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छत्तीसगढ़ में विकास को रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लुंड्रा में 280 करोड़+ परियोजनाओं की शुरुआत की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा  में   280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन पीजीटी, टीजीटी सहित कई पदों के लिए साक्षात्कार, सुबह 8 बजे से पंजीयन शुरू मोहला  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह साक्षात्कार 12 अप्रैल 2026 रविवार को विद्यालय के संचालन स्थल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंचल चौकी के पास आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि साक्षात्कार सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा।            जारी सूचना के अनुसार स्नातकोत्तर शिक्षक पीजीटी के अंतर्गत रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के पदए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक टीजीटी के अंतर्गत विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान एवं कला विषय के पद, साथ ही छात्रावास अधीक्षिका, काउंसलर एवं स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रत्येक पद के लिए विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट  http://www.emrsmanpur.org.in  पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों से निर्धारित समय में पंजीयन कर साक्षात्कार में उपस्थित होने की अपील की गई है।

उत्तर बस्तर कांकेर : नगर पंचायत उप निर्वाचन पखांजूर : निर्वाचक नामावली तैयार करने कार्यक्रम जारी

उत्तर बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा नगर पंचायत पखांजूर के उप निर्वाचन को सम्पन्न कराये जाने के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति 09 अप्रैल तक किया जाकर निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक प्रारूप तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर, तहसीलदार पखांजूर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत पखांजूर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग के विधानसभा की अद्यतन निर्वाचक नामावली प्राप्त करने के बाद विधानसभा की निर्वाचक  नामावली को वार्डवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को वार्डवार एवं भागवार मार्किंग की जाएगी। वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में 10 अप्रैल तक शिफ्ट किया जाएगा तथा 11 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली के पीडीएफ तैयार करके जांच कर त्रुटि का सुधार किया जाएगा एवं चेकलिस्ट संशोधन पश्चात प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा और जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा 13 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराया जाकर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां 13 अप्रैल से 20 अप्रैल के दोपहर 03 बजे तक प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की गई है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल शुक्रवार निर्धारित की गई है।  रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त     कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदार पखांजूर को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अपर कलेक्टर अंतागढ़ को अपील प्राधिकारी के कृत्यों के संपादन के लिए पदाभिहित अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

अवैध वसूली का खेल खत्म: रेत परिवहन के नाम पर कार्रवाई, पदाधिकारियों पर FIR होगी दर्ज

अभनपुर. अवैध वसूली के संगठित खेल पर प्रशासन ने आखिरकार शिकंजा कसा है। ग्राम दुलना में रेत परिवहन के नाम पर चल रहे वसूली रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद तहसीलदार ने सीधे FIR दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को हुई जांच में खुलासा हुआ कि रेत से भरे वाहनों से बाकायदा डायरी बनाकर पैसे वसूले जा रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पूरा खेल गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो खुद को ग्राम विकास समिति से जोड़कर वसूली कर रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर ने जांच कर उच्च अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें साफ तौर पर अवैध वसूली की पुष्टि हुई। इसके बाद तहसीलदार ने थाना प्रभारी गोबरा नवापारा को कड़ा पत्र जारी करते हुए तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित कई लोग शामिल हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस संगठित वसूली गिरोह पर तुरंत कार्रवाई कर पाएगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में जाएगा? फिलहाल प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध वसूली में लिप्त लोगों के बीच डर और बेचैनी साफ नजर आ रही है।

मोहला : कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

मोहला : कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण  धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई और ऑडिटोरियम के निर्माण में पाई लापरवाही, कलेक्टर ने तत्काल सुधार और कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण संतोषजनक, समय सीमा में पूरा करने के लिए कलेक्टर ने दिए विशेष निर्देश   मोहला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा जिला मुख्यालय मोहला में निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई भवन, सामुदायिक भवन ऑडिटोरियम एवं सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का स्थल पर जाकर जायजा लिया। इस दौरान कार्यों की प्रगति गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया।           निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ट्रांजिट हॉस्टल, आईटीआई एवं सामुदायिक भवन ऑडिटोरियम के निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति एवं लापरवाही पाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदारों की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि कार्यों में और अधिक विलंब या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।           वहीं, सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत संतोषजनक पाई गई। कलेक्टर ने इस कार्य की सराहना करते हुए भी संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करें कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध पूर्णता प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उत्तर बस्तर कांकेर : महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने की अपील

