samacharsecretary.com

नई उड़ान, नया क्षितिज: छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी

रायपुर : विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज – छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी रायपुर छत्तीसगढ़ अपने विकास-यात्रा के स्वर्णिम पड़ाव पर है। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनी हैं – राज्य की महिलाएँ, जिन्हें स्नेह व सम्मान से “महतारी” कहा जाता है।बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नीतिगत प्राथमिकता नहीं बनाया, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की धुरी के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज महिलाएँ योजनाओं की लाभार्थी मात्र नहीं, परिवर्तन की वाहक बनकर उभरी हैं। राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार ने विविध योजनाएँ शुरू की हैं। सबसे उल्लेखनीय महतारी वंदन योजना है, जिसके तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 12,983 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। यह सहायता महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवार व समाज में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता भी प्रदान करती है। दीदी ई-रिक्शा योजना ने 12,000 महिलाओं को रोजगार के नए अवसर दिए। सक्षम योजना के तहत 32,000 महिलाओं को 3 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपए तक व्यवसायिक ऋण दिया गया, जबकि महतारी शक्ति ऋण ने 50,000 महिलाओं को बिना जमानत ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना से 1.15 लाख महिलाएँ घर-परिवार के साथ उत्पादन कार्य से जुड़कर सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोंडागांव की रतो बाई का जीवन कभी नक्सली भय से घिरा था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से उन्हें 1.20 रुपए लाख और मनरेगा से 90 दिन का रोजगार मिला। आज वे पक्के घर में सुरक्षित जीवन जीती हैं और सब्ज़ी विक्रय के माध्यम से जीवन यापन करती हैं। उज्ज्वला, नल-जल जैसी सुविधाएँ उनके जीवन में प्रकाश भर रही हैं। दंतेवाड़ा जिले की गंगादेवी SHG की महिलाएँ आज टाटा मैजिक वाहन का संचालन कर 26,000 रुपए मासिक आय अर्जित कर रही हैं। यह उदाहरण बताता है कि ग्रामीण महिलाएँ अवसर मिलने पर कैसे नए व्यवसायों का संचालन कर सकती हैं। सरगुजा की मती श्यामा सिंह ने बिहान योजना के तहत 95,000 रुपए की सहायता से 30 सेंट्रिंग प्लेट से काम शुरू किया। आज उनके पास 152 प्लेट हैं तथा वे 50,000 रुपए प्रतिमाह कमाती हैं। कोरबा की मती मंझनीन बाई को DMF फंड से स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त होकर उन्हें 9,000 रुपए मासिक मानदेय मिलता है। यह न सिर्फ आर्थिक स्थिरता, बल्कि सामाजिक सम्मान भी देता है। कभी नक्सली हिंसा से भयभीत बस्तर आज नए परिदृश्य के साथ उभर रहा है। यह इलाका आत्मनिर्भरता, सम्मान और अवसरों की नई पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कहते हैं कि “बस्तर का पुनर्निर्माण केवल सड़क या पुल बनाना नहीं, यह वहाँ के हर घर में विश्वास का दीप जलाने का संकल्प है।” केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 विशेष आवास स्वीकृत किए, जिनमें से 3,000 बस्तर, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा में बन रहे हैं। अब तक 12,000 से अधिक लोग सुरक्षित आवास पा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में महिला SHG की संख्या 2,80,362 है, जिनमें से लगभग 60,000 समूह बस्तर में सक्रिय हैं। वनोपज और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से करोड़ों का कारोबार हो रहा है। “लखपति महिला मिशन” के अंतर्गत 2,000 महिलाएँ सालाना 1 लाख रुपए से अधिक कमाती हैं। ‘जशप्योर’ और बस्तर बेंत उत्पाद राष्ट्रीय पहचान पा चुके हैं। महिलाएँ अब रोजगार पाने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार-दाता भी बन रही हैं। स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वीकृत 25 लाख नए  LPG कनेक्शन में से 1.59 लाख कनेक्शन छत्तीसगढ़ को मिले, जिससे नियद नेल्लानार ग्रामों की महिलाएं भी लाभान्वित हो रही है। मुख्यमंत्री  साय कहते हैं -“स्वच्छ रसोई, स्वस्थ परिवार और सशक्त महिला – यही उज्ज्वला का सार है। छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में सखी वन-स्टॉप सेंटर स्थापित हैं, महिला हेल्पलाइन – 181, डायल – 112, 24’7 कार्यरत हैं। नवाबिहान योजना से कानूनी व परामर्श सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना से 3 लाख किशोरियाँ लाभान्वित हो रही हैं। 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इन पहलों ने महिलाओं के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भरी है। योजनाएँ महिलाओं को तकनीक-आधारित सशक्तिकरण की ओर ले जा रही हैं। ड्रोन दीदी योजना से महिलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जशप्योर ब्रांड से लगभग 500 महिलाएँ, 10,000 रुपए प्रति माह कमा रही हैं। नवा रायपुर के यूनिटी मॉल में SHG उत्पादों को प्राथमिकता दी जा रही है। ये नारी शक्ति को स्थानीय से राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने का मार्ग तैयार कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े कहती हैं कि “नया छत्तीसगढ़ वह होगा जहाँ भय नहीं, विश्वास होगा, जहाँ महिलाएँ आश्रित नहीं, सशक्त होंगी। ”आज छत्तीसगढ़ का हर गाँव, हर घर, हर परिवार में बदलाव की अग्नि प्रज्वलित है। जहाँ पहले भय था – वहाँ आज आत्मनिर्भरता है। जहाँ मजबूरी थी- वहाँ आज सम्मान है। छत्तीसगढ़ की महतारियाँ अब परिवर्तन की राह नहीं देख रहीं- वे स्वयं परिवर्तन की दिशा रच रही हैं।        डॉ. दानेश्वरी संभाकर       उप संचालक, जनसंपर्क विभाग           छत्तीसगढ़ सरकार

