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आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

लखनऊ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखे अंदाज में हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को संबोधित कर पूछा- 'का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?' इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा, क्योंकि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। राजभर ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, बिना भेदभाव, बिना जात-पात और बिना क्षेत्रवाद के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में दस लाख का आंकड़ा भी पूरा हो जाएगा। राजभर ने इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'बस गिनती करते जाइए।' उन्होंने अखिलेश से भी गिनती शुरू करने को कहा। साथ ही तंज कसा कि अगर वह ठीक से गिनती न कर पाएं तो 'चच्चू को लगा दीजिएगा।' राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के समय लूट का पूरा हिसाब-किताब चच्चू (शिवपाल यादव) ही करते थे। ‘चुनाव आ रहा है, दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए’ राजभर ने अपने पोस्ट में आगामी चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा- 'सुनिए महाराज, चुनाव आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए।' इसके बाद उन्होंने सपा के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लिखा कि 2017 में 47 और 2022 में 111 सीट मिली थी। राजभर ने तंज किया कि इस बार 47 सीट भी आ जाए तो कहिएगा। ‘आपने युवाओं को शूटर बनाया’ राजभर ने अपने पोस्ट में सपा सरकार के कार्यकाल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने लिखा कि जब अखिलेश यादव का समय था, तब उन्होंने 'युवाओं को शूटर बनाया' और भेदभाव करके, पैसे लेकर नौकरी दी। राजभर ने आगे लिखा कि शूटरों के भरोसे चुनाव जीतने के चक्कर में थे, लेकिन 'शूटर तो ढेर हो गए।' इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ अपराधी सपा के कार्यकर्ता बनकर घूम रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार आने पर वे फिर लूट और अपराध करेंगे। अपने पोस्ट के अगले हिस्से में राजभर ने लिखा कि 'यकीन मानिए, सरकार तो आयेगी नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि जो अपराधी बचे हैं, वे भी जल्दी ही निपट जाएंगे। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर तंज कसते हुए लिखा- 'ख़ैर, ठीक से चुनाव लड़िए महाराज। एकतरफा चुनाव में मज़ा नहीं आता है।

रेस्टोरेंट की रसोई में गंदगी, आटे में मिले कीड़े; 10 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

लखनऊ  यूपी में शुद्ध ही शुभ है अभियान के तहत 38 टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 52 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से सोमवार को कानपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में अधिकारियों की विशेष टीम ने व्यापक छापेमारी की। इस दौरान मॉल और रेस्टोरेंट में गंदगी का अंबार मिला। कानपुर में खाद्य विभाग ने रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में छापेमारी की। जहां अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन, अत्यधिक गंदगी, क्षतिग्रस्त दीवारें और खाद्य सामग्री फर्श पर रखे जाने की स्थिति पाई गई। इसके तहत फूड कोर्ट में संचालित सभी 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद रखने की कार्रवाई की गई। टीम ने ला पीनोज पिज्जा (सप्पायर मॉल) में इंसेक्ट इन्फेक्शन, एक्सपायर सॉस/ड्रेसिंग्स, वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के इस्तेमाल व खराब गुणवत्ता का पनीर पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई। स्क्वायर मॉल के फूड कोर्ट में भी मिली खामियां स्वरूप नगर स्थित वेलफेल सैम/केशव राज एंड संस में प्रोपराइटरी फूड्स पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायर डेट एवं इंग्रेडिएंट्स का विवरण अंकित नहीं पाया गया। उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराने के कारण सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। स्क्वॉयर मॉल में नी हाउ में चोक्ड ड्रेनेज, अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन तथा वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के प्रयोग की स्थिति मिली। बिरयानी क्वीन के आटे में कीड़े इन कमियों के दृष्टिगत सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। बिरयानी क्वीन में आटे में कीड़े, निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी तथा खाद्य तेल के बार-बार इस्तेमाल के साथ तेल में अत्यधिक गंदगी पाई गई। किदवई नगर एम ब्लॉक स्थित स्पाइसी फास्ट फूड रेस्टोरेंट में खुले नाले के समीप प्रतिष्ठान का संचालन और किचन एरिया में दुर्गंध पाई गई। सोमवार को फूड विभाग की टीम ने छापेमारी कर सैंपल भरे। रेस्टोरेंटों की रसोई में नहीं मिली पर्याप्त साफ-सफाई उधर, वाराणसी में खाद्य विभाग की 20 टीमों ने फास्ट फूड रिटेल चेन और रेस्टोरेंट इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाकर 40 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ रसोई की स्वच्छता, खाद्य भंडारण, कीट नियंत्रण और साफ-सफाई की जांच की। इस दौरान कहीं स्टोर में गंदगी मिली तो कहीं कीड़े मिले। एक रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। महमूरगंज स्थित कैफे कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड के निरीक्षण में प्रतिष्ठान के बुनियादी ढांचे की स्थिति खराब मिली। फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त थी। उसके हिस्से टूटकर खाद्य पदार्थों में गिरने और उनके दूषित होने की आशंका सामने आई। स्टोरेज एरिया में अत्यधिक गंदगी मिली। टॉयलेट में भी साफ-सफाई नहीं थी। अर्दली बाजार के मियां महल स्थित ला पीनोज के निरीक्षण में डस्टबिन के आसपास कीटों का संक्रमण पाया गया। वहीं, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। विभाग की टीमों ने केवल तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नहीं देखी, बल्कि रसोई की स्वच्छता, सेनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, खाद्य भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अलगाव और खाद्य लेबलिंग की भी जांच की। अ

