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अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों का बड़ा जखीरा बरामद, हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक से जुड़ी बड़ी कार्रवाई

नारायणपुर  जिले के अबूझमाड़ अंचल में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. थाना सोनपुर क्षेत्र के कुरुसकोड़ो जंगल में डीआरजी और नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री से जुड़े बड़े डंप का खुलासा किया है. जिस दिन कुरुसकोड़ो में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया, उसी दिन यह बड़ी सफलता हाथ लगी. खुफिया सूचना के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन पुलिस को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि कुरुसकोड़ो–पांगुड–कंदुलपार क्षेत्र में नक्सलियों ने वर्षों पहले हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है. इसके बाद थाना सोनपुर से डीआरजी टीम ने एरिया डॉमिनेशन पैट्रोल योजना में बदलाव कर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम में दबाकर रखी गई भारी मात्रा में हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद की गई. हथियार फैक्ट्री के सबूत मिले बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि नक्सलियों ने जंगल के अंदर अवैध हथियार फैक्ट्री विकसित कर रखी थी. एसएलआर की खाली मैगजीन, बीजीएल और यूबीजीएल सेल तथा एल्यूमिनियम पाइप से हैंड ग्रेनेड बनाने की सामग्री सबसे चौंकाने वाली बरामदगी रही. बरामद सामग्री का संक्षिप्त विवरण तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लोहे और एल्यूमिनियम के पाइप, बीजीएल सेल, खाली मैगजीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग उपकरण, मोटर पार्ट्स, कटर व्हील और अन्य मशीनरी सामान बरामद किया गया. विस्तार से जानिए क्या-क्या मिला?     लोहा पाइप हॉफ इंच – 584 नग     लोहा पाइप 1 इंच – 588 नग     लोहा पाइप डेढ़ इंच – 70 नग     लोहा पाइप 02 इंच – 30 नग     लोहा पाइप (छोटा) डेढ़ इंच – 11 नग     लोहा पाइप ढाई इंच – 03 नग     एल्युमिनियम हॉफ इंच – 140 नग     एल्युमिनियम 2 इंच – 32 नग (प्रत्येक वज़न 8 किलोग्राम)     एल्युमिनियम 3 इंच – 30 नग (प्रत्येक वज़न 22.5 किलोग्राम)     बीजीएल सेल – 61 नग     बीजीएल सेल (छोटा) – 21 नग     तीर-धनुष बीजीएल – 46 नग     एसएलआर की खाली मैगजीन – 14 नग     पिस्टल की खाली मैगजीन – 01 नग     टुलू मोटर – 01 नग     केरोसिन ब्रश ब्लू पम्प – 05 नग     कटर व्हील – 310 नग     स्क्रू (छोटा) – 04 पैकेट     स्क्रू (बड़ा) – 01 पैकेट     लाइट 3-पिन – 06 नग     लाइट सिंगल बटन – 10 नग     वेल्डिंग इलेक्ट्रोड होल्डर – 01 नग     वर्गों कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पैक्ट स्केल – 01 नग     मोटर सायकल स्पोक – 44 नग     रेतमल – 05 नग     ग्राइंडर मशीन – 02 नग     ग्राइंडर टूल बॉक्स – 01 नग     स्टॉक पिन – 40 नग     स्टॉक वाइसर – 11 पैकेट     ग्रेडिंग व्हील – 05 नग     मोटर पट्टा (रबर बेल्ट) – 05 नग     अन्य हथियार निर्माण एवं मशीनरी से संबंधित सामग्री बड़ी साजिश नाकाम पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीजीएल और यूबीजीएल सेल की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे. समय रहते इस डंप का पता लगने से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पूरे अभियान में न तो किसी नागरिक को नुकसान पहुंचा और न ही सुरक्षा बलों को कोई क्षति हुई.     नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से क्षेत्र में शांति और विकास का रास्ता खुलेगा और तय समय सीमा में नक्सलमुक्त बस्तर का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.- पुलिस अधीक्षक, रॉबिनसन गुड़िया ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा हाल ही में कुरुसकोड़ो क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ के सहयोग से नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है. लगातार कैंप स्थापना, सड़क निर्माण और विकास कार्यों के कारण स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर बढ़ा है. 

