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61 साल बाद यूपी में लौटा जम्बूरी, प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

– लखनऊ में लगेगा सेवा, समर्पण और अनुशासन का 'महाकुम्भ', बसेगी टेंट सिटी, सीएम योगी करेंगे मेजबानी – योगी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रीगण करेंगे 29 सितंबर को भूमि पूजन, दुनिया भर की नजर   – भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित किया जाता है राष्ट्रीय जम्बूरी – देश-विदेश के 32 हजार युवा लेंगे 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में हिस्सा – इससे पहले 1964 में प्रयागराज में हो चुका है चौथे राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन – एडवेंचर, स्पोर्ट्स, विज्ञान और सांस्कृतिक आयोजनों का होगा संगम – आयोजन बनेगा युवा शक्ति का महापर्व, मिलेगी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क की सीख – 2009 में पीएम नरेन्द्र मोदी स्वयं रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा लखनऊ, प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस नवंबर एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को भारत स्काउट एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा आयोजित होने वाला यह विशाल शिविर न केवल युवाओं की ऊर्जा को दिशा देगा बल्कि वैश्विक भाईचारे का अनूठा संदेश भी फैलाएगा। कार्यक्रम 23 से 29 नवंबर तक होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे। इसके लिए राजधानी के वृंदावन योजना में एक विशाल टेंट सिटी बसाई जाएगी। सीएम योगी करेंगे मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद यह मेजबानी मिली है। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए योगी सरकार ने लखनऊ में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ गेटेड टेंट सिटी तैयार करने का निर्णय लिया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले हजारों युवा प्रतिभागियों को एक सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायी माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे आयोजन की मेजबानी करेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम 29 सितंबर को 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के आयोजन स्थल पर बनने वाली भव्य टेंट सिटी के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम 29 सितंबर को सुबह आयोजित किया जाएगा। योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, मंत्री गुलाब देवी, भारत स्काउट गाइड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह और स्टेट चीफ कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार मौजूद रहेंगे। जिस स्थान पर भूमि पूजन होगा, वहीं पर 35 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था वाली अस्थायी "गेटेड टेंट सिटी" विकसित की जानी है। 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है। युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन है जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात करेंगे। प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। अब बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 32 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जम्बूरी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं बल्कि नई पीढ़ी को नेतृत्व, जिम्मेदारी और सामाजिक दायित्व सिखाने का एक मंच है। यह आयोजन साबित करेगा कि जब युवा संगठित होकर आगे बढ़ते हैं तो वे राष्ट्र के भविष्य की दिशा बदल सकते हैं।

दीपक के परिजनों से मिले सीएम, दिया पांच लाख रुपये का चेक

गोरखपुर,  दुख और विपदा की घड़ी में हर व्यक्ति के साथ एक अभिभावक जैसे खड़े रहना, उसकी वेदना में संवेदना के साथ भरपूर मदद करना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की विशिष्ट पहचान है। दुखी-पीड़ित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और आत्मीयता का सजीव दर्शन सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार फिर देखने को मिला। बीते दिनों पशु तस्करों के हमले में मृत दीपक गुप्ता के परिजनों से मिलकर सीएम योगी ने न केवल उनकी पीड़ा पर संवेदना का मरहम लगाया बल्कि आर्थिक सहायता देकर उन्हें आश्वस्त किया कि उनके रहते परिवार को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि घटना में शामिल एक भी बदमाश को बख्शा नहीं नहीं जाएगा। सबके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के साथ कठोर सजा दिलाई जाएगी। 15/16 सितंबर की रात पिपराइच थानांतर्गत महुआचाफी गांव में पशु तस्करों ने दीपक गुप्ता की हत्या कर दी थी। इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि ग्रामीणों की पिटाई से घायल पशु तस्कर गिरोह के एक सदस्य की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार दीपक के परिजनों के सम्पर्क में बने हुए थे। इस बीच गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह दीपक गुप्ता के पिता दुर्गेश गुप्ता, मां और अन्य परिजनों से गोरखनाथ मंदिर के अपने बैठक कक्ष में मुलाकात की। उन्होंने दीपक की मौत पर  अपनी संवेदना प्रकट की और ढांढस बंधाते हुए परिजनों आत्मीय संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने दीपक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह दीपक के परिवार साथ खड़े हैं। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह भी मौजूद रहे।

