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पूर्वी और पश्चिमी यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, 7 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। वहीं, कई जगहों पर लोग अभी भी गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश के संभावना जताई गई है। वहीं, कई हिस्सों में आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। यूपी में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 5 से 7 जुलाई के दौरान हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, 8 से 11 जुलाई तक इस हिस्से में झमाझम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश: प्रदेश के इस हिस्से में 5 से 8 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं, 9 से 11 जुलाई के बीच मानसून बढ़ने से पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में 5 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 6 से 8 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।  

यमुना के तट पर बने पार्क में तीन विभूतियों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी बाजपेई और अशोक सिंघल की भव्य कांस्य प्रतिमाओं का होगा लोकार्पण

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। सीएम यमुना किनारे बोट क्लब के पास प्रेरणा पार्क का लोकार्पण करेंगे, जहां पर वह राष्ट्र की तीन विभूतियों की प्रतिमाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। सीएम प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के नए व पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे। सीएम करेंगे प्रेरणा पार्क का लोकार्पण संगम नगरी प्रयागराज में कालिंदी के तट युवाओं और पर्यटकों के लिए राष्ट्रवाद और सशक्त भारत के विभूतियों की प्रेरणा की स्थली भी बनेगी । नगर निगम प्रयागराज द्वारा यमुना तट पर स्थित कालीघाट के समीप भव्य प्रेरणा पार्क का विकास किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसका लोकार्पण करेंगे। नगर निगम प्रयागराज के महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी का कहना है कि एक करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य पार्क का निर्माण किया गया है। पार्क में जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण मुख्यमंत्री करेंगे। राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण के प्रेरणास्रोत रहे इन तीन महापुरुषों के जीवन मूल्यों एवं विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रेरणा पार्क का निर्माण कराया गया है। यह स्थल न केवल श्रद्धांजलि का केंद्र होगा, बल्कि युवाओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा। इन विभूतियों की प्रतिमाओं के आसपास उद्यान, प्रकाश व्यवस्था, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए गए हैं। एकता नौका रेस को सीएम दिखायेंगे हरी झंडी, जनसभा का होगा आयोजन कालिंदी की लहरें नौका रेस की साक्षी भी बनेगी। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मजबूत अखंड भारत के विचारों से भारत की एकता को सुदृढ़ करने करने वाले राष्ट्रीय एकता के नायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद में यमुना में एकता नौका रेस का भी आयोजन किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ एकता नौका रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस रेस में दो दर्जन से अधिक नौकाएं शामिल होंगी। सीएम काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क में ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री परेड ग्राउंड स्थित मेला प्राधिकरण के सभागार आएंगे । सीएम योगी यहां लोक निर्माण व अन्य विभागों के प्रयागराज जोन के 2500 करोड़ रुपये से अधिक के 1553 कार्यों की समीक्षा करेंगे।

रविवार को 10,167 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 67.3 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने दी प्रवेश परीक्षा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। योजना के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में पंजीकृत 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राओं ने रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। यानी करीब 67.3 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज हुई, जो योजना के प्रति युवाओं के बढ़ते भरोसे और उत्साह को दर्शाती है। 18 मंडलों के 29 केंद्रों पर हुई परीक्षा समाज कल्याण विभाग की ओर से 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के 18 मंडलों के मंडलीय जनपदों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न आवासीय कोचिंग सेंटरों में प्रवेश दिया जाएगा। नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होंगी, जबकि शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा। 865 अभ्यर्थियों को मिलेगी निशुल्क आवासीय सुविधा प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवासीय सुविधा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इनमें 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने लेटरल एंट्री के तहत प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। चयनित छात्रों को रहने, खाने, पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। गरीब और मेधावी युवाओं के लिए बनी बड़ी राहत योगी सरकार की यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये खर्च होने के कारण कई मेधावी छात्र तैयारी से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल गरीब और होनहार युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन रही है। प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ेगी वंचित वर्ग की भागीदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के सपनों में बाधा न बने। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन मिलने से अब वंचित वर्ग के युवाओं की प्रशासनिक सेवाओं में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव को भी नई दिशा मिलेगी। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे यूपीएससी और यूपीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें। संजीव सिंह, निदेशक, समाज कल्याण विभाग

