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कांग्रेस के शहजादे विरासत से आए, मोदी जनादेश से प्रधानमंत्री बने: नितिन नवीन

वाराणसी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के राजपरिवार के शहजादे विरासत के सहारे राजनीति में पहुंचे, जबकि नरेंद्र मोदी को जनता के सामने प्रधानमंत्री पद के लिए घोषित किया गया और देश की जनता ने उन्हें जनादेश देकर दिल्ली पहुंचाया। विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता उसके मकसद को कभी पूरा नहीं होने देगी।   नितिन नवीन संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन और यात्रियों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि ये युवा गांव-गांव गए, सेवा के साथ संवाद किया और लोगों के बीच योजनाओं की चर्चा की। आज का दिन विकसित भारत के सपने को पूरा करने का संकल्प लेने का भी दिन है।   मोदी को बताया इतिहास निर्माता नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री मोदी को इतिहास निर्माता बताते हुए कहा कि इतिहास के पन्नों को पलटने, इतिहास गढ़ने और लोगों के जीवन में बदलाव लाने की क्षमता रखने वाला ही इतिहास का निर्माणकर्ता बन सकता है। पिछले 25 वर्षों को पीछे मुड़कर देखने पर यह साफ दिखाई देता है। कच्छ से निकला मलबा गुजरात के नवनिर्माण का आधार बना और वहां से उठी चीखें जनभावना की आवाज बनीं। नरेंद्र मोदी ने खुद को गुजरात के लिए समर्पित कर उसे विश्व पटल पर पहुंचाया।   उन्होंने कहा कि 2014 में देश में निराशा का वातावरण था और युवा हताश थे। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं में आशा और उम्मीद जगाई। आज युवा जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर बन रहा है। उन्होंने तीन तलाक समाप्त करने, अर्थव्यवस्था को दुनिया के शीर्ष पांच देशों में पहुंचाने और पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ से अधिक लोगों को छत देने का उल्लेख किया। नक्सल समस्या, मेक इन इंडिया और स्वच्छता मिशन को भी बदलाव से जोड़ा।   घुसपैठियों को लेकर विपक्ष पर सवाल भाजपा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष केवल उनकी चिंता कर रहा है, जो लोगों का हक छीनने का काम करते हैं। जिन घुसपैठियों को हक दिलाने की बात की जा रही है, उन्हें भारत की जनता हक नहीं देने देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आए बदलाव के पीछे भी प्रधानमंत्री मोदी का विजन है।   पहले बम विस्फोट, अब सेमीकंडक्टर: हिमंता असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कभी असम में हर दिन बम विस्फोट होते थे, जबकि आज वहां सेमीकंडक्टर रेवोल्यूशन हो रहा है। यही नया भारत है। एक समय संसद तक पर हमला होता था। आज पाकिस्तान भारत में नहीं घुसता, बल्कि भारत पाकिस्तान में घुसकर जवाब देता है।   उन्होंने कहा कि कभी लोग अयोध्या में राम मंदिर बनने की कल्पना तक नहीं करते थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण हुआ। एक समय भाजपा के तीन मुख्यमंत्री हुआ करते थे, जबकि आज एनडीए गठबंधन की 22 सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेतृत्व में भारत में परिवर्तन आया और देश विश्व की महाशक्ति बनने की ओर बढ़ा। वडनगर से काशी पहुंचे युवा इसी नए भारत की तस्वीर हैं।   10 राज्यों से गुजरकर काशी पहुंची यात्रा सेवा संकल्प यात्रा के दौरान युवाओं ने गांवों में सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान चलाने के साथ लोगों से योजनाओं पर संवाद किया। वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जबकि वाराणसी का जल हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया।   वडोदरा सांसद हेमांग जोशी ने कहा कि यात्रा ने 19,719 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 10 राज्यों के 146 जिलों में सेवा कार्य किए। इस दौरान 783 कार्यक्रम और 266 स्वच्छता अभियान हुए। 8,500 से अधिक पौधे लगाए गए। 20,187 से अधिक लाभार्थियों से व्यक्तिगत संपर्क किया गया और 173 ग्राम सभाएं हुईं। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को देश के सामने आदर्श युवा बताया।   कांग्रेस-सपा के राज में पहले पन्ने पर होती थीं भ्रष्टाचार की खबरें: हंसराज राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि कांग्रेस के राज में देश और सपा के राज में उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार की खबरें अखबारों के पहले पन्ने पर होती थीं। आज देश और उत्तर प्रदेश दोनों की तस्वीर बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात की त्रासदी के बाद उसे आगे बढ़ाया और देश की कमान मिलने पर भारत को नई पहचान दी। उत्तर प्रदेश भी कई क्षेत्रों में आगे बढ़ा है।   महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आर्थिक क्षेत्र, परिवहन, रोजगार और कानून व्यवस्था में बदलाव आया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वडनगर से काशी और काशी से वडनगर की यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत किया।