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कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अधिक मिले। जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।         जनदर्शन में आज धुरीपारा मंगला निवासी पुरूषोत्तम पटेल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि कृषि भूमि में उनके पिताजी के नाम की जगह अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाईन दिख रहा है। जिससे उन्हें भविष्य में जमीन से जुड़े कार्याें में परेशानी आ सकती है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त पुरूष पर्यवेक्षक ने कलेक्टर से सेवानिवृत्ति के पश्चात जीपीएफ राशि का अंतिम भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपा है। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी निवासी किसान संतराम एवं गिरधारी लाल सूर्यवंशी ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल दो किस्त की राशि प्राप्त हुई है उसके बाद की राशि आज दिनांक तक ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दगोरी के सरपंच  मथुरा प्रसाद ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दगोरी में मूलभूत सुविधाओं जैसे की पेयजल की आपूर्ति, अहाता, शौचालय सहित शिक्षक व्यवस्थाओं के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में 237 बच्चे वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत है। शौचालय में पानी नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।           तिफरा निवासी मती अमरिका बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि महतारी वंदन योजना की भुगतान राशि मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि किसी त्रुटिवश मेरे आवेदन में मुझे मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन्हें योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल 5 किस्तों की राशि ही मिली है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया। बिटकुली तहसील के पत्थरखान निवासी  मनोज पाण्डेय ने उनके गांव में गौधाम योजना शुरू करने की मांग की। रामा लाईफ सिटी सकरी निवासी  अशोक कुमार धुरी ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आवेदन दिया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी लोन निकाल लिया है। उन्होंने एसबीआई मस्तुरी के ब्रांच मैनेजर, स्टॉफ एवं अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उचित कार्रवाई करते हुए केसीसी फर्जी लोन को समाप्त करने निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले की जांच लीड बैंक मैनेजर को करने के निर्देश दिए है। तखतपुर के ग्राम विजयपुर निवासी  घनाराम सहित अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला के शिक्षक  अभिमन्यु मरकाम एवं भरत धु्रव के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि प्रायः स्कूल में शराब पीकर आते है। हुल्लड़ करते है और अध्यापन कार्य नहीं करते है। इनके ऐसे कृत्य से छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। कलेक्टर ने डीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।   राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत – आजाद नगर निवासी  शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित  राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत करते हुए कलेक्टर को बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। वार्ड एवं परिसर मे गंदगी एवं अव्यवस्था तथा साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम से पास नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है एवं अस्पताल की बिल्डिंग के उपर अवैध रूप से छत पर टीन का शेड बनाकर अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सीएमएचओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।   

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य  संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

यशवंत कुमार का संदेश: सभी खेल स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करें

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करें सभी खेल स्थलों को –  यशवंत कुमार खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव ने नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभागों को दिए आवश्यक निर्देश, समय से पहले कर लें सभी इंतजाम  छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों से भी रू-ब-रू होंगे देशभर के खिलाड़ी व अधिकारी 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी होंगे शामिल बिलासपुर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त समय रहते सभी इंतजाम पुख्ता रूप से सुनिश्चित करने को कहा।   खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने बैठक में कहा कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स राष्ट्रीय महत्व और छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। इससे संबंधित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त, पुख्ता एवं चौक-चौबंद होने चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को कार्यों में तेजी लाते हुए पर्याप्त समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन के लिए चिन्हांकित सभी खेल स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने को कहा।  विभागीय सचिव  कुमार ने खेल मैदानों, खिलाड़ियों के ठहरने की जगहों, विमानतल और रेल्वे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में स्टॉफ तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन में भाग लेने पहुंचने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को ट्राइबल गेम्स में हिस्सेदारी के लिए विभिन्न राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले प्रतिभागियों को यहां की संस्कृति, पुरातत्व एवं कला की जानकारी देने के साथ ही पर्यटन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा।   कुमार ने आयोजन में विभिन्न भाषाओं वाले राज्यों की भागीदारी को देखते हुए उन भाषाओं के जानकार अधिकारियों-कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक मती तनूजा सलाम और उप संचालक मती रश्मि ठाकुर सहित रायपुर जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग, परिवहन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, जनसंपर्क, स्वास्थ्य विभाग, आकाशवाणी और दूरदर्शन के अधिकारी बैठक में मौजूद थे। अंबिकापुर और जगदलपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से बैठक में शामिल हुए। रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होंगे नेशनल ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ की मेजबानी में रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक नेशनल ट्राइबल गेम्स की 7 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें दो अन्य खेलों, कबड्डी और मलखंब को डेमो के रूप में शामिल किया गया है। हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी की स्पर्धाएं रायपुर में होंगी। वहीं जगदलपुर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी। डेमो खेलों में कबड्डी का रायपुर में और मलखंब का प्रदर्शन अंबिकापुर में किया जाएगा। देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी शामिल होंगे।