‘चुनाव हुआ नहीं और मंत्री पद बंटने लगे’, राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

चुनाव हुआ नहीं, सपा में बंटने लगे मंत्री पद, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज इंद्रजीत सरोज के मंत्री बनने और बालू खनन वाले बयान को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ने सपा प्रमुख को घेरा कहा, पहले जनता की अदालत का फैसला तो आने दीजिए, फिर बांटिए विभाग बोले, सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा अखिलेश से पूछा, 2027 के लिए किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है  लखनऊ  सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बयान को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और जनता का फैसला भी नहीं आया है, लेकिन सपा में अभी से मंत्री पद और विभाग बांटने के सपने देखे जाने लगे हैं। राजभर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सपा नेता इंद्रजीत सरोज अभी से बता रहे हैं कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने सरोज के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वह पार्टी के बुरे दिनों के साथी रहे हैं तो बड़े मंत्री भी वही बनेंगे। राजभर ने सरोज की जेसीबी, डंपर और बालू खनन को लेकर की गई टिप्पणी पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव होने में अभी समय है, लेकिन सपा में मंत्री कौन बनेगा और कार्यकर्ताओं को जेसीबी-डंपर लगाकर बालू-मिट्टी खोदने की छूट कैसे मिलेगी, इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है क्या? सुभासपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि ये चुनाव की तैयारी चल रही है या सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता कोई खाली कुर्सी नहीं है कि किसी ने चाहा और उस पर बैठ गया। पहले जनता की अदालत का फैसला आने देना चाहिए। राजभर ने पोस्ट के आखिर में अखिलेश से पूछा कि 2027 के लिए और किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है। उन्होंने तंज किया कि चच्चू भी अपने विभाग का इंतजार कर रहे हैं। सपने में ही सही, लेकिन बता दीजिए कि पीडब्ल्यूडी देंगे या सिंचाई, ताकि नींद अच्छी आए।

संभल की सोनपापड़ी और हॉर्न-बोन क्राफ्ट की वैश्विक पहचान, UPITS-2026 में दिखेगा हुनर

