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छत्तीसगढ़ में टाटा पावर के प्रवेश का विरोध तेज, ₹435 करोड़ के निवेश पर सवाल

छत्तीसगढ़ में टाटा पावर के प्रवेश पर विरोध तेज, 435 करोड़ के निवेश दावे पर भी सवाल रायपुर छत्तीसगढ़ में टाटा पावर की समानांतर लाइसेंस याचिका (क्रमांक 89/2026) का मामला गरमाता जा रहा है। सीएस रिटायर्ड पावर इंजीनियर्स-ऑफिसर्स एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के सचिव को पत्र लिखकर इस प्रकरण की सुनवाई 15 जनवरी 2027 के बाद करने की मांग की है। 22 सितंबर 2026 को लिखे गए पत्र में एसोसिएशन के अध्यक्ष पी.एन. सिंह ने कहा है कि यह विषय आम बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ा है, इसलिए लोगों को अध्ययन कर अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। एसोसिएशन ने आयोग से निवेदन किया है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को 31 दिसंबर 2026 तक अपना अभिमत प्रस्तुत करने का समय दिया जाए और उसके 15 दिन बाद सुनवाई की जाए। पत्र में उठाए गए 6 प्रमुख बिंदु: 1. बिजली दर पर सवाल: टाटा पावर ने याचिका के पेज नं. 485 में रु. 471 में बिजली उपलब्ध कराने की बात कही है, लेकिन यह देखना होगा कि कंपनी मुंबई, उड़ीसा, नॉर्थ दिल्ली और अजमेर में किस दर पर बिजली खरीदती है और किस दर पर उपभोक्ताओं को देती है। 2. कर्नाटक का उदाहरण: टाटा पावर ने कर्नाटक में समानांतर लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था, जिसे जनता के दबाव में वापस लेना पड़ा था। 3. उत्तर प्रदेश में विफलता: 4 वर्ष पूर्व कंपनी पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल बिजली कंपनियों में व्यवस्था संभालने दल-बदल सहित पहुंची थी, जहां से उन्हें बैरंग वापस जाना पड़ा था। 4. महाराष्ट्र की स्थिति: महाराष्ट्र में कई जगह लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है, वहां की वर्तमान स्थिति का अध्ययन जरूरी है। 5. परफॉर्मेंस की जांच हो: जिन राज्यों में टाटा पावर बिजली वितरण कर रही है, वहां उनका परफॉर्मेंस कैसा है, इसका भी अध्ययन किया जाए। 6. 435 करोड़ के दावे पर सवाल: टाटा पावर द्वारा दावा किया गया है कि छत्तीसगढ़ में रु. 435 करोड़ व्यवस्था सुधारने में खर्च किया जाएगा, लेकिन इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि संपूर्ण प्रकरण टाटा पावर द्वारा अपने शेयर होल्डर्स को संतुष्ट करने के लिए किया जा रहा है और यह दिखाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ की चार तहसीलों को बहुत फायदा होगा। जबकि लाइसेंस के लिए चुना गया क्षेत्र मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ का सबसे ज्यादा औद्योगिक खपत वाला क्षेत्र है, अतः इसका असर पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा। पत्र में नॉर्थ दिल्ली में लाइन लॉस 50% से अधिक से घटाकर 10% से कम करने के दावे पर भी सवाल उठाया गया है और कहा गया है कि इससे वहां के उपभोक्ताओं को कितना लाभ मिला, इसका विवरण याचिका में दर्ज नहीं है।

DJ बजाने को लेकर बवाल, Bilaspur में खूनी झड़प के बाद 14 गिरफ्तार

बिलासपुर. मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा जनकपहरी में गणेश पंडाल में बाजा बजाने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या कर दी गई. घटना 20 सितंबर की रात करीब 10.30 बजे की बताई गई है. मामले में मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार गणेश पंडाल के पास विवाद होने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे. वहां दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और विवाद चल रहा था. आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने एक राय होकर लाठी-डंडे, फरसा, कुल्हाड़ी, छुरी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया. मारपीट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए. घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शैलेष कुमार राठौर उर्फ राज को मृत घोषित कर दिया. अन्य घायलों का उपचार जारी है. घटना की सूचना पर मस्तूरी पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बोधीराम राठौर समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही है. आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा, लोहे की छुरी और लोहे की कुल्हाड़ी बरामद की गई. सभी आरोपियों को 21 सितंबर को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. बोधीराम राठौर 75 वर्ष, निवासी गतौरा, संतोष राठौर 47 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, दिलीप कुमार राठौर 45 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, दीपक कुमार राठौर 42 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, आकाश राठौर 19 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, शंकर राठौर उर्फ नंदू 33 वर्ष, निवासी गतौरा, आकाश राठौरं उर्फ मोनू 19 वर्ष निवासी जनक पहरी गतौरा, सुरज कुमार राठौर 40 वर्ष, निवासी जनक पहरी गतौरा, रोहित कुमार राठौर 36 वर्ष, निवासी गतौरा, सुनील उर्फ राजा राठौर 28 वर्ष, निवासी गतौरा, प्रकाश उर्फ लालू राठौर 23 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, रवि कुमार राठौर 25 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, आयुष राठौर 21 वर्ष निवासी सारागांव जिला जांजगीर-चांपा और  एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है.

