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मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को किया सम्मानित

कानपुर , 18 जून : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व मिनीकिट भी प्रदान किया।  👉 छोटेलाल- पैगूपुर 👉 राजेश कुमार त्रिपाठी- शिवराजपुर  👉 आशीष कुमार- कल्याणपुर  👉 सुनील सिंह कटियार-बिल्हौर 👉 फूल सिंह यादव- झींझक  👉  दिनेश कुमार- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 उमा सिंह- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 विपिन्न शुक्ला- श्री अन्न की मिनीकिट  👉 आशीष कुमार- श्री अन्न की मिनीकिट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

उन्नाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया,  वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है। मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। सीएम ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है। खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया सीएम ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था। कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं।  अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव  सीएम ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। सीएम ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं।  उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे  सीएम बोले,  स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई। हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा। दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन  सीएम ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है।  गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं।  विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी  सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया,  यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है। स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं  सीएम ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है। यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सीएम ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं।  उन्नाव भी बना एससीआर का अंग  सीएम ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव … Read more

देश के प्रतिष्ठित आईआईटी गांधीनगर में आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में शामिल होंगी कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिकाओं को केवल विद्यालयी शिक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक अधिगम के अवसरों से भी जोड़ रही है। इसी क्रम में आईआईटी गांधीनगर, गुजरात द्वारा संचालित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन किया गया है। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि योगी सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को नए अवसरों और राष्ट्रीय मंचों से जोड़ने के प्रयासों की भी पुष्टि करती है।  विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में चयनित प्रत्येक विद्यालय से दो छात्राएं और एक शिक्षिका भाग लेंगी। छात्राओं को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में सीखने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। डिजिटल शिक्षण, नवाचार आधारित गतिविधियों, विज्ञान एवं गणित कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की बेटियां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच रही हैं। प्रयागराज और गाजियाबाद की छात्राओं का आईआईटी गांधीनगर में चयन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की बालिकाएं अब अवसरों की मुख्यधारा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा नवप्रवर्तक बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।  पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज ने कार्यक्रम के 50 में से 46 सत्रों में भागीदारी करते हुए 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 39 वर्कशीट जमा कराईं। वहीं केजीबीवी लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेकर 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 42 वर्कशीट जमा कराईं। उत्कृष्ट सहभागिता और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दोनों विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के इस विशेष कार्यक्रम के लिए चुना गया है।  विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित छात्राएं कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। वे आईआईटी गांधीनगर के शैक्षणिक वातावरण, शोध संस्कृति और नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल को निकट से समझ सकेंगी। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा, जिज्ञासा को नई दिशा मिलेगी और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के लिए यह अनुभव नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा।