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम : सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन मुख्यमंत्री ने कहा- यह गलियारा बताएगा कि दूरदृष्टि रखने वाले एक नेता की मित्रता कैसे दो देशों के विश्वास में बदलती है मोदी-आबे की मित्रता पद से नहीं, विश्वास से बनी, पद बदलते रहे, मित्रता नहीं बदली "रुद्राक्ष" में शिंजो आबे सान की स्मृतियां संजोकर काशी ने दी सच्चे मित्र को श्रद्धांजलि भारत-जापान की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के क्षेत्रों तक 2027 में राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष, स्मृति गलियारा अमृत पर्व की पहली भेंट जापान के पास टेक्नोलॉजी है और भारत के पास टैलेंट, जापान के पास अनुभव है और भारत के पास युवा ऊर्जा आज जब रिश्ते डील से तय होते हैं, ऐसे समय में बिना लाभ हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना बहुत कठिन भारत सौभाग्यशाली है, हमें जापान के रूप में ऐसा ही सच्चा मित्र मिला है काशी और क्योटो दोनों अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं, दोनों ने सिखाया है कि विरासत को संभालकर भी विकास किया जा सकता है वाराणसी,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम है। यहां आने वाला हर युवा यह सीख सकेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों के भविष्य को किस तरह नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिंजो आबे सान को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारत-जापान की मित्रता हर वर्ष पहले से और अधिक मजबूत होती जाए। वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलियारा केवल जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे सान की स्मृतियों को संजोने वाला स्थान नहीं, बल्कि भारत और जापान की अटूट मित्रता, विश्वास और साझा विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे सान को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक है। जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और आज काशी उसी रुद्राक्ष में वहां के दोस्ती के प्रतीक जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय शिंजो आबे सान की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दोस्ती के एक नए आयाम को आगे बढ़ाने के साथ ही, 7 अक्टूबर को, ठीक 25 वर्ष पहले, आज ही के दिन 2001 में प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। हमारे प्रधानमंत्री और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच मित्रता की नींव भी उसी दौर में पड़ी थी। वर्ष 2007 में मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जापान गए। वहीं उनकी शिंजो आबे सान से पहली भेंट भी हुई थी। यह मित्रता पद से नहीं बनी थी, यह विश्वास से बनी थी। पद बदलते रहे, मित्रता नहीं बदली। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उसी मित्रता की स्मृति को समर्पित स्मृति गलियारे का उद्घाटन- इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता। जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है, तब इतिहास बदलता है मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त 2007 में प्रधानमंत्री के रूप में भारत की पहली यात्रा पर आए शिंजो आबे सान ने भारत की संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में है। 2014 में, क्योटो में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ। 2015 में, काशी की गंगा आरती में भारतीय आस्था का दर्शन किया। 2017 में, अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास कर भारत को मोबिलिटी क्रांति के नए युग में ले गए। 2018 में, शिंजो आबे सान ने प्रधानमंत्री मोदी जी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित कर दोनों देशों के संबंधों को एक पर्सनल टच दिया। दिल्ली मेट्रो, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की हर बड़ी छलांग में जापान हमेशा साथ खड़ा मिला है। आज लगभग 1400 जापानी कंपनियां भारत में कार्य कर रहीं हैं। अब भारत जापान की साझेदारी भविष्य के क्षेत्रों सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी है और भारत के पास टैलेंट। जापान के पास अनुभव है और भारत के पास युवा ऊर्जा। जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है, तब इतिहास बदलता है। पीएम मोदी और स्वर्गीय आबे शान की मित्रता ऐसी ही थी। 2021 में उन्हें भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह एक सच्चे मित्र का सम्मान था। सितंबर 22 में प्रधानमंत्री जी स्वयं अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था। जापान के रूप में सच्चा मित्र मिला मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है, निज दुख गिरि सम रज करि जाना, मित्रक दुख रज मेरु समाना, यानी अपने पहाड़ जैसे दुख को धूल समझे और मित्र के धूल जैसे दुख को पहाड़, यही मित्रता की कसौटी भी है। आज की दुनिया में जब रिश्ते डील से तय होते हैं, ऐसे समय में बिना लाभ हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना बहुत कठिन है। भारत सौभाग्यशाली है, हमें जापान के रूप में ऐसा ही सच्चा मित्र मिला है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित हैं यानी विश्वास पर आधारित हैं। जापान के पास प्रिसिजन है, उत्तर प्रदेश के पास स्केल मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष फरवरी में मुझे जापान जाने का अवसर मिला। टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में बैठकर मैंने जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को नजदीक से देखा। जिस यामानाशी में आबे सान ने पीएम … Read more

अयोध्या में दिखेगा रामायण का भव्य संसार, पुष्पक विमान से फ्लोटर्स तक होंगे मुख्य आकर्षण