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने करमा पूजा में लिया हिस्सा, लोकपरंपराओं के संरक्षण पर जोर

करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश गृह ग्राम बीरपुर में ग्रामीणजनों के साथ विधि-विधान से की करम देव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार ‘करमा पूजा’ में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।

चक्रधर समारोह में आशिका सिंघल की मनमोहक कथक प्रस्तुति

रायपुर. 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह में 8 साल की नन्हीं कथक कलाकार आशिका सिंघल ने मनोहक प्रस्तुति दी. नृत्यांगना आशिका सिंघल ने  प्रस्तुति की शुरुआत ‘जय-जय जगतजननी देवी…’ स्तुति से की. इसके बाद उन्होंने कथक के तोड़ा, 50 चक्कर, टुकड़ा, आमद और तत्कार की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रस्तुति के अगले चरण में आशिका ने श्रीकृष्ण और राधा-रानी की होली-रास पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की. भाव-भंगिमाओं के साथ लय और ताल के सुंदर समन्वय ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा. 4 साल की उम्र से सीख रही कथक राजकुमार कॉलेज, रायपुर की कक्षा तीसरी की छात्रा आशिका ने महज 4 वर्ष की उम्र से कथक का प्रशिक्षण शुरू किया है. वह अपनी गुरु नेहा सिंह के मार्गदर्शन में कथक की साधना कर रही हैं. आशिका इससे पहले पावस प्रसंग, राज्योत्सव और 40वें चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं.

आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण-स्वच्छता पर फोकस, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की पहल

बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का अभियान रायपुर  राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बताया जा रहा है कि वे बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा है या नहीं, उसका स्वाद एवं गुणवत्ता कैसी है, बच्चों को क्या और किस प्रकार परोसा जा रहा है—इन विषयों पर चर्चा करने के साथ आवश्यकतानुसार सुधार के सुझाव देने और उसमें सहयोग करने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी सेवा भाव से किया जा रहा है। सेवा की कहानी : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली से जुड़ी सामुदायिक भागीदारी प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन एवं विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि उनके पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके। इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता के बारे में जानकारी लेने के साथ आवश्यक सुझाव दे रहे हैं। यह पहल ‘सेवा की कहानी’ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की जिम्मेदारी को सामने ला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेला, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य देने का सामूहिक संकल्प है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है।

बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर  छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 28 करोड़ 49 लाख 81 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।      जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में बेमेतरा जिले के दनिया उद्वहन सिंचाई योजना का विस्तारीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 64 लाख 92 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 254 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। धनेली जलाशय के शीर्ष कार्य बण्डपार मुरमीकरण तथा नहर का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग तथा पक्के कार्य के लिए 4 करोड़ 92 लाख 92 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 65 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। हरदी भिभौरी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 65 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 344 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। छिरहा एनीकट का निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 करोड़ 57 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। टेगना व्यपवर्तन का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 29 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। टेमरी उद्वहन सिंचाई योजना लाईनिंग कार्य का मरम्मत तथा शेष मुख्य नहर एवं 5 माईनरों रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 46 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 473 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की E-KYC के लिए लगेगा कैंप

रायपुर. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की ओर से डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 'मोर बिजली एप' के जरिए उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी पूरी कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान कई उपभोक्ताओं को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य शिकायत यह सामने आ रही है कि जिन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली उपभोक्ता क्रमांक (बिल) में दर्ज नाम में वर्तनी या अन्य प्रकार का अंतर है, वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। हर बुधवार को लगेंगे समाधान शिविर उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बिजली कंपनी ने तत्काल राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर वृत्त-एक, रायपुर के अंतर्गत आने वाले सभी नगर संभाग कार्यालयों में प्रत्येक बुधवार को विशेष ई-केवाईसी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नाम में भिन्नता या अन्य तकनीकी त्रुटियों के कारण अटके हुए मामलों का मौके पर ही निराकरण करना है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता डिजिटल सुविधाओं का सहज लाभ उठा सकें। समय और आवश्यक निर्देश बिजली कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह साप्ताहिक शिविर हर बुधवार को सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक निरंतर संचालित होगा। नगर वृत्त-एक के दायरे में आने वाले सभी संभाग कार्यालयों में उपभोक्ता अपनी बिजली बिल की रसीद, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंच सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने सभी प्रभावित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय पर पूरा करवाकर बिजली सेवाओं को सुचारू रखें।

