samacharsecretary.com

यूपी की सौज झील बनी रामसर साइट, सीएम योगी ने बताया गौरव का क्षण

उत्तर प्रदेश की सौज झील बनी रामसर साइट्स उत्तर प्रदेश में साइट्स की संख्या बढ़कर हुईं 14 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लिए बताया गौरव का क्षण  केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश को दी बधाई लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में स्थित सौज झील को गुरुवार को रामसर साइट्स घोसित किया गया है। इसके रामसर साइट्स घोषित होने के बाद प्रदेश में इनकी संख्या 14 हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है।  मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व का क्षण है कि 'सौज झील' को प्रतिष्ठित 'रामसर' मान्यता प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को नई गति मिल रही है। यह नई उपलब्धि हमारे राज्य की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेज कर रखने के हमारे दृढ़ संकल्प को भी दिखाती है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई। मैनपुरी के किशनी तहसील में है सौज झील मैनपुरी के प्रभागीय वनाधिकारी शिवम मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद की किशनी तहसील में स्थित सौज झील महत्वपूर्ण मौसमी आर्द्रभूमि है, जो समृद्ध जैव विविधता का केंद्र है। यह आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रयस्थल है तथा कृषि क्षेत्रों से घिरी हुई है। यहां 96 पक्षी प्रजातियां, 19 मछली प्रजातियां एवं 7 सरीसृप प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें अनेक संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। यहां संकटग्रस्त सारस तथा निकट संकटग्रस्त ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क सहित अनेक दुर्लभ पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। अपनी पारिस्थितिक महत्ता और समृद्ध पक्षी विविधता के कारण सौज झील आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में अब 14 रामसर साइट्स, देश में दूसरे स्थान पर नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव)  पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य (गोंडा)  समान पक्षी अभयारण्य (मैनपुरी)  समसपुर पक्षी अभयारण्य (रायबरेली)  सरसई नावर झील (इटावा)  सांडी पक्षी अभयारण्य (हरदोई)  सूर सरोवर पक्षी विहार (आगरा)  बखिरा पक्षी अभयारण्य (संत कबीर नगर)  ऊपरी गंगा नदी (बृजघाट से नरोरा तक) बुलंदशहर  हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर/बिजनौर)  पटना पक्षी अभयारण्य (एटा)  शेखा झील पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़)  जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल, बलिया)  सौज झील (मैनपुरी)

आगरा पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिवाजी म्यूजियम का लेंगे जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को आगरा दौरे पर रहेंगे, सीएम शिवाजी म्यूजियम का करेंगे निरीक्षण फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड में शिक्षक और स्नातक एमएलसी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को सीएम करेंगे संबोधित मुख्यमंत्री दिवंगत विधायक छोटेलाल वर्मा के परिजनों से भी मिलेंगे आगरा,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को (16 अक्टूबर) ताजनगरी आगरा के दौरे पर रहेंगे। करीब तीन घंटे के प्रस्तावित दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ताज ईस्ट गेट के पास निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड में शिक्षक और स्नातक एमएलसी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री दिवंगत विधायक छोटेलाल वर्मा के आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे और शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। 80 फीसदी पूरा हुआ शिवाजी म्यूजियम का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेरिया एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सबसे पहले ताज ईस्ट गेट के पास निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का निरीक्षण करेंगे। म्यूजियम का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसका उद्घाटन 15 दिसंबर को प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के साथ ही परियोजना से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। म्यूजियम को लेकर चल रहे कार्यों की स्थिति और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप निर्माण पूरा करने पर विशेष ध्यान रहेगा। एमएलसी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा, शोकाकुल परिवार से भी मिलेंगे म्यूजियम के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। यह जनसभा शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी और स्नातक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में आयोजित की जा रही है। इसमें आगरा सहित आसपास के जिलों से कार्यकर्ताओं और आम लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। जनसभा के बाद मुख्यमंत्री दिवंगत विधायक छोटेलाल वर्मा के आवास पर पहुंचेंगे। यहां वह उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री खेरिया एयरपोर्ट से गाजियाबाद के लिए रवाना होंगे।

योगी सरकार का नगर विकास और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर जोर