यूपीआईटीएस-2026: संभल के हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी का दुनिया में बजेगा डंका, सात फर्मों को मिले स्टॉल ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत वैश्विक पटल पर चमकेगा संभल का हुनर, एमएसएमई हॉल में भी दिखेगी जिले की मजबूत धमक संभल  प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और स्थानीय दस्तकारी को सात समंदर पार पहचान दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी आयोजन 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय महामंच पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के हुनर का जलवा बिखरेगा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक उत्पाद', 'एक जनपद-एक व्यंजन' तथा एमएसएमई नीति के तहत संभल की सात प्रमुख औद्योगिक इकाइयों व दस्तकारों को विभिन्न हॉल में स्टॉल आवंटित कर दिए गए हैं। कुल 1.10 लाख वर्ग मीटर से अधिक के विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय मेले में 2,400 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, जिसमें संभल के विश्वविख्यात 'हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट' और लजीज सोनपापड़ी का स्वाद अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (बायर्स) के सामने पेश किया जाएगा। हॉल-9 में दिखेगी सींग व हड्डी की नायाब नक्काशी संभल का हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट वैश्विक स्तर पर अपनी अनूठी पहचान रखता है। यूपीआईटीएस-2026 के हॉल नंबर 9 (ओडीओपी पवेलियन) में संभल के तीन प्रमुख दस्तकारों को स्थान दिया गया है। इनमें मोहम्मद आरिफ को स्टॉल नंबर एच9-0116/ और शाह आलम को स्टॉल नंबर एच9-02/72 आवंटित किया गया है, जो हॉर्न व बोन से बने हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, अमेजिंग क्राफ्ट होम के विकास जैन को स्टॉल नंबर एच9-03/126, 127, 128 और 129 यानी चार स्टॉलों का बड़ा स्पेस मिला है, जहां वे काष्ठ शिल्प (वुडन हैंडीक्राफ्ट्स) का भव्य प्रदर्शन करेंगे। एमएसएमई और एक्सपोर्ट पवेलियन में भी संभल का दबदबा जिले के उद्यमियों ने केवल पारंपरिक ओडीओपी तक सीमित न रहकर आधुनिक कला और निर्यात क्षेत्र में भी कदम बढ़ाए हैं। हॉल नंबर 10 (एमएसएमई) में जुबैर उमर (फर्म: जुबैर उमर मिस्टर जुबैर) को स्टॉल नंबर एच10-08/457 मिला है, जहां वे हॉर्न-बोन के साथ रेजिन आर्ट और वुडन क्राफ्ट का अनूठा सम्मिश्रण प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा हॉल नंबर 14 (ओडीओपी) में हैंडीक्राफ्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले नीलकंठ ओवरसीज के कमल कौशल वार्ष्णेय को स्टॉल एच14-14/44 तथा शहादत हुसैन को स्टॉल एच14-14/42 आवंटित किया गया है। हॉल नंबर 11 में डेकोर वर्ल्ड एक्सपो के मोहम्मद आकिब यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के तहत जिले के एक्सपोर्ट क्वालिटी उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। ओडीओसी में घुलेगी संभल की मशहूर सोनपापड़ी की मिठास हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार संभल के लजीज स्वाद को भी वैश्विक मंच दिया गया है। 'एक जिला, एक व्यंजन' योजना के तहत हॉल नंबर 16 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संभल के दक्ष स्वीट सेंटर के संचालक राजेंद्र कुमार को स्थान दिया गया है। यहां देश-विदेश से आने वाले मेहमानों और ट्रेडर्स को संभल की मशहूर सोनपापड़ी का मुरीद बनाया जाएगा।  वैश्विक बाजार में संभल के हुनर को मिलेगा नया मुकाम "यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो संभल के उद्यमियों और दस्तकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने का एक स्वर्णिम अवसर है। ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत चयनित इकाइयों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए स्टॉल आवंटित किए जा चुके हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि हमारे पारंपरिक हॉर्न-बोन हस्तशिल्प और स्थानीय मिठास को देश-विदेश के बड़े खरीदारों से सीधे ऑर्डर्स मिलें, जिससे जिले के निर्यात को नई गति और कारीगरों को बेहतर आय मिल सके।" — मुकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, संभल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार यानी 22 सितंबर को 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को योग्य शिक्षक और कुशल प्रशासक मिलेंगे। चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) तथा 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन अभ्यर्थियों को जुपिटर हॉल में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी समेत अन्य नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे।   