परिवहन विभाग की ईवी नीति का असर, प्रदेश में अब तक 96 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन विभाग द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। इसके तहत योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए।   उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। वहीं प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना इस दिशा में शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। प्रदेश सरकार ने इसी विजन के साथ 210 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी का भुगतान कर नया कीर्तिमान बनाया है। 43 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिली सब्सिडी परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 43,218 लाभार्थियों को अंतिम रूप से ईवी क्रय सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना का लाभ बड़ी संख्या में आम नागरिकों तक पहुंचा है और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं। तीन वर्षों में 210 करोड़ रुपये की सब्सिडी योजना शुरू होने के बाद पहले लगभग तीन वर्षों के दौरान योगी सरकार ने रिकॉर्ड 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं की शुरुआती लागत कम हुई है। परिवहन विभाग ने योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण एवं आवेदनों का लाइव काउंटर भी उपलब्ध कराया है। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला सबसे अधिक लाभ ईवी क्रय सब्सिडी योजना के अंतर्गत सबसे अधिक लाभ दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 61,417 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। कम कीमत, कम संचालन लागत और दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त होने के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिलों की मांग तेजी से बढ़ी है। योजना की मूल संरचना में भी दोपहिया वाहनों को विशेष महत्व देते हुए 2 लाख दोपहिया वाहनों तक सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। सभी श्रेणियों के वाहनों को प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार ने केवल दोपहिया वाहनों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि 25 हजार चारपहिया, 400 ई-बस और 1,000 ई-गुड्स कैरियर वाहनों को भी सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया। इससे निजी उपयोग के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और माल परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने की दिशा में ठोस पहल हुई है। पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और परिवहन खर्च में आ रही कमी इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने, वायु प्रदूषण घटाने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही आम नागरिकों के परिवहन खर्च में भी कमी आ रही है। यही कारण है कि प्रदेश में ईवी अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।

योगी सरकार 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में चलाएगी सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा।  इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है।  योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी।  योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी। समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। महिला किसानों के सशक्तीकरण पर रहेगा विशेष फोकस अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।

यूपी में तीसरी जीत का लक्ष्य, सांसद-विधायकों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने की नसीहत