दीपोत्सव-2026 विशेष दीपोत्सव-2026 में दमकेगी रामनगरी, प्रमुख मार्गों से घाट तक दिखेगी आस्था की भव्य तस्वीर अयोध्या में दिखेगा रामायण का भव्य संसार, पुष्पक विमान से फ्लोटर्स तक होंगे मुख्य आकर्षण रामायण थीम पर सजेगी अयोध्या, 20 सेल्फी प्वाइंट और भव्य द्वारों की श्रृंखला बढ़ाएंगे आकर्षण अयोध्या आने वाले मुख्य मार्गों से 'धर्म पथ' तक और चौराहों से सरयू तट तक होगी थीम आधारित सजावट दीपोत्सव-2026 में दिखेगा अयोध्या का दिव्य और भव्य स्वरूप: पर्यटन मंत्री लखनऊ/ अयोध्या दीपों की रोशनी से निखरने वाली रामनगरी इस बार कलात्मक सजावट और रचनात्मक आकृतियों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रमुख चौराहों से लेकर प्रवेश मार्ग, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक रामायण की थीम पर भव्य सज्जा नजर आएगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। रामनगरी में सजावटी द्वार, वे-फाइंडर, सेल्फी प्वाइंट और मंच के साथ राम रथ व पुष्पक विमान की झलक भी दिखाई देगी। वहीं, सरयू की लहरों पर आकर्षक फ्लोटर्स दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगे।  दीपोत्सव-2026 के तहत अयोध्या में छह से आठ नवंबर तक विभिन्न आयोजन होंगे। 7 नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे। ये प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास होंगे।  राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी पॉइंट  दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। हर इंस्टॉलेशन की थीम, डिजाइन और निर्माण शैली अलग होगी। इनमें अयोध्या और दीपोत्सव की झलक कलात्मक अंदाज में नजर आएगी। त्रि-आयामी कलाकृतियां आयोजन स्थलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ आगंतुकों के अनुभव को भी खास बनाएंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि ये दीपोत्सव-2026 की सजावट का हिस्सा बनने के साथ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनें। इसी कड़ी में लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक कलात्मक स्थापनाएं (आर्ट इंस्टालेशन) तैयार की जाएंगी। नए कलेवर में नजर आएगा राम कथा मंच 'दीयों के उत्सव' के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए रामकथा पार्क का स्थायी मंच नए कलेवर में नजर आएगा। यहां ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था के साथ एलईडी स्क्रीन, थीम आधारित रंगीन कपड़े आदि का इस्तेमाल होगा। दोनों ओर सीढ़ियां, पुष्प सज्जा, रंगोली, पर्दे और मंच पर बैठने की व्यवस्था भी होगी। मौजूदा ढांचे के अनुरूप ही डिजाइन तैयार किया जाएगा। वहीं, राम कथा पार्क के प्रवेश और निकास को आकर्षक बनाने के लिए सजावटी गेट का निर्माण होगा। प्रत्येक द्वार का डिजाइन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक प्रतीकों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा।  अयोध्या के प्रमुख मार्गों की सजावट  दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रवेश मार्गों की तस्वीर इस बार नए रंग-रूप में नजर आएगी। शहर के प्रमुख हाईवे और 'धर्म पथ' पर रामायण की थीम से सजे 10 भव्य द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से अयोध्या आने वाले मार्गों के साथ धर्म पथ पर बनने वाले इन द्वारों की सजावट में हर गेट की अलग पहचान होगी। आकर्षक डिजाइन, थीम आधारित सज्जा और रोशनी से सजे ये प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचते ही दीपोत्सव की भव्यता का एहसास कराएंगे।  पुष्पक विमान, खींचेगा ध्यान  राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन आकर्षण का केंद्र बनेगा। वहीं रामायण की कथा को जीवंत करते हुए राम रथ और झांकी तैयार की जाएगी। राम की पैड़ी के पास राम दरबार की भव्य प्रस्तुति होगी, जबकि रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। प्रमुख मार्गों पर फ्लैग पोल लगाकर आयोजन की भव्यता बढ़ाई जाएगी। वहीं सरयू और राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींचेंगे। इनके अतिरिक्त राम रथ, राम दरबार, भरत मिलाप मंच विशेष के आकर्षण होंगे।   अयोध्या की आभा होगी अविस्मरणीय  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की भव्यता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नए रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। रामायण की थीम पर होने वाली सजावट, कलात्मक स्थापनाएं और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रामनगरी के दिव्य और भव्य स्वरूप का नया अनुभव कराएंगी। हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव की आभा अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति के मन में अविस्मरणीय छाप छोड़े। आधुनिक रचनात्मकता को नया आयामः अमृत अभिजात   अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। रामायण की थीम पर तैयार सजावटी द्वार, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और मनमोहक प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें लंका कांड समेत रामायण के प्रमुख प्रसंगों को बेहद सरल भाषा में एक-एक पंक्ति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर के विस्तार पर जोर, लखनऊ में बड़ी कंपनियों ने खोले कार्यालय

एक लाख करोड़ के पार पहुंचा यूपी का आईटी एक्सपोर्ट   पांच साल में दोगुने से ज्यादा हुआ आईटी-आईटीईएस निर्यात, 48 हजार करोड़ से बढ़कर 1.02 लाख करोड़ के करीब   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर के विस्तार पर जोर, लखनऊ में बड़ी कंपनियों ने खोले कार्यालय   एसटीपीआई से 52,778 करोड़ और एसईजेड से 49,192 करोड़ रुपये का निर्यात   लखनऊ  यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 1,01,970 करोड़ रुपये का आईटी-आईटीईएस निर्यात हुआ। पांच साल पहले 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।   आईटी-आईटीईएस निर्यात में यह बढ़ोतरी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), दोनों में दर्ज हुई है। पांच साल के आंकड़े देखें तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से कुछ ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।   एसटीपीआई से निर्यात हुआ दोगुना एसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।   एसईजेड की रफ्तार ज्यादा विशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।   दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 1,01,970 करोड़ रुपये पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।   बढ़ेंगे रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दिखाता है।

