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रायपुर: कैबिनेट मंत्री देवांगन ने धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में लिया हिस्सा

रायपुर : कैबिनेट मंत्री देवांगन धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में हुए शामिल रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा में धीवर समाज ट्रस्ट के नव वर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में शामिल हुए। गत दिनों यह कार्यक्रम कोरबा के जूनियर रिक्रिएशन क्लब, एस ई सी एल मानिकपुर कोरबा में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु रामचंद्र जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई, तत्पश्चात समस्त अतिथियों का शाल फल से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिती रही।  मंत्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश और राष्ट्र के उत्थान में प्रत्येक समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जब समाज आगे बढ़ता है, तभी देश सशक्त होता है। धीवर समाज मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के आदर्शाे एवं विचारों पर चलने वाला समाज है और इस समाज का प्यार, सहयोग एवं समर्थन उन्हें हमेशा प्राप्त हुआ है।  महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता एवं पारिवारिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बना। यह नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह समाज को जोड़ने, आपसी भाई-चारे को मजबूत करने एवं नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षद नरेन्द्र देवांगन एवं प्रफुल्ल तिवारी भी उपस्थित रहे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि जब प्रत्येक समाज शिक्षा, संगठन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छूता है। यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरक पहल है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में समाज के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें छोटे छोटे बच्चों के नृत्य से सभी विशेष रूप से प्रभावित हुए एवं उन्हें मंच से सम्मानित भी किया गया। समस्त अतिथियों को ट्रस्ट द्वारा इस यादगार पल को हमेशा संजोये रखने स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंततः सभी अतिथियों ने समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं स्नेहपूर्ण अभिनंदन के लिए हृदय से आभार जताया। 

दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एक करोड़ से अधिक के थे इनाम, 18 महिलाएं भी शामिल

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ यानी घर वापसी अभियान के तहत कुल 63 इनामी नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. खास बात यह रही कि आत्मसमर्पण करने वालों में 16 महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से बस्तर और उससे सटे इलाकों में सक्रिय थीं. नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक सामने आई है. यह आत्मसमर्पण न सिर्फ संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा झटका माना जा रहा है. दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की पुनर्वास आधारित नीति जमीन पर असर दिखा रही है. दंतेवाड़ा में हुआ यह सामूहिक सरेंडर केवल स्थानीय स्तर की घटना नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों तक देखा जा रहा है. आत्मसमर्पित नक्सली दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे. इनमें से कई नक्सली संगठन में अहम पदों पर रहे हैं और लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में शामिल थे. सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, जंगलों में बढ़ती घेराबंदी, और दूसरी ओर सरकार की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया. यही कारण है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रवृत्ति तेज हो रही है. यह घटना नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ढांचे और बदलते बस्तर की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है. प्रमुख नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है। अभियान की व्यापकता यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास सफल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। सुरक्षाबलों के प्रयास सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान, नक्सलियों के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत मुख्यधारा में एकीकृत करने और उन्हें बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  ‘पूना मारगेम’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की भूमिका दंतेवाड़ा में नक्सलियों के इस बड़े सरेंडर के पीछे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की अहम भूमिका मानी जा रही है. इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों को केवल हथियार छोड़ने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन का विकल्प देना है. सरकार का फोकस भरोसा, संवाद और पुनर्वास पर रहा है. एसपी गौरव राय का बयान दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे पुलिस और राज्य सरकार की बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि नक्सली विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि विकास और विश्वास की नीति सफल हो रही है. आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.

छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट: अंबिकापुर में 3.5°C पारा, अगले 2 दिन और गिरेगा तापमान

