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योगी-राजनाथ ने किया ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का शुभारंभ, INS गोमती बना मुख्य आकर्षण

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 मई को लखनऊ में 'नौसेना शौर्य वाटिका' का उद्घाटन किया, जो भारतीय नौसेना की वीरता और तकनीकी शक्ति को समर्पित एक प्रमुख स्थल है। उद्घाटन समारोह सीजी सिटी में भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर 5 के पास की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौसेना वाटिका भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। यह वाटिका युवाओं को देशभक्ति और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की प्रेरणा देगी। उत्तर प्रदेश में विकसित की जा रही ऐसी परियोजनाएं राष्ट्रीय गौरव को नई पहचान दे रही हैं। भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विकसित, 'नौसेना शौर्य वाटिका' को एक आधुनिक ओपन-एयर संग्रहालय और व्याख्या केंद्र के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो भारतीय नौसेना की विरासत, परिचालन क्षमताओं और समुद्री उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है। उम्मीद है कि यह वाटिका उत्तरी भारत में एक प्रमुख सैन्य पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगी, जो आगंतुकों को राष्ट्रीय सुरक्षा, नौसैनिक युद्ध और समुद्री अभियानों में नौसेना की भूमिका को करीब से समझने का अवसर प्रदान करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की परिकल्पना न केवल नौसैनिक योद्धाओं को श्रद्धांजलि के रूप में, बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए एक शैक्षिक और प्रेरणादायक स्थान के रूप में भी की गई है। सेवामुक्त युद्धपोत आईएनएस गोमती यहां आकर्षण का मुख्य केंद्र है। यह नौसैनिक पोत 28 मई, 2022 को सेवा से रिटायर हुआ था, और अब इसे भारत की समुद्री शक्ति के प्रतीक के रूप में वाटिका में स्थापित किया गया है। इस स्थल पर नौसेना के कई युद्धक सिस्टम और संरचनाएँ भी प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें जहाज़ का लंगर, AK-726 मध्यम-श्रेणी की तोप, CET-53M टॉरपीडो लॉन्चर सिस्टम, RJ के साथ ZIF-101 लॉन्चर, कैप्स्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज़ का प्रोपेलर शामिल हैं। इस परियोजना से लखनऊ के पर्यटन को काफ़ी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह भारतीय नौसेना के इतिहास, रणनीतिक अभियानों और तकनीकी क्षमताओं के बारे में जागरूकता भी बढ़ाएगी। इस वाटिका को देशभक्ति की भावना जगाने और युवाओं में सशस्त्र बलों तथा रक्षा सेवाओं के प्रति अधिक रुचि पैदा करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'नौसेना शौर्य वाटिका' देशभक्ति और सैन्य गौरव का एक नया प्रतीक बनेगी, और भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा तथा बलिदान की भावना से प्रेरित करेगी।

अवैध कब्जों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, बहराइच में मदरसा और 11 दुकानें ध्वस्त

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की पयागपुर तहसील के सिंहपुर गांव में प्रशासन ने ग्राम सभा की जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुल्डोजर चलाया. कोर्ट के आदेश पर तहसीलदार अंबिका चौधरी के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने ग्राम सभा की बंजर भूमि पर बने 11 अवैध दुकानों और एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।  ग्राम सभा की जमीन पर लंबे समय से था कब्जा जानकारी के अनुसार सिंहपुर गांव में ग्राम सभा की बंजर भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर कुछ लोगों द्वारा दुकानें और एक मदरसा संचालित किया जा रहा था. इस संबंध में मामला न्यायालय में विचाराधीन था. न्यायालय से अतिक्रमण हटाने का आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी. निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।  कार्रवाई के दौरान बुल्डोजर की मदद से एक-एक कर सभी अवैध निर्माणों को गिराया गया. प्रशासन की टीम ने पहले संबंधित लोगों को न्यायालय के आदेश और कार्रवाई की जानकारी दी. जिसके बाद बुल्डोजर चलाकर कब्जा हटाया गया. किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. हालांकि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या सामने नहीं आई।  तहसीलदार अंबिका चौधरी ने बताया कि ग्राम सभा की भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा कानूनन गलत है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए यह कार्रवाई की गई है. प्रशासन का उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है, ताकि उसका उपयोग जनहित के कार्यों के लिए किया जा सके।  प्रशासन बोला आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ ऐसे होगी कार्रवाई उन्होंने यह भी कहा कि जिले में ग्राम सभा और अन्य सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों की पहचान की जा रही है. जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करें और यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे स्वयं हटा लें।  प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद गांव में चर्चा का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम सभा की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी. अब कार्रवाई होने के बाद जमीन को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित किया जा सकेगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी अवैध कब्जाधारी को बख्शा नहीं जाएगा। 

