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एसटीएफ के साथ जबर्दस्त मुठभेड़, आजमगढ़ में 1 लाख का इनामी बदमाश शंकर कनौजिया हताहत

आजमगढ़   उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक लाख का इनामी बदमाश शंकर कनौजिया एनकाउंटर में ढेर हो गया है। यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में शंकर कनौजिया मारा गया है। शंकर कनौजिया के साथ हथियार भी बरामद किए गए हैं।  जानकारी के अनुसार, यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में इनामी शंकर कन्नौजिया को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। शंकर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। आजमगढ़ में हुई इस मुठभेड़ में अपराधी के पास से एक कार्बाइन, एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। यूपी एसटीएफ ने बताया कि यह अपराधी 2011 से फरार था। इसके बाद वह लूट और अपहरण जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा। जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ के जहानागंज थाना इलाके में शनिवार को यूपी एसटीएफ और बदमाश में मुठभेड़ हो गई। पुलिस पर फायर कर भाग रहा एक लाख का इनामी बदमाश शंकर कनौजिया गोली से ढेर हो गया। उक्त आरोपी रौनापार थाना इलाके के हाजीपुर गांव का निवासी था।  जान से मारकर पिकअप लूटने के मामले में फरार चल रहे आजमगढ़ रौनापार थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव का निवासी शंकर कन्नौजिया वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया ने एक लाख का इनाम घोषित किया है।   11 जुलाई को मिली थी सिर कटी लाश जानकारी मुताबिक, आजमगढ़ के रौनापार थाना इलाके में 11 जुलाई को सिर कटी लाश बरामद हुई थी। जिसकी पहचान शैलेन्द्र के रूप में हुई थी। इस घटना को तीन आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था।  इन तीन आरोपियों में से दो आरोपियों को 15 जुलाई को रामछवि उर्फ दबिया और छांगुर को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि एक आरोपी शंकर कनौजिया जो कि जिले के रौनापार थाना क्षेत्र का रहने वाला था, लगातार फरार चल रहा था।  फरार आरोपी पर वाराणसी एडीजी पीयूष मोर्डिया ने इनाम घोषित किया था। फरार आरोपी शंकर कनौजिया अंर्तजनपदीय अपराधी था। आरोपी के खिलाफ हत्या, लूट, हत्या के प्रयास जैसे कुल नौ गंभीर आपराधिक मुकदमें दर्ज थे। आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। गोरखपुर से बनाई थी वारदात की योजना पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गोरखपुर से फर्जी कागजों के सहारे पिकअप बुक कर वारदात का प्लान बनाया था। 3 जुलाई को ड्राइवर शैलेन्द्र को लाटघाट बुलाकर खाद्य पदार्थ में जहरीला पदार्थ खिलाया गया, जिससे वह अचेत हो गया और उसकी हत्या कर वाहन लूट लिया गया। पुलिस ने पहले ही आरोपियों से घटना में प्रयुक्त तमंचा, फावड़ा, दो मोबाइल और पिकअप बरामद कर लिया था। 

धारा 82 नोटिस के तहत मुख्तार अंसारी की पत्नी को कोर्ट ने किया नोटिस

मऊ  उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ न्यायालय ने अहम कदम उठाया है. कोर्ट ने उन्हें आखरी 82 की नोटिस जारी की है. यह कार्रवाई उन मामलों से जुड़ी है जिनमें अफसा अंसारी पर दलित की जमीन पर कब्जा करने और अन्य आरोपों के तहत मुकदमे दर्ज हैं. नोटिस गैंगस्टर एक्ट के तहत जारी की गई है, ताकि कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. यह है मामला यूपी की मऊ पुलिस ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. अफसा लंबे समय से फरार है और मऊ न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और धारा 82 के तहत कार्रवाई का आदेश दिया था. इसी आदेश के अनुपालन में मऊ पुलिस की टीम गुरुवार देर शाम अफसा के मोहम्मदाबाद स्थित दर्जी टोला मोहल्ले के बंद आवास पर पहुंची और वहां नोटिस चस्पा कर मुनादी कराई. अफसा पर आरोप और इनाम अफसा अंसारी पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी, आपराधिक अतिक्रमण और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं. मऊ पुलिस ने उसके खिलाफ मामला संख्या 129/2020 दर्ज किया था और गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है. इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया है, ताकि अफसा देश छोड़कर न भाग सके. अफसा अंसारी 2021 से फरार है. उसके पति मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को जेल में हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद भी अफसा सामने नहीं आई. पुलिस को आशंका थी कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकती है, लेकिन वहां भी नहीं दिखी. इसके चलते मऊ और गाजियाबाद पुलिस ने उसके खिलाफ कई संपत्तियों को जब्त किया है, जिनमें 9.44 करोड़ का प्लॉट, 3.76 करोड़ की जमीन और होटल गजल शामिल हैं. पुलिस की कार्रवाई और जनता से अपील मऊ पुलिस ने सीओ सिटी धनंजय मिश्रा के नेतृत्व में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन अफसा का पता नहीं चल सका. उसके खिलाफ धारा 299 (सीआरपीसी) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और उसका नाम मक्रूल रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है. पुलिस ने जनता से अपील की है कि अफसा की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.

लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी का गठन, शिल्पकारों की आजीविका में सतत सुधार

थारू जनजाति के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का फोकस 371 समूह गठित, हर समूह को 30 हजार रिवॉल्विंग फंड और 1.5 लाख सीआईएफ  लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी का गठन, शिल्पकारों की आजीविका में सतत सुधार प्रदेश सरकार ने थारू जनजाति की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए चलाए विशेष कार्यक्रम लखीमपुर खीरी के पलिया ब्लॉक में थारू हस्तशिल्प कंपनी से कारीगरों को मिला नया मंच  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की थारू जनजाति के सशक्तिकरण और उनकी आजीविका सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि वनवासी और विशेष जनजातियां मुख्यधारा से जुड़कर न केवल सामाजिक रूप से सशक्त हों बल्कि आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सकें। इसी दिशा में प्रदेश के तीन जनपदों में थारू जनजाति के कुल 371 समूह गठित किए गए हैं। यही नहीं, प्रदेश सरकार ने इन समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए विशेष योजना बनाई है। प्रत्येक समूह को 30 हजार रुपए का रिवॉल्विंग फंड और 1.5 लाख रुपए का कम्युनिटी इंवेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) दिया गया है। इस वित्तीय सहयोग से समूहों को आत्मनिर्भर बनाने, छोटे उद्योगों की शुरुआत करने और आजीविका सुधार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी थारू समुदाय की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच देने के लिए लखीमपुर खीरी के पलिया ब्लॉक में थारू हस्तशिल्प कंपनी की स्थापना की गई है। यह कंपनी FDRVC (Forest and Development Related Value Chain) के सहयोग से स्थापित हुई है। इसका उद्देश्य थारू शिल्पकारों की पारंपरिक कला को संगठित करना, उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उत्पादों को ब्रांडिंग व मार्केटिंग के जरिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। आजीविका सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम सरकार का मानना है कि थारू समुदाय के पास प्राकृतिक संसाधनों और हस्तशिल्प की गहरी परंपरा है। इनकी कला और उत्पाद बाजार में उच्च मांग रखते हैं। लेकिन अब तक यह समुदाय संगठित नहीं था, जिस कारण इन्हें उचित मूल्य और मंच नहीं मिल पाता था। नई पहल से न केवल स्थानीय शिल्पकारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि उनकी आय में भी सतत वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री योगी का विजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते आए हैं कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है। चाहे वह वनवासी हों, वंचित वर्ग हो या विशेष जनजातियां, सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। थारू जनजाति के लिए उठाए गए ये कदम इसी व्यापक सोच का हिस्सा हैं। सरकार का कहना है कि यह प्रयास थारू जनजाति के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। आगे चलकर अन्य विशेष जनजातियों और वनवासी समुदायों को भी इसी पैटर्न पर सशक्त बनाने की योजना है।    