अमरकंटक क्षेत्र में बाघ की दहशत, रास्ते से गुजरते शिक्षक का वीडियो वायरल

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही  लगभग सालभर के अंतराल के बाद अमरकंटक ज्वालेश्वर मार्ग पर बाघ की चहल कदमी दिखाई दी है। अमरकंटक से वापस लौट रहे स्थानीय शिक्षक ने बाघ के मूवमेंट को अपने मोबाइल फोन में कैद किया है। वीडियो में बाघ सड़क के बीचों बीच चलता दिखाई दे रहा है। एक सियार भी बाघ के आसपास दिखाई दे रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के दोनों ओर नुकीली कांटेदार तार होने के कारण बाघ उसे पार नहीं कर पा रहा है और बार-बार सड़क पर आना-जाना कर रहा है। बता दें कि बीते वर्ष कान्हा नेशनल पार्क से भटकर एक बाघिन ने मरवाही वनमंडल के मरवाही के जंगलों और गौरेला रेंज से जुड़े जंगलो में काफी समय बिताया था, जो काफी कौतूहल का विषय बन गया था। इस बाघिन को बड़ी आसानी के साथ उस दौरान देखा जा सकता था, इसी बाघिन ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के ज्वालेश्वर क्षेत्र में लगभग 15 दिनों तक विचरण करते हुए देखी गई थी, जिसका बाद में रेस्क्यू कर लिया गया था। बीती रात 5 फरवरी को शिक्षक योगेश बिसेन परिवार सहित अमरकंटक से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते मे एक बड़े जानवर बाघ को देख कर टिठक गए। उन्होंने तत्काल अपना फ़ोन निकालकर इस बाघ का वीडियो बना लिया। इस बाघ के आसपास एक सियार भी था। माना जा रहा है कि अचानक मार्ग में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण नए इलाके की तलाश में बाघ यहां पहुंच गया होगा।

बारात से लौट रही कार गड्ढे में गिरने से 2 की मौत

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा भारतमाला मुख्य मार्ग पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र से कोरबा आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी. दर्दनाक दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर घायल हुए हैं. जानकारी के अनुसार, मृतकों के नाम राहुल राय और विराट अग्रवाल बताए जा रहे हैं. कार क्रमांक सीजी 10 पी एफ 9922 पर सवार ये सभी लोग एक बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही खुशियां मातम में बदल गईं. घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है. उरगा थाना पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. प्रथम दृष्टया हादसे का मुख्य कारण वाहन की अत्यधिक रफ्तार को माना जा रहा है, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पलट गई.

‘मैं जीवित हूं’ का विरोध प्रदर्शन: वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर कांग्रेस भवन में हंगामा, पूर्व MLA धनेंद्र ने उठाई जांच की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने भाजपा और निर्वाचन आयोग को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. धनेन्द्र साहू ने इसे साजिश बताते हुए प्रमाण भी दिया. प्रेस वार्ता में कई महिलाएं और पुरुष गले में मैं अभी जीवित हूं की तख्ती टांगकर मौजूद रहे. जो कथित तौर पर मृत बताकर मतदाता सूची से हटाए गए. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए जो मतदाता उसे वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए करीब 21 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए. निर्वाचन अधिकारी से जब फॉर्म-7 से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई, तो बीएलए की आपत्तियां देने से इनकार कर दिया गया. धनेंद्र साहू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बीएलए के माध्यम से 917 मतदाताओं के नाम विलोपित करवाए. लगभग हर बीएलए को 30 से 40 नाम हटाने के निर्देश दिए गए. जब कांग्रेस ने 914 नामों की जांच की, तो सभी संबंधित व्यक्ति उसी गांव और वार्ड में जीवित पाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कहा कि झूठी जानकारी देकर नाम कटवाना आपराधिक कृत्य है. इस पर संबंधित थानों में केस दर्ज होना चाहिए. धनेंद्र साहू का आरोप है कि निर्वाचन आयोग एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं है. न तो आपत्तियों का प्रकाशन किया जा रहा है और न ही दावा-आपत्ति की जानकारी कांग्रेस संगठन को दी जा रही है. दबाव के बाद ही निर्वाचन आयोग जानकारी देने को बाध्य हुआ. कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और नियमों के पालन के साथ काम कराने की मांग की है. धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में जिनका नाम कटा है, उनमें 70 प्रतिशत नाम मुस्लिम मतदाताओं के हैं. यह साजिश केवल अभनपुर में नहीं हो रही है. इधर बीएलए का कहना है कि उन्होंने आपत्ति नहीं की, भाजपा पार्टी के बड़े पदाधिकारी आए और साइन करवा लिए. धनेंद्र साहू ने कहा यह एक बड़ा षड्यंत्र है, जितने बीएलए हैं वह दूसरे गांव में शिकायत कर रहे हैं. धनेंद्र साहू ने एसआईआर में मतदाता लिस्ट से कटे नामों में करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह साजिश सिर्फ अभनपुर तक सीमित नहीं है. बीएलए का कहना है कि उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की थी, बल्कि भाजपा के बड़े पदाधिकारी आए और उनसे साइन करवा लिए.

