थिति जैसे प्राकृतिक आपदा या सैन्य जरूरत में बेहद उपयोगी साबित होगी, जिससे एक्सप्रेसवे की सामरिक महत्ता भी बढ़ जाती है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बल गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र और पूर्वी यूपी के कृषि प्रधान क्षेत्रों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पाद के परिवहन में समय और लागत की बचत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, खासकर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के समग्र विकास का इंजन है। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा, नए रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में और मजबूत होगा।

योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व, ब्राह्मणों पर ध्यान और OBC से एक नाम तय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं काफी दिन से हैं। कहा जा रहा था कि खरमास के बाद कभी भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। अब जानकारी मिल रही है कि बंगाल चुनाव के बाद कभी भी फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कुछ नए मंत्री जुड़ सकते हैं तो कुछ लोगों को संगठन में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विभागों में भी परिवर्तन किया जा सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा फिलहाल संगठन मजबूत कर रही है। ऐसे में कुछ सीनियर और तेज नेताओं को संगठन की कमान भी दी जा सकती है। वहीं मंत्री परिषद में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर होगा। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बीते कुछ दिनों में लगातार बैठकें हुई हैं। विनोद तावड़े लखनऊ पहुंचे थे तो कई नेताओं से मुलाकात की थी। इसके अलावा दिल्ली जाकर भी राज्य के दोनों डिप्टी सीएम शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। फिलहाल संघ की ओर से भाजपा के साथ समन्वय करने वाले अरुण कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत कई नेताओं के साथ मंथन का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लग जाएगी। पहले राउंड में कुछ नामों को तय किया गया है, जिन पर दिल्ली से मुहर लगने का इंतजार है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार था और अब पंकज चौधरी को जिम्मेदारी मिल गई है तो फिर कैबिनेट विस्तार का भी प्लान बन रहा है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार में किसी सीनियर ब्राह्मण नेता को तवज्जो मिल सकती है। अब तक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अलावा एक और ब्राह्मण चेहरा जितिन प्रसाद थे। फिलहाल जितिन प्रसाद दिल्ली की राजनीति में चले गए हैं। ऐसे में उनके स्थान पर किसी को चांस मिल सकता है। बीते कुछ महीनों से ब्राह्मणों की नाराजगी का नैरेटिव भी विपक्ष चलाता रहा है। ऐसे में भाजपा शायद बिरादरी के किसी नेता को मौका दे। अखिलेश के PDA की काट क्यों खोजना चाह रही भाजपा? इसके अलावा दलित समुदाय से भी किसी नेता को मंत्री पद मिल सकता है। कांशीराम जयंती से लेकर आंबेडकर जयंती तक मनाने वाले अखिलेश यादव लगातार पीडीए का नारा दोहरा रहे हैं। ऐसे में दलित समुदाय को अपने पाले में रखने के लिए भाजपा किसी नेता को मौका जरूर देगी। सबसे ज्यादा चर्चा किसी महिला को मंत्री बनाए जाने की है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में गिरने के बाद भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में किसी महिला को मंत्री बनाकर भाजपा के पास मौका होगा कि वह उदाहरण देते हुए विपक्ष को घेरे। ओबीसी वर्ग से तय माना जा रहा भूपेंद्र चौधरी का नाम ओबीसी की बात करें भूपेंद्र चौधरी का नाम तय माना जा रहा है। वह अब तक प्रदेश अध्यक्ष थे। जाट बिरादरी से आते हैं और बिना किसी विवाद के काम करने वाले नेता हैं। ऐसे में जाट समाज के बीच संदेश देने के लिए उन्हें मौका मिल सकता है। पश्चिम यूपी यूं भी भाजपा के लिए अहम है। अब तक सीएम के अलावा प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिम यूपी का नहीं है। इसलिए मंत्री परिषद के जरिए इस क्षेत्रीय संतुलन को भी साधा जा सकता है।

सीएम योगी की बैठक: होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर होगा विस्तृत विचार

होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर सीएम योगी करेंगे समीक्षा बैठक बुधवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होगी बैठक सभी जोन के एडीजी, पुलिस कमिश्नर, मंडलायुक्त, डीएम-एसपी होंगे बैठक में शामिल 25 से 27 अप्रैल के बीच होने वाली परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री देंगे आवश्यक दिशा निर्देश लखनऊ  प्रदेश में होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसमें परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण निर्देश देंगे। बैठक में प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, आईजी/डीआईजी रेंज, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक समेत संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। 25 से 27 अप्रैल तक होनी है भर्ती परीक्षा गौरतलब है कि प्रदेश में 25, 26 और 27 अप्रैल को होमगार्ड भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की सुविधा और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री बैठक के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे। संवेदनशील जिलों, परीक्षा केंद्रों और संभावित भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं। नकल व गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति योगी सरकार का पूरा जोर परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है। नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। इसी क्रम में सभी अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूरी तैयारी के साथ प्रतिभाग करने के लिए निर्देशित किया गया है।

योगी सरकार की योजना से निराश्रित महिलाएं हो रही हैं सशक्त, 40 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही विधवा पेंशन

योगी सरकार की पहल से सशक्त हो रहीं निराश्रित महिलाएं, 40 लाख से अधिक को मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार सरकार का लक्ष्य: कोई भी पात्र महिला योजना से न रहे वंचित लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।  चार किस्तों में विधवा महिलाओं को मिल रही सहायता प्रदेश की योगी सरकार इस योजना के जरिए उन महिलाओं तक सीधी मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश की कुल 40,32,629 महिलाओं को लाभ मिला है। यह पेंशन सालभर में चार किस्तों में जारी की जाती है, जिसमें हर तीन महीने की राशि एक साथ दी जाती है। इसमें अप्रैल-मई-जून, जुलाई-अगस्त-सितंबर, अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर और जनवरी-फरवरी-मार्च की किस्तें शामिल हैं। साल 2021 में विधवा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सहायता राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016-17 से पहले जहां करीब 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40.32 लाख से अधिक हो चुकी है। यह विस्तार दर्शाता है कि सरकार लगातार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को योजना से जोड़ रही है। कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित ना रहे योजना के तहत सिर्फ वही महिलाएं पात्र हैं जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों। साथ ही जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो उन्हें ही लाभ मिल सकता है। इस संबंध में महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करती है।