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वर्ष 2012 से 2017 तक भर्ती प्रक्रिया रही ठप, योगी सरकार ने मिशन मोड में पूरी की चयन प्रक्रिया

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे भर्ती संकट को समाप्त कर व्यवस्था परिवर्तन का नया अध्याय लिखा है। पूर्व में वर्ष 2012 से 2017 तक माध्यमिक शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप रही, जिसके कारण विद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हो गए और शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से घिर गई।  वर्ष 2017 में योगी सरकार के गठन के बाद स्थिति तेजी से बदली। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए पारदर्शिता, सुशासन और मेरिट को केंद्र में रखा, जिसका परिणाम 33,401 पदों पर सफल चयन के रूप में सामने आया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2017 से वर्ष 2022 तक प्रधानाचार्यों के 783, प्रवक्ता के 5,321 तथा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 27,297 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। इस प्रकार कुल 33,401 पदों पर भर्ती कर माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को नया संबल प्रदान किया गया। नीति स्पष्ट, नीयत साफ और नतीजे सामने माध्यमिक शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया की यह सफलता योगी सरकार की नीति, नीयत और नतीजों का स्पष्ट उदाहरण है। सरकार की नीति विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की रही, नीयत पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की रही, जबकि इसका नतीजा हजारों रिक्त पदों पर भर्ती के रूप में सामने आया। जहां पूर्ववर्ती सरकार के दौरान चयन प्रक्रिया ठहराव का शिकार रही, वहीं योगी सरकार ने लंबित प्रक्रियाओं को गति देकर यह साबित किया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी प्रशासनिक क्रियान्वयन से वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव है। माध्यमिक शिक्षा में 33 हजार से अधिक पदों पर भर्ती केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की कहानी है जिसमें ठप पड़ी चयन प्रक्रिया को गति मिली, युवाओं को अवसर मिला और विद्यालयों को शिक्षक मिले।  योगी सरकार ने दूर की विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया प्रभावित रहने के कारण माध्यमिक विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा था। योगी सरकार ने इस चुनौती को शिक्षा सुधार के व्यापक एजेंडे का हिस्सा बनाते हुए रिक्त पदों को भरने की दिशा में ठोस कदम उठाए। परिणामस्वरूप लंबे समय से लंबित चयन प्रक्रियाओं को गति मिली और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। बड़ी संख्या में टीजीटी, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ी है। इससे शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में भी सहायता मिली है। विद्यालयों में शैक्षणिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए प्रधानाचार्यों की नियुक्तियां भी महत्वपूर्ण साबित हुईं हैं, जिससे प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक वातावरण दोनों बेहतर हुए हैं। शिक्षा सुधारों को मिला मजबूत आधार प्रदेश में ऑपरेशन अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली जैसी पहल के साथ-साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाई है। पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को नई गति मिली है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार और मजबूत हुआ है।

कानून-व्यवस्था पर योगी का अल्टीमेटम, नोएडा-लखनऊ समेत 8 जिलों के अधिकारियों को चेतावनी

 लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कुछ जिलों में पिछले दिनों हुईं बड़ी आपराधिक घटनाओं पर शनिवार को कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आठ जिलों की समीक्षा की और पुलिस प्रमुख व जिलाधिकारियों को अपनी सरकार की प्राथमिकता से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ के डीएम व पुलिस कमिश्नरों के साथ ही जौनपुर, पीलीभीत, बागपत व गाजीपुर के डीएम व एसपी को जमकर फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने डीजीपी राजीव कृष्ण की मौजूदगी में सभी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जिला नहीं संभाल पा रहे हैं तो बता दें। लापरवाही पर सीधी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में पिछले कुछ दिनों में कई जिलों में लगातार बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई हैं। विपक्ष लगातार इन घटनाओं को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने बीते कुछ दिनों में सर्वाधिक बड़ी आपराधिक घटनाओं वाले जिलों की रिपोर्ट तलब की थी। नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को फटकार मुख्यमंत्री ने शनिवार की देर रात तक संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और एक-एक घटना को लेकर अधिकारियों की प्रतिक्रिया जानी। गौतमबुद्धनगर पिछले कई दिनों से आपराधिक घटनाओं को लेकर चर्चा में है। हाल ही में किन्नर की हत्या सहित जिले में हुए अन्य अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री ने कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को कानून-व्यवस्था कायम करने को लेकर चेतावनी दी है। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को भी वार्निंग वहीं लखनऊ में पिछले दिनों हुई भाजपा नेता शिवम सिंह की हत्या को लेकर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर को यहां तक कह दिया कि लखनऊ के नवविकसित क्षेत्रों में अपराधिक घटनाएं क्यों नहीं रुक रही हैं। चेतावनी भरे लहजे में जमकर फटकारा पिछले दिनों वाराणसी के सारनाथ में एक युवक की पिटाई से हुई मृत्यु व मनीष सिंह हत्याकांड, गाजियाबाद में बकरीद वाले दिन 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकुओं से गोदकर हत्या करने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने वहां के पुलिस कमिश्नरों को भी चेतावनी भरे लहजे में जमकर फटकारा। पीलीभीत में पिछले दिनों कपड़ा व्यापारी पंकज गुप्ता की हत्या, जौनपुर में दूल्हे आजाद की हत्या, बागपत में कूलर मैकेनिक चंद्रपाल व एक अन्य व्यक्ति की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को चेतावनी दी है। गाजीपुर में होटल व्यवसायी आलोक राय उर्फ डब्बू के बेटे विनित राय की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के कप्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। बैठक में संबंधित क्षेत्रों के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एडीजी जोन, आइजी व डीआइजी रेंज भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से कहा है कि अगर कानून व्यवस्था नहीं सुधार सकते हैं तो अंजाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें। बैठक में मुख्यमंत्री के बेहद कड़े रुख के बाद हरकत में आए पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में कानून-व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी।  