योगी सरकार का नगर विकास और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने पर जोर नगर विकास और ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को दिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश नगरीय निकायों की आय बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने पर जोर वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित होंगे यूपी के शहर, ई-नगर सेवा योजना को नए सिरे से तैयार करने की कवायद लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए योगी सरकार नगर विकास और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं का और अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ स्थित संगम सभागार में दोनों विभागों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं, विकास परियोजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। नगरीय निकायों की आय बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी पर जोर नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि प्रदेश के नगर निगमों और नगरीय निकायों के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए भी प्रयास तेज किए जा रहे हैं। मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि निकायों की आय बढ़ाने के साथ विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है। इससे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यूपी के शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की तैयारी मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नगरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए विकसित और आधुनिक शहरों की कार्यप्रणाली, व्यवस्थाओं और मानकों का अध्ययन किया जाना चाहिए। इनसे उपयोगी पहलुओं की पहचान कर प्रदेश के शहरों में लागू करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने ई-नगर सेवा योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित करने और नगरीय सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। पीएम सूर्य घर योजना और बायो एनर्जी से बढ़ेंगी संभावनाएं ऊर्जा विभाग की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना की गति दोगुनी हुई है। इसके अलावा प्रदेश में बायो एनर्जी और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) विद्युत बिक्री के माध्यम से भी आय अर्जित कर रहा है। मंत्री ए.के. शर्मा ने निर्देश दिए कि ऊर्जा विभाग की योजनाओं और परियोजनाओं का आर्थिक दृष्टि से भी आकलन किया जाए। ऐसे तकनीकी पहलुओं की पहचान की जाए, जिनके कारण उपलब्ध संसाधनों का अपेक्षित मूल्य संवर्धन नहीं हो पा रहा है। इन बिंदुओं पर गहन मंथन कर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि ऊर्जा क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित हो सके। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद ने ऊर्जा विभाग में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को और अधिक व्यापक बनाने तथा प्रदेश में ऊर्जा संबंधी गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रयास तेज करने पर जोर दिया। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, यूपीपीसीएल के एमडी नीतीश कुमार, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार, यूपीनेडा के निदेशक रविंद्र कुमार, अपर निदेशक नगरीय निकाय रितु सुहास सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नारी शक्ति की मिसाल: वंदना ने स्वरोजगार से संवारी अपनी दुनिया, कई परिवारों को दिया सहारा

नवरात्र विशेष-6: स्वरोजगार की शक्ति मैंने संवारी अपनी दुनिया और कई परिवार नारी शक्ति की मिसाल झांसी की वंदना ने सुई-धागे से गढ़ी आत्मनिर्भरता की कहानी ओडीओपी में प्रशिक्षण के बाद योगी सरकार से मिली निःशुल्क किट ने दी हुनर को नई पहचान झांसी  नवरात्र की इन पावन रातों में जब घर-घर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं, तब झांसी की गलियों में एक साधना हुनर और हौसले की चल रही है। इस साधना की साधिका हैं वंदना चौधरी, जिन्होंने रुई जैसे नरम सॉफ्ट टॉयज में अपने सपनों की मजबूत बुनावट दी। जिस शहर की माटी ने रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगना को जन्म दिया, उसी झांसी की यह बेटी आज आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। ऐसा उदाहरण जो स्थापित करता है कि नारी जब ठान ले तो चूल्हे-चौके की चौखट से निकलकर प्रदेश के सबसे बड़े ट्रेड शो के मंच तक पहुंच सकती है और कई परिवारों को संवार सकती है। एक जिला एक उत्पाद ने दिखाई राह योगी सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना ने झांसी की कई महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की राह दिखाई है। वंदना चौधरी इन्हीं में एक है। वर्ष 2022 में उन्होंने योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें प्रमाण पत्र और सॉफ्ट टॉयज बनाने की निःशुल्क किट प्रदान की गई। यही किट उनके सपनों की पहली सीढ़ी बनी। वंदना ने इस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया। सीखे हुए हुनर को उन्होंने रोजगार में बदला और सॉफ्ट टॉयज बनाने के काम से जुड़ गईं। आज वह न केवल अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं, बल्कि परिवार चलाने में आर्थिक सहयोग भी दे रही हैं। अपने साथ उन्होंने कई महिलाओं को भी जोड़ रखा है।  प्रदर्शनियों और ट्रेड शो में बिखेरा हुनर वंदना बताती हैं कि उनका काम अब झांसी की सीमाओं से बाहर निकल चुका है। वह इटावा, लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। पिछले महीने आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भी उन्होंने हिस्सा लिया। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक हुए इस आयोजन में उनके उत्पादों की काफी सराहना हुई। एक घरेलू महिला का देश-प्रदेश के बड़े मंच तक पहुंचना अपने आप में नारी शक्ति की गौरवगाथा है। अब अगला पड़ाव: विस्तार और ऑनलाइन बाजार वंदना के मुताबिक, अब वह प्रदेश सरकार की सीएम युवा योजना के माध्यम से ऋण लेकर अपने काम को और बड़ा करने की तैयारी में हैं। साथ ही ऑनलाइन प्लेटफार्म की मदद से सॉफ्ट टॉयज की बिक्री को आगे बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे उनके उत्पाद देश के कोने-कोने तक पहुंच सकेंगे। वंदना जैसी महिलाएं साबित करती हैं कि शक्ति सिर्फ मंदिरों की मूर्तियों में नहीं, हमारे आसपास की उन महिलाओं में भी बसती है जो चुपचाप संघर्ष करती हैं और अपने दम पर राह बनाती हैं। कोट्स— ‘मैं हर महिला से कहना चाहती हूं कि हुनर सीखिए और आगे बढ़िए। जब महिला खुद आत्मनिर्भर बनती है, तभी असली शक्ति की उपासना होती है। सरकार ने जो भरोसा और सहारा दिया, उसी के दम पर मैं आज अपने हुनर से पहचान बना पाई हूं और परिवार के साथ ही अन्य लोगों की मदद कर पा रही हूं। –    वंदना, ओडीओपी उद्यमी