मिशन शक्ति 5.0 : बेटियों का सशक्त उदय, बालिका सशक्तिकरण, शिक्षा और सुरक्षा पर केंद्रित अभियान चला रही योगी सरकार

  – रैलियों और नुक्कड़ नाटकों से समाज में गूँज रही बेटियों की आवाज़ – 23 सितम्बर को एक दिन का अधिकारी बन प्रशासनिक प्रक्रिया का अनुभव लेंगी तो 30 को स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकियों से होंगी परिचित – प्रत्येक बालिका को सशक्त, जागरूक और समाज का नेतृत्व करने योग्य बनाना है : संदीप सिंह – हर बालिका की प्रतिभा और आत्मविश्वास को निखारना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है : मोनिका रानी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाला मिशन शक्ति 5.0 पूरे प्रदेश में जोर-शोर से जारी है। सोमवार को भी प्रदेशभर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों में लाखों बालिकाओं, बालकों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया। बालिकाओं ने रैलियाँ निकाली और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर महिला सुरक्षा, शिक्षा और समाज में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया तो अभिभावकों ने संवाद स्थापित कर बालिकाओं को मार्गदर्शन किया।   प्रदेशभर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं ने अपने सशक्तिकरण और बाल अधिकारों की जागरूकता का शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर माँ दुर्गा के नवरूपों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का मंचन लगभग 45,000+ स्थानों पर किया गया, जबकि 48,000+ स्थानों पर बालिकाओं और बच्चों ने जागरूकता रैलियाँ निकालीं और बाल अधिकारों से जुड़े नारे लगाए। इस कार्यक्रम में 3,45,000+ बालिकाएँ, 2,56,000 बालक, 45,000+ शिक्षक और 1,25,000+ अभिभावक सक्रिय रूप से शामिल हुए। साथ ही, 1,61,000+ बालिकाओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे इस महायोजना ने बच्चों और समाज में सुरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास का संदेश मजबूती से पहुँचाया। ज्ञातव्य है कि 21 सितम्बर को प्रदेश के सभी KGBV विद्यालयों में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में 88 हज़ार से अधिक बालिकाओं ने भाग लिया और माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित पोस्टर बनाकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। अब मिशन शक्ति 5.0 को नारीशक्ति और सशक्तिकरण की भावना को घर-घर तक पहुँचाने के व्यापक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा देने के साथ प्रत्येक बालिका को सशक्त, जागरूक और समाज का नेतृत्व करने योग्य बनाना हमारी सरकार का लक्ष्य है। हम इस दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। मिशन शक्ति 5.0 इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। – संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश 30 सितम्बर तक इन गतिविधियों का हिस्सा बनती रहेंगी बालिकाएं 23 सितम्बर – छात्राओं को ‘एक दिन का अधिकारी’ बनाकर प्रशासनिक प्रक्रिया का अनुभव कराया जाएगा। 24 सितम्बर – ‘मीना दिवस’ का आयोजन; बालिकाओं को ‘निडर’ फिल्म दिखाकर चर्चा, रैली और नुक्कड़ नाटक। 25 सितम्बर – KGBV बालिकाओं द्वारा बैंक भ्रमण और खाता संचालन प्रक्रिया पर जागरूकता। 26 सितम्बर – विद्यालयों में ख्याति प्राप्त महिलाओं से संवाद, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और ‘सेल्फ डिफेंस क्लब’ का गठन। 27 सितम्बर – बालिकाओं का थाना/कोतवाली भ्रमण; FIR और गिरफ्तारी प्रक्रिया, साइबर क्राइम तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी। 28 सितम्बर – बाल विवाह, महिला योजनाएँ और सामाजिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक। 29 सितम्बर – बालिकाओं को उनके अधिकार और उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी। 30 सितम्बर – बालिकाओं का सरकारी अस्पतालों में भ्रमण; स्वास्थ्य जांच, परामर्श और जनजागरूकता। मिशन शक्ति 5.0 अभियान, बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का संकल्प है। हर बालिका की प्रतिभा और आत्मविश्वास को निखारना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। – मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