मुख्यमंत्री योगी ने सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को किया संबोधित

राज्यसभा चुनाव ने बता दिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणामः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी ने सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को किया संबोधित सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने वर्चुअली सभा को संबोधित किया  भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचानः सीएम पीएम मोदी ने असंभव को बनाया संभवः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव से ग्लोबल तक पहुंची पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्राः सीएम योगी पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को जीपीओ स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सीएम ने 'जनसेवा से देशसेवा' प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में सीएम योगी ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर प्रहार किया। कहाकि राज्यसभा चुनाव ने बता दिया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने जा रहा है। यह लड़ाई फिर 80-20 की हो गई है। 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए का हिस्सा है। पीडीए का क्या हाल होगा, यह बाद में पता चलेगा।  भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान मुख्यमंत्री ने कहाकि नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक सेवा के अहर्निश 25 वर्ष पूरे होने पर हर भारतवासी के लिए आज गौरव का दिन है। गुजरात के छोटे से गांव से निकलकर वह भारत को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। एक सामान्य कार्यकर्ता/ स्वयंसेवक ने वैश्विक स्तर पर देश को नई पहचान दिलाई। सीएम योगी ने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी ने पद व गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय भीषण आपदा के कारण गुजरात में हाहाकार मचा था और देश भर में चिंता का माहौल था तो दूसरी ओर समाज-राष्ट्र विरोधी तत्व अराजकता व अव्यवस्था का तांडव पैदा करना चाहते थे। उन स्थितियों में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्होंने गुजरात को मॉडल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया।  सीएम ने उत्तर प्रदेश की महत्ता पर डाला प्रकाश  सीएम ने कहा कि 12 वर्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया के सामने सशक्त व समर्थ देश के रूप में प्रस्तुत किया। भारत के हर नागरिक के मन में विश्वास पैदा करके एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में नए भारत के निर्माण में सफलता प्राप्त की। जब मोदी जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब प्रधानमंत्री लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी जी थे, आज प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बतौर सांसद देश को नेतृत्व दे रहे हैं।  गांव से ग्लोबल की है पीएम मोदी की यात्रा सीएम ने इसे गांव से ग्लोबल की यात्रा बताया, कहाकि इस यात्रा ने प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन और युवाओं के मन में विश्वास पैदा किया है। हर बहन को सुरक्षा की गारंटी, किसान के जीवन में खुशहाली, नौजवान के सामने रोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया है।  आर्थिक मोर्च पर सफल हुआ भारत, युवाओं के सामर्थ्य को मिल रही नई दिशा  सीएम ने कहाकि 12 वर्ष पहले भारत बॉटम-5 में गिना जाता था। भारत की गिनती सबसे खराब अर्थव्यवस्था में होती थी। प्रति व्यक्ति आय सबसे कम हुआ करती थी परंतु अब भारत ने आर्थिक मोर्चे पर टॉप-5 में स्थान बनाया है और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में भी सफलता प्राप्त की है। भारत में पहले कुछ हजार ही स्टार्टअप होते थे, आज ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। भारत दुनिया में इसकी गूंज सुना रहा है। मिशन रोजगार के तहत नौजवानों के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। आत्मविश्वास से भरा युवा देश के लिए कुछ कर गुजरने का सामर्थ्य रखता है। उसकी प्रतिभा देश की ताकत और विश्वास देश का सामर्थ्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के सामर्थ्य को नई दिशा दे रहे हैं।  भारत में है कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क सीएम ने कहा कि एक समय रेलवे की स्पीड मीटरगेज तक सीमित रह गई थी। इलेक्ट्रिफिकेशन न होने के कारण ठहराव होता था। कोलकाता से दिल्ली पहुंचने में मालगाड़ी को कई दिन लगते थे। एक ही लाइन पर मालगाड़ी व पैसेंजर ट्रेन चलती थी परंतु अब देश में कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क है। रेलवे की ब्रॉडगेज, इलेक्ट्रिफिकेशन की सुविधा के साथ ही माल ढुलाई के लिए ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर है। वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत की विश्वस्तरीय सुविधा के साथ रेलवे नित नई ऊंचाई को प्राप्त कर रहा है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी में भी भारत की उड़ान को इंगित किया। कहा कि 1947 के पहले से लेकर 2014 तक जितने एयरपोर्ट थे, आज उससे दोगुने हो गए हैं। हवाई चप्पल पहनने वाला भी अब हवाई जहाज की यात्रा कर रहा है।  