कचहरी रोड पर फिल्मी नजारा: बंदर ने 500-500 के नोट हवा में उड़ाए, भीड़ जुटी

बुलंदशहर  कहावत है कि ऊपर वाला जब भी किसी पर मेहरबान होता है तो उसे छप्पर फाड़ के धन दौलत देता है। बुलंदशहर में शनिवार को कचहरी रोड पर एक बंदर ने पेड़ पर चढ़ कर दो लाख रुपये के नोटों की जमकर बरसात की। वकीलों के साथ अन्य लोग भी 500-500 रुपये के नोट बटोरने में जुट गए। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। यह मामला शहर से लेकर गांव तक चर्चा का विषय बना है। इसी बीच लोगों ने वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। प्रसारित वीडियो को बड़ी संख्या में लोग लाइक कर रहे हैं। रजिस्ट्री करने स्टांप पेपर खरीदने को नोटों से भरे बैग को लेकर कचहरी जा रहे अधिवक्ता से बैग को लेकर बंदर नीम के पेड़ पर चढ़ गया। उसके बाद बंदर ने नोटों की जमकर बरसात की। नोट उठाने के लिए अधिवक्ताओं के अलावा आम लोग भी टूट पड़े। इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बड़ी तेजी से प्रसारित हो रहा है। आदतन बंदर ने नीम की डाली पर बैठकर बैग को फाड़ दिया और खाने के सामान की तलाश में नोटों को बाहर फेंकने लगा। पेड़ के नीचे कुछ लोग जमा थे, लोगों ने 500-500 के नोटों को पेड़ से गिरते देखा तो सब चौंक गए। लोग पेड़ के नीचे नोटों को बटोरने लगे। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जमीन पर बिखरे पड़े एक लाख 98 हजार रुपये बरामद कर रविन्द्र लोधी को सौंप दिए। दो लाख रुपये के नोटों से भरा बैग छीना कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार अधिवक्ता रविंद्र उर्फ राजा अपने साथी आमिर खान और सोहन पाल के साथ प्लाट की रजिस्ट्री करने को शनिवार को स्टांप खरीदने के लिए बैग में दो लाख रुपए की नगदी लेकर कचहरी जा रहे थे। इसी बीच बंदर ने दो लाख रुपये के नोटों से भरा बैग छीन लिया और उसके बाद कचहरी रोड पर लोहा कारोबारी गौरी शंकर के मकान में स्थित नीम के पेड़ की सबसे ऊंची टहनी पर बैठ गया। बैग चोरी होने की आशंका के बीच जब लोगों की नजर ऊपर गई तो नजारा किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। एक बंदर वकील का बैग लेकर पेड़ पर चढ़ गया और वहां से 500-500 रुपये के नोट हवा में उछाल रहा था। सड़क पर नोटों की बारिश होने लगी और लोग उन्हें बटोरने के लिए दौड़ पड़े। नोट उठाने को उमड़ पड़ी भीड़ बंदर ने उसके बाद बैग खोलकर नोटों की बरसात करनी शुरू कर दी। नोट को उठाने के लिए पेड़ के नीचे अधिवक्ताओं के साथ आम लोगों की भीड़ भी उमड़ पड़ी। अधिवक्ताओं ने नोटों की बरसात के दौरान एक लाख 91 हजार 500 रुपए एकत्र किए। बंदर उड़ाने लगा 500-500 के नोट पेड़ पर बंदर ने बैग खोल लिया। बैग के अंदर रखे 500-500 रुपये के नोट एक-एक करके नीचे फेंकनी शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हवा में जमीन पर गिरने लगे। पेड़ के नीचे और आसपाल मौजूद लोगों ने जब नोट गिरते देखा तो वहां भीड़ जमा हो गई। कई लोग नोट उठाने लगे तो कुछ मोबाइल फोन पर पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगे। पेड़ पर चढ़ा व्यक्ति वकील साहब के लिए सबसे बड़ी चिंता अपने रुपये और जरूरी दस्तावेजों से भरा बैग वापस पाना था। ऐसे में एक व्यक्ति साहस दि खाते हुए पेड़ पर चढ़ गया और बंदर से बैग छीनने की कोशिश की। इसके कुछ देर बाद बंदर बैग छोड़कर भाग गया। इसके बाद बैग को सुरक्षित नीचे उतार कर वकील को सौंप दिया गया।  

