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अब किताबों से आगे की पढ़ाई: विद्यार्थियों को मिलेगी AI और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग

लखनऊ  प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी भी मिलेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश के 18 मंडलों में ड्रीम लैब स्थापित की जा रही हैं। इसके लिए टाटा समूह के प्रतिष्ठान नेल्को के साथ हब और स्पोक माडल पर अनुबंध किया गया है नेल्को की ओर से ड्रीम लैब की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री की आपूर्ति इसी माह कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की योजना वर्तमान शैक्षिक सत्र में इन लैब का संचालन शुरू करने की है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। ड्रीम लैब ऐसी अत्याधुनिक प्रयोगशाला है, जहां विद्यार्थी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) आधारित शिक्षा को प्रयोगों के माध्यम से समझ सकेंगे। यहां उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), रोबोटिक्स, इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी), कोडिंग, थ्री-डी डिजाइन और इलेक्ट्रानिक उपकरणों के संचालन जैसी उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रयोगशाला केवल किताबों तक सीमित शिक्षा की अवधारणा को बदलकर विद्यार्थियों को ‘करके सीखने’ का अवसर देगी। हब और स्पोक माडल के तहत प्रत्येक मंडल में स्थापित मुख्य ड्रीम लैब (हब) से आसपास के चयनित विद्यालयों (स्पोक) के विद्यार्थी भी जुड़ेंगे और उपलब्ध संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे। इससे सीमित संसाधनों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुंच सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रीम लैब विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार की सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच तकनीकी संसाधनों की दूरी भी कम होगी और वे भविष्य की रोजगारोन्मुखी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

फिरोजाबाद.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनसभा स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर बच्चों और उप्र पुलिस के स्टॉल पर पुलिस कर्मियों से संवाद स्थापित किया। कृषि विभाग, एमएसएमई, आजीविका मिशन, खादी ग्रामोद्योग, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग आदि के स्टॉल आदि पर जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को गोद में लेकर दुलारा-पुचकारा और उनका अन्नप्राशन किया। यहां फिरोजाबाद की विकास यात्रा पर लघु फिल्म भी दिखाई गई।  विधायक मनीष ने लगवाया नारा- देखो-देखो शेर आया  मंच संचालिका ने जब फिरोजाबाद विधायक मनीष असीजा को संबोधन के लिए बुलाया तो उन्होंने शीघ्रता से अपनी बात रखी। विधायक असीजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया और जनता से नारा लगवाया। उन्होंने बोला, देखो-देखो कौन आया, जनता ने ‘शेर आया-शेर आया’ के गगनचुंबी नारों से सीएम योगी का स्वागत किया।  सीएम ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। सीएम के हाथों चेक, चाबी, प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र आदि पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे।  सीएम के हाथों इन्हें मिली चाबी  प्रदीप कुमार- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)- चाबी  शशि- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)- चाबी आलोक प्रताप सिंह- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) -चाबी  मीरा देवी- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) -चाबी पिंकी- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) -चाबी इन्हें मिला चेक  अंकित झा – मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख का चेक  रानी/डाली- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-6.45 करोड़ का चेक  श्रीनिवास- त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत 12.80 लाख का चेक  ओमकार नाथ ब्रिज- पीएम कुसुम योजना- 2.66 लाख का चेक ।