हर हुनरमंद को मिल रहा सम्मान सीएम ने कहा कि पहले यूपी में एक जिला-एक माफिया सत्ता के समानांतर सत्ता चलाते थे, लेकिन अब एक जिला- एक मेडिकल कॉलेज, एक उत्पाद, एक व्यंजन है। हर हुनरमंद कारीगरों व हस्तशिल्पियों को सम्मान मिल रहा है। सेवा के संकल्प का कार्यक्रम भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।  कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार है डिजिटल इंडिया सीएम ने कहाकि पहले आवास समेत अन्य सुविधाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जब जनधन अकाउंट खोले जा रहे थे तो लोग डिजिटल इंडिया का मखौल उड़ाते थे, कहते थे कि अकाउंट खोलकर गरीब का मजाक उड़ाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार था। अब डीबीटी के जरिए महिला, किसान, युवा, गरीब, श्रमिक आदि लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसा जाता है।  पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया। 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, रसोई गैस का कनेक्शन, स्टार्टअप का इकोसिस्टम, हाईवे-एक्सप्रेसवे का बेहतरीन नेटवर्क, यूपी में … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला यूपी, माफिया मिट्टी में मिले: मुख्यमंत्री योगी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। माफिया मिट्टी में मिल गए और विरासत प्रदेश की नई पहचान बन गई। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर इसके उदाहरण हैं। भव्य-दिव्य कुंभ और मथुरा-वृंदावन की चहल-पहल भी नए उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहचान है।   मुख्यमंत्री योगी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन पर सेवा यात्रियों और युवाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई यात्रा में भाजपा युवा मोर्चा के एक हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।   गुजरात का अनुभव आज पूरा भारत देख रहा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को गुजरात की धरती पर एक करिश्माई नेतृत्व का आगमन हुआ। उस समय भुज के भूकंप से गुजरात त्रस्त था। कई महीनों तक भूकंप के झटके आते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात फिर खड़ा हुआ और मॉडल स्टेट के रूप में सामने आया।   उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्ष पहले गुजरात से जो यात्रा शुरू की, उसका अनुभव आज पूरा भारत ले रहा है। भारत सुरक्षित और समृद्ध हुआ है तथा वैश्विक मानचित्र पर एक ताकत के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।   हर गांव और जिले को बनना होगा आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन विकसित और आत्मनिर्भर भारत का है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब हर जिला, गांव, कस्बा और राज्य खुद को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा संकल्पों के अभिनंदन के साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना का भी एहसास करा रही है। युवाओं की यही ऊर्जा 2047 में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में लगेगी।   सपाई की नजर पड़ते ही जमीन उसकी हो जाती थी पूर्व की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले जिस जमीन पर माफिया खड़ा हो जाता था, वह उसकी हो जाती थी। जिस जमीन पर किसी सपाई की नजर पड़ जाती थी, मानकर चलिए वह जमीन उसकी हो गई। बेटियां सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं निकल सकती थीं और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। पर्व और त्योहार से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव शुरू हो जाते थे। प्रदेश उस समय पहचान के संकट से गुजर रहा था। आस्था ने वडनगर को काशी से जोड़ा यात्रा के जरिए वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जबकि वाराणसी का जल हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह यात्रा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को साकार कर रही है। युवाओं ने गर्मी, बारिश और अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करते हुए यात्रा पूरी की।   मुख्यमंत्री योगी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अभियान नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। 35,263 किलोमीटर का सफर वडनगर से काशी तक सेवा संकल्प यात्रा में एक हजार से अधिक कार्यकर्ता 500 बाइक से निकले। 20 रूट पर 35,263 किलोमीटर का सफर तय करते हुए यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों तक पहुंची।   यात्रा के दौरान 25 तरह की गतिविधियों के तहत 1,518 सेवा कार्यक्रम, 13,239 पौधरोपण, 516 स्वच्छता अभियान, 147 लाभार्थी संवाद, 143 युवा संवाद और 122 ग्राम सभाएं हुईं। युवाओं ने सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान चलाए। प्रधानमंत्री मोदी भी यात्रा के क्रम में युवाओं से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।   मोर की रंगोली में विकास की झलक कार्यक्रम स्थल पर मोर के आकार की विशाल रंगोली में केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक कल्याण के संदेश उकेरे गए। मुख्यमंत्री योगी ने महिलाओं और छात्राओं के साथ तस्वीर खिंचवाई और छात्राओं को टॉफी दी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई और सेवा संकल्प यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य समेत जनप्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता व आमजन मौजूद रहे।

प्रदेश में एक लाख से अधिक किसानों ने किया ई-केसीसी पोर्टल या एप के जरिए आवेदन

