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महतारी वंदन योजना: रायपुर में महिलाओं को आर्थिक संबल से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर : महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मनिर्भरता तक महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी रायपुर छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और समाज में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रभावी और दूरगामी पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों से भी जोड़ रही है। आर्थिक संबल से आत्मनिर्भरता तक महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी     योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की निश्चित सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। अब तक राज्य की लाखों महिलाओं को 23 किश्तों में कुल 14,948 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इस नियमित सहयोग से महिलाओं की घरेलू खर्चों की चिंता कम हुई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। स्वरोजगार की ओर बढ़ते कदम     महतारी वंदन योजना का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि महिलाएं इस सहायता राशि का सदुपयोग कर छोटे-छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर के वार्ड क्रमांक 02 की निवासी श्रीमती उर्मिला यादव ने हर माह मिलने वाली राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। आज वे घर से तथा साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहनों का विक्रय कर प्रतिमाह लगभग 2,000 रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।     इसी तरह चांपा की श्रीमती ज्योति कसेर ने योजना की सहायता से पापड़ व्यवसाय प्रारंभ किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5,000 रुपये का लाभ हो रहा है। इससे वे अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान शुरू कर लगभग 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय अर्जित की, जबकि श्रीमती कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी श्रृंगार दुकान का विस्तार कर अब हर महीने 2,000 रुपये का मुनाफा प्राप्त कर रही हैं। गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व     यह योजना मजदूरी और सीमित आय पर निर्भर परिवारों के लिए भी आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रही है। कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की निवासी श्रीमती सतरूपा गंधर्व, जो मजदूरी पर निर्भर परिवार से हैं, को अब तक योजना के तहत 23 किश्तों में 23,000 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वे बताती हैं कि इस राशि से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतें और व्यक्तिगत     आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो पा रही हैं। नियमित सहायता से अब वे कुछ बचत भी कर पा रही हैं, जिससे आकस्मिक खर्चों की चिंता समाप्त हो गई है।बलरामपुर जिले के ग्राम रघुनाथनगर की साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीमती ओमलता भी इस योजना से लाभान्वित होकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ी हैं।   महिलाओं के सम्मान और भागीदारी में वृद्धि     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और आत्मविश्वास लाने वाली पहल है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।     महतारी वंदन योजना आज केवल एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है और छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला रही है।

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत रायुपर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा है आवास का लाभ      प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी श्री ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है। श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिला     श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। उन्होंने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

कलेक्टर की पहल पर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की फ्री हुई सोनोग्राफी

राजनांदगांव. जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क जांच एवं उपचार किया जा रहा है। अब तक 1667 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जा चुकी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत जिले में गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराने प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क जांच, उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जाता है। अभियान अंतर्गत पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन या ऊंचाई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किसी अन्य बीमारी से ग्रसित महिलाओं की जांच की जाती है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी एवं सलाह दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत जिले में 1775 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं है। जिसमें 1667 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी किया गया है एवं शेष 108 गर्भवती महिलाओं का शनिवार तक सोनोग्राफी कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मदद से आज कुल 16 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया है। जिसमें सुन्दरा अस्पताल में घुमका के 11 एवं भारत डायग्नोस्टिक में 5 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया है।

मुख्यमंत्री साय का बयान: विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों का योगदान रहेगा महत्वपूर्ण

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा।  रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा

रायपुर : चावल निर्यातकों को दी बड़ी सौगात, मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई गई इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है – मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के नीजि  रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने  चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है। मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई है। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान सीएम साय ने की घोषणा से चावल निर्यातकों और किसान दोनों के लिए बड़ी सौगात है। साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है।  छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी। छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का किया जा रहा है निर्यात           मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।  मुख्यमंत्री ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन     इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारों से चावल की पैदावार में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।     इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के लिए डॉ. रमन सिंह की बड़ी योजना, 6,000 से अधिक परिवारों को मिली मदद

मजदूर हितों की बड़ी पहल: छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 6,000 से अधिक श्रमिक परिवारों को दी योजनाओं की सौगात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के हाथों श्रमिक कल्याण को नई ताकत, ढाई करोड़ से बदली हजारों मजदूर परिवारों की तक़दीर रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर स्थित अपने निवास के सभागृह में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के संगठित क्षेत्र में कार्यरत हजारों मजदूर परिवारों को ढाई करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता छात्रवृत्ति योजना, साइकिल सहायता योजना एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वितरित की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा प्रदेशभर में संचालित 14 कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को हर परिस्थिति में सहयोग और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए श्रम कल्याण मंडल कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि प्रदेश के 6,000 से अधिक मजदूर परिवारों को छात्रवृत्ति, साइकिल सहायता एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण मंडल और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाने का कार्य उनके मुख्यमंत्रीत्व काल में प्रारंभ हुआ, जो निरंतर आगे बढ़ा है। अब तक इन योजनाओं से लाखों मजदूर लाभान्वित हो चुके हैं और आने वाले समय में इनका और विस्तार किया जाएगा। डॉ. रमन ने मंडल द्वारा संचालित सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना का स्वागत करते हुए कहा कि श्रम कल्याण मंडल ने जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के लिए योजनाएं बनाकर मजदूर कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया है। इसके बावजूद, मजदूर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं की व्यापक प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। इस कार्यक्रम में मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पांडे, सदस्यगण मोहन एंटी, रामकृष्ण धीवर, रवि शंकर सिंह, राधेश्याम गुप्ता, कमल बॉस सहित विभिन्न उद्योगों से आए मजदूरों ने आत्मीय स्वागत किया।