5 तारीख को एयर शो: ट्रैफिक और फ्लाइट पर असर, जानिए आपका नया रूट प्लान

रायपुर राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर राज्योत्सव के अंतिम दिन 5 नवंबर को नवा रायपुर में एयर शो का आयोजन किया जा रहा है. सेंध तालाब के ऊपर एयरफोर्स की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम एयर शो करेगी. सुबह 10 से 12 बजे के मध्य एक-एक घंटे का कार्यक्रम होगा. पहले वायुसेना के चुनिंदा लड़ाके हेलीकॉप्टर पर करतब दिखाएंगे. जवानों द्वारा 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैरा जंपिंग की जाएगी. इसके बाद एयरोबेटिक शो होगा. सेंध तालाब के आसपास एक लाख दर्शकों के लिए तैयारियां की जा रही है. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट- पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं. वीवीआईपी, वीआईपी एवं आम नागरिकों के लिए अलग-अलग रूट आयोजन में शामिल होने सेंध तालाब क्षेत्र में पहुंचने के लिए तीन रूट तय किए गए हैं. पहला रूट वीवीआईपी, दूसरा रूट वीआईपी और तीसरा रूट आम नागरिकों के लिए होगा. वीवीआईपी जैनम तिराहा, विमानतल तिराहा से सत्य साईं हॉस्पिटल के सामने से कार्यक्रम स्थल सेंध जलाशय पहुंचेंगे. वीआईपी को माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा से दाहिने मुड़कर, कोटराभाठा कबीर चौक से सेक्टर 12 सेक्टर 9-सेक्टर 4 होते हुए सेंध जलाशय पहुंचना होगा और पार्किंग व्यवस्था क्रिकेट स्टेडियम के आसपास की की गई है. आम दर्शकों के लिए माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा, सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से अविनाश उपवन मैदान पार्किंग तक पहुंचना होगा. इसी तरह अभनपुर की ओर से आने वाले मॉटफोर्ट स्कूल तिराहा ऊपरवारा चौक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक, कबीर चौक सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से दाहिने मुड़कर अविनाश उपवन पार्किंग तक पहुंचेंगे. मंदिर हसौद एवं आरंग की ओर से जाने वाले नवागांव स्टेडियम टर्निंग से नवागांव रेलवे क्रॉसिंग होते हुए परसदा एवं कोसा मैदान में पहुंचकर वाहन पार्क करेंगे. चार को रिहर्सल भी देख पाएंगे लोग एरोबेटिक टीम और लड़ाके 4 नवंबर को रिहर्सल करेंगे. इस रिहर्सल को भी आम लोग सेंध तालाब के आसपास से देख पाएंगे. जिला प्रशासन के मुताबिक वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अपने अद्भुत हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांच, गर्व, उत्साह और देशभक्ति से भर देगी. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ-रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं.

जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिए लगाए होर्डिंग्स को अदालत की हरी झंडी, पादरियों के प्रवेश बैन पर राहत नहीं

बिलासपुर कांकेर जिले के कई गांवों में पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर बैन के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रलोभन या गुमराह कर जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए होर्डिंग्स लगाना असंवैधानिक नहीं है। ऐसा लगता है कि ये होर्डिंग्स संबंधित ग्राम सभाओं ने स्थानीय जनजातियों और सांस्कृतिक विरासत के हितों की रक्षा के लिए एक एहतियाती उपाय के रूप में लगाए हैं। डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं को पेसा नियम 2022 के तहत ग्राम सभा और संबंधित अधिकारी के पास जाने का निर्देश दिया है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। बता दें कि कांकेर के रहने वाले दिग्बल टांडी और जगदलपुर के रहने वाले नरेंद्र भवानी ने हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिका में बताया गया कि जिले के कुदाल, परवी, बांसला, घोटा, घोटिया, मुसुरपुट्टा और सुलंगी जैसे गांवों में ग्राम पंचायतों ने पेसा एक्ट का हवाला देकर होर्डिंग्स लगाए हैं। जिसमें लिखा है कि गांव पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है और ग्राम सभा संस्कृति की रक्षा के लिए पादरियों और धर्मांतरितों को धार्मिक कार्यक्रम या धर्मांतरण के लिए प्रवेश की अनुमति नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायतों ने पेसा एक्ट का हवाला देकर होर्डिंग्स लगाए हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) और 25 का उल्लंघन हैं। उनका यह भी आरोप है कि राज्य सरकार के 14 अगस्त 2025 के सर्कुलर से प्रेरित होकर ये होर्डिंग्स लगाए गए हैं। जवाब में राज्य सरकार ने कहा, कि याचिकाएं सिर्फ आशंका पर आधारित हैं। राज्य सरकार के सर्कुलर में कहीं भी धार्मिक नफरत फैलाने या होर्डिंग्स लगाने का निर्देश नहीं है। यह सर्कुलर केवल अनुसूचित जनजातियों की पारंपरिक संस्कृति की रक्षा के लिए है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि होर्डिंग्स जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए हैं, यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।

आदित्य नारायण बोले — जो मोबाइल से जीते, वो ज़िंदगी से हारते हैं

रायपुर बॉलीवुड गायक, टेलीविजन होस्ट और अभिनेता के रूप में पहचान बना चुके आदित्य नारायण का मानना है कि आज की पीढ़ी मोबाइल फोन और टैबलेट पर फालतू समय बिताकर जीवन को असफल बना रही है. समय रहते ईमानदारी से कड़ी मेहनत करें तो लक भी साथ देता है. आदित्य को सुपर-इंटेलिजेंट एआई से भविष्य में मानवता के लिए खतरा होने की आशंका है. ईश्वरीय शक्ति पर आदित्य का पूरा विश्वास है. उन्होंने ईश्वरीय शक्ति को सुपर पावर बताया, जो संसार को संचालित कर रही है. माता जानकी के मायके मिथिला के रहने वाले आदित्य ने बाल कलाकार के रूप में करियर की शुरुआत की और ‘छोटा बच्चा जान के…’ जैसे कई हिट गाने गाए हैं. आज वह बहुमुखी कलाकार के रूप में जाने जाते हैं, जो गायन के अलावा लोकप्रिय रियलिटी शो के होस्ट के रूप में भी सफल रहे हैं. छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर आयोजित राज्योत्सव में परफॉर्म करने राजधानी रायपुर पहुंचे गायक आदित्य नारायण ने प्रसिद्ध गायक पिता उदित नारायण और अपने बचपन से लेकर अभी तक चुनौतीभरी यात्रा का जिक्र किया. अभी तक 16 भाषाओं में गाना गा चुके आदित्य का मानना है कि कलाकार हो या कोई और सफल इंसान बनने के लिए दुनिया के मायाजाल से निकलकर लंबे समय तक की गई मेहनत ही आपको पहचान दिला सकती है. उन्होंने अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा कि गायकी के क्षेत्र में उन्होंने 32 वर्षों तक तपस्या की, फिर जाकर 1981 में सफलता मिली. मेरा बैकग्राउंड भी गायकी से जुड़ा है, फिर भी आज तक हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि जिंदगी की हर एक सीढ़ी चढ़ने के लिए जीवनभर मेहनत करनी पड़ेगी और कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है. सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन गया है, जहां अपनी बातों को आसानी से रख सकते हैं. पैसा भी कमा सकते हैं, लेकिन सही मायने में मंच वही है, जहां ऑडियंस आपके लिए तालियां बजाएं. सोशल मीडिया पर 1 करोड़ फैन बनाना बड़ी बात नहीं है, लेकिन मंच पर खड़े होने के लिए एक कलाकार को वर्षों तपस्या और साधना करनी पड़ती है. इसलिए ऑडियंस ही असली पूंजी है. एआई से दुनिया को है खतरा आदित्य का कहना है कि एआई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से दुनिया को खतरा है. मनुष्यों ने मानव जैसी बुद्धि से काम करने के लिए मशीनों का आविष्कार किया, लेकिन आज एआई को लेकर चिंता जताई जा रही है. यदि सुपर-इंटेलिजेंट एआई मानव मूल्यों के साथ मेल नहीं खाया, तो यह मानवता के लिए एक अपरिवर्तनीय वैश्विक तबाही या यहां तक कि विलुप्त होने का कारण बन सकता है. छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक छटाओं ने किया आकर्षित, बनाएंगे म्यूजिक एल्बम माता कौशल्या धाम, बस्तर कलाकृति, जंगल सफारी और यहां की प्राकृतिक छटाओं ने आदित्य को अपनी ओर आकर्षित किया है. उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ को दुनियाभर में पर्यटन स्थल के लिए पहचान दिलाने के लिए 2026 में म्यूजिक एल्बम बनाने का निर्णय लिया है.