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, सपा-बसपा-कांग्रेस पर विकास और कानून व्यवस्था को लेकर निशाना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फिरोजाबाद जिले को 658 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 81 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। टूंडला के उसायनी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस दौरान उनके निशाने पर विपक्ष रहा। सपा-बसपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी रामनवमी का तो विरोध करती ही थी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का भी विरोध करती थी। कांवड यात्रा नहीं होने देती थी। गरीब को राशन नहीं मिलता था। आयुष्मान कार्ड,शौचाल, एलपीजी सिलेंडर की भी सुविधा नहीं थी। तब बिजली भी नहीं थी, क्योंकि सपा, कांग्रेस और बसपा के लोग अंधेरे में रहने के आदी थे। अंधेरे में ही इनकी डकैती कुशलतापूर्ण पड़ जाती थी। इसलिए चाहते ही नहीं थे बिजली आए। सपा-बसपा और कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी ने सपा को घेरते हुए कहा कि उनके एजेंडे में विकास नहीं है। उसका काम लोगों को बांटना, सामाजिक एकता को कमजोर करना, गुंडागर्दी को बढ़ावा देना और विकास योजनाओं में रोड़ा अटकाना रहा है। भाजपा सरकार वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसी योजनाएं दे रही है, जबकि समाजवादी पार्टी के समय 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' की स्थिति थी। हर जिले में एक चिन्हित माफिया अराजकता फैलाता था, जमीनों पर कब्जा करता था और व्यापारियों से वसूली करता था। अब यूपी में सब चंगा है- सीएम योगी उन्होने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया, गुंडागर्दी और उपद्रव से मुक्त हो चुका है। प्रदेश में अब न कर्फ्यू लगता है और न दंगे होते हैं। अब यूपी में सब चंगा है और जब सब चंगा होता है तो उपद्रव नहीं, उत्सव होते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समेत अन्य धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती थी और गरीबों को राशन, आवास, शौचालय, आयुष्मान योजना तथा गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं से वंचित रखा जाता था। सरकार की गिनाईं उपलब्धियां मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा 65 लाख परिवारों को आवास, करीब दो करोड़ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और डेढ़ करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 16 लाख किसानों के निजी ट्यूबवेलों के बिजली बिल माफ किए गए हैं। किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड, खरीद नीति और किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। हाल ही में किसान सम्मान निधि की 4300 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई है।

UP में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, टिकटों पर मंथन और नए चेहरों की तलाश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की सियासत में आने वाले दिन बेहद सरगर्मियों से भरे रहने वाले हैं. अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले राज्य में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होंगे. राज्यसभा चुनाव ने राज्य की राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है. इस चुनाव को केवल संसद के ऊपरी सदन का समीकरण बदलने के तौर पर नहीं, बल्कि 2027 के महामुकाबले से पहले भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है. जिन 10 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें भाजपा के हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बृजलाल, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, गीता शाक्य, बनवारी लाल वर्मा और दिनेश शर्मा शामिल हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है।  आइए समझते हैं कि इस बार उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों का पूरा गणित क्या है, किसका पत्ता साफ होने जा रहा है और दोनों दल किस रणनीति पर काम कर रहे हैं. भाजपा के मौजूदा सांसदों में से कई ऐसे चेहरे हैं जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है, लेकिन पार्टी को दोबारा राज्यसभा भेजना मजबूरी है. हालांकि, पार्टी इस बार कई नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में भी है. इससे कुछ मौजूदा सांसदों का पत्ता साफ होना लगभग तय माना जा रहा है. वहीं, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव भी इस बार कम से कम दो नए वफादारों जिसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक चेहरों को दिल्ली भेजने की तैयारी में हैं।  राज्यसभा की 10 सीटों के लिए किसका दावा कितना मजबूत? विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखें तो भाजपा और उसके सहयोगियों के पास करीब 290 विधायक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के पास लगभग 102 विधायक हैं. ऐसे में गणित भाजपा के पक्ष में दिखाई देता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा 8 सीटें जीतने की रणनीति पर काम कर सकती है, जबकि सपा के लिए 2 सीटें सुरक्षित मानी जा रही हैं. सबसे ज्यादा चर्चा उन नेताओं को लेकर है जिनकी दोबारा राज्यसभा वापसी हो सकती है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और और पूर्व आईपीएस बृजलाल के नाम फिर से चर्चा में हैं. जबकि, संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले अरुण सिंह का पत्ता कट सकता है. बीजेपी सामाजिक समीकरणों और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति को ध्यान में रखते हुए कई नए चेहरों को भी मौका दे सकती है।  संख्याबल और संभावित जीत यूपी विधानसभा में 403 सदस्य हैं. एनडीए (बीजेपी + सहयोगी): 290-294 MLAs सपा + सहयोगी: 103-105 (सपा 101-102 + कांग्रेस 2) अन्य बसपा 1, JD(L) आदि, कुछ खाली एक सीट जीतने के लिए लगभग 37 वोट चाहिए. ऐसे में मौजूदा गणित के आधार पर बीजेपी/एनडीए 7-8 सीटें आसानी से जीत सकती हैं. सपा 2 सीटें और अधिकतम 3 जीत सकती हैं, अगर बागी न हों और गठबंधन मजबूत हो।  सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने कोर ‘PDA’ फॉर्मूले को मजबूत करने के लिए किसी बड़े अति-पिछड़े या दलित चेहरे को उच्च सदन भेज सकते हैं. वहीं बीजेपी भी पश्चिम से लेकर पूर्व तक के जातीय संतुलन को साधने वाले नेताओं पर दांव लगाएगी. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह राज्यसभा चुनाव दोनों पार्टियों के लिए नाक का सवाल बन चुका है. जो भी पार्टी उम्मीद से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब होगी, वह राज्य में यह नैरेटिव बनाने में सफल रहेगी कि ‘हवा’ उसके पक्ष में बह रही है. बगावत या क्रॉस वोटिंग के जरिए यदि किसी दल ने दूसरे को पटखनी दी, तो विरोधी खेमे के कैडर का मनोबल टूट जाएगा।  बीजेपी और सपा का सीट गणित उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या के आधार पर ही राज्यसभा की इन 10 सीटों का फैसला होगा. एक राज्यसभा सीट को जीतने के लिए तय प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है. बीजेपी अपने मजबूत संख्याबल और सहयोगी दलों जैसे रालोद, सुभासपा, अपना दल के दम पर कम से कम 7 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है. पार्टी इसके लिए अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करने और विपक्षी खेमे में सेंधमारी की रणनीति पर भी काम कर सकती है. वहीं समाजवादी पार्टी के पास पिछले चुनावों के मुकाबले विधायकों की संख्या बेहतर है. कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद सपा आसानी से 3 सीटें अपने दम पर जीतने की स्थिति में है. यदि विपक्ष एकजुट रहता है और कुछ असंतुष्ट विधायक साथ आते हैं, तो सपा चौथी सीट के लिए भी कड़ा मुकाबला पेश करेगी।  किसका चमकेगा भाग्य और किसका कटेगा टिकट? राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस बार दोनों ही दल किसी भी ऐसे चेहरे को दोबारा मौका नहीं देना चाहेंगे जो आगामी विधानसभा चुनाव में जमीन पर जातीय या क्षेत्रीय समीकरणों को फिट न बैठता हो. जो नेता पिछले कुछ समय से संगठन में निष्क्रिय रहे हैं या जिनका स्थानीय स्तर पर विरोध है, उनका टिकट कटना तय माना जा रहा है. बीजेपी कुछ बुजुर्ग नेताओं को मार्गदर्शक मंडल या संगठन में भेजकर नए और युवा चेहरों को मैदान में उतार सकती है। 

अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ रवाना हुए मुख्यमंत्री

अलीगढ़.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलने पर अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद कर दिया। उन्हें लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान ही इस हादसे की जानकारी मिली, इसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।अलीगढ़ में आयोजित लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसमूह से कहा कि मेरी इच्छा थी कि यहीं रहूं। लेकिन अभी-अभी जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक दुर्घटना हुई है और कुछ बच्चे अग्निकांड की चपेट में आए हैं। इसमें कुछ बच्चों की दुखद मौत हो गई है। प्रशासन राहत कार्यों में लगा है। मुझे भी इस दुखद घटना के कारण तत्काल वापस लखनऊ जाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने घायलों के उचित इलाज का भी निर्देश दिया।  डीजीपी व एसीएस (गृह) को मौके पर जाने का निर्देश  सीएम ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने नौजवानों को खोया है, उनके प्रति गहन संवेदना व्यक्त करता हूं। पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव (गृह) को निर्देश दिया है कि मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मैं स्वयं भी वहां के लिए प्रस्थान कर रहा हूं। इस मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। सीएम ने जनहानि पर जताया शोक मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भी घटना पर दुख जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ में कहा मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी अभी मुझे जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है, उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं, उनकी दुखद मौत हुई है, इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है। जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इस पूरे मामले के लिए पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव गृह को भी कहा है कि मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मैं स्वयं भी वहां प्रस्थान कर रहा हूँ जिससे इस पूरे मामले की तह में जाकर दोषियों को सज़ा भी दे सकें और उन पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त कर सकें.

