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दो शौहर छोड़ चुकी थीं डॉ. शाहीन, 8 साल छोटे मुजम्मिल संग निकाह किया—पर किस्मत ने फिर कर दिया अधूरा

नई दिल्ली  दिल्ली धमाके को अंजाम देने वाले डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल की अहम सदस्य शाहीन सईद को लेकर कई नई बातें सामने आ रही हैं। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि डॉ. शाहीन मॉड्यूल के दूसरे आरोपी डॉ. मुजम्मिल की बेगम थी। खुद से 8 साल छोटे मुजम्मिल संग निकाह करने वाली शाहीन इससे पहलो दो शौहर को छोड़ चुकी थी। हालांकि, तीन निकाह के बावजूद शाहीन की एक ख्वाहिश अधूरी रह गई। वह विदेशी चकाचौंध की कायल थी, लेकिन भारत से निकलने में कामयाब नहीं हुई। कभी बुर्के से नफरत करने वाली शाहीन मुजम्मिल से इश्क के बाद इतनी कट्टरपंथी बनी कि वह जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड में शामिल हो गई। दिल्ली धमाके और फरीदाबाद में मिले विस्फोटक से कनेक्शन की वजह से गिरफ्तार किए गए शाहीन और मुजम्मिल ने सितंबर 2023 में निकाह किया था। सूत्रों के मुताबिक मुजम्मिल ही शाहीन को आतंक की राह पर ले गया। लखनऊ में पली-बढ़ी सईद डालीगंज में रहती थी। सईद बचपन में बहुत होनहार विद्यार्थी थी। उसने इलाहाबाद से एमबीबीएस की । सईद के पिता अहमद अंसारी सरकार अस्पताल में कर्मचारी थे। शाहीन की पहली निकाह आंखों के डॉक्टर जफर हयात से 2003 में हुई थी। दोनों की दो संतानें भी हुईं पर करीब 9 साल बाद दोनों की राहें अलग हो गईं। डॉ. जफर ने कहा, 'हमारी शादी नवंबर 2003 में हुई थी। 2012 में हम अलग हो गए। मुझे नहीं पता कि उसके दिमाग में ऐसा क्या था जिसकी वजह से उसने ऐसा किया, जबकि हमारे बीच कभी कोई झगड़ा नहीं होता था। वह बहुत ध्यान रखती थी मेरा।' जफर का यह भी कहना है कि शाहीन ने निकाह के अलावा कभी बुर्का नहीं पहना। वह याद करते हैं कि शाहीन को विदेशी चकाचौंध बहुत पसंद थी। उसने जफर से कहा था कि अच्छी सैलरी और बेहतर जिदंगी के लिए ऑस्ट्रेलिया या यूरोप चलना चाहिए। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह सबकुछ है और सभी रिश्तेदार भी यहीं हैं। विदेश में अकेलापन हो जाएगा। शाहीन ने तलाक के बाद गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज भी अचानक छोड़ दिया। वह कई सालों तक गायब रही। जांचकर्ताओं के मुताबिक, शाहीन ने बताया कि जफर से तलाक के कुछ सालों बाद उसने गाजियाबाद के एक टेक्सटाइल कारोबारी संग निकाह किया। लेकिन कारोबारी संग भी वह अधिक दिनों तक नहीं रह पाई और उससे भी तलाक लेकर आगे बढ़ गई। फरीदाबादा की अल फलाह यूनिवर्सिटी में 43 साल की डॉ. शाहीन की मुलाकात 35 साल के डॉ. मुजम्मिल से हुई। एक साथ कामकाज करते हुए दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। गिरफ्तारी के बाद मुजम्मिल ने पूछताछ में बताया कि शाहीन उसकी दोस्त नहीं बल्कि बेगम है। दोनों ने सितंबर 2023 में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक मस्जिद में निकाह कर दिया था। मुजम्मिल ने निकाह करते हुए 6 हजार मेहर (इस्लाम में निकाह के दौरान दूल्हे की ओर से दुल्हन को दिया जाने वाला तोहफा) दिया। दोनों एक साथ रहने लगे। इसी दौरान मुजम्मिल ने सईद को धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय किया और फिर कट्टरपंथ की राह पर ले गया। मुजम्मिल के साथ अब वह आतंकी समूह का हिस्सा बन चुकी थी। बताया जाता है कि शाहीन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात उल-मोमिनात में शामिल हो चुकी थी। डॉक्टर होने का फायदा उठाते हुए वह चुपचाप बिना किसी के निगाह में आए आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाती रही। वह जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीार, हरियाणा में कई स्थानों पर जाकर फंड एकत्रित कर चुकी थी और साजिशों को अंजाम देने में अहम किरदार थी। इतना ही नहीं आतंकी हमलों के लिए उसने लाखों रुपये भी दिए थे। तीन पासपोर्ट थे शाहीन के पास शाहीन विदेश जाने के लिए कितनी बेचैन थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपने लिए तीन-तीन पासपोर्ट बना रखे थे। अलग-अलग समय में अलग-अलग पते पर उसने इन पासपोर्ट को बनावाया। बताया जाता है कि धमाके से पहले वह विदेश भागने की फिराक में थी। मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद वह जल्दी देश छोड़कर निकल जाना चाहती थी लेकिन पासपोर्ट को लेकर कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं होने की वजह से उसकी ख्वाहिश अधूरी रह गई।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी, पाक हैंडलर ने तैयार किया 6 हमलों का प्लान, पकड़ में आया नेटवर्क

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देशभर छह स्थानों पर ग्रेनेड हमले की साजिश का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आरोपी आईएसआई समर्थित पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे। तीन संदिग्धों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इनके निशाने पर तीन राज्यों के छह संवेदनशील स्थान थे। यह मॉड्यूल दिल्ली के अलावा पंजाब और यूपी के कई सार्वजनिक स्थानों पर ग्रेनेड से हमला कर बड़ी तबाही मचाने की फिराक में था। स्पेशल सेल ने इन संदिग्धों से मिले मोबाइल, चैट और वीडियो क्लिपिंग की जांच में छह संभावित टारगेट की पहचान की है। इनमें तीन स्थान पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि दो यूपी और एक दिल्ली में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों ने इन स्थानों की रेकी कर रूट मैप, वीडियो और तस्वीरें भट्टी को भेजी थीं। इस खुलासे के बाद तीनों राज्यों में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए भर्ती जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए भारतीय युवाओं को निशाने पर लेता था। उनकी आर्थिक जरूरतों और बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें गैंगस्टर से लेकर आतंकी गतिविधियों तक में झोंक दिया जाता था। भट्टी और उसके साथी पहले युवाओं को पैसे कमाने का झांसा देते, फिर छोटे-छोटे काम देकर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करते थे। इसके बाद उन्हें टारगेट की रेकी, हथियारों की डिलीवरी, ठिकानों की तलाश और हमले की योजना का हिस्सा बनाया जाता था। पकड़े गए युवकों ने स्वीकार किया कि भट्टी सोशल मीडिया ऐप्स, ऑडियो कॉल और एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए लगातार संपर्क में रहता था। वह भारत में अपनी मौजूदगी के बिना ग्राउंड ऑपरेटर्स के जरिए पूरे मॉड्यूल को नियंत्रित करता था। पुलिस का मानना है कि यह एक पूरी तरह विदेशी संचालित आतंकी मॉड्यूल है, जिसका उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना था। छह स्थानों की तस्वीरें, रूटमैप और वीडियो बरामद स्पेशल सेल को जांच में छह संदिग्ध स्थानों की फोटो और वीडियो क्लिप मिली हैं। इनमें भीड़भाड़ वाले बाजार, पुलिस स्टेशन, प्रशासनिक भवन और वह स्थल शामिल हैं जहां सुरक्षा बलों की नियमित आवाजाही रहती है। जांच एजेंसियां इन सभी डाटा को फोरेंसिक तरीके से विश्लेषित कर रही हैं। इन सुरागों के आधार पर दिल्ली, पंजाब और यूपी पुलिस ने दर्जनों छापेमार टीमें बनाई हैं। दिल्ली से लेकर गुरदासपुर, अमृतसर, बिजनौर और नोएडा तक कई ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मॉड्यूल के दो से तीन सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। गिरोह के और लिंक तलाशे जा रहे पूछताछ में सामने आया है कि भट्टी पंजाब के गैंगस्टरों से लेकर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई समर्थित नेटवर्क से सीधे जुड़ा हुआ है। वह अपने साथियों के जरिए फंडिंग, हथियार सप्लाई और नए युवाओं की भर्ती का काम संभालता था। जांच एजेंसियों ने भट्टी के दो अन्य संपर्कों की पहचान कर ली है, जिन्हें जल्द ही पंजाब पुलिस के साथ साझा किया जाएगा। वहीं दिल्ली और यूपी में भी इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोकल लिंक तलाशे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह मॉड्यूल छोटी रकम के बदले युवाओं को आतंकी गतिविधियों में उतारने वाला बेहद खतरनाक तंत्र है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ग्रेनेड हमला कर दहशत फैलाना और देश को अस्थिर करना था। गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले की तैयारी में था हरगुनप्रीत फिरोजपुर के कोहाला गांव का रहने वाला हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत 12वीं पास है। वह अपने एक दोस्त के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। पैसों के लोभ में वह गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले के लिए तैयार हो गया। वह साथी मोहन के साथ गुरदासपुर पहुंचा और विकास से ग्रेनेड व हथियार लेकर रेकी की। 25 नवंबर की शाम उसने सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका, जबकि उसका साथी मोटरसाइकिल चलाता रहा। पुलिस का मानना है कि इस हमले के जरिए मॉड्यूल अपनी सक्रियता साबित करना चाहता था, ताकि भट्टी को पाकिस्तान से और फंडिंग मिल सके। आसिफ ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया था उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मच्छमार गांव का रहने वाला 5वीं कक्षा पास आसिफ उर्फ आरिश करीब ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। भट्टी ने पहले उसे ग्राउंड ऑपरेटर्स के वीडियो भेजे, फिर पंजाब में ग्रेनेड फेंकने का टास्क दिया। आसिफ को लोकेशन मैप, टारगेट की तस्वीरें और रूट प्लान भेजा गया। वह विकास से भी जोड़ा गया था। कुछ दिनों पहले भट्टी ने उसे ‘अगले निर्देश’ का इंतजार करने को कहा था। पुलिस मान रही है कि उसकी भूमिका यूपी और दिल्ली में टारगेट चुनने से लेकर विस्फोटक पहुंचाने तक की हो सकती थी। मध्य प्रदेश के दतिया का रहने वाला 24 वर्षीय विकास प्रजापति उर्फ बेटू इंद्रगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था। इंस्टा पर भट्टी की गैंगस्टर वाली छवि से प्रभावित होकर वह उससे जुड़ गया। भट्टी ने वीडियो कॉल पर उसे पार्सल खोलने का तरीका सिखाया, जिसमें ग्रेनेड भरा था। विकास को डिलीवरी कन्फर्मेशन के बदले नकद और हथियार दिए गए। उसने गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन और अमृतसर टाउन हॉल पुलिस स्टेशन की रेकी कर वीडियो भट्टी को भेजे। भट्टी ने विकास से कहा था कि वह ग्रेनेड हरगुनप्रीत और उसके साथी तक पहुंचाए और ऑपरेशन के लिए मोटरसाइकिल की व्यवस्था करे।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: नोट लूट रहे युवक को हेड कांस्टेबल ने मारी गोली, पिस्टल बरामद