डीएवी स्कूलों के 97 प्राचार्य जुटे एक मंच पर, शिक्षा सुधार और नीति क्रियान्वयन पर मंथन

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 97 डीएवी विद्यालयों के प्राचार्यों की एक भव्य और महत्वपूर्ण बैठक डीएवी हुडको भिलाई, दुर्ग में संपन्न हुई. इस बैठक के मुख्य अतिथि जगदीश बर्मन, सीबीएसई, रायपुर छत्तीसगढ़ रहें. इस मीटिंग के अध्यक्षता छत्तीसगढ़ डी ए वी संस्थान प्रमुख, क्षेत्रीय अधिकारी प्रक्षेत्र ‘अ’ छत्तीसगढ़ प्रशान्त कुमार के सक्षम नेतृत्व एवं कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ. बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के “शैक्षणिक उन्नयन, परीक्षा की तैयारी, मानसिक सशक्तिकरण और उत्कृष्ट परिणाम” प्राप्ति के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करना था. सीबीएसई छत्तीसगढ़ प्रमुख बर्मन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में विद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि विद्यार्थियों के “समग्र व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, नैतिकता और नेतृत्व गुणों के निर्माण” में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. आगे कहा कि डीएवी संस्थान सदैव गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता हैं, सभी प्राचार्यो को विद्यार्थियों के हित में और भी बेहतर कार्य करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि सभी विद्यालयों को एकजुट होकर की भावना के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का एक समान और सशक्त वातावरण तैयार हो, जिससे उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम को हासिल हो सके. बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें –     विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेष ध्यान.     परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं सुधार.     शिक्षण पद्धतियों में नवीन तकनीकी प्रयोग.     सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास पर बल.     शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर चर्चा शामिल रही     नई शिक्षा नीति का पालन बैठक के दौरान सभी प्राचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों के अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार हेतु कई नवाचारों का सुझाव दिया. छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थान क्षेत्रीय अधिकारी प्रक्षेत्र ‘अ’ छत्तीसगढ़ के सक्षम नेतृत्व में मेज़बान दल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और बैठक के सफल संचालन के लिए सहयोग प्रदान किया. जगदीश बर्मन ने अंत में सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि डीएवी विद्यालयों की सबसे बड़ी शक्ति उनका आपसी सहयोग और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण है. यदि हम सभी एकजुट होकर एक ही उद्देश्य के साथ कार्य करें तो निश्चित ही हमारे विद्यार्थी आगामी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करेंगे और छत्तीसगढ़ में डीएवी की शैक्षणिक छवि और भी सशक्त होगी. बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित प्राचार्यों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की दिशा में एक साथ मिलकर कार्य करेंगे. डीएवी हुडको भिलाई दुर्ग द्वारा इस आयोजन को बड़ी सफलता के साथ संपन्न किया गया.

गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का योगदान राज्य के लिए गर्व की बात : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्वविजेता बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह विजय न केवल पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी अत्यंत विशेष महत्व रखती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का योगदान राज्य के लिए गर्व की बात है। कवर्धा जिले की आकांक्षा सत्यवंशी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बतौर फिजियोथैरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी इससे पहले छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम और अंडर-19 भारतीय महिला क्रिकेट टीम से भी जुड़ी रही हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस के प्रति उनका समर्पण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता इस ऐतिहासिक जीत में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी जैसी प्रतिभाशाली बेटियाँ आज छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश और दुनिया में रोशन कर रही हैं। उन्होंने आकांक्षा को राज्य की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की युवतियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा — “यह जीत नारी शक्ति, परिश्रम और आत्मविश्वास की जीत है। हमें गर्व है कि इस गौरवमयी पल में छत्तीसगढ़ की बेटी ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा सत्यवंशी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश का नया अध्याय

4 नवम्बर को होगा आयोजन – स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए बड़ा अवसर रायपुर, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 नवम्बर को छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक ही मंच पर जुटेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है। यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर बढ़ाएगा, तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा। आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और MeitY स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्टार्टअप्स और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए सीड फंडिंग, संचालन सहायता और इनक्यूबेशन सपोर्ट जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुँच प्राप्त हो सके। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आयोजन राज्य में एक मजबूत, नवाचार-प्रेरित और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ स्टार्टअप वातावरण तैयार करेगा। “4 नवम्बर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा विचार एक अवसर बने, और हर नवाचार राज्य की प्रगति में योगदान दे।”- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

माटी के लाल की चमक अब दिखेगी आसमान में — ‘सूर्यकिरण’ बनेगा छत्तीसगढ़ का गौरव

नवा रायपुर नवा रायपुर के नीले आसमान में मंगलवार दोपहर जब नौ हॉक जेट त्रिशूल बनाकर उड़ान भरेंगे तो सबसे आगे कॉकपिट में बैठा पायलट कोई शहर का अमीरजादा नहीं, महासमुंद के अर्जुनी गांव का किसान-पुत्र गौरव पटेल होगा. 32 साल का यह जांबाज पायलट छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह में Suryakiran Aerobatic Team के लीड विंगमैन के तौर पर शौर्य बिखेरेगा गौरव कहते है कि कभी पांचवीं क्लास में दादा श्याम कुमार पटेल के NCC बैज को छूते वक्त थी. “सर, सपना था कि एक दिन अपनी धरती के ऊपर फाइटर जेट उड़ाऊं. 5 नवंबर को वो सपना सच हो रहा है.” उनकी आवाज में अभी भी गांव की मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई है. पिता कमल किशोर पटेल आज भी सुबह चार बजे खेत पर धान की नर्सरी देखते हैं. मां घर संभालती हैं. 90 साल के दादाजी कहते हैं, “मैंने गौरव को सिर्फ एक बात सिखाई – देश से बड़ा कुछ नहीं.” उसी एक बात ने पिथौरा के प्राइमरी स्कूल से NDA, फिर Air Force Academy तक का सफर तय कर दिया. 2013 में हैदराबाद से विंग्स लगे तो गांव में ढोल बजे थे. आज जब गौरव थाईलैंड, UAE, श्रीलंका और UK में 700+ air-shows कर चुका है, तब भी गांव की गलियों में लोग उसे “कमल किशोर का लाल” ही कहते हैं.  4 नवंबर को दोपहर 3 बजे से 3:30 तक सेन्ध झील के ऊपर Rehearsal होगा. 5 नवंबर को ठीक 11 बजे Main show शुरू होगा. गौरव पटेल Journey कैसी रही? Class 5 – Sainik School Rewa 2009 – NDA written + SSB crack 2013 – Air Force Academy Hyderabad 11 साल, 1,800 flying hours, 7 countries

सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों का मामला: मंत्री जायसवाल ने दिए जांच के आदेश

रायपुर सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि पिछले 5 सालों में CGMSC के सिस्टम में जंग लग गया था, उन सभी बीमारियों को हमने ठीक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच या कार्रवाई होती है, तो हम उसे जनता के सामने रखते हैं। जो भी गलत पाया जा रहा है, उस पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट ” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान पर बयान वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान पर बयान देते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है।

केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत : CEO यशवंत

 रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत कल यानी 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी. इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे. प्रथम चरण के साथ आगे की प्रकियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ में एसआईआर को लेकर जानकारी दी कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है. जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी. उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं.   SIR से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां     मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक     घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक     मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025     दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक     नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026 उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है. बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं. मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है. एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा. मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं. वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं.  बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा. इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा. केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है. बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर पाएंगे. सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया. उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की. ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें. राजनीति दलों से सहयोग की अपील सीईओ यशवंत कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें. उन्होंने अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को सहयोग देने की अपील की, जिससे छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें. साथ ही मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें.