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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, मंत्री सुनील शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत

योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम, जेवर पहुंचे स्विस राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, मंत्री सुनील शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत एविएशन के साथ आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया निरीक्षण, करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहा मौजूद नोएडा/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की योगी सरकार की नीति को आज उस समय एक और अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला, जब स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाय बर्नार्ड पारमेलिन अपने करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पहुंचे। यह दौरा उत्तर प्रदेश और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। योगी सरकार की निवेश नीति से वैश्विक साझेदारी को मिल रहा विस्तार योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल वातावरण को अपनी विकास नीति का प्रमुख आधार बनाया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी व्यापक विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जेवर में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक हवाई संपर्क से जोड़ने के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक, कारोबारी और निवेश गतिविधियों को नई गति देने की क्षमता रखता है। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का जेवर एयरपोर्ट दौरा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश में स्विस तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश के साथ बने इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहयोग का नया अवसर सामने आया है। आधुनिक सुविधाओं का लिया जायजा दौरे की शुरुआत एनआईए ऑफिस में हुई, जहां अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन ने भी प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। इसके बाद एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया और ग्रुप फोटो भी हुआ। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल दो हिस्सों में विभाजित हुआ। राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारी एयरसाइड तथा एटीसी टॉवर के विशेष निरीक्षण के लिए गए। वहीं प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम सहित एयरपोर्ट की विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब दो बजे एयरपोर्ट से रवाना हुआ। एविएशन के साथ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग की उम्मीद करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति की पत्नी, स्विस राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और लगभग 40 उद्योगपति शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी ने इस दौरे को केवल एयरपोर्ट निरीक्षण तक सीमित न रखते हुए संभावित आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों से राज्य में वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश का अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। ऐसे में स्विस राष्ट्रपति का जेवर दौरा एविएशन के अलावा आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और इससे जुड़े क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकता है।

‘403 सीट पर है निगाहें’, अखिलेश की पोस्ट पर राजभर का तंज, बोले- सपने देखना बुरी बात नहीं

राज्यसभा का तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी सपा, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज; बोले- बस हो गया टांय-टांय फिस्स '403 सीट पर है निगाहें', अखिलेश की पोस्ट पर राजभर का तंज, बोले- सपने देखना बुरी बात नहीं तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार पर पीछे हटे अखिलेश तो राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश पर राजभर का वार, बोले- 'कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं' अखिलेश के राज्यसभा दांव पर राजभर ने कसा तंज, बोले- कभी-कभी समझदारी का काम भी कर लेते हैं अखिलेश यादव पर ओपी राजभर ने साधा निशाना, बोले- बस हो गया टांय-टांय फिस्स लखनऊ, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से तीन की जगह दो ही उम्मीदवारों को उतारने का ऐलान किया है। सपा सुप्रीमो के इस फैसले पर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश कभी-कभी समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं। 'बस हो गया टांय-टांय फिस्स' ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "मित्र अखिलेश जी, बस हो गया टांय टांय फिस्स!"। उन्होंने अखिलेश यादव के दो उम्मीदवार उतारने के फैसले पर कटाक्ष करते हुए लिखा, "वैसे कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं। जैसे आज किया।" '403 के सपने देखना बुरी बात नहीं' राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों से जुड़े राजनीतिक दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा, "रही बात 403 की तो बस यही कहूंगा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।" इसके जरिए राजभर ने राज्यसभा चुनाव से आगे विधानसभा चुनाव की सियासत को भी निशाने पर लिया।  बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए सपा की तरफ से पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया जा चुका है। लेकिन अखिलेश यादव लगातार दावा कर रहे थे कि वो तीसरे उम्मीदवार के जरिए बीजेपी को सरप्राइज देंगे। लेकिन अब अखिलेश अपनी ही बात से पीछे हट गए हैं। अब इसी को लेकर ओपी राजभर ने अखिलेश पर तंज कसा है।

वोटर लिस्ट में नाम छूट गया तो चिंता नहीं, BLO घर-घर जाकर करेंगे नाम जोड़ने की पहल