मिशन शक्ति से बेटियों को संबल, 1.18 लाख बालिकाओं को मिली वित्तीय साक्षरता

योगी सरकार में बेटियों को मिल रहा संबल, मिशन शक्ति से 1.18 लाख बालिकाएं वित्तीय साक्षरता से जुड़ीं – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बालिकाओं के सशक्तीकरण और वित्तीय जागरूकता पर जोर – प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों और केजीबीवी की 1,18,657 बालिकाओं ने किया प्रतिभाग – बैंक भ्रमण, वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण और खाता संचालन प्रक्रिया की दी गई जानकारी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिकाओं को जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभिन्न पहल कर रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति के अंतर्गत बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता से जोड़ने के लिए प्रदेशव्यापी गतिविधियां आयोजित की गईं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा संदीप सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इन गतिविधियों के अंतर्गत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 1,18,657 बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। इस पहल के माध्यम से बालिकाओं को बैंकिंग व्यवस्था की बुनियादी जानकारी देने और वित्तीय प्रक्रियाओं से परिचित कराने पर जोर दिया गया। बैंक भ्रमण, वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण तथा बैंक खाता संचालन की प्रक्रिया से संबंधित जागरूकता गतिविधियों ने बालिकाओं को वित्तीय विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान किया। इस प्रकार की गतिविधियां बालिकाओं को दैनिक जीवन में उपयोगी वित्तीय जानकारी से परिचित कराने और उनमें जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। बैंकिंग प्रक्रियाओं से परिचित हुईं बेटियां मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित बैंक भ्रमण के माध्यम से बालिकाओं को बैंक की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। उन्हें बैंक खाते के संचालन की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य बालिकाओं में वित्तीय विषयों के प्रति समझ विकसित करना और उन्हें बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक बनाना है। ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और बैंकिंग योजनाओं की जानकारी वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण के अंतर्गत बालिकाओं को बैंकिंग सेवाओं, विभिन्न बैंक योजनाओं, बैंक खाते के संचालन तथा ऑनलाइन और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्कता बरतने, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने और साइबर धोखाधड़ी की आशंका होने पर सावधानीपूर्वक कदम उठाने के महत्व से परिचित कराया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को वित्तीय प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ प्रदान करने के साथ सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक बनाना है। विद्यालयों से केजीबीवी तक भागीदारी इस गतिविधि में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाएं भी शामिल हुईं। कुल 1,18,657 बालिकाओं की भागीदारी मिशन शक्ति के अंतर्गत वित्तीय साक्षरता को विद्यालयी गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास को दर्शाती है। कोट मिशन शक्ति के अंतर्गत बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता से जोड़ना उन्हें बैंकिंग प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। हमारा उद्देश्य बालिकाओं में वित्तीय जागरूकता विकसित करना और उन्हें बैंक खाता संचालन सहित आवश्यक वित्तीय प्रक्रियाओं से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य में अधिक जागरूक और आत्मविश्वास के साथ निर्णय ले सकें। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

जौहर ट्रस्ट को फंडिंग पर ED का शिकंजा, आजम खां के करीबी अनवर से सात घंटे तक सवाल-जवाब

