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भर्ती अपडेट: SI, सूबेदार व प्लाटून कमांडर पदों के लिए दस्तावेज सत्यापन–फिजिकल टेस्ट की तारीख तय

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने गृह पुलिस विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर पदों पर भर्ती परीक्षा–2024 की चयन प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण (PMT) की तिथियों की घोषणा की है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, रायपुर एवं राजनांदगांव में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थियों को उनके प्रवेश पत्र में दर्शाए गए केंद्र पर निर्धारित तिथि को उपस्थित होना अनिवार्य होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह 7 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि शारीरिक माप परीक्षण सुबह 8 बजे से शुरु किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षण में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के लिए प्रवेश पत्र 26 दिसंबर 2025 को जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, परीक्षा और चयन प्रक्रिया से संबंधित अन्य आवश्यक निर्देश भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि प्रवेश पत्र डाक या किसी अन्य माध्यम से व्यक्तिगत रूप से नहीं भेजे जाएंगे। इसलिए सभी अभ्यर्थी समय रहते वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ निर्धारित तिथि व केंद्र पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर ही दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण में सम्मिलित हों, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

पहले समझाया, फिर सुरक्षित बनाया: ट्रैफिक पुलिस का अनोखा जागरूकता अभियान

बलौदाबाजार  वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने तथा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वाहन चलाने की समझाइश देने पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता मातहतों के साथ सड़क पर उतरकर जागरूकता अभियान चलाया. अभियान के दौरान युवाओं को सबक के साथ यातायात नियमों का पाठ पढ़वाया और निशुल्क हेलमेट प्रदान किया और हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों का सम्मान किया तो चार पहिया वाहन और भारी वाहन चालकों को सीटबेल्ट लगाकर ही वाहन चलाने की समझाइश दी गई. वहीं मोडिफाइड साइलेंसर को निकलवाया भी गया. इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अभिषेक सिंह सहित पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल थे. पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि जिले में पुलिस द्वारा यातायात जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है यह पूरे जनवरी माह चलेगा इस दौरान वाहनों की जांच के साथ ही चालकों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही नियमों के पालन करने से मिलने वाले फायदे बताये जाएंगे. इसके अलावा स्कूलों, कालेजों में भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज हमने शुरुआत की है. निशुल्क हेलमेट वितरण किया गया है. मै सभी वाहन चालकों से से अपील करती हूँ कि यातायात नियमों का पालन करें और वाहन चलाते समय आवश्यक कागजात अवश्य रखें और दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहन कर ही वाहन चलाएं. नाबालिगों को दोपहिया वाहन की जगह साइकिल दें, जिससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा.

इंदौर जैसी घटना न दोहराई जाए: रायपुर में एक्टिव हुए जनप्रतिनिधि, खारून सफाई का तैयार हुआ मास्टर प्लान

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्वच्छता और सुनियोजित विकास के मामले में इंदौर की तर्ज पर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। रायपुर पश्चिम विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त विश्वदीप ने रविवार सुबह लगातार 5 घंटे फील्ड पर रहकर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया। विधायक मूणत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी ठोस कार्ययोजना बनाई जाए जिससे शहर के नालों का एक बूंद गंदा पानी भी खारून नदी में न मिले। निरीक्षण दल सबसे पहले सरोना डंपिंग यार्ड पहुंचा। यहां पोकलेन मशीनों के जरिए कचरा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र साफ किया जा चुका है। विधायक और महापौर ने अधिकारियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने और सरोना क्षेत्र की रिक्त शासकीय भूमियों का तत्काल सीमांकन करने के निर्देश दिए। इन भूमियों पर जनहित की नई परियोजनाएं शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। नालों का गंदा पानी बनेगा निगम की कमाई का जरिया चिंगरी और पीहर नाला के निरीक्षण के दौरान विधायक राजेश मूणत ने एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि इन नालों की ऐसी सुव्यवस्थित सफाई हो कि पानी ओवरफ्लो न हो और सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पहुंचे। •      ट्रीटमेंट के बाद सप्लाई: एसटीपी में उपचारित होने वाले पानी (Raw Water) को औद्योगिक समूहों को बेचा जाएगा। •        होगी आय: इससे नगर निगम के लिए राजस्व का एक नया और स्थायी स्रोत विकसित होगा। ‘इंदौर जैसी घटना न हो’- महापौर की हिदायत महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि रायपुर में इंदौर जैसी (स्वच्छता या अव्यवस्था संबंधी) कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चंदनीडीह स्थित 75 एमएलडी एसटीपी और स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खारून नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करें कि नालों का गंदा पानी नदी में मिलने के बजाय सीधे प्लांट तक पहुँचे। निरीक्षण दल में ये रहे शामिल इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान जोन 8 के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, पार्षद महेंद्र औसर, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, इमरान खान, जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल सहित स्वच्छ भारत मिशन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में आर्थिक कमजोर परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर

जशपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना ने देशभर में आवासहीन परिवारों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बुमतेल निवासी श्री प्रदीप राम उरांव पिता श्री राम जन योजना से लाभान्वित होकर अपने पक्के मकान के सपने को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले प्रदीप का जीवन कच्चे घर में अनेक कठिनाइयों से गुजरता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, हर वर्ष घर की मरम्मत करनी पड़ती थी और बच्चों की पढ़ाई में भी बाधाएँ आती थीं। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत उन्हें 1.20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह आवास उनके परिवार के लिए एक स्थायी और सुरक्षित आश्रय साबित होगा। सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि शासन की अन्य योजनाओं का भी लाभ प्रदीप को मिल रहा है। उन्हें राशन कार्ड के माध्यम से सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है और आयुष्मान भारत कार्ड के जरिए परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त है। इन योजनाओं ने उनके जीवन को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है। प्रदीप राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री आवास योजना हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए वरदान है। इस योजना ने हमें सुरक्षित छत, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्यान्न की सुविधा देकर वह सम्मान दिया है जिसकी कल्पना हमने वर्षों से की थी।” प्रधानमंत्री आवास योजना केवल पक्का घर बनाने की योजना नहीं है, बल्कि यह जरुरतमंद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और स्थायी जीवन का आधार बन चुकी है।

छत्तीसगढ़ में दीदी ई-रिक्शा योजना ने संवारी सुषमा की जिंदगी

रायपुर. श्रम विभाग के अंतर्गत छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा महिला निर्माणी श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु संचालित “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत कम से कम 03 वर्षों से मंडल में पंजीकृत, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिला निर्माणी श्रमिकों को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जानकारी के पश्चात श्रीमती सुषमा द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन का विधिवत परीक्षण उपरांत पात्र पाए जाने पर कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में एक लाख रूपए की सहायता राशि अंतरित की गई। आत्मनिर्भरता की दिशा में बढते सशक्त कदम इस सहायता से श्रीमती सुषमा ने ई-रिक्शा क्रय कर धमतरी शहर में संचालन प्रारंभ किया। वर्तमान में उन्हें प्रतिदिन लगभग 5 सौ रूपए से 700 रूपए की नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा है। इस सहायता से श्रीमती सुषमा ने ई-रिक्शा क्रय कर धमतरी शहर में संचालन प्रारंभ किया। वर्तमान में उन्हें प्रतिदिन लगभग 5 सौ रूपए से 700 रूपए की नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा है। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” के अंतर्गत एक लाख रूपए की सहायता छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत गहिला निर्माणी श्रमिक सुषमा सतनामी, निवासी ग्राम तेन्दूकोन्हा, पोस्ट को मंडल द्वारा संचालित “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” के अंतर्गत एक लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। सुषमा सतनामी पूर्व में एक निर्माणी श्रमिक (रेजा) के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति राजमिस्त्री का कार्य करते हैं। उनके दो बच्चे 7 वीं एवं 5 वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। दैनिक मजदूरी पर आधारित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं एवं बच्चों की शिक्षा संबंधी खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” महिला श्रमिकों को स्वरोजगार से जोडने का माध्यम सुषमा सतनामी ने योजना से लाभान्वित होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, श्रम मंत्री, कलेक्टर, जिला धमतरी एवं श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे श्रमिक परिवारों के लिए आशा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनी है। “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” महिला श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़कर न केवल आर्थिक सशक्तिकरण कर रही है, बल्कि सामाजिक सम्मान एवं सुरक्षित भविष्य की ओर भी मार्ग प्रशस्त कर रही है।

छत्तीसगढ़ पुलिस दे रही यात्रियों, चालकों एवं फील्ड स्टॉफ को आपात प्रबंधन का प्रशिक्षण