लखनऊ एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलेगा। छूटे हुए मतदाताओं, महिलाओं और पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे। बीएलओ घर-घर जाकर लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का काम करेंगे। यही नहीं बूथ पर भी मतदाताओं को फॉर्म-6 उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से सभी जिलों की निगरानी होगी। बीएलओ के लिए टारगेट भी तय किया गया है। एक महीने तक विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया से पूर्व की और उसके बाद जारी मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम का मिलान भी किया जाएगा। बीएलओ को एक सप्ताह में कम से कम 25 लोगों से संपर्क कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। बूथ पर भी लगेंगे विशेष शिविर घर-घर संपर्क के दौरान छूटे हुए मतदाताओं व पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवाओं के भी फॉर्म-6 भरवाए जाएंगे। ऐसी महिलाएं जिनकी शादी के बाद ससुराल वाले क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़ा है, उनका नाम भी जुड़वाया जाएगा। नए भरवाए जा रहे फॉर्मों को राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों से साझा किया जाएगा। वहीं बूथ पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे। आश्रय स्थलों, श्रमिक कालोनियों में रहने वाले, बेघर व वंचित वर्ग के पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने को विशेष कैंप लगाए जाएंगे। एक महीने में सभी बीएलओ अपने-अपने क्षेत्र में यह कार्य पूरा करेंगे। डिजिटल ऐप से होगी रियल टाइम ट्रैकिंग अभियान को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने तकनीक का सहारा भी लेने का फैसला किया है। बीएलओ अपने मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर सत्यापन के दौरान भरे गए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 की ऑनलाइन एंट्री करेंगे। इसकी सीधे राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग होती रहेगी। इसके साथ ही जो नागरिक बीएलओ के पहुंचने से पहले ही आवेदन करना चाहते हैं, वे वोटर सर्विस पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप से भी डिजिटल फॉर्म जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन भी बीएलओ द्वारा घर जाकर ही किया जाएगा। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों यानी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पुनरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी क्षेत्र में पात्र मतदाताओं या नवविवाहिताओं के नाम बड़े पैमाने पर छूटने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित बीएलओ और सुपरवाइजर के खिलाफ जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी चुनावों से पहले प्रदेश का कोई भी नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।

पीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा: मुख्यमंत्री

असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 'उप्र की प्रगति' से कराया साक्षात्कार सीएम योगी ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं पीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा: मुख्यमंत्री पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा कर सीएम ने लिखा- जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से  साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा? पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है। मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है। 2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था। भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है। तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली  से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है। 'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान  सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार)  लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार; 2 महीने की राशि जारी

योगी सरकार में 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी – ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हुआ मानदेय, बढ़ी दर पर सितंबर-अक्टूबर के लिए धनराशि जारी – शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ – प्रत्येक माह ₹230.11 करोड़, दो माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान – जनपदवार आवंटित धनराशि के अनुसार मानदेय भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया है। ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹18 हजार प्रतिमाह किए गए मानदेय की बढ़ी दर पर शैक्षिक सत्र 2026-27 में कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्टूबर माह के मानदेय के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। दोनों माह के मानदेय भुगतान के लिए जनपदवार धनराशि निर्धारित की गई है। सितंबर के मानदेय के लिए ₹230.11 करोड़ तथा अक्टूबर के लिए भी ₹230.11 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इस प्रकार दोनों माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। संबंधित जनपदों को निर्धारित आवंटन के अनुसार भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  प्रदेश के लगभग 1.28 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के लिए सितंबर और अक्टूबर के मानदेय का जनपदवार आवंटन किया गया है। इसके माध्यम से बढ़ी हुई दर पर मानदेय भुगतान की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी। मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि योगी सरकार द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में ₹8 हजार प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इससे मानदेय ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हो गया है, यानी इसमें 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ी दर से मानदेय मिलने से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। “योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि कर उनके आर्थिक हितों को मजबूती दी है। बढ़े मानदेय के साथ सितंबर और अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी होना शिक्षामित्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।” संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा “मानदेय में वृद्धि से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। इससे वे और अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ विद्यालयों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में योगदान दे सकेंगे।” मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

मौत से पहले क्या हुआ था? सामने आया दीपक लोधी का नया वीडियो, सीढ़ियों पर नजर आए

मथुरा संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में एक नया सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें रसिक दुलारी सीढ़ियों पर चढ़ता नजर आ रहा है। इससे मामले को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधु रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार वह गुरु कृपा कुंज की छत से गिरा था। जांच के दौरान मौत से पहले उसके साथ हुई घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए। सभी साक्ष्य संरक्षित पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संरक्षित रखने का निर्णय लिया। इनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्री शामिल हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब एक के बाद एक तीन सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस ने इन साक्ष्यों को संरक्षित कर लिया है तो वीडियो किसके द्वारा और किस उद्देश्य से वायरल किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इन वीडियो को वायरल करने का उद्देश्य संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत को आत्महत्या के रूप में स्थापित करना हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एसआईटी जांच की मांग उठी दूसरी तरफ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत की एसआईटी जांच की मांग को लेकर पत्र याचिका भेजी गई है। अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल ने चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजकर मामले की जांच के लिए न्यायालय की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की है। पत्र याचिका में कहा गया है कि यह देश के हजारों लाखों श्रद्धालुओं से जुड़ा मामला है इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। पत्र याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया है कि सच को सामने लाने के लिए हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में विशेष जांच टीम का गठन किया जाए या फिर मजिस्ट्रियल जांच हो। याचिका में पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग गई है। चौथी मंजिल से कूद गए थे दीपक लोधी गौरतलब है कि वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज में 25 वर्षीय साधु रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक पटेल की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी यह साधु चौथी मंजिल से कूद गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया। उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। मथुरा पुलिस प्रेमानंद महाराज के सभी आश्रमों में घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है व शिष्यों से पूछताछ कर रही है। उधर, रसिक दुलारी के परिजन आश्रम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध कर रहे हैं।