नई दिल्ली  दिल्ली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बारात में नोट लूट रहे एक लड़के की सीआईएसएफ में तैनात हेड कांस्टेबल ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसे उत्तर प्रदेश में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी दूल्हे की बुआ का बेटा है। वह छुट्टी लेकर शादी में शामिल होने आया था। दिल्ली के शाहदरा जिले के मानसरोवर पार्क इलाके में शनिवार रात बारात में 14 साल का नाबालिग लड़का नोट लूटने लगा। इससे नाराज होकर बारात में शामिल सीआइएसएफ के हेडकांस्टेबल ने पिस्टल निकालकर मासूम के सिर में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल हालत में नाबालिग को डा. हेडगेवार अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ मानसरोवर पार्क थाने में हत्या व आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उसे रविवार सुबह उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित भरताना गांव में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान उसकी पहचान मदन गोपाल तिवारी के रूप में हुई है। आरोपी दूल्हे की बुआ का बेटा है। वह छुट्टी लेकर शादी में शामिल होने आया था। फिलहाल उसकी तैनाती कानपुर, यूपी में है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि साहिल अपने परिवार के साथ नत्थू कालोनी की झुग्गियों में रहता था। परिवार में माता-पिता व दो भाई हैं। पिता सिराजुद्दीन दिहाड़ी श्रमिक हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई नहीं करता था। वह शनिवार रात को अपने छोटे भाई व दोस्तों के साथ मानसरोवर पार्क गया था। मानसरोवर पार्क थाने के पास ही सामुदायिक भवन है। रात करीब दस बजे बारात में घुड़चढ़ी हो रही थी। बारात में शामिल लोग नाचते हुए नोट लुटा रहे थे। साहिल नोट लूटने लगा। इसी दौरान उसे पहले आरोपी ने पकड़कर पिटाई की और देखते ही देखते जेब से पिस्टल निकालकर कनपटी पर गोली मार दी। साहिल का छोटा भाई भागता हुआ घर पहुंचा और वारदात की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गंभीर घायल हालत में उसे हेडगेवार अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी मे रखवाने के बाद केस दर्ज करके जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में उसके साथ कोई और भी तो शामिल नहीं था।  

प्रदूषण संकट से निपटने को तैयार दिल्ली, CM रेखा गुप्ता ने तेज किया एक्शन प्लान

नई दिल्ली  दिल्ली में वायु प्रदूषण, विशेष रूप से धूल के कणों से होने वाला प्रदूषण, एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक्टिव हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) अब बड़े पैमाने पर मिस्ट स्प्रे तकनीक को अपना रहा है। विभाग ने 13 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां 305 बिजली के खंभों पर ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य इन अति-प्रदूषित क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार करना है। तकनीक और क्रियान्वयन की स्थिति यह मिस्ट स्प्रे सिस्टम पानी को बेहद बारीक कणों में तोड़कर स्प्रे करता है। अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक खंभों के आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को कम करने में प्रभावी साबित हुई है, जिसका सफलतापूर्वक उपयोग नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा पहले भी किया जा चुका है। PWD ने इस प्रोजेक्ट के लिए स्थानों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है, और टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।   जिन हॉटस्पॉट पर यह सिस्टम लगाया जाएगा, उनमें द्वारका, जनकपुरी, नरेला, अशोक विहार, विवेक विहार, मुंडका, रोहिणी, वज़ीरपुर, ओखला, बवाना, आनंद विहार, पंजाबी बाग वेस्ट और आरके पुरम शामिल हैं। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। सर्दियों से पहले मिलेगी राहत की उम्मीद चूंकि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर हर साल बढ़ जाता है, इसलिए PWD की यह पहल समय पर राहत देने की उम्मीद जगाती है। सिस्टम को लगाने के लिए विभिन्न हॉटस्पॉट के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिनमें पेड़ों की छंटाई भी शामिल है। यह अनुमान है कि यह मिस्ट स्प्रे फैसिलिटी अगले 15 से 20 दिनों में पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण से लड़ने में एक और टूल मिल जाएगा।

प्रदूषण पर बड़ा बयान: किरण बेदी ने मांगा श्वेत पत्र, कहा— अब समय है जवाबदेही तय करने का

नई दिल्ली  सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली के वायु प्रदूषण संकट पर स्पष्ट जवाबदेही की अपनी अपील दोहराई है। बेदी ने इस संकट पर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने यह अपील एक्स पर इस मुद्दे को उठाने के कुछ दिनों बाद की है। किरण बेदी ने एक्स पर एक लंबे पोस्ट में दो-भागों वाला एक दस्तावेज पेश किया है। इसमें राजधानी की दीर्घकालिक वायु गुणवत्ता समस्याओं की जांच, संस्थागत विफलताओं की पहचान तथा विभागों और नागरिकों के बीच तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्रवाई के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। शनिवार को बेदी ने दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर अपनी पीड़ा जाहिर की थी। कहा था कि वह शहर को पीड़ित होते नहीं देख सकतीं। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राजधानी को दे दिया है, जिसे वह अब वर्षों की तीव्र गिरावट के बाद 'घुटते और हांफते' हुए देख रही हैं। किरण बेदी की दो पार्ट की योजना अपनी लेटेस्ट पोस्ट में किरण बेदी ने दो पार्ट में एक विस्तृत प्रस्ताव शेयर किया है। पार्ट-1 में उन्होंने श्वेत पत्र लाने की मांग की है पहले पार्ट में किरण बेदी ने लिखा है कि क्या वायु प्रदूषण की वर्तमान चुनौती पर एक श्वेत पत्र तैयार किया जा सकता है? पिछली जवाबदेही तय करें। वर्तमान संकट किस कारण से है? किसने और किस चीज ने हमें विफल किया? पार्ट-2 में कुछ सवाल पूछे हैं पार्ट-2 में बेदी ने पूछा है कि अब हम इस गिरावट को रोकने के लिए कहां जाएंगे? तात्कालिक, अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय क्या हैं? किसके द्वारा और कैसे किए जाएंगे? क्या प्रस्तावित समय-सीमा के साथ होंगे? उन्होंने संबंधित विभागों और आम जनता के सहयोग की भी बात कही है। क्योंकि हर कोई योगदानकर्ता है और समाधान भी। इससे पहले किरण बेदी ने पोस्ट किया कि वह दिल्ली को 'घुटते और हांफते' हुए देख रही हैं। कहा कि हाल के वर्षों में शहर का पतन हुआ है। अपनी अपील के साथ बेदी ने संकट को कम करने के उपायों की रूपरेखा पेश की और अधिकारियों से कागजी कार्रवाई के बजाय जमीनी निरीक्षण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। तमाम उपायों के बावजूद, दिल्ली में AQI पिछले दो हफ्तों 'बेहद खराब' और 'गंभीर' श्रेणियों के बीच बना हुआ है। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले हफ्ते में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' रहने की संभावना है।  

दिल्ली की हवा में सुधर के संकेत, AQI गिरा—एनसीआर का प्रदूषण स्तर कैसा?

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह, आईटीओ में भी एक्यूआई 269 तक पहुंच गया है, जो गंभीर वायु प्रदूषण का संकेत है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों ने राजधानीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या हर साल गहराती जाती है। विभिन्न कारकों, जैसे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरती है। इस वर्ष भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे पर्यटक आकर्षणों और सरकारी प्रतिष्ठानों वाले क्षेत्रों में जहरीले स्मॉग की चादर बिछ जाना, इस बात का प्रमाण है कि समस्या कितनी विकट हो चुकी है। 7 दिन बाद 8 डिग्री के नीचे गिरेगा पारा, बढ़ेगी ठिठुरन राजधानी में आने वाले दिनों में न्यूनतम पारा 8 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंचेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस बीच मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह में हल्की से मध्यम धुंध या कोहरा देखने को मिल सकता है। 4 से 5 दिसंबर तक तापमान में बदलाव आएगा, जो 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राजधानी में खिली धूप के बाद भी ठिठुरन बढ़ गई है। ऐसे में न्यूनतम के साथ-साथ अब अधिकतम तापमान में भी गिरावट है। शनिवार को सुबह से ही मौसम में ठंडक थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे दिन में सूरज की गर्मी का हल्का अहसास हुआ। इसी बीच अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो मौसम के औसत से 0.1 डिग्री अधिक है। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 36 प्रतिशत रही। वहीं, रिज सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम पारा 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी का अनुमान है कि रविवार को सुबह धुंध व कोहरे के साथ आसमान साफ रहेगा। तेज बयार से प्रदूषण में आया कुछ सुधार राजधानी में हवा की तेज गति से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है। शनिवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के बीच आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। कम दृश्यता के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया जो यह हवा की बेहद खराब श्रेणी में रही। इसमें शुक्रवार की तुलना में 64 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को एनसीआर में इतना रहा प्रदूषण का स्तर एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 310 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में 288, गाजियाबाद में 299 और गुरुग्राम में 262 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 212 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.78 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 1.26, निर्माण गतिविधियों से 2.88, पेरिफेरल उद्योग से 4.38 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.83 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा उत्तर से उत्तर पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1250 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6900 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 257.6 और पीएम2.5 की मात्रा 140.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली में तेज रफ्तार का कहर: मर्सिडीज कार ने तीन को रौंदा, एक की जान गई