उन्नाव में सड़क, शिक्षा और आवासीय विकास को नई रफ्तार, 101 योजनाओं का शुभारंभ

उन्नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के विकास को आज एक नई रफ्तार मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिले को 570 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 101 विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफा मिला है. योजनाओं से उन्नाव के शहरी और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. इन 101 परियोजनाओं में उन्नाव के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई अहम काम शामिल हैं. किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?     आवासीय सुविधाएं: लोगों के रहने के लिए सरकारी आवासीय परिसरों का विस्तार.     सड़क और कनेक्टिविटी: जिले की सड़कों को चौड़ा और मजबूत करना ताकि आवागमन आसान हो सके.     शिक्षा का विकास: नए शिक्षण संस्थानों और कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण.     ग्रामीण विकास: ग्राम पंचायतों में नए पंचायत भवनों का विकास.     रोजगार: युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने वाली योजनाएं. लोकार्पण होने वाली मुख्य परियोजनाएं उन्नाव सदर: ₹224 करोड़ की लागत से शहीद गुलाब सिंह लोधी प्रशिक्षण विद्यालय की क्षमता को दोगुना करने के लिए आवासीय और अनावासीय भवनों का निर्माण. साथ ही ₹75 करोड़ से अधिक की लागत से मंधना-गंगा बैराज-शुक्लागंज-पुरवा-मोहनलालगंज मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण. भगवंतनगर: ₹4 करोड़ से बीघापुर में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण कक्ष का निर्माण. इसके अलावा ₹3 करोड़ से अधिक की लागत से नगर पंचायत अचलगंज में कल्याण मंडपम का निर्माण. शिलान्यास होने वाली मुख्य परियोजनाएं उन्नाव सदर: ₹26 करोड़ से अधिक की लागत से धाना से जंगेश्वर होते हुए पावा मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य. ₹24 करोड़ की लागत से चांदपुर में 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' का निर्माण. इसके साथ ही ₹9 करोड़ से अधिक की लागत से नगर पालिका परिषद गंगाघाट में कार्यालय भवन का निर्माण कार्य. भगवंतनगर: ₹28 करोड़ की लागत से बिहार-सरेनी-चैनपुर-भगवंतनगर मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य. साथ ही ₹3 करोड़ से बक्सर (मां चंद्रिका देवी मंदिर) में बाईपास का निर्माण कार्य. इससे संबंधित कार्यक्रम आज यानी 18 जून, 2026 को सुबह 10:00 बजे आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) रजनी तिवारी, उन्नाव के सांसद डॉ. स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह और क्षेत्र के कई विधायक व माननीय सदस्य मौजूद रहे.

आस्था और टेक्नोलॉजी का संगम: अयोध्या में बनेगा दुनिया का पहला रामायण वैक्स म्यूजियम

लखनऊ राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद, अयोध्या एक और खास चीज तैयार हो गई है। ये शहर में आस्था, कला और पर्यटन का संगम है। ये होगा दुनिया का पहला रामायण-थीम वाला वैक्स म्यूजियम। म्यूजियम अब बनकर तैयार हो चुका है। सीएम योगी कल अपने अयोध्या दौरे पर इसका उद्घाटन करेंगे। यह म्यूज़ियम आने वालों को सीधे त्रेता युग या रामायण काल में ले जाने का वादा करता है। इसे आस्था के केंद्र और पर्यटकों के लिए एक बड़े आकर्षण के तौर पर देखा जा रहा है। यह पौराणिक कथाओं, टेक्नोलॉजी और कलाकारी का मेल दिखाते हुए एक अनोखा अनुभव देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुंचकर नगर निगम की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं रामायण वैक्स म्यूजियम और अयोध्या धाम के नए जोनल कार्यालय का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वैक्स म्यूजियम परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित भी करेंगे। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रामायण वैक्स म्यूजियम अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा। म्यूजियम में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान जी, ऋषि वशिष्ठ, रावण, मेघनाथ और जटायु सहित रामायण के 25 से अधिक प्रमुख पात्रों की जीवंत मोम प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उद्घाटन के बाद इसे आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। टिकट दरों और समय-सारिणी की घोषणा भी लोकार्पण के बाद की जाएगी। मुख्यमंत्री इसी दौरान मोहबरा बाजार क्षेत्र में 10.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए जोनल कार्यालय का भी उद्घाटन करेंगे। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यालय के शुरू होने से अयोध्या धाम क्षेत्र के नागरिकों को नगर निगम से संबंधित विभिन्न सेवाएं और सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार सुबह महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान राम कथा पार्क के निकट स्थित हेलीपैड स्थल पर घास की सफाई तथा खुले केबलों को भूमिगत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अधिकारियों ने ऋषिदेव जैन मंदिर और मनीरामदास की छावनी का निरीक्षण कर सफाई और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। महापौर ने दोनों स्थलों को विशेष रूप से सजाने-संवारने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कार्यक्रम स्थलों पर पेयजल, स्वच्छता, चूना और ब्लीचिंग का छिड़काव, एंटी-लार्वा दवा के प्रयोग, फॉगिंग तथा धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अपने इस दौरे के दौरान अयोध्या की कई अन्य विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, मुख्य महाप्रबंधक जलकल सौरभ श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राममणि शुक्ल, अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह तथा सहायक अभियंता राजपति यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पाकिस्तानी गैंग्स्टरों और ISI से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज, यूपी में पोस्टर लगाने की थी साजिश