यूपी बना एक्सपोर्ट इंजन, आबकारी निर्यात नीति से खेत से विदेशी बाजार तक जुड़ी पूरी चेन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 का असर अब प्रदेश की पूरी एक्सपोर्ट चेन में दिखाई दे रहा है। खेतों में तैयार होने वाले गन्ने, शीरे और अनाज से लेकर फैक्ट्री, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन तक आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में यूपी के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 प्रतिशत रही। नई इकाइयों और पुराने प्लांट को मिला संबल निर्यात की संभावनाओं के साथ प्रदेश में नई औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। उन्नाव में यूनाइटेड ब्रुअरीज और हरदोई में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज नई इकाइयां स्थापित कर रही हैं। फर्रुखाबाद में वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने इकाई स्थापित की है। वहीं एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को दोबारा शुरू किया है। गोरखपुर की कियान डिस्टिलरी ने एथेनॉल उत्पादन के साथ पेय आसवनी और ब्रुअरी के लिए आवेदन किया है। रैडिको खेतान भी अन्य राज्यों से सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रही है। 10.2 से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई हिस्सेदारी अप्रैल-जून 2026 में देश से करीब 10.17 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आबकारी निर्यात हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 127.8 लाख डॉलर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 87.9 लाख डॉलर थी। इस तरह प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि हासिल की। राष्ट्रीय निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी भी 10.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई। प्रदेश इस अवधि में महाराष्ट्र और पंजाब के बाद तीसरे स्थान पर रहा। बस्ती का शीरा पहुंचा वैश्विक बाजार आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि यूपी की बढ़ती एक्सपोर्ट चेन में कृषि आधारित उत्पाद भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात किया गया, जिससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई। शीरा अलग शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए यह राशि उपरोक्त आंकड़ों से अतिरिक्त है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के बाद वैश्विक बाजार की आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हो रहे हैं। बोतलों की सप्लाई में भी आया बड़ा उछाल अप्रैल-जुलाई 2026 के बीच यूपी की इकाइयों ने अन्य राज्यों को पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं। यह करीब 45.7 प्रतिशत की वृद्धि है। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि निर्यात बढ़ने का असर गन्ना, शीरा और अनाज से लेकर कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन तक पड़ता है। इस तरह त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति ने प्रदेश में खेत से फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक जुड़ी व्यापक एक्सपोर्ट चेन को गति दी है।