इलाज कराकर दिल्ली से लौटेंगे किरण देव, जल्द पहुंचेंगे छत्तीसगढ़

रायपुर. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव करीब 2 महीने बाद बुधवार 23 सितंबर को नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटेंगे. वे शाम 5.55 बजे नियमित विमान से दिल्ली से रवाना होकर करीब 8 बजे रायपुर माना विमानतल पहुंचेंगे. किरण देव के दिल्ली से वापसी पर भाजपा ने स्वागत की तैयारी की है. जिसके तहत जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र से भी उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता रायपुर आ आएंगे. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरणदेव का गत 29 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना के शिकार हुए थे. उनका इलाज पहले झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में चला, फिर उन्हें गुडगांव स्थित मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया. मेदांता अस्पताल में गत 3 अगस्त को उनके हिप हेयर फ्रेक्चर का ऑपरेशन हुआ. तब से वे नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे. सड़क दुर्घटना के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष करीब दो महीने नई दिल्ली में ही रहे. उनके 17 सितंबर को जन्मदिन को आने की चर्चा थी, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें रूकना पड़ा. उनके साथ मौजूद स्टाफ का कहना हैं कि फिलहाल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वस्थ्य हैं. उनका फिजियोथैरपी सेशन भी पूरा हो गया है. डॉक्टरों ने अब उन्हें छत्तीसगढ़ जाने की सलाह दी है. इसके बाद मंगलवार को उनका प्रोटोकॉल भी जारी किया गया है. इस खबर से भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है.

सेवा संकल्प अभियान से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर: अरुण साव

सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी से सफल बनाने के दिए निर्देश अभियान की आगामी गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों की रूपरेखा, तिथि और आयोजन स्थलों को अंतिम रूप देते हुए सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान को सार्थक, प्रभावी और जनोन्मुखी स्वरूप देने के लिए शासन, प्रशासन तथा आमजन के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सुचारु एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक प्रेमचंद पटेल भी बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितम्बर को आयोजित ‘आशीर्वाद के दिया’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर जनभागीदारी का जो उत्साह देखने को मिला, वह अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से देश के प्रति अपने विचार और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। उन्होंने आगामी गतिविधियों में भी इसी उत्साह और सहभागिता को बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रमों को उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शेष कार्यक्रमों के लिए तिथिवार कार्ययोजना तैयार करने, कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने तथा आयोजन स्थलों का चिन्हांकन समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों की तिथि, स्वरूप एवं आयोजन स्थल की पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी गतिविधियों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हो और लोगों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नदी-घाटों की साफ-सफाई, वृहद स्तर पर पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान सहित विभिन्न जनसेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति संकल्प दिलाया जाए। साव ने कहा कि अभियान के दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित कर लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी मिले और वे उनके लाभ से जुड़ सकें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए मुनादी, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान की प्रत्येक गतिविधि में जनसेवा एवं जनभागीदारी की भावना को सशक्त बनाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़कर अभियान को सफल एवं सार्थक बनाने के निर्देश दिए। श्रम मंत्री देवांगन ने अभियान की गतिविधियों में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत निर्धारित तिथियों के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की गतिविधियों को जिला मुख्यालय से लेकर सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाते हुए अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए तथा प्रत्येक कार्यक्रम में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान को जनसेवा की भावना के साथ प्रभावी एवं सफल स्वरूप प्रदान किया जा सके। कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, गोपाल मोदी, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी,  सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, डीएफओ कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का जोर: विष्णु देव साय

रायपुर : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा आर्थिक संबल प्रदेश की 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम 650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे नए अवसर लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीज का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना का अवसर है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध और स्वस्थ जीवन की कामना की। माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन आज इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के बीच तीज मिलन का अवसर अत्यंत सुखद और आत्मीय है। मुख्यमंत्री निवास में भी तीज के अवसर पर प्रदेशभर से आई बहनों के साथ पर्व का उल्लास साझा करने का अवसर मिला था। हमारी परंपराओं की यही खूबसूरती है कि वे हमें परिवार और समाज से जोड़ती हैं तथा आपसी प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती हैं।  सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को मिला है सर्वोच्च सम्मान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे वेदों, पुराणों और सामाजिक परंपराओं में नारी के सम्मान और उसकी गरिमा का संदेश निहित है। हमारी संस्कृति कहती है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। माताओं-बहनों के परिश्रम, त्याग और आशीर्वाद से ही परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज तथा समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है। इसलिए राज्य सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का हितग्राही नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का सहभागी मानकर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस योजना से माताओं-बहनों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव उन्हें विशेष संतोष देता है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे-छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। कोई बहन सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर बेटी का भविष्य संवार रही है तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर अपने हुनर को आजीविका में बदल रही है। यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने के लिए अवसर, संसाधन और आवश्यक सहयोग मिले। जब हमारी माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार मजबूत होगा और पूरे प्रदेश की प्रगति को नई गति मिलेगी। 13.85 लाख लखपति दीदियां बनीं महिला सशक्तिकरण की नई पहचान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुखद तस्वीर है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल और बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी न केवल परिवारों को समृद्ध बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिलेगी नई पहचान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी ताकत है। इसे सहेजने के साथ नई पीढ़ी और देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण और शूटिंग की संभावनाओं का विस्तार होगा। स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होंगे और प्रदेश के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में कलाकारों का अमूल्य योगदान है। हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध और यहां की परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदली छत्तीसगढ़ … Read more