कचहरी चौराहे के पास चला बुलडोजर, सड़क चौड़ीकरण के लिए 10 जर्जर इमारतें जमींदोज

 वाराणसी वाराणसी में सोमवार को कचहरी चौराहे के पास बड़े लेवल पर बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. कचहरी चौहारे के पास मुस्लिम बहुल इलाके में एक साथ छह बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन की मदद से 10 बिल्डिंग्स को डिस्मेंटल करने की कार्रवाई शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान कुछ भवनों पर लोगों ने खुद ही हथौड़े चलाकर निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया. वहीं, कई लोग अपने घरों और दुकानों से सामान निकालते नजर आए।  दरअसल, संदहा से कचहरी चौराहे तक करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इसका अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन पुलिस लाइन से कचहरी चौराहे के बीच करीब 300 मीटर का हिस्सा बाकी था. इस हिस्से में स्थित 10 भवनों को वाराणसी नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित किया गया था. अब इन्हीं भवनों को हटाकर सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ किया जा रहा है।  पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि संदहा से कचहरी चौराहे तक प्रस्तावित 10 किलोमीटर की सड़क में अब केवल 300 मीटर का हिस्सा शेष है. सड़क चौड़ीकरण में बाधा बने 10 मकान जर्जर हालत में थे, जिन्हें डिस्मेंटल किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि डिस्मेंटलिंग का काम आज ही पूरा कर लिया जाएगा।  केके सिंह के मुताबिक, पूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना करीब 250 करोड़ रुपये की है. इसमें अब तक 80 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में वितरित किए जा चुके हैं. पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य अक्टूबर के अंत तक सड़क निर्माण का काम पूरा करने का है।  हालांकि कार्रवाई के दौरान सड़क पर आवागमन प्रभावित होने से कचहरी जाने वाले वकीलों ने नाराजगी जताई. वकीलों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे मनमानी बताया। 