शिक्षा और आबकारी विभाग में भी बदलाव, 30 जिलों में नए बीएसए और कई अधिकारी इधर से उधर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के काम काज को चुस्त-दुरुस्त और तेज बनाने के लिए योगी सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। इस बीच कई विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। परिवहन, शिक्षा, आबकारी विभाग में कई अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं। शासन ने 28 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) मनोज कुमार मिश्रा को एआटीओ (प्रशासन) गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात सोमलता यादव को एसआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) कानपुर नगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीरजापुर विजय प्रकाश सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) प्रयागराज, एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत वीरेंद्र सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर मो.अजीम को एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती, एआरटीओ (प्रशासन) बलिया अरुण कुमार राय को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीराजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) बिजनौर गौरी शंकर ठाकुर को एआरटीओ (प्रशासन) फिरोजाबाद, एआरटीओ (प्राविधिक) परिक्षेत्र लखनऊ हिमांशु जैन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मुख्यालय के साथ एआरटीओ (प्रशासन) विस्तार पटल लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती विनीत कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रवर्तन चतुर्थ दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) हमीरपुर अमिताभ राय को एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी अंकित शुक्ला को एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़ अतुल कुमार यादव को एआरटीओ (प्रशासन) देवरिया, एआरटीओ (प्रवर्तन) प्रतापगढ़ दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी, एआरटीओ (प्रवर्तन) अमरोहा महेश कुमार शर्मा को एआरटीओ (प्रशासन) बिजनौर, एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ प्रवेश कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) शामली, एआरटीओ (प्रशासन) शामली रोहित राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात, एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) फतेहपुर, एआरटीओ (प्रशासन) एटा सत्येन्द्र कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी शिवम यादव को एआरटीओ (प्रशासन) एटा, एआरटीओ (प्रवर्तन) फर्रुखाबाद सुभाष चंद्र राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़, एआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) वाराणसी सुधांशु रंजन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मेरठ, एआरटीओ (प्रवर्तन) सोनभद्र राजेश्वर यादव को एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन) मीरजापुर सुशील कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत, एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) प्रवीण कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) हमीरपुर तथा एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) सौम्या पांडेय को एआरटीओ (प्रशासन) उरई बनाया गया है। डिप्टी और असिस्टेंट रजिस्ट्रार भी बदले गए राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। उप्र राज्य विवि सेवा के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। वहीं डिप्टी व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली का और अमृत लाल को महाराजा सुहेलदेव विवि आजमगढ़ का रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार को बनाया गया है। कई डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण दूसरे विश्वविद्यालयों में किया गया है। लखनऊ समेत छह आबकारी उपायुक्त बदले शासन ने जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले के बाद शनिवार को उप आबकारी आयुक्तों को भी स्थानांतरित कर दिया। वाराणसी मंडल के उप आबकारी आयुक्त प्रदीप दुबे को लखनऊ, राकेश कुमार सिंह को लखनऊ से आगरा, विजय प्रताप सिंह को आगरा से देवीपाटन मंडल गोंडा, आलोक कुमार को देवीपाटन मंडल गोंडा से उप आबकारी आयुक्त (विधि) मुख्यालय, राकेश कुमार अग्रवाल को गोरखपुर से बरेली, शैलेंद्र प्रताप सिंह को बरेली से वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। 30 जिलों में तैनात किए गए नए बीएसए उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के 30 बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) का शनिवार को तबादला किया गया। इसके साथ ही 19 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के वरिष्ठ प्रवक्ता व राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में तैनाती दी गई है। संतोष कुमार शामली, राकेश सिंह आगरा, अनिल कुमार फिरोजाबाद, आलोक सिंह अलीगढ़, रणवीर सिंह हाथरस, अनुपम अवस्थी एटा, नवीन कुमार बदायूं, जय शंकर श्रीवास्तव शाहजहांपुर के बीएसए बनाए गए हैं। वीरेंद्र कुमार सिंह बुलंदशहर, दीपा भाटी हापुड़, देवव्रत सिंह प्रतापगढ़, प्रिंसी मौर्य फतेहपुर, भूपेंद्र सिंह वाराणसी, समीर जौनपुर, गोरखनाथ पटेल सीतापुर, डा. राम जियावन मौर्य देवरिया के बीएसए बनाए गए हैं। अनिल कुमार सिंह कुशीनगर, अमित सिंह मुरादाबाद, हरिओम सिंह कानपुर नगर, आशीष कुमार पांडेय कानपुर देहात, रत्नेश कुमार ललितपुर, पूनम मिश्रा अंबेडकरनगर, विकास चौधरी जालौन, पूनम कन्नौज, मुकेश खरवार हमीरपुर, जितेंद्र कुमार गौड़ झांसी, रंजना शुक्ला चित्रकूट, विकास चंद्र श्रीवास्तव बलरामपुर, सुरजीत सिंह महाराजगंज और विकास कुमार सिंह मैनपुरी के बीएसए बनाए गए हैं। स्वाती भारती व दिव्या गुप्ता को सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी बनाया गया है। विमलेश कुमार को बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्याल का विधि अधिकारी बनाया गया है। चंद्र प्रकाश को बेसिक शिक्षा निदेशालय का सहायक उप शिक्षा निदेशक बनाया गया है।