दाम घटने से बढ़ेगी लोगों की क्रयशक्ति, उल्लास से मनाएंगे पर्व: सीएम योगी

गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीएसटी सुधारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से देशवासियों को दीपावली का उपहार बताते हुए जीएसटी की घटी दरों को रोजगार बढ़ाने में सहायक बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी कम होने से आम उपभोक्ता की क्रय शक्ति बढ़ेगी। क्रय शक्ति बढ़ने से मांग बढ़ेगी। मांग से खपत, खपत से उत्पादन बढ़ेगा और उत्पादन बढ़ने से नया रोजगार सृजन भी होगा। सोमवार को जीएसटी रिफॉर्म पर जन जागरण पदयात्रा और व्यापारियों से संवाद करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी की घटी दरें पूरे देश में लागू कर दी गई हैं। जीएसटी में यह अब तक सबसे बड़ा रिफॉर्म है। कई वस्तुओं और सेवाओं में कर की दरों को पांच प्रतिशत या शून्य पर ला दिया गया है। जीवनरक्षक दवाओं को करमुक्त कर दिया गया है जबकि अन्य दवाओं पर कर की दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि किसानों के लिए जीएसटी पांच प्रतिशत या शून्य कर दी गई है। शिक्षण सामग्री पर कर की दर को बारह से शून्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी एक है लेकिन इसके लाभ अनेक हैं। जीएसटी रिफॉर्म अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। क्रयशक्ति बढ़ने से आम ग्राहक उल्लास और उमंग से पर्व-त्योहार मनाएगा। बाजार में मजबूती आने से खपत और उत्पादन बढ़ने का सकारात्मक असर रोजगार पर पड़ेगा। उन्होंने व्यापक जनहित में जीएसटी सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।

महिलाओं को नेतृत्व और निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर दे रहा मिशन शक्ति

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण का चेहरा बदल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का नया विश्वास दिया है। इसी कड़ी में चंदौली जिले के चहनिया ब्लॉक के रामगढ़ गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुजाता कुशवाहा ने अपने अथक परिश्रम और समर्पण से यह साबित किया है कि एक महिला कैसे पूरे समाज के जीवन में रोशनी बन सकती है। जब सुजाता दीदी ने खटखटाया दरवाजा रामगढ़ गांव के हरिश्चंद्र पासवान का बेटा आदर्श गंभीर कुपोषण से जूझ रहा था। न खेलने की ताकत, न आंखों में चमक। परिवार गरीब था और पोषण व स्वच्छता की जानकारी से वंचित। ऐसे में सुजाता कुश्वाहा ने मिशन शक्ति की भावना के साथ जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने कई बार घर का दरवाजा खटखटाया, मां-बाप को समझाया कि बच्चा समय के साथ अपने आप ठीक नहीं होगा, बल्कि सही आहार और देखभाल से ही स्वस्थ हो सकता है। यह उनकी दृढ़ता थी, जिसने एक बच्चे की जिंदगी बदल दी। निरंतर संवाद और देखभाल से मिली सफलता सुजाता ने आदर्श को आंगनबाड़ी केंद्र पर बुलाया, वजन और लंबाई की जांच करवाई, VHND सत्र पर ANM से स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने परिवार को पूरक आहार की जानकारी दी कि क्या देना है, कितनी बार देना है। साथ ही साफ पानी, हाथ धोने और स्वच्छता का महत्व भी समझाया। उन्होंने अपने संसाधनों से मूंगफली पाउडर देकर पोषण का सहयोग किया। लगातार हफ्तों तक फॉलो-अप, संवाद और आहार परामर्श से नतीजा सामने आया। आदर्श का वजन और लंबाई बढ़ी और वह अब अन्य बच्चों की तरह खेलता और मुस्कुराता है। सुजाता कुश्वाहा का यह प्रयास केवल एक बच्चे तक सीमित नहीं है। उन्होंने पूरे गांव में यह संदेश दिया कि अगर महिलाएं जागरूक हों, तो समाज में कुपोषण जैसी समस्या जड़ से खत्म की जा सकती है। सुजाता कुशवाहा कहती हैं कि हर बार समझाना पड़ा, कई बार लोग सुनते ही नहीं थे, पर मैंने हार नहीं मानी। अब जब बच्चे खेलते और हंसते हैं, तो लगता है मेरी मेहनत सफल हुई। महिलाओं को बदलाव का नेतृत्व करने की ताकत दे रहा मिशन शक्ति योगी सरकार का मिशन शक्ति अभियान महिलाओं को केवल सुरक्षा और सम्मान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें बदलाव का नेतृत्व करने की ताकत भी देता है। सुजाता कुश्वाहा जैसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसका जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने दिखा दिया कि जब महिला को सशक्त किया जाता है, तो वह पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित बना सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महिला सशक्तीकरण केवल नारा नहीं, बल्कि समाज में बदलाव का वास्तविक माध्यम बन रहा है। मिशन शक्ति ने महिलाओं को नेतृत्व और निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर दिया है। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लगन और संवेदनशीलता से न सिर्फ एक बच्चे का जीवन बदला, बल्कि पूरे परिवार में जागरूकता आई। सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ महिलाएं आज बदलाव की धुरी बन रही हैं और समाज को एक नई दिशा दे रही हैं।

दोस्ती के बहाने MBA छात्रा से दुष्कर्म, मामला दर्ज

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शादी का झांसा देकर एमबीए की छात्रा से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। जहां साथ पढ़ने वाले युवक ने पहले उसे प्रेम जाल में फंसाया फिर शारीरिक संबंध बनाया। जब युवती ने शादी करने की बात कही तो युवक उस पर भड़क गया और जान से मारने की धमकी देने लगा। युवती के शिकायत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शॉपिंग के बहाने युवती से दुष्कर्म यह पूरा मामला जिले के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। पीड़ित युवती ने बताया कि एमबीए की पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात भोजला निवासी विशाल से हुई। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हुई। इसी बीच 29 अप्रैल को विशाल युवती को शॉपिंग कराने के बहाने ग्वालियर शिवपुरी हाईवे स्थित एक होटल ले गया। फिर पीड़िता से शादी करने की बात कहकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। सुनाई उत्पीड़न की कहानी पीड़िता ने बताया कि जब मैंने युवक से शादी करने की बात कही तो वह मुझ पर भड़क गया। पीड़िता ने युवक के घरवालों से भी शिकायत की लेकिन वे लोग भी उसे धमकाने लगे। जिसके बाद पीड़िता ने थाने में न्याय की गुहार लगाई और आरोपी समेत उसके भाई बॉबी के खिलाफ सीपरी बाजार थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