रायपुर  छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिए हैं। हिमालय की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सरगुजा संभाग इस समय सबसे अधिक प्रभावित है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के सबसे निचले स्तरों में से एक है। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री के बीच बना हुआ है। यहां खुले खेतों और पराल पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमती देखी गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई अन्य जिलों में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रातें ज्यादा सर्द हो रही हैं, जिससे सुबह और देर शाम लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है। सिनोप्टिक सिस्टम के चलते बढ़ेगी ठंड पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है। वहीं तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की तरफ आगे बढ़ा देती है, नतीजा यह होता है कि उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगती है। इसी वजह से रात का तापमान तेजी से गिरता है। सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होती है, कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन जाती है। उदाहरण के साथ समझाया जाए तो मान लीजिए जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला रह जाए और पंखा चलने लगे तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है। यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है। यात्री प्रतीक्षालय में ठंड से मौत 7 जनवरी को कोरबा के सरई सिंगार निवासी हरप्रसाद भैना (55) की मौत ठंड लगने से हो गई। उनकी लाश कसईपाली के यात्री प्रतीक्षालय में मिली। हरप्रसाद मंगलवार को रलिया गांव में छठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। रात की ठंड में थकान के कारण वे प्रतीक्षालय में सो गए थे। बुधवार सुबह लोगों ने उनकी लाश देखी। शव की स्थिति और मौके की परिस्थिति देखकर उनकी ठंड से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस ठंड की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और तेज जेट स्ट्रीम है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र से ठंडी हवा को दक्षिण की ओर धकेल रहा है, जबकि जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा रही है। इसी प्रक्रिया के चलते उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक फैल रही है और शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है। ठंड के इस दौर का मानवीय असर भी सामने आ रहा है। हाल ही में कोरबा जिले में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत की आशंका ठंड लगने से जताई गई है। उनका शव एक यात्री प्रतीक्षालय में मिला था। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से रात के समय खुले स्थानों पर न रुकने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रैन बसेरों और अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ को सर्दी की इस परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

डेंटल कॉलेज मेस में मिली गंदगी, चावल में इल्ली, मरे हुए मेंढक और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट का इस्तेमाल

राजनांदगाव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव शहर के सुंदरा गांव स्थित छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्रों के भोजन में मरा हुआ मेंढक मिलने की शिकायत सामने आई. इस गंभीर लापरवाही ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम ने कॉलेज परिसर स्थित हॉस्टल की मेस का निरीक्षण किया. जांच के दौरान रसोई और भंडार कक्ष में गंदगी का अम्बार मिला. टीम को मौके से कई खाद्य पैकेट एक्सपायरी डेट के भी मिले, जिन्हें छात्रों को परोसे जाने की आशंका जताई जा रही है. निरीक्षण के समय कार्य प्रबंधन की अनुसूची अनुपस्थिति भी सामने आई, जिससे नाराजगी और बढ़ गई. टीम के अधिकारियों ने कहा कि इसकी लापरवाही बच्चों की सेहत और जीवन से सीधा खिलवाड़ है. खाद्य विभाग की टीम ने की जांच शिकायत मिलते ही खाद्य विभाग की टीम कॉलेज परिसर पहुंची और मेस का निरीक्षण किया. जांच के दौरान रसोई और भंडार कक्ष में गंदगी का आलम देखने को मिला. टीम ने मौके पर पनीर, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए. इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है. मिली अनियमितताएं और एक्सपायरी सामान जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं. टीम को एक पैकेट एक्सपायरी सूजी मिला, जिसे लापरवाही माना गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन खामियों को नोटिस में दर्ज किया जाएगा और सुधार के लिए निर्देश दिए जाएंगे. फिलहाल, कॉलेज प्रबंधन भी यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई? छात्रों में आक्रोश, प्रबंधन पर सवाल खाने में मेंढक मिलने की घटना के बाद छात्रों में नाराजगी है. वे कॉलेज प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं. छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. कई छात्रों ने मेस की सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठाए थे. कारण बताओ नोटिस जारी छात्रों की शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग ने मेस का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान मेस में कई एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी पाई गई। विभाग ने स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर मेस का संचालन करने वाली संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई छात्रों के स्वास्थ्य के साथ संभावित खिलवाड़ को देखते हुए की गई है। डीन बोले- शिकायत की जांच होगी छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के डीन डॉक्टर एसके नंदा ने बताया कि मेस में परोसे गए भोजन में मृत मेंढक मिलने की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था को समय-समय पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है। हालांकि, उन्होंने एक्सपायरी खाद्य पदार्थ मिलने की जानकारी से इनकार किया। अन्य राज्यों के स्टूडेंट भी पढ़ने आते हैं कॉलेज में अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, जो खाने के लिए पूरी तरह मेस पर निर्भर रहते हैं। ये मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य से खिलवाड़ को लेकर सवाल उठ रहे है। छात्रों ने कहा है कि दूषित भोजन और उसमें मृत जीव मिलने से फूड पॉइजनिंग और बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कमियों को लेकर नोटिस जारी इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी तरुण बिरला ने बताया की डेंटल कॉलेज के भोजन में मेंढक पाए जाने की शिकायत पर जांच टीम पहुंची थी वहां से खाद्य पदार्थों का सैंपल लिया गया है कुछ कमियों को लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। एक्सपायरी खाद्य पदार्थ जब्त नहीं की गई है। अधिकारियों का बयान: सख्त कार्रवाई होगी खाद्य विभाग के अधिकारी तरुण बिरला ने बताया कि छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज की मेस में मेंढक मिलने का मामला सामने आया है. हमारी टीम ने मौके पर जाकर जांच की. कुछ अनियमितताएं मिली हैं, जिन पर नोटिस जारी किया गया है. हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हों. फिलहाल जांच जारी कॉलेज प्रबंधन ने भी जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि मेस में सफाई और गुणवत्ता नियंत्रण में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सुधार नहीं हुआ तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कॉलेज प्रशासन को भेजा नोटिस खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी तरुण बिरला ने कहा कि हमारे संज्ञान में कल मामला आया था कि छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज की मेस में छात्रों को जो खाना परोसा जाता है, उसमें मेंढक निकला था. यूथ फाउंडेशन ऑफ इंडिया नाम की संस्था मेस चलाती है. हमारी टीम ने फौरन वहां जाकर जांच की है और वहां मेस का पूरा निरीक्षण किया गया और खाने के सैंपल लिए गए हैं. वहां कुछ अनियमितताएं मिली हैं, उसको लेकर नोटिस जारी किया जा रहा है. एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी मिली है, उसका जिक्र भी नोटिस में किया गया है. उन्होंने कहा कि खाने में मेंढक कैसे आया, इसकी जांच कॉलेज प्रबंधन को करनी चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि इससे पहले भी मेस में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