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एंबियंस मॉल के पास रविवार तड़के एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने तीन लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वसंत कुंज नॉर्थ थाना पुलिस ने कार ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि रविवार तड़के करीब 2:30 बजे वसंत कुंज नॉर्थ थाने को रोड एक्सीडेंट के बारे में एक पीसीआर कॉल मिली। पुलिस स्टाफ तुरंत घटनास्थल वसंत विहार में नेल्सन मंडेला मार्ग पर एंबियंस मॉल के सामने पहुंचा। पुलिस टीम को वहां हिमाचल नंबर HP 11D 0060 की एक मर्सिडीज G63 कार क्षतिग्रस्त हालत में मिली। इसके साथ ही तीन लोग मौके पर घायल पड़े मिले। इनमें से दो लोगों की उम्र 23 साल और एक की उम्र 35 साल है। सभी एंबियंस मॉल के एक रेस्टोरेंट के कर्मचारी हैं। तीनों घायलों को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के दौरान उत्तराखंड के चमोली जिले के रहने वाले 23 साल के रोहित को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य का अब भी इलाज चल रहा है। मर्सिडीज कार के ड्राइवर की पहचान दिल्ली के करोल बाग निवासी 29 वर्षीय शिवम के तौर पर हुई है। घटना के समय वह अपनी पत्नी और बड़े भाई के साथ गाड़ी चला रहा था। पुलिस शुरुआती जांच के मुताबिक, गाड़ी का बैलेंस बिगड़ गया, जिससे कार एक खंभे से टकरा गई, जहां तीनों पीड़ित एक ऑटो स्टैंड पर खड़े थे। बताया जा रहा है कि आरोपी एक शादी में शामिल होकर घर लौट रहा था। कार अभिषेक की है, जो शिवम का दोस्त है। कानून के मुताबिक ज़रूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

भारत की GDP 8.2%—NDA नेताओं ने कहा, मोदी नेतृत्व ने दिखाया असर

नई दिल्ली वैश्विक अनिश्चितता और यूएस टैरिफ के बीच साल की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मैं पीएम को धन्यवाद देना चाहता हूं। जहां पूरे विश्व में मंदी की स्थिति है, वहीं भारत का विकास तेजी से हो रहा है। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से हर तरफ विकास हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और आगे भी लगातार हो रही है। उसके लिए मैं पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।  हमारी सुशासन की सरकार ने विकास से लेकर लॉ एंड ऑर्डर तक को संभाला है। पीएम मोदी और एनडीए सरकार की यही खूबी है।" भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस उपलब्धि को पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, "जब अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तो कांग्रेस ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। राहुल गांधी ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को डूबती हुई अर्थव्यवस्था बताया था। लेकिन हमारे देश ने दिखा दिया कि हम तमाम विषम परिस्थिति और संघर्ष के बावजूद 8.2 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं, जो किसी भी दूसरे देश की तुलना में ज्यादा है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस वर्ष का पूरा आंकड़ा 7 प्रतिशत से ऊपर का रहेगा। भारत ने दिखा दिया कि चाहे जितना प्रतिबंध लगाया जाए, हमारी अर्थव्यवस्था हिल नहीं सकती।" जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "यह भारत की शानदार उपलब्धि है। ट्रंप टैरिफ का जो खौफ था, जिसके कारण दुनिया की ज्यादातर एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर बता रही थी, लेकिन इतने अच्छे ग्रोथ रेट की अपेक्षा किसी को नहीं थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में जो नीतिगत फैसले लिए गए और कई तरह के सुधारों को लेकर जो ढांचागत जो बदलाव हुए, उसके कारण अर्थव्यवस्था एक मुक्कमल ऊंचाई पर पहुंची है। अगर यह रफ्तार जारी रही तो हम चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं और हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था भी बनेंगे।"

किरण बेदी बोलीं—दिल्ली की हवा खतरनाक! PM मोदी को भेजी चिट्ठी में उठाए बड़े मुद्दे