लखनऊ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक में आपसी खींचतान से तौबा करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि आपस में समन्वय बनाएं। संगठन के साथ भी तालमेल बेहतर रखें। आपसी खींचतान से पार्टी को नुकसान होता है। उन्होंने राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी और यूजीसी मामले पर भी अनर्गल टिप्पणी से बचने के निर्देश दिए। नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में शनिवार को गोमतीनगर स्थित होटल में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता, भ्रष्टाचार और जातिवाद की पहचान बन चुका था, भाजपा सरकार ने उसे विकास और सुशासन की पहचान दी है। विपक्षी सरकारों ने यूपी की छवि देशभर में धूमिल कर दी थी, भाजपा ने सम्मान और विश्वास दोनों लौटाए। यूपी में पहले कानून का नहीं, बाहुबलियों और क्षत्रपों का समानांतर राज था। विपक्षी सरकारों ने युवाओं, किसानों और महिलाओं की उम्मीदें तोड़ीं, भाजपा सरकार ने उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मान दिया। यूपी में तीसरी बार भाजपा की जीत दिलानी है उन्होंने कहा कि यूपी में लगातार तीसरी बार भाजपा को बड़ी जीत दिलानी है। सभी मिलकर काम करें। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान विधायकों और सांसदों के बीच कई जगह टकराव के मामले आए थे। इसीलिए आपस और संगठन के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही है। भाजपा के सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों को अभी से हर मतदाता तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं व पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा। संगठन में काम के लिए खुद बढ़ें आगे नितिन नवीन ने कहा कि सभी सांसद और विधायक खुद संगठन के काम के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि अगर आप जिला अध्यक्ष से कहेंगे कि अपनी टीम में मेरा भी एक नाम जोड़ लीजिए तो वह आपको स्वयं सम्मान देगा। अगर आपने सोचा मैं जिला अध्यक्ष के ऊपर हूं, तो उस दिन से आपके लिए समस्या खड़ी होनी शुरू हो जाएगी। अब आप सबको खुद तय करना है कि आपको क्या चाहिए और अगर आप खुद तय कर सकते हैं, तो निश्चित रूप से राजनीति में आपके भविष्य उज्जवल होंगे। सांसदों और विधायकों से कहा कि आप क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखें। बूथ स्तर तक संपर्क में रहें। आप स्वयं के बजाय पार्टी को ज्यादा महत्व दें। पार्टी से बड़ा कुछ नहीं होता है। जातियों की खींचतान से बचने और इससे दूरी बनाए रखने की भी नसीहत दी है। चंदे में हेरफेर करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई अयोध्या के राममंदिर में चंदा की रकम में हेरफेर पर प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद विधायकों और सांसदों की बैठक में भी की। इस मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस घटना से हिंदू समाज के साथ हम सभी आस्थावान लोग भी व्यथित हैं। घटना सामने आने के बाद सरकार और ट्रस्ट ने उचित कार्रवाई की है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो रही है, आगे भी होगी। हमें ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सावधान रहने की जरूरत है। इस मुद्दे को विपक्ष के वही लोग हवा देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी प्रभु श्रीराम में आस्था नहीं है। यही लोग मंदिर नहीं बनना देना चाहते थे। विपक्ष के लिए राम मंदिर सिर्फ एक मुद्दा है और हमारे लिए आस्था का केंद्र है। यूजीसी पर पर भी दी नसीहत यूजीसी के मुद्दे पर भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुलकर अपनी बात रखी। हम भी मानते हैं शब्दों के चयन में कुछ गलतियां हुई हैं। इसे ठीक भी कर दिया गया है, लेकिन इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अगर किसी परिवार में गलती होती है तो उसे मुद्दा नहीं बनाया जाता। भाजपा भी परिवार है। इस मुद्दे पर जातियों में बंटकर विरोध जताना उचित नहीं है। इसका फायदा विपक्ष उठाता है। हमें तो एकजुट होकर विपक्ष के भ्रामक सवालों का मुखरता से जवाब देना चाहिए।