सीएम का निर्देश, बाढ़ प्रभावित लोगों को न होने पाए किसी भी प्रकार की असुविधा

गाजीपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी प्रवास के बाद गाजीपुर जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रशासनिक अमला सतत निगरानी में रहे, शरणालयों में रहने वाले लोगों को भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और आपदा की इस घड़ी में किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सीएम योगी ने मवेशियों के चारे, पीने के पानी की शुद्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही उन्होंने बाढ़ग्रस्त गांवों में दवाओं, एंटी स्नेक वैनम और एंटी रैबिज टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों को और तेज़ करने तथा बाढ़ पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने काशी में किया 'जनता दर्शन', हर फरियादी की सुनीं समस्याएं  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  100 से अधिक लोगों की सुनीं फरियाद, अधिकारियों को तत्काल निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील  वाराणसी  काशीवासियों के लिए शनिवार की सुबह नई आशा और विश्वास की रही, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने यहां हर फरियादी की समस्याएं सुनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुए 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में 100 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री सभी के पास गए, उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द निराकरण का  आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है।  हर पीड़ित के पास पहुंचे मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'जनता दर्शन' किया। जानकारी होते ही फरियादी सुबह ही सर्किट हाउस पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने लगभग 100 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनी और प्रार्थना पत्र लिया। मुख्यमंत्री ने आयुक्त, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी समेत आलाधिकारियों को समस्या के त्वरित निस्तारण कराने और पीड़ितों से फ़ीडबैक लेने के लिए निर्देशित किया।  सीवर कनेक्शन, सड़क, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े मामले आए 'जनता दर्शन' में पहुंचे दिव्यांग फरियादी ने नेत्रहीनों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और एक कलाकार ने प्रदर्शनी लगाने के लिए उचित दर पर हॉल की मांग की। जनता दर्शन में सीवर कनेक्शन, कच्ची सड़कों के पक्का करने, जमीन और चक रोड से सम्बंधित मामले भी आए। राजस्व से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। चंदौली से आए फरियादी ने मुआवजा न मिलने की शिकायत की। पुलिस से जुड़ीं शिकायतें भी लेकर लोग यहां पहुंचे। एक निजी स्कूल के मृतक शिक्षक की पत्नी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की।  सीएम ने दिया निर्देश- जनता का फीडबैक भी लें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समस्याओं पर कार्रवाई करते हुए त्वरित निस्तारण करने और फरियादियों का फीडबैक लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक-पुलिस के आलाधिकारी भी उपस्थित रहे।  बच्चों का भी पूछा हाल, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामना मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के साथ आए बच्चों से भी मिले। सीएम ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। सीएम ने पूछा कि स्कूल जाते हो या नहीं, पढ़ाई कैसी चल रही है। मन लगाकर पढ़ाई करना। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की भी शुभकामनाएं दीं।  

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन

दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देगी प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच हुआ मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत सीएम योगी ने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण पांडुलिपियों के संरक्षण को और तीव्रता से आगे बढ़ाने का निर्देश वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल रहे संरक्षण कार्यों के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह उनका विश्वविद्यालय परिसर में तीसरा आगमन था। विश्वविद्यालय परिवार ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच किया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार और वित्त अधिकारी सहित आचार्यों ने उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों एवं उनके संरक्षण कार्यों की प्रगति का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और कार्यों की गति और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की धरोहर इन पांडुलिपियों का संरक्षण एक सराहनीय कार्य है और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण दायित्व है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा चल रहे संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का तीसरी बार विश्वविद्यालय आगमन होना संस्कृत भाषा, विश्वविद्यालय और देववाणी के लिए गौरव और हर्ष की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पांडुलिपियों के संरक्षण के इस अभियान को गति देने में विश्वविद्यालय पूरी तरह से तत्पर है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिवार से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशिंद्र मिश्र सहित कई आचार्य और अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य