लखनऊ जौहर ट्रस्ट को अलग-अलग फर्मों और कंपनियों के माध्यम से डोनेशन दिलाने के पीछे क्या वजह थी और इस प्रक्रिया में अनवर की क्या भूमिका रही, ईडी ने गुरुवार को इसी बिंदु पर उससे करीब सात घंटे पूछताछ की। आजम खां से पूछताछ के बाद लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे अनवर से जांच एजेंसी ने ट्रस्ट को ही डोनेशन दिए जाने का कारण, संबंधित फर्मों से उसके संबंध और धनराशि के लेन-देन से जुड़े सवाल किए। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई सवालों पर अनवर अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं कर सका। ईडी ने डोनेशन को लेकर पूछा सवाल ईडी ने खास तौर पर यह जानने का प्रयास किया कि अलग-अलग कंपनियों और फर्मों से जौहर ट्रस्ट को ही डोनेशन क्यों दिलाया गया। जांच एजेंसी ने अनवर से संबंधित कंपनियों, उनमें काम करने वाले लोगों तथा ट्रस्ट को दी गई धनराशि के बारे में जानकारी मांगी। यह भी पूछा गया कि डोनेशन दिलाने की प्रक्रिया में उसकी क्या भूमिका थी और इसके लिए किस स्तर पर बातचीत हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, इन सवालों पर अनवर अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं कर सका। अनवर आजम का रामपुर और वाराणसी का काम देखता रहा। ईडी ने अलग-अलग फर्मों में काम और अन्य कारोबारी गतिविधियों से जुड़े लोगों से जौहर ट्रस्ट के लिए डोनेशन किस प्रक्रिया के तहत लिया गया। एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और पूर्व में सामने आए बयानों का मिलान कर रही है। अनवर के बयान को आजम खां से पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों से भी मिलाया जाएगा। अनवर को आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का करीबी है। जौहर ट्रस्ट में अवनर न तो को सदस्य रहा न ही कोई भूमिका रही। इसलिए अनवर के बयान के बाद ईडी कई अन्य से पूछताछ करेगी। सूत्रों के अनुसार, रामपुर में दर्ज मुकदमे और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है। यदि जांच में आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि करने वाले पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सालिम को 21 अक्टूबर को तीसरी बार बुलावा जौहर ट्रस्ट मामले में आजम खां के करीबी सालिम को ईडी ने 21 अक्टूबर को तीसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया है। सालिम से भी ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संबंधित फर्मों के बारे में जानकारी ली जा रही है। अनवर से पूछताछ के बाद मिले तथ्यों को सालिम के पूर्व बयानों और दस्तावेजों से मिलाए जाने की संभावना है।  

‘2027 में हारेंगे, इसलिए अभी से वोट चोरी का बहाना’… अखिलेश पर बरसे दयाशंकर सिंह

'जब अखिलेश CM थे तब 2014 में 73 और 2017 में 330 सीटें कैसे जीता NDA?',दयाशंकर सिंह ने सपा को घेरा 'अपनी हार छिपाने के लिए चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ रहे अखिलेश'… दयाशंकर सिंह का हमला लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर फर्जी वोट बनवाने और भाजपा पर फर्जी वोट डालने के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही हार का बहाना तैयार करने में जुट गए हैं। इसलिए वो चुनाव आयोग पर भ्रामक आरोप लगा रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब क्या उन्होंने खुद वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था? '2027 में हारेंगे, इसलिए अभी से बना रहे बहाना' मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर अपनी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को पहले से ही 2027 के चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसलिए वह अभी से ऐसी भूमिका तैयार कर रहे हैं कि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ आए तो उसे वोट चोरी का नाम दिया जा सके। दयाशंकर सिंह ने कहा कि चुनाव हारने की खीझ में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़कर पहले से ही जनता और मीडिया के सामने सफाई तैयार करना चाहते हैं। 'अखिलेश मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा कैसे जीती?' दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर सवाल उठाते हुए 2014 और 2017 के चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के समय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव में वोट चोरी हो रही थी, तो उस समय भाजपा को इतनी बड़ी जीत कैसे मिली? दयाशंकर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और भाजपा गठबंधन को 330 सीटें मिली थीं। मंत्री ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या उस समय भी अखिलेश यादव ने वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था? कांग्रेस पर भी साधा निशाना, इमरजेंसी का किया जिक्र दयाशंकर सिंह ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने बदनाम किया है। इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल कांग्रेस ने लगाया था और उसके शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर राजनीतिक प्रभाव रहता था। दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सभी संस्थाएं स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है, लेकिन विपक्षी दलों को यह रास नहीं आ रहा है। मंत्री के मुताबिक, अखिलेश यादव और कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक परेशानी जाहिर कर रहे हैं।

अखिलेश नौकरी गिनते रहें, अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री योगी

सैफई सिंडिकेट ने अयोग्य व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनवाकर युवाओं के साथ किया अन्याय : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   प्रयागराज में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित मतदाता सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित   सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही वसूली पर निकल पड़ती थी चाचा-भतीजे की जोड़ी, परीक्षा देने वालों के बजाय दूसरों को मिलते थे नियुक्ति पत्र   अखिलेश नौकरी गिनते रहें, अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री योगी   सपा के लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए प्रदेश ही परिवार, 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हितों के लिए काम कर रही सरकार   योग्य गुरु ही निखारता है प्रतिभा, शिक्षा बने राष्ट्र निर्माण का माध्यम, मुख्यमंत्री योगी ने याद दिलाई प्रयागराज की गौरवशाली गुरु परंपरा   माफिया मिट्टी में मिले तो प्रयागराज की प्रतिभाओं पर लगा ग्रहण हटा, अब माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास   23 अक्टूबर को स्नातक चुनाव के लिए अवकाश घोषित, भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर को विजयी बनाने की अपील   प्रयागराज  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। कहा कि सपा सरकार ने अपने सैफई सिंडिकेट के ऐसे व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनाया, जो स्वयं उस पद के योग्य नहीं था। इससे युवाओं के साथ घोर अन्याय हुआ। नौकरी का विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। परीक्षा की तैयारी करने वाले नौजवान नौकरी पाने के लिए पैसे की व्यवस्था करने की चिंता में पड़ जाते थे। जिन्होंने परीक्षा तक नहीं दी, उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाते थे और मेहनत करने वाले युवा ठगा हुआ महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हक के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब उनसे समर्थन मांगने का नैतिक अधिकार नहीं है।   मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को प्रयागराज के गवर्नमेंट प्रेस मैदान में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित स्नातक मतदाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रोजगार संबंधी सवालों पर पलटवार करते हुए अगले छह महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने की बात कही। स्नातक मतदाताओं से 23 अक्टूबर को भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील भी की।   अखिलेश गिनते रहें, छह महीने में एक लाख से ज्यादा नौकरियां देंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूछते थे कि नौकरी कहां है। अब वह गिनते रहें, अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं को नौकरी दी जा रही है। चार हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती पूरी हो चुकी है। इनके नियुक्ति पत्र जल्द वितरित होंगे। इसके अलावा 42 हजार होमगार्ड की भर्ती पूरी हो चुकी है। लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा सेवा चयन आयोग की आगामी भर्तियों से 30 से 35 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब तक साढ़े छह लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। सभी भर्तियां आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए मेरिट के आधार पर की जा रही हैं।   योग्य गुरु ही निखारता है प्रतिभा, शिक्षा बने राष्ट्र निर्माण का माध्यम मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज की शैक्षिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया का पहला गुरुकुल महर्षि भारद्वाज ने इसी धरती पर प्रारंभ किया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय कभी पूरे उत्तर भारत को नई रोशनी देता था। आज भी लाखों युवा यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि योग्य स्नातकों की प्रतिभा को उजागर करने का काम योग्य गुरु ही करता है। भगवान राम के पीछे गुरु वशिष्ठ, भगवान कृष्ण के पीछे गुरु संदीपनी, चंद्रगुप्त मौर्य के पीछे आचार्य चाणक्य और स्वामी विवेकानंद के पीछे रामकृष्ण परमहंस जैसे गुरु थे। शिक्षक का सम्मान तभी बढ़ता है, जब शिक्षा राष्ट्र और लोक कल्याण का माध्यम बनती है। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का भी उल्लेख किया।   सपा के लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए प्रदेश ही परिवार मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए परिवार ही प्रदेश था, जबकि भाजपा सरकार के लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है। प्रदेश की 25 करोड़ जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में भर्तियों में गड़बड़ी के कारण न्यायालय को रोक लगानी पड़ती थी। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने पारदर्शी नियुक्तियों की व्यवस्था की है। वर्ष 2017 से 2024 के बीच ही सपा के चार कार्यकाल की तुलना में चार गुने से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।   120 से बढ़कर 24 हजार हुए स्टार्टअप मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। युवा नौकरी मांगने वाले ही नहीं, नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं। सरकार स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त तथा गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है।   शिक्षामित्रों का मानदेय तीन हजार से बढ़कर 18 हजार हुआ मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों को 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी और पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इन सुविधाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में शिक्षामित्रों को तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था, जबकि अब 18 हजार रुपये दिया जा रहा है।   माफिया मिट्टी में मिले तो प्रतिभाओं पर लगा ग्रहण हटा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रयागराज की पहचान पर माफिया का ग्रहण लग गया था। व्यापारी, बेटियां और आम नागरिक ही नहीं, प्रशासन तथा न्यायपालिका तक के सामने चुनौती थी। डबल इंजन सरकार में माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं और प्रयागराज की प्रतिभाएं फिर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि … Read more

प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना   मुख्यमंत्री योगी बोले- मसुरियादीन ने नौ वर्ष जेल में रहकर लड़ी आजादी की लड़ाई, इतिहास ने भुला दिया उनका योगदान   महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं, वंचितों और दलितों के लिए संघर्ष करने वालों को भी मिलना चाहिए सम्मान   नेहरू के साथ 1952 में संसद पहुंचे थे मसुरियादीन, चार बार बने सांसद, जरायम पेशा कानून के खिलाफ उठाई आवाज   मसुरियादीन के नाम पर होगा प्रयागराज का चौराहा और एक प्रमुख संस्था, मुख्यमंत्री ने महापौर से मांगा प्रस्ताव   प्रयागराज  स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।' मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।   मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।   नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए मसुरियादीन मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।   जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।   उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।   महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।   मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।   मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा, संस्था को भी मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।   महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।   मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के … Read more

‘सपा में नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और राजभर समाज की इज्जत कहां?’: राजभर

अखिलेश पर ओपी राजभर और राकेश त्रिपाठी का हमला, PDA से लैपटॉप योजना तक उठाए सवाल सपा ने युवाओं को लैपटॉप के नाम पर दिया लॉलीपॉप: राकेश त्रिपाठी 'अखिलेश के PDA में परिवारवाद, धन्ना सेठ और अपराधी की पूछ': राकेश त्रिपाठी लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण, महिला आरक्षण, राम मंदिर और PDA की राजनीति को लेकर सपा पर निशाना साधा। ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति में परिवार और दौलतमंदों को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं राकेश त्रिपाठी ने PDA को परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों को संरक्षण देने वाला बताया। ‘विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’: राजभर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो उस समय लैपटॉप घोटाला चर्चित रहा था। राजभर ने कहा कि मौजूदा सरकार में 62 लाख टैबलेट बांटे जा चुके हैं और दो करोड़ वितरण का लक्ष्य है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा वितरण में गड़बड़ी का कोई मामला सामने लाकर दिखाएं। भाजपा से सपा में शामिल हुए भवानी शुक्ला को अखिलेश यादव द्वारा ब्लॉक प्रमुख संबोधित करने पर ओम प्रकाश राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ब्लॉक प्रमुख भवानी शुक्ला नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हैं। अखिलेश यादव लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। राजभर ने इस मुद्दे को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का विरोध करना महिलाओं को अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने से वंचित करने जैसा है। इसको लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलेगी बबुआ।” PDA में पिछड़ों और दलितों की पूछ कहां?: राजभर ओम प्रकाश राजभर ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर परिवार और धनवानों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने नाई, गोंड, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, चौहान, यादव और पटेल समेत कई वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। राजभर ने कहा कि इन वर्गों के लोगों ने सपा विधायकों को जिताया, लेकिन राज्यसभा में मौका देने के समय पार्टी ने दूसरे विकल्पों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में सामाजिक प्रतिनिधित्व के बजाय धनवानों की पूछ अधिक है। लैपटॉप की जगह लॉलीपॉप दिया: राकेश त्रिपाठी राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण योजना को लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार में युवाओं को लैपटॉप देने के नाम पर लॉलीपॉप दिया गया था। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उस समय अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाभार्थियों को चुनकर लैपटॉप बांटे गए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा उस दौर को भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो करोड़ टैबलेट वितरण का लक्ष्य रखा है और 65 लाख से अधिक टैबलेट बांटे जा चुके हैं। उनके मुताबिक, योगी सरकार विद्यार्थियों को बिना भेदभाव तकनीकी सहायता देकर उनकी पढ़ाई में लगातार सहयोग कर रही है। परिवार और धन्ना सेठों तक सिमटी सपा: राकेश त्रिपाठी अखिलेश यादव के PDA पर निशाना साधते हुए राकेश त्रिपाठी ने इसे परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में परिवार और धनवानों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल खड़े हुए हैं।