‘राष्ट्र प्रथम’ होना चाहिए हर युवा का भावः मुख्यमंत्री

मंगलवार को फिर 2500 युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र: सीएम योगी मेरठ में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'राष्ट्र प्रथम' होना चाहिए हर युवा का भावः मुख्यमंत्री सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि वाहन कटने की घटनाएं बंद हों, अब मेरठ में चोरी के वाहन कटने बंद हो गए- सीएम पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का ही प्रदर्शन ही कर दो, ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती हैः सीएम योगी हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री सीएम का तंज, मुझसे वे लोग प्रश्न पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं रही मेरठ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की क्रांतिधरा पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 'युवा संवाद' कार्यक्रम में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमने सत्ता संभालते ही युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों को लेकर पारदर्शी व्यवस्था बनाई। अब तक 9.50 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। परसों से फिर मिशन रोजगार शुरू हुआ है। मंगलवार सुबह फिर ढाई हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेंगे। छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देंगे। यह क्रम अनवरत चलेगा। सीएम योगी ने तंज कसा कि मुझसे प्रश्न वो लोग पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं थी। विज्ञापन निकलते ही महाभारत के रिश्ते (चाचा-भतीजे, भाई, मामा) वसूली करने निकल पड़ते थे। थाने-तहसीलें बिक जाती थीं। सपा शासन के समय जिसने परीक्षा भी नहीं दी, ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र दे दिया गया। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की एक परीक्षा ऐसी हुई, उसमें 86 में से 56 एक ही जाति के थे। उसका टॉपर वह हुआ, जो हाईस्कूल-इंटर, स्नातक में तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। बाकी की शिक्षा भगवान भरोसे हुई। अयोग्य व्यक्ति को चेयरमैन बना दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युवा का भाव राष्ट्र प्रथम होना चाहिए। डबल इंजन सरकार युवा ऊर्जा को प्लेटफॉर्म दे रही है। हर क्षेत्र में युवा शक्ति समेत सभी वर्गों के लिए कार्य हुए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाइए। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण नहीं कि आपकी शिक्षा कितना धनार्जन कराती है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि शिक्षा राष्ट्र के प्रति कितना समर्पण का भाव पैदा करती है। सीएम ने छात्रों, युवाओं से कहा कि हर क्षेत्र में आपके लिए संभावनाएं हैं। उसके अनुरूप करियर को बढ़ाइए।  सीएम ने महाभारत, हस्तिनापुर, आजादी के दौर में मेरठ का जिक्र किया, कहा कि मेरठ ने कई दौर को अपने आंखों से देखा है। जब भारत की आजादी का आह्वान हुआ तो उप्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मंगल पांडेय ने बैरकपुर में जो चिंगारी जलाई, मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर के नेतृत्व में उस चिंगारी ने दिल्ली के सिंहासन को हिला दिया था। झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर में नाना साहेब, तात्या टोपे ने इस आंदोलन को बढ़ाया। उत्तर प्रदेश का कोई भी ऐसा कस्बा और जनपद नहीं था, जहां भारत की आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ गूंज न उठी हो। हमारी एकता ने ब्रिटिश ताकत की चूलें हिला दी थीं। सीएम ने कहा कि आजाद भारत में मेरठ ने वह दौर भी देखा है, जब दंगे यहां की नियति बन गए थे। सीएम ने प्रदेश भर से लूटे व चोरी किए गए वाहनों को स्क्रैप किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में हमारे सामने वाहन चोरी के मामले आए तो हमने कहा कि वाहन कहां जा रहे हैं, पता चला कि मेरठ मे कट रहे हैं। हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि यह कारोबार बंद हो, फिर यहां चोरी के वाहन कटने बंद हुए। मेरठ अब 12 लेन के एक्सप्रेसवे, नमो भारत रैपिड रेल के साथ जुड़ गया।  सीएम ने कहा कि यूपी में साढ़े 9 साल में दंगा नहीं हुआ। मैंने पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का प्रदर्शन ही कर दो ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती है। अब डबल इंजन की सरकार है, इसलिए माता-पिता चिंतित नहीं होते हैं। 2017 के पहले हर मां-पिता को चिंता होती थी कि पश्चिमी उप्र में बच्चों को कैसे पढ़ाएं। 2017 के चुनावी अभियान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि मेरा पहला कार्यक्रम बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद में था। पहली सभा में बोलने खड़ा हुआ तो कुछ लोग मेरे पास आए और बोले कि कुछ ऐसा-वैसा मत कह दीजिएगा। हमने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो दंगे बंद होंगे, बेटी सुरक्षित होगी। अच्छी शिक्षा मिलेगी। लोग देखते थे कि कोई देख तो नहीं रहा है, तब ताली बजाते थे। मैंने कहा कि कम से कम ताली तो खुलकर बजा दो। उस समय ताली बजाने में भी लोगों को डर लगता था।  सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी को बीमारू कहा जाता था। यहां कोई आना नहीं चाहता था। यहां से पलायन होता था। अब यहां पलायन, दंगा, कर्फ्यू, चोरी के वाहन की बिक्री बंद हो गई। अब हर व्यक्ति पसंद के अनुरूप संस्थान व रोजगार का चयन कर सकता है। हमने मेरठ में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय बनाया। ओडीओपी में खेल उत्पाद की ब्रांडिंग करके उसे पहचान दी। अब किसान खुशहाल है, उसे चिंता नहीं है कि बेटी की शादी के लिए गन्ना मूल्य का भुगतान होगा कि नहीं होगा। सरकार अब गन्ना मूल्य भुगतान की गारंटी दे रही है। सरकार ने 2017 से 2026 के बीच 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया।  सीएम ने कहा कि अब बिचौलिए समाप्त हो गए। अब 100 में से 15 पैसा नीचे नहीं जाता, बल्कि मोदी जी ने जनधन, मोबाइल व डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से ऐसी व्यवस्था कर दी है कि पूरे 100 रुपये लाभार्थी के खाते में जाते हैं। एक भी पैसा इधर-उधर नहीं हो सकता। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने तकनीक की ताकत का अहसास कराया है।  सीएम ने कहा कि जब हम लोग सांसद थे तो कनेक्शन के 10-10 कूपन मिलते थे। कुछ लोग कूपन बेचने के लिए … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 22 सितंबर को 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को योग्य शिक्षक और कुशल प्रशासक मिलेंगे। चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) तथा 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन अभ्यर्थियों को जुपिटर हॉल में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी समेत अन्य नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे।

अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी में दी हर गालीबाजों को जगह- संजय निषाद का आरोप

लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अपनी प्रेस कांफ्रेंस में योगी सरकार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसपर उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग मंत्री संजय निषाद ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस तरह मीडिया के माध्यम से लगातार बयान दे रहे हैं, वह जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के हर बयान और आरोप का लोग विश्लेषण करते हैं और उसकी तुलना योगी सरकार और सपा शासनकाल से की जाती है। लोग समझदार हैं, सब जानते हैं। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मीडिया उनके सामने नतमस्तक रहे, लेकिन आज के दौर में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब एआई (AI) से बने वीडियो के जरिए भी हमले किए जा रहे हैं। संजय निषाद ने कहा कि चुनाव में AI नहीं जनता वोट डालेगी। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जनता को गुमराह करने वाला नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाला नेता चाहिए। अंबेडकर और आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश से सवाल संजय निषाद ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित हुईं और प्रमोशन में आरक्षण खत्म कर दिया गया। निषाद के मुताबिक, दलित समाज के लोग इन मुद्दों पर अखिलेश यादव से सवाल कर रहे हैं और उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा। निषाद समाज के साथ अन्याय का लगाया आरोप मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के राज में निषाद समाज के साथ अन्याय हुआ। संजय निषाद ने निषादों के आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा। सपा शासन में दंगों और कर्फ्यू का लगाया आरोप संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में दंगों की भरमार थी, आए दिन कर्फ्यू लगता था और पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ती थी। संजय निषाद ने कहा कि उस समय हर त्योहार तलवार के साथ मनाया जाता था, जबकि योगी सरकार में अब त्योहार संस्कार के साथ मनाए जाते हैं। रोजगार और नेताओं की भाषा पर भी निशाना संजय निषाद ने कहा कि योगी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कामों पर जनता ताली बजाती है, जबकि सपा ने गालीबाज पैदा किए और हर समाज से ऐसे नेताओं को पार्टी में जगह दी गई जो गाली देते हैं।

सपा सरकार में हुआ बाबा साहब के सम्मान के साथ खिलवाड़- अखिलेश यादव पर मंत्री दयाशंकर सिंह का निशाना

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव को पूरी तरह बौखलाया हुआ बताते हुए कहा कि मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों की जाति पूछना उनकी बौखलाहट को दिखाता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने के मुद्दे पर भी दयाशंकर सिंह ने सपा के पुराने शासनकाल याद दिलाते हुए गंभीर आरोप लगाए। अंबेडकर की मूर्तियों के मुद्दे पर सपा पर हमला प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव की ओर से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां तोड़े जाने का मुद्दा उठाए जाने पर दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा अपने शासनकाल में बाबा साहब का लगातार अपमान करती रही है। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, लखनऊ के अंबेडकर मैदान में स्थापित मूर्ति को भी सपाइयों ने खंडित करने का काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बाबा साहब के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया। पत्रकारों की जाति पूछने पर अखिलेश पर निशाना दयाशंकर सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में उनकी जाति पूछने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि जब मीडिया सपा शासनकाल में अपराध और बलात्कार के आरोपियों को संरक्षण दिए जाने को लेकर सवाल करती है, तो पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी जाति पूछी जाने लगती है। ‘अपराधियों को संरक्षण के आरोप मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बलात्कारियों और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर मीडिया सवाल उठाती है तो अखिलेश यादव बौखलाहट में पत्रकारों की जाति पूछने लगते हैं। इस तरह का व्यवहार अखिलेश यादव की राजनीतिक बौखलाहट को सामने लाता है। मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी बोला हमला वहीं योगी सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। सपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने 2012 से 2017 के बीच रहे सपा शासन को भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में लोगों के बीच सुरक्षा का अभाव था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं थी। सपा शासन में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उनके कार्यकाल में यूपी में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में खुद को सुरक्षित महसूस करने की स्थिति नहीं थी।