samacharsecretary.com

एमसीबी : जंगल की जमीन को निजी बताकर बेचने का मामला, प्रशासन सख्त

एमसीबी : जंगल की जमीन को निजी बताकर बेचने का मामला, प्रशासन सख्त बेलबहरा की विवादित भूमि पर खरीदी-बिक्री सहित सभी गतिविधियों पर रोक एमसीबी कलेक्टर जनदर्शन में आई शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बेलबहरा की एक विवादित भूमि पर सभी प्रकार के लेन-देन और निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार ग्राम बेलबहरा तहसील मनेन्द्रगढ़ स्थित खसरा नंबर 62 जिसका पुराना खसरा नंबर 32 जो वर्ष 1944-45 के राजस्व रिकॉर्ड में “छोटे झाड़ का जंगल” के रूप में दर्ज थी। आरोप है कि वर्ष 1980-81 में बिना किसी वैधानिक आदेश के इसे रामसुभग के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं को भूमि आबंटित होना बताकर शासकीय अनुमति प्राप्त की गई और भूमि का विक्रय भी कर दिया गया। इस पूरे मामले को शिकायत के माध्यम से कलेक्टर जनदर्शन में उठाया गया। इस भूमि की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेन्द्रगढ़ को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं जांच में सामने आया कि भूमि विक्रय की अनुमति लेते समय महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई। जांच प्रतिवेदन में भूमि को पुनः शासकीय मद में दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। प्रकरण दर्ज, अंतिम निर्णय तक सख्ती अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के 20 मार्च 2026 के प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जब तक मामले का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि पर सख्त प्रतिबंध लागू रहेंगे। इन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक – खरीदी-बिक्री, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन अन्य किसी भी प्रकार की राजस्व कार्रवाई। निर्माण कार्य भी प्रतिबंधित – प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य भी नहीं किया जा सकेगा। उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई – प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मोहला : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिले में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक अभियान

मोहला : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिले में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक अभियान  लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन मोहला  आकांक्षी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विविध कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। विकासखंड स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग आईसीडीएस ने समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाई।           कुटुंब अभियान के अंतर्गत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन कर परिवार स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर संवाद स्थापित किया गया।           कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीकाकरण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण की आवश्यकता को समझाते हुए लोगों को इससे जुडऩे के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा कुपोषण से बचाव, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान के तहत रैली, समूह चर्चा, परामर्श सत्र और व्यवहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।  जिससे आमजन को सरल और प्रभावी तरीके से स्वास्थ्य संबंधी संदेश समझाए जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से घर-घर संपर्क कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस पूरे आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर तथा एबीपी फेलो सविता साहू सहित सभी स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।            विभागीय अधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ती है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता भी विकसित होती है। संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की योजना है, ताकि जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त और जागरूक बनाया जा सके।

मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग: क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग- मनरेगा क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल ई-केवायसी, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से पारदर्शिता को मिली नई गति   रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 97% सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण        1 अप्रैल 2026 की स्थिति में राज्य ने 97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण कर लिया है, जिससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई है। जिसके तहत प्रदेश के 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी तथा 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हुई है। 11,668 ग्राम पंचायतों में जीआईएस आधारित योजना         वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से 11,668 ग्राम पंचायतों में 2,86,975 कार्यों की जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक योजना निर्माण सुनिश्चित हुआ है। इसके साथ ही मनरेगा कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित एनएमएमएस (NMMS) प्रणाली के उपयोग से उपस्थिति की निगरानी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है। क्यूआर कोड से आमजन को सीधी जानकारी       ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से नागरिक, कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एक सितंबर से अब तक लगभग 5 लाख से अधिक स्कैन दर्ज किए गए हैं। जिससे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हर माह 7 तारीख को समाधान का मंच         प्रदेश में प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल उत्सव के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जा रहा है, जहां हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की जमीनी समीक्षा की जाती है।

खनन पर सख्ती: रायपुर में 2 लाइमस्टोन खदानें सील, कई वाहन जब्त

आरंग. आरंग विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर हसौद में बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के नेतृत्व में टीम ने दो चूना पत्थर (क्रेशर) खदानों को सील करने के साथ-साथ अवैध परिवहन में लगे 7 हाइवा वाहनों को भी जब्त किया है। जांच के दौरान खदान संचालकों के पास आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं पाए गए, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए खदानों को सील कर दिया गया। जिन खदानों पर कार्रवाई हुई, उनमें सीजी एग्रो फार्म (विपिन अग्रवाल एवं के.सी. अग्रवाल), मंदिर हसौद और जय कुमार बजाज, मंदिर हसौद शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग की टीम ने क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन पर भी नकेल कसी। जांच में 7 हाइवा वाहन जब्त किए गए, जिनमें एक वाहन रेत से भरा हुआ और 6 वाहन गिट्टी (स्टोन) से भरे हुए पाए गए। बताया जा रहा है कि ये सभी वाहन बिना वैध दस्तावेज के खनिज का परिवहन कर रहे थे, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा था। विभाग ने सभी वाहनों को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि खनिज विभाग के संचालक रजत बंसल के निर्देशानुसार अब पूरे राज्य में खदान संचालन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से करना अनिवार्य है, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