उत्तर प्रदेश में बिजली हुई महंगी, अब हर महीने ज्यादा ढीली होगी जेब

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद बुरी खबर है। प्रदेश में भीषण गर्मी, भारी बिजली कटौती और किल्लत के बीच अब जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ने वाली है। यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने राज्य में बिजली दरों को महंगा करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इसके तहत अब उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सीधे 10% का इजाफा होने जा रहा है। ‘ईंधन अधिभार’ के नाम पर वसूला जाएगा अतिरिक्त शुल्क जानकारी के मुताबिक, बिजली दरों में यह बढ़ोतरी ‘ईंधन अधिभार’ (Fuel Surcharge) के नाम पर की जा रही है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को अब अपनी सामान्य बिजली खपत के लिए तय दर से 10% राशि अलग से (अतिरिक्त शुल्क के रूप में) चुकानी होगी। पावर कॉरपोरेशन के इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क बढ़ा सामने आया है कि, अगले महीने से उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने जा रहा है. यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल में 10 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क वसूलने का फैसला किया है. यह राशि फ्यूल सरचार्ज पर बढ़ोतरी के कारण बढ़ी है. जारी आदेश के अनुसार, बढ़ा हुआ शुल्क जून महीने के बिजली बिल के साथ जोड़ा जाएगा. यानी उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिजली बिल के अलावा 10 फीसदी अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी।  फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के कारण बढ़ोतरी इस फैसले का असर प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. बिजली विभाग का कहना है कि बिजली उत्पादन और खरीद में आने वाली अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा है. इसके तहत उपभोक्ताओं के बिल में अलग से शुल्क जोड़ा जाएगा।  कई इलाकों में बिजली कटौती से जूझ रहे हैं लोग हालांकि ऐसे समय में बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला आया है, जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में बिजली बिल में 10 फीसदी अतिरिक्त भार पड़ने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।  जून के बिल के साथ जुड़कर आएगी बढ़ी हुई दरें राहत की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं को यह झटका बहुत जल्द लगने वाला है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली का यह बढ़ा हुआ दाम आगामी जून के बिल के साथ जुड़कर आएगा। यानी जून महीने में आप जो बिजली इस्तेमाल करेंगे, उसका बिल 10% अतिरिक्त शुल्क के साथ आपके हाथ में आएगा। भारी कटौती और किल्लत के बीच जनता को झटका एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस समय भीषण गर्मी के कारण बिजली की भारी किल्लत देखी जा रही है और अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली की दरों में इस तरह की बढ़ोतरी ने आम जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। इस फैसले के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