अब त्योहारों व मांगलिक कार्यक्रमों में उपहार में चीनी उत्पादों के बजाए दी जाती हैं फिरोजाबाद के ग्लास की मूर्तियां: मुख्यमंत्री

फिरोजाबाद.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के एजेंडे में विकास नहीं है। समाज को बांटना, सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करना, गुंडागर्दी-माफियागिरी को प्रोत्साहित करना, गरीब कल्याण के कार्य न होने देना, विकास योजनाओं में रोड़े अटकाना और त्योहारों के पहले उत्सव को उपद्रव में बदल देना ही उसका काम रहा है। यूपी में 2017 के पहले के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। लेकिन, जनता के आशीर्वाद से डबल इंजन सरकार आज विकास व विरासत की यात्रा को बढ़ा रही है। यूपी अब अच्छी कानून व्यवस्था तथा विकास परियोजनाओं से पहचाना जा रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को कांच नगरी में 658 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 81 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इनमें टुंडला की 452 करोड़ और शिकोहाबाद की 206 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा नीम करोली की जन्मस्थली पर नागरिकों को विकास परियोजनाओं की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसके पीछे हमारे विधायकों की मेहनत है। शिकोहाबाद के विधायक भी हमारी तरह काम करते तो यह संख्या बढ़ सकती थी। सपा शासन में सीना तानकर उपद्रव करता था माफिया सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार ‘एक जिला-एक उत्पाद’, ‘एक जिला-एक कुजीन’, ‘एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज’ दे रही है, जबकि सपा ‘एक जिला-एक माफिया’ देती थी। हर जिले का चिह्नित माफिया जमीन पर कब्जा, गुर्गों के जरिए व्यापारियों से वसूली कर अराजकता पैदा करता था। प्रदेश को तबाह करने वाले माफिया सीना तानकर उपद्रव करते थे, लेकिन अब यूपी माफिया, गुंडा, उपद्रव मुक्त है। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में है सब चंगा।  गरीब को तबाह करती थी सपा व कांग्रेस  सीएम ने सपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह पार्टी रामनवमी का विरोध करती थी। कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उत्सवों पर रोक लगाती थी। गरीब को आवास, आयुष्मान, एलपीजी सिलेंडर, शौचालय आदि की कोई सुविधा नहीं देती थी। बिजली भी नहीं थी, क्योंकि सपा व कांग्रेस के लोग अंधेरे में रहकर डकैती डालते थे। ये लोग गरीब को तबाह करते थे। लोकल से ग्लोबल बन रही फिरोजाबाद की विकास यात्रा  मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार द्वारा किए जा रहे विकास का श्रेय जनता-जनार्दन को है। क्योंकि जब आप ईवीएम का सही बटन दबाकर अच्छे जनप्रतिनिधि चुनते हैं और वे कमल का फूल लेकर लखनऊ पहुंचते हैं तो विकास आता है। इससे फिरोजाबाद की यात्रा लोकल से ग्लोबल बनती है। यहां का ग्लास उद्योग नवाचार का नया केंद्र बना है। इसने चीन को पीछे कर दिया है। पहले होली, दीवाली, विजयदशमी आदि त्योहारों पर चीन के बने उत्पाद ही बाजारों में पहुंचते थे। लेकिन, जब यहां के कारीगरों ने नई तकनीक, डिजाइन व बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद बनाने शुरू किए तो त्योहारों, जन्मदिन व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों पर ग्लास की सुंदर मूर्तियां व कलाकृतियां भेंट की जाती हैं। गणपति, राम दरबार, राधा-कृष्ण, भगवान शिव, महात्मा बुद्ध आदि की शानदार प्रतिमाएं देखकर हर कोई अभिभूत होता है। यह प्रतिभा और कला पहले भी थी, लेकिन 2017 से पहले इन्हें प्लेटफॉर्म व प्रोत्साहन नहीं मिलता था। अब स्थानीय उद्यमी व कारीगर इस सुहाग नगरी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। डबल इंजन सरकार उन्हें और प्रोत्साहित करेगी। पीएम मोदी जब अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष को ओडीओपी का उपहार देते हैं तो इससे उत्तर प्रदेश भी गौरवान्वित होता है। प्रदूषण बोर्ड की छापेमारी रोकी, दी नई तकनीक व सुविधाएं  सीएम ने कहा कि 9 साल पहले विधायक मनीष असीजा मेरे पास आए और अपना आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने तबाही मचाई हुई है, यह बंद हो तो उद्यमी-व्यापारी कुछ करें। हमने बोर्ड के छापों को बंद कराया, उद्यमियों को नई तकनीक दी और गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराई। अब फिरोजाबाद के उद्यमी बिजली से भी भट्टियों का संचालन कर उसे सोलर पैनल से जोड़कर नई तकनीक के साथ आगे बढ़ चुके हैं। आलू उत्पादक किसानों ने भी फिरोजाबाद को समृद्ध किया है। लोकमाता की प्रतिमा जनपद को दिला रही पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा जनपद को पहचान दिलाते हुए सनातन धर्मावलंबियों को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने की प्रेरणा दे रही है। उनका जन्म भले ही महाराष्ट्र में हुआ, वह इंदौर की महारानी रहीं, लेकिन उनका कार्यक्षेत्र पूरा भारत था। जहां सनातन धर्म है, वहां लोकमाता की उपस्थिति है। विदेशी आक्रांताओं ने जिन धर्मस्थलों को नष्ट किया, लोकमाता ने उन सभी का पुनरुद्धार किया। जब उनकी जयंती के 300 वर्ष हुए तो पूरे देश में लोकमाता के त्रिशताब्दी कार्यक्रम को भव्यता से मनाया गया। मैं भी अनेक कार्यक्रमों से जुड़ा। हमारी सरकार ने जगह-जगह उनकी प्रतिमाओं को स्थापित किया। औरैया मेडिकल कॉलेज का नामकरण लोकमाता के नाम पर किया गया। लोकमाता ने अपने कृतित्व के माध्यम से धर्म की स्थापना व पुनरुद्धार के लिए प्रेरणा प्रदान की। हमारे जनप्रतिनिधियों को मिलता रहेगा जनता का आशीर्वाद सीएम ने कहा कि यहां की विकास परियोजनाएं बताती हैं कि विधायकों ने मेहनत की। उनका व्यक्तिगत परिश्रम भी रंग लाया। सीएम ने विधायक प्रेमपाल धनगर व अन्य जनप्रतिनिधियों को विकास में रुचि के लिए बधाई दी। कहा कि अब टुंडला में भी विकास दिखाई दे रहा है। सीएम ने विश्वास जताया कि जनता का आशीर्वाद भाजपा व हमारे जनप्रतिनिधियों को प्राप्त होता रहेगा।  प्रदेशवासियों को दीं असीमित सुविधाएं  सीएम ने प्रदेशवासियों को मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 15 करोड़ गरीबों को राशन, आय़ुष्मान भारत के तहत 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, 65 लाख गरीबों को आवास, दो करोड़ गरीबों को रसोई गैस कनेक्शन, लगभग डेढ़ करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन और 16 लाख किसानों के निजी ट्यूबवेल के बिल माफ कर मुफ्त बिजली दी जा रही है। किसानों को सरकार क्रय केंद्रों व सॉइल हेल्थ कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराती है। पीएम मोदी ने शनिवार को किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भेजी, जिसमें यूपी के किसानों के खाते में 4300 करोड़ रुपये से अधिक आए। अब कार्यालयों में नहीं लगाने पड़ते बाबू के चक्कर सीएम ने स्पष्ट कहा कि यह हमारी कार्य संस्कृति है कि अब किसी कार्यालय में बाबू के चक्कर नहीं लगाने … Read more