डिजिटल केसीसी में यूपी ने रचा इतिहास, बना देश में नंबर वन प्रदेश में एक लाख से अधिक किसानों ने किया ई-केसीसी पोर्टल या एप के जरिए आवेदन आठ महीने में एक लाख का आंकड़ा पार करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश 95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे, 42 हजार के साथ हरियाणा देश में तीसरे स्थान पर डबल इंजन की सरकार बनी किसानों के लिए वरदान, घर बैठे ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठा रहे लघु और सीमांत किसान लखनऊ,  खेती-किसानी में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उत्तर प्रदेश ने डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड (ई-केसीसी) के क्षेत्र में देश में नया मुकाम हासिल किया है। प्रदेश में अभी तक एक लाख से अधिक किसान ई-केसीसी पोर्टल या एप के जरिए आवेदन कर चुके हैं। महज आठ महीने में एक लाख का आंकड़ा पार करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत फरवरी में नाबार्ड द्वारा संचालित डिजिटल केसीसी सुविधा का शुभारंभ किया, जिसके बाद प्रदेश में इस पहल ने रफ्तार पकड़ी। खासकर लघु और सीमांत किसानों के लिए डबल इंजन सरकार की यह योजना कृषि ऋण तक पहुंच को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। अब किसानों को ऋण लेने के लिए बार-बार बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। डिजिटल माध्यम से घर बैठे आवेदन और प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलने से किसानों को समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। कर्नाटक, हरियाणा और अन्य राज्यों से काफी आगे निकला यूपी डिजिटल केसीसी के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश के दूसरे राज्यों को काफी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। करीब 95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे और लगभग 42 हजार के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को बड़े पैमाने पर इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। बैंक जाने की जरूरत कम, घर बैठे ऋण की सुविधा परंपरागत व्यवस्था में पहले कृषि ऋण के लिए किसानों को बैंक शाखाओं में जाकर आवेदन, दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती थीं। डिजिटल केसीसी ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में रास्ता खोला है। अब किसान डिजिटल माध्यम से सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए औपचारिक कृषि ऋण व्यवस्था तक पहुंच आसान हो रही है। प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवाओं की बढ़ी सुविधा सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी में डिजिटल केसीसी का शुभारंभ किया। जिसका उद्देश्य किसानों को तकनीक के माध्यम से कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ना और ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है। शुरुआत के महज आठ महीनों में एक लाख किसानों का इसके लिए आवेदन करना प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवाओं की बढ़ी सुविधा का बड़ा उदाहरण है। डबल इंजन सरकार की किसान केंद्रित पहल डिजिटल केसीसी को किसानों की सुविधा बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार की किसान केंद्रित नीतियों के बीच डिजिटल माध्यम से ऋण सुविधा का विस्तार खेती की जरूरतों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक लाख से अधिक किसानों का ई-केसीसी के लिए आवेदन करना इस पहल की बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का लोकार्पण, अकी आबे के साथ मुख्यमंत्री योगी ने किया अनावरण

प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी   रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का लोकार्पण, अकी आबे के साथ मुख्यमंत्री योगी ने किया अनावरण   भारत-जापान की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बनेगा स्मृति गलियारा, नई पीढ़ी के लिए होगा ‘क्लासरूम’   नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में विकसित होगी जापानी सिटी, यामानाशी बना ग्रीन हाइड्रोजन पार्टनर   जापान के पास टेक्नोलॉजी और यूपी के पास स्केल, सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंची दोनों देशों की साझेदारी   प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन मित्र आबे की स्मृति को काशी में मिला स्थायी स्थान   दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी   वाराणसी  प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह रिश्ता पद से नहीं, विश्वास से बना था। पद बदलते रहे, लेकिन मित्रता नहीं बदली। सात अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उनके मित्र आबे की स्मृति को समर्पित गलियारे का उद्घाटन इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।   मुख्यमंत्री योगी बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जापान की पूर्व प्रथम महिला और शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ कॉरिडोर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। कहा कि जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और अब काशी उसी रुद्राक्ष में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है।   2007 में हुई थी दोनों नेताओं की पहली मुलाकात मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे। वहीं उनकी शिंजो आबे से पहली मुलाकात हुई। उसी वर्ष आबे ने भारत की संसद में कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में। वर्ष 2014 में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ और 2015 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी में गंगा आरती देखी।   