दीपोत्सव 2025 रिकॉर्ड बनाने को 32 हजार वालंटियर बिछायेंगे 28 लाख दीप योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य -एडीएम सिटी मुख्य व अन्य विभागों से 20 नोडल बनाए गए -सूचना विभाग साकेत महाविद्यालय से निकालेगा 11 झांकियां लेजर लाइट व ग्रीन आतिशबाजी से सजेगी 19 अक्टूबर की शाम अयोध्या  श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस बार राम की पैड़ी पर नौवें आयोजन के दौरान 26.11 लाख दीप प्रज्वलन का लक्ष्य रखा है । इसके लिए 28 लाख दीप बिछाने की योजना बनाई गई है। इस महायज्ञ में 32 हजार वॉलंटियर्स की सेना उतरेगी, जो दीपों को सजाने और प्रज्वलित करने का कार्य संभालेगी। 19 अक्टूबर की शाम को होने वाला यह आयोजन लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी से और भी आकर्षक होगा। प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अयोध्या के एडीएम सिटी योगेंद्र पाण्डेय को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि विभिन्न विभागों से 20 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो आयोजन की हर बारीकी पर नजर रखेंगे। दीपोत्सव की तैयारियों में स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। राम की पैड़ी को दीपों से सजाने के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं, जो भगवान राम की लीलाओं को दर्शाएंगे। इन दीपों को जलाने के लिए सरसों तेल और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग होगा, ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। रामकथा पार्क तक जाएंगी झांकियां सूचना विभाग की ओर से साकेत महाविद्यालय से 11 झांकियों का आयोजन किया जाएगा। ये झांकियां रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगी और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। इन झांकियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। झाकियां यहां से निकलकर रामकथा पार्क तक जाएंगी। मंत्रमुग्ध हो जाएंगे पर्यटक व श्रद्धालु 19 अक्टूबर की शाम को लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा। यह आतिशबाजी पर्यावरण के अनुकूल होगी, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। दीपोत्सव के इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी भारी भीड़ की उम्मीद है।रामलीलाओं का होगा मंचन।पिछले वर्ष सरयू में सामूहिक सरयू आरती का बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक बार फिर सामूहिक वर्ल्ड रिकॉर्ड सरयू आरती का बनाने का किया जाएगा प्रयास। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए: डीएम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मेडिकल टीमें भी तैनात रहेंगी। स्वच्छता के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ और सुंदर बना रहे। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25 लाख

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और काल भैरव के किए दर्शन-पूजन  श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन  विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर सीएम योगी ने की लोकमंगल और जनकल्याण की कामना – सीएम योगी को देख मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष से किया अभिनंदन वाराणसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने धर्मनगरी की आस्था परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में हाजिरी लगाई। मुख्यमंत्री ने लोकमंगल और जनकल्याण की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले बाबा काल भैरव के दरबार में दर्शन कर आरती की। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। बाबा काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने विधिविधान से पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा मुख्य रूप से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों की समीक्षा, कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए है। हालांकि, वाराणसी आगमन के बाद उन्होंने पहले बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल का आशीर्वाद लेकर परंपरा का निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे

बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए-योगी आदित्यनाथ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे – विकास परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए – मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी तैयारियां समय से करें पूरी : सीएम योगी  – सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री  – प्रोफेशनल ब्लड डोनरों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही करें : सीएम योगी  – सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कार्यवाही करें – वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं वाराणसी में गतिमान, कीमत लगभग 15000 करोड़ वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से मुआवजा वितरण हो और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि जिले में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 तक तथा कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं लगभग 15,000 करोड़ की लागत से जनपद में गतिमान हैं। कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। थानों में नियमित जनसुनवाई हो और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ऑटो-टैक्सी स्टैंड और वेंडिंग जोनों को व्यवस्थित करने का भी निर्देश दिया। सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। वाराणसी को शीघ्र टीबी मुक्त करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। गोवंश और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में बेहतर सुविधाएं, हरे चारे की उपलब्धता और बीमार पशुओं के त्वरित उपचार का प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए। साथ ही नगर निगम, पंचायती राज और पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीडीए और यूपीसीडा द्वारा आवंटित भूमि पर समय से विकास कार्य न होने पर जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। उन्होंने उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के भी निर्देश दिए। आगामी दिनों में वाराणसी दौरे पर प्रस्तावित मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत की तैयारियां समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अवसर काशी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर सहित मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीआईजी व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

गुरू जम्भेश्वर व मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 518 शैक्षिक पदों का सृजन योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी होगी दूर, प्रदेश के युवाओं को मिलेगा अवसर स्थानीय स्तर पर शिक्षण एवं शोध से जुड़े रोजगार के अवसरों का भिन्होगा विस्तार लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में कुल 518 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है। गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 273 पद तो वहीं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 245 पद सृजित किए गए हैं।  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न रहे। इन पदों के सृजन से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे। स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से न केवल शिक्षकों की कमी पूरी होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार और शोध के अवसर भी मिलेंगे। सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया व आरक्षण नियमों का पालन करते हुए की जाएंगी। पदों का विवरण गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद प्रोफेसर – 39 एसोसिएट प्रोफेसर – 78 असिस्टेंट प्रोफेसर – 156 कुल – 273 पद मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर प्रोफेसर – 35 एसोसिएट प्रोफेसर – 70 असिस्टेंट प्रोफेसर – 140 कुल – 245 पद