अतिक्रमण पर सख्त हुए सीएम योगी, जनता दर्शन में त्वरित कार्रवाई के आदेश

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में आज सीएम योगी ने जनता दर्शन किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5- कालिदास मार्ग लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ जन-समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हर फरियादी से एक-एक कर मुलाकात की। उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों के उचित व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। वहीं अतिक्रमण की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हुए और तत्काल इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। मथुरा से आए वृद्ध को सीएम ने किया आश्वस्त, जल्द हटेगा अतिक्रमण ‘जनता दर्शन’ में मथुरा से एक वृद्ध भी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि चकरोड पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाएं और यथास्थिति देखें। अतिक्रमण होने की स्थिति में इसे तत्काल हटाएं और दोषियों पर कार्रवाई करें। सीएम ने फिर कहा कि अतिक्रमण की शिकायत कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत जिम्मेदार संस्थाएं नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग भी करती रहें। शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता समेत हर पहलु पर सरकार का ध्यान ‘जनता दर्शन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, बिजली के तार, पुलिस, राजस्व से जुड़े प्रार्थना पत्र भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ितों की बातें सुनीं, फिर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार जनता से जुड़ी हर मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है। आप सभी की समस्याओं का भी समाधान होगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर परिस्थिति में 25 करोड़ प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हालचाल जाना, कहा- सेहत व स्वास्थ्य का भी ध्यान रखिए सीएम ने भीषण गर्मी में आए फरियादियों का सबसे पहले हालचाल जाना, फिर उनकी समस्याएं पूछीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए लोगों से कहा कि अभी गर्मी व धूप अधिक है। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों से कहा कि बहुत जरूरत होने पर ही दोपहर में घर से निकलिए। सीएम ने संयमित खानपान के लिए भी कहा।

पंचायत सहायकों के लिए राहत, अब देरी नहीं होगी भुगतान में; बीडीओ को साप्ताहिक समीक्षा के आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उनका मानदेय समय पर आएगा। अब उन्हें समय पर मानदेय उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान में होने वाली देरी को रोकने के लिए जिला पंचायत राज विभाग ने सभी बीडीओ को निर्देश जारी किए हैं। डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि निदेशक पंचायती राज के 15 जून के निर्देशों के अनुपालन में 22 जून को जिले के बीडीओ और एडीओ पंचायत को आवश्यक आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक विकास खंड में पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य होगी। पंचायत सहायकों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों में शासकीय कार्यो के बेहतर संचालन और डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पंचायत सहायकों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायतें अपने उपलब्ध स्वयं के संसाधनों (ओएसआर) और वित्तीय नियमों का पालन करते हुए पंचायत सहायकों को यह सुविधा प्रदान कर सकेंगी। एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों का मानदेय निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल कार्यो में तेजी लाने की तैयारी डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि गोंडा जिले की ग्राम पंचायतों में तैनात सभी पंचायत सहायकों को समय पर मानदेय भुगतान के लिए बीडीओ, एडीओ पंचायत को निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल कार्यो में तेजी लाने के लिए मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। इससे कार्यों में तेजी आएगी। पंचायती राज ग्रामीण के तरबगंज ब्लॉक सफाई कर्मी संघ के आठवीं बार अध्यक्ष बने नरसिंह उधर, उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की तरबगंज ब्लॉक कार्यकारिणी चुनाव जिला मुख्यालय पर चुनाव अधिकारी अमीर अहमद, जिलाध्यक्ष राघवेंद्र तिवारी और महामंत्री देवमणि शुक्ला की देखरेख में हुआ। तरबगंज ब्लॉक में नरसिंह नारायण पांडे लगातार आठवीं बार अध्यक्ष और भानुपाल सिंह महामंत्री निर्वाचित हुए। हलधरमऊ में रमेश सिंह, कटरा बाजार में हरेंद्र सिंह और परसपुर में जितेंद्र तिवारी अध्यक्ष चुने गए। सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए। इस दौरान सरिता कश्यप, सनी राम कनौजिया, लोकनाथ शुक्ल, विनय त्रिवेदी, धरनीधर तिवारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।  

अयोध्या प्रकरण में भ्रामक खबरों से सावधान रहें: सरकार ने कहा- केवल आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा

अयोध्या अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) ने अभी तक सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। सरकार ने इस संबंध में मीडिया में सूत्रों के हवाले से चल रही खबरों को भ्रामक कहा है। यूपी सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर बकायदा एक पोस्ट के जरिए इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। ‘एक्स’ पर पोस्ट में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने लिखा- ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से संबंधित प्रकरण में एसआईटी द्वारा अभी तक अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को प्रस्तुत नहीं की गई है। इस संबंध में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं। कृपया अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक स्रोत से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।’ सीएम योगी ने ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित की थी एसआईटी अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण को लेकर छिड़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था। एसआईटी गठन का अनुरोध करते वक्त ट्रस्ट का कहना था कि अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच जरूरी है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के इस अनुरोध को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से तीन वरिष्ठ अधिकारियों के विशेष जांच दल का गठन किया है। यह टीम पूरे प्रकरण की गहन छानबीन कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसके बाद आगे का कदम उठाया जाएगा। इस तीन सदस्यीय एसआईटी में मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत की अगुवाई में गठित एसआईटी इसकी जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी में आईजी लखनऊ रेंज किरन एस. तथा विशेष सचिव वित्त नील रतन बतौर सदस्य शामिल हैं। एसआईटी की प्रारम्भिक रिपोर्ट पर होगा मुकदमा राम मंदिर में चढ़ावे में धांधली के साथ दिन-प्रतिदिन हो रहे नए खुलासों के बीच मीडिया में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य और भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र के बयान ने कठघरे में खड़े ट्रस्टियों को असहज कर दिया है। किसी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा से वरिष्ठतम अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होकर और मंदिर ट्रस्ट में शामिल होते हुए भी उनकी ओर से बयान जारी करना उचित नहीं प्रतीत होता है। इससे ट्रस्ट की छवि ही नहीं प्रभावित हो रही, बल्कि मीडिया को भी अनर्गल प्रलाप का मौका मिल गया है। आरोप लगाने वालों से भी होगी पूछताछ चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के आरोप की जांच एसआईटी ने शुरू की तो कई लोगों ने अपने को रामजन्मभूमि का पूर्व कर्मचारी बताकर कई खुलासे किए। पूर्व इंजीनियर होने का दावा करने वाले ने तो निर्माण कार्य में भी व्यापक घोटाले का आरोप लगा दिया है। अभी तक जितने भी लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के क्रियाकलापों पर प्रश्न चिन्ह लगाया है, माना जा रहा है कि एसआईटी उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।

अलीगंज अग्निकांड पर सीएम योगी ने दौरा रद्द कर दिए राहत-बचाव के सख्त निर्देश

लखनऊ लखनऊ के अलीगंज की तीन मंजिला इमारत में भीषण आग की घटना से प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की सूचना मिलते ही अपना हाथरस और आगरा दौरा रद्द कर दिया है। अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम योगी ने हादसे में मारे गए बच्चों और उनके परिवारीजनों के प्रति गहरा दुख जताया है। 23 जून यानी कल उन्हें हाथरस और फिर आगरा के दौरे पर जाना था। सीएम योगी को लखनऊ अग्निकांड सूचना आयोजित जनसभा के दौरान ही मिली। उन्होंने कहा कि मैं चाहता था कि अलीगढ़ में रुकूं लेकिन लखनऊ में एक हादसा हुआ है। वहां आग लगने से कुछ बच्चों की मौत हुई है। मैं यहां से वहीं जा रहा हूं। अलीगढ़ के दौरे के लिए आगे योजना बनाऊंगा। सीएम योगी ने बताया कि आग की घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को वहां राहत और बचाव कार्यों को लेकर निर्देश दिए हैं। एक दर्जन से अधिक हो सकती हैं मौतें लखनऊ अग्निकांड में मौतों की संख्या को लेकर अभी तक स्थित स्पष्ट नहीं है लेकिन विभिन्न स्रोतों से मिल रही जानकारी के मुताबिक संख्या एक दर्जन से अधिक हो सकती है। अलीगंज के पुरनिया इलाके में मारे गए लोगों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। इससे इलाके में लोगों के बीच शोक की स्थिति है। खुद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मीडिया के सवालों का जवाब देते वक्त रो पड़े। डिप्टी सीएम ने कहा कि हादसे में झुलसे लोगों को अस्पताल भेजा गया है। उनके इलाज की मॉनीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं। पेंट शॉप थी ग्राउंड फ्लोर पर अधिकारियों का कहना है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेंट शॉप थी। जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन था। वहां कर्मचारी गेमिंग साफ्टवेयर पर काम भी करते थे। आग लगते ही इमारत की ऊपरी मंजिल पर अफरा तफरी मच गई। कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश की लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कई लोग उसमें फंसे रह गए। हर तरफ से चीख-पुकार ही सुनाई पड़ रही थी। पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम नरेंद्र मोदी ने लखनऊ हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारीजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। घटना की तह तक जाया जाएगा।