यूपी भाजपा में चुनावी बिगुल, नितिन नवीन ने दिया संगठन को जीत का मंत्र

 लखनऊ राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार शनिवार को लखनऊ पहुंचे नितिन नवीन ने पार्टी के चुनावी रण का आगाज़ करते हुए दावा किया कि 2027 में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को विपक्ष के नकारात्मक मुद्दों का पूरी आक्रामकता के साथ न केवल जवाब देना होगा बल्कि जनता को मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों के साथ सच्चाई सामने रखनी होगी। नितिन नवीन ने ये बातें पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उप मुख्यमंत्रियों केशव व ब्रजेश पाठक और राज्य सरकार के मंत्रियों ने नितिन नवीन और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष का एयरपोर्ट पर स्वागत किया। एयरपोर्ट से भाजपा के प्रदेश कार्यालय तक निकाली गई अभिनंदन यात्रा में पार्टी कार्यकर्ताओं का जबर्दस्त उत्साह दिखा। प्रदेश भाजपा कार्यालय में यूपी भाजपा की नई टीम को उन्होंने चुनाव में जीत का मंत्र दिया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर मसले पर भी बात हुई। इसे रामभक्तों का आस्था पर गहरा आघात बताया गया और पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा कर संयम रखने की बात कही गई। इससे पहले चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से विशेष रथ पर नितिन नवीन, पंकज चौधरी के साथ सवार थे। 42 जगहों पर नितिन नबीन का स्वागत हवाई अड्डे से भाजपा प्रदेश कार्यालय तक तकरीबन 18 किलोमीटर लंबी इस अभिनंदन यात्रा के दौरान 42 जगहों पर नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया। विधान सभा चुनाव के पहले दो नितिन नवीन का पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के साथ दो दिवसीय लखनऊ दौरा अहम माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक के दौरान नितिन ने पदाधिकारियों से कहा कि यूपी में 2027 में भाजपा की सरकार तीसरी बार बनेगी इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन सभी को मेहनत करनी होगी। पार्टी कार्यालय पर बैठक के बाद गोमतीनगर स्थित एक होटल में विधायकों, सांसदों और पार्टी की कोर कमेटी की भी बैठकें हुईं। इनमें भी चुनाव की रणनीति के अलावा सरकार और संगठन के समन्वय को लेकर चर्चा हुई। मैंने प्रवास शुरू किया है, आप भी गांवों में प्रवास करें नितिन नवीन ने यूपी भाजपा की नई टीम, मोर्चों के अध्यक्षों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और जिला व महानगर अध्यक्षों की बैठक में पार्टी को चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मैंने प्रवास कार्यक्रम शुरू किए हैं। आप भी गांव-गांव प्रवास करिए। इसी महीने से मैं अपना क्षेत्रीय प्रवास भी शुरू करूंगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि हर महीने के अंतिम रविवार को 'मन की बात' का कार्यक्रम होता है। उस दिन इस कार्यक्रम के बाद वहीं पर बूथ की बैठक जरूर होनी चाहिए। मन की बात वाले रविवार से पहले के रविवार को शक्ति केंद्र की बैठक करिए। इसमें तय करिए कि कितने बूथों पर ‘मन की बात’ का कार्यक्रम हो सकेगा। तभी हम मजबूत बूथ और मजबूत शक्ति केंद्र की कल्पना को साकार कर पाएंगे। आपके जिले के 100 प्रतिशत बूथों पर ‘मन की बात’ का प्रसारण होना चाहिए। हर महीने का कार्यक्रम पिछले से बेहतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर महीने मंडल, जिला और पदाधिकारियों बैठक की प्रदेश स्तरीय बैठक होनी है। सपा-कांग्रेस ध्यान भटका रहे नवीन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने हर क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है। मोदी-योगी की जोड़ी ने यूपी को उत्तम प्रदेश बनाया है। सपा-कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे जनता का ध्यान भटकाने के लिए नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। हमें विपक्ष के झांसे में नहीं आना है। हमें यूपी के विकास के लिए काम करना है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि विपक्ष के अनर्गल आरोपों का सोशल मीडिया पर आक्रामक ढंग से जवाब दें। ‘सीएम योगी बोले, प्रभु श्री राम एवं भगवान श्रीकृष्ण के चरणरज से पावन हुई संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन। ’ 'यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बोले, उत्तर प्रदेश की पवित्र धरती पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐतिहासिक स्वागत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन का लखनऊ हवाई अड्डे पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 'स्वागत यात्रा' में जगह-जगह उत्तर प्रदेश की देवतुल्य जनता और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और गर्मजोशी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया।' ‘डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि पूरा लखनऊ शहर और भाजपा की राज्य इकाई प्रदेश कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है। आज और कल उनके साथ बैठकों का दौर तय है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार होगा।’ ‘उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का कहना हे कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आपका भगवान लक्ष्मणजी की पावन धरा लखनऊ में पहले आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन।’