योगी सरकार की पारदर्शी तबादला नीति, स्क्रीन पर चुनकर मिली तैनाती

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तबादला नीति में पारदर्शिता को लेकर विशेष ध्यान दे रही है. सरकार का पूरा प्रयास है कि विभागों में तबादले के दौरान किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो और कार्मिकों को मेरिट के आधार पर तैनाती मिले. इसके तहत शुक्रवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने एक अनूठी पहल शुरू की. जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में आज ट्रांसफर के इच्छुक सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को मनचाही तैनाती उनके सामने पारदर्शी तरीके से दी गई. इस पूरी प्रक्रिया में 170 अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया गया. प्रक्रिया के दौरान विभाग के राज्य मंत्री दिनेश खटीक, रामकेश निषाद और अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 170 कर्मचारियों और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया. इसमें जल निगम ग्रामीण विभाग के 131, लघु सिंचाई विभाग के 28 और भूगर्भ जल विभाग के 11 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया. इसमें 2 मुख्य अभियंता, 15 अधीक्षण अभियंता, 35 अधिशासी अभियंता, 40 सहायक अभियंता और 78 जूनियर इंजीनियर के तबादले किए गए. पहली बार कार्मिकों से पूछकर दी गई तैनाती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जल निगम ग्रामीण विभाग के हॉल में 8 स्क्रीनों की व्यवस्था की गई थी. इन 8 स्क्रीनों पर संबंधित पदों के लिए रिक्त जिलों की सूची प्रदर्शित की गई. सबसे वरिष्ठ और सक्षम अधिकारियों से क्रमवार उनके तबादले की प्राथमिकता पूछी गई और उनके मनचाहे जिले को लॉक कर दिया गया. कम्प्यूटर का बटन दबते ही कुछ सेकेंड में ही कार्मिकों का ट्रांसफर लेटर उनके मोबाइल में पहुंच गया. इस प्रक्रिया में पूरे प्रदेश के ट्रांसफर के इच्छुक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. इस दौरान जो कार्मिक किसी कारणवश नहीं आ पाए थे, उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा गया था, जिससे वो अपनी बात मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रख सकें. वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को बनाया मानक जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कार्मिकों के वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को मानक बनाया गया था. जो उनके केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडेक्स) के आधार पर तय होता है. इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी हस्तक्षेप नहीं हो सकता है. इस पूरी प्रक्रिया से सभी कार्मिकों में खुशी की लहर है. इस दौरान अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम हो रहा है. इसी के तहत पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरा किया गया.  

CBI ने मेरठ कैंट बोर्ड के नामित सदस्य को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

मेरठ यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत धड़ाधड़ कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस, एंटी करप्शन के बाद अब सीबीआई ने भी रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मेरठ में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए मेरठ कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम देर रात तक इस मामले में पूछताछ करती रही। हालांकि पूरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। ​प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा नेता और कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश शर्मा ने किसी सरकारी कार्य के एवज में एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की जिसके बाद टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया। जैसे ही ठेकेदार ने रिश्वत की रकम डॉ. सतीश शर्मा को सौंपी मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मेरठ के पल्लवपुरम स्थित अंसल टाउन में छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार डॉ. सतीश शर्मा के आवास और अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है। ​सीबीआई की टीम फिलहाल मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। देर रात तक आगे की पूछताछ और कार्रवाई जारी थी। ​ कैंट बोर्ड में मचा हड़कंप ​कैंट बोर्ड के सदस्य की इस तरह से गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। डॉ. सतीश चंद्र शर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, भाजपा नेता होने के नाते ही उन्हें कैंट बोर्ड में फरवरी-2022 में सदस्य नामित किया गया था। तब से उन्हें हर छह माह पर अवधि विस्तार दिया जा रहा है। हापुड़ से जीएसटी विभाग का स्टेनो 24 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार वहीं दूसरी ओर हापुड़ में विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। टीम ने जीएसटी विभाग में सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 के स्टेनो को 24 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। ग्राम दादरी निवासी चमन सिंह ने विजिलेंस टीम से शिकायत कर बताया था कि मोदीनगर रोड पर उसकी सावित्री बीज भंडार नाम से दुकान है। उन्होंने इसका जीएसटी नंबर लिया हुआ है। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 के स्टेनो जयदीप ने उनसे आठ मई को फोन कर अपने ऑफिस में आकर मिलने को कहा था। जब वह उनके ऑफिस गया तो स्टेनो जयदीप ने अपने कम्प्यूटर की स्क्रीन पर 48,000 रुपये का टैक्स शिकायतकर्ता की तरफ दिखाया। स्टेनो ने कहा कि अगर इसके आधे 24 हजार रुपये उसे दे दें तो वह सारे टैक्स को अपने स्तर पर खत्म कर देगा। चमन सिंह ने कहा कि उनके ऊपर ऐसा कोई टैक्स नहीं बनता है और न ही उसे किसी तरह का नोटिस दिया गया। अगर ऐसा कोई टैक्स बनता है तो वह उसे जमा करने को तैयार हैं। लेकिन स्टेनो जयदीप द्वारा 24 हजार रुपये की लगातार मांग की जाती रही। शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी की धरपकड़ को जाल बिछाना शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह विजिलेंस टीम निरीक्षक रेनूका सिंह के नेतृत्व में रेवती कुंज स्थित जीएसटी कार्यालय पहुंची। चमन सिंह, स्टेनो जयदीप के पास पहुंचा और रिश्वत की रकम उसे सौंपी। जैसे ही आरोपी ने रुपये लिए विजिलेंस टीम ने तत्काल उसे दबोच लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया विजिलेंस टीम की तहरीर पर स्टेनो जयदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