रायगढ़ में कुत्तों को नसबंदी के बाद बिरयानी? कांग्रेस और मेयर के बीच सत्ता-विपक्ष की भिड़ंत

रायगढ़ रायगढ़ नगर निगम के आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके आहार को लेकर शहर में विवाद खड़ा हो गया है। महापौर जीवर्धन चौहान ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि नसबंदी के बाद कुत्ते दो दिन तक कुछ नहीं खाते। ऐसे कमजोर कुत्तों को विशेष आहार के तौर पर बिरयानी खिलाई जाती है। महापौर का यह बयान अलग तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया जाने लगा, जिसके बाद विपक्ष के नेताओं ने इसे भ्रष्टाचार और अनावश्यक खर्च बताया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी आवारा कुत्तों के आहार और खर्च पर पारदर्शिता नहीं दिखा रही है। वहीं कुत्तों को बिरयानी खिलाने को लेकर निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने बीजेपी मेयर जीवर्धन चौहान को घेरा है। उन्होंने ने कहा कि अब आवारा कुत्ते भी बिरयानी खाएंगे। कुत्तों को चिकन या मटन किसकी बिरयानी खिलाई जाएगी। इसके लिए फंड किस मद से खर्च किया जाएगा। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, रायगढ़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। पिछले दिनों रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान खुद नसबंदी केंद्र पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कुत्तों की देखभाल और दिए जाने वाले भोजन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान ने कुत्तों को पौष्टिक आहार देने की बात कही। उन्होंने अपने बयान में कुत्तों को खिचड़ी, दलिया और बिरयानी का जिक्र किया। महापौर के इसी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। चिकन या मटन की खिलाएंगे बिरयानी- कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने कहा कि, अगर आवारा कुत्तों को बिरयानी खिलाई जाएगी, तो यह स्पष्ट किया जाए कि वह चिकन की होगी या मटन की। साथ ही सवाल उठाया कि इसके लिए शासन से कोई आदेश आया है या नहीं। खर्च किस मद से किया जाएगा। नगर निगम ने इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए भिलाई के एक एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपी है। एनजीओ कुत्तों को ट्रांसपोर्ट नगर लाकर नसबंदी करता है और दो दिनों तक उन्हें वहां रखकर स्वास्थ्य स्थिति की जांच करता है। नसबंदी और स्वास्थ्य देखभाल की निगरानी के लिए तीन डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। महापौर जीवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया, “मैं बधियाकरण का निरीक्षण करने गया था। टीम ने मुझे कुत्तों की नसबंदी, खान-पान और उपचार की जानकारी दी। कुछ कुत्ते नसबंदी के बाद एक-दो दिन तक खाना नहीं खाते हैं, इसलिए उनको बिरयानी दी जाती है। इस बयान को अलग तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।” नगर निगम रायगढ़ ने आवारा कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए बजट भी तय किया है। इस राशि के तहत एनजीओ को समुचित व्यवस्था करने और कुत्तों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। शहर में इस समस्या को लेकर अभी भी बहस जारी है और राजनीतिक बयानबाजी तेज़ है।     शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा रह है। इसके लिए बजट भी तय किया गया है। इस राशि में एनजीओ को समुचित व्यवस्था करना है। बधियाकरण का निरीक्षण करने मैं गया था, वहां टीम से कुत्तों की नसबंदी, खान-पान व उपचार की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि कुछ कुत्ते नसबंदी के बाद एक-दो दिन खाना नहीं खाते है, तो उनको बिरयानी खिलाया जाता है। बिरयानी खिलाने वाले बयान को अलग तरीके से तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है।     – जीवर्धन चौहान महापौर, नगर निगम रायगढ़।  