कानपुर में ईंधन को लेकर चिंता, ई-20 पेट्रोल से इंजन और टैंक डैमेज के दावे

कानपुर   ई-20 पेट्रोल सिर्फ वाहनों के माइलेज में गिरावट तक सीमित नहीं है। बीते कई दिनों से इथेनोल से फ्यूल टैंक में जंग लगने और रबर के पार्टस भी खराब होने के दावे लोगों की ओर से किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने वाहन के खराब होने और मरम्मत का खर्च बढ़ने की चिंता भी सता रही है। बीते वर्ष चार सितंबर को दैनिक जागरण ने ‘ई-20 पेट्रोल से माइलेज में आ रही गिरावट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के पूर्व डायरेक्टर प्रो. नरेंद्र मोहन अग्रवाल के मुताबिक, पेट्रोल और इथेनोल घनत्व का अंतर और इथेनोल का हाइग्रोस्कोपिक यानी आर्द्रताग्राही गुण इसका सबसे बड़ा कारण है। अधिक घनत्व के कारण यह फ्यूल टैंक की सतह पर बैठ जाता है और नमी को खींचता रहता है। इसकी वजह से ईंधन जलने के पहले वाहन के जिस-जिस भाग (फ्यूल टैंक, पिस्टन आदि) से गुजरता है उन्होंने बताया कि वहां जंग लगने का खतरा बना रहता है। इस वजह से वाहन परफार्मेंस पर भी असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं इथेनोल रबर और प्लास्टिक के पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा रहा है। प्रो. नरेंद्र मोहन के मुताबिक वाहनों की इथेनोल पर संचालित होने की क्षमता और पेट्रोल में इथेनोल का मिश्रण भी परेशानी का कारण बन रहा है। मसलन, अगर वाहन के इंजन पांच प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल के लिए तैयार किया गया है और अब उसमें 20 प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल डाला जाएगा तो कोरोजिन जैसी दिक्कतें पैदा होंगी। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया वहां के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को प्रतिशत के हिसाब के इथेनोल मिश्रित पेट्रोल चुनने का विकल्प मिलता है। ऐसा अपने देश में भी ऐसा होना चाहिए। बर्रा विश्व बैंक निवासी नितिन मिश्रा ने बताया कि 10 दिन पहले स्कूटी का सर्विस कराई थी। इंजन आयल से लेकर फिल्टर तक सभी जरूरी चीजों बदलवाईं थी। लेकिन बीते गुरुवार को अचानक स्कूटी बंद हो गई। मकैनिक को दिखाया तो उसने पहले फ्यूल टैंक में पानी जाने की बात कही। इसके बाद जब सफाई के लिए टैंक खुलवाया तो उसमें जंग लगी थी और कचरा जमा था। ऐसे में जब फ्यूल टैंक में पेट्रोल के अलावा और कुछ नहीं भरा जा रहा है तो इसकी वजह भी यही है। वहीं, साकेत नगर निवासी अनमोल भट्ट ने बताया कि बीते साल एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल) खरीदा था। बीते कई दिनों से कार का माइलेज कम था। चेकअप कराने पर इंजन से लेकर कई पुर्जों में लगी जंग इसकी प्रमुख वजह बनकर सामने आई। प्रो. नरेंद्र मोहन बताते हैं कि पेट्रोल और इथेनोल दोनों का घनत्व अलग-अलग होता है। ऐसे में यह फ्यूल टैंक की तली में नीचे बैठ जाता है। जो धीरे-धीरे रस्ट यानी जंग और काई का रूप ले लेता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनोल पिस्टन ब्लाक और रिंग के बीच में पहुंचकर आयल कोटिंग को नुकसान पहुंचा रहा है। इसकी वजह से आयल कोटिंग में रस्टिंग हो रही है। यह रस्टिंग पांच से 10 मिलीमीटर की है, लेकिन इससे इंजन के परफार्मेंस में प्रभाव पड़ रहा है। इनलेट व एक्जाइट वाल्व को भी इथेनोल मिश्रित पेट्रोल नुकसान पहुंचा रहा है और कोरोजिन पैदा कर रहा है। वाहन स्वामियों को इंश्योरेंस मिल रहा न वारंटी वाहन बीमा जानकार निर्मल त्रिपाठी के मुताबिक इस तरह की समस्याएं को वास्तव में मैकेनिकल फेल्योर माना जाता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनियां इसे प्रमीमियम में कवर नहीं कर रही हैं, जबकि आटोमोबाइल कंपनियां इसे नमी की दिक्कत बताकर वारंटी देने से बच रही हैं। तेल कंपनियों ने भी पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में वाहन चालकों के सामने सिर्फ भ्रम की स्थिति है। गाड़ियों को मानक के मुताबिक मिले ईंधन आटोमोबाइल विशेषज्ञ अमित द्विवेदी के मुताबिक, पेट्रोल में इथेनोल मिलाने की नीति लंबे समय से चली आ रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। लेकिन समस्या है कि बीएस-4 मानक से नीचे के वाहन ई-20 पेट्रोल के लिए तैयार नहीं है। यह ई-5 या ई-10 यानी पांच से दस प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल के लिए तैयार किए गए थे। ऐसे में सरकार को चाहिए की अगर किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन 15 साल का है तो उसे तय मानक के अनरूप पेट्रोल मिले। पेट्रोल पंपों पर ई-5 से ई-20 पेट्रोल तक का विकल्प होना चाहिए। इन सुधारों की जरूरत ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनोल में हाइग्रोस्कोपिक यानी आर्द्रताग्राही गुण होते हैं। इस वजह से फ्यूल टैंक और पाइपलाइन में जंग लगने का खतरा रहता है। प्लास्टिक और रबर के पार्ट्स भी जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फ्यूल लीक, गंदे इंजेक्टर और गैसकेट डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, ई-20 फ्यूल सिस्टम में एंटी-करोसिव कोटिंग, गैसकेट्स व सील्स की गुणवत्ता में सुधार और इंजन रीमैपिंग जैसी तकनीकी अपग्रेड की जरूरत होती है।

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बदलेगी अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था, जाम से मिलेगी राहत