छत्तीसगढ़ में विकास को रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लुंड्रा में 280 करोड़+ परियोजनाओं की शुरुआत की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा  में   280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन पीजीटी, टीजीटी सहित कई पदों के लिए साक्षात्कार, सुबह 8 बजे से पंजीयन शुरू मोहला  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह साक्षात्कार 12 अप्रैल 2026 रविवार को विद्यालय के संचालन स्थल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंचल चौकी के पास आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि साक्षात्कार सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा।            जारी सूचना के अनुसार स्नातकोत्तर शिक्षक पीजीटी के अंतर्गत रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के पदए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक टीजीटी के अंतर्गत विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान एवं कला विषय के पद, साथ ही छात्रावास अधीक्षिका, काउंसलर एवं स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रत्येक पद के लिए विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट  http://www.emrsmanpur.org.in  पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों से निर्धारित समय में पंजीयन कर साक्षात्कार में उपस्थित होने की अपील की गई है।

उत्तर बस्तर कांकेर : नगर पंचायत उप निर्वाचन पखांजूर : निर्वाचक नामावली तैयार करने कार्यक्रम जारी

उत्तर बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा नगर पंचायत पखांजूर के उप निर्वाचन को सम्पन्न कराये जाने के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति 09 अप्रैल तक किया जाकर निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक प्रारूप तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर, तहसीलदार पखांजूर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत पखांजूर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग के विधानसभा की अद्यतन निर्वाचक नामावली प्राप्त करने के बाद विधानसभा की निर्वाचक  नामावली को वार्डवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को वार्डवार एवं भागवार मार्किंग की जाएगी। वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में 10 अप्रैल तक शिफ्ट किया जाएगा तथा 11 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली के पीडीएफ तैयार करके जांच कर त्रुटि का सुधार किया जाएगा एवं चेकलिस्ट संशोधन पश्चात प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा और जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा 13 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराया जाकर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां 13 अप्रैल से 20 अप्रैल के दोपहर 03 बजे तक प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की गई है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल शुक्रवार निर्धारित की गई है।  रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त     कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदार पखांजूर को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अपर कलेक्टर अंतागढ़ को अपील प्राधिकारी के कृत्यों के संपादन के लिए पदाभिहित अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

अवैध वसूली का खेल खत्म: रेत परिवहन के नाम पर कार्रवाई, पदाधिकारियों पर FIR होगी दर्ज

अभनपुर. अवैध वसूली के संगठित खेल पर प्रशासन ने आखिरकार शिकंजा कसा है। ग्राम दुलना में रेत परिवहन के नाम पर चल रहे वसूली रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद तहसीलदार ने सीधे FIR दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को हुई जांच में खुलासा हुआ कि रेत से भरे वाहनों से बाकायदा डायरी बनाकर पैसे वसूले जा रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पूरा खेल गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो खुद को ग्राम विकास समिति से जोड़कर वसूली कर रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर ने जांच कर उच्च अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें साफ तौर पर अवैध वसूली की पुष्टि हुई। इसके बाद तहसीलदार ने थाना प्रभारी गोबरा नवापारा को कड़ा पत्र जारी करते हुए तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित कई लोग शामिल हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस संगठित वसूली गिरोह पर तुरंत कार्रवाई कर पाएगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में जाएगा? फिलहाल प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध वसूली में लिप्त लोगों के बीच डर और बेचैनी साफ नजर आ रही है।

मोहला : कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

मोहला : कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण  धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई और ऑडिटोरियम के निर्माण में पाई लापरवाही, कलेक्टर ने तत्काल सुधार और कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण संतोषजनक, समय सीमा में पूरा करने के लिए कलेक्टर ने दिए विशेष निर्देश   मोहला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा जिला मुख्यालय मोहला में निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई भवन, सामुदायिक भवन ऑडिटोरियम एवं सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का स्थल पर जाकर जायजा लिया। इस दौरान कार्यों की प्रगति गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया।           निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई एवं सामुदायिक भवन ऑडिटोरियम के निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति एवं लापरवाही पाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदारों की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि कार्यों में और अधिक विलंब या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।           वहीं, सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत संतोषजनक पाई गई। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए भी संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करें कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध पूर्णता प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उत्तर बस्तर कांकेर : महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने की अपील

उत्तर बस्तर कांकेर राज्य शासन द्वारा समस्त हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित समस्त महिलाओं का ई-केवायसी कराया जाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 01 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रतिमाह लाभान्वित किया जा रहा है, इनमें से लगभग 27 हजार महिलाओं का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 01 लाख 53 हजार हितग्राहियों का ई-केवायसी कराया जाना है। इन महिलाओं के नाम, सूची संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के महतारी वंदन एप के लॉगिन आईडी में उपलब्ध है। केवल इन्हीं महिलाओं का ई-केवायसी निकट के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर निःशुल्क कराया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा राज्य स्तर से चिप्स को नोडल एजेंसी बनाते हुए उनके अधीनस्थ संचालित कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उक्त कार्य निःशुल्क कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही सभी परियोजनाओं में व्हीएलई एवं पर्यवेक्षकों का संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित ऐसी समस्त महिलाएं जिनका ई-केवायसी नहीं हुआ है उन्हें आवश्यक अभिलेखों जैसे अद्यतन आधार कार्ड की मूलप्रति एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता से महतारी वंदन योजना का हितग्राही पंजीयन क्रमांक प्राप्त कर निकट के कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी में अपना ई-केवायसी कराने कहा गया है, ताकि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत निरन्तर लाभान्वित किया जा सके। उल्लेखनीय हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिन महिलाओं का ई-केवायसी 2-3 माह पूर्व कराया जा चुका है उन्हें पुनः ई-केवायसी कराये जाने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निकट की आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षक से संपर्क किया जा सकता है।