रायपुर रेलवे स्टेशन पर हेल्दी वेटिंग लाउंज की शुरुआत, 30 रुपये में मिलेगा योग, मेडिटेशन और हेल्थ चेकअप

रायपुर  रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहली बार हेल्दी वेटिंग लाउंज की सुविधा यात्रियों को मिलने जा रही है. भारतीय रेलवे में नई, अभिनव गैर-किराया राजस्व विचार योजना (NINFRIS )के तहत इसकी प्लानिंग की गई है. गुरुवार को इस सुविधा का शुभारंभ यात्रियों ने किया. रायपुर से बड़ोदरा जा रहे यात्री चंद्रकांत बलावंत और उज्जैन जा रही 2 रेलयात्री ओजस्वी एवं आरुषि के हाथों इस लाउंज का शुभारंभ कराया गया. ट्रेन का इंतजार अब नहीं लगेगा बोरिंग रायपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया "स्वस्थ वेटिंग लाउंज शुरू होने से यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार करते समय आरामदायक सुविधा मिलेगी. जिससे यात्रियों को काफी फायदा मिलेगा.  हेल्दी फूड और स्वास्थ्य जांच लाउंज में मिलेट्स आधारित हेल्दी फूड, सामान्य स्वास्थ्य जांच (वजन, ब्लड प्रेशर), शुल्क आधारित एंबुलेंस सुविधा, मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, लाइव ट्रेन इंफॉर्मेशन डिस्प्ले और फ्री हाई-स्पीड वाई-फाई भी उपलब्ध रहेगा। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बाथरूम व टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। यात्रियों से कराया गया शुभारंभ यह सुविधा भारतीय रेलवे की नई और अभिनव गैर-किराया राजस्व योजना NINFRIS (न्यू, इनोवेटिव नॉन-फेयर रेवेन्यू आइडिया स्कीम) के तहत विकसित की गई है। इस अनूठी सुविधा का शुभारंभ रायपुर से बड़ोदरा जा रहे यात्री चंद्रकांत बलावंत और रायपुर से उज्जैन यात्रा कर रहीं ओजस्वी व आरुषि ने किया। शुल्क विवरण     वेटिंग लाउंज प्रवेश- 1 घंटे के लिए ₹30, 2 घंटे के लिए ₹60, 4 घंटे के लिए ₹80     योग और ध्यान क्षेत्र: ₹50 प्रति 30 मिनट     फिटनेस कॉर्नर: ₹50 प्रति 30 मिनट हेल्दी रिफ्रेशमेंट की बिक्री रेलवे प्रशासन द्वारा अनुमोदित सूची के अनुसार होगी, जो पूरी तरह FSSAI मानकों के अनुरूप रहेगी। अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.पी. काशीपथी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, मंडल वाणिज्य प्रबंधक राकेश सिंह, सहायक वाणिज्य प्रबंधक अविनाश कुमार आनंद सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप

रायपुर : सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए मंत्री केदार कश्यप सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मंत्री कश्यप विभागीय कार्यों और उपलब्धियों की दी जानकारी रायपुर परिवहन मंत्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्य के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा। गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सुरक्षा उपायों के पालन न करने के कारण होती हैं। उन्होंने सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वाहन चालकों एवं सहयात्रियों द्वारा सीट बेल्ट तथा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए।               बैठक में परिवहन मंत्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ में संचालित परिवहन से संबंधित योजनाओं, परियोजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री गडकरी को दी। इस अवसर पर सचिव, परिवहन विभाग एस. प्रकाश भी उपस्थित थे। ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का अहम उपाय बताया गया। बैठक में ओवरलोड वाहनों पर नियमित जांच, तकनीकी निगरानी, प्रवर्तन कार्यवाही और कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने पर सहमति बनी।      सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियानों, सड़क सुरक्षा मित्रों की भागीदारी, तथा स्कूलदृकॉलेज स्तर पर यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के कैशलेस उपचार, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा व्यवस्था, वाहन सुरक्षा के नए प्रावधान, तथा मोटर व्हीकल अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आरडीटीसी और डीटीसी भवन समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य                 मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र (RDTC) और जिला परिवहन केंद्र (DTC) भवनों के निर्माण को तय समय में पूरा करने की जानकारी भी दी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों से तकनीकी जांच में सुधार                 परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़) संचालित हैं। मशीनों से होने वाली फिटनेस जांच पारदर्शी और तकनीकी रूप से सटीक है। इन केंद्रों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों का कैशलेस उपचार            मंत्री कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में सड़क दुर्घटना में कमी लाने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा,सड़क सुरक्षा अभियान,सड़क सुरक्षा मित्र,‘शून्य प्राणहानि जिला’ के लिए रायपुर का चयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर          बैठक में मोटर व्हीकल अधिनियम के नए प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही नितिन गडकरी जी ने सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने,सीट बेल्ट लगाने,वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुत योजनाओं और प्रस्तावों से स्पष्ट है कि  सरकार सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

राजनांदगांव जिले में 23294 आवास पूर्ण एवं 14099 आवास निर्माणाधीन

रायपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास विहिन एवं कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास बनाने के लिए पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 20 हजार रूपए एवं मनरेगा योजना से 90 मानव दिवस मजदूरी की सहायता दी जाती है। शासन द्वारा जिले में विगत दो वर्ष में 40454 आवास निर्माण की स्वीकृति मिली। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 30766 आवास स्वीकृत किए गए है। जिनमें से 23294 (75.71 प्रतिशत) आवास पूर्ण कर लिया गया है तथा 7472 आवास प्रगतिरत है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9688 आवास स्वीकृत किये गये है। जिसमें से 7026 हितग्राहियों को प्रथम किश्त प्रदाय किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में स्वीकृत हितग्राहियों के आवासों का समय-समय पर भूमि पूजन तथा पूर्ण हुए आवासों का हितग्राहियों के उपस्थिति में गृह प्रवेश कार्यक्रमों का आयोजन कर गृह प्रवेश कराया जा रहा है। जिले में नवाचार द्वारा एक दिवसीय अभियान का आयोजन करते हुए स्वीकृत हितग्राहियों को अप्रारंभ आवासों को प्रारंभ कराने, निर्माणाधीन आवास को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हितग्राहियों के स्वीकृत आवासों में रेन हार्वेस्टिंग के तहत सोख्ता गड्ढा का निर्माण तथा उत्कृष्ट आवास के हितग्राही एवं कम समय में आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को जिला एवं विकासखंड स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। हितग्राहियों के जीवन स्तर में वृद्धि हेतु कुशल श्रमिक के रूप में दक्ष करने हेतु ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र बरगा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा।

आवास और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

रायपुर, छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है।      .. इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।             समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।      यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में दिए निर्देश- 60 वर्षीय श्रमिक हनुमंत राव का तत्काल बनाएं राशन कार्ड

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी से बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी क्रम में रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए । मुख्यमंत्री को राव ने बताया कि वे राजधानी रायपुर के तात्यापारा वार्ड में लगभग 60 वर्ष से निवासरत हैं। पूर्व में उनके माता-पिता के राशन कार्ड में उनका भी नाम जुड़ा था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता था। उनके माता-पिता की अब मृत्यु हो चुकी है। वे अविवाहित हैं और अकेले जीवन यापन करते हैं। राशन कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय की व्यथा को बहुत आत्मीयता से सुना और अधिकारियों को तत्काल राव को राशनकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।