गैस सिलेंडर बुकिंग पर लगा ब्रेक! KYC अधूरा होने पर हजारों कनेक्शन हुए सस्पेंड

लखनऊ अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद गैस कंपनियों ने नए कनेक्शन पर रोक लगा दी है। इस बीच ईकेवाईसी नहीं कराने वाले हजारों उपभोक्ताओं का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया है। इससे यह उपभोक्ता अब बुकिंग नहीं करा सकेंगे। ईकेवाईसी कराने के बाद ही उनकी बुकिंग होगी। इधर घरेलू उपभोक्ताओं की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर होने से गैस उपभोक्ताओं को कई माह से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गैस कनेक्शन से वंचित और ईकेवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को जुगाढ़ से 1800 रुपए में घरेलू सिलेंडर मिल पा रहा है। दुर्गापूजा-दशहरा में घरेलू गैस सिलेंडर की खपत बढ़ने से बैंकलाग बढ़ने से एक बार फिर एंजेंसियों पर भीड़ बढ़ सकती है। यूपी के सुल्तानपुर में ईधन की सुविधा के लिए विभिन्न कंपनियों की 48 गैस एजेंसियां संचालित है। इन एजेंसियों के माध्यम से पांच लाख 59 हजार 521 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया है। इसमें आईओसीएल,एचपीसीएल, बीपीसीएल गैस कंपनी के कनेक्शन शामिल है। युद्ध के बाद गैस कंपनियों ने ईकेवाईसी को अनिवार्य कर दिया। बुकिंग के समय ओटीपी अनिवार्य करने से ईकेवाईसी करने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ लगने लगी। सितंबर महीने तक थी डेडलान नए कनेक्शन पर रोक लगा दी गई है। इससे 50 हजार से अधिक परिवार गैस कनेक्शन से वंचित रह गए है। ईकेवाई कराने के लिए सितम्बर माह तक समय दिया गया था। कंपनी की ओर से निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद दो अक्तूबर को ईकेवाईसी नही कराने वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया। इससे 50 हजार ईकेवाईसी नही कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग पर रोक लग गई है। कंपनी ईकेवाईसी कराने के बाद बुकिंग पर लगाई गई रोक हटाएगी। सोमवार को सुबह 10 बजे सुलतानपुर गैस एजेन्सी की पड़ताल की गई। एजेन्सी पर सात से आठ उपभोक्ता दिखाई दिए। इसमें ईकेवाईसी के उपभोक्ता भी शामिल थे। गैस एजेन्सी के संचालक जियाउल हसनैन ने बताया कि ईकेवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के बुकिंग पर रोक लगा दी गई है, लेकिन ईकेवाईसी कराने वाले लोगों की संख्या रोजाना चार से पांच रहती है। ईकेवाईसी न कराने वालों में विदेश और अन्य शहर में रहने वाले ज्यादातर उपभोक्ताओं का नाम शामिल है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गैस कंपनियों की ओर से ईकेवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं का स्पष्ट आंकड़ा नहीं भेजा गया है। 25 दिन का अंतराल, तीन से चार दिन में डिलेवरी खाड़ी युद्ध के बाद गैंस बुकिंग के समय में भी परिवर्तन कर दिया गया है। इस समय शहर और ग्रामीण क्षेत्र में गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर हो रही है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बुकिंग के तीसरे दिन और ग्रामीण क्षेत्र में बुकिंग के चौथे या पांचवें दिन सिलेंडर मिलता है। केवाईसी न कराने वालों को कामर्शियल सिलेंडर का भरोसा जिले में नया घरेलू कनेक्शन पर रोक लगी है। 40 हजार से अधिक परिवारों के पास कनेक्शन नहीं है। खाड़ी युद्ध के बाद उनके सामने समस्या हो गई है। ईकेवाईसी नही करा पाने वाले 50 हजार परिवारों की बुकिंग भी बंद हो गई। जिससे इन परिवारों को पांच किलोग्राम के सिलेंडर की गैस 806 रुपए में खरीदना होगा। इसके अलावा एचपी कंपनी की ओर से नया कनेक्शन के तहत 10 किलोग्राम गैस का प्लास्टिक बाडी का सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है।

UP में BJP के 8 राज्यसभा उम्मीदवारों का नामांकन, CM योगी रहे मौजूद; जीत का दावा

राज्यसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में भाजपा प्रत्याशियों ने किया नामांकन  भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से उतारे हैं आठ प्रत्याशी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सान्निध्य में राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सभी आठों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार ने विधान भवन में नामांकन दिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं।  पर्चा दाखिला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी, बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे। बीजेपी के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी की जीत पक्की इससे पहले समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनंजय परिमल नाथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा के पास तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या नहीं थी। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने का संकेत देते हुए कहा था कि अब उनकी निगाह तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। ऐसे में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। सभी नए चेहरों को बनाया प्रत्याशी आपको बता दें भाजपा ने किसी भी मौजूदा राज्यसभा सांसद को रिपीट नहीं किया गया है। भाजपा ने मंत्री धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। राधाकांत ओझा सपा सरकार में मंत्री रहे प्रतापगढ़ निवासी शिवाकांत ओझा के छोटे भाई हैं। पार्टी ने ओबीसी वर्ग से तीन, दलित से दो, ब्राह्मण दो और एक ठाकुर चेहरे पर दांव लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा के सभी आठों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि घोषित हुए सभी सम्मानित प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी बधाई दी।

भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल

सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल ​भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही सपा का असली चेहरा उजागर भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल ​लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक बदनाम ब्रांड रही है। ​राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होते ही उजागर हुआ चरित्र सपा पर निशाना साधते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के डर से अपना नाम खुलकर लेने से बचती है। इसलिए उसने पीडीए का मुखौटा पहन लिया। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा होते ही पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, "सपा की प्राथमिकता में केवल परिवार और धनपशु शामिल हैं। यदि वे किसी तीसरे का चयन करते हैं, तो वह कोई अपराधी ही होता है।" सपा के पीडीए की नई परिभाषा प्रकाश पाल ने सपा के पीडीए की परिभाषा बदलते हुए कहा, "इनके पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है।" सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "आगामी चुनावों तक इनके पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ (पी- पैसा, डी- देने वाले, ए- आओ) ही रहने वाला है।" ​ भाजपा ने सभी वर्गों को दी उचित भागीदारी राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की चयन प्रक्रिया की प्रकाश पाल ने सराहना की। कहा कि भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर चलते हुए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को समान रूप से भागीदारी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी हैं।