उत्तर बस्तर कांकेर राज्य शासन द्वारा समस्त हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित समस्त महिलाओं का ई-केवायसी कराया जाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 01 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रतिमाह लाभान्वित किया जा रहा है, इनमें से लगभग 27 हजार महिलाओं का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 01 लाख 53 हजार हितग्राहियों का ई-केवायसी कराया जाना है। इन महिलाओं के नाम, सूची संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के महतारी वंदन एप के लॉगिन आईडी में उपलब्ध है। केवल इन्हीं महिलाओं का ई-केवायसी निकट के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर निःशुल्क कराया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा राज्य स्तर से चिप्स को नोडल एजेंसी बनाते हुए उनके अधीनस्थ संचालित कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उक्त कार्य निःशुल्क कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही सभी परियोजनाओं में व्हीएलई एवं पर्यवेक्षकों का संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित ऐसी समस्त महिलाएं जिनका ई-केवायसी नहीं हुआ है उन्हें आवश्यक अभिलेखों जैसे अद्यतन आधार कार्ड की मूलप्रति एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता से महतारी वंदन योजना का हितग्राही पंजीयन क्रमांक प्राप्त कर निकट के कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी में अपना ई-केवायसी कराने कहा गया है, ताकि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत निरन्तर लाभान्वित किया जा सके। उल्लेखनीय हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिन महिलाओं का ई-केवायसी 2-3 माह पूर्व कराया जा चुका है उन्हें पुनः ई-केवायसी कराये जाने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निकट की आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षक से संपर्क किया जा सकता है।

थाने में बड़ा घोटाला: 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, SP ने कड़ी कार्रवाई की

डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है। वायरल हो रहे इस कथित वीडियो में थाना परिसर के भीतर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। फुटेज में एक एएसआई, जिसे रोहित खूंटे बताया जा रहा है, मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम कर देखते नजर आते हैं। यह दृश्य पुलिस आचरण को लेकर कई सवाल खड़े करता है। इसके बाद वीडियो में कथित तौर पर एक वर्दीधारी आरक्षक, जिसे लक्ष्मी शंकर कंवर बताया जा रहा है, नगदी लेकर अपनी जेब में रखते दिखाई देता है।  आगे के हिस्से में एएसआई द्वारा बाहर आकर संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग करने और “मामला निपटाने” की बात कहने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सामने आए दृश्य पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं और इसी संवेदनशीलता के चलते एसपी ने दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटनाक्रम ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब यह सब थाने के भीतर हो रहा था, तो क्या थाना प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर यह सब उनकी जानकारी में ही चल रहा था? किसी भी थाने की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है, ऐसे में जांच का दायरा केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए।  मामला सामने आते ही एसपी अंकिता शर्मा ने “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत त्वरित कदम उठाते हुए वीडियो में दिख रहे एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग की सख्ती का संकेत जरूर है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस विभाग इस पूरे मामले की जांच कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करता है।  जनता के बीच फिलहाल एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या वर्दी के भीतर चल रही इस कथित ‘सौदेबाज़ी’ पर सख्त कार्रवाई होगी, या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?  

जहाँ बंदूकें थीं, अब बहता है पानी – हेटारकसा की बदली हुई तस्वीर

जहॉ बन्दूकें थीं, अब बहता है पानी- हेटारकसा की बदली तस्वीर रायपुर   कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से अछूता रहा कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम हेटारकसा आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जहां पहले सड़क, संचार और मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल थी, वहीं अब शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव में विकास दिखने लगा है। नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों तक इस क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी। ग्रामीण, कुएं और नालों पर निर्भर थे, और गर्मी के दिनों में पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन और राज्य शासन के प्रयासों से ग्राम हेटारकसा के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से अब गांव के हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव के निवासी राजनाथ पोटाई बताते हैं कि पहले पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिसमें अधिक समय व श्रम लगता था। वहीं अब घर में ही दिनभर पानी मिलने से दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है। गांव की महिला सविता बेन ने कहती हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण दिन का बड़ा हिस्सा इसी कार्य में चला जाता था, लेकिन अब नल-जल सुविधा से उन्हें राहत मिली है और वे अन्य कामों में समय दे पा रही हैं। स्वास्थ्य और आजीविका पर सकारात्मक असर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से गांव में जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही ग्रामीण अब घरों के आसपास सब्जी-बाड़ी कर रहे हैं, जिससे टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी जैसी फसलें उगाकर वे पोषण के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित इस दूरस्थ क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज ग्राम हेटारकसा यह साबित कर रहा है कि जब सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।

रायपुर: फार्मेसी शिक्षा और शोध से स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर : फार्मेसी शिक्षा और शोध से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल फार्मा अन्वेषण 2026 में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रायपुर  राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित फार्मा अन्वेषण 2026 कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की थीम “Future Pharma Ecosystem: Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice के बीच समन्वय” रही, जिसमें फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बेहतर तालमेल पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि फार्मेसी क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ फार्मेसी शिक्षा और रिसर्च को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने युवाओं और शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार (Innovation) और अनुसंधान के माध्यम से ही हम बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे नए अवसरों का सृजन हो सके। कार्यक्रम में कीनोट सेशन, इंडस्ट्री-एकेडमिक संवाद, पेटेंट एवं इनोवेशन शोकेस, ओरल एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस आयोजन के माध्यम से फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

श्रमिक महासम्मेलन में निर्धारित मानकों का पालन, अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्य

रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में विभाग  व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च के आरोपों को श्रम विभाग ने निराधार और भ्रामक है।         छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 5,000 से 8,000 लोग शामिल हुए थे।            श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित संस्था को नियमों के तहत किया गया।