चिरायु टीम ने दिया एक परिवार को नया जीवन, जन्मजात विकृति से जूझ रहे बच्चे को मिली राहत चिरायु टीम की मदद से एक बच्चे को मिला नया जीवन, जन्मजात विकृति से जूझते परिवार की उम्मीद जगी

जब चिरायु टीम बनी एक परिवार की उम्मीद, जन्मजात विकृति से जूझ रहे बच्चे को मिला नया जीवन बिलासपुर छह महीने पहले जन्मे एक नन्हे बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना उसके माता-पिता के लिए किसी सपने से कम नहीं था। जन्म से ही कटा-फटा होंठ और तालू (क्लैफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या के कारण वह अपनी माँ का दूध भी ठीक से नहीं पी पा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह चिंता और बेबसी का समय था। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की चिरायु टीम उनके लिए उम्मीद बनकर सामने आई और आज उसी बच्चे के चेहरे पर सामान्य मुस्कान लौट आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैय्या कराई जा रही है।     लगभग छह माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीपत में जन्मे इस बच्चे को जन्मजात विकृति के कारण स्तनपान करने में कठिनाई हो रही थी। आरबीएसके टीम ने बच्चे और उसके माता-पिता से लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें इस बीमारी के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करीब छह महीनों तक टीम द्वारा बच्चे का नियमित फॉलो-अप लिया गया। इस दौरान उसके वजन, ऊँचाई और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती रही तथा आवश्यक दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं। टीम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन के माध्यम से बच्चे का उपचार संभव है। बाद में आरबीएसके टीम के सहयोग से स्माइल ट्रेन संस्था के माध्यम से बिलासपुर के लाडिगर अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन कराया गया, जो सफल रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चा स्वस्थ है और परिवार अपने बच्चे को सामान्य रूप से देखकर बेहद खुश है।     राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मदरसों और छात्रावासों में जाकर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। प्रत्येक बच्चे का हेल्थ कार्ड बनाया जाता है, जिसमें उसकी पूरी स्वास्थ्य जानकारी दर्ज रहती है। कार्यक्रम के अंतर्गत सामान्य बीमारियों के लिए दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि जटिल बीमारियों वाले बच्चों को उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर उपचार कराया जाता है। इसके लिए चिरायु वाहन की सुविधा भी उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 से संचालित यह कार्यक्रम “चिरायु” नाम से भी जाना जाता है। यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर परिवार ने राहत की सांस ली है। माता-पिता का कहना है कि यदि समय पर चिरायु टीम का सहयोग नहीं मिलता तो उनके लिए इलाज कराना संभव नहीं था। आज उनके बच्चे के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।  

पर्यावरण संरक्षण, जैव संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री कश्यप

मंत्री  केदार कश्यप के विभागों के लिए 3 हजार 622 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित पर्यावरण संरक्षण, जैव संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री  कश्यप वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार  वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर वन्यप्राणी संरक्षण एवं संवर्धन तथा उनके रहवास विकास हेतु 320 करोड़ रूपए का प्रावधान  ग्रामीण बस योजना, ई-मॉनिटरिंग और किसानों को ब्याज मुक्त ऋण  80 मार्गों पर लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा  रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप के विभागों से संबंधित 3 हजार 622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई। इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लिए 2 हजार 867 करोड़ 30 लाख रूपए, सहकारिता विभाग के लिए 389 करोड़ 40 लाख 85 हजार रूपए, परिवहन विभाग के लिए 243 करोड़ 50 लाख 50 हजार रूपए और राज्य विधानमंडल के लिए 122 करोड़ 65 लाख रूपए शामिल हैं।  मंत्री  कश्यप ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए आगामी वर्षा ऋतु में लगभग 3.50 करोड़ पौधे रोपने और वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपये और बिगड़े वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को पूर्ण विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाना है।  इसी तरह नदी तटों पर भू-क्षरण रोकने के लिए 7 करोड़ रुपये तथा भू-जल संरक्षण योजना के लिए 120 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के किनारे वृक्षारोपण के लिए भी 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन में कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए 320.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बाघ संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ योजना के तहत 23.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्री  कश्यप ने बताया कि दूरस्थ अंचलों में निवासरत वनवासियों को बारहमासी आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन मार्गों में रपटा पुल-पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इस योजनांतर्गत इस वर्ष 5 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़कें तथा मकान निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए का बजट प्रास्तावित है। इसी तरह काष्ठ एवं बांस कूपों के विदोहन के उपरांत प्राकृतिक पुनरोत्पादन को बढ़ावा देने इस योजना के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है। वहीं ए.एन.आर. योजनांतर्गत भी 300 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इसी तरह वनवासियों को उनके मालिकाना हक की भूमि में ईमारती  लकड़ी के विदोहन के लिए 183 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कश्यप ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसी तरह कांगेर वैली नेशनल पार्क को यूनेस्को से विश्व विरासत स्थल के रूप में चिन्हांकन हेतु चयनित किया गया है। वहीं वन विभाग में मानव संसाधन में वृद्धि करने के लिए वनरक्षकों 1484 एवं सहायक ग्रेड-3 के 50 पदों पर भर्ती की जा रही है।   मंत्री  कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरणपादुका वितरण योजना को फिर से शुरू किया गया है। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।  मंत्री  कश्यप ने बताया कि राज्य में जैव विविधता संरक्षण और वेटलैंड विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का पहला एवं भारत वर्ष का 96वाँ रामसर स्थल अधिसूचित किया गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से राज्य की जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और जल जीवन के प्रति हमारे सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है। इसी प्रकार छत्तीसगढ अंजोर विजन-2047 के ज्ञमल डपसमेजवदमे ठल 2030 के अनुरूप वर्ष 2030 तक 20 वेटलैण्ड्स को रामसर स्थल के रूप में नामित करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा। इसी परिप्रेक्ष्य में बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा वेटलैण्ड कॉम्पलेक्स को रामसर स्थल अधिसूचित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। परिवहन-सहकारिता-संसदीय कार्य   मंत्री  कश्यप ने सदन में परिवहन, सहाकारिता और संसदीय कार्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा में कहा कि ग्रामीण परिवहन व्यवस्था, सहकारिता क्षेत्र और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिसके तहत परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना” को विस्तार देने की घोषणा की है। योजना के तहत बस संचालकों को तीन वर्षों तक मासिक कर में पूर्ण छूट और अधिकतम 26 रुपये प्रति किलोमीटर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्तमान में वनांचल के 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। परिवहन मंत्री  कश्यप ने बताया कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत एएनपीआर और रडार कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए आठ नए जिलों में ई-ट्रैक केंद्र स्थापित करने हेतु 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने … Read more

जगदलपुर: बस्तर की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच, एचपीवी टीकाकरण अभियान का भव्य आगाज

जगदलपुर : बस्तर की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच : जगदलपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान का भव्य आगाज़ ​जगदलपुर बस्तर जिले की बेटियों को भविष्य की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक और आधुनिक अध्याय जुड़ गया। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। शहर के प्रथम नागरिक और महापौर  संजय पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अभियान की शुरुआत की, जहाँ कलेक्टर  आकाश छिकारा के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने इस मिशन को धरातल पर क्रियान्वयन शुरू किया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत है, क्योंकि इसमें यू-विन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ​इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और किशोरियों को संबोधित करते हुए महापौर  संजय पांडेय ने कहा कि यह दिन बस्तर की बेटियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का यह टीका बाजार में महंगा है, इसके बावजूद बेटियों के अनमोल स्वास्थ्य की रक्षा हेतु शासन द्वारा इसे पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह टीका हमारी बेटियों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच है क्योंकि सरकार और प्रशासन का लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से रोकना है। महापौर ने सभी अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं, क्योंकि यह न केवल एक स्वास्थ्य अभियान है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक डिजिटल क्रांति भी है, जहाँ टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें ई-सर्टिफिकेट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने शासन के इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी घर-घर तक उपलब्ध कराने पर जोर दिया।          ​शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान किशोरियों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया, जिसमें पूरी प्रक्रिया का डिजिटल प्रबंधन यू-विन पोर्टल के माध्यम से किया गया। पंजीकरण से लेकर टीकाकरण के पश्चात डिजिटल ई-सर्टिफिकेट प्रदान करने तक की पारदर्शी व्यवस्था ने इस अभियान को और भी प्रभावी बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस मिशन की गंभीरता को और पुख्ता किया। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, महापौर परिषद के सदस्य  निर्मल पाणीग्राही, पार्षद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सु रीना लक्ष्मी, शहरी स्वास्थ्य मिशन के पीडी बस्तिया मौजूद रहे। साथ ही अन्य समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की देखरेख में टीकाकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। प्रशासन का अब यह साझा संकल्प है कि जिले की हर पात्र किशोरी तक इस जीवन रक्षक और बहुमूल्य टीके को पहुँचाकर बस्तर की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाया जाए।

इलेक्ट्रानिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

डिजिटल सुशासन और शासकीय खरीद में पारदर्शिता की ओर सशक्त कदम इलेक्ट्रानिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने हेतु शासन की नवीन पहल रायपुर राजधानी रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित न्यू सर्किट हाउस में सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) द्वारा विकसित इलेक्ट्रानिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। चिप्स एवं एन.आई.सी. के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में शासकीय खरीद में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए राज्य के समस्त विभागों को नवीन प्रोक्योरमेंट प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाना है। कार्यशाला के प्रथम दिन लोक कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, गृहनिर्माण विभाग,पर्यटन विभाग सहित 50 विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए, जिन्हें एन.आई.सी. नई दिल्ली से श्रीमती उषा सक्सेना, उप-महासंचालक के नेतृत्व में आये पांच सदस्यी दल द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।     कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने बताया वर्तमान ई-खरीद प्रणाली दस वर्षों से कार्यशील है, वर्तमान प्रोक्योरमेंट प्रणाली से एन.आई.सी. द्वारा विकसित नवीन जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम की ओर माइग्रेशन प्रदेश के लिए एक नई और सशक्त शुरुआत है। श्री मलिक ने इस प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने हेतु योगदान के लिए प्रोत्साहित किया। राज्य के विभिन्न विभागों के प्रोक्योरममेंट से सम्बन्धित नोडल अधिकारीयों को नवीन प्रणाली का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली की उप-महासंचालक एवं ई-प्रोक्योरमेंट ग्रुप प्रमुख श्रीमती उषा सक्सेना ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल सुशासन नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि टेंडर में सबसे ज़रूरी तत्व पारदर्शिता, दक्षता और समानता हैं, यानि टेंडर प्रक्रिया में सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध रहना। एन.आई.सी. का जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम इन सभी ज़रूरी मानकों को पूर्ण करता है। श्रीमती उषा सक्सेना ने बताया कि जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रतिदिन 5-6 हज़ार निविदाएं हैंडल की जा रही हैं। इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के द्वितीय प्रशिक्षण सत्र में ई-खरीद से संबंधित शासकीय नीतियों, बेस्ट प्रैक्टिस, सॉफ्टवेयर फीचर के विषय में विस्तार से बताया जायेगा। अपने स्वागत उद्बोधन में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी श्री टी. एन. सिंह ने कहा कि जेपनिक प्रोक्योरमेंट प्रणाली ई-सुशासन की दिशा में नया कदम है, यह एक कॉम्प्रेहेंसिव ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली है। इस स्केलेबल प्रणाली को राज्य की ज़रूरतों के अनुरूप री-स्ट्रक्चर और कस्टमाइज़ किया गया है। विभिन्न सुरक्षा फीचरों से सुसज्जित यह सिस्टम शासन की हर ज़रूरतों और चुनौतियों को कवर करता है। उल्लेखनीय है कि जेपनिक ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम शासकीय खरीद के लिए विकसित एक केंद्रीय ई-खरीद प्रणाली है जिससे देश के 31 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश जुड़े हुए हैं। इस कार्यशाला में दो दिनों तक नवीन ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली से संबद्ध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेशन, कॉन्फिगरेबल फंक्शनलिटी, ई-ऑक्शन, टेंडर प्रिपरेशन, प्राइस बिड सहित विभिन्न फीचरों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस, मेट्रो रेल आदि की केस स्टडी के माध्यम से ई-प्रोक्योरमेंट बेस्ट प्रैक्टिस के बारे में बताया जायेगा। साथ ही जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर प्रश्नोत्तरी के दौरान उपस्थिति अधिकारियों की जिज्ञासा का समाधान किया।     कार्यशाला में चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक के साथ-साथ श्री पी. रामाराव, एनआईसी, चिप्स के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुपम आशीष टोप्पो, एस.ई.एम.टी. हेड श्री आशीष जायसवाल सहित लोक कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, गृह निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग आदि 50 से अधिक विभागों के 130 से अधिक नोडल अधिकारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ के 29 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा राहत, 758 करोड़ का बकाया बिजली बिल होगा माफ

