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न्यायालय परिसर बना रणक्षेत्र, सुनवाई के बीच भिड़े दोनों पक्ष; प्रशासन ने लिया एक्शन

बलरामपुर. जमीन से जुड़े मामले में सुनवाई के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे पक्षकार आपस में भिड़ गए. तहसील कार्यालय के पुलिस के निकाले जाने के बाद दोनों पक्ष तहसील परिसर में एक-दूसरे से मारपीट करने लगे. घटना पर वाड्रफनगर तहसीलदार गुरुदत्त पंचभावे की रिपोर्ट पर वाड्रफनगर चौकी पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर धरपकड़ में जुटी है. दरअसल, वाड्रफनगर तहसीलदार के समक्ष मंगलवार को आवेदक इलियासुदीन पिता जलालूदीन विरूद्ध अनावेदकगण रसीद पिता इलियास, अफजल पिता इलियास और इलियास पिता इस्ताज के प्रकरण की सुनवाई हो रही थी. इसी दरम्यान अनावेदक पक्ष के पक्षकार एवं उनके साथ साक्ष्य के लिए उपस्थित गवाहों ने दूसरे पक्ष के अधिवक्ता सिद्वदकी के साथ गाली-गलौच करते हुए वाद-विवाद और मारपीट करने लगे. कोर्ट से निकाले जाने बाद तहसील एवं सिविल कोर्ट परिसर में दोनो पक्षों ने आपस में मारपीट की. घटना के मद्देनजर तहसीलदार पंचभोई ने न्यायालय की गरिमा को क्षति पहुंचाने के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालने पर दोनो पक्षों के विरुद्ध शांति भंग करने पर बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई करने पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. इसके साथ वीडियो भी संलग्न किया गया, जिससे पुलिस पूरे साक्ष्य के साथ मामले में कार्रवाई कर सके. मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी है.

7.5 करोड़ खर्च फिर भी घटिया निर्माण, निरीक्षण में खुली नहर घोटाले की परतें

डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ क्षेत्र में देवकट्टा जलाशय से बेलगांव तक बनाई गई करीब 7.5 करोड़ रुपए की नहर परियोजना में गंभीर तकनीकी गड़बड़ियां सामने आने से हड़कंप मच गया है. ताजा निरीक्षण में नहर लाइनिंग की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हुए हैं. जांच के दौरान कई स्थानों पर लाइनिंग की मोटाई निर्धारित मानक से बेहद कम पाई गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी दोनों संदेह के घेरे में आ गई हैं. जानकारी के मुताबिक नहर लाइनिंग की मोटाई 4 इंच तय थी, लेकिन मौके पर कई हिस्सों में यह 2 इंच से भी कम मिली. कमजोर कंक्रीट और घटिया निर्माण के कारण डेढ़ साल के भीतर ही लाइनिंग उखड़ने लगी है. कई स्थानों पर बेस लेयर खुल चुकी है और नहर की स्थिति किसी टूटी नाली जैसी दिखाई दे रही है. नहर में जगह-जगह सिल्ट और कचरा जमा होने से जल प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है. सिर्फ मुख्य नहर ही नहीं, उससे जुड़ी माइनर नहरों में भी भारी लापरवाही सामने आई है. किनारों की फिलिंग अधूरी बताई जा रही है और पर्याप्त कंपैक्शन नहीं होने से बरसात में कटाव का खतरा बढ़ गया है. कई हिस्सों में कंक्रीट की पतली परत उखड़ रही है, जिससे निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप और तेज हो गए हैं. बुधवार को विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान खामियों को गंभीर मानते हुए ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई गई और दोषपूर्ण हिस्सों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए. जानकारी यह भी सामने आई है कि मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है. किसानों का बड़ा आरोप किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य अधूरा और मानक से कम होने के बावजूद पूरा भुगतान कर दिया गया. उनका दावा है कि यदि माप पुस्तिका और भुगतान रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच हो जाए तो पूरी गड़बड़ी सामने आ सकती है. ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते गुणवत्ता सुधार नहीं किया गया तो आगामी बारिश में नहर की लाइनिंग बह सकती है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा है.

पेट्रोल-डीजल बचाने की पहल, समर वेकेशन में ऑनलाइन होगी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सुनवाई

बिलासपुर. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संसाधन बचाने और अदालती कामकाज को सुचारू रखने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर हाई कोर्ट प्रशासन ने समर वेकेशन के लिए एक विशेष सर्कुलर जारी किया है. अब छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, ताकि भीषण गर्मी में अधिवक्ताओं और याचिकाकर्ताओं को बेवजह कोर्ट न आना पड़े. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जारी परिपत्र के अनुसार, अवकाश अवधि में मामलों की सुनवाई सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा सकेगी. इसका उद्देश्य अनावश्यक आवागमन कम करना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया है. परिपत्र में हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसके लिए यह शर्त रखी गई है कि कार्यालय में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति बनी रहे ताकि कामकाज प्रभावित न हो. घर से कार्य करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध रहना होगा. ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का सुझाव भी दिया गया है. साथ ही न्यायाधीशों को भी आवश्यकतानुसार कार-पूलिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया है. हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा है कि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए संबंधित रजिस्ट्री अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे.

260 खिलाड़ी ले रहे 8 खेलों का प्रशिक्षण, खेल के साथ योग और सामान्य ज्ञान पर भी जोर

रायपुर जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से बीजापुर में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में बच्चों की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिल रही है। एजुकेशन सिटी में आयोजित इस आवासीय शिविर में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आए बच्चे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कलेक्टर  विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और सुदूर अंचलों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। शिविर में जिले के चारों विकासखंडों से आए 260 खिलाड़ी शामिल हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को दो पालियों में वालीबाल, फुटबॉल, सॉफ्टबॉल, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित 8 खेलों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेलों के नियम, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी भी दी जा रही है। प्रतिदिन योग सत्र आयोजित कर बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। खेल गतिविधियों के साथ बच्चों को सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रवेश देकर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह ग्रीष्मकालीन खेल शिविर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित कर रहा है।

बीजापुर के ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान बना ग्रामीणों के लिए राहत

रायपु दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुंचकर जनसेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। बीजापुर जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र डोडीतुमनार की टीम ने जंगल और खराब रास्तों की चुनौतियों के बावजूद गांव में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान कुल 771 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ मलेरिया, टीबी, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच भी की। सर्वेक्षण के दौरान 5 मलेरिया मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं 2 संभावित टीबी मरीजों और 1 हाई रिस्क गर्भवती महिला को आगे की जांच और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जांच के दौरान 1 उच्च रक्तचाप और 2 एनीमिया से पीड़ित मरीजों को भी चिन्हित किया गया। उन्हें आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनके गांव के पास इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध हुई है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। टीम के लगातार प्रयासों से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। ग्राम गमपुर में चलाया गया यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि यह भी दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य विभाग लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

ग्रामीणों तक पहुंचीं शासकीय योजनाएं, शिविर में ही हुआ समस्याओं का समाधान

रायपुर सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत एर्राबोर में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और खुशियों का केंद्र बन गया। कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू की। शिविर में विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इससे कार्यक्रम में सामाजिक और मानवीय जुड़ाव का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में राशन कार्ड ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, नया आधार कार्ड पंजीयन एवं अपडेट, बी-1 और किसान किताब वितरण तथा एग्री स्टेक पंजीयन जैसी जरूरी सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों को कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग के 165, कृषि विभाग के 22, विद्युत विभाग के 14 तथा राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 11-11 आवेदन शामिल रहे। सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच मती लक्ष्मी कट्टम, पूर्व सरपंच, पंचगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता को नई मजबूती मिली है।

गोबरानवापारा में रेत के अवैध उत्खनन-भण्डारण पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 पोकलेन जब्त-सील

रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के आदेशानुसार तथा उप-संचालक (खनिज प्रशासन) श्री राजेश मालवे के नेतृत्व में खनिज विभाग के अमले द्वारा 18 एवं 19 मई 2026 को गोबरानवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की गई। सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया। इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है। उप-संचालक खनिज श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज अमले द्वारा उक्त क्षेत्रों में लगातार गश्त कर सतत कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘सुशासन तिहार’ की धूम: एक ही छत के नीचे खुले सरकारी योजनाओं के द्वार हितग्राहियों के चेहरे खिले

​रायपुर       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के राजापारा रंगमंच में मंगलवार को 'सुशासन तिहार शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर ने आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को मिटाते हुए एक ही छत के नीचे ढेरों सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया। शिविर में उमड़ी नगरवासियों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं।         ​शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी सौगातें दी गईं, जिसमें 6 हितग्राहियों को नए भवनों के निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रमाण पत्र सौंपे गए, वहीं 3 हितग्राहियों को उनका आशियाना पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अपना पक्का आशियाना और कानूनी दस्तावेज पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।        ​इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक और मंगलमयी माहौल देखने को मिला, जहाँ विभागीय सजगता के साथ 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और 2 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। इसके साथ ही, उपस्थित महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए।       ​प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए खाद्य विभाग की ओर से मौके पर ही 2 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए और जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में पहुंचे बड़ी संख्या में नगरवासियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी गई।       ​ सुशासन का असली अर्थ चरितार्थ करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने न केवल अपनी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि जनता से सीधे आवेदन और शिकायतें भी प्राप्त कीं। कई जटिल समस्याओं का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आमजन को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।       ​इस जन-सरोकार के कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में सजग नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का यह प्रयास बेहद सफल और सराहनीय रहा।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

रायपुर विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया। अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी। उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

सहकारिता आयुक्त ने मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं शुरू करने के दिए निर्देश

रायपुर राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़  महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं। सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी  सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे। इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए। सहकारिता आयुक्त  कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।