लखनऊ  आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ करेगी। एटीएस ने इसके लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अभी तक की पूछताछ की जानकारी ली है। एटीएस को मिली जानकारी के अनुसार आरोपित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी, आबिद जट व अजमल गुर्जर के पोस्टर लगाने की तैयारी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पिछले दिनों गाजियाबाद निवासी अनस, मोहित, आरिफ, साबिर, दीपक, जतन व मेरठ निवासी मोहम्मद रेहान को आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित पाकिस्तानी गैंग्सटरों के इशारे पर पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए काम कर रहे थे। इन्हें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में आतंकी वारदातों को अंजाम देने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए आरोपितों ने कई संवेदनशील इमारतों की रेकी भी की थी। पाक गैंग्सटरों ने इन्हें पुलिसकर्मियों, नेताओं को मारने, राजनीतिक दलों के कार्यालयों व महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को निशाना बनाने को कहा था। सूत्रों के अनुसार एटीएस की टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों ने अपने कितने साथियों को आतंकी गिरोह के साथ जोड़ा था। साथ ही इन्हें पिस्तौल व कारतूस किसने उपलब्ध कराए थे। साथ ही मेरठ में लगाए गए पाकिस्तानी गैंग्सटरों के पोस्टर कहां से छपवाए गए थे। इसके लिए आरोपितों को कितनी राशि उपलब्ध कराई गई थी। आरोपितों के मोबाइल से कई फोटो व वीडियो भी मिले हैं। इन्हें दिल्ली पुलिस ने एटीएस को भेजा है। इनमें एक वीडियो तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (टीटीएच) से भी संबंधित है। टीटीएच द्वारा इंटरनेट मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें स्लीपर सेल के लिए तैयार किया जा रहा है।

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले उन्नाव से अब दिल्ली तक होगा आसान और तेज सफर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 570 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सौगातों की बारिश के बाद योगी विपक्ष पर खूब बरसे। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ परिवार तक सीमित थीं। कांग्रेस के लिए नेहरू और सपा के लिए सैफई परिवार ही सबकुछ था। आवाज उठाने वालों की आवाज बंद कर दी जाती थी। रामायण में खर-दूषण की तरह कांग्रेस और सपा में माफिया राज था। दोनों दल देश की दुर्गति के लिए जिम्मेदार हैं। दंगा-कर्फ्यूग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं, इनके दोहरे चरित्र पर हंसी आती है। सीएम योगी ने कहा कि पिछली बार वादा किया था कि विकास की हर योजना उन्नाव तक पहुंचेगी। आज उन्नाव का व्यक्ति लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली जा सकता है। डिफेंस कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के पास उद्योग लगेंगे। यहां के नौजवानों को यहीं रोजगार मिलेगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा सीएम ने ऐलान किया कि 700 एकड़ लैंड डिफेंस कॉरिडोर के लिए और 200 एकड़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ली जा रही है। उन्नाव स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल क्या जायेगा। अब जो विकास लखनऊ में होगा, वही उन्नाव में भी होगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। रायबरेली, सीतापुर भी इससे जुड़ेंगे। विकास की योजना आज को नहीं, आगामी 100 वर्ष को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों का नाम 100 वर्ष तक लोग याद रखेंगे। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी संकट से निपटा गया। संकट के लिए जिम्मेदार अमेरिका आज त्रस्त है, हमारा देश सुरक्षित है। आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगानेवालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। गरीब, महिला, किसान और नौजवानों के लिए युद्धस्तर पर योजनाएं चल रही हैं। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। अब किसी को जरूरत के लिए हाथ फैलाने की जरूरत नहीं। अधिकारी खुद लाभार्थी के घर जाकर जानकारी दे रहे हैं। पहले बिना सिफारिश और घूस कुछ नहीं मिलता था। लोग ट्वीट करते थे- देख सपाई बिटिया घबराई योगी ने कहा कि जो कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है, ये कार्य विपक्षी सरकारों को किसने रोका था? गलत लोग चुनकर जाते थे तो उनकी सोच संकुचित थी। सैफई को ही प्रदेश मान लेते थे। लेकिन आपने अच्छे लोग चुनकर भेजे हैं, इसलिए विकास हो रहा है। यूपी का युवा कभी दोनों दलों को स्वीकार नहीं करेगा, यही 2014 से कर रहा है।     काशी-वृंदावन की कृपा, त्योहारों में सुरक्षा का माहौल सीएम ने कहा कि जो भी प्रस्ताव उन्नाव के आए, सबको स्वीकार किया। यूपी पर काशी, वृंदावन, गंगा और प्रभु श्री राम की कृपा बरसती है। अब त्योहार में सुरक्षा का माहौल बनता है। उन्नाव को विकास की प्रक्रिया के लिए पैसे की कमी नहीं पड़ेगी। बिन रुके, बिन थके विकास होगा।

बिना जानकारी ईएमआई और लोन अवधि बढ़ाना पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला

 अलीगढ़  होम लोन की ईएमआई और ऋण अवधि में बिना जानकारी बढ़ोतरी करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अलीगढ़ ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है और कंपनी को अतिरिक्त जमा धनराशि ब्याज सहित लौटाने तथा ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने का निर्देश दिया है।संजय गांधी कालोनी निवासी दुर्गेश कुमार शर्मा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि वर्ष 2016 में आधार हाउसिंग फाइनेंस के अधिकारियों ने 10 से 11 प्रतिशत ब्याज दर और प्रधानमंत्री आवास योजना की सब्सिडी का लाभ मिलने की जानकारी देकर होम लोन दिलाया था। कंपनी ने कुल 7.75 लाख रुपये का ऋण वितरित किया, लेकिन बाद में उनकी जानकारी के बिना बीमा शुल्क जोड़ा गया और ऋण की शर्तों में बदलाव किए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2022 में बिना सूचना ईएमआई 9,950 रुपये से बढ़ाकर 12,387 रुपये कर दी गई तथा ऋण अवधि 20 वर्ष से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि आठ वर्षों में 10 लाख रुपये से अधिक जमा करने के बावजूद कंपनी उनके खाते में बड़ी बकाया राशि दर्शा रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से आरोपों का प्रभावी खंडन नहीं किया गया। आयोग ने पाया कि ऋण अवधि और ईएमआई में की गई बढ़ोतरी एकतरफा थी तथा शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है। आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने 15 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में कंपनी को ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने, अतिरिक्त जमा राशि ब्याज सहित लौटाने, शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया गया कि 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन किया जाए, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फार्म-टू-कंज्यूमर मॉडल से सीधे घर पहुंचेगा जैविक भोजन, किसानों को मिलेगा नया बाजार

लखनऊ प्रदेश में ‘जहर मुक्त भोजन’ का मेगा कैंपेन शुरू करने की तैयारी चल रही है। गोसेवा आयोग ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें लोगों की थाली तक सीधे खेतों से निकली सब्जियां आदि और अन्य उत्पाद पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए इस गोशालाओं को खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार पहले चरण में चयनित गोशालाओं के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे। गोसेवा आयोग ने इसके लिए ‘फार्म टू कंज्यूमर’ (खेत से सीधे उपभोक्ता तक) माडल बनाया है। गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष ने क्या बताया? गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं के सहयोग से तैयार होने वाली 100 प्रतिशत जैविक सब्जियां, फल और अनाज इसके माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचेंगे। इनके अलावा औषधीय उत्पाद, पंचगव्य घी, और शुद्ध दूध भी इस चेन का हिस्सा होंगे। इससे केमिकल-फ्री उत्पाद तैयार करने वाले स्थानीय किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, गोशालाएं ही उनका बाजार बनेंगी।  

यूपी बोर्ड की सख्त कार्रवाई, 465 स्कूलों पर गिरी गाज; मान्यता रद्द होने के बाद मचा हड़कंप

लखनऊ  माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (UP Board) ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षण संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है. यूपी बोर्ड ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है. परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है- इन स्कूलों में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से न तो कोई कक्षाएं संचालित हो रही थी और न ही कोई छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुआ था, जिसके कारण इन स्व वित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गई है। मान्यता समाप्ति के नियम और प्रावधान यूपी बोर्ड की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अधीन निर्मित परिषद विनियमों के अध्याय-सात (परिषद द्वारा संस्थाओं को मान्यता) के विनियम-11 (ढ़) में विहित प्रावधान हाईस्कूल नवीन (वनटाइम) अथवा इण्टरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो वर्ष तक कोई छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं होते अथवा कक्षाएं संचालित नहीं करते है तो विद्यालय प्रदत्त मान्यता स्वतः समझी जाएगी।  क्या कहते हैं बोर्ड के नियम यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल सक्रिय रूप से काम करने वाले संस्थानों को ही मान्यता मिलती रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम पहले से मान्यता प्राप्त संस्थानों से जुड़ी इंटरमीडिएट की वन-टाइम कक्षाओं, अतिरिक्त कक्षाओं या वैकल्पिक विषयों के लिए दी गई मान्यता पर लागू नहीं होता है। प्रभावित स्कूलों की सूची बोर्ड द्वारा सार्वजनिक जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए जारी कर दी गई है। बोर्ड के अनुसार विनियम 11(d) के अनुसार, किसी नए मान्यता प्राप्त हाई स्कूल (वन-टाइम) या इंटरमीडिएट स्तर के संस्थान को दी गई मान्यता अपने आप समाप्त हो जाती है यदि स्कूल का कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल नहीं होता है या यदि लगातार दो वर्षों तक शैक्षणिक कक्षाएं नहीं चलाई जाती हैं। प्रभावित संस्थानों के वर्गीकरण से पता चलता है कि इनमें से 306 हाई स्कूल थे, जिनमें 53 बालिकाओं के स्कूल और 253 सह-शिक्षा संस्थान शामिल हैं। शेष 159 इंटरमीडिएट कॉलेज थे, जिनमें 41 बालिकाओं के संस्थान और 118 सह-शिक्षा स्कूल शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि मान्यता वापस लिए गए स्कूलों में सह-शिक्षा संस्थानों की संख्या सबसे अधिक थी। प्रयागराज में दो दर्जन स्कूलों की मान्यता खत्म बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इंटर वनटाइम, अतिरिक्त वर्ग या किसी मान्य वर्ग के वैकल्पिक विषयों की मान्यता पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा. वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि प्रयागराज में स्थित जहां माध्यमिक शिक्षा परिषद का मुख्यालय है वहां भी करीब दो दर्जन स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई है।  इन जिलों में बंद हो रहे हैं स्कूल यूपी बोर्ड द्वारा जारी की गई लंबी सूची में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों के स्कूल शामिल है. इस सूची के अनुसार, आगरा स्थित 'श्री हर प्रसाद इंटर कॉलेज, अछनेरा', 'मां भगवती इंटर कॉलेज' और 'डी प्रिंस गर्ल्स इंटर कॉलेज' की मान्यता खत्म की गई है. फिरोजाबाद के 'सेंट पीटर्स हाई स्कूल', 'राष्ट्रीय विद्यालय शिकोहाबाद', मैनपुरी के 'राम सेवक एचएसएस', 'लोक कल्याण इंटर कॉलेज' शामिल है।  इसके अलावा प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोंडा, गोरखपुर,  देवरिया, बलरामपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, एटा, मथुरा, इटावा, कन्नौज, अलीगढ़, हाथरस, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, बरेली, हरदोई, मुरादाबाद व लखनऊ के भी कई विद्यालय इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए है. ये वे स्कूल थे जो कागजों पर तो चल रहे थे, लेकिन धरातल पर इनमें शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ी हुई थी।