तबादला घोटाले पर गिरी गाज: व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अफसर निलंबित, जांच शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है. इस कदम को राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ट्रांसफर के नाम पर करते थे धन उगाही जानकारी के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं. वहीं निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराया. विभागीय सूत्रों के मुताबिक सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में तबादलों के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा था और इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. बताया जा रहा है कि तबादले कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती थी. सूत्रों का दावा है कि स्थानांतरण कराने के बदले करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था. वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. उन पर भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न और धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, विभागीय जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे. ऐसे करते थे उगाही आरोप है कि अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण या कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी. इस तरह विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से धन उगाही की जाती थी. सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. विभाग के कर्मचारियों के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

बासमंडी उपकेंद्र ठप, नटखेड़ा में केबल में लगी आग; कई इलाकों में घंटों गुल रही बिजली

लखनऊ यूपी के लखनऊ में बासमंडी स्थित जीटीआई उपकेंद्र शनिवार शाम सात बजे ठप हो गया। इससे गणेशगंज, पान दरीबा और लालकुआं जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई। शाम के वक्त बिजली न आने से करीब 40 हजार आबादी को पानी का संकट खड़ा हो गया। वहीं बाजारों में अंधेरा छा गया और कई व्यापारियों को समय से पहले अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। लगभग सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 8:15 बजे बिजली बहाल हो सकी। लखनऊ में लोग एक बार फिर बिजली-पानी के लिए परेशान हो गए। वहीं आलमबाग के नटखेड़ा रोड पर स्थिति और भी भयावह हो गई जब एक बिजली बॉक्स के केबल में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देख इलाके में हड़कंप मच गया। व्यापारियों की सजगता से चंदरनगर उपकेंद्र को सूचना देकर बिजली कटवाई गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस दौरान कुटिया वाली गली और गोविंद गली सहित पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया। शाम के वक्त बिजली न आने से घरों में पानी भी नहीं आया। वहीं कर्मचारियों ने फाल्ट को दुरुस्त कर रात 08 बजे बिजली चालू की। नटखेड़ा रोड युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में आये दिन बिजली संकट बना रहता है। इसके अलावा जानकीपुरम जोन के अहिबरनपुर, प्रियदर्शनी और आईटीआई उपकेंद्रों की अंडरग्राउंड केबल फाल्ट हो गया। वहीं विद्युत विभाग के मुताबिक नबीकोट नंदना ट्रांसमिशन से प्रियदर्शनी उपकेंद्र, इंदिरानगर ट्रांसमिशन से आईटीआई उपकेंद्र व नबीकोट नंदना ट्रांसमिशन से अहिबरनपुर उपकेंद्र केबल फाल्ट हो गया। कर्मचारियों ने आनन-फानन में मोर्चा संभाला और लोड को दूसरे फीडरों पर शिफ्ट कर वैकल्पिक स्रोतों से बिजली चालू करने की कोशिश की। हालांकि, लोड अधिक होने के कारण कई इलाकों में लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शनिवार रात तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका। 1912 की शिकायतों का फर्जी निस्तारण न हो: एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने शनिवार को कस्टमर केयर सेंटर 1912 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण की मौजूदा प्रक्रिया की समीक्षा की। एमडी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। किसी भी हाल में फर्जी निस्तारण न किया जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। फीडबैक लेने और समस्याओं के समाधान के बाद उपभोक्ताओं को धन्यवाद संदेश या ट्वीट करने पर विशेष जोर दिया।