रायपुर. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर लाइव मॉक-ड्रिल किया गया। मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों एवं एनएचएआई के फील्ड स्टॉफ को कई तरह की आपात परिस्थितियों से निपटने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दौरान विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीकों का प्रदर्शन भी किया। मॉक-ड्रिल के दौरान विशेषज्ञों ने हार्ट-अटैक की स्थिति में सीपीआर देने के सही एवं वैज्ञानिक तकनीक का लाइव-डेमो दिया। उन्होंने अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी। मॉक-ड्रिल में वाहन में तकनीकी खराबी और सड़क दुर्घटना में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की भी जानकारी दी गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित ढंग से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने तथा इस दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया। कोहरे एवं रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे एवं रात में यात्रा के दौरान दुर्घटना की संभावना को कम करने वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं। साथ ही वाहन चालकों एवं यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित करने की अपील भी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की जल्द रिहाई की विकास परिषद ने बनाई लिस्ट

कोरबा. कोरबा आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष केआर शाह ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद आदिवासियों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे आदिवासियों की सूची तैयार करेगी, जो जानकारी के अभाव, आर्थिक तंगी या बेवजह अपराध से अधिक सजा काट रहे हैं। शाह ने बताया कि परिषद इन आदिवासियों की रिहाई के लिए कानूनी सहायता प्रदान करेगी, जिसमें वकीलों का पूरा खर्च भी शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। मीडिया से चर्चा करते हुए शाह ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने सभी आदिवासी क्षेत्रों में डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की तर्ज पर हाई स्कूल खोलने की वकालत की, ताकि हर वर्ग के लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। इसके अलावा शाह ने बस्तर को अलग राज्य बनाने पर भी अपनी सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों के गठन से क्षेत्र का विकास होता है, इसमें कोई संदेह नहीं है। केआर शाह कोरबा में जयपाल सिंह मुंडा की जयंती की तैयारियों के सिलसिले में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई परिषद की छह प्रमुख मांगों में से एक है।

छत्तीसगढ़ के केशकाल के दरबार मेले में देवी आने पर झूमे बीजेपी सांसद

केशकाल. भंगाराम माईं के दरबार में मेला का शनिवार देर शाम आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के सभी देवी-देवताओं की उपस्थिति रही। भंगाराम मेला के बाद से बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में मेले की शुरुआत होती है। आज कांकेर में भी मेला आयोजित किया गया है। मेले में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में आँगा देव की पूजा की जाती है। छोटे-छोटे बच्चे आँगा देव को पकड़े हुए होते हैं, और अचानक उन पर शक्ति का संचार होता है। इस दौरान बच्चे और आँगा देव दोनों एक साथ खेलते और कूदते दिखाई देते हैं। इस अवसर पर कांकेर के सांसद भोजराज नाग भी भंगाराम माईं के मेले में शामिल हुए। उन्हें भी देव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, और वे सभी देवी-देवताओं के साथ मेले का परिक्रमा करते नजर आए। आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में मेला का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। जब देवी-देवताओं का आगमन होता है, तो ग्रामीण उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद मेला की शुरुआत करते हैं।

छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों की वित्तीय सशक्तिकरण के लिए निवेश और बचत पर कार्यशाला आयोजित

धमतरी. पुलिस द्वारा पुलिस कर्मियों के वित्तीय सशक्तिकरण के उद्देश्य से आज पुलिस कंट्रोल रूम में निवेश एवं बचत विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन एवं उपस्थिति में आयोजित हुई, जिसमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सैलरी के बचत पैसों को सुरक्षित निवेश माध्यमों में लगाकर बेहतर रिटर्न प्राप्त करने तथा भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए योजनाबद्ध बचत करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में राज्य सरकार के बीच एमओयू (टाईअप) बैंक ऑफ बड़ौदा एवं म्युचुअल फंड विशेषज्ञों की टीम द्वारा सुरक्षित निवेश, एसआईपी एवं म्युचुअल फंड, सरकारी योजनाएँ, आयकर नियम, रिटायरमेंट प्लानिंग और बचत के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, विवाह, मकान निर्माण और आपतकालीन परिस्थितियों के लिए नियमित बचत एवं वित्तीय अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही साइबर फ्रॉड और निवेश धोखाधड़ी से बचाव के तरीकों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि पुलिस कर्मी किसी भी प्रकार के वित्तीय जाल में न फँसें। एसपी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नववर्ष में पुलिस फोर्स के कल्याण हेतु कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वित्तीय सुदृढ़ता पहली और महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि अनुशासन सिर्फ ड्यूटी तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय जीवन में भी उतना ही आवश्यक है। सुरक्षित निवेश, बचत की आदत और योजनाबद्ध आर्थिक प्रबंधन से पुलिस कर्मी स्वयं एवं अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं और अनावश्यक ऋण जाल से बच सकते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की टीम ने पीपीएफ, एनएससी, केवीपी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, मेडिक्लेम व टर्म इंश्योरेंस जैसी सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी पाया।