बैंक कर्मचारी ने अधिकारियों की ID इस्तेमाल कर निकाले 26.87 लाख

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी खजाने में सेंधमारी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से लगभग 26.87 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है. इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया है. अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर निकाली राशि यह पूरा मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा का है. अपर कलेक्टर जीएल यादव द्वारा बैंक को जारी नोटिस के बाद यह सच सामने आया कि खाते से हुए लेन-देन कलेक्ट्रेट कार्यालय द्वारा अधिकृत नहीं थे. बैंक ने स्वीकार किया है कि उनके कर्मचारी (CSA) टिकेश कुमार ने आंतरिक वाउचर के जरिए अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग कर अनाधिकृत रूप से यह बड़ी राशि निकाली थी. आरोपी कर्मचारी निलंबित, बैंक ने लौटाई रकम मामला उजागर होते ही बैंक ने गबन की गई पूरी राशि वापस खाते में जमा करा दी है. आरोपी कर्मचारी का जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया है और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आंतरिक जांच बिठाई गई है. हालांकि, जिला प्रशासन बैंक के इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. प्रशासन का मानना है कि शासकीय राशि की सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ एक गंभीर अपराध है और इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही भी शामिल है. फिलहाल मामले में दस्तावेजों की अंतिम जांच की जा रही है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में बैंक प्रबंधन और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन में गिरेगा तापमान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात की ठंड में इजाफा होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. इसके बाद आने वाले दिनों में किसी विशेष परिवर्तन के आसार नहीं हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट के बाद अगले 7 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी और कहां सबसे ज्यादा ठंड? मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5°C दर्ज किया गया.                     प्रमुख शहरों के तापमान का हाल  स्टेशन    अधिकतम तापमान (°C)    न्यूनतम तापमान (°C)    सापेक्ष आर्द्रता (08:30 am) रायपुर    30.7°C    18.4°C    71% बिलासपुर    29.5°C    18.4°C    73% दुर्ग    30.8°C    13.6°C    87% जगदलपुर    31.3°C    13.3°C    70% पेण्ड्रारोड    26.6°C    14.8°C    92% रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान  राजधानी रायपुर में 5 फरवरी को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़, 3 नक्सली मारे गए, एक जवान शहीद

बीजापुर  बीजापुर (Bijapur) और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र में पुलिस (Police) और नक्सलियों (Naxalite) के बीच पिछले दो दिनों से भीषण मुठभेड़ जारी है. यह मुठभेड़ एक बड़े एंटी नक्सली ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई, जिसे सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के निर्णायक सफाए के रूप में देखा है. मुठभेड़ के दौरान अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है. घटना स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR बरामद की गई है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक जारी नहीं की गई है और उनकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. अबुझमाड़ जंगल इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं।पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR राइफल बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।इस अभियान के दौरान C-60 यूनिट के कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। वहीं एक अन्य जवान कांस्टेबल जोगा मडावी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक जवान शहीद, एक घायल इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को भी नुकसान झेलना पड़ा है. C-60 कमांडो के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्‍ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शहादत प्राप्त की. पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि जंगलों में अभी भी नक्सलियों का समूह सक्रिय हो सकता है, इसलिए आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुठभेड़ जिस इलाके में चल रही है, वह घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के कारण नक्सलियों का पुराना ठिकाना माना जाता रहा है. महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों को गति दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहेंगे.

सीएम साय आज दुर्ग और जगदलपुर तथा कल छत्तीसगढ़ आएँगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

दुर्ग. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग, रायपुर और जगदलपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे दुर्ग के PWD रेस्ट हाउस मीटिंग हॉल पहुंचेंगे. दोपहर 2 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे और शाम 4 बजे रायपुर से जगदलपुर जाएंगे. जगदलपुर जिले के कुम्हडाकोट में शाम 5.25 बजे “जनजातीय गौरव वाटिका” के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद 5.50 बजे पुनर्वासितों के प्रशिक्षण समापन पर संवाद और टूलकिट वितरण करेंगे. शाम 6.25 बजे सर्किट हाउस जगदलपुर में शासन की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर सामग्री वितरण करेंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस जगदलपुर में रहेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे. वे 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और निजी होटल जाएंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक लेंगे, इसके बाद ‘शिफ्टिंग द लेंस’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे. 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे विशेष विमान से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे. शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. 

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी की चपेट में आने से स्कूली बच्चे की मौत

रायपुर. राजधानी रायपुर से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल जा रहे दो मासूम बच्चे एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए. यह दुर्घटना शहर के पॉश इलाके में स्थित छत्तीसगढ़ क्लब के ठीक सामने हुई. इस भीषण टक्कर में स्कूल जा रहे एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ मौजूद एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है. घायल बच्ची को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि मासूमों को कुचलने वाला वाहन ट्रैफिक पुलिस की ‘टोइंग गाड़ी’ (क्रिन) थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस की इस गाड़ी ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. वहीं ड्राइवर मौके से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मृत मासूम के शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है.