‘I Love Muhammad’ अभियान ने पकड़ा जोर, मुस्लिम समाज ने निकाले जुलूस

 कानपुर  उत्तर प्रदेश के उन्नाव, बरेली, कौशांबी, लखनऊ, महाराजगंज जैसे शहरों के अलावा उत्तराखंड के काशीपुर और तेलंगाना के हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में 'I Love Muhammad' के समर्थन में मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया है. जगह-जगह जुलूस भी निकाले जा रहे हैं. इस दौरान कई जगह पुलिस और मुस्लिम समाज का आमना-सामना भी हुआ है. यूपी के उन्नाव में जुलूस के दौरान पुलिस पर पथराव का आरोप सामने आया है. यहां महिलाओं ने पुलिस की लाठियां छीनी और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर पथराव किया गया. सवाल ये है कि अचानक 'I Love Muhammad' को लेकर मुस्लिम समाज जुलूस क्यों निकाल रहा है? आखिर ऐसा क्या हुआ है कि मुसलमान I Love Muhammad को लेकर सड़कों पर आ रहे हैं? इस पूरे विवाद की पटकथा उत्तर प्रदेश के कानपुर में लिखी गई. यहां बारावफात के जुलूस के दौरान I Love Muhammad के साइन बोर्ड पर ऐसा विवाद हुआ, जिसका असर अब यूपी समेत देश के अलग-अलग शहरों में दिखने लगा है. कानपुर में I Love Muhammad साइन बोर्ड को लेकर क्या विवाद था? I Love Muhammad को लेकर पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक विवाद हुआ. ये पूरा मामला 5 सितंबर के दिन सामने आया था. कानपुर के रावतपुर में बारावफात जुलूस निकाला जा रहा था. जिस रास्ते पर जुलूस निकाला जा रहा था, उसी रास्ते पर एक जगह I Love Muhammad का साइन बोर्ड लगा दिया गया. इसको लेकर हिंदू पक्ष ने विरोध किया और आरोप लगाया कि यहां नई परंपरा शुरू की जा रही है. कानपुर में ये बवाल बढ़ता उससे पहले पुलिस सक्रिय हो गई. पुलिस ने कराया था समझौता जैसे ही I Love Muhammad साइन बोर्ड को लेकर विवाद शुरू हुआ, पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया. कानपुर पुलिस के डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, सरकार का नियम है कि जुलूस में किसी तरह की नई परंपरा नहीं डाली जाएगी. मगर बारावफात के जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने नई परंपरा डालते हुए परंपरा वाली जगह से टेंट हटाकर नई जगह लगाया और I Love Muhammad का पोस्टर भी लगाया. डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद का खात्मा किया और पुरानी परंपरा वाली जगह पर ही टेंट और साइन बोर्ड लगवा दिया. इस दौरान डीसीपी ने साफ किया कि I Love Muhammad को लेकर कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है. मुस्लिम और हिंदू पक्ष ने लगाए एक दूसरे पर पोस्टर फाड़ने के आरोप इस बीच कानपुर में मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि उसके साइन बोर्ड को फाड़ दिया गया था. हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष के जुलूस में शामिल लोगों ने उनके धार्मिक पोस्टर फाड़े. वैसे पुलिस के बीच-बचाव के बाद ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया, पर तभी एक नई घटना सामने आ गई. कानपुर पुलिस की FIR के बाद शुरू हुआ बवाल इस मामले में ट्विस्ट तब आया जब कानपुर पुलिस ने 9 सितंबर को दो दर्जन से अधिक लोगों पर केस दर्ज कर दिया. ये केस बारावफात के जुलूस के दौरान I Love Mohammad नाम के बोर्ड बनाकर नई परंपरा शुरू करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए दर्ज किया गया. रिपोर्ट में बताया गया है कि कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में 9 नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर केस किया गया. ओवैसी के एक्स पोस्ट के बाद ट्रिगर हुआ मामला 15 सितंबर को AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक एक्स पोस्ट को कोट करते हुए पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने कानपुर पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि I Love Mohammad कहना जुर्म नहीं है. अगर है तो इसकी हर सजा मंजूर है. ओवैसी ने जिस एक्स पोस्ट को कोट किया, उसमें भी दावा किया गया था कि मुस्लिम पक्ष की ओर से कथित तौर पर नई परंपरा शुरू करने को लेकर पुलिस ने केस किया है. कानपुर पुलिस ने अलग कहानी बताई वहीं कानपुर पुलिस ने दावा किया है कि आई लव मोहम्मद के लिखने या बैनर लगाने पर कोई FIR नहीं की गई, बल्कि परंपरागत स्थान से अलग हटकर नए स्थान पर बैनर लगाने और जुलूस निकालने के दौरान इस पक्ष के द्वारा दूसरे पक्ष का बैनर फाड़ने पर हुई है. कानपुर पुलिस ने अनुरोध किया इस संबंध में कोई भ्रांति न फैलाई जाए. कानपुर पुलिस की सफाई जबतक आती, तब तक देशभर में I Love Muhammad हैशटैग ट्रेंड करने लगा. देशभर में जगह-जगह मुस्लिम समाज इसके समर्थन में जुलूस निकाल रहा है. ऐसा ही जुलूस यूपी के उन्नाव में भी निकाला गया, जिस दौरान टकराव देखने को मिला है. भाजपा और सपा आमने-सामने आए हालांकि, पूरे मामले पर सपा और भाजपा आमने-सामने हैं. सपा प्रवक्ता अमीक जमाई कह रहे हैं कि यह पूरी तरह से पुलिस का फेलियर है और चाहे आई लव श्री राम हो और आई लव मोहम्मद हो बोलने की आजादी होनी चाहिए तो वहीं भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कह रहे हैं कि आप यूपी में कोई पुलिस की वर्दी को हाथ लगाएगा या कानून भंग करने की कोशिश करेगा तो तुरंत कार्रवाई होगी. मौलाना सुफियान निजामी ने इस पूरे मामले पर FIR वापस लेने की मांग की है. कानपुर में I Love Muhammad का बैनर पोस्टर लगाने पर करीब 20 से 25 लोगों पर FIR दर्ज हुई है. उन्नाव में भी बीती रात मुस्लिम मोहल्लों में दूसरे समुदाय के युवकों ने हाथों में I Love Muhammad के बैनर पोस्टर लेकर धार्मिक नारों के साथ जुलूस निकाला और आक्रोश व्यक्त किया. कानपुर पुलिस के द्वारा 4 सितंबर को सैयदनगर जफर वाली गली के सामने बारावफात रोशनी के कार्यक्रम सड़क पर लगाए गए I Love Muhammad के बैनर लगाए जाने का जब स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो उस बैनर को वहां से हटवाकर दूसरी जगह लगवा दिया था, क्योंकि विरोध था कि कभी ऐसा बैनर उस जगह लगा ही नहीं था, जिसे लगाया गया. पुलिस ने विवाद शांत करवाया था. पुलिस के अनुसार 5 सितंबर को बारावफात जुलूस के दौरान हिंदू बस्ती में चल रहे भंडारे के पोस्टर को अज्ञात मुस्लिम युवकों ने फाड़ दिया था. उन्नाव में पथराव के बाद पुलिस ने 8 … Read more