‘हर घर एक रविवार, गंदगी पर प्रहार’ अभियान में उमड़ी जनभागीदारी, 50 हजार लोगों ने दिखाई रुचि

लखनऊ यूपी की रामनगर अयोध्या में नगर निगम अयोध्या की ओर से चलाए जा रहे हर घर एक रविवार, गंदगी पर प्रहार अभियान का रविवार को चलाया गया। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी रविवार की सुबह सात बजे लता चौक अयोध्या धाम के पास सफाई अभियान में भाग लेते हुए सड़क पर झाड़ू लगाई। नगर में जगह-जगह सफाई अभियान चलाया गया। इस मौके पर मेयर गिरीशपति त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अयोध्या पूरा महानगर आज स्वच्छता के लिए सड़कों पर उतर आया है। घर से बाहर अपने निकला है, गलियों को साफ कर रहा है, सार्वजनिक जगहों को साफ कर रहा है। 50 हजार से ज्यादा स्वीकृति पत्र मेरे पास ऑनलाइन आए हैं जो अयोध्या की सफाई में अपना योगदान करना चाहते हैं। 400 से ज्यादा स्थलों सामूहिक तौर पर लोग निकले हुए हैं। अयोध्या नगर का जन सामान्य से लेकर विशिष्ट वर्ग तक, चाहे डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, वकील हों, अध्यापक हों या व्यवसायी हों सभी लोग आज अयोध्या की सड़कों पर हैं। सभी अयोध्या को स्वच्छ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी नगर की स्वच्छता के लिए एक साथ पूरे महानगर के लोग एक साथ सामूहिक संकल्प शक्ति के साथ एक साथ सामूहिक अभियान चलाएं ये दुनिया में अपने आप में अद्भुत अभियान है। मैं पूरे महानगर का, नगर निगम की टीम का, हमारे पार्षद गणों का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने अभियान में मदद की। आज पूरी दुनिया अयोध्या की स्वच्छता को देख रही है। स्वच्छ शहरों की लिस्ट में रैंकिंग पर मेयर ने कहा कि अभी हमारी 28वीं रैंकिंग है। उम्मीद है कि इस बार हम रैंकिग अच्छी करेंगे। इस अभियान से पहले अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने रायबरेली रोड स्थित गुरुनानक एकेडमी से नाका हनुमानगढ़ी होते हुए रामनगर तक पदयात्रा निकाली थी। उन्होंने आमजन से नगर निगम क्षेत्र में चलाए जाने वाले स्वच्छता के महाअभियान ‘एक रविवार, हर परिवार, करे गंदगी पर वार’ में सहभागिता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि सफाई के मामले में नगर को देश के टॉप- 10 महानगरों में लाने के लिए जन-जन की भागीदारी आवश्यक है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि 31 मई को अपने घरों के आसपास महज आधा घंटा सफाई करने से नगर साफ-सुथरा तो होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 जारी है। जनता को जोड़ने के लिए, 15-दिवसीय एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसका समापन आज हो रहा है। लोगों से अपील है कि जहां भी हों वहां साफ-सुथरा रखें।