वर्ष 2017 में दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 2018 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है तो इतिहास बदलता है।   अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2021 में शिंजो आबे को भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। उन्होंने कहा, “यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।”   गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज की दुनिया में बिना लाभ-हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना कठिन है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, जबकि भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट यानी विश्वास पर आधारित हैं।   500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 1400 जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी और अनुभव है तो भारत के पास टैलेंट और युवा ऊर्जा है।   इसी वर्ष फरवरी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। उन्होंने 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को करीब से देखा। यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पार्टनर है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईडा क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क भी बनाई गई है। जापान के पास प्रिसिजन है तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, 25 करोड़ लोगों का बाजार, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स और एक्सप्रेसवे व एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क है।   जापान की आस्था का रास्ता यूपी से मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे और यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है और उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी’। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी और संकिसा भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े तीर्थ हैं। इसलिए जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने विरासत को संभालकर विकास करना सिखाया है।   मुख्यमंत्री योगी ने आबे मेमोरियल कॉरिडोर को नई पीढ़ी के लिए जीवंत क्लासरूम बताया। कहा कि यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है।   आबे को याद कर छलके अकी के आंसू जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे पति शिंजो आबे को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा लगाव और आत्मीय संबंध था। वर्ष 2015 में काशी आने के बाद वह उनसे गंगा आरती और वाराणसी की यादें साझा करते थे। तभी से उनके मन में भी वाराणसी आने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज उनके पति जीवित होते तो अपने नाम पर बने इस स्मारक को देखकर बहुत खुश होते। यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक आए।   अकी आबे ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी बाहरी दीवारों पर 108 रुद्राक्ष लगे हैं। जापान में भी 108 की संख्या का विशेष महत्व है और नया कार्य शुरू होने पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं।   मुख्यमंत्री योगी ने अकी आबे को … Read more

सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे मोदी, मुख्यमंत्री योगी बोले- 25 वर्षों की यात्रा ने भारत को दी नई पहचान

गांव से ग्लोबल तक की यात्रा है प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा: मुख्यमंत्री योगी   राज्यसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री बोले- फिर 80-20 की लड़ाई, 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए   पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित   सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे मोदी, मुख्यमंत्री योगी बोले- 25 वर्षों की यात्रा ने भारत को दी नई पहचान   2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का आह्वान, सेवा ज्योति लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे कार्यकर्ता   फ्रैजाइल-5 से टॉप-5 में पहुंचा भारत, स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार : मुख्यमंत्री योगी   सेमीकंडक्टर से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक आत्मनिर्भर हो रहा भारत, 12 से अधिक बड़े चिप उद्योगों का किया उल्लेख   यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की जगह अब मेडिकल कॉलेज, ओडीओपी और कुजीन बनी पहचान   डिजिटल इंडिया का मजाक उड़ाने वालों को जवाब, बोले- डीबीटी से अब पूरा पैसा पहुंच रहा लाभार्थियों के खाते में   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को गांव से ग्लोबल और जनसेवा से राष्ट्र सेवा की यात्रा बताया। बुधवार को हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के एक छोटे से गांव से निकले एक सामान्य कार्यकर्ता ने वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों की यह यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन की यात्रा है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इस यात्रा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय गुजरात भीषण आपदा से जूझ रहा था और समाज व राष्ट्र विरोधी तत्व अव्यवस्था पैदा करना चाहते थे। इन परिस्थितियों में उन्होंने गुजरात की कमान संभाली और उसे मॉडल स्टेट के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री के रूप में पिछले 12 वर्षों में भारत को समर्थ और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया।   उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि नरेंद्र मोदी ने जब गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। आज नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।   