खोड़ा में दिल दहला देने वाली वारदात, बच्चे को बुलाकर दिया चाकू; हत्या से इलाके में हड़कंप

गाजियाबाद यूपी के गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में ईद के मौके पर हुए जानलेवा चाकू हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. घायल युवक की नोएडा के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।  मृतक युवक की पहचान सूर्या चौहान (17 वर्ष) निवासी नवनीत विहार खोड़ा के रूप में हुई है. परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार घटना कल बीती 28 मई 2026 की शाम करीब 3:30 बजे की है. मृतक की मां के मुताबिक, सूर्या चौधरी स्कूल के पास गली में खड़ा था, तभी अरशद, नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक समेत अन्य युवकों ने बच्चे को बहला-फुसलाकर बुलाया. अरशद ने पूछा कि क्या उसने कभी बकरी को कटते देखा है, ‘नहीं’ कहने पर बच्चे पर चाकू से वार कर दिया गया. आरोप है कि आरोपियों ने सूर्या को पकड़ लिया और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।  घटना के दौरान शोर सुनकर मृतक का भाई यश चौहान और उसकी मां मौके पर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि हमलावर सूर्या को गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गए. घायल युवक को तुरंत नोएडा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।  घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई. हत्या करने वाले आरोपी युवक मुस्लिम समुदाय से है, मृतक युवक और हत्या करने वाले युवक पहले से जानकार और मित्र है और दोनों के बीच कुछ माह पूर्व झगड़ा हुआ था. आरोप है कि उसी का बदला लेने के लिए पहले फोन कर युवक को बुलाया गया और फिर एक बड़े चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी गई. ऐसे में घटना को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी रोष है।  एहतियात के तौर पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. मौके पर खोड़ा नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रीना भाटी भी मौजूद रहीं. हिंदू संगठन से जुड़े लोगो की मांग है कि खोड़ा में युवक की मुस्लिम लड़कों द्वारा की गई हत्या में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और गिरफ्तारी के साथ ही उनके घरों पर बुलडोजर की कार्यवाही होनी चाहिए। 

Abdullah Azam Case: कोर्ट ने रद्द की 7 साल की सजा, जेल से रिहाई की बढ़ी उम्मीदें

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान अभी जेल में बंद है. पर अब्दुल्ला के लिए एक अच्छी खबर आई है. MP/MLA सेशन कोर्ट ने दो पासपोर्ट मामले में सुनाई गई 7 साल की सजा को रद्द कर दिया है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या अब्दुल्ला जेल से बाहर आएंगे।  वैसे भला ही अब्दुल्ला आजम खान को कोर्ट से दो पासपोर्ट मामले में राहत मिल गई हो, लेकिन जेल से बाहर आने का रास्ता साफ नहीं हुआ है. दरअसल, कुछ ऐसे मामले जो कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं जिसमें अभी सुनवाई जारी है।  गौरतलब है, दो पासपोर्ट मामले में MP/MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 5 दिसंबर 2025 को अब्दुल्ला आज़म को 7 साल की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ अब्दुल्ला आज़म की ओर से MP/MLA सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी, जिस पर 25 मई को बहस पूरी हो चुकी थी. इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म की अपील मंजूर कर ली और पूर्व में सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया।  बता दें, बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई 2019 को रामपुर के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि अब्दुल्ला आज़म ने अलग-अलग जन्मतिथि दर्शाकर दो पासपोर्ट बनवाए. एक पासपोर्ट में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज होने का आरोप था. दोनों पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश यात्रा करने के आरोप भी लगाए गए थे. यह मामला MP/MLA कोर्ट में विचाराधीन था। 