रायपुर  मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना छत्तीसगढ़ के आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लगभग 29 लाख उपभोक्ताओं को 758 करोड़ रुपये की सीधी छूट दी जाएगी। योजना मुख्य रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके तहत 31 मार्च 2023 तक की बकाया राशि को आधार माना गया है। सरचार्ज को भी माफ किया जाएगा पात्र उपभोक्ताओं को न केवल मूल राशि में रियायत मिलेगी, बल्कि बकाया पर लगने वाले भारी-भरकम अधिभार (सरचार्ज) को भी माफ किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन और प्रोटोकाल के कारण महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो सकी थी। इसके बाद जब एकमुश्त भारी बिल आए, तो आर्थिक तंगी के चलते लाखों परिवार इन्हें चुकाने में असमर्थ रहे। अब सरकार की इस पहल का उद्देश्य इन्हीं परिवारों को कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालना है। ऐसे उठाएं योजना का लाभ उपभोक्ता मोर बिजली एप या नजदीकी बिजली वितरण केंद्र पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। गांव-गांव में विशेष शिविर लगाकर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया जाएगा। वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें बिल भुगतान के पश्चात पात्र उपभोक्ता एम-ऊर्जा योजना का लाभ लेने के लिए भी पात्र हो जाएंगे। बिजली कंपनी ने अपील की है कि किसी भी संशय की स्थिति में वितरण केंद्र के अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें। 

मनेन्द्रगढ़ में 23 मार्च को आयोजित होगा रोजगार मेला, युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी का बड़ा मौका

एमसीबी जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र मनेन्द्रगढ़ के तत्वावधान में 23 मार्च 2026 को रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह प्लेसमेंट कैंप जिला रोजगार कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा, जहां निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस रोजगार मेले में परिशराम ह्यूमन रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम (हरियाणा) द्वारा आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए मीटर इंस्टॉलेशन के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा तथा उनका कार्यक्षेत्र छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में रहेगा। इस पहल से जिले के आईटीआई योग्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने का एक बेहतर और सशक्त अवसर मिलेगा। जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें भाग लेने के इच्छुक आवेदकों के लिए ई-रोजगार पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in/ अथवा गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध  ÞCG Rojgar पंजीयन ऐप” के माध्यम से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। केवल पंजीकृत आवेदकों को ही प्लेसमेंट कैंप में शामिल होने की पात्रता प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने जिले के योग्य और इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए रोजगार मेले में सहभागिता करें और निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं का लाभ प्राप्त कर अपने भविष्य को सशक्त बनाएं।

फास्टैग वार्षिक पास की कीमत एक अप्रैल से बढ़ेगी, छत्तीसगढ़ के हाईवे यात्रियों को होगा नुकसान

रायपुर  राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को एक अप्रैल से फास्टैग वार्षिक पास के लिए अधिक भुगतान करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास शुल्क 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिया है। यह नई दर एक अप्रैल से लागू होगी। इसका असर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार शुल्क में यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण नियम 2008 के प्रविधानों के तहत की गई है। लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा फास्टैग वार्षिक पास गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है और इसके जरिये राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा मिलती है। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और धमतरी से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई टोल प्लाजा संचालित हैं। इन मार्गों पर नियमित आवाजाही करने वाले निजी वाहन चालक इस वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं। पास लेने के बाद बार-बार टोल भुगतान की जरूरत नहीं होती, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है। 31 मार्च तक पुराने दाम पर मौका जो वाहन चालक नियमित रूप से हाईवे पर सफर करते हैं, वे 31 मार्च तक 3,000 रुपये में वार्षिक पास खरीद या रिचार्ज करा सकते हैं। एक अप्रैल से नई दर 3,075 रुपये लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुताबिक यह वार्षिक पास एक वर्ष की वैधता या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है। पास खरीदने के बाद यह दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए एकमुश्त शुल्क का भुगतान मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। किन वाहनों को मिलेगी सुविधा फास्टैग वार्षिक पास केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मान्य है। निजी कार और अन्य निजी उपयोग के वाहन इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। फास्टैग वार्षिक पास योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की गई थी। देशभर में इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है और अब तक 56 लाख से अधिक निजी वाहन मालिक इस सुविधा से जुड़ चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्गों पर कैशलेस और सुगम यात्रा को बढ़ावा देने में मदद कर रही है। ऐसे होगा पास सक्रिय एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद वार्षिक पास दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है।