लखनऊ यूपी में अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बड़ी भूमिका निभाएगा। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंट्रोल होगी। अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जिसको एनाउंसमेंट सिस्टम से लैस किया गया है। शनिवार को डीएम अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज जादौन व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने स्मार्ट टैफिक व्यवस्था को लेकर कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के कंट्रोल रूम में मंथन किया। शहर के प्रमुख सिग्नलयुक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट अब पूर्व निर्धारित समय के बजाय वास्तविक यातायात दबाव के अनुसार संचालित होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े एआई आधारित कैमरे प्रत्येक दिशा में वाहनों एवं लोगों की संख्या का विश्लेषण करेंगे तथा उसी के अनुरूप ट्रैफिक सिग्नल का ग्रीन एवं रेड टाइम स्वतः कम या अधिक होगा। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त होगी तथा यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था को प्रथम चरण एएमयू सर्किल पर लागू कर दिया गया है। आगामी चरण में मैरिस रोड, रामघाट रोड, केला नगर, सासनी गेट सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। जहां पर ट्रैफिक लाइटें नहीं वहां 15 दिन में लगेंगी नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ट्रैफिक सुधार अभियान के अंतर्गत प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पीली पट्टी अंकित कराई है तथा हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है। जिन प्रमुख चौराहों पर अभी ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं, उनका नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आगामी 15 दिनों में नई ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली स्थापित कराई जाएगी। वाहन अधिक देर तक खड़े हुए तो एनाउंसमेंट होगा कोई वाहन, ई-रिक्शा, ठेला अथवा अन्य वाहन निर्धारित समय से अधिक देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है तो सिस्टम स्वतः सार्वजनिक उद्घोषणा कर वाहन चालक को तत्काल वाहन हटाने का निर्देश देगा। निर्धारित समय तक वाहन न हटाने पर सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को स्वतः सूचना प्रेषित करेगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को हटाया जाएगा। सूतमिल चौराहे पर एनाउंसमेंट सिस्टम लागू नगर आयुक्त ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रथम चरण सूतमिल चौराहे पर लागू किया जा चुका है। पिछले लगभग 15 दिनों के अनुभव में पाया गया है कि जहां पूर्व में इस चौराहे पर सामान्यतः 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं वर्तमान में यह समय घटकर लगभग 2 से 3 मिनट रह गया है। डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली से चौराहों पर अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी ईंधन की बचत होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पुलिस और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मेरठ-आगरा मंडल में बारिश से बदला मौसम, दो दिन उमस के बाद फिर बरसेंगे बादल

लखनऊ यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को बादल भरपूर बरसे। पश्चिम यूपी के मेरठ मंडल और आगरा मंडल में हुई बारिश से गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। लोगों को जलभराव से भी जूझना पड़ा है। दो दिन फिर गर्मी, उमस झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को सूखा रह सकता है। अन्यथा की स्थिति में बूंदाबांदी या रिमझिम देखी जा सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से बारिश का दौर फिर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खुले में होने वाले आयोजनों को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। शनिवार को करीब एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 83 दर्ज किया गया। कहीं बरसे बादल तो कहीं पर सिर्फ गिरी बूंदें पश्चिम यूपी में दिनभर उमस और गर्मी के बीच शनिवार को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि कुछ जगह केवल बूंदों ने भिगोया। अधिकांश हिस्सा पूरी तरह शुष्क रहा और बारिश का इंतजार करता रहा। आज से सात जुलाई तक कुछ हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलने की उम्मीद है। अधिकांश हिस्से इस अवधि में सूखे रहेंगे। गर्मी एवं उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मेरठ में दिन-रात का तापमान क्रमश: 37 एवं 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.7 एवं 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। शुक्रवार के सापेक्ष दिन में 0.7 एवं रात में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आठ से दस जुलाई के बीच मेरठ सहित वेस्ट यूपी में अच्छी और व्यापक बारिश के आसार हैं, लेकिन इससे पहले केवल कुछ हिस्सों में छुटपुट बारिश का दौर चल सकता है। आधे घंटे की बारिश में जलमग्न हुए क्षेत्र शनिवार दोपहर को यूपी के कई इलाकों में हुई बारिश के कारण आधे घंटे की बारिश में गलियों में कई फुट पानी भर गया। पानी निकासी का कोई इंतजाम न होने से गांव की सड़कें तालाब बन गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नाले-नालियां बनी ही नहीं हैं। जबार ने बताया कि हर बार यही हाल होता है। आने वाले दिनों में तेज बारिश में पानी भरने की समस्या और बढ़ेगी।