योगी सरकार के प्रयास रंग लाए, पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु दर में आई गिरावट

योगी सरकार के प्रयासों का असर, पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु दर में आई कमी एसआरएस की ताजा रिपोर्ट में नवजात से लेकर पांच साल तक उम्र वाले बच्चों की मौत के आंकड़ों के सुधार कंगारू मदर केयर, सीपैप मशीन, मिल्क बैंक व नियमित टीकाकरण बने बड़े सहायक आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला महिला अस्पताल के डाक्टरों व स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण करने का भी मिला फायदा लखनऊ  योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में नवजात से पांच साल तक उम्र वाले बच्चों की मृत्यु दर में कमी आई है। आंकड़ों में आया यह सुधार हजारों बच्चों के सुरक्षित जीवन, लाखों परिवारों की उम्मीदों और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ते विश्वास की कहानी दर्शाता है। साथ ही जन्म के तुरंत बाद होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने की चुनौती भी पेश करता है।  नवजात से लेकर पांच साल तक उम्र वाले बच्चों की मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई सेंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की ताजा रिपोर्ट में नवजात से लेकर पांच साल तक उम्र वाले बच्चों की मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 26 से 25, शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 37 से 35 और पांच साल तक उम्र वाले बच्चों की मृत्युदर 42 से 41 रह गई है। यह सर्वे प्रति 1000 बच्चों के हिसाब से किया गया है।      बच्चों की मृत्यु दर में कमी का अगला चरण प्रसव, डिलीवरी पर उत्तर प्रदेश का उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होना, जहाँ बच्चों की मृत्यु दर में सभी आयु वर्गों में कमी आई है, सबके सामूहिक समर्पण, अथक परिश्रम और जमीनी स्तर पर निरंतर किए गए प्रयासों का प्रमाण है। यह रुझान उत्साहजनक हैं तो हमें यह भी याद दिलाते हैं कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी की रफ़्तार अभी भी उम्मीद से धीमी है और जन्म के तुरंत बाद होने वाली मृत्यु दर में खास बदलाव नहीं आया है। इससे साफ़ पता चलता है कि बच्चों की मृत्यु दर में कमी का अगला चरण प्रसव, डिलीवरी और जीवन के पहले 48 घंटों के दौरान दी जाने वाली देखभाल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर बहुत ज़्यादा निर्भर करेगा। स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के अपग्रेड होने से एनएमआर व आईएमआर में कमी आई किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ शालिनी त्रिपाठी के अनुसार प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के अपग्रेड होने से एनएमआर व आईएमआर में कमी आई है। बीते तीन-चार सालों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला महिला अस्पताल के डाक्टरों व स्टाफ नर्स को लगातार प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा नवजात को सांस लेने में दिक्कत होने पर लगाई जाने वाली सीपैप मशीन, कंगारू मदर केयर, मिल्क बैंक, निःशुल्क दवाओं व नियमित टीकाकरण भी शिशुओं की मृत्यु दर कम करने में सहायक साबित हुए हैं। इसके अलावा अस्पतालों में शुरू हुए मदर न्यूबार्न केयर यूनिट (एमएनसीयू), जिसमें प्रसव के बाद मां-बच्चे को एक साथ वार्ड में ठहराया जाता है, से भी बड़ा लाभ हो रहा है।  रेफरल प्रोटोकॉल का पालन करने से जन्म के समय पुनर्जीवन प्रक्रियाओं को मिली मजबूती वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स डेजी रानी ने बताया कि नर्सों को नवजात शिशु की देखभाल पर नियमित रूप से साप्ताहिक वर्चुअल लर्निंग सेशन और समय-समय पर आमने-सामने रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जा रही है। इन ट्रेनिंग से उन्हें नवजात शिशु के खतरे के लक्षणों को पहचानने, समय पर रेफरल प्रोटोकॉल का पालन करने और जन्म के समय पुनर्जीवन प्रक्रियाओं को मजबूत करने में काफी मदद मिली है। वीरांगना अवंती बाई अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सलमान ने बताया कि बहुत से बच्चों की मौत संक्रमण व अस्वच्छता के कारण भी हो जाती थी। अब अस्पतालों में स्वच्छता व बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाता है कि शिशु के पास आने से पहले डाक्टर, नर्स के हाथ साफ हों, प्रसूता का डिलिवरी क्षेत्र साफ हो, बच्चे को लपेटने वाला कपड़ा साफ हो, बच्चे की नाल काटने वाला उपकरण व नाल में बांधी जाने वाली क्लिप स्वच्छ हो। अस्पतालों में स्वच्छता व संक्रमण कम होना भी शिशु मृत्यु दर कम होने की एक वजह है।