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हर ओर चिंता जताई जा रही है. विपक्षी दल भी प्रदूषण को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं. अब राजधानी की दूषित हवा को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर और आईपीएस अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी ने चिंता जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि देश की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक समन्वय और दीर्घकालिक योजना की कमी इस संकट को हर साल और भयावह बना रही है. किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक विस्तृत पत्र में कहा है कि दिल्लीएनसीआर की हवा अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल बन चुकी है और इसे केवल अस्थायी उपायों से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई राष्ट्रीय चुनौतियों में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की थी, और उसी तरह की उच्च-स्तरीय, नियमित मॉनिटरिंग आज दिल्ली के प्रदूषण संकट को रोकने के लिए जरूरी है. पीएम मोदी को दिए 4 सुझाव पीएम मोदी को लिखे पत्र में किरण बेदी ने अपने 4 सुझाव भी दिए हैं. उनका कहना है कि 3 पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ प्रधानमंत्री की हर महीने ऑनलाइन बैठकें होनी चाहिए, साथ ही शीर्ष स्तर पर नियमित समीक्षा किए जाने से राज्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकेगी. इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जन-भागीदारी का संदेश देने का सुझाव दिया है. विभागीय समन्वय की कमी को दूर करने के सुझाव के साथ ही प्रशासन के सक्रिय किए जाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि शासन केवल बैठकों से नहीं चलता, अधिकारियों को मैदान में उतरकर स्थिति का वास्तविक आकलन करना चाहिए. स्थायी समाधान के विकल्प पूर्व पुलिस अफसर ने कहा कि हर साल का प्रदूषण संकट इसलिए होता क्योंकि सरकारें तात्कालिक उपायों पर निर्भर रहती हैं, जैसे स्मॉग टॉवर और ऑडईवन. इसी तरह कई एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी बंटी हुई होती है. इसके अलावा वाहन, उद्योग, निर्माण धूल और पराली जैसे बड़े स्रोतों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जाता. साथ ही लंबे समय वाली नीतियों की तुलना में अल्पकालिक राजनीतिक फायदे प्राथमिकता बन जाते हैं. जबकि वास्तविक सुधार के लिए मजबूत प्रवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट में लंबे निवेश की जरूरत है. राजधानी में वायु प्रदूषण को लेकर किरण बेदी ने कहा कि दिल्ली को भी इस संकट से निपटने में केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय की उतनी ही जरुरत थी जितनी अन्य विकास कार्यों में डबल इंजन की बात कही जाती है. हवा की गुणवत्ता में सुधार तभी होगा जब शीर्ष नेतृत्व, सभी राज्य, और हर विभाग मिलकर ईमानदार और सतत स्तर प्रयास करेंगे.  

दिल्ली में अनमोल बिश्नोई की कस्टडी बढ़ी 7 दिन, NIA करेगी अहम पूछताछ—कई खुलासों की उम्मीद

नई दिल्ली  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी 7 दिन बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और इंटरनेशनल गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई पर खतरे की आशंका को देखते हुए जज ने खुद राष्ट्रीय जांच एजेंसी हेडक्वार्टर पहुंचकर मामले की सुनवाई की। कोर्ट के 7 दिन की कस्टडी बढ़ाने के इस आदेश से एनआईए को गैंगस्टर नेटवर्क, फंडिंग चेन और विदेश से होने वाली आपराधिक गतिविधियों की बारीकी से जांच करने का पर्याप्त समय मिलेगा। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। इसी को देखते हुए कोर्ट ने 7 दिन की और कस्टडी बढ़ा दी है। पूछताछ में अभी और खुलासे हो सकते हैं। एनआईए के अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि अनमोल बिश्नोई पर हमला हो सकता है। इसी को देखते हुए एनआईए हेडक्वार्टर में ही मामले की सुनवाई की गई। शुरुआती पूछताछ में अनमोल बिश्नोई ने बताया है कि उसके गिरोह में कितने लोग हैं और कहां-कहां से काम किया जाता है। इसके साथ ही कई खुलासे हुए हैं। 5 दिसंबर तक एनआईए उससे पूछताछ करेगी। एनआईए ने अमेरिका से प्रत्यर्पण कर 19 नवंबर को भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई को 11 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में भेज दिया था, हालांकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट से 15 दिन की कस्टडी मांगी थी। 2022 से फरार चल रहे अनमोल को एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह लॉरेंस के टेरर सिंडिकेट से जुड़ा 19वां आरोपी है। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल से उसकी पहचान की थी। उसके बाद लंबी डिपोर्टेशन प्रक्रिया चली थी। इससे पहले मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आपराधिक गतिविधियां अंजाम दीं। वह अमेरिका से ही गैंग को निर्देश देता था और शूटरों को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था। पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला अनमोल नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भागा था। अनमोल का नाम कई हाई प्रोफाइल केसों से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वह मुख्य साजिशकर्ता था।