भीषण एक्सीडेंट में गई 3 छात्रों की जान, ग्रेटर नोएडा में बुलेट और टैंकर की टक्कर

ग्रेटर नोएडा  दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा में रविवार शाम बीटा-2 थाना क्षेत्र के चुहड़पुर अंडरपास के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. पानी के टैंकर की टक्कर से बुलेट मोटरसाइकिल सवार गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के तीन छात्रों की मौत हो गई. खाना खाने निकले थे तीन दोस्त जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार शाम करीब पांच बजे हुआ जब बीटेक (कंप्यूटर साइंस) के छात्र सागर, कुश उपाध्याय और बरेली सेटेलाइट कॉलोनी के समर्थ पुंडीर बुलेट मोटरसाइकिल से जीबीयू से निंबस सोसाइटी खाना खाने के लिए जा रहे थे. तीनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था. जैसे ही वो चुहड़पुर अंडरपास के पास पहुंचे, सड़क किनारे पेड़ों को पानी देते हुए धीरे-धीरे चल रहे पानी के टैंकर में उनकी मोटरसाइकिल जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए. राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया. तीसरे ने भी अस्पताल में तोड़ा दम अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सागर और कुश उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया. समर्थ पुंडीर की बुआ ग्रेटर नोएडा में ही रहती हैं. उनके अनुरोध पर समर्थ को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. पुलिस ने तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे की गहनता से जांच की जा रही है और पानी के टैंकर के चालक और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल इस दर्दनाक हादसे से छात्रों के परिजनों और विश्वविद्यालय में शोक का माहौल है.

पिपराइच कांड: CM योगी ने दीपक गुप्ता के परिवार से मुलाकात कर दी 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद

पिपराइच पिपराइच इलाके में बीते दिनों पशु तस्करों द्वारा मारे गए युवक दीपक गुप्ता के परिजनों से सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दीपक गुप्ता के माता-पिता और चाचा को सांत्वना दी और ₹5 लाख की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपक गुप्ता के पिता के कंधे पर हाथ रखकर भरोसा दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दीपक के हत्यारों और पशु तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।

जनता दर्शन में 250 लोगों की समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री ने, निस्तारण के लिए अफसरों को दिए निर्देश

हर जरूरतमंद को दिलाएं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ : सीएम योगी जनता दर्शन में 250 लोगों की समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री ने, निस्तारण के लिए अफसरों को दिए निर्देश जनकल्याण के कार्यों को सदैव प्राथमिकता दें अधिकारी : मुख्यमंत्री गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर शक्ति की उपासना से पहले जनसेवा की। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और प्रभावी निस्तारण के लिए अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।  सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक सीएम योगी खुद पहुंचे और एक एक करके सबकी समस्याओं को सुनते हुए आश्वस्त किया हर समस्या का समयबद्ध, पारदर्शी व संतुष्टिपरक निस्तारण किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 250 लोगों की समस्याएं सुनीं। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की रही। इस दौरान एक महिला ने राशन कार्ड न होने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनकी समस्या को संवेदनशीलता से देखें। राशन कार्ड की व्यवस्था के साथ पात्रता के अनुसार पेंशन योजना का भी लाभ दिलाएं।  जमीन कब्जा करने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गरीबों की जमीन पर कब्जा न होने देने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही कहा कि राजस्व व पुलिस से संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई हो। सीएम योगी ने कहा कि अधिकारी जन कल्याण के कार्यों को सदैव प्राथमिकता पर रखें और हर पीड़ित की समस्या का त्वरित निस्तारण करना सुनिश्चित करें। इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि पैसे के अभाव में किसी इलाज नहीं रुकने पाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस्टीमेट की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध कराएं। शासन से इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।