मुख्यमंत्री ने मऊ को दी 392 करोड़ की 114 परियोजनाओं की सौगात

माफिया अब खुली जीप में पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू को धमका नहीं सकताः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मऊ को दी 392 करोड़ की 114 परियोजनाओं की सौगात  धार्मिक आयोजन में व्यवधान डालने वाले की रावण व कंस जैसी दुर्गति तयः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने कहा, माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सपा सरकार, देखकर छूटता था पसीना सीएम योगी ने जन प्रतिनिधियों की मांग पर घोसी चीनी मिल के विस्तारीकरण के लिए मांगा प्रस्ताव  मऊ/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ की धरती से माफिया को फिर खुली चुनौती दी। उन्होंने दो टूक कहा कि अब किसी माफिया व गुंडे में दुस्साहस नहीं है कि त्योहारों में उपद्रव कर दे। यदि किसी ने रामलीला, यज्ञ-कथा, जन्माष्टमी, रामनवमी, शिवरात्रि, रक्षाबंधन आदि धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डाला तो उसकी रावण व कंस जैसी दुर्गति तय है। किसी ने बेटी व व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो उसका इंतजार यमराज ही करेंगे। अब कोई माफिया खुली जीप में चलकर पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू को धमका नहीं सकता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ के गांधी मैदान में 392 करोड़ से अधिक लागत वाली 114 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने मऊ को क्रांतिधरा बताते हुए साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय, समाज सुधारक स्वामी सहजानंद सरस्वती, मऊ को नई पहचान दिलाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय की स्मृतियों को नमन किया। उन्होंने पूर्व राज्यपाल फागू चौहान का भी जिक्र किया और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया।   अच्छी सरकारी देती है विकास, गलत लोग चुनने पर लगती है सुरक्षा में सेंध  मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार विकास लेकर आती है। यह विकास बिना भेदभाव नागरिकों के जीवन स्तर को उठाने का माध्यम होता है। सड़क या पुल जाति पूछकर नहीं चलने देते, स्वास्थ्य केंद्र जाति पूछकर उपचार और बाढ़ सुरक्षा के कार्य जाति पूछकर बचाव नहीं करते। जब अच्छे लोग चुने जाते हैं तो अच्छी सरकार आती है। जब गलत लोग चुने जाते हैं तो सुरक्षा में सेंध लगती है, जन विकास में लगने वाले पैसे में डकैती और बेटी-व्यापारी की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा होता है।  धार्मिक आयोजनों में व्यवधान पैदा किया जाता था मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश का यही हाल था। जिन लोगों की आयु 30-35 वर्ष से ऊपर है, वे भूले नहीं होंगे कि 21 वर्ष पहले 2005 में भरत-मिलाप कार्यक्रम पर दंगा कर मऊ को जलाने का प्रयास हुआ था। सत्ता के संरक्षण में माफिया रामलीला आयोजन में व्यवधान पैदा कर निर्दोष हिंदुओं का कत्लेआम कर रहे थे। माफिया को देखकर सपा का पसीना छूटता था, इनके मुंह से आवाज नहीं निकलती थी। माफिया के सामने नतमस्तक व नाक रगड़ने वाली सरकार मौन थी और यहां की सुरक्षा खतरे में थी। अराजकता का तांडव था। जनता यदि चंदा जुटाकर रामलीला, रामनवमी, यज्ञ, जन्माष्टमी, शिवरात्रि का आयोजन करती थी तो उसमें व्यवधान पैदा किया जाता था। शोहदे बेटियों का अपहरण करते थे, व्यापारी सूर्यास्त से पहले प्रतिष्ठान बंद करने को मजबूर थे। गरीब, युवा, नारी व किसान का उत्थान हो जाए तो देश दौड़ने लगता है  सीएम योगी ने कहा कि 2014 में जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में देश की बागडोर सौंपी तो सभी ने 12 वर्ष में बदलते भारत को देखा। मोदी जी कहते हैं कि हमारे लिए केवल चार जातियां (गरीब, युवा, नारी व किसान) हैं। इनका उत्थान हो जाए तो देश दौड़ने लग जाएगा और भारत दुनिया की बड़ी ताकत बन जाएगा। उन्होंने दिल्ली में योजनाएं बनाईं, भाजपा शासित राज्यों ने इसे लागू भी किया, लेकिन 2014 से 2017 तक सपा सरकार ने यूपी में उन योजनाओं को लागू नहीं होने दिया। सपा ने गरीबों के लिए शौचालय, आवास, राशन, सड़क नहीं बनने दी।  चार बार सरकार के बावजूद सपा शासन में गरीबों को नहीं मिलीं सुविधाएं  सीएम ने कहा कि आज प्रदेश में 65 लाख गरीबों को आवास, पौने तीन करोड़ गरीबों के घरों में शौचालय, 16 करोड़ गरीबों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। उपदेश देने वाले सपाइयों से पूछिए कि चार बार शासन करने के बाद भी उन्होंने और लगभग 50 वर्ष तक शासन करने वाली कांग्रेस ने यह कार्य क्यों नहीं किया। कांग्रेस-सपा सरकार में उनके गुंडे गरीब का राशन खा जाते थे और गरीब टकटकी लगाकर देखता था। 24 घंटे के भीतर मिलती है 5 लाख की सहायता  सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई है। किसान परिवार या बटाईदार यदि आपदा की चपेट में आ जाता है तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत 24 घंटे के अंदर जनप्रतिनिधि पांच लाख रुपये की सहायता राशि उसके घर जाकर देते हैं।  बिना रुके, झुके, थके चल रहे विकास अभियान सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में विकास अभियान बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे, बिना थके चल रहे हैं। हर गरीब के लिए आवास, पानी, सड़क, पुल, बाढ़ से बचाव आदि के प्रयास हो रहे हैं। सड़कें, पर्यटन केंद्र संवर रहे हैं, पुल-पुलिया बन रही हैं। बिजली परियोजनाएं तैयार हो रही हैं। सुरक्षा का माहौल है, नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार, बेटी के स्वावलंबन, अन्नदाता किसान के सम्मान के लिए योजनाएं चल रही हैं। विकास का पैसा विकास में और गरीब का पैसा गरीब के पास जा रहा है। सीएम ने नागरिकों से कहा कि वर्तमान को सजाने व संवारने का दायित्व आपके ऊपर है। आपने डबल इंजन सरकार को जिताने में योगदान दिया तो पीएम मोदी के नेतृत्व, मार्गदर्शन में सरकार सफल हुई और इसका श्रेय आपको जाता है।  सीएम ने बताई एक-एक वोट की ताकत सीएम योगी ने एक-एक वोट की ताकत बताई और कहा कि जब किसी देवस्थल का पुनरुद्धार व अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होता है तो इसका पुण्य भी आपके खाते में जाता है। आपका एक वोट 500 वर्ष की गुलामी के कलंक को धोकर राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण करता है तो बेटी-व्यापारी की सुरक्षा, माफिया को मिट्टी में मिलाकर कर्फ्यू, उपद्रव मुक्त प्रदेश बनाने में योगदान देता है। विकास की यात्रा अनवरत आगे बढ़नी … Read more