हर वर्ग के जीवन में परिवर्तन की यात्रा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह 25 वर्षों की यात्रा हर बहन को सुरक्षा की गारंटी देने, अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली लाने और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं मजबूत करने की यात्रा है। 12 वर्ष पहले भारत की गिनती फ्रैजाइल-5 में होती थी, जबकि आज देश टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना चुका है। कभी देश में कुछ हजार स्टार्टअप थे, आज इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक है। मिशन रोजगार के तहत युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।   कनेक्टिविटी ने बदली देश की तस्वीर मुख्यमंत्री योगी ने रेलवे के विद्युतीकरण, ब्रॉड गेज और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत के रूप में रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट की संख्या बढ़ी है। हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार हुआ है और यूपी में इनलैंड वॉटरवे की सुविधा भी मिली है।   चिप से डिफेंस तक बढ़ी आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय भारत एक चिप के लिए दुनिया पर निर्भर था। आज देश में सेमीकंडक्टर के 12 से अधिक बड़े उद्योग या तो क्रियाशील हो चुके हैं या उनमें भारी निवेश हो रहा है। भारत चिप निर्यात की दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी देश अब हजारों करोड़ रुपये के डिफेंस उत्पाद दुनिया के देशों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि एम्स की संख्या छह से बढ़कर 23 तक पहुंची है। आईआईटी, आईआईएम और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अवसर बढ़े हैं।   यूपी की पहचान में आया बदलाव मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी में कभी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ सत्ता के समानांतर अराजकता पैदा करता था। अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ प्रदेश की पहचान हैं। हुनरमंद कारीगर और हस्तशिल्पी को उद्यमी बनाने का काम हो रहा है।   डिजिटल इंडिया और जनधन खातों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का कभी मजाक उड़ाया गया था। उन्होंने इसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार बताया। कहा कि आज डीबीटी के जरिए दिल्ली और लखनऊ से भेजा गया पैसा सीधे गरीब, महिला, किसान, युवा और श्रमिक के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन का भी उल्लेख किया।   फिर 80-20 की लड़ाई : मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन के आखिर में उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने कहा, “कल उत्तर प्रदेश के राज्यसभा के चुनाव ने बता दिया है कि विधानसभा का चुनाव परिणाम क्या होने जा रहा है।” इसके बाद उन्होंने कहा, “यह लड़ाई 80-20 की फिर आ गई है। 80 फीसदी एनडीए में और 20 फीसदी पीडीए में। पीडीए का क्या हाल होने वाला है, यह आपके सामने फिर आने वाला है।”   सेवा ज्योति लेकर विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे कार्यकर्ता मुख्यमंत्री योगी ने कार्यकर्ताओं से सेवा ज्योति को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा से राष्ट्र सेवा के 25 वर्षों की यात्रा को जनता के बीच पहुंचाने के साथ विकसित भारत के संकल्प से लोगों को जोड़ना है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।   पीएम मोदी ने देश का कायाकल्प किया : ब्रजेश पाठक उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अविरल सेवा के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। इन वर्षों में … Read more

PM आवास योजना-शहरी 2.0 में तेजी के निर्देश, पात्र परिवारों को समय पर मिलेगा पक्का घर

पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में तेजी लाने के निर्देश, पात्र परिवारों को तय समय पर मिले पक्का घर मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को दिए निर्देश, लाभार्थी चयन से आवास निर्माण तक प्रक्रिया प्रभावी बनाने पर जोर पात्र परिवारों को आवास सुविधा से वंचित न रहने देने का लक्ष्य, अनावश्यक विलंब पर सख्ती के निर्देश पीएम आवास योजना-शहरी में यूपी लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने पीएम मोदी और सीएम योगी का जताया आभार लखनऊ,   योगी सरकार में जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की प्रगति की समीक्षा की गई। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के चयन से लेकर आवास निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।  लखनऊ स्थित राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री एके शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभागीय अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता और तेजी के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी पात्र परिवार आवास की सुविधा से वंचित न रहे। पीएम आवास योजना में यूपी लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित सोमवार को प्रदेश को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एके शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी ने प्रदेश के लाखों परिवारों के अपने पक्के घर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार की प्राथमिकता है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। इसी दिशा में विभाग लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज कुमार झा, निदेशक सूडा महेंद्र बहादुर सिंह, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।