जनवरी के अंतिम सप्ताह शुष्क दिवस पर शराब दुकानें रहेंगी बंद

दुर्ग. आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ रायपुर की कंडिका क्रमांक 22(1) में दिए गए निर्देशानुसार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेशानुसार 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले में स्थित समस्त देशी मंदिरा एवं विदेशी मंदिरा की फुटकर दुकानों, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब आदि जैसे-एफ.एल.-1(घघ), एफ.एल.-1(घघ-कम्पोजिट), सी.एस.-2(घघ), सी.एस.-2(घघ-कम्पोजिट), सी.एस.-2(ग-अहाता), सी.एस.-2(ग-कम्पोजिट अहाता),एल.एल-1(ख-अहाता), एल.एल-1(ख-कम्पोजिट अहाता), एफ.एल 2(क), 3, 3(क,ग), 4, 4(क), 5,5 (क), 6, 7, 8, सी.एस.1, सी.एस. 1-ग, एफ.एल. 10 एवं भण्डारण भाण्डागार भिलाई शामिल है। प्रशासन द्वारा संबंधित सभी लाइसेंसधारकों को निर्देशित किया गया है कि उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

अंबिकापुर जिला स्वास्थ्य विभाग में वॉक-इन-इंटरव्यू से होगा विशेषज्ञ डॉक्टर्स का चयन

अंबिकापुर. जिला स्वास्थ्य समिति, जिला सरगुजा (छ.ग.) अंतर्गत संचालित जिला चिकित्सालय, मातृ एवं शिशु अस्पताल, सिविल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा FRU (फंक्शनल रोटेटिंग यूनिट) के सुचारू संचालन हेतु जिला खनिज न्यास मद (DMF) के माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञों के कुल 08 पदों पर संविदा नियुक्ति की जा रही है। इन पदों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 04 पद, शिशुरोग विशेषज्ञ के 02 पद तथा निश्चेतना विशेषज्ञ के 02 पद शामिल हैं। उक्त पदों की पूर्ति हेतु प्रत्येक सोमवार को प्रातः 11:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा (छ.ग.) में उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सोमवार को शासकीय अथवा स्थानीय अवकाश होने की स्थिति में आवेदन मंगलवार को लिए जाएंगे। चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों पर संविदा नियुक्ति वांछित शैक्षणिक योग्यता एवं कार्य अनुभव के आधार पर की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को निगोशियेबल सैलरी प्रदान की जाएगी। इस संबंध में आवेदन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), जिला सरगुजा के पोर्टलhttps://surguja.gov.inके माध्यम से विज्ञापित किए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिले की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए अत्यंत आवश्यक एवं सेवा से सीधे जुड़े पदों की प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं हेतु मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके तथा विशेषकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हो। सभी इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

कॉस्मो ट्रेड फेयर एक्सपो में मुख्यमंत्री साय बोले- ‘विकसित छत्तीसगढ़ में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, श्रीराम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

टामन सिंह की पत्नी को NGO के जरिए वसूली पर गिरफ्तार करेगी CBI?

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2021–22 भर्ती घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की ओर से कोर्ट में पेश की गई पूरक चार्जशीट और उसमें शामिल सरकारी गवाह के बयान से सामने आया है कि सोनवानी का कथित वसूली तंत्र एनजीओ से लेकर कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था। जांच में पहले यह तथ्य सामने आया था कि सोनवानी की पत्नी के एनजीओ जीवीएस में सीजीपीएससी के सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर कोषाध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे। इसी एनजीओ के माध्यम से बजरंग पावर से 50 लाख रुपये की वसूली की गई थी। अब जांच में कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आरोप है कि उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले। सीबीआई और सरकारी गवाह के बयान के अनुसार, प्री परीक्षा पास कराने के बाद मेंस परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर उत्कर्ष ने प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच से दस लाख रुपये की मांग की थी। पूरक आरोप पत्र में उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 फरवरी 2024 और 10 अप्रैल 2024 की अधिसूचनाओं के माध्यम से राज्य सेवा परीक्षा 2021 की भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आए कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी और तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच अपने पदों का दुरुपयोग किया और अपने पुत्रों, बेटियों तथा रिश्तेदारों का चयन सुनिश्चित कराया। सरकारी गवाह वी. चंद्राकर ने अदालत में बयान देते हुए बताया कि उनकी छोटी बहन भी सीजीपीएससी की तैयारी कर रही थी। वर्ष 2021–22 में एक रिश्तेदार के माध्यम से रायपुर के बोरियाकला स्थित पेट्रोल पंप पर उत्कर्ष चंद्राकर से मुलाकात हुई थी। उत्कर्ष ने खुद को प्रभावशाली अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए परीक्षा पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद कई अभ्यर्थियों को जोड़कर राशि जुटाई गई और उत्कर्ष को दी गई। गवाह के अनुसार, प्री परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को डीडी नगर स्थित सिद्धि विनायक पैलेस ले जाया गया, जहां उन्हें प्री परीक्षा की प्रिंटेड कॉपी दी गई थी। प्री का परिणाम आने पर सभी अभ्यर्थी सफल हो गए, जिससे भरोसा और बढ़ गया। मेंस परीक्षा के लिए भी उत्कर्ष ने अतिरिक्त रकम की मांग की। नवापारा स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराने और बस की व्यवस्था कराई गई, लेकिन बाद में और पैसे नहीं देने पर सभी अभ्यर्थी मेंस परीक्षा में असफल हो गए।