सीएम योगी बोले- मातृभूमि के प्रति समर्पण ही असली राष्ट्रभक्ति

जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ जिले के गांव ताजोपुर में ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का किया उद्घाटन सीएम बोले: गांव आत्मनिर्भर बनेंगे तभी विकसित भारत का सपना होगा साकार ताजोपुर मॉडल को मुख्यमंत्री ने बताया राष्ट्र निर्माण, ग्रामीण स्वावलंबन और “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” की जीवंत मिसाल एक समय पहचान के संकट से जूझने वाला मऊ आज इन संस्थानों की वजह से नई पहचान प्राप्त कर रहा है: मुख्यमंत्री मऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जिले के गांव ताजोपुर स्थित ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह ने भारतीय सेना में 35 वर्षों तक सेवा देने और देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करने के बाद अपनी जन्मभूमि लौटकर जो कार्य किया है, वह केवल संस्थान निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना और विभिन्न संस्थानों में वर्षों सेवा देने के बाद ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह का अपने गांव लौटकर वहां अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, आईटीआई और सैनिक पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना करना पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यह वही भाव है, जिसे हमारे शास्त्रों में “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” कहा गया है। जन्मभूमि और मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं हो सकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका विजय के बाद जब लक्ष्मण ने स्वर्णमयी लंका की समृद्धि की चर्चा की थी, तब भगवान श्रीराम ने कहा था, “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यही भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन है। चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह ने इसी आदर्श को अपने जीवन में उतारा है। भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर में वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने अपनी जन्मभूमि ताजोपुर लौटने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव लौटकर उन्होंने जिस प्रकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के केंद्र खड़े किए हैं, वह ग्रामीण भारत के लिए विकास का आदर्श मॉडल है। अस्पताल ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाला बड़ा केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह से संबंध लगभग 15-16 वर्ष पुराना है। तभी से वे उनके समाजसेवा और राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों के बारे में सुनते रहे हैं और आज उन्होंने अपनी आंखों से इसे देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजोपुर में स्थापित ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल केवल एक अस्पताल नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाला बड़ा केंद्र है। इसी प्रकार सैनिक नर्सिंग कॉलेज के माध्यम से एएनएम, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। फार्मेसी कॉलेज के माध्यम से डी.फार्मा और बी.फार्मा की शिक्षा दी जा रही है, जबकि आईटीआई के जरिए युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है। सैनिक पब्लिक स्कूल क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान केवल भवन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ हैं। यहां रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार मिल रहा है और बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका इन संस्थानों से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक समय पहचान के संकट से जूझने वाला मऊ आज इन संस्थानों की वजह से नई पहचान प्राप्त कर रहा है। सभी को लेने होंगे "पंच प्रण" मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान दिए गए “पंच प्रण” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करे, तब वह विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने खड़ा हो। इसके लिए हर भारतीय को पांच प्रण लेने होंगे। पहला प्रण हमारी विरासत पर गर्व करने का है। हम राम, कृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महानायकों के वंशज हैं। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। दूसरा प्रण गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करने का है। हमें हर उस सोच और प्रवृत्ति को त्यागना होगा, जिसमें विदेशी मानसिकता या गुलामी की गंध हो। तीसरा प्रण “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” है। जातिवाद, क्षेत्रवाद और छुआछूत जैसी बुराइयों ने देश को कमजोर किया। समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ खड़े होना हर भारतीय का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने चौथे प्रण के रूप में सैनिकों और सुरक्षा बलों के सम्मान की बात कही। उन्होंने कहा कि जब देश का सैनिक सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर माइनस तापमान में खड़ा रहता है, जब राजस्थान के रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान में सीमा की रक्षा करता है और जब पुलिसकर्मी दिन-रात अपराधियों से लड़ते हैं, तभी हम चैन से सो पाते हैं। इसलिए हर भारतीय के मन में सैनिकों और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांचवां प्रण नागरिक कर्तव्यों का पालन करना है। हर व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। विकसित भारत का सपना गांवों के विकास से ही साकार होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना गांवों के विकास से ही साकार होगा। प्रदेश विकसित तभी होंगे, जब जनपद विकसित होंगे और जनपद तभी विकसित होंगे, जब ताजोपुर जैसे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल, सैनिक पब्लिक स्कूल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज और आईटीआई जैसे संस्थान आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह पिछले डेढ़ दशक से “चरैवेति-चरैवेति” के मंत्र के साथ लगातार राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में जुटे हुए हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची देशभक्ति अपनी जन्मभूमि और समाज के लिए काम करने से सिद्ध होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकार के उत्कृष्ट … Read more