बिजली बिल में बड़ा झटका: यूपी में 10% अतिरिक्त चार्ज लागू, जानें पूरा असर

 लखनऊ ईरान-इजराइल के युद्ध को लेकर पेट्रोल और डीजल के दामों की बढ़ोत्तरी के बाद अब महंगाई का असर बिजली पर भी पड़ गया है। यूपी में बिजली महंगी हो गई है। इससे उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड बिजली बिल में 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा चार्ज लगाने का फैसला किया है। ये चार्ज जून में आने वाले बिजली बिल में जुड़कर आएगा। इससे यूपी के तीन करोड़ से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं की जेब ढीली होगी। यानी अब बिजली उपभोक्ताओं को 10 फीसदी अतिरिक्त पैसा देना होगा। अगर आपका 100 रुपये का बिल आएगा तो उस पर 10 रुपये ज्यादा देने होंगे। सूत्रों के अनुसार जुलाई महीने में भी इसी प्रकार का 10 प्रतिशत अधिभार वसूला जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरक्ति आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। प्रदेश में लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं और इस निर्णय का सीधा असर घरेलू, व्यावसायिक तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष तथा राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि फरवरी 2026 में भी 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी, बिजली संकट, महंगाई तथा पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच बिजली दरों में यह अतिरिक्त वृद्धि आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी साबित होगी। 1610 करोड़ रुपये का डाला गया अतिरिक्त बोझ वर्मा ने दावा किया कि विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) के टैरिफ आदेश में स्वीकृत वास्तविक वद्यिुत क्रय लागत 4.94 रुपये प्रति यूनिट थी, जबकि मार्च 2026 में बिजली खरीद की कीमत लगभग 5.86 रुपये प्रति यूनिट दर्शाकर उपभोक्ताओं पर करीब 1,610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला गया है। उन्होंने मांग की कि मार्च 2026 में महंगी बिजली किन निजी विद्युत उत्पादक कंपनियों से खरीदी गई और किन परिस्थितियों में खरीदी गई, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि मार्च माह के फ्यूल सरचार्ज में पूर्व अवधि के लगभग 1,400 करोड़ रुपये के दावों को भी शामिल किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार बढ़ा है। बिजली वृद्धि को रोकने की मांग उपभोक्ता परिषद ने यह भी दावा किया कि प्रदेश की बिजली कंपनियों के पास पहले से ही 51,000 करोड़ रुपये से अधिक का उपभोक्ता अधिशेष (कंज्यूमर सरप्लस) उपलब्ध है। ऐसे में अतिरिक्त अधिभार लगाने से पहले मामले को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष रखा जाना चाहिए था। परिषद ने इस मुद्दे को तत्काल यूपीईआरसी के समक्ष उठाने तथा फ्यूल सरचार्ज संबंधी नियमों में आवश्यक संशोधन की मांग करने का निर्णय लिया है। साथ ही मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से फरवरी एवं मार्च 2026 के फ्यूल सरचार्ज के आधार पर की गई 10 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल रोकने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। मुकदमों में जनता का पैसा नहीं इस्तेमाल कर सकेगा पावर कॉरपोरेशन अब पावर कॉरपोरेशन जनता के पैसों से जनता के खिलाफ मुकदमा नहीं लड़ सकेगा। पावर कॉरपोरेशन अब तक इसे भी खर्च में दिखाकर इसके एवज में बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखता था। कॉरपोरेशन को अब मुकदमों का खर्च अपने लाभ में से करना होगा। टैरिफ आदेश में नियामक आयोग इसकी व्यवस्था देगा। हालत तो यह है कि पावर कारपोरेशन और एनपीसीएल ने कुल मिलाकर 46 करोड़ रुपये मुकदमों पर खर्च कर दिए औरखातों में इसका बोझ जनता पर डालने के मकसद से घाटे के मद में जोड़ दिया। राज्य में बीते छह साल से बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं। नोएडा पावर कंपनी का लाइसेंस सरेंडर करने के मामले में भी मुकदमा चल रहा है। इसमें पावर कॉरपोरेशन और एनपीसीएल दोनों वादी हैं। बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के बकाया रकम को भी चुनौती दी गई है। तमाम ऐसे मामले भी हैं, जिनमें उपभोक्ताओं के पक्ष में आदेश आने के बाद पावर कॉरपोरेशन या बिजली कंपनियां उनके खिलाफ भी मुकदमे लड़ रही हैं। पिछले साल पावर कॉरपोरेशन ने मुकदमों पर खर्च किए थे 21 करोड़ बीते साल सिर्फ मुकदमों पर पावर कॉरपोरेशन ने 21 करोड़ जबकि एनपीसीएल ने 25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह रकम उपभोक्ताओं से लिए जा रहे बिजली बिलों से एकत्रित पैसों से खर्च की जा रही है। इस बार जब बिजली की नई दरों पर चर्चा हो रही थी तब मुकदमों में खर्च की रकम को घाटा दिखाने पर आपत्ति दर्ज की गई। इसमें कहा गया कि पावर कॉरपोरेशन और अन्य बिजली कंपनियां जनता के खिलाफ ही मुकदमे लड़ रही हैं और इसमें आए खर्च को घाटे में दिखा कर बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखना गलत है। सूत्र बताते हैं कि नियामक आयोग इस संबंध में टैरिफ आदेश में व्यवस्था देगा। मुकदमों में खर्च की रकम के एवज में बिजली दरें बढ़ाने की मांग नहीं स्वीकार की जाएगी। मुकदमा लड़ना पावर कॉरपोरेशन का फैसला है, इसका खर्च वह स्वयं के स्रोतों से वहन करे।

“कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता”, नौसेना शौर्य वाटिका लोकार्पण में सीएम योगी का बड़ा संदेश

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे तो दुनिया भी मैत्री करेगी। कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता। हम जब अधूरी बात कहते हैं तो वह अर्थ का अनर्थ करता है, इसलिए पूरी बात कहना सीखें। भारत की ऋषि परंपरा प्रेरणा देती है कि अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च यानी सामान्य जीवन में अहिंसा ही सर्वोच्च धर्म होना चाहिए, लेकिन सामने वाला देश व समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है तो उसके लिए अंततः हिंसा ही अपनानी पड़ेगी। देश के दुश्मन के साथ यही हमारा धर्म है और भारतीय सेना पूरी मजबूती के साथ यह करती है। सीएम योगी शनिवार को राजधानी में 19 करोड़ रुपये की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) के लोकार्पण अवसर पर उपस्थित सैन्य अधिकारियों, कार्मिकों व जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ इस वाटिका का उद्घाटन किया। आकाश की ऊंचाइयां छूने के लिए बड़ी सोच चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सोच बड़ी होती है और व्यक्ति बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है तो सकारात्मक परिणाम आता है, जो युवाओं को नई प्रेरणा प्रदान करता है। इस वाटिका में आने वालों को भारतीय नौसेना के बारे में जानकारी मिलेगी। हमारे सैनिक किन सम-विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं, यह भी जानने का अवसर मिलेगा। यह जानकारी युवाओं के जीवन में चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा होगी। नौसेना का लक्ष्य उसकी विराट सोच का प्रतीक है। सीएम ने आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का जिक्र किया और कहा कि आकाश की ऊंचाइयां छूने के लिए बड़ी सोच भी चाहिए। संकुचित सोच या भाव से बड़े लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। जब सैनिक सीमा की रक्षा करते हैं, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन से सोते हैं सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने विकसित भारत की संकल्पना को रखा है। उन्होंने हर भारतवासी को पंचप्रण के साथ जुड़ने के लिए कहा है। हमारे मन में सेना व यूनिफॉर्मधारी फोर्स के प्रति सम्मान का भाव हो। जब भारतीय सैनिक माइनस डिग्री टेंपरेचर, रेगिस्तान की झुलसाने वाली गर्मी और समुद्र की लहरों का मुकाबला करते हुए सीमाओं की रक्षा करता है, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सोते हैं। सुरक्षा के माहौल में ही विकास संभव सीएम योगी ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही जन-कल्याण एवं विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में रोज कर्फ्यू लगता था, पेशेवर माफिया व अपराधियों ने जीना हराम कर दिया था। असुरक्षित वातावरण में विकास व निवेश की संभावनाएं क्षीण हो गई थीं। लेकिन, जब हमारे सैनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं तो नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखें। एक तरफ राष्ट्र प्रेरणास्थल तो दूसरी तरफ नौसेना म्यूजियम मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में एक तरफ राष्ट्र प्रेरणास्थल है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री ने 25 दिसंबर को किया था तो दूसरी तरफ नौसेना म्यूजियम के रूप में भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का अद्भुत केंद्र यहां प्राप्त हुआ है। अभी इसका विस्तार भी होगा। सेना के निष्प्रयोज्य टैंक महत्वपूर्ण चौराहों पर रखे जाने चाहिए सीएम ने कहा कि रक्षा मंत्री जी कह रहे थे कि प्रदेश में भारतीय सेना से जुड़े अन्य कार्यों के लिए तत्काल प्रस्ताव दिए जाएं। मेरा मानना है कि महत्वपूर्ण चौराहों पर भारतीय सेना के वे टैंक ऱखे जाने चाहिए, जो अब वर्किंग कंडीशन में नहीं हैं। इन्हें जो भी देखेगा, उसके मन में भारतीय सेना में जाने और सेना के प्रति सम्मान का भाव पैदा होगा। उसे राष्ट्रभक्ति की नई प्रेरणा प्राप्त होगी, क्योंकि राष्ट्रभक्ति से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता। नौसेना अध्यक्ष व उनकी टीम के प्रति जताया आभार सीएम ने रक्षा मंत्री की प्रेरणा और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सुव्यवस्थित ढंग से समय सीमा के अंदर कार्य पूरा कराने के लिए नौसेना अध्यक्ष व उनकी टीम के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ आने वाला हर व्यक्ति भारत की परंपरा, विरासत, सुरक्षा से जुड़े इस नौसेना वाटिका केंद्र का भ्रमण कर गौरव की अनुभूति कर सकता है। यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को नई सोच के साथ देखने, सुनने व जानने का अवसर प्रदान कर रहा है। आईएनएस गोमती ने लंबे समय तक भारतीय नौसेना के माध्यम से भारत की समुद्री सीमा की रक्षा की। 2022 में उसे नौसेना से निवृत्त किया गया और उसका बेहतरीन उपयोग करते हुए लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया।

गाजियाबाद से लखनऊ तक ट्रांसफर: परिवहन विभाग में बड़ा बदलाव

लखनऊ यूपी सरकार ने शनिवार को परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। गाजियाबाद, कानपुर देहात और लखनऊ समेत 26 एआरटीओ का तबादला कर दिया गया है। इनमें दो प्रतीक्षारत अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें तैनात दी गई है। अचानक हुए इस तबादले से कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। ट्रांसफर किए गए अधिकारियों में गाजियाबाद में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन द्वितीय दल) रहे मनोज कुमार मिश्रा को नोएडा का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), कानपुर देहात में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन प्रथम दल) रहीं सुश्री सोमलता यादव को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी तृतीय दल कानपुर नगर, मीरजापुर के संभागीय परिवहन अधिकारी रहे विजय प्रकाश सिंह को प्रयागराज का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, पीलीभीत के संभगीय परिवहन अधिकारी रहे वीरेंद्र सिंह को मीरजापुर का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, कुशीनगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे मोहम्मद अजीम को श्रावस्ती का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी बनाया है। इसी तरह बलिया के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे अरुण कुमार राय को मीरजापुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, बिजनौर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे गौरी शंकर ठाकुर को फिरोजाबाद का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), लखनऊ परिक्षेत्र के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्राविधिक) रहे हिमांशु जैन को लखनऊ में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रथम दल बनाया गया। साथ ही इन्हें सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) विस्तार पटल देवा रोड का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्रावस्ती के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे विनीत कुमार मिश्र को गाजियाबाद में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) चतुर्थ दल, हमीरपुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे अमिताभ राय को बाराबंकी में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), बाराबंकी में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहीं सुश्री अंकिता शुक्ला को गाजियाबाद में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल, देवरिया में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे आशुतोष कुमार शुक्ला को प्रतापगढ़ का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, आजमगढ़ में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे अतुल कुमार यादव को देवरिया का सहायक संभागीय अधिकारी (प्रशासन), प्रतापगढ़ में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे दिलीप कुमार को मैनपुरी, अमरोहा के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे महेश कुमार शर्मा को बिजनौर, अलीगढ़ के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे प्रवेश कुमार को शामली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि शामली के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे रोहित राजपूत को कानपुर देहात, मिर्जापुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे संतोष कुमार सिंह को फतेहपुर, एटा के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे सत्येंद्र कुमार को अलीगढ़, मैनपुरी के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे शिवम यादव को एटा, फर्रुखाबाद के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे सुभाष चंद्र राजपूत को आजमगढ़, वाराणसी के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे सुधांशु रंजन को मेरठ, सोनभद्र के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रहे राजेश्वर यादव को कुशीनगर, मिर्जापुर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) रहे सुशील कुमार मिश्र को पीलीभीत, प्रतीक्षारत प्रवीण् कुमार सिंह को हमीरपुर, प्रतीक्षारत सुश्री सौम्